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                <title>हेल्मेट पहनकर जाना, वरना कट जाएगा चालान</title>
                                    <description><![CDATA[पंचकूला पुलिस ने ट्रेफिक नियम तोड़ने वालों पर दिखाई सख्ती तो बढ़ने लगी हेल्मेट की बिक्री, वाहन चालकों में दिखने लगा भय पुलिस के डर से महिलाएं भी पहनने लगी हेल्मेट अब तक 627 महिलाओं के काटे गए हैं चालान सच कहूँ/चरन सिंह/पंचकूला। शहर में इन दिनों महिलाओं में पुलिस का खौफ है। महिलाएं घर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/panchkula-police-appear-strictly-to-those-who-break-traffic-rules/article-4411"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/helmet.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पंचकूला पुलिस ने ट्रेफिक नियम तोड़ने वालों पर दिखाई सख्ती तो बढ़ने लगी हेल्मेट की बिक्री, वाहन चालकों में दिखने लगा भय</h1>
<ul>
<li><strong>पुलिस के डर से महिलाएं भी पहनने लगी हेल्मेट</strong></li>
<li><strong>अब तक 627 महिलाओं के काटे गए हैं चालान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/चरन सिंह/पंचकूला।</strong> शहर में इन दिनों महिलाओं में पुलिस का खौफ है। महिलाएं घर से निकलते समय पति का ही हैलमेट उठाकर चल पड़ती हैं और पति को कई बार बगैर हैलमेट जाना पड़ता है। दरअसल पंचकूला पुलिस द्वारा इन दिनों जगह-जगह नाके लगाकर बिना हैलमेट चलने वाली महिलाओं के चालान काटे जा रहे हैं। महिलाओं के साथ ही चालान की 100 रुपये फीस लेकर पर्ची भी थमा दी जाती है। पर्स से पैसा जाता देख महिलाओं ने अब हैलमेट पहनने में समझदारी दिखाना शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल टू व्हीलर चलाते समय या पीछे बैठे होने पर महिलाओं के लिए सिर पर हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया। विदाउट हेलमेट टू व्हीलर चला रही 627 महिलाओं को पुलिस द्वारा चालान थमाया जा चुका है। पंचकूला ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निदेर्शों के अनुसार चालान किए जा रहे हैं। फिलहाल टू व्हीलर चला रही महिला के ही चालान काटे जा रहे हैं। सेकंड स्टैप में टू व्हीलर्स पर बिना हेलमेट पीछे बैठी महिला का भी चालान होगा। अभी पंचकूला ट्रैफिक पुलिस में महिला स्टाफ को मांगा गया है। जल्द ही महिला स्टाफ की भी ड्यूटी लगा दी जाएगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">क्या कहते हैं यातायात के नियम</h1>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स 1993 के रूल 185 के तहत बीआईएस मानक वाला हेलमेट सभी दो पहिया वाहन चालकों के लिए पहनना जरूरी है। केवल उन लोगों को छूट हंै जिन्हें मेडिकल आधार पर सीएमओ ने हेलमेट न पहनने की हिदायत दी है। इसके अलावा पगड़ी पहनने वाले सिखों को हेलमेट से छूट है। हाईकोर्ट ने एक पीआइएल की सुनवाई के दौरान कहा था कि हरियाणा में हेलमेट न पहनने वालों पर कोई चेक नहीं है। नतीजा यह है कि लोग बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हेलमेट रखने वाले भी इसे सिर के बजाए बाजू में रखना ज्यादा पसंद करते हैं। हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि दायरे में बड़ा राज्य होने और पुलिस की लिमिटेशन होने के चलते हेलमेट न पहनने वालों को पूरी तरह से चेक नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा था कि क्या मौत लिंग देखकर आती है या कोई गारंटी है कि महिलाओं का एक्सीडेंट नहीं होगा। हाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि सबकी जान की कीमत बराबर होती है। महिलाओं की खोपड़ी पुरुषों से अलग नहीं होती।</p>
