<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/ghar-pariwar/tag-16809" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Ghar Pariwar - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/16809/rss</link>
                <description>Ghar Pariwar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बच्चों के दोस्त और मददगार बनें अभिभावक</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों को टीनएज में व्यवहार संबंधी कई समस्याएं आती हैं। पेरेंटस भी उस व्यवहार से एक हद के बाद परेशान हो जाते हैं। टीनएज में हार्मोंस संबंधी बदलाव बच्चों को चिड़चिड़ा बना देते हैं। बच्चे स्वयं को बड़ा महसूस करते हैं। उन्हें लगता है माता-पिता को जो वे कह रहे हैं, वह सभी ठीक ठीक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/be-friends-with-children/article-31361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/children-parents-relationship.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बच्चों को टीनएज में व्यवहार संबंधी कई समस्याएं आती हैं। पेरेंटस भी उस व्यवहार से एक हद के बाद परेशान हो जाते हैं। टीनएज में हार्मोंस संबंधी बदलाव बच्चों को चिड़चिड़ा बना देते हैं। बच्चे स्वयं को बड़ा महसूस करते हैं। उन्हें लगता है माता-पिता को जो वे कह रहे हैं, वह सभी ठीक ठीक है। अब हम बड़े हैं। माँ-बाप को हमारी बात माननी चाहिए जबकि वे अभी भी अपरिपक्व होते हैं। न तो वे इतने छोटे होते हैं कि हम उनकी बात को पूरी तरह टाल सकें या बातों में फुसला सकें, न ही इतने बड़े होते हैं कि हम उनकी हर बात मानें। ऐसे में शुरूआत होती है आपस में टकराव की। अगर पेरेंटस कुछ बातों पर ध्यान दें तो टीनएज बच्चों के साथ मधुर रखने में मदद मिल सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्वयं को ढालें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चों की पसंद का ध्यान रखें। उनके खाने की पसंद का ध्यान रखें, खेलने व पहनने की पसंद का ध्यान रखें। अपनी सोच कि क्या बनना है, बच्चों को यह गेम खेलना चाहिए या इस प्रकार की ड्रेस पहननी चाहिए, उन पर न थोपें। बस उन्हें यह बताएं कि यह ठीक है या नहीं। फैसला उन पर छोड़ दें। उनकी पसंद को समझें और घर का वातावरण उसी के मुताबिक ढालने की कोशिश करें ताकि घर में शांत वातावरण बना रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>थोड़ी छूट दें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चों को भी स्पेस चाहिए, इसलिए उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए थोड़ा समय और छूट दें ताकि वे समाज में जगह बना सें। इसका अर्थ यह भी नहीं कि उन्हें इतनी आजादी दे दें कि वे अपनी मर्जी के मालिक बन जाएं और बुरा भला न पहचानें। आजादी दें पर अपनी आंखें और कान खुले रखें। जहां गलती करें, प्यार से उन्हें समझाएं ताकि उन्हें अहसास हो कि माता पिता ठीक कह रहे हैं। अपनी मर्जी थोपे नहीं बल्कि उसकी भलाई बुराई से वाकिफ कराएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>फैसले लेने का हक भी दें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चे जब बड़े होने लगते हैं तो वे उम्मीद करते हैं कि पेरेंटस उनके द्वारा लिए फैसलों की कद्र करें और उनकी भावनाओं को समझें। छोटे छोटे फैसले उन्हें लेने दें, जिनसे उनका हौसला बुझेगा और जीवन में कुछ कर पाने की उम्मीद भी बेहतर होगी।<br />
इनसे माता-पिता और बच्चों में मधुर संबंध भी बनेंगे। उनकी हर छोटी चीज पर हम अगर फैसला लेते हैं तो उनकी पर्सनेलिटी में निखार नहीं आ पाएगा, न ही वे इंडिपेंडेंट बन पाएंगे। आत्म विश्वास बढ़ने से उनका व्यक्तित्व निखरेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों को प्यार और इज्जत दें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्यार और इज्जत दो ऐसे हथियार हैं, जिनसे आप किसी भी रिश्ते में मजबूती ला सकते हैं। अगर हम ये हथियार बच्चों के साथ प्रयोग में लाएं तो बच्चे भी बदले में हमें वही देंगे जो हम उन्हें देते हैं। बच्चों को बात बात पर गुस्सा न करें, न ही उन्हें बहुत