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                <title>Migrant Laborers - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Migrant Laborers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कार की चपेट में आने से दो प्रवासी मजदूरों सहित तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बाइक के पीछे लगी जुगाड़ गाड़ी के साथ कार टकराने से हुआ हादसा गंभीर घायलों को रोहतक पीजीआई किया रेफर | road accident झज्जर (सच कहूँ न्यूज)। झज्जर में एक बार फिर से तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक भीषण सड़क हादसे (road accident) में दो प्रवासी मजदूरों सहित तीन लोगों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/three-including-two-migrant-laborers-died-after-being-hit-by-a-car/article-39770"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/2020-26-accidents-occurred-daily-on-the-roads-of-haryana-13-people-lost-their-lives.gif" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>बाइक के पीछे लगी जुगाड़ गाड़ी के साथ कार टकराने से हुआ हादसा </strong></li>
<li><strong>गंभीर घायलों को रोहतक पीजीआई किया रेफर | <span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">road accident</span></span></span><br />
</strong></li>
</ul>
<p><strong>झज्जर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> झज्जर में एक बार फिर से तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक भीषण सड़क हादसे <strong>(<span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">road accident</span></span></span>)</strong> में दो प्रवासी मजदूरों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा मोटरसाईकिल के पीछे बंधी जुगाड़ ट्राली से एक कार के टकरा जाने के कारण हुआ। हादसे में दस अन्य लोगों को भी चोट पहुंची है, जिनमें से नौ को तो उनकी गंभीर हालत देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है, जबकि एक का झज्जर के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। हादसे में जो लोग घायल हुए उनमें अधिकांश प्रवासी मजदूर शामिल है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बाइक के पीछे लगाई गई एक जुगाड़ ट्राली में दर्जन भर मजूदर सवार होकर जा रहे थे। बताया जाता है कि जब वह रोहतक रोड़ स्थित रेलवे फाटक के पास पहुंचे तो उसी दौरान तेज गति से आई एक आई-20 कार ने इनकी जुगाड़ गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-</strong><a href="http://10.0.0.122:1245/reduction-in-incidents-of-stubble-burning-in-haryana/">पंजाब की तुलना में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी</a></p>
<p>हादसा इतना जबरदस्त था कि जुगाड़ ट्राली में सवार मजदूरों में युवती रूपा व भीकम पुत्र हरीलाल निवासी यूपी और समेर सिंह पुत्र रण सिंह निवासी गांव गुढ़ा जिला झज्जर की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। यहां स्थानीय चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।</p>
<p>जांच अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि कार और एक बाइक के पीछे जुगाड़ ट्राली के आपस में टकरा जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दस लोग घायल हुए है। इनमें से नौ लोगों को रोहतक पीजीआई में रेफर किया गया है और एक का इलाज झज्जर के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 18:49:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रवासी मजदूरों की 150 झुग्गियां जलकर राख, कर्मचारी झुलसा</title>
                                    <description><![CDATA[शिमला(एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में ऊना जिले में आज भीषण अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) की 150 से भी अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई। यह हादसा हरोली उपमंडल के तहत पड़ते बाथू गांव में गुरुवार को सामने आया, जिसमें एक दमकल विभाग का कर्मचारी भी झुलस गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/150-shanties-of-migrant-laborers-burnt-to-ashes-worker-scorched/article-31952"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/migrant-laborers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिमला(एजेंसी)।