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                <title>अमेरिका व चीन के शिकंजे में घिरा पाक</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकंजा कस दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने सीधा पाकिस्तान सैना प्रमुख के साथ फोन पर बात करते आतंकवादियों के खिलाफ निष्पक्षता से कार्रवाई करने पर जोर दिया है। इससे पहले चीन ने पाकिस्तान को हाफिज मोहम्मद सईद को देश से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/pakistan-trapped-in-us-and-china-screws/article-4028"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pak-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चीन के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकंजा कस दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने सीधा पाकिस्तान सैना प्रमुख के साथ फोन पर बात करते आतंकवादियों के खिलाफ निष्पक्षता से कार्रवाई करने पर जोर दिया है। इससे पहले चीन ने पाकिस्तान को हाफिज मोहम्मद सईद को देश से बाहर निकालने के लिए कह दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के पुराने साथी रहे अमेरिका व चीन दोनोें देश ही अब पाकिस्तान को नसीहत देने के साथ-साथ चेतावनी भरे लहजे में समझाने लगे हैं। दरअसल आतंकवाद का प्रभाव सिर्फ एशिया तक ही सीमित नहीं रहा। अमेरिका से लेकर यूरोप के ताकतवर देश भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। आतंकवाद की जड़ें अरब देशों से लेकर अफ्गानिस्तान से लेकर पाकिस्तान तक जुड़ती हैं। पाकिस्तान को चीन का साथ खुराक दे रहा था लेकिन अंतरराष्टÑीय स्तर पर आतंकवाद एक बड़ी बुराई के तौर पर उभर रहा है। दूसरी तरफ ताकतवर देशों ने अपना साम्राज्य चेहरा बदलकर इसको आर्थिक साम्राज्यवाद का रूप दे दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद के प्रयोग से रणनीति कमजोर पड़ रही है। आतंकवाद के खात्मे को अंतरराष्टÑीय स्तर पर सहमति मिल चुकी है। सीरिया में आईएसआईएस के खात्मे के लिए युद्ध जैसी कार्रवाई की गई। अमेरिका, चीन व रूस के बीच हितों का टकराव होने के बावजूद आतंकवाद को मानवता का दुश्मन माना गया है। ऐसे हालातों में पाकिस्तान पांच दशक पुराने विश्व के भ्रम में रह रहा है। इस लिए नए हालात पाकिस्तान के लिए हैरानीजनक होंगे लेकिन यह हकीकत है जिससे इन्कार नहीं किया जा सकता। खास कर चीन की ओर से घूरना पाकिस्तान को काफी मुश्किल लग रहा है। मौजूदा घटनाकर्म भारत की जीत है।</p>
<p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सेना व आतंकवादियों का गठबंधन हिंसा फैला रहा है। भारत सरकार ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने के साथ-साथ शांति के प्रयासों का भी पल्ला नहीं छोड़ा। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी सीमा पर पाकिस्तान की हार देखकर पत्थरबाजों को भड़का रहे हैं। पाकिस्तान को यह बात समझ लेनी चाहिए कि आतंकवाद अंतरराष्टÑीय स्तर पर हार रहा है। जम्मू-कश्मीर मामले का हल सिर्फ आपसी बातचीत से ही संभव है। गोली व बातचीत एक समय नहीं हो सकती। यह बात अब अमेरिका व चीन के इशारे भी पाकिस्तान को समझा रहे हैं। कश्मीर बारे अड़ियल रवैया अपनाने की बजाए पाकिस्तान को अमन व खुशहाली का रास्ता चुनना चाहिए।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jun 2018 10:26:18 +0530</pubDate>
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                <title>हिजबुल पर शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने एक और कार्रवाई करते हुए आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन पर पाबंदी लगा दी है। यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है। पाकिस्तान द्वारा घोषित हिजबुल मुजाहिद्दीन कश्मीर की कथित आजादी में आतंकवाद का समर्थन कर रहा था। इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र अमेरिका मुजाहिद्दीन प्रमुख सलाहुदीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर चुका है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/ban-on-hizbul-mujahideen/article-3198"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/hijbul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमेरिका ने एक और कार्रवाई करते हुए आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन पर पाबंदी लगा दी है। यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है। पाकिस्तान द्वारा घोषित हिजबुल मुजाहिद्दीन कश्मीर की कथित आजादी में आतंकवाद का समर्थन कर रहा था। इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र अमेरिका मुजाहिद्दीन प्रमुख सलाहुदीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर चुका है। इस घटनाक्रम से पाकिस्तान की नौटंकी और भद्दी हरकतों का पदार्फाश हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान कश्मीर की आजादी की दुहाई देकर सलाहुद्दीन की पीठ थपथपा रहा था। सलाहुद्दीन भारत का वांछित आतंकवादी है जिसकी सक्रियता से जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हिंसा हो रही है। अमेरिका के इस नए फैसले से भारत का पक्ष मजबूत हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पाबंदी के बाद अमेरिका को पाकिस्तान पर और दबाव बनाने की आवश्यकता है ताकि हिजबुल के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। आम तौर पर होता यही रहा है कि वांछित आतंकवादी भी पाकिस्तान में सरेआम रैलियां करते नजर आते हैं। हाफिज मोहम्मद सैय्यद के सिर पर अमेरिका ने इनाम भी रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद सैय्यद हजारों की तदाद में लोगों को इकठ्ठा कर भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है। जमात-उद-दावा पर पाबंदी के बाद सैय्यद ने अपना नया संