<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/commission/tag-168" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Commission - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/168/rss</link>
                <description>Commission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शाहीन बाग गोली कांड में गिरी DCP पर गाज, पद से हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[शाहीन बाग में लगातार दो गोली कांड हो जाने के बाद चुनाव आयोग ने डीसीपी दक्षिण पूर्वी जिला चिन्मय बिस्वाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उसी जिले में तैनात एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश को डीसीपी का चार्ज दिया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-election-commission-has-removed-dcp-district-chinmay-biswal-from-the-post-with-immediate-effect/article-12902"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/election-commission-removed-dcp-chinmay-biswal-post-immediate-effect.jpg" alt=""></a><br /><h2>चिन्मय बिस्वाल 2008 बैच के आइपीएस अफसर हैं | Fusillade</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong>  शाहीन बाग में लगातार दो गोली कांड (<strong>Fusillade)</strong> हो जाने के बाद चुनाव आयोग ने डीसीपी दक्षिण पूर्वी जिला चिन्मय बिस्वाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उसी जिले में तैनात एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश को डीसीपी का चार्ज दिया गया है। चिन्मय बिस्वाल को गृह मंत्रालय में रिपोर्ट करने को कहा गया है। बता दें कि चिन्मय बिस्वाल 2008 बैच के आइपीएस अफसर हैं। चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय गृह मंत्रालय से कहा कि नियमित डीसीपी के लिए वे तीन नामों को भेज सकते हैं। जिस पर विचार के बाद आयोग फैसला लेगा कि किए रेगुलर डीसीपी बनाया जाएगा।</p>
<h2>पुलिस कमिश्नर ने किया शाहीन बाग का दौरा| Fusillade</h2>
<p>वहीं दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने भी रविवार को शाहीन बाग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फायरिंग की दोनों अलग-अलग घटनाएं हैं। हमने शाहीन बाग के साथ-साथ अन्य विरोध स्थलों पर भी विस्तृत व्यवस्था की है। अमूल्य पटनायक ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि वह लोगों की परेशानियों को देखते हुए प्रदर्शन को कहीं और जगह पर स्थानांतरित कर लें।</p>
<h2>गोली कांड के बाद कानून व्यवस्था पर उठने लगे थे सवाल</h2>
<ul>
<li><strong>बता दें कि (सीएए) के विरोध में निकाले गए मार्च के दौरान एक नाबालिग ने गोली चला दी थी।</strong></li>
<li><strong> इससे एक छात्र घायल हो गया था। </strong></li>
<li><strong>वहीं शनिवार को एक युवक ने प्रदर्शनकारियों के बीच फायरिंग कर दिया। </strong></li>
<li><strong>इन दोनों मामलों के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। </strong></li>
<li><strong>इस मामले में राजनीति भी गरम है।</strong></li>
<li><strong>बताया जा रहा है कि गोली चलाने वाले नाबालिग ने ममेरे भाई की शादी में चलाने के बहाने तमंचा खरीदा था। </strong></li>
<li><strong>तमंचा खरीदने के लिए उसने अपने जेवर गांव के ही रहने वाले एक दोस्त की मदद ली थी।</strong></li>
<li><strong> दोस्त को उसने बताया था कि उसे शादी में हर्ष फायरिंग करनी है। </strong></li>
<li><strong>इस पर दोस्त ने उसे वारदात से एक दिन पहलेएक शख्स से 10 हजार रुपये में तमंचा खरीदवा दिया था।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-election-commission-has-removed-dcp-district-chinmay-biswal-from-the-post-with-immediate-effect/article-12902</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/the-election-commission-has-removed-dcp-district-chinmay-biswal-from-the-post-with-immediate-effect/article-12902</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Feb 2020 11:37:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/election-commission-removed-dcp-chinmay-biswal-post-immediate-effect.jpg"                         length="15460"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग का अंकुश</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली विधानसभा चुनावों में चुनाव प्रचार बड़े जोरों-शोरों से चल रहा है पर वहीं इस दौरान कुछ नेताओं द्वारा आपत्तिजनक भाषा प्रयोग के मामले भी सामने आए हैं और जिसका चुनाव आयोग ने सख्त नोटिस लिया है। चुनाव महज वोटर के विवेक की परख हैं, जिसे घटिया राजनीति करने वाले नेताओं ने जंग का मैदान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/election-commission-curb-in-delhi-assembly-elections/article-12859"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/delhi-assembly-election.