<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/worldthalassemiaday/tag-16906" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>WorldThalassemiaDay - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/16906/rss</link>
                <description>WorldThalassemiaDay RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चंडीगढ़: रक्तदान के महायज्ञ में आहुति डालने वाली चंडीगढ़ की साध-संगत का धन्यवाद</title>
                                    <description><![CDATA[इस पुनित कार्य में डेरा बस्सी ब्लॉक की साध-संगत ने भी रक्तदान करके अहम योगदान दिया। साध-संगत के भारी उत्साह को देखकर ब्लड बैंकों के पदाधिकारी जहां बेहद प्रसन्न थे। वहीं उन्होंने साध-संगत की भावना को देखकर इन्हें इस मुश्किल वक्त के ‘सच्चे योद्धा’ कहा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">‘एक मुस्कान’ कैंपेन : चंडीगढ़ के ब्लॉक भंगीदास और जिम्मेवारों ने कैंपेन में बखूबी निभाई सेवाएं, बोले (World Thalassemia Day)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>पीजीआई, मैक्स हॉस्पिटल और रोटरी ब्लड बैंक में किया 95 यूनिट खूनदान</h4>
<h4></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4>थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन से संकट टालने में दिया अहम् योगदान</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़।</strong> कोरोना के चलते लॉकडाउन के बीच देशभर में थैलेसीमिया से पीड़ित छोटे बच्चों का जीवन बचाने के लिए डेरा सच्चा सौदा ने ‘एक मुस्कान’ कैंपेन के तहत बड़े स्तर पर रक्तदान किया गया। रक्तदान के इस महायज्ञ में चंडीगढ़ की साध-संगत ने जोश और ज़ज्बे के साथ आहुति डाली। रक्तदान में बढ़ चढ़कर भाग लेने वाली साध-संगत का उत्साह वर्धन करते हुए ब्लॉक के जिम्मेवारों और ब्लॉक भंगीदास ने सभी धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में रक्तदान करना कोई छोटी बात नहीं थी और साध-संगत ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार दया, मेहर, रहमत से अपना भरपूर योगदान देकर इन्सानियत का परचम लहराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़ ब्लॉक के भंगीदास मलराज इन्सां ने कहा कि चंडीगढ़ ब्लॉक ने मात्र कुछ घंटे की तैयारी में तीन अलग-अलग ब्लड बैंक में ‘एक मुस्कान’ कैंपेन के रक्तदान करते हुए थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को संकट से बाहर निकालने के लिए रक्तदान करके अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस पुनित कार्य में डेरा बस्सी ब्लॉक की साध-संगत ने भी रक्तदान करके अहम योगदान दिया। साध-संगत के भारी उत्साह को देखकर ब्लड बैंकों के पदाधिकारी जहां बेहद प्रसन्न थे। वहीं उन्होंने साध-संगत की भावना को देखकर इन्हें इस मुश्किल वक्त के ‘सच्चे योद्धा’ कहा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"> कोरोना महामारी के चलते ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी चल रही थी</h4>
<p style="text-align:justify;">इन्सानियत के ज़ज्बे को सर्वोपरि रखते हुए चंडीगढ़ ब्लॉक की तरफ से पीजीआई, मैक्स हॉस्पिटल और रोटरी ब्लड बैंक में पहुंचकर रक्तदान करने का फैसला लिया गया था। मलराज इन्सां ने आगे बताया कि शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुआ रक्तदान 4 बजे के करीब तक चला और जिसमें चंडीगढ़ ब्लॉक की तरफ से लगभग 95 यूनिट खून दान किया गया। उन्होंने बताया कि पीजीआई में 30 यूनिट, मैक्स हस्पताल में 38 यूनिट और रोटरी ब्लड बैंक चंडीगढ़ में 27 यूनिट खून दान किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ की साध-संगत के साथ ही डेरा बस्सी ब्लॉक की साध-संगत का ही धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस मौके पर आगे आकर न सिर्फ अपना योगदान दिया, बल्कि ब्लॉक के जिम्मेवारों का हौसला भी बढ़ाया है। इसके लिए ब्लॉक के सभी जिम्मेवार साध-संगत के तहेदिल से आभारी हैं। इस मौके 15 मैंबर रणबीर सिंह, 15 मैंबर विक्की इन्सां, प्रेम इन्सां, भूषण इन्सां, संदीप इन्सां, लाल चंद इन्सां, ब्लॉक भंगीदास डेरा बस्सी देवेन्द्र इन्सां भी मौजूद थे। इन सभी ने रक्तदाताओं के लिए ब्लड बैंकों में विभिन्न सुविधा और इंतजामों में अहम् भूमिका निभाई थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है थैलेसीमिया रोग</h4>