</strong> हिमाचल प्रदेश में ऊना जिले में आज भीषण अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) की 150 से भी अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई। यह हादसा हरोली उपमंडल के तहत पड़ते बाथू गांव में गुरुवार को सामने आया, जिसमें एक दमकल विभाग का कर्मचारी भी झुलस गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आगजनी की घटना की सूचना मिलते ही इंडस्ट्रियल एरिया टाहलीवाल के दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आगजनी पर काबू पाते हुए फायर ब्रिगेड का एक कर्मचारी आग की चपेट में आने से झुलस गया है। जिसे उपचार के लिए नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया है। आगजनी के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच में संयुक्त रूप से जुटी है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ उपायुक्त राघव शर्मा ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अग्निकांड के प्रभावित प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) को प्राथमिकता के आधार पर फौरी राहत प्रदान की जा रही है। अधिकतर प्रवासी मजदूर क्षेत्र के उद्योगों में काम करने वाले थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 20:41:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी से दूबलधन गांव में मजदूरी करने आया था रविन्द्र झज्जर (सच कहूँ न्यूज)। झज्जर के गांव में एक प्रवासी मजदूर (Migrant Laborer) की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि मार पिटाई के बाद मजदूर को बेरी के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जहां […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/migrant-laborer-beaten-to-death/article-31076"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/migrant-laborer-fell-from-tree.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>यूपी से दूबलधन गांव में मजदूरी करने आया था रविन्द्र</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> झज्जर के गांव में एक प्रवासी मजदूर (Migrant Laborer) की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि मार पिटाई के बाद मजदूर को बेरी के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक प्रवासी मजदूर की पहचान रविन्द्र कुशीनगर (यूपी) का रहने वाला था।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच अधिकारी के अनुसार रविन्द्र यहां गांव दूबलधन में मजदूरी का काम करता था। उन्होंने बताया कि रविन्द्र का सुकेश के परिवार के साथ झगड़ा हुआ था। उसी झगड़े में प्रवासी मजदूर (Migrant Laborer) रविन्द्र पर लाठी- डंडों से हमला किया गया। बाद में रविन्द्र ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सूचना पुलिस ने मृतक (Migrant Laborer) के परिजनों को भी दी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर सुकेश, मंजीत, दौलत व रविकांत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। सुंदरपाल एसएचओ बेरी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Feb 2022 18:04:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों में घर जाने की लगी होड़</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रेनों से जाने के लिए प्रवासी मजदूरों की रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। लॉकडाउन के पहले दिन भी प्रवासी मजदूरों का अपने घरों की तरफ पलायन करने का सिलसिला जारी रहा। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को भी अपने घर जाने वाले प्रवासी मजदूरों की भीड़ रही। प्रवासी मजदूरों में घर जाने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/migrant-laborers-competing-for-home-after-lockdown/article-23396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/migrant-laborers-competing-for-home-after-lockdown.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ट्रेनों से जाने के लिए प्रवासी मजदूरों की रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)</strong>। लॉकडाउन के पहले दिन भी प्रवासी मजदूरों का अपने घरों की तरफ पलायन करने का सिलसिला जारी रहा। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को भी अपने घर जाने वाले प्रवासी मजदूरों की भीड़ रही। प्रवासी मजदूरों में घर जाने की होड़ लगी हुई थी। छोटे छोटे बच्चों व परिवार के साथ घर जाने के लिए प्रवासी मजदूरों के पास सामान के बैग भी थे। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले प्रवासी मजदूर कोविड के नियमों की पालना करते भी दिखे।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी यात्री को बिना मास्क लगाए रेलवे प्लेटफार्म पर जाने नहीं दिया गया। बता दें कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सोमवार से एक सप्ताह तक के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। लॉकडाउन की घोषणा होते ही रविवार को ही प्रवासी अपना सामान लेकर घर लौटने लगे थे। उन्हें डर सता रहा था कि पिछले साल जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो यातायात अचानक बंद होने से उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ा था। इतना ही नहीं उन्हें खाने के लाले भी पड़ गए थे और प्रवासी मजदूर सैकड़ो किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लॉकडाउन के कारण कामकाज बंद</h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि रविवार को ही प्रवासी मजदूरों का घर लौटने का क्रम शुरू हो गया था। सोमवार व मंगलवार को भी प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर जाते दिखे। रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही घर जाने वाले प्रवासी मजदूर परिवारों के साथ जुटने शुरू हो गए थे। घर लौट रहे कई प्रवासी मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कामकाज बंद हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मजदूरों का कहना है कि यदि लॉकडाउन को बढा दिया तो उन्हें यहां खाली बैठ कर खाना पड़ेगा। इसलिए वे अपने घर वापस जा रहे हैं। कई मजदूरों ने बताया कि उन्होंने कई दिन पहले ही पूरे परिवार की टिकटें बुक करवा दी थी, क्योंकि पिछली बार उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसलिए उन्होंने अबकी बार रिस्क नहीं लिया और इसलिए जल्दी ही घर निकल पड़े हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध</h4>