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली विधानसभा चुनावों में चुनाव प्रचार बड़े जोरों-शोरों से चल रहा है पर वहीं इस दौरान कुछ नेताओं द्वारा आपत्तिजनक भाषा प्रयोग के मामले भी सामने आए हैं और जिसका चुनाव आयोग ने सख्त नोटिस लिया है। चुनाव महज वोटर के विवेक की परख हैं, जिसे घटिया राजनीति करने वाले नेताओं ने जंग का मैदान बना दिया है। जहां तक चुनाव आयोग की सख्ती का संबंध है वहा चुनाव आयोग ने सख्त व तुरंत फैसले लेने में कोई संकोच नहीं किया।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने भाजपा के उम्मीदवार कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है और उसके द्वारा किए गए आपत्तिजनक ट्वीट को भी हटाया है। मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों को भारत व पाकिस्तान की जंग करार दिया था। चुनावों की प्रक्रिया भारत के चुनाव आयोग द्वारा पूरी करवाई जाती है यहां पाकिस्तान का इससे कोई मतलब ही नहीं है। भारत में चुनाव वही व्यक्ति लड़ सकता है जिसे भारत के सविंधान में विश्वास है और वह खुद को भारतीय कहलवाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी संवैधानिक व्यवस्था के होते हुए चुनाव लड़ रहे किसी व्यक्ति को पाकिस्तानी करार देना अपने आप में संविधान का अपमान है। चुनावों में जीत-हार बाद की बात है, सबसे अधिक अहमियत चुनावों की है। हमारे देश में चुनाव उत्सव रूप ले रहें हैं, हालांकि कुछ नेता अपनी जहर बुझी ब्यानबाजी द्वारा माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं फिर भी यह सौभाग्य वाली बात है कि अब अनाप-शनाप बोलकर माहौल खराब करने वाले के खिलाफ न केवल कार्रवाई होती है बल्कि ऐसे नेता पार्टी में अकेले पड़ जाते हैं और पार्टी उनकी ब्यानबाजी से किनारा कर लेती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कपिल मिश्रा के बाद चुनाव आयोग ने भाजपा के दो स्टार प्रचारकों पर भी पाबंदी लगा दी है। नि:संदेह चुनाव आयोग ने इन सख्त फैसलों से दर्शा दिया है कि वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम कर रहा है। बेशक दिल्ली विधानसभा की सीटों की संख्या केवल 70 ही है परंतु चुनावों पर पूरे देश की नजर है। बेशक सीएए के कारण दिल्ली में कई बार माहौल गर्माहट वाला बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव आयोग के आदेशों के प्रति सचेत हैं और एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए मुद्दों पर ध्यान केद्रिंत कर रही हैं। आम आदमी पार्टी अपना संकल्प पत्र व भाजपा चुनावी घोषणा पत्र पेश कर चुकी हैं। दोनों पार्टियों की ओर से बड़े-बड़े वादे-दावे किए जा रहे हैं, हालांकि दिल्ली के वोटर की सोच देश के बाकी राज्यों से अलग है। उम्मीद की जानी चाहिए कि चुनाव शांतिपूर्वक तरीके से सम्पन्न होंगे और वोटरों को अपने अधिकारों का प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/election-commission-curb-in-delhi-assembly-elections/article-12859</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/election-commission-curb-in-delhi-assembly-elections/article-12859</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Feb 2020 11:24:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/delhi-assembly-election.jpg"                         length="23095"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना: 62 लोगों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव खत्म होने के बाद चुनाव अधिकारी को खाते का स्टेटमेंट नहीं भेजा हैदराबाद। तेलंगाना में 62 लोगों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन्होंने पिछले चुनाव के खत्म होने के बाद अपने प्रचार के खर्च का ब्योरा प्रशासन को नहीं दिया था। प्रतिबंधित लोगों में से 45 ने विधानसभा चुनाव लड़ा था, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2>चुनाव खत्म होने के बाद चुनाव अधिकारी को खाते का स्टेटमेंट नहीं भेजा</h2>
<p>हैदराबाद। तेलंगाना में 62 लोगों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन्होंने पिछले चुनाव के खत्म होने के बाद अपने प्रचार के खर्च का ब्योरा प्रशासन को नहीं दिया था। प्रतिबंधित लोगों में से 45 ने विधानसभा चुनाव लड़ा था, जबकि 17 लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार थे। आयोग का कहना है कि पिछली बार चुनाव खत्म होने के बाद इन लोगों ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट नहीं जमा कराया था।</p>