<p style="text-align:justify;">यह आनुवांशिक घातक रोग है। सामान्य रूप से शरीर में लाल रक्त कणों की उम्र करीब 120 दिनों की होती है, परंतु थैलेसीमिया के कारण इनकी उम्र सिमटकर मात्र 20 दिनों की हो जाती है। इसका सीधा प्रभाव शरीर में स्थित हीमोग्लोबीन पर पड़ता है। हीमोग्लोबीन की मात्रा कम हो जाने से शरीर दुर्बल हो जाता है तथा अशक्त होकर हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रसित रहने लगता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बार-बार रक्त चढ़ाने की पड़ती है जरूरत</h4>
<p style="text-align:justify;">यह बीमारी दो प्रकार की होती है। माइनर थैलेसीमिया या मेजर थैलेसीमिया। किसी महिला या फिर पुरुष के शरीर में मौजूद क्रोमोजोम खराब होने पर बच्चा माइनर थैलेसीमिया का शिकार बनता है। लेकिन अगर महिला और पुरुष दोनों व्यक्तियों के क्रोमोजोम खराब हो जाते हैं तो यह मेजर थैलेसीमिया की स्थिति बनाता है। जिसकी वजह से बच्चे के जन्म लेने के 6 महीने बाद उसके शरीर में खून बनना बंद हो जाता है और उसे बार-बार खून चढ़वाने की जरूरत पड़ने लगती है।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb6a7b8a7690_rand td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb6a92693da3_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/humanity-social-work/the-responsibilities-of-block-bhangidas-and-chandigarh-played-a-good-role-in-the-campaign/article-15183</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/humanity-social-work/the-responsibilities-of-block-bhangidas-and-chandigarh-played-a-good-role-in-the-campaign/article-15183</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2020 18:41:42 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘एक मुस्कान’ कैंपेन में उमड़े इन्सां, 7980 यूनिट रक्तदान</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा प्रबंध समिति ने बताया कि आज राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ ओर उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्यों में रक्तदान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी में रक्तदान के दौरान रक्तदानियों द्वारा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">थेलेसीमिया पीड़ितों का जीवन बचाने को आगे आया डेरा सच्चा सौदा सरसा, देशभर के ब्लड बैंक से आई थी डेरा सच्चा सौदा के पास मांग</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में लगी रहीं रक्तदानियों की कतारें</h4>
</li>
</ul>
<p><a class="css-4rbku5 css-18t94o4 css-901oao css-16my406 r-1n1174f r-1loqt21 r-1qd0xha r-ad9z0x r-bcqeeo r-qvutc0" dir="ltr" href="https://twitter.com/hashtag/WorldThalassemiaDay?src=hashtag_click">#WorldThalassemiaDay</a></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए थैलेसीमिया से पीड़ित छोटे बच्चों को राहत भरी ‘एक मुस्कान’ देने के लिए डेरा सच्चा सौदा के हजारों श्रद्धालु शुक्रवार को देश भर के अलग-अलग जिलों में रक्तदान के लिए उमड़ पड़े। कई जगह पर डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु मांग से भी ज्यादा खूनदान करने के लिए पहुंचे। शुक्रवार शाम तक मिली जानकारी अनुसार डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने 7980 यूनिट रक्तदान किया। समाचार लिखे जाने तक कई राज्यों व जिलों में रक्तदान का क्रम जारी था।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में सर्वाधिक रक्तदान पंजाब में हुआ, जहां पर 2619 यूनिट और हरियाणा में 2402 यूनिट रक्तदान किया गया। इसके अलावा दिल्ली में 1479, राजस्थान में 670, उत्तर प्रदेश में 590, चंडीगढ़ में 80, उत्तराखण्ड में 140 यूनिट रक्तदान किया गया। जानकारी अनुसार देश में चल रही कोरोना की महामारी के दौरान बड़ी संख्या में ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में थैलेसीमिया जैसी बीमारी से निपटना भी मुश्किल हो रहा है। (World Thalassemia Day) इस मुश्किल दौर में डेरा सच्चा सौदा, सिरसा ने अपना मदद का हाथ बढ़ाते हुए देशभर के सभी राज्यों में रक्त की कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया।<br />
