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                <title>Pranayama - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Pranayama RSS Feed</description>
                
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                <title>स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या में योग को करें शामिल: डॉ आकांक्षा सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[अमरोहा (सच कहूँ/कपिल कुमार)। आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के 100 दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम की श्रेणी में रखते हुए इंडियन योग एसोसिएशन मे उत्तर प्रदेश चैप्टर मुरादाबाद मंडल के अमरोहा जिले के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में योग महोत्सव का आयोजन किया गया। जिस में उपस्थित नेचुरोपैथी वैलनेस इंस्टिट्यूट की संस्थापक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/include-yoga-in-your-daily-routine-to-stay-healthy-dr-akanksha-singh/article-47948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/amroha-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमरोहा (सच कहूँ/कपिल कुमार)।</strong> आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के 100 दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम की श्रेणी में रखते हुए इंडियन योग एसोसिएशन मे उत्तर प्रदेश चैप्टर मुरादाबाद मंडल के अमरोहा जिले के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में योग महोत्सव का आयोजन किया गया। जिस में उपस्थित नेचुरोपैथी वैलनेस इंस्टिट्यूट की संस्थापक निदेशक डॉक्टर आकांक्षा सिंह ने मंत्र उच्चारण के साथ योग सत्र का आरंभ किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अन्नदाता के बाद अब किसान होगा ऊर्जादाता: गडकरी" href="http://10.0.0.122:1245/road-transport-and-highways-minister-of-government-of-india-nitin-gadkari-visited-hanumangarh/">अन्नदाता के बाद अब किसान होगा ऊर्जादाता: गडकरी</a></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ आकांक्षा ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के प्राणायाम (Pranayama) की जानकारी देते हुए अनुलोम-विलोम भ्रामरी शीतली शीतकारी आदि प्राणायाम का अभ्यास कराया और उनके लाभ के बारे में बताया उसके साथ-साथ डॉक्टर आकांक्षा ने सभी छात्रों एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस व आयुष मंत्रालय के योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (Y.C.B) के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराते हुए योग महोत्सव 2023 में सम्मिलित होने के लिए निवेदन किया तथा योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया वहां पर उपस्थित (आई.वाई.ए) के मंडल प्रभारी योगाचार्य नौबहार सिंह छात्रों को योगासन की प्रैक्टिस कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें मुख्य रुप से ताड़ासन, वृक्षासन, तिर्यक ताड़ासन का अभ्यास कराया योगाचार्य ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है अपितु आत्म जागरण आत्म साक्षात करने की क्रिया है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य दिनेश कुमार चिकारा समेत संजीव कुमार, राजीव सिंह, धर्मेंद्र सिंह व मदनपाल सिंह उपस्थित रहें।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 May 2023 18:12:02 +0530</pubDate>
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                <title>प्रणायाम के साथ भक्ति पर पूज्य गुरु जी के वचन</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने साध-संगत के सवालों का रूहानी जवाब दे रहे थे तभी एक सवाल आया जिसमें पूछा गया कि प्रणायाम के साथ किए गए सुमिरन में, अलोम व विलोम की अवधि पर प्रकाश डालें जी? पूज्य गुरु जी का जवाब: ये अपनी-अपनी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/do-meditation-with-pranayama/article-40215"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/msg-13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने साध-संगत के सवालों का रूहानी जवाब दे रहे थे तभी <strong>एक सवाल आया जिसमें पूछा गया कि प्रणायाम के साथ किए गए सुमिरन में, अलोम व विलोम की अवधि पर प्रकाश डालें जी?</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पूज्य गुरु जी का जवाब:</strong> ये अपनी-अपनी कैपेसिटी होती है, अपनी-अपनी शक्ति होती है। धीरे-धीरे बढ़ सकती है। आप जब श्वास को अंदर भरते हैं, तो कोई ज्यादा भी भर सकता है, योगी जो योग करना जानता है। और जो नए-नए होते हैं वो थोड़ा टाइम कम। लेकिन करने में फायदा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल: गुरु जी, क्या हम धुंध के समय दौड़ लगा सकते हैं?