<h2> चुनाव बाद जमा कराना होता है ब्योरा</h2>
<p>चुनाव आयोग की नियमावली के तहत चुनाव खत्म होने के बाद सभी उम्मीदवारों को अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट संबंधित अधिकारी के पास जमा कराना होता है। वह जांच करता है कि उम्मीदवार ने आयोग के नियमों की अवहेलना तो नहीं की थी। चुनाव के दौरान उसका खर्च तय सीमा से ज्यादा तो नहीं था।आयोग के एक अधिकारी का कहना कि चुनाव आचार संहिता के तहत अभी तक राज्यभर में 4098 वाॅल पेंटिंग, 29526 पोस्टर, 975 कटआउट, 11485 बैनर और 3498 झंडे हटवाए गए हैं। पुलिस ने भी कार्रवाई में 90 लाख रुपए जब्त किए हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/election-commission/article-8032</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/election-commission/article-8032</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Mar 2019 12:24:59 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर के शिक्षकों को भी मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[ मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सांतवे वेतन आयोग का  दिया तोहफा नई दिल्ली(एजेंसी)। इंजीनियरिंग कॉलेज सहित देश भर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के तहत बढ़ा हुआ वेतन देने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इसे लेकर 1241 करोड़ रुपए भी जारी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;"> मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सांतवे वेतन आयोग का  दिया तोहफा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)</strong>। इंजीनियरिंग कॉलेज सहित देश भर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के तहत बढ़ा हुआ वेतन देने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इसे लेकर 1241 करोड़ रुपए भी जारी कर दिए है। तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की यह मांग काफी समय से लंबित थी।मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को इसे मंजूरी दिए जाने की जानकारी की।</p>
<h2>सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले करीब 29264 शिक्षकों को मिलेगा लाभ</h2>
<p style="text-align:justify;">साथ ही बताया कि इसका सीधा लाभ सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले करीब 29264 शिक्षकों को मिलेगा। इसके अलावा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के दायरे में आने वाले निजी संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों के गैर-एकेडमिक स्टाफ को सरकार ने पहले ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने की मंजूरी दे दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बतादें कि कुछ राज्य अपने यहां सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को पहले ही लागू कर चुके हैं। हाल ही में महाराष्ट्र ने भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को मंजूरी दी। सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद राज्य सरकार के खजाने पर 21 हजार करोड़ रुपये का अतरिक्त भार आएगा। इस फैसले से तकरीबन राज्य के 17 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा।इसके साथ ही यूपी सरकार ने भी राजधानी लखनऊ के नगर निगम कर्मचारियों को तोहफा दिया है।</p>
<h2>2019 के पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों को उनकी पेंशन को  तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया</h2>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने 2019 के पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों को उनकी पेंशन को प्रशासन ने लगभग तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। दरअसल, इन सेवानिवृत कर्मियों को अब 7वां वेतन आयोग के हिसाब से पेंशन मिल सकेगी। बतादें कि पहले सेवानिवृत कर्मचारियों को लगभग 3500 रुपये पेंशन के तौर पर मिल रहे थे। जबकि 7वां वेतन आयोग के तहत पेंशन दिए जाने के निर्णय के बाद से इन कर्मचारियों को अब 9000 रुपये पेंशन मिल सकेगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/teachers-will-get-benefit-of-seventh-pay-commission/article-7377</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/teachers-will-get-benefit-of-seventh-pay-commission/article-7377</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Jan 