उपदेश दें। बच्चों से जिस व्यवहार की उपेक्षा आप करते हैं वैसा व्यवहार आप उनके साथ करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भरोसा करें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अगर हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे तो विश्वास करें कि वे कुछ गलत नहीं करेंगे। बच्चों को कुछ आजादी दें कि वे लाइफ में आगे बढ़ें पर सही रास्ते अपना कर। माता-पिता का साथ हमेशा उनके साथ है, इसका भरोसा उन्हें दिलाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सहायता करें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कई बार बच्चे स्थिति को पूरी तरह समझ नहीं पाते और गलती कर बैठते हैं। ऐसे में माता-पिता को धीरज बरतते हुए उनकी मदद करनी चाहिए। उन्हें डांटे-फटकारें नहीं, सही रास्ता दिखाएं। रास्ता इस तरह से दिखाएं कि उन्हें सही गलत की पहचान हो सके और आपके सही मार्गदर्शन पर वे गर्व महसूस कर सकें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>माता-पिता आपस में न लड़ें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चों के सामने माता-पिता को लड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि आपसी लड़ाई से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कभी कभी बच्चे इसका लाभ उठाते हैं। अगर आप दोनों बहस किए बिना, लड़े बिना गृहस्थी की गाड़ी का बढ़ाते हैं तो वह समझ जाएंगे कि हम इन्हें ब्लैकमेल नहीं कर सकते, न ही बुद्धू बना सकते हैं। जब आप अकेले हों तो आपसी गिले शिकवे तभी डिस्कस करें और हल ढूंढने का प्रयास करें। रिश्तेदारों की कमियां भी बच्चों के सामने डिस्कस न करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/be-friends-with-children/article-31361</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/be-friends-with-children/article-31361</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 10:45:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-03/children-parents-relationship.gif"                         length="218366"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हँसिये और स्वस्थ रहिए</title>
                                    <description><![CDATA[मानव की स्वभावगत प्रवृत्तियों में से एक बड़ी मोहक प्रवृत्ति है हास्य विनोद की। मनुष्य के अतिरिक्त सभी जानवर खाना एकत्र कर सकते हैं, प्यार जता सकते हैं, परन्तु हंस नहीं सकते। यह वरदान तो सिर्फ मनुष्यों को ही मिला है। ‘हँसी क्या है’ इसकी परिभाषा सर्वप्रथम अंग्रेज फिलासफर थामस हाब्स ने दी। अचानक प्रसन्न […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/laugh-and-be-healthy/article-25422"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/hapiness.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">मानव की स्वभावगत प्रवृत्तियों में से एक बड़ी मोहक प्रवृत्ति है हास्य विनोद की। मनुष्य के अतिरिक्त सभी जानवर खाना एकत्र कर सकते हैं, प्यार जता सकते हैं, परन्तु हंस नहीं सकते। यह वरदान तो सिर्फ मनुष्यों को ही मिला है।<br />
‘हँसी क्या है’ इसकी परिभाषा सर्वप्रथम अंग्रेज फिलासफर थामस हाब्स ने दी। अचानक प्रसन्न होने से जो भाव उत्पन्न हो, वही हँसी है। प्रसिद्ध जापानी कवि नागूची ने भगवान से वरदान मांगा था कि जब जीवन के किनारे की हरियाली सूख गई हो, सूर्य ग्रहण ग्रस्त हो गया हो, मेरे मित्र मुझे कांटों में अकेला छोड़ कर कतरा गये हों व आकाश का सारा क्रोध मेरे भाग्य पर बरस रहा हो तो हे भगवान! मुझ पर इतनी कृपा करना कि मेरे होंठों पर हँसी की उजली लकीर खिंच जाये।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">कई लोग 50-60 के होने पर भी 30-35 के लगते हैं, क्योंकि उनका चिन्ता से क्या वास्ता? हँसते रहो और तरूण बने रहो। हँसना निश्चय ही चिन्ता व मानसिक तनाव को कम कर देता है। बहुत से वक्ता अपने भाषण में हास्य विनोद का पुट रखते हैं ताकि श्रोता देर तक सुनने के पश्चात भी न उकताये। राहुल सांकृत्यायन ऐसे ही वक्ता थे। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी श्रोताओं को हँसा-हँसा लोट-पोट कर देने हेतु विख्यात थे। यहां तक कि श्रोता उनका भाषण रिकार्ड करके रखते थे। हँसने से मस्तिष्क की कार्य क्षमता बढ़ जाती है। गांधीजी ने तो यहां तक कह दिया था, ‘मुझ में हास्य का भाव न होता तो मैंने बहुत पहले ही आत्महत्या कर ली होती।’</h6>