<p style="text-align:justify;">बिहार के पटना के रहने वाले राजू मंडल ने बताया कि उनके कई साथी रविवार को ही बस से दिल्ली के लिए निकल पड़े और आज उनके कई साथी रेलवे से दिल्ली जा रहे हैं। वहां से वे बिहार जाने वाली ट्रेन पकड़ कर घर जाएंगे। उनका कहना था कि लॉकडाउन कितने दिन चलेगा, यह किसी को पता नहीं है। इसलिए वे अपने घर जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर राजकीय रेलवे पुलिस के प्रभारी ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए थे। किसी भी यात्री को बिना मास्क के रेलवे स्टेशन के अंदर नहीं जाने दिया गया। रेलवे पुलिस के कर्मियों ने प्रवासी मजदूरों की टिकटें बुक कराने और उनका सामान ट्रेनों तक पहुंचाने में उनका सहयोग किया।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 May 2021 20:43:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>झज्जर से 991 प्रवासियों को अपने भेजा घर</title>
                                    <description><![CDATA[झज्जर से जिला से प्रवासी श्रमिकों को किया गया रोडवेज बस में रवाना।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/991-migrants-from-jhajjar-sent-to-their-home/article-15588"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrant-laborers-5.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>निर्धारित शेड्यूल के तहत प्रक्रिया जारी (Migrant Laborers)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> झज्जर जिले से शनिवार को कुल 991 प्रवासी लोग अपने गृह राज्यों में भेजे गए। उपायुक्त जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में झज्जर व बहादुरगढ़ मुख्यालय से रोडवेज की बसों में प्रवासी श्रमिकों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। झज्जर में एसडीएम शिखा की देखरेख में झज्जर से भागलपुर बिहार के लिए 27 प्रवासी लोग, त्रिपुरा के लिए 5 प्रवासी, बहादुरगढ़ क्षेत्र से बिहार भागलपुर के लिए 73, त्रिपुरा के लिए 29 व यूपी के लिए 857 प्रवासी लोगों को भेजा गया है। एसडीएम शिखा ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया उपरांत ही उनके गृह जिलों में भेजने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है। वहीं एसडीएम तरूण पावरिया की देखरेख में बहादुरगढ़ से प्रवासी श्रमिक गंतव्य की ओर रवाना हुए।</p>
<h4><strong>रोडवेज की दो बसों में बैठाकर रोहतक रेलवे स्टेशन भेजा गया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बहादुरगढ़ एसडीएम तरूण कुमार पावरिया ने बताया कि शनिवार को निर्धारित शेड्यूल अनुसार बहादुरगढ़ क्षेत्र से 73 प्रवासी लोगों को बिहार के भागलपुरी के लिए रवाना किया। (<strong>Migrant Laborers) </strong>भागलपुरी जाने वाले प्रवासी लोगों को रोडवेज की दो बसों में बैठाकर रोहतक रेलवे स्टेशन भेजा गया, जहां से विशेष श्रमिक ट्रेन से वे बिहार के लिए रवाना हुए। वहीं त्रिपुरा जाने वाले 29 लोगों को एक बस में बैठाकर गुरूग्राम भेजा गया है, जहां से विशेष ट्रेन से उक्त प्रवासी लोग त्रिपुरा के लिए भेजे जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ कलस्टर के लिए रोडवेज की 7 बसों में 245 प्रवासी श्रमिक, इटावा कलस्टर के लिए 6 बसों में 210 प्रवासी श्रमिक, मुरादाबाद कलस्टर के लिए एक बस में 36 प्रवासी श्रमिक तथा बरेली कलस्टर के लिए 10 बसों में 366 प्रवासी श्रमिकों को भेजा गया है।उन्होंने बताया कि सभी प्रवासी लोगों के स्वास्थ्य की जांच उपरांत ही उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2020 17:22:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>लॉकडाउन ने प्रवासी मजदूरों को दिया सबसे ज्यादा दर्द: राहुल</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना महामारी ने बहुत लोगों को चोट पहुंचायी है लेकिन इसने सबसे ज्यादा दर्द प्रवासी मजदूरों को दिया है जिन्हें पीटा गया, रोका गया, डराया-धमकाया गया किंतु वे रुके नहीं और अपने घरों की तरफ चलते रहे। गांधी ने प्रवासी मजदूरों के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lockdown-given-the-most-pain-to-migrant-laborers-rahul/article-15581"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrant-laborers-..jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना महामारी ने बहुत लोगों को चोट पहुंचायी है लेकिन इसने सबसे ज्यादा दर्द प्रवासी मजदूरों को दिया है जिन्हें पीटा गया, रोका गया, डराया-धमकाया गया किंतु वे रुके नहीं और अपने घरों की तरफ चलते रहे। गांधी ने प्रवासी मजदूरों के साथ बातचीत का एक वीडियो शनिवार को जारी करते हुए कहा कि मजदूरों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। वह उनकी समस्याओं के निदान का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा से अपने घरों को लौट रहे उत्तर प्रदेश के कुछ श्रमिकों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनते हुए कहा कि रोजी रोटी छिनने के कारण परेशान हजारों मजदूर पैदल सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मजदूर सिर्फ काम चाहते हैं। प्रवासी श्रमिक इस बात से सबसे ज्यादा नाराज हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन लागू करते समय उनकी परवाह नहीं की तथा एकाएक लॉकडाउन की घोषणा कर दी। श्रमिक परेशान हैं कि इसे लगातार बढाया जा रहा है और उन्हें अपने घर जाने का मौका नहीं मिल रहा है। काम नहीं होने के कारण मजदूर सिर्फ अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं इसलिए पैदल चल रहे हैं। वीडियो में श्रमिकों ने कांग्रेस नेता से कहा कि लॉकडाउन लागू करने से पहले मोदी को सोचना चाहिए था कि इस मुल्क में गरीब भी रहते हैं जो दिन में कमाते हैं और शाम को उसी कमाई से पेट भरते हैं। उन्हें गरीबों का ध्यान रखना चाहिए था और उसी के हिसाब से निर्णय लेना चाहिए था लेकिन वह हमेशा की तरह अचानक टीवी पर आए और पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2020 12:59:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘‘था तुझे गुरूर खुद के लम्बे होने का ऐ सड़क, गरीब के हौंसले ने तुझे पैदल ही नाप दिया&amp;#8230;’’</title>
                                    <description><![CDATA[ गुरुग्राम के राजीव चौक से अपने राज्यों को पैदल ही रवाना होते लोग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/no-cloth-on-anyones-body-no-slippers-on-ones-feet/article-15555"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrant-laborers-4.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>विडंबना। मुश्किलों से बेजार होकर पैदल ही अपने प्रदेशों को रवाना हुए श्रमिक (migrant Laborers)</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजय मेहरा/सच कहूँ गुरुग्राम।</strong> ‘‘था तुझको गुरूर खुद के लम्बे होने का ऐ सड़क, गरीब के हौंसले ने तुझे पैदल ही नाप दिया…।’’ कोई भी इन लाइन को पढ़े तो उसके सामने वह तस्वीर आ जाती है, जो दिन-रात हम मीडिया की सुर्खियों में देखते हैं। टीवी, अखबारों और सोशल मीडिया पर आज यही सब छाया हुआ है। पांव में छाले, फिर भी चले जाते हैं लोग। चंद्रयान जैसे उपग्रहों पर इतराने वाले भारत की यह तस्वीर शर्मिन्दगी भरी है।</p>
<h4><strong>एक साल की उम्र से लेकर उम्रदराज व्यक्तियों ने भी नहीं मानी हार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कोरोना के खौफ के बीच अपनों के बीच जाकर जीने-मरने की बातें कहते हुए जिस तरह से श्रमिकों और उनके परिवारों ने पैदल ही रवानगी की, वह हमारे सिस्टम पर अनेक सवाल खड़े करता है। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम से होकर कई राज्यों का रास्ता निकलता है। (migrant Laborers) यहां बात दो, चार, दस, बीस किलोमीटर, मील की नहीं, बल्कि सैकड़ों, हजारों किलोमीटर के सफर की है। पैदल, साइकिल पर मापने वाले इन श्रमिकों के अटूट हौंसले को देख हर कोई उन पर दया का भाव भी रखता है तो साथ में सरकारों को भी कोसता है। यहां हम देखें तो 24 घंटे ही लोगों का इधर से उधर आना-जाना लगा रहता है। कोई राजस्थान, एमपी जा रहा है तो कोई यूपी, बिहार।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">हर किसी की अपनी मंजिल है अपना ठिकाना है।</li>
<li style="text-align:justify;">भूख और बेरोजगारी से तंग होकर अपना चंद सामान समेट अपने प्रदेशों को रवाना हुए लोग सिर्फ यही कहते हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">यहां मरने से अच्छा है अपनों के बीच जाकर मरें।</li>
<li style="text-align:justify;">उनकी दो लाइनों की यह बात उनकी मजबूरी, उनके भय को विस्तार से बता देती है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बसों, ट्रेनों में नंबर नहीं आया तो पैदल ही हुए रवाना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कहने को तो बसें, ट्रेनें यहां से संचालित की जा रही हैं, लेकिन उनमें भी सभी का नंबर नहीं आ रहा। 15 दिन पहले आॅनलाइन अप्लाई करने के बाद भी नंबर नहीं आया तो यहां गढ़ी-हरसरू से समूह में पैदल ही रवाना हुए यूपी के रमेश, जयराम, गुड्डू, फूलवती व सुमन का परिवार। उनकी शिकायत थी कि कहीं पर भी फोन मिला लें, कोई जवाब नहीं मिलता। ज्यादातर तो फोन ही नहीं मिलता। ऐसे में वे कब तक इंतजार करते। उधर से गांव से घरवालों का 24 घंटे दबाव रहता कि तुरंत रवाना हो जाएं। इसलिए उनकी मजबूरी बन गई।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">छोटे बच्चों, सामान को साथ लेकर वे चल पड़े।</li>