थैलेसीमिया बीमारी से जूझ रहे छोटे बच्चों के लिए बड़े स्तर पर खूनदान की इस मुहिम को ‘एक मुस्कान’ नाम दिया गया।</p>
<h4>कोरोना महामारी के चलते देश के कई बड़े ब्लड बैंक में रक्त की कमी से जूझ रहे हैं</h4>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की प्रबंध समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि डेरा सच्चा सौदा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के नेतृत्व में पिछले कई दशकों से रक्तदान करता आ रहा है और रक्तदान करने में डेरा सच्चा सौदा के नाम कई बड़े विश्व रिकार्ड भी दर्ज हैं। कोरोना महामारी के चलते देश के कई बड़े ब्लड बैंक में रक्त की कमी से जूझ रहे हैं, जिसे दूर करने के लिए ब्लड बैंकों की ओर से डेरा सच्चा सौदा को रक्तदान के लिए लिखित मांग पत्र भेजे गए थे। ब्लड बैंकों की ओर से आए मांग पत्रों को देखते हुए मानवीय कार्यों में अग्रणी डेरा सच्चा सौदा ने देशभर में बड़े स्तर पर रक्तदान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रबंध समिति ने आगे बताया कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को रक्त की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है, थेलेसीमिया पीड़ित बच्चों की पीड़ा को देखते हुए आज रक्तदान किया गया और भविष्य में जब भी रक्त की मांग आएगी तो डेरा सच्चा सौदा रक्तदान करने के लिए सदैव तैयार है।  डेरा सच्चा सौदा प्रबंध समिति ने बताया कि आज राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ ओर उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्यों में रक्तदान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी में रक्तदान के दौरान रक्तदानियों द्वारा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया गया। जिन भी राज्यों व जिलों के ब्लड बैंक में डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने रक्तदान किया है, वहां रक्तदानी मास्क पहनने के साथ-साथ सेनेटाइजर भी लेकर आए और एक निश्चित दूरी पर रहते हुए रक्तदान किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रक्तदान में डेरा सच्चा सौदा के  नाम अनेक रिकॉर्ड</h4>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा के नाम रक्तदान के क्षेत्र में 5 विश्व रिकार्ड दर्ज है, जिनमें से 3 गिनीज बुक रिकार्ड, 1 लिम्का बुक रिकॉर्ड और 1 एशिया बुक रिकार्ड में दर्ज हैं। इसके साथ ही अब तक 154 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगाकर डेरा सच्चा सौदा 5 लाख 32 हजार 321 यूनिट रक्तदान कर चुका है, यह क्रम निरंतर जारी है।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb5742fb130b_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-sacha-sauda-came-forward-to-save-the-lives-of-thalassemia-victims-demand-for-dera-sacha-sauda-came-from-blood-banks-across-the-country/article-15159</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-sacha-sauda-came-forward-to-save-the-lives-of-thalassemia-victims-demand-for-dera-sacha-sauda-came-from-blood-banks-across-the-country/article-15159</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2020 20:40:53 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व थैलेसीमिया दिवस : डेरा सच्चा सौदा के ‘ट्रयू ब्लड पंपों’ ने भरे अस्पतालों के ‘ब्लड बैंक’</title>
                                    <description><![CDATA[आज डेरा श्रद्धालुओं की ओर से डीएमसी अस्पताल, गुरू नानक अस्पताल और चंडीगढ रोड पर स्थित अकाई अस्पताल को 241 यूनिट रक्तदान किया गया। ‘ट्रयू ब्लड पंप’ के नाम से जाने जाते डेरा श्रद्धालु आज सभी जिले के ब्लॉकों से सुबह 9 बजे से ही उक्त तीनों अस्पतालों में पहुंचने शुरू हो गए। रक्तदान करने आए इन डेरा श्रद्धालुओं में बहनें भी बड़ी संख्या में शामिल हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">सराहनीय प्रयास। रक्त रखने की क्षमता कम होने के कारण अस्पतालों से बिना रक्तदान किए लौटे डेरा श्रद्धालु</h2>