2019 14:06:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य चुनाव आयोग कार्यालय में मीडिया पर पाबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[आज धरना -प्रदर्शन करेगी मीडिया चंडीगढ़(अश्वनी चावला)। पंजाब में पारदर्शी तरीके से पंचायती चुनाव करवाने का जिमा लिए बैठा राज्य चुनाव आयोग का दफ़्तर (Media ban in State Election Commission) ही खुद पारदर्शी तरीके से काम नहीं करना चाहता है। जिस कारण राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर से मीडिया पर कार्यालय में एंट्री करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/media-ban-in-state-election-commission/article-7057"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/media-ban-in-state-election-commission-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">आज धरना -प्रदर्शन करेगी मीडिया</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब में पारदर्शी तरीके से पंचायती चुनाव करवाने का जिमा लिए बैठा राज्य चुनाव आयोग का दफ़्तर (Media ban in State Election Commission) ही खुद पारदर्शी तरीके से काम नहीं करना चाहता है। जिस कारण राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर से मीडिया पर कार्यालय में एंट्री करने पर मुकम्मल तौर पर न सिर्फ पाबंदी लगा दी है, बल्कि कार्यालय के बाहर पुलिस कर्मचारी भी तैनात कर दिए हैं, जो कि मीडिया को बेइज्जत करने के साथ ही कार्यालय में जाने से रोकने में लगे हुए हैं। राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर से घोषित की गई मीडिया एमरजैंसी के खिलाफ गुरूवार को मीडिया कर्मचारियों ने मौके पर ही धरना देते हुए पंजाब सरकार को इस मामले में कार्रवाई करने की मांग करते हुए आगामी 12 घंटो में यह मीडिया एमरजैंसी हटवाने की मांग की है, यदि शुक्रवार सुबह तक यह मीडिया एमरजैंसी नहीं हटाई गई तो शुक्रवार को मीडिया कर्मचारी राज्य चुनाव आयोग के कार्यलय के बाहर धरना व प्रदर्शन करेंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पुलिस कर्मचारी तैनात करते हुए मीडिया से की गई गुरूवार को धक्केशाही</h2>
<p style="text-align:justify;">पंजाब व चंडीगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष बलविन्दर जम्मू ने कहा कि राज्य आयोग का यह व्यवहार न सिर्फ बुरा है, बल्कि निंदनीय है, (Media ban in State Election Commission) क्योंकि आयोग ने पत्रकारों के दाखिले पर पाबंदी लगाते हुए प्रैस की आजादी का गला घोटने के साथ ही उनको बेइज्जत तक करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जब पत्रकारों की ओर से इस पाबंदी का कारण पूछने की कोशिश के लिए राज्य चुनाव कमिशनर के पास अपने कार्ड तक भेजे तो उनको राज्य चुनाव कमिशनर की ओर से मिलने से साफ इन्कार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कार्यालय के बाहर पुलिस कर्मचारी लगाते हुए मीडिया को कार्यालय में ही दाखिल होने पर धक्का मुक्की करने तक के लिए कह दिया गया है। उन्होने बताया कि मौके पर उन्होंने प्रैस कौंसिल आॅफ इंडिया के अध्यक्ष के साथ बातचीत करते हुए लिखित रूप में शिकायत कर दी है। इसके अलावा प्रमुख चुनाव आयोग आॅफ इंडिया व पंजाब सरकार को भी इस संबंधी शिकायत की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बलविन्दर जम्मू ने कहा कि चंडीगढ़ की मीडिया शुक्रवार सुबह तक इंतजार करेगी व यदि इस मामले में कार्रवाई होते हुए मीडिया पर लगाई गई एमरजैंसी न हटाई गई तो शुक्रवार को बड़ी संख्या में न मीडिया कर्मचारी धरना देंगे, बल्कि मौके पर प्रदर्शन करते हुए राज्य चुनाव कमिशनर को हटाने तक की मांग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/media-ban-in-state-election-commission/article-7057</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/media-ban-in-state-election-commission/article-7057</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Dec 2018 13:47:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-12/media-ban-in-state-election-commission-copy.jpg"                         length="81808"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता की आकांक्षायें पूरा करना हमारा लक्ष्य: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार की योजनाओं और आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने पर की चर्चा धरने पर बैठे केजरीवाल नीति आयोग की बैठक में नहीं पहुंचे नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दोहरे अंकों में पहुंचाने को एक बड़ी चुनौती करार देते हुए रविवार को कहा कि जनता की आकांक्षायें पूरा करना केंद्र और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/discussion-on-meeting-of-policy-commission-increasing-economic-growth/article-4252"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;"> सरकार की योजनाओं और आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने पर की चर्चा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>धरने पर बैठे केजरीवाल नीति आयोग की बैठक में नहीं पहुंचे</strong><br />
<strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दोहरे अंकों में पहुंचाने को एक बड़ी चुनौती करार देते हुए रविवार को कहा कि जनता की आकांक्षायें पूरा करना केंद्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक भवन में नीति आयोग की संचालन परिषद की चौथी बैठक के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2017 – 18 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गयी है लेकिन अब इसे दोहरे अंकों तक ले जाना एक बड़ी चुनौती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। प्रधानमंत्री ने वस्तु एवं सेवाकर को लागू करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण है। जटिल मुद्दों पर ‘टीम इंडिया’ की भावना परिलक्षित हुई है। मुख्ममंत्रियों की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत अभियान, डिजीटल लेन देन और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर बनी समिति और उपसमितियो के सुझावों को केंद्र सरकार और विभिन्न मंत्रालयों ने लागू किया है। संचालन परिषद देश में ऐितहासिक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।</p>
<h1 style="text-align:justify;"> सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया</h1>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.5 लाख हेल्थ सेंटर खोले गए हैं। 10 करोड़ गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। – समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकार सभी बच्चों की पढ़ाई पर जोर दे रही है। मुद्रा योजना, जन-धन योजना और स्टेंड अप इंडिया जैसी योजनाओं का भी लोगों को लाभ मिला है।<br />
ग्राम स्वराज अभियान को नए तरह से लागू किया गया है। इसमें 45 हजार गांवों को शामिल किया गया है</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/discussion-on-meeting-of-policy-commission-increasing-economic-growth/article-4252</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/discussion-on-meeting-of-policy-commission-increasing-economic-growth/article-4252</guid>
                <pubDate>Sun, 17 Jun 2018 16:10:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/pm-modi.jpg"                         length="63706"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहस के दायरे में निर्वाचन आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय की टिपण्णी को भले ही समाचार पत्रों में बहुत जगह न मिली हो, लेकिन देश की शीर्ष अदालत ने बिल्कुल सटीक बहस को शुरू किया है। देश के हालिया मुख्य चुनाव आयुक्त रहे नसीम जैदी का कार्यकाल समाप्ति के पश्चात अचल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/election-commission-in-the-scope-of-debate/article-2363"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/nivarchan-sadan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पिछले दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय की टिपण्णी को भले ही समाचार पत्रों में बहुत जगह न मिली हो, लेकिन देश की शीर्ष अदालत ने बिल्कुल सटीक बहस को शुरू किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के हालिया मुख्य चुनाव आयुक्त रहे नसीम जैदी का कार्यकाल समाप्ति के पश्चात अचल कुमार जोती को नया मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। यह बात राजनीतिक व प्रशासनिक विश्लेषकों के विमर्श में गंभीरता से उठनी चाहिए कि आखिर दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव कराने का जिम्मा जिस संस्था के ऊपर है, उसकी नियुक्ति की कोई संवैधानिक प्रक्रिया क्यों नहीं है?</p>