<li style="text-align:justify;">जैसे-जैसे अपने घर पहुंच ही जाएंगे, यह सोचकर उन्होंने केएमपी एक्सप्रेस-वे से पलवल की तरफ कदम बढ़ाए।</li>
<li style="text-align:justify;">महिलाओं के सिर पर सामान, गोदी में बच्चा और फिर पल्लु पकड़कर साथ में चलता थोड़ा बड़ा बच्चा बार-बार पूछता कि कितनी दूर और है।</li>
<li style="text-align:justify;">मां मासूमियत के साथ कहती कि थोड़ी दूर और है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किसी के तन पर पूरे कपड़े नहीं, किसी के पांव में चप्पल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यहां से रवाना होने वालों में बहुत से बच्चे ऐसे थे, जिनका जन्म ही यहां पर हुआ है। वे पहली बार अपनों की जन्मभूमि में जा रहे थे। बेशक वे 21वीं सदी में पैदा हुए, लेकिन शायद ही वे अपने जीवन में आज से बुरा दौर देखें। बहुतों के पांवों में जूते, चप्पलें नहीं तो बहुतों के तन पर पूरे कपड़े तक नहीं। दिल्ली और इसके आसपास रहकर जीवन की गाड़ी को गति देने के उद्देश्य से यहां आए इन श्रमिकों में बहुत से तो अब तौबा करके जा रहे हैं कि वापस नहीं आएंगे। क्योंकि बहुत बुरा दौर देखा है।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2020 17:19:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगरूर से यूपी के आजमगढ़ के 166 निवासियों को किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[समूह व्यक्तियों को मैडीकल स्क्रीनिंग उपरांत जारी किए गए सर्टिफिकेट (Azamgarh, UP From Sangrur)  संगरूर में रहते अन्य राज्यों के निवासियों को भी अपने-अपने राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी संगरूर(सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। कोविड-19 की महामारी को रोकने के लिए पंजाब में लगाए गए कर्फ्यू के कारण कई राज्यों के व्यक्ति पंजाब में फंसे हुए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/166-residents-of-azamgarh-up-sent-from-sangrur/article-15530"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/azamgarh-up-from-sangrur.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>समूह व्यक्तियों को मैडीकल स्क्रीनिंग उपरांत जारी किए गए सर्टिफिकेट (Azamgarh, UP From Sangrur)</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong> संगरूर में रहते अन्य राज्यों के निवासियों को भी अपने-अपने राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी</strong></h5>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> कोविड-19 की महामारी को रोकने के लिए पंजाब में लगाए गए कर्फ्यू के कारण कई राज्यों के व्यक्ति पंजाब में फंसे हुए हैं। पंजाब सरकार के प्रयासों से इनको वापिस अपने घरों में भेजने की प्रक्रिया जारी है और आज संगरूर से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के साथ सम्बन्धित 166 व्यक्तियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों के द्वारा पटियाला रेलवे स्टेशन तक रवाना किया गया। डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने बताया कि इन व्यक्तियों को पटियाला में पहुंचाने के लिए जिला संगरूर में से अलग-अलग सब डिवीजनों अहमदगढ़, मालेरकोटला, खनौरी, सुनाम आदि से बसें नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में रवाना की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इन नोडल आधिकारियों की निगरानी में समूह व्यक्तियों को मैडीकल स्क्रीनिंग उपरांत सर्टिफिकेट जारी किये गए उन्होंने कहा कि इस काम के लिए जिला स्तर पर डिप्टी डायरैक्टर संगरूर को नोडल अधिकारी लगाया गया, जिन्होंने अलग -अलग सब डिवीजनों पर लगाए गए नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल कर इस सारी कार्रवाई को पूरा किया। उन्होंने कहा कि संगरूर में रहते अन्य राज्यों के निवासियों को भी अपने -अपने राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2020 20:07:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रमिक मजदूरों की मजबूरी पर ‘बस सियासत’</title>
                                    <description><![CDATA[विज ने कहा : कि श्रमिकों को आगे रखकर राजनीति कर रही प्रियंका गाँधी पहले कांग्रेस शासित प्रदेशों से श्रमिकों को उनके घर पहुंचाए। पंजाब से हरियाणा के रास्ते यूपी-बिहार जाने वाले श्रमिकों का पलायन बहुत अधिक संख्या में हो रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/congress-leader-poonia-on-one-day-remand/article-15527"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/congress-leader-poonia.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>कांग्रेसी नेता पूनिया विवादित टवीट् के लिए एक दिन के रिमांड पर</strong></h2>