<h1 style="text-align:center;">हेल्मेट खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>अंदर का मैटेरियल भी चेक करें। खराब मैटेरियल चेहरे और बालों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हेल्मेट का साइज ऐसा हो, जो आपको आराम दे। कभी भी कसा हुआ या ढीला हेल्मेट न खरीदे। पहनकर जरूर देंखे।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जो फुल फेस के साथ ठोडी को कवर करते, वही हेल्मेट खरीदें।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हेल्मेट की बेल्ट में लॉक स्विच भी चेक करें। कई बार जल्दी खराब होता है, जो दुर्घटना के समय घातक साबित हो सकता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हेल्मेट के ग्लास भी महत्वपूर्ण होते हैं। ब्रांडेड हेल्मेट के शीशे भी मजबूत होते हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आईएसआई मार्का ही हेल्मेट खरीदें। युवतियों के लिए विशेष तौर पर हेल्मेट आते हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कम खर्च के लालच में कभी भी सडक़ किनारे दुकान से हेल्मेट न खरीदें।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खरीदते समय इस बात की जांच कर लें कि अंदर के भाग से हेल्मेट टूटा न हो।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हेल्मेट में गहरे रंग के शीशे न हो। शीशे पारदर्शी हो या हल्के काले रंग के शेड के साथ हो।</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Jun 2018 08:59:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंगा स्वच्छता: पहल ही नहीं, सख्ती भी आवश्यक</title>
                                    <description><![CDATA[सेंट्रल पॉल्यूशन कन्ट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा सफाई पर विभिन्न परियोजनाओं के मद में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए जा चुके हैं। फिर आज क्या हम इस स्थिति में पहुंचे है कि गंगा को स्वच्छ नदी का दर्जा दे सकें? विडंबना यह है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण जैसी संस्था […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/ganga-hygiene-not-only-initiative-but-also-strictly-required/article-2412"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/ganga1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सेंट्रल पॉल्यूशन कन्ट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा सफाई पर विभिन्न परियोजनाओं के मद में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए जा चुके हैं। फिर आज क्या हम इस स्थिति में पहुंचे है कि गंगा को स्वच्छ नदी का दर्जा दे सकें? विडंबना यह है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण जैसी संस्था गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए समय-समय पर चिंतित और प्रयासरत है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन दुर्भाग्यवश सामाजिक और राजनीतिक सरोकार की कमी की वजह से गंगा अभी भी अस्वच्छ है। कागजी आंकड़ों पर भी आज तक हमारी सरकारें यह बाताने को तैयार नहीं है कि गंगा कितनी स्वच्छ और निर्मल हुई?</p>
<p style="text-align:justify;">गंगा मंत्रालय का गठन बस दिखावा और छलावा ही साबित हो रहा है। सबसे बड़ी बात, जब तक गंगा की सफाई को लेकर सामाजिक सरोकारिता से जुड़े लोग और सामान्य जनमानस कदम उठाता प्रतीत नहीं होगा, गंगा की पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बार पुन: गंगा को निर्मल बनाने के लिए राष्टÑीय हरित प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि गंगा में हरिद्वार से उन्नाव के बीच कचरा फैंकने वालों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाए, लेकिन विचारणीय तथ्य यह है कि जुर्माना लगाने का यह खेल नया तो नहीं है! जुर्माना पहले भी लगता आया है, लेकिन किसी सरकार या संस्था ने यह जहमत नहीं उठाई कि कितना जुर्माना वसूला गया और इस कदम से गंगा स्वच्छ कितनी हुई। यह आज तक पता नहीं चला।</p>
<p style="text-align:justify;">नदियों पर हमारा कल निर्भर करता है, जिसके प्रति हमारे समाज में शनै:-शनै: जागरूकता फैल रही है, लेकिन बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिंता व्यक्त की थी, वह यह दिखाती है कि केंद्र की राजग सरकार नदियों के संरक्षण की दिशा में सचेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदियों के प्रति हमें और हमारे समाज को ही नहीं, बल्कि कल-कारखानों को संचालित करने वालों को भी स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में कार्य करना होगा, कुछ स्वार्थ पूर्ति की खातिर आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करना कहीं से भी उचित नहीं कहा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नर्मदा के उद्गम स्थल से बीते दिनों देश के प्रधानमंत्री ने नदियों के भविष्य को लेकर जो चिंता की लकीर खींची थी, उससे लगता है कि अब वक्त की मांग है कि समाज द्वारा नदियों को बचाने के लिए सार्थक विचार-विमर्श हो।