</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> रोड़ पर लगाओगे तो बिल्कुल गलत है। और अगर आपका खेत है, स्टेडियम है तो वहां घूम सकते हैं। खाली जगह पर कोई हर्ज नहीं। लेकिन रोड़ पर धूंध के समय नहीं करना चाहिये। वैसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप ऊपर गर्म कोट रखिये और थोड़ा भागिये, जैसे ही पसीना आने लगे तो उसे कमर पर बांध सकते हैं। और जब पूरा भाग लिये, कंप्लीट हो गया, पसीने से लथपथ हो गया तो वो ही कपड़ा पहन लीजिये। क्योंकि पसीने में सर्दी लगने का डर ज्यादा रहता है। तो अगर आप ऊपर से कवर कर लेंगे तो आपकी बॉडी संतुलन बना लेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल: गुरु जी, क्या भगवान डरावने रूप में दर्शन दे सकते हैं?</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> भगवान डरावना, दोनों बातें अलग-अलग हैं बेटा। न देवी-देवता डरावने हैं, न भगवान डरावने हैं। राक्षस प्रवृृति जो माना जाता था वही डरावनी चीज हो सकती थी। लेकिन अगर आपको ऐसा कुछ अनुभव हुआ है तो कर्मों का फल डरावना हो सकता है। क्योंकि धर्म में हमने एक जगह सर्च किया तो, पता चला कि हां किसी भक्त को ऐसा सपना आया तो वो उसके कर्म कट रहे हैं। तो आपका फायदा हो रहा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Nov 2022 12:58:52 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना से बचाव का अचूक अस्त्र है प्राणायाम</title>
                                    <description><![CDATA[योग विशेषज्ञों का दावा : जब हम प्राणायाम करते है तो प्रत्एक धीमी एवं गहरी श्वास लेने से चार से पांच गुणा अधिक श्वास हमारे फेफड़ों मे पहुँचती है और टीएलसी बेहतर होने लगती है
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/pranayam-is-the-perfect-weapon-to-protect-against-corona/article-14326"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/pranayama.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">भारत की इस विद्या को पूरी दुनिया ने लोहा माना है (Pranayama is perfect)</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर (एजेंसी)।</strong> योग विशेषज्ञों का दावा है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और तन को स्वस्थ रखने में मददगार प्राणायाम के कुम्भक से कोरोना संक्रमण न सिर्फ बचाव में सहायक है बल्कि कुछ हद तक इस बीमारी से निजात भी पायी जा सकती है। जिले के जाने माने योग विशेषज्ञ गुलशन कुमार ने सोमवार को कहा कि निरोगी काया के लिए योग ब्रम्हास्त्र का काम करता है। भारत की इस विद्या को पूरी दुनिया ने लोहा माना है। सूक्ष्म विषाणु कोरोना के इलाज के लिए यूं तो दुनिया भर में वैक्सीन खोजने का काम जारी है लेकिन योग भी एक हद तक कोरोना संक्रमण से बचाव और इलाज में कारगर सिद्ध हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:center;">हमारे फेफड़ों की श्वांस ग्रहण की क्षमता आठ से बारह गुणा अधिक है इसे टोटल लंग कैपासिटी यानी टीएलसी कहते हैं (Pranayama is perfect)</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति दूसरों से दूरी बनाए रखते हुए यदि अनुशासनबद्ध होकर प्राणायाम के कुम्भक का अभ्यास करे तो उसे कोरोना से मुक्ति पाने में मदद मिल सकती है। उन्होने कहा, ‘हमारे फेफड़ों में आमतौर पर हर श्वांस लेने पर आधा लीटर वायु भीतर जाती है जबकि हमारे फेफड़ों की श्वांस ग्रहण की क्षमता आठ से बारह गुणा अधिक है इसे टोटल लंग कैपासिटी यानी टीएलसी कहते हैं। योगी ने बताया, ‘जब हम प्राणायाम करते है तो प्रत्एक धीमी एवं गहरी श्वास लेने से चार से पांच गुणा अधिक श्वास हमारे फेफड़ों मे पहुँचती है और टीएलसी बेहतर होने लगती है जबकि फेफड़ों का आयतन फैल जाता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कोरोना संक्रमित मरीज का सबसे अधिक बुरा प्रभाव फेफड़ों पर ही होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">कोविड 19 सीधा फेफड़ों पर हमला करता है।</li>
<li style="text-align:justify;">इससे बचने के लिए फेफड़ों का सेहतमंद होना बेहद आवश्यक है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसी पर हमारी इम्यूनिटी निर्भर होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">श्वसन तंत्र में नाक, गला, स्वर यंत्र, ट्रेकिया और फेफडो को रेस्पिरेटरी सिस्टम या श्वसन तंत्र कहते है।</li>
<li style="text-align:justify;">कोरोना का अटैक इसी पर सबसे अधिक होता है?।</li>
</ul>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2020 17:06:11 +0530</pubDate>
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