<h6 style="text-align:justify;">बीरबल के हास्य विनोद से सरोबार चुटकुलों ने अकबर के हृदय को किस प्रकार जीत लिया था, यह तो सब जानते ही हैं। एक हंसमुख डॉक्टर को देखकर आधी बीमारी तुरन्त भाग जाती है। साक्षात्कार में भी वह व्यक्ति आसानी से चुन लिया जाता है, जो हँसमुख स्वभाव का हो।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">एक विनोदप्रिय नेता के पीछे अनुगामियों की कतार जुट जाती है। यदि सद् व्यवहार के हाथ हास्य विनोद का मेल हो जाये तो मानों सोने पे सुहागा हो जाएगा। सचमुच हँसी दिमाग के बोझ को समाप्त कर देती है। सफर में एक चुटकुला श्रोता को हँसा सकता है और सुनाने वाले को परिचित बना सकता है, हँसने का शरीर पर तुरन्त प्रभाव पड़ता है।<br />
फ्रेंच फिलासकर शेफर्ट की यह उक्ति सदैव याद रखनी चाहिए, ‘मैं उसे जिंदगी का सबसे व्यर्थ दिन मानता हूँ, जिस दिन मुझे हंसना याद न रहा हो।’<br />
मनुष्य हास्य विनोद की अचूक औषधि से कड़वा पत्थर भी पचा सकता है। ‘हास्य विनोद’ से सफल जीवन के अधिकारी बनें और अन्य व्यक्तियों के मन को आह्लादित करते रहें।</h6>
<p style="text-align:right;"><strong>-धीरज लोढ़ा</strong></p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/laugh-and-be-healthy/article-25422</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/health/laugh-and-be-healthy/article-25422</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jul 2021 16:26:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-07/hapiness.gif"                         length="179588"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपके चेहरे को चमका देगा शहद</title>
                                    <description><![CDATA[हर व्यक्ति की त्वचा अलग-अलग किस्म की होती है। तैलीय त्वचा वाली महिलाओं को गर्मी और उमस में विशेष रूप से काफी परेशानी होती है। इस तरह की त्वचना पर धूप और धूल का बेहद बुरा असर पड़ता है। कील-मुहांसे, काले धब्बे आदि जैसी अनेक समस्याएं ऐसी त्वचना के साथ बनी रहती हैं। तेल की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/honey-will-brighten-your-face/article-23359"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/honey-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हर व्यक्ति की त्वचा अलग-अलग किस्म की होती है। तैलीय त्वचा वाली महिलाओं को गर्मी और उमस में विशेष रूप से काफी परेशानी होती है। इस तरह की त्वचना पर धूप और धूल का बेहद बुरा असर पड़ता है। कील-मुहांसे, काले धब्बे आदि जैसी अनेक समस्याएं ऐसी त्वचना के साथ बनी रहती हैं। तेल की अधिकता की वजह से त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे शरीर में मौजूद गंदगी बाहर नहीं निकलपाती। हालांकि तैलीय त्वचा आम समस्या है लेकिन इसके समाधान के लिए महिलाएं महंगे सौंदर्य प्रसाधनों के अलावा ब्यूअी सैलून, स्पा का सहारा भी लेती हैं। पर इससे फायद की जगह नुकसान हो जाता है। कुछ घरेलू उपाय इस्तेमाल करके देखें।</p>
<h4><strong>शहद, दही और हल्दी</strong></h4>
<ol>
<li style="text-align:justify;">शहद तैलीय त्वचा पर रामबाण का काम करता है। यह क्लींजर का काम करके त्वचा के छिद्रों को खोलता है और गंदगी को बाहर निकालकर निखार लाता है। तैलीय त्वचा में हल्दी-दही का फेस मास्क फायदेमंद होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">एक कप दही में 2 चम्मच हल्दी, 2 चम्मच शहद और 2 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर बाद धो लें। इससे त्वचना का तैलीयपन खत्म होगा व निखार आएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">तिल, सूखे पुदीने के पत्ते और शहद लें। तिल के बीज को बारीक पीसकर सूखे पुदीने के पत्तों का पाउडर बना लें। उन्हें मिलाएं और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर चेहरे पर लगा लें। 15 मिनट के लिए छोड़ दें। धीरे से रगड़ें और ताजे पानी से चेहरा धो लें।</li>