<h4 style="text-align:center;">(Controversial tweet of Congress leader Poonia)</h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong> सभ्य समाज ऐसी अमर्यादित भाषा की नहीं देता इजाजत, कानूनी कार्रवाई करेंगे : विज </strong></h5>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)</strong>। पूरे देश में श्रमिक मजदूरों की बेबसी और लाचारी पर राजनैतिक पार्टियां अपनी रोटियां सेंकने में लग गई हैं। मजदूरों की मदद या सरकारी इंताजामात के हवाले से सत्ता और विपक्ष एक-दूसरे को नीचा दिखाने और कुछ भी बोल जाने से बिल्कुल परहेज नहीं कर रहे। गत दिवस कांग्रेसी नेता पंकज पूनिया द्वारा इस संबंध में किए गए विवादित टवीट् से राजनीति के खेल को और तेल मिल गया है। पंकज पूनिया को जहां करनाल से गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि पूनिया की भाषा किसी सभ्य समाज को बर्दाश्त नहीं होगी, उन पर कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यूपी बस विवाद में करनाल के मधुबन से बुधवार शाम कांग्रेसी नेता पंकज पूनिया को गिरफ्तार किया गया। यूपी बस विवाद के बाद पूनिया ने सीएम योगी आदित्यनाथ और संघ को लेकर कई विवादित ट्वीट किए थे। जिसके बाद यूपी में उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। कांग्रेस नेता पंकज पूनिया के खिलाफ विवादित ट्वीट को लेकर लखनऊ के साइबर सेल में मामला दर्ज किया गया था। इसके साथ ही नोएडा सेक्टर 39 थाने में नया मामला दर्ज कराया गया। कांग्रेस नेता पंकज पूनिया ने सीएम योगी और संघ को लेकर विवादित बयान दिया था। केस दर्ज होने के बाद उन्हें हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>विवादित टवीट् में योगी सरकार पर पूनिया का सीधा हमला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पंकज पूनिया ने अपने ट्वीट में लिखा, कांग्रेस सिर्फ मजदूरों को अपने खर्च पर उनके घर पहुंचाना चाहती थी। बिष्ट सरकार ने राजनीति शुरू कर दी। भगवा लपेटकर नीच काम संघी ही कर सकते हैं। इसके अलावा भी उन्होंने अपने ट्वीट में विवादित टिप्पणी की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मामला बढ़ता देख पूनिया ने डिलीट किया टवीट और मांगी माफी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इस ट्वीट पर हुए विवाद के बाद पंकज पूनिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया और माफी भी मांगी। इसके बाद एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, मेरे लिखने से अगर किसी भाई को बुरा लगा हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूँ। मेरे शब्द मैंने गार्गी कॉलेज में जो हुआ था, उसको लेके थे, ना कि किसी धर्म को लेकर।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेस पहले पंजाब सहित कांग्रेस शासित राज्यों के मजदूरों की सुध ले : विज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका गांधी के श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए 1000 बसें देने की बात पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने प्रियंका गांधी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। विज ने कहा कि श्रमिकों को आगे रखकर राजनीति कर रही प्रियंका गाँधी पहले कांग्रेस शासित प्रदेशों से श्रमिकों को उनके घर पहुंचाए। पंजाब से हरियाणा के रास्ते यूपी-बिहार जाने वाले श्रमिकों का पलायन बहुत अधिक संख्या में हो रहा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पंजाब में कांग्रेस की सरकार है और कै. अमरिंदर हरियाणा की बात तो मान नहीं रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">ऐसे में प्रियंका गाँधी को पंजाब जाना चाहिए और पंजाब के मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;">विज ने तंज कसते हुए कहा कि आज पूरी कांग्रेस कोरोना से भी खतरनाक बीमारी (राजनीती) की चपेट में है।</li>
<li style="text-align:justify;">आज कांग्रेस अपने पॉलिटिकल एजेंडे के अनुसार तमाशा कर रही है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेसी नेताओं की बोली नीचता की प्रकाष्ठा है : विज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेसी नेता पंकज पुनिया के मामले पर भी गृह मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस नीचता की पराकाष्ठा कर रही है और जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेसी नेता ने अपने ट्वीट में किया था, सभ्य समाज इसकी इजाजत नहीं देता। विज ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पूनिया के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/congress-leader-poonia-on-one-day-remand/article-15527</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2020 18:34:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>25 बसों में 827 प्रवासी श्रमिकों को भेजा बुलंदशहर</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड-19: एसडीएम चिनार चहल की देखरेख में सभी प्रवासी नागरिकों को बसों में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर भेजा। बसों में सवार करने से पूर्व सभी प्रवासी श्रमिको की थर्मल स्कैनिंग की गई और उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट दिया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/827-migrants-sent-in-25-buses-bulandshahr/article-15438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrants-sent-in-25-buses-b.