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ वर्ष पूर्व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने अध्ययन में कहा था कि देश के लगभग नौ सौ से ज्यादा कस्बों और शहरों का अमूमन 70 फीसदी गंदा पानी पेयजल की प्रमुख स्रोत नदियों में बिना शोधन के ही छोड़ दिया जाता है। फिर यह देश का दुर्भाग्य है कि देश आने वाले समय की चिंता छोड़कर मात्र वर्तमान दौर की लड़ाई में आंखें मूंदकर आगे बढ़ रहा है। सबसे बड़े स्तर पर कारखाने और मिल नदियों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हमारे समाज के समक्ष विडंबना नहीं तो और क्या है कि जिन नदियों को हम मां का दर्जा देते हैं, उन्हें ही हमने हमने मल-मूत्र विसर्जन का अड्डा बनाकर रख दिया है। नदियों में सीवरेज छोड़ने की वजह से नदियां आज नालों के रूप में रूपांतरित होती जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर देश की 70 फीसद नदियां प्रदूषित हैं और मरने के मुहाने पर खड़ी हैं, फिर इनको बचाने के लिए धरती पर एक बार फिर किसी को भागीरथ बनना होगा, और यह काम हमारे नीति-नियंता से अच्छा कोई और नहीं कर सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बार फिर राष्टÑीय हरित प्राधिकरण का यह फैसला काफी सराहनीय है कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए 100 मीटर के क्षेत्र को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित कर दिया जाए। यह घोषणा तब और अधिक कारगर सिद्ध होगी, जब स्थानीय प्रशासन और सरकारी रहनुमाई तंत्र के लोग अपने हितों को त्याग दें। इसलिए सर्वप्रथम आवश्यकता है कि सामाजिक सरोकार की दृष्टि को पैदा करना, जो धीरे-धीरे समाज से स्वहित के कारण गुम होती जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ हरिद्वार से उन्नाव के मध्य गंगा नदी के किनारे 500 मीटर तक कचरा फैंकने पर 50 हजार का जुर्माना ठोकने की बात कही गई है, लेकिन हमारे देश में मात्र अगर फरमान जारी होने पर लोग सुधर जाते, तो आज देश की स्थिति कुछ ओर होती। इसलिए सर्वप्रथम समाज के लोगों को अपनी सामाजिक जिम्मेवारियों के प्रति वफादार होना पड़ेगा, तभी कुछ सकारात्मक पहल अंजाम तक पहुंच सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-महेश तिवारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2017 01:48:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी नहीं दी मिड-डे-मील की जानकारी, विभाग ने दिखाई सख्ती</title>
                                    <description><![CDATA[ 58 स्कूल इंचार्जों को नोटिस, मांगा जवाब सरसा (सुनील वर्मा)। सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मील की जानकारी देने में स्कूल इंचार्ज लापरवाही कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर भी स्कूल इंचार्ज मिड-डे-मील की जानकारी नहीं दे रहे हैं। मिड-डे-मील की जानकारी नहीं देने वाले 58 स्कूलों को जबाव मांगा जाएगा। जिसके लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/department-appeared-strictly-notice-to-58-school-incharge/article-1545"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/mid-day-meal.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> 58 स्कूल इंचार्जों को नोटिस, मांगा जवाब</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सुनील वर्मा)।