<p style="text-align:justify;">देश में सभी शीर्ष पदों पर नियुक्ति की एक विशेष प्रक्रिया है, चाहे वह राष्ट्रपति का पद हो, महालेखा परीक्षक हो या ऊपरी अदालतों के न्यायाधीश हों। परन्तु भारत में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की अनुशंसा पर राष्ट्रपति के द्वारा ही की जाती है और तीन चुनाव आयुक्तों में से श्रेणी में वरिष्ठतम आयुक्त ही मुख्य चुनाव आयुक्त बनता है, लेकिन कई अवसरों पर इस परम्परा को तोड़ा भी गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से सम्बंधित एक विवाद 2009 में उस दौरान भी खड़ा हुआ था, जब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नवीन चावला की मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्ति की गई थी, जबकि नवीन चावला के चुनाव आयुक्त होने के दौरान तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने उन्हें पद से हटाने के सम्बन्ध में राष्ट्रपति को अनुशंसाएं की थी,</p>
<p style="text-align:justify;">जिसे यूपीए सरकार के द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया था और नवीन चावला को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त कर दिया गया। दरअसल एन गोपालस्वामी ने नवीन चावला पर आरोप लगाया था कि वे आयोग की बैठकों के दौरान गुप्त सूचनाओं को कांग्रेस को लीक करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अभी तक नियुक्ति को लेकर किसी कानूनी फ्रेमवर्क को तैयार नहीं किया जा सका है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि वर्ष 1974 में ही तारकुंडे समिति ने सिफारिश की थी कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष लोकसभा तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश की समिति द्वारा की जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रश्न को पुन: जीवित करते हुए पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते समय सरकार से पूछा कि क्यों अभी तक मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की कोई कानूनी प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई है?</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि संविधान में इस बात का उल्लेख है कि चुनाव आयुक्त व मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कानून के द्वारा की जायेगी। यह प्रश्न इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोती मोदी सरकार के दौरान गुजरात के मुख्य सचिव रह चुके हैं और सरकार पर अपने ही खेमे के लोगों को इस पद पर बैठाने का आरोप लग रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल चुनाव आयोग एक ऐसी संस्था है, जिसके ऊपर पूरे लोकतंत्र का विश्वास टिका रहता है। निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने का जिम्मा चुनाव आयोग पर ही होता है। ऐसे में इस संस्था का स्वयं निष्पक्ष एवं पारदर्शी होना बेहद जरूरी हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में सीबीआई प्रमुख एवं मुख्य सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति तक के सम्बन्ध में एक समिति होती है, जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित विपक्ष का नेता शामिल होता है और इस समिति की अनुशंसा पर राष्ट्रपति इनकी नियुक्ति करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह की समिति का प्रावधान चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त के सम्बन्ध में भी होना चाहिए। हालांकि इतिहास को खंगाला जाए, तो अभी तक दागदार दामन किसी भी मुख्य चुनाव आयुक्त का नहीं रहा है, लेकिन आगे भी यही सिलसिला बना रहेगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसलिए एक स्थापित कानूनी फ्रेमवर्क का होना अत्यंत जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यद्यपि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाये जाने के सम्बन्ध में महाभियोग के समान ही प्रक्रिया है, जोकि उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान करती है, लेकिन कोई भी व्यक्ति निष्ठापूर्वक स्वतंत्र रूप से कार्य तब कर सकेगा, जब वह स्वयं उस प्रवृत्ति का हो। हालांकि चुनाव आयोग के इतिहास में निष्ठावान मुख्य चुनाव आयुक्तों की एक मजबूत परंपरा रही है, जिसमें टी.एन. शेषन को चुनाव सुधार के प्रति अपनी कटिबद्धता को लेकर मील का पत्थर माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व में चुनाव आयोग को राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार होना पड़ा है। 