<h2 style="text-align:center;">(World Thalassemia Day)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना(सच कहूँ/रघबीर सिंह )।</strong> विश्व थैलेसीमिया दिवस पर आज शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सदस्यों ने लॉकडाऊन के कारण खाली हुए अस्पतालों के ब्लड बैंकों को रक्तदान कर भर दिया। यहां तक कि एक अस्पताल ने तो रक्त रखने की क्षमता कम होने के कारण 30 यूनिट से अधिक रक्त लेने से इनकार करते हुए डेरा श्रद्धालुओं के आगे हाथ जोड़ दिए। आज डेरा श्रद्धालुओं की ओर से डीएमसी अस्पताल, गुरू नानक अस्पताल और चंडीगढ रोड पर स्थित अकाई अस्पताल को 241 यूनिट रक्तदान किया गया। ‘ट्रयू ब्लड पंप’ के नाम से जाने जाते डेरा श्रद्धालु आज सभी जिले के ब्लॉकों से सुबह 9 बजे से ही उक्त तीनों अस्पतालों में पहुंचने शुरू हो गए। रक्तदान करने आए इन डेरा श्रद्धालुओं में बहनें भी बड़ी संख्या में शामिल हुई।</p>
<p><a class="css-4rbku5 css-18t94o4 css-901oao css-16my406 r-1n1174f r-1loqt21 r-1qd0xha r-ad9z0x r-bcqeeo r-qvutc0" dir="ltr" href="https://twitter.com/hashtag/WorldThalassemiaDay?src=hashtag_click">#WorldThalassemiaDay</a></p>
<h4> डेरा श्रद्धालुओं ने 3 अस्पतालों के ब्लड बैंकों को किया 241 यूनिट रक्तदान</h4>
<p style="text-align:justify;">विभिन्न अस्पतालों में मौजूद 45 मैंबर जसवीर सिंह इन्सां, 45 मैंबर यूथ सन्दीप इन्सां, 25 मैंबर पूर्ण चंद इन्सां, 25 मैंबर हरीश चंद्र शंटा, 25 मैंबर एसपी बंगड, 15 मैंबर कुलदीप इन्सां, 15 मैंबर कृष्ण जुनेजा इन्सां, 15 मैंबर रोकी इन्सां, रक्तदान समिति के जगजीत इन्सां, रणजीत भंडारी इन्सां, ब्लाक भंगीदास कमलदीप इन्सां ने बताया कि डीएमसी अस्पताल, गुरू नानक अस्पताल और अकाई अस्पताल ने लिखित पत्र लिख कर डेरा श्रद्धालुओं को उनके अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी के बारे बताते हुए रक्तदान करने की अपील की थी। अकाई अस्पताल ने 30 यूनिट रक्त की मांग की थी परंतु वहां 70 -80 के करीब डेरा श्रद्धालु रक्तदान करने पहुंच गए। वहां के बीटीओ डॉ. हितेश नारंग ने ब्लड बैंक में रक्त रखने की जगाह न होने का बता कर धन्यवाद करते हाथ जोड़कर और रक्त लेने से मना कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा श्रद्धालुओं ने डीएमसी अस्पताल में 110 यूनिट, गुरू नानाक अस्पताल में 101 यूनिट और अकाई अस्पताल में 30 यूनिट रक्तदान किया। विभिन्न अस्पतालों को 29 अप्रैल से शुरू किये रक्तदान के अंतर्गत डेरा श्रद्धालु अब तक 418 यूनिट रक्तदान कर चुके हैं। इस अवसर पर ज़िले के विभन्न ब्लॉकों से सुजान बहनें, 25 मैंबर, 15 मैंबर, ब्लाक भंगीदास सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार भाई व बहनें पहुंची हुई थी।<br />
हमारे एक बार कहने पर बड़ी संख्या में रक्तदान करने पहुंचे डेरा श्रद्धालु : बीटीओ</p>
<h4 style="text-align:justify;">डीएमसी अस्पताल के ब्लड ट्रांसफ्यून अधिकारी (बीटीओ)</h4>
<p style="text-align:justify;">डा. अमरजीत कौर, अकाई अस्पताल के बीटीओ डॉ. हितेश नारंग और गुरू नानक चैरिटेबल अस्पताल के मैडीकल अधिकारी आशीष गौतम ने डेरा श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते कहा कि उनकी एक अपील पर डेरा श्रद्धालु बडी संखया में रक्तदान करने पहुंच गए। आज कल कर्फ्यू के कारण लोग घरों में से बाहर नहीं निकल रहे, जिस कारण उनके अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की भारी कमी चल रही थी। पहले भी डेरा श्रद्धालु जरूरत पड़ने पर समय-समय पर अस्पतालों को रक्तदान करते आ रहे हैं। डेरा श्रद्धालुओं की जितनी भी सराहना की जाये उतनी ही कम है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">29 अप्रैल से शुरू किये रक्तदान के अंतर्गत डेरा श्रद्धालु अब तक कर चुके हैं 418 यूनिट रक्तदान</h4>