</strong> सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मील की जानकारी देने में स्कूल इंचार्ज लापरवाही कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर भी स्कूल इंचार्ज मिड-डे-मील की जानकारी नहीं दे रहे हैं। मिड-डे-मील की जानकारी नहीं देने वाले 58 स्कूलों को जबाव मांगा जाएगा। जिसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों से जबाव मांगा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर मिड-डे-मील योजना चलाई गयी थी, जिसका मकसद था बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके और बच्चे भी स्कूल आएं। स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर के समय मिड-डे-मील दिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">22 जून तक देनी थी जानकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकारी स्कूलों के इंचार्जों से मिड-डे-मील के बारे में जानकारी मांगी गई, जिसके तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 22 जून तक स्कूलों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी, जिसमें स्कूल में कितने विद्यार्थियों को मिड-डे-मील दिया जाता है। राजकीय विद्यालयों में पहली से पांचवीं तथा छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का खाने में भोजन की पौष्टिकता पर ध्यान दिया जाता है। प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग चार्ट लागू किया है। विद्यालय में दोपहर का खाना बनाने और बांटने के लिए कुक कम हेल्पर लगाए गए हैं व अन्य जानकारी मांगी गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन स्कूलों ने नहीं दी जानकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">जीपीएस सलारपुर, जीएमएस कोटली, जीजीपीएस मीरपुर कॉलोनी, जीपीएस मुसाहिबवाला, जीपीएस नटार, जीपीएस राम कॉलोनी, जीपीएस हुडा सेक्टर 20, जीपीएस रामनगरिया, जीपीएस रंगड़ी खेड़ा, जीजीपीएस नंबर 2, जीपीएस नंबर 4, जीजीपीएस बरूवाली, जीजीपीएस भावदीन, जीपीएस ढाणी खोबन, जीजीपीएस खैरेंका, जीपीएस खैरेकां, जीपीएस झोपड़ा, जीपीएस कंगनपुर, जीजीपीएस नंबर 1, जीजीपीएस नंबर 3, जीपीएस खाजा खेड़ा, जीपीएस पनिहारी, जीपीएस ढाणी दिलबाग सिंह, जीपीएस फू लकां, जीएचएस शाहपुर बेगू, जीपीएस ढाणी सावनपुरा, जीपीएस कृष्ण खेड़ा, जीपीएस बाजेकां, जीपीएस हांडी खेड़ा, जीजीपीएस ढाणी पलतान, जीपीएस ढाणी साधा सिंह, जीपीएस गुरू नानकपुर, जीपीएस रेलवे कॉलोनी, जीपीएस थेड़ी, जीपीएस रसुलपुर, जीजीपीएस संगर, जीपीएस संगर, जीपीएस कंसूबी, जीपीएस खैरपुर, जीपीएस खन्ना कॉलोनी, जीपीएस ढाणी मंगतराम, जीपीएस लीवनावाली, जीपीएस मौजूखेड़ा, जीपीएस ढाणी डाबर, जीपीएस बग्गुवाली, जीपीएस अनाज मंडी, जीजीपीएस सुचान, जीपीएस सुचान के स्कूल इंचार्जों ने अभी तक सूचना नहीं दी है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मिड-डे-मील के संदर्भ में स्कूल इंचार्जो से सूचना मांगी गई। मगर अभी तक कई स्कूल इंचार्जो ने अभी तक सूचना नहीं दी है, जिस पर उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em> आत्मप्रकाश मेहरा, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड सरसा</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 09:18:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैंगस्टरों की अब खैर नहीं, सुरक्षा रणनीति तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में गैंगस्टर गिरोहों की सरगर्मियों के मद्देनजर पुलिस हुई चौकस, मजबूत किए सुरक्षा प्रबंध रणनीति को जिला श्री मुक्तसर साहिब, मानसा व भटिंडा में सख्ती से लागू करने के आदेश मुकाबले की आशंका के चलते शहर में बुलेट प्रूफ गाड़ी लगाई भटिंडा (अशोक वर्मा)। गत कुछ समय से क्षेत्र में गैंगस्टर गिरोहों की सरगर्मियों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/order-to-apply-strictly-in-mansa-and-bathinda/article-1318"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/order.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">क्षेत्र में गैंगस्ट<strong>र गिरोहों की सरगर्मियों के मद्देनजर पुलिस हुई चौकस, मजबूत किए सुरक्षा प्रबंध</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>रणनीति को जिला श्री मुक्तसर साहिब, मानसा व भटिंडा में सख्ती से लागू करने के आदेश</strong></li>
<li><strong>मुकाबले की आशंका के चलते शहर में बुलेट प्रूफ गाड़ी लगाई</strong></li>
</ul>