1993 में तत्कालीन सरकार ने आयोग को बहुसदस्यीय बना दिया और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति कर दी। निर्वाचन आयोग को बहुसदस्यीय बनाने का निर्णय तत्कालीन सरकार ने इस वजह लिया,</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि नवम्बर 1993 में कई राज्यों की विधानसभा के चुनाव होने थे और निर्वाचन आयोग ने कहा था कि चुनाव कराने के लिए सशस्त्र बलों की पर्याप्त संख्या न मिलने पर और चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक शक्ति न मिलने पर वह चुनाव को रोक देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के इस कदम ने सरकार और चुनाव आयुक्त के बीच टकराव को बढ़ा दिया और एक व्यक्ति में संकेंद्रित शक्तियों को कम करने के लिए 2 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी कर दो अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान किया और मुख्य चुनाव आयुक्त की शक्तियों को चुनाव आयुक्त की शक्तियों के समान कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह देश में सशक्त चुनाव आयोग की शक्तियों पर प्रथम कुठाराघात था और सरकार की इस मनोवृत्ति को स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी संस्था को इतना भी स्वतंत्र नहीं चाहती कि वह सरकार से ज्यादा भी अपने को सशक्त समझने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि सर्वोच्च न्यायालय में जब यह मामला गया, तो न्यायालय ने भी बहुमत के आधार पर सरकार के निर्णय को सही माना और टी.एन. शेषन द्वारा दिखाए जा रहे अतिसक्रियता पर कटाक्ष किया। न्यायालय ने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त शेषन के द्वारा व्यक्तिगत रूप से टीवी मीडिया में इंटरव्यू देने और लोक संवाद स्थापित करने को सही नहीं ठहराया गया। लेकिन यदि इस तर्क को मान भी लिया जाए</p>
<p style="text-align:justify;">कि वर्तमान में चुनाव आयोग की संरचना इस प्रकार है कि वह सशक्त तो है, लेकिन बेलगाम नहीं और सरकार का दो अन्य आयुक्तों की नियुक्ति का कदम उसे अधिक संतुलित बनाने के लिए था, तो ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि सरकार ने 1993 के बाद से लेकर अभी तक चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की डोर अपने ही हाथ में क्यों रखी?</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि ऐसा प्रावधान है कि निर्वाचन सम्बन्धी सभी निर्णय सर्वसम्मति अथवा बहुमत से लिए जायेंगे, तो ऐसे में यदि अन्य निर्वाचन आयुक्त सरकार के प्रभावाधीन होंगे तो आयोग की निष्पक्षता कहां बचेगी और वह कैसे स्वतंत्रता व निष्पक्षता के साथ काम कर पायेगा। सर्वोच्च न्यायालय की चिंता बिल्कुल वाजिब प्रतीत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुद्दा यह भी है एक यही चिंता बृहद स्तर पर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी होनी चाहिए और तत्कालिक रूप से सरकार को एक कानून के द्वारा नियुक्ति समिति का गठन किया जाना चाहिए और इस समिति की संरचना भी वही होनी चाहिए, जिसकी तारकुंडे समिति द्वारा अनुशंसा की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल नियुक्ति समिति में विपक्ष के नेता की जगह सरकार में न होने वाले सबसे बड़े दल के नेता को शामिल किये जाने का प्रावधान होना चाहिए, ताकि वर्तमान स्थिति की तरह सरकार विपक्ष के नेता को नियुक्त ही न करके उस स्थिति से बच न सके।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसा सीवीसी की नियुक्ति के संदर्भ में हुआ। चुनाव आयोग एक संविधानिक गरिमा वाली संस्था है, जिसका लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में अतुलनीय योगदान है, इसीलिए इस संस्था को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-पार्थ उपाध्याय</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/election-commission-in-the-scope-of-debate/article-2363</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/election-commission-in-the-scope-of-debate/article-2363</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jul 2017 22:07:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/nivarchan-sadan.jpg"                         length="98473"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनावों को लेकर चुनाव कमीशन सख़्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में लगेगी पैरामिल्ट्री फोर्स 4 जनवरी से पंजाब में पहुंचने लगेंगी पैरामिल्ट्री फोर्स की कपनियां ChandiGarh, Ashwani Chawla:  शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ मुख्य चुनाव कमीशन को मिल रही शिकायतों को देखने के बाद शिरोमणी अकाली दल लगातार चुनाव कमीशन की सख़्त निगरानी में चल रहा है। चुनाव आयोग ने पंजाब में सबसे ज्यादा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/strict-election-commission-elections/article-659"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/election-cartoon.