<p style="text-align:justify;">डेरा श्रद्धालुओं ने डीएमसी अस्पताल में 110 यूनिट, गुरू नानाक अस्पताल में 101 यूनिट और अकाई अस्पताल में 30 यूनिट रक्तदान किया। विभिन्न अस्पतालों को 29 अप्रैल से शुरू किये रक्तदान के अंतर्गत डेरा श्रद्धालु अब तक 418 यूनिट रक्तदान कर चुके हैं। इस अवसर पर ज़िले के विभन्न ब्लॉकों से सुजान बहनें, 25 मैंबर, 15 मैंबर, ब्लाक भंगीदास सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार भाई व बहनें पहुंची हुई थी।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb571f45ee23_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-dera-sacha-sauda-true-blood-pump/article-15158</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-dera-sacha-sauda-true-blood-pump/article-15158</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2020 20:30:09 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व थैलेसीमिया दिवस : 58 डेरा श्रद्धालुओं ने किया रक्तदान</title>
                                    <description><![CDATA[मानवता भलाई के कार्य: कोविड -19 के कारण ब्लड की कमी हो रही है और थैलेसीमिया, कैंसर, डाईलासिस और मेजर अनीमियां के मरीजों को ब्लड देने के लिए ब्लड की जरूरत है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">सराहनीय। कोरोना की महामारी के बावजूद डेरा श्रद्धालू कर रहे मानवता भलाई के कार्य (World Thalassemia Day)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5> शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों को रक्तदान करने का कार्य बहुत ही प्रशंसनीय : डॉ. कुलदीप सिंह</h5>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला/फतेहगढ़ साहिब (अनिल लुटावा)।</strong> आज विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके डेरा सच्चा सौदा की ओर से शुरू की ‘एक मुस्कान, थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों के नाम’ के अंतर्गत आज जिला फतेहगढ़ साहिब के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सदस्यों की ओर से 58 यूनिट रक्तदान दे कर इंसानियत का फर्ज निभाया। जहां विश्व भर में फैली कोरोना महामारी के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे, वहीं डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं की ओर से नि:स्वार्थ भावना से मानवता भलाई के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><a class="css-4rbku5 css-18t94o4 css-901oao css-16my406 r-1n1174f r-1loqt21 r-1qd0xha r-ad9z0x r-bcqeeo r-qvutc0" dir="ltr" href="https://twitter.com/hashtag/WorldThalassemiaDay?src=hashtag_click">#WorldThalassemiaDay</a></h4>
<h4 style="text-align:justify;">थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए हमेशा आगे रहा है डेरा सच्चा सौदा</h4>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी बातचीत करते डेरा श्रद्धालु त्रिलोचन इन्सां 25 मैंबर जिला फतेहगढ़ साहब ने बताया कि सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहब में मरीजों को खून की जरूरत पड़ने पर अस्पताल के ब्लड बैंक में से एक न्योता पत्र शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के नाम भेजा गया, जिसमें उन्होंने कहा कि कोविड -19 के कारण ब्लड की कमी हो रही है और थैलेसीमिया, कैंसर, डाईलासिस और मेजर अनीमियां के मरीजों को ब्लड देने के लिए ब्लड की जरूरत है|</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर अमल करते जिला जिम्मेदार 25 मैंबर त्रिलोचन इन्सां ने डेरा सच्चा सौदा और ट्रयू ब्लड पंप के नाम से जाने जाते शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सदस्यों के साथ संपर्क किया और जिले के पांच ब्लाकों के सेवादारों ने आज विश्व थैलीसीमिया दिवस मौके आप फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में जाकर 58 यूनिट रक्तदान किया। इस मौके सोशल डिस्टैंन का विशेष ध्यान रखा गया। इस मौके डॉ. रवनीत कौर की ओर से रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को सर्टीफिकेट भी दिए गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या कहना है अस्पताल के एसएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का</h4>