<li style="text-align:justify;">तरबूज का रस भी एक अच्छा स्किन टोनर है। यह गर्मियों की खुश्की से राहत प्रदान करने में मदद करता है।</li>
<li style="text-align:justify;">तैलीय त्वचा के लिए पपीते के गूदे को मास्क की तरह चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद इंजाइम एक शक्तिशाली क्लींजर हैं।</li>
</ol>
<p><strong>शहनाज हुसैन, ब्यूटी एक्सपर्ट</strong></p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/honey-will-brighten-your-face/article-23359</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/honey-will-brighten-your-face/article-23359</guid>
                <pubDate>Mon, 03 May 2021 14:10:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-05/honey-1.jpg"                         length="11715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Imarti: इमरती</title>
                                    <description><![CDATA[सामग्री उड़द की दाल धुली : 250 ग्राम चीनी : एक किलोग्राम केसर : 8-10 पत्तियां मैदा : 25 ग्राम खाने वाला नारंगी रंग विधि दाल को अच्छी तरह धोकर भिगों दें। दाल कम से कम 4 घंटे भीगी रहने दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए। इसके बाद दाल का पानी निकालकर उसे खूब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/imarti/article-20885"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/imarti.jpg" alt=""></a><br /><h2>सामग्री</h2>
<p>उड़द की दाल धुली : 250 ग्राम<br />
चीनी : एक किलोग्राम<br />
केसर : 8-10 पत्तियां<br />
मैदा : 25 ग्राम<br />
खाने वाला नारंगी रंग</p>
<h2>विधि</h2>
<ol>
<li>दाल को अच्छी तरह धोकर भिगों दें। दाल कम से कम 4 घंटे भीगी रहने दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए।</li>
<li>इसके बाद दाल का पानी निकालकर उसे खूब महीन पीस लें। पिसी हुई दाल, व मैदा व रंग मिलाकर एक परात में डालकर काफी देर तक फेंटें, जिससे दाल में हल्कापन आ जाए।</li>
<li>एक किलोग्राम चीनी में एक लीटर पानी डालकर व केसर की पत्तियां डालकर एकतार की चाशनी तैयार करें।</li>
<li>एक समतल कड़ाही में घी गर्म करें। फेंटी हुई दाल को एक कपड़े के टुकड़े में भरें, जिसमें एक छोटा सा छेद हो, इसे लतना कहते हैं।</li>
<li>इस छेद में से सावधानी से फेंटी दाल को हाथ से दबाकर कंगन के आकार में बनाते जाएं और सीधे घी में ही डालते जाएं।</li>
<li>मध्यम आंच पर इमरती सेकिए व सिक जाने पर घी में से निकालकर चाशनी में डाल दें। जब इमरती चाशनी पी ले तो उन्हें निकाल कर एक थाल में सजा दें।</li>
</ol>
<p> </p>
<p><strong>अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/imarti/article-20885</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/imarti/article-20885</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Dec 2020 15:45:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/imarti.jpg"                         length="18086"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तनाव को करें दूर</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना वायरस के कारण इस समय हर व्यक्ति किसी न किसी तरह के तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में मेडिटेशन से तन और मन को कुछ राहत मिलती है। तनाव को दूर करने के लिए एक्सरसाइज और अच्छी नींद भी उपाय है। जो कार्य आपको सर्वाधिक पसंद है और आप घर पर रहकर ही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/remove-stress/article-20851"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/tension.gif" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">कोरोना वायरस के कारण इस समय हर व्यक्ति किसी न किसी तरह के तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में मेडिटेशन से तन और मन को कुछ राहत मिलती है।</li>