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश में लगेगी पैरामिल्ट्री फोर्स</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>4 जनवरी से पंजाब में पहुंचने लगेंगी पैरामिल्ट्री फोर्स की कपनियां </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Ashwani Chawla:</strong>  शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ मुख्य चुनाव कमीशन को मिल रही शिकायतों को देखने के बाद शिरोमणी अकाली दल लगातार चुनाव कमीशन की सख़्त निगरानी में चल रहा है। चुनाव आयोग ने पंजाब में सबसे ज्यादा सख़्ती करने की तैयारी करते हुए आदेश जारी कर दिए हैं कि पंजाब में सिर्फ पैरामिल्ट्री फोर्स के नेतृत्व में ही विधान सभा चुनाव करवाए जाएंगे। पंजाब में किसी भी पोलिंग बूथ में तो दूर पोलिंग बूथ के नजदीक भी पंजाब पुलिस की तैनाती नहीं होगी। पंजाब में इस पैरामिल्ट्री फोर्स की तैनाती 4जनवरी से होनी शुरू हो जाएगी और हफ़्ते भर में पंजाब के हर हलके में पैरामिल्ट्री फोर्स पहुंच कर अपनी ड्यूटी संभाल लेगी। इसके साथ ही पंजाब सरकार की कार्यवाही और खास करके शिरोमणी अकाली दल पर तीखी नजर रखने के आदेश मुख्य चुनाव कमिश्नर ने जारी करते हुए अब से ही सख़्ती के साथ आचार संहिता जैसी कार्यवाही शुरू करने के लिए कह दिया है। इसके साथ ही पंजाब के मुख्य सचिव को भी आदेश दिए हैं कि चुनावों से पहले आचार संहिता की तैयारी अनुसार ही कार्यवाही शुरू कर दी जाए और कोई भी ऐसी कार्यवाही न की जाये, जिससे किसी एक पार्टी को फायदा या फिर नुक्सान होता हो।<br />
<strong>सरकारी इमारतों से बैनर और पोस्टर उतारने के आदेश</strong><br />
चुनाव आयोग ने अपने सख़्त आदेशों में पंजाब की सरकारी इमारतें से 24 घंटों के अंदर-अंदर सरकार और राजनैतिक पार्टियों के विज्ञापन उतारने के आदेश जारी कर दिए हैं।इसके साथ पंजाब सरकार की ओर से लगातार जारी किए जा रहे करोड़ा रुपए के इस्तहारों पर भी नजर रखने के लिए कहा है। इसके साथ ही चुनाव कमीशन ने अपने मुख्य चुनाव अधिकारियों को हर शिकायत को 48 घंटों में ही निपटाने के आदेश जारी किये हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/strict-election-commission-elections/article-659</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/strict-election-commission-elections/article-659</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Dec 2016 00:24:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/election-cartoon.jpg"                         length="10204"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बोर्ड-आयोगों के काम जनता के बीच ले जाएगी भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर. बोर्डों और आयोगों में नियुक्त भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी अपने कामों को अब जनता के बीच जाएंगे और सरकार के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने मंगलवार को बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ पहली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bjp-s-board-president-commission-chairs-meeting/article-271"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/bjp-board-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><b>जयपुर.</b> बोर्डों और आयोगों में नियुक्त भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी अपने कामों को अब जनता के बीच जाएंगे और सरकार के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे। <b></b>भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने मंगलवार को बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ पहली बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि सरकार के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में काम किया जाए। अच्छे कार्याें को जनता के बीच लेकर जाएं और यदि कहीं नकारात्मक माहौल बन रहा है तो उसे सकारात्मक दृष्टि अपनाते हुए बदलें। सभी को निर्देश दिए कि अपने बोर्ड और आयोगों में हो रहे कार्याें की सूची तैयार की जाए। प्रत्येक दो माह में एक बार सभी एक साथ बैठकर इनकी चर्चा करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bjp-s-board-president-commission-chairs-meeting/article-271</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bjp-s-board-president-commission-chairs-meeting/article-271</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Nov 2016 12:05:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-11/bjp-board-1.jpg"                         length="22590"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        