<p style="text-align:justify;">एसएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कोविड -19 के चलते हमें ब्लड की इस मौके बहुत जरूरत थी जबकि इस मौके कोई कैंप आदि भी नहीं लग रहा। बीती 6 तेजी को भी इनकी संस्था की ओर से 16 यूनिट रक्तदान किया गया। उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा के शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सदस्यों ने जो रक्तदान किया वह बहुत ही प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि डेरा श्रद्धालुओं की ओर से यह पहली बार नहीं जब उन्होंने ब्लड बैंक में खूनदान किया। हमारे ब्लड बैंक को जब भी ब्लड की जरूरत पड़ती है तो संस्था के मैंबर उस समय ही रक्त की जरूरत पूरी करने के लिए पहुंच जाते हैं। उन्होंने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां जी व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग का तहेदिल से धन्यवाद किया।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb56bf2bfa1d_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-58-dera-devotees-donated-blood/article-15157</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-58-dera-devotees-donated-blood/article-15157</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2020 20:20:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व थैलेसीमिया दिवस : डेरा श्रद्धालुओं ने 80 यूनिट रक्तदान कर निभाया इंसानियत का फर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[सराहनीय: डेरा सच्चा सौदा के सेवादार रक्तदान करते हैं और आज विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके सिविल अस्पताल बठिंडा और गुप्ता ब्लड बैंक की जरूरत मुताबिक खूनदान किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">सराहनीय : डेरा सच्चा सौदा द्वारा रक्तदान कर बचाई जा रही हजारों जिंदगीयां (World Thalassemia Day)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा(सुखजीत मान/सुखनाम)।</strong> ‘रक्तदान-महादान’ है यह सिर्फ एक स्लोगन ही नहीं वह सच्चा दान है, जिससे अनेकों जिदंगीयां बचाई जा रही हैं। देश भर में हजारों बच्चे थैलेसीमिया से पीड़ित हैं, जिनको ईलाज के लिए रक्त की बहुत अधिक जरूरत रहती है। ऐसे बच्चों की जरूरत हित और कोरोना महामारी कारण ब्लड बैंकों में रक्त की कमी के चलते आज विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके डेरा सच्चा सौदा के ब्लॉक बठिंडा के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों ने 80 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान से पहले आज सुबह 4.30 बजे पूरे ब्लड बैंक को सेवादारों की ओर से सैनेटाईज भी किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">हासिल हुए विवरणों मुताबिक बठिंडा सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक और गुप्ता ब्लड बैंक की ओर से रक्तदान की जताई गई। इच्छा के अंतर्गत बठिंडा के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार आज दिन चढ़ते ही ब्लड बैंकों आगे पहुंचने शुरू हो गए थे। इस मौके सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक ने अपनी जरूरत मुताबिक 50 यूनिट और गुप्ता ब्लड बैंक ने 30 यूनिट खून हासिल किया। रक्तदान की इस मुहिम मौके कोरोना वायरस के मद्देनजर जो सावधानियां बरती जातीं हैं, उनका विशेष ध्यान रखा गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">समूह रक्तदान मास्क पहनकर आए</h4>
<p style="text-align:justify;">हाथों को सैनेटाईज करने व तापमान चैक करवाने उपरांत ही रक्तदानी ब्लड बैंक में पहुंचे। यही नहीं जब एक रक्तदानी रक्तदान कर उठता तो उस बैड को पूरी तरह सैनेटाईज किया जाता। उसके बाद में ही दूसरे रक्तदानी को वहां रक्तदान लेने के लिए पाया जाता था। इस मौके विशेष तौर पर पहुंच डेरा सच्चा सौदा के सीनियर वाईस चेयरमैन जगजीत सिंह इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मानवता भलाई के जो 134 कार्य चलाए हैं, उनकी शिक्षा के अंतर्गत ही डेरा सच्चा सौदा के सेवादार रक्तदान करते हैं|</p>
<p style="text-align:justify;">और आज विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके सिविल अस्पताल बठिंडा और गुप्ता ब्लड बैंक की जरूरत मुताबिक खूनदान किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जहां-जहां जरूरत रहेगी वह रक्तदान सहित ओर मानवता भलाई के कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टेट के मुख्यमंत्री या देश के प्रधानमंत्री यदि किसी भी मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा को संपर्क करते हैं तो हमारी संस्था हर समय मदद के लिए तैयार है।</p>
<h4><a class="css-4rbku5 css-18t94o4 css-901oao css-16my406 r-1n1174f r-1loqt21 r-1qd0xha r-ad9z0x r-bcqeeo r-qvutc0" dir="ltr" href="https://twitter.com/hashtag/WorldThalassemiaDay?src=hashtag_click">#WorldThalassemiaDay</a></h4>
<h4 style="text-align:justify;">बाहर कैंप न लगने कारण था खून की कमी: रेडक्रॉस सचिव</h4>
<p style="text-align:justify;">बठिंडा रेडक्रास के सचिव दर्शन कुमार ने इस मौके कहा कि कोरोना महामारी कारण बाहर रक्तदान कैंप नहीं लगाए जा रहे इसलिए ब्लड बैंक में रक्त की कमी थी, जिसके लिए डेरा सच्चा सौदा जो रक्तदान के क्षेत्र में सबसे अग्रणी है, उन्होंने सेवादारों को रक्तदान की अपील की थी। उन्होंने बताया कि आज विश्व थैलेसीमिया दिवस के साथ-साथ विश्व रेडक्रॉस दिवस भी जुड़ा है, जिस मौके सेवादारों की ओर से रक्तदान करने पर वह उनका धन्यवाद करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जरूरतमंदों की सेवा के लिए वॉलंटियर हर समय तैयार</h4>
<p style="text-align:justify;">सेवादारों ने कहा कि हम मीडिया के द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं कि देश में जो कोरोना कोविड -19 भयानक बीमारी फैली हुई है के अंतर्गत जरूरतमन्दों की सेवा के लिए हमारे वॉलंटियर हर सेवा के लिए तैयार हैं। 45 मैंबर पंजाब गुरदेव सिंह इन्सां ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण ब्लड बैंकों में खून की काफी जरूरत है। इस लिए ब्लड बैंकों की मांग पर आज विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके सेवादारों द्वारा खूनदान किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी दिनों में भी ब्लड बैंकों को रक्त की जरूरत पड़ी तो शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार हमेशा तैयार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रेडक्रॉस के फस्टएड ट्रेनर नरेश पठानिया ने इस मौके डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं की ओर से खूनदान करने पर धन्यवाद किया। इस मौके 45 मैंबर पंजाब गुरमेल सिंह इन्सां, शिन्दरपाल इन्सां, बलजिन्दर सिंह बाँडी इन्सां, प्यारा सिंह इन्सां, 45 मैंबर यूथ, 15 मैंबर चरनजीत इन्सां, खूनदान समिति जिम्मेदार लखवीर इन्सां, तरसेम इन्सां, विशाल इन्सां, गुरशरन इन्सां, गगन इन्सां, जिम्मेदार शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग धीरज इन्सां व अन्य जिम्मेदार सेवादार उपस्थित थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रक्तदानियों का तहदिल से धन्यवाद: इंचार्ज ब्लड बैंक</h4>
<p style="text-align:justify;">सिविन अस्पताल बठिंडा के ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. करिश्मा ने कहा कि ब्लड बैंक में खून की कमी चल रही थी इसलिए उन्होंने विश्व थैलेसीमिया दिवस मौके डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों को खास तौर पर खूनदान की अपील की तो आज सेवादारों ने उनके बैंक की जरूरत अनुसार खूनदान किया, जिसके लिए रक्तदानियों का तह दिल से धन्यवाद। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जब उनको जरूरत पड़ी तो यह रक्तदानी सेवादार रक्तदान करते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5eb55dccdbb8e_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-dera-devotees-donate-80-units-of-blood-and-perform-human-duty/article-15156</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-thalassemia-day-dera-devotees-donate-80-units-of-blood-and-perform-human-duty/article-15156</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2020 19:54:42 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        