<li style="text-align:justify;">तनाव को दूर करने के लिए एक्सरसाइज और अच्छी नींद भी उपाय है।</li>
<li style="text-align:justify;">जो कार्य आपको सर्वाधिक पसंद है और आप घर पर रहकर ही कर सकते हैं, उसमें बिजी रहने का प्रयास करें।</li>
<li style="text-align:justify;">अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताएं और उनके साथ अपनी परेशानी को साझा करें। हो सकता है उनके किसी सुझाव से परेशानी का हल निकल आए। और कहा भी जाता है कि गम बांटने से आधा हो जाता है और खुशी बांटने से दोगुनी होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">इस मुश्किल दौर में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो रोजी-रोटी तक के लिए जूझ रहे हैं, ऐसे में अगर आप उनकी मदद करने में सक्षम हैं तो जरूर करें। ऐसा करने से आपको आत्मिक संतुष्टि मिलेगी और दिमाग को सुकून।</li>
</ul>
<p><strong>अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/remove-stress/article-20851</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/remove-stress/article-20851</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Dec 2020 17:23:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/tension.gif"                         length="163693"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rice Raspberry : चावल की रसभरी</title>
                                    <description><![CDATA[सामग्री : ताजा पनीर : 200 ग्राम चीनी : 500 ग्राम चावल का आटा : 100 गुलाब जल : एक छोटा चम्मच पिस्ते कटे हुए : एक बड़ा चम्मच विधि: 1. एक चौड़े मुंह के बर्तन में चीनी और 500 मिली. पानी डालकर एक तार की चाशनी बनाकर उतार लें। थोड़ी ठंडी होने पर इसमें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/rice-raspberry/article-20703"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/rasbari.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सामग्री :</strong><br />
ताजा पनीर : 200 ग्राम<br />
चीनी : 500 ग्राम<br />
चावल का आटा : 100<br />
गुलाब जल : एक छोटा चम्मच<br />
पिस्ते कटे हुए : एक बड़ा चम्मच</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />
1. एक चौड़े मुंह के बर्तन में चीनी और 500 मिली. पानी डालकर एक तार की चाशनी बनाकर उतार लें। थोड़ी ठंडी होने पर इसमें गुलाब जल डाल दें।<br />
2. पनीर को कद्दूकस करके उसमें चावल का आटा डालें और अच्छी तरह गूंध लें।<br />
3. गूंधे आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर चाशनी में डाल दें।<br />
4. चाशनी को आंच पर चढ़ा दें। 15-20 मिनट मध्यम आंच पर उबलने दें, फिर आंच बंद कर दें।<br />
5. रसबरी को चाशनी सहित फ्रिज में रखकर ठंडा करें।<br />
6. चाशनी छानकर रसबरी को समतल प्लेट में रखें, चांदी का वर्क लगाएं। ऊपर से पिस्ते बुरकें और ठंडा सर्व करें।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/rice-raspberry/article-20703</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/rice-raspberry/article-20703</guid>
                <pubDate>Sun, 20 Dec 2020 16:33:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/rasbari.jpg"                         length="13733"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस पाठशाला का हर स्टूडेंट होनहार</title>
                                    <description><![CDATA[बेटा आपको एबीसीडी आती है? प्रिंसीपल के इतना पूछते ही नन्हीं परी सी खुशी माँ की गोदी से उतरी और ठुमकते-ठुमकते शुरू हो गई एबीसीडी गेट अप एंड स्टैंड, इएफ जीएच वेव योर हैंड…। दाखिले के लिए पूछे गए इस सवाल पर दिए गए जवाब का प्रिंसीपल पर जो प्रभाव पड़ो, लेकिन खुद खुशी की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/every-student-of-this-school-is-promising/article-20037"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/smart-class.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बेटा आपको एबीसीडी आती है? प्रिंसीपल के इतना पूछते ही नन्हीं परी सी खुशी माँ की गोदी से उतरी और ठुमकते-ठुमकते शुरू हो गई एबीसीडी गेट अप एंड स्टैंड, इएफ जीएच वेव योर हैंड…।<br />