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>एसडीएम की देखरेख में हुई स्वास्थ्य जांच (Migrant Laborers)</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>नोडल अधिकारी बोली- प्रवासी श्रमिक को भेजने की है पूर्ण व्यवस्था</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (संजय भाटिया/सच कहूँ)।</strong> कोविड-19 वैश्विक महामारी के तहत चल रहे लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भेजने के लिए झज्जर जिला प्रशासन द्वारा पूरी सजगता बरती जा रही है। सोमवार को 25 बसों से 827 प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर कलस्टर के लिए रवाना किया गया। ऐसे में अब तक लॉकडाउन के दौरान झज्जर जिला से करीब 8000 प्रवासी श्रमिकों को बस व ट्रेन के माध्यम से नि:शुल्क भेजा जा चुका है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने कहा कि किसी भी रूप से झज्जर जिले में मोजूद प्रवासी श्रमिकों को भेजने में दिक्कत न आए, इसके लिए पूरी मॉनिटरिंग प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि झज्जर जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका संबंधित राज्यों के नोडल अधिकारियों से तालमेल स्थापित करते हुए प्रवासी श्रमिकों को भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं। नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका ने बताया कि झज्जर जिला से सोमवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर कलस्टर के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की झज्जर डिपो की कुल 25 बसें भेजी गई, जिनमें 827 प्रवासी श्रमिकों को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ उपमंडल मुख्यालय से एसडीएम तरूण कुमार पावरिया की देखरेख में सोमवार को 16 बसें 551 प्रवासी श्रमिकों को लेकर रवाना हुई, जबकि झज्जर में एसडीएम शिखा की देखरेख में 5 रोडवेज बसें 150 प्रवासी श्रमिकों तथा बेरी उपमंडल से एसडीएम डॉ. राहुल नरवाल की देखरेख में 4 बसें 126 प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर कलस्टर के लिए रवाना हुई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रवासी श्रमिक जल्दबाजी न करें : सीटीएम</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भेजने के लिए नियुक्त प्रशासन की नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका ने अपील की है कि झज्जर जिला के प्रवासी श्रमिकों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित उनके गृह जिलों में भेजा जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>910 प्रवासी नागरिकों को लेकर 20 बसें यूपी तथा 9 बसें मध्य प्रदेश भेजी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लॉकडाउन में हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रवासी नागरिकों को उनके गृह जिलों में भेजने की व्यापक व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। सोमवार को गुरूग्राम जिला के अलग-अलग स्थानों से उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की बसें रवाना हुई। उत्तर प्रदेश के लिए 595 तथा मध्यप्रदेश के लिए 315 प्रवासी नागरिक जिला से रवाना हुए। एसडीएम चिनार चहल की देखरेख में सभी प्रवासी नागरिकों को बसों में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर भेजा।</p>
<p style="text-align:justify;">बसों में सवार करने से पूर्व सभी प्रवासी श्रमिको की थर्मल स्कैनिंग की गई और उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी प्रवासी नागरिकों को मास्क, बिस्किट व पानी की बोतलें देते हुए उन्हें क्रमवार राज्य परिवहन की बसों में बिठाकर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर तथा मध्यप्रदेश के ग्वालियर के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को सरहौल स्थित सामुदायिक केन्द्र से 207 प्रवासी नागरिक, सिद्धरावली शैल्टर होम से 118, बस स्टैंड से 90 तथा सैक्टर-21 से 180 प्रवासी नागरिकों की बसों में रवाना किया गया। इसी प्रकार मध्य प्रदेश के ग्वालियर के लिए राजकीय कन्या महाविद्यालय सैक्टर-14 से मध्य प्रदेश के लिए 9 बसों में 315 प्रवासी नागरिकों को रवाना किया गया। सोमवार को सुश्री चहल ने सभी प्रवासी नागरिकों को अपने घर सकुशल पहुंचने का संदेश दिया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2020 18:01:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रवासियों की उमड़ी भीड़ से सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां</title>
