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                <title>Kidney Donate - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Kidney Donate RSS Feed</description>
                
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                <title>Mother-in-law donate Kidney: गजब: मौत के मुंह से बहू को बचा लाई सास&amp;#8230;ऐसा किया काम आप भी कहने लगेंगे वाह क्या बात है..</title>
                                    <description><![CDATA[Mumbai News: Mother-in- law donate Kidney to daughter-in-law: फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में सास और बहू के बीच प्रतिकूल संबंधों के चित्रण के विपरीत, वास्तविक जीवन में ऐसे उदाहरण हैं जो दर्शाते हैं कि यह सच नहीं हो सकता है। इसका उदाहरण हाल ही में तब सामने आया जब मुंबई में एक 70 साल की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/mother-in-law-donate-kidney/article-51029"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/mother-in-law-donate-kidney.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Mumbai News: Mother-in- law donate Kidney to daughter-in-law: फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में सास और बहू के बीच प्रतिकूल संबंधों के चित्रण के विपरीत, वास्तविक जीवन में ऐसे उदाहरण हैं जो दर्शाते हैं कि यह सच नहीं हो सकता है। इसका उदाहरण हाल ही में तब सामने आया जब मुंबई में एक 70 साल की महिला ने अपनी 43 साल की बहू को किडनी दान की। Mother-in-law donate Kidney</p>
<p style="text-align:justify;">Operation 1 अगस्त को मुंबई के नानावती अस्पताल में किया गया था और अमीषा जिनकी किडनी पिछले साल खराब हो गई थी, उन्हें यह अंग उनकी सास प्रभा कांतिलाल मोटा से मिला था। जब वह अस्पताल में ठीक हो रही थी, दाता, उसकी सास, उसके परिवार द्वारा आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह में घर लौट आई। मीडिया से बात करते हुए मोटा ने कहा कि उन्होंने अमीषा को किडनी देने का फैसला किया क्योंकि उनका कोई भी बेटा ऐसा नहीं कर सका। उन्होंने खुद को फिट बताते हुए कहा कि वह आगे आईं और अपनी किडनी देने का फैसला किया। एक मिसाल कायम करने के बाद अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करना चाहती हैं कि वे दूसरों को भी अपने अंग दान करने के लिए प्रोत्साहित करें। Mother-in- law donate Kidney</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/if-you-are-worried-about-increasing-weight-then-use-chia-seeds-in-this-way-you-will-get-many-benefits/">Chia Seeds for Weight Loss: अगर आप बढ़ते वजन से हैं परेशान तो चिया सीड्स का करें इस तरह इस्तेमाल, मिलेंगे कई फायदे</a></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अमीषा उनके लिए बहू नहीं बल्कि बेटी हैं। अमीषा के पति जितेश मोटा, जो मधुमेह रोगी हैं और दान करने के योग्य नहीं हैं, ने कहा कि जब उनकी मां को पता चला कि दानकर्ता के लिए आठ साल से अधिक की प्रतीक्षा अवधि है, तो वह दान करने की पेशकश के साथ आगे आईं। परिवार के डॉक्टर, डॉ. चंद्रकांत लल्लन ने देखा कि हालांकि महिलाओं के लिए अपने पति, माता-पिता या बच्चों को अंग दान करना आम बात है, लेकिन सास को अंग दान करना दुर्लभ है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 11:53:07 +0530</pubDate>
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                <title>मसीहा बनकर आई निर्मला इन्सां, गुर्दादान कर बचाई मरीज की जान</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरुजी की प्रेरणाओं पर चलते हुए 25 बार कर चुकी हैं रक्तदान हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। मानवता भलाई के कार्यांे में दिन-रात जुटे डेरा सच्चा सौदा के सेवादार समाज के सामने अनूठी मिसाल कायम कर रहे हैं। जरूरतमंद की मदद करने से वे पीछे नहीं हटते। कई बार वे इन्सानियत की ऐसी इबारत लिखते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/nirmala-insan-donate-kidney-and-saves-patients-life/article-13827"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/kidney-donate.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पूज्य गुरुजी की प्रेरणाओं पर चलते हुए 25 बार कर चुकी हैं रक्तदान</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)।</strong> मानवता भलाई के कार्यांे में दिन-रात जुटे डेरा सच्चा सौदा के सेवादार समाज के सामने अनूठी मिसाल कायम कर रहे हैं। जरूरतमंद की मदद करने से वे पीछे नहीं हटते। कई बार वे इन्सानियत की ऐसी इबारत लिखते हैं, जो हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है कि एक डेरा प्रेमी बहन ने। जिन्होंने एक ऐसे मरीज के लिए इलाज के लिए अपना गुर्दा दान कर दिया, जिसे वे जानती तक नहीं। लेकिन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए डेरा प्रेमी बहन ने जरूरतमंद मरीज को गुर्दादान कर उसकी जान बचाई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मरणोपरांत देहदान का भी लिया हुआ है संकल्प</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रेमी जगजीत सिंह इन्सां ने बताया कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचाराधीन राजेश कुमार (44) पुत्र कृष्णलाल निवासी भगवानपुरा तहसील टिब्बी जिला हनुमानगढ़ राजस्थान के ईलाज के लिए चिकित्सकों ने गुर्दे की आवश्यकता जताई। इस पर परिजनों ने इधर-उधर पड़ताल शुरू की। इसी बीच जिम्मेवारों के जरिये हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र के ब्लॉक इस्माईलाबाद के गांव झांसा निवासी बहन निर्मला रानी इन्सां (50) पत्नी राजेन्द्र कुमार इन्सां को इसकी जानकारी मिली तो वे गुर्दा देने के लिए तैयार हो गर्इं। इसके बाद उन्होंने जयपुर के एसएमएस अस्पताल जाकर अपना गुर्दा दान कर जरूरतमंद मरीज के इलाज में सहयोग किया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजेश कुमार इन्सां के परिजनों ने गुर्दादानी बहन निर्मला रानी इन्सां का आभार जताते हुए कहा कि वे उनका यह अहसान जिंदगी भर नहीं चुका पाएंगे।गौरतलब है कि बहन निर्मला रानी पूज्य गुरुजी की प्रेरणाओं पर चलते हुए अब तक 25 बार जरूरतंमद मरीजों को रक्तदान कर चुकी हैं। उन्होंने मरणोपरांत देहदान का भी संकल्प लिया है। ऐसे में कहा जा सकता है कि ऐसे विरले ही लोग होते हैं जो जिंदगी भर दूसरों के लिए जीते हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2020 11:27:07 +0530</pubDate>
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