दाखिले के लिए पूछे गए इस सवाल पर दिए गए जवाब का प्रिंसीपल पर जो प्रभाव पड़ो, लेकिन खुद खुशी की माँ कविता हैरान थी। इसे तो ये कभी सिखाया ही नहीं, कहां से सीखा! बाद में पता चला कि उसके जन्मदिन पर जब चाचा आए थे तो दो-तीन दिन में उन्होंने मोबाइल पर विडियो दिखाकर ये सब सिखाया था।<br />
कविता को याद आ गए वे दिन जब छोटी बहन के बेटे को इसी एबीसीडी सिखाने के लिए उन्हें पसीने आ गए थे। आज बच्चे बड़े चाव से इन मजेदार विडियोज से प्राथमिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। माता-पिता को भी अब ज्यादा सिर खपाई नहीं करनी पड़ती।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>न गुरु दक्षिणा की जरूरत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बेशक हम आज भी गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाव… का संस्कार और सम्मान रखते हैं। लेकिन यह भी सच है कि आज की तारीख में इंटरनेट से बड़ा कोई शिक्षक नहीं है। भूमिकाएं और परंपराएं बदल सी गई नजर आती हैं। इस नए शिक्षक के दौर में गुरु दक्षिणा मांगने वाला गुरु द्रोण जैसा कोई नहीं है, सब सिर्फ एक बटन, एक क्लिक भर करने पर उपलब्ध हो जाता है। पाठ याद न करने पर न कोई कान मरोड़ता है और न क्लास मिस करने का भय। न क्लास के बाद सर या मैडम ने कहा क्या, यह नोट्स में ढूंढते रहने की दरकार।<br />
इंटरनेट (Internet) के इस सुखद दौर में हर कोई एकलव्य बन रहा है।</p>
<h4><strong>स्मार्ट कक्षाओं का बढ़ रहा प्रचलन</strong></h4>
<p>एक वक्त था जब बच्चे का एडमिशन करवाने से पहले अभिभावक वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता देखते थे, लेकिन आज देखते हैं कि स्कूल में स्मार्ट क्लास सुविधा है या नहीं। स्मार्ट क्लासेज का बिजनेस आज 20 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है। एवरॉन, कोर एजुकेशन, एडुकॉम्प, टाटा इंटरएक्टिव सर्विस, एनआईआईटी जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में मुस्तैद हैं।</p>
<h4><strong>आत्मविश्वास भर रहे तकनीकी शिक्षक</strong></h4>
<p>होम मेकर राधा महेश्वरी कहती हैं कि एक वक्त उन्हें इंटरनेट की एबीसीडी का पता नहीं था, लेकिन यहीं से वीडियो पर मैंने नई-नई रेसेपी बनाना सीखा और आज किटी पार्टियों में अपना बनाया हुआ खाना सप्लाई करती हूँ।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/every-student-of-this-school-is-promising/article-20037</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/every-student-of-this-school-is-promising/article-20037</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Nov 2020 04:44:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-11/smart-class.jpg"                         length="21850"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिवरिश में रखें सकारात्मक सोच</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे खुश रहें और उनका पालन पोषण सही तरीके से हो, इसके लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। बच्चों की मजेदार गतिविधियों में शामिल होने के लिए विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं। ऐसा करके आप माता-पिता के तौर पर उनमें नैतिकता के भाव भर सकते हैं। जबकि व्यस्त दिनचर्या के चलते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/keep-positive-thinking-in-upbringing/article-18441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/positive-thiking.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>बच्चे खुश रहें और उनका पालन पोषण सही तरीके से हो, इसके लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।</strong></h3>