<p><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> गत कुछ समय से क्षेत्र में गैंगस्टर गिरोहों की सरगर्मियों के मद्देनजर भटिंडा जोन के उच्चाधिकारियों ने आम लोगों की सुरक्षा व पुलिस प्रबंधों को मजबूत करने के लिए नई रणनीति बनाई है। फिलहाल इस रणनीति को भटिंडा पुलिस रेंज अधीन आते जिला श्री मुक्तसर साहिब, मानसा व भटिंडा में सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वीरवार को आईजी भटिंडा जोन मुखविन्द्र सिंह छीना ने डीआई जी रेंज, तीनों जिलों के एसएसपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके ताजा स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों के मुताबिक आई.जी. मीटिंग में भी गैंगस्टर का मुद्दा छाया रहा। पता चला है कि पुलिस को सूचना मिली है कि क्षेत्र में कुछ चोटी के गैंगस्टर छुपे हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>भटिंडा जोन के आई.जी. मुखविन्द्र सिंह छीना </strong></h2>
<p>वर्णनीय है कि दो दिन पहले फरीदकोट से हरियाणा पुलिस के साथ हुए मुकाबले में तीन गैंगस्टरों द्वारा खुदकशी कर ली थी। इसी तरह पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा के साथी अर्जुन को असले सहित गिरफ्तार किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि गैंगस्टर इस क्षेत्र को छिपने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं, जिसे लेकर पुलिस चिंता में है। सूत्रों के मुताबिक इन तथ्यों के सामने आने के बाद आई.जी. ने तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी तरह चौकस रहने के लिए कहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आईजी भटिंडा जोन ने तीन जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर लिया स्थिति का जायजा</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्रों में पैट्रोलिंग बढ़ाने के साथ-साथ हरियाणा व राजस्थान को जाती लिंक सड़कों पर भी अधिक चौकस रहने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आतंकवाद विरोधी दस्तों व क्विक एक्शन टीमों को हर समय तैयार रहने के लिए कहा गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार भटिंडा जिले में आई.जी. के अदेशों का असर दिखाई देने लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भटिंडा शहर में काफी जगहों पर पुलिस तैनात की जा रही है। पुलिस ने किसी मुकाबले वगैरा की आशंका के चलते शहर में बुलेट प्रूफ गाड़ी लगा दी है। हालांकि पुलिस अधिकारी इंकार करते हैं, लेकिन रिकार्ड मुताबिक भटिंडा क्षेत्र में संगीन जुर्म वालों की आमद लगातार बढ़ रही है। हैरोइन तस्करी में दो नाईजीरियन नागरिकों की शमूलियत सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों मुताबिक विधान सभा चुनाव के बाद राज्य में बने सियासी माहौल को देखते हुए सरकार ने भी इस तरह के अपराधियों के खिलाफ सख्त रूख अख्तयार किया है, जिस तहत पुलिस को खुली छुट्टी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>यह बैठक पुलिस की रूटीन बैठक थी, जिसमें मीडिया को जानकारी देने वाली कोई बात नहीं थी। गैंगस्टरों व अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस मुहिम चलाती ही रहती है।</strong></em></p>
<h2 style="text-align:justify;">पुलिस का मिशन विक्की गौंडर</h2>
<p style="text-align:justify;">नाभा जेल से फरार गैंगस्टर विक्की गौंडर को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस द्वारा मिशन गौंडर बनाया गया है। पुलिस को विक्की गौंडर के भटिंडा के नजदीकी जिलों में छिपे होने का शक है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब पुलिस की टीमें सिविल कपड़ों में इस गैंगस्टर का पीछा कर रही हैं। पुलिस टीम ने भटिंडा के तलवंडी साबो क्षेत्र में कई टिकाणों पर नजर रखी हुई है। विक्की गौंडर ने जब से अपनी साथियों के साथ मिल कर गुरदासपुर में अपने विरोधी गुट पर अंधाधुंध गोलिया चलाकर कतल किया है, उस दिन से पुलिस ने अपना मिशन तेज कर दिया है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jun 2017 00:39:01 +0530</pubDate>