                                    <description><![CDATA[प्राप्त जानकारी के अनुसार ए मजदूर रेलवे टिकट कन्फर्म न होने या रजिस्ट्रेशन नहीं होने से परेशान थे और तेज धूप तथा भुखमरी के हालात से परेशान ए भी भूल गए कि उन्हें कोरोना महामारी से बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा अन्य नियमों की पालना भी करनी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/according-to-the-information-the-workers-were-upset-by-the-lack-of-confirmation-or-registration-of-railway-tickets/article-15431"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrants-laborers.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>मजदूर रेलवे टिकट कन्फर्म न होने या रजिस्ट्रेशन नहीं होने से परेशान थे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना (एजेंसी)।</strong> पंजाब के औद्योगिक नगर में रहने वाले सबसे अधिक प्रवासियों की परेशानियां अभी कम होने का नाम नहीं ले रहीं । आज दाना मंडी में एकत्र हुए प्रवासियों की भारी भीड़ कोरोना को न्यौता दे रही है तथा सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार  मजदूर रेलवे टिकट कन्फर्म न होने या रजिस्ट्रेशन नहीं होने से परेशान थे और तेज धूप तथा भुखमरी के हालात से परेशान ए भी भूल गए कि उन्हें कोरोना महामारी से बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा अन्य नियमों की पालना भी करनी है।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजगार छिनने तथा मकान मालिकों के मकान खाली करने की धमकी से आहत दुखी मजदूरों ने बताया कि वो कहां जाएं। काम छिन गया तथा मकान मालिक किराए के लिए परेशान कर रहे हैं । भूखों मरने की नौबत आ गयी है। कितने दिनों से वे यहां फंसे हुए हैं तथा अब तक टिकट नहीं मिली है। प्रशासन उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है । अब वे अपने घर जाना चाहते हैं। अपना काम छोड़ कर टिकट के लिए दाना मंडी में कब से बैठे हैं।</p>
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                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2020 17:10:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा सरकार ने 1.60 लाख प्रवासी श्रमिकों को नि:शुल्क घर भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[3100 से अधिक बसों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को पहुंचाया गया है, जिनमें 781 बसें गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश भेजी गई। इसी प्रकार अब तक कुल 40 विशेष श्रमिक रेलगाड़िय़ों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को बिहार व मध्य प्रदेश राज्यों में पहुंचाया गया हैं, जिनमें 28 रेलगाड़िय़ां बिहार व 12 रेलगाड़िय़ां मध्य प्रदेश भेजी गई हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-sends-1-60-lakh-migrant-workers-home-for-free/article-15411"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/migrant-workers.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">बसों और रेलगाड़ियों से किए रवाना</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)।</strong> मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में हरियाणा सरकार इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 1,60,300 से अधिक ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न विशेष श्रमिक रेलगाड़िय़ों व बसों के माध्यम से हरियाणा सरकार के खर्चे पर उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है।</p>
<h4><strong>बिहार व 12 रेलगाड़िय़ां मध्य प्रदेश भेजी गई </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसी कड़ी में रविवार को 3 रेलगाडिय़ां बिहार के लिए रवाना की गर्इं, जिसमें 2 ट्रेनें गुरुग्राम और एक ट्रेन पानीपत से चली। इसके साथ ही, 400 बसें उत्तर प्रदेश भेजी गई। प्रवक्ता ने बताया कि 16 मई को 3 ट्रेनों और 492 बसों के माध्यम से 22,672 प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में भेजा गया। उन्होंने बताया कि 3100 से अधिक बसों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को पहुंचाया गया है, जिनमें 781 बसें गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश भेजी गई। इसी प्रकार अब तक कुल 40 विशेष श्रमिक रेलगाड़िय़ों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को बिहार व मध्य प्रदेश राज्यों में पहुंचाया गया हैं, जिनमें 28 रेलगाड़िय़ां बिहार व 12 रेलगाड़िय़ां मध्य प्रदेश भेजी गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाड़िय़ों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इन मजदूरों को राहत केन्द्रों में रखने का, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर लाने के मुफ्त प्रबंध सरकार द्वारा किया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित जिला प्रशासन से पास लेकर विभिन्न राज्यों में जाने वाले लगभग 8500 प्रवासी श्रमिकों को भी उनके गृह राज्यों में पहुँचा चुके हैं। इसी तरह, लगभग 11 हजार हरियाणा के निवासियों को अन्य राज्यों से हरियाणा लाया गया है। यह प्रक्रिया जारी है ।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2020 17:41:38 +0530</pubDate>
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