<p>बच्चों की मजेदार गतिविधियों में शामिल होने के लिए विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं। ऐसा करके आप माता-पिता के तौर पर उनमें नैतिकता के भाव भर सकते हैं। जबकि व्यस्त दिनचर्या के चलते ज्यादा अभिभावक ऐसा नहीं कर पाते हैं। जीवन का असल मकसद और सबक सिखाने के लिए आपको उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना होगा। ऐसा करने पर बच्चे आपसे कोई बात नहीं छुपाएंगे।</p>
<h4><strong>चिल्लाएं नहीं</strong></h4>
<p>बच्चों को डांटने की बजाय तर्क के माध्यम से स्थिति से शांति से निपटने पर फोकस रखें। उनकी राय और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें और उनके साथ प्रभावी और स्नेहपूर्ण संवाद करें।</p>
<h4><strong>नियम करें परिभाषित</strong></h4>
<p>कुछ नियम बनाना बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। अपने बच्चे के साथ नियमों पर चर्चा करें और उन्हें आत्मसम्मान बढ़ाने के लिए स्वस्थ तरीके से उनका पालन करने के लिए प्रोत्साहित अवश्य करें।</p>
<h4><strong>दें अच्छा उदाहरण</strong></h4>
<p>बच्चे अक्सर माता-पिता के कार्यों और व्यवहार को देखते बहुत ज्यादा सिखते हैं और ऐसा ही करने की कोशिश करते हैं। इसलिए स्वस्थ आदतों और हर चीज के प्रति अच्छे दृष्टिकोण का अभ्यास करना चाहिए।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_8a8 td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_f50 td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/keep-positive-thinking-in-upbringing/article-18441</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/keep-positive-thinking-in-upbringing/article-18441</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Sep 2020 11:01:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/positive-thiking.gif"                         length="173670"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान! लक्षणों को बदल रहा है कोराना</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना ने पूरी दुनिया में कहर भरपा रखा है। पहले जहां इसके कुछ गिने चुने लक्षण बताए जा रहे थे, लेकिन इनमें बड़ा इजाफा दर्ज किया जा रहा है। बीते 4 महीने में ही कोरोना 15 से ज्यादा नए लक्षण सामने आए हैं। इसलिए हमें कोरोना को हराने के लिए और ज्यादा सचेत और सतर्क […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/symptoms-of-corona/article-14539"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/symptoms-of-corona.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोरोना ने पूरी दुनिया में कहर भरपा रखा है। पहले जहां इसके कुछ गिने चुने लक्षण बताए जा रहे थे, लेकिन इनमें बड़ा इजाफा दर्ज किया जा रहा है। बीते 4 महीने में ही कोरोना 15 से ज्यादा नए लक्षण सामने आए हैं। इसलिए हमें कोरोना को हराने के लिए और ज्यादा सचेत और सतर्क होने की आवश्यकता है। इटली और स्पेन में इसके और भी अलग लक्षण मालूम हुए हैं। वैसे तो हम सभी यह जानते हैं कि कोरोना वायरस के लक्षण फ्लू से मिलते जुलते हैं।</p>
<h3><strong>कोरोना के आम लक्षण नहीं दिखाई दे रहे</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">संक्रमण के होने के फलस्वरूप बुखार, जुखाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती है। पर क्या आप जानते हैं कि ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है जिसमें कोरोना के वे आम लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर चिकनपॉक्स में पैरों पर दिखने वाला जामुनी रंग का घाव भी कोरोना संक्रमण का एक लक्षण हो सकता है। इन दोनों देशों में ऐसे लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिनके अंगूठे में गहरे घाव थे। पैरों में घाव के मामलों का कनेक्शन कोरोनावायरस से है यह दावा इटली और स्पेन के विशेषज्ञों ने किया है। सबसे ज्यादा ऐसे मामले बच्चों में मिले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले 4 महीने के अंदर कोरोना के 15 से ज्यादा नए लक्षण देखे गए हैं। हमें कोरोना से और ज्यादा सचेत होने की जरूरत है। इटली और स्पेन में इसके और भी अलग लक्षण मालूम हुए हैं आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में :-</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे बुखार, मांसपेशियों में अकड़न और सांस में तकलीफ। संक्रमण की शुरूआत में ही ऐसे बदलाव दिखाई दे रहे हैं जिसे लोग संक्रमण का इशारा नहीं समझ पा रहे जैसे गंध महसूस न कर पाना, सिरदर्द, बोलते-बोलते सुध-बुध खो देना, पेट में दर्द और दिमाग में खून के थक्के जमना। एक्सपर्ट से जानिए, संक्रमण के कौन से लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>1. पहले पैर में गहरे रंग का घाव फिर शरीर में खुजली और मांसपेशियों में अकड़न।