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                <title>अपराधियों पर सख्ती से लगाए लगाम पुलिस: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ-साथ ह्यूमन साइकोलॉजी को भी शामिल करें। पुलिस अधिकारियों को उन बातों को समझने की नितांत आवश्यकता है जो अपराध का कारण बनते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/police-strictly-rein-on-criminal-raje/article-793"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cmp_8535.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ-साथ ह्यूमन साइकोलॉजी को भी शामिल करें। पुलिस अधिकारियों को उन बातों को समझने की नितांत आवश्यकता है जो अपराध का कारण बनते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूसरे राज्यों की पुलिस से बनाए बेहतर संपर्क</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे शुक्रवार को कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन पहले सत्र में पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और अपराध कम हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं, बच्चों, कमजोर वर्गों पर होने वाले अपराधों की संवेदनशीलता के साथ तफ्तीश करें और अपराधियों पर सख्ती से लगाम लगाएं। मुख्यमंत्री ने अवैध हथियारों एवं अवैध शराब पर रोक, आर्म्स लाइसेंस आवेदनों के निस्तारण, दूसरे राज्यों की पुलिस से बेहतर संपर्क, सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं को रोकने आदि पर भी चर्चा की।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने रेंज आईजी, पुलिस कमिश्नरों तथा पुलिस अधीक्षकों से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण तथा स्मार्ट पुलिसिंग के लिए किए जा रहे नवाचारों पर फीडबैक लिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध श्री पंकज कुमार सिंह ने अपराध विश्लेषण-चुनौतियां एवं समाधानह्य विषय पर तथा जयपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजय अग्रवाल ने राज्य में पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर प्रजेन्टेशन दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">थाने हों साफ-सुथरे</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने पुलिस थानों के मालखानों में बरामद एवं जब्तशुदा वाहनों, शराब तथा अन्य सामान आदि के पड़े रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे इनके शीघ्र निस्तारण की पहल करें। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में अलवर जिले में हुए सफल प्रयास की सराहना करते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को इस मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सालों तक भी इनका निस्तारण नहीं होने से थानों में कबाड़ का ढ़ेर लग जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने साफ एवं सुन्दर होने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनता को बनाएं अपने आंख-नाक-कान</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने प्रदेशभर में अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में कमी लाने का काम किया है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने जो प्रयास किए हैं उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना चाहिए ताकि जनता जागरूक होकर अपराध और हादसे रोकने में पुलिस की सहयोगी बने।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रिटायर पुलिस कर्मियों एवं सैनिकों की लें मदद</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बाडमेर में जिला पुलिस द्वारा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों एवं पूर्व सैनिकों को मित्र मंडल के रूप में जोड़ने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अन्य सीमावर्ती जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जाए। उल्लेखनीय है कि बाडमेर में करीब 1500 पूर्व पुलिस कर्मियों एवं पूर्व सैनिकों को बतौर पुलिस मित्र मंडल जोड़ा गया है। इनके अनुभवों से वहां कई संगीन अपराधों को खोलने में पुलिस को सफलता मिली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बनें टैक्नो-फ्रेंडली</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे ने कहा कि कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एडवांस फोरेंसिक सुविधाओं तथा ड्रोन आदि के उपयोग से हमने अपनी क्षमताएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि विकसित हो रही टेक्नोलॉजी तक अपराधियों की पहुंच होने के कारण पुलिस को भी अपनी योग्यताओं और क्षमताओं को लगातार अपग्रेड करना जरूरी है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 06:52:46 +0530</pubDate>
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