</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इटली में कोरोना के संक्रमण की शुरूआत में 13 साल के बच्चे का मामला सामने आया। उसके पैरों में गहरे रंग का घाव था जैसे किसी कीड़े के या मकड़ी के काटने का निशान हो। घाव बढ़ने पर उसे 8 मार्च को अस्पताल ले जाया गया। दो दिन बाद उस बच्चे में बुखार, सिरदर्द, शरीर में खुजली, घाव पर जलन, मांसपेशियों में दर्द के लक्षण दिखे।<br />
जब बच्चे के इन लक्षणों पर अध्ययन किया गया तो पाया गया कि हॉस्पिटल में हर पांच में एक बच्चे की चमड़ी पर अलग किस्म के बदलाव दिख रहे हैं। काउंसिल की रिपोर्ट में सामने आया कि ऐसे मामले इटली, स्पेन और फ्रांस में कोरोना से संक्रमित मरीजों में मिले हैं, इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>2. फूड पॉइजनिंग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">चीन से मिले आंकड़ों के अनुसार 50 फीसदी कोरोना मरीजों में पेट में दर्द, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण देखे गए। अमेरिकन जर्नल आॅफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित शोध के मुताबिक, चीन के हुबेई प्रांत में कोरोना के 204 मरीजों पर हुई रिसर्च में इसकी पुष्टि हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>3. गंध और स्वाद न पहचान पाना शुरूआती लक्षण</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">गंध या खुशबू को सूंघ न पाना और स्वाद महसूस न होना भी कोरोना संक्रमण का शुरूआती लक्षण है। ब्रिटिश रायनोलॉजिकल सोसायटी के प्रेसिडेंट निर्मल कुमार के मुताबिक, दक्षिण कोरिया, चीन और इटली में कोरोना पीड़ितों में इसकी पुष्टि हुई है। रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में कोरोना से पीड़ित 30 फीसदी लोगों ने गंध को न सूंघ पाना सबसे प्रमुख लक्षण था। बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के अलावा यह भी एक अहम लक्षण है, जो संक्रमण पहचानने में मददगार साबित हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>4. बोलते-बोलते सुध-बुध खोना:</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इटली की ब्रेसिका यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल से जुड़े डॉ. एलेसेंड्रो पेडोवानी के मुताबिक, कोरोना के मरीजों में ऐसा ही बदलाव इटली और दुनिया के दूसरे हिस्से डॉक्टरों ने भी नोटिस किया। इसमें ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी दौरे, एन्सेफेलाइटिस के लक्षण, दिमाग में खून के थक्के जमना, सुन्न हो जाना जैसी स्थिति शामिल हैं। कुछ मामलों में कोरोना का मरीज बुखार और सांस में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने से पहले ही बेसुध हो जाता है।<br />
अब पेट में दर्द महसूस होना, गंध या स्वाद का पता न चलना, लगातार सिरदर्द महसूस, पैर में जामुनी रंग का घाव होने पर इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टरी सलाह लें।<br />
अगर आपको ऊपर लिखे कोई लक्षणों में से एक भी लक्षण दिखे तो कृपया करके डॉक्टर से संपर्क करें या अपने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/symptoms-of-corona/article-14539</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/symptoms-of-corona/article-14539</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2020 15:28:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-04/symptoms-of-corona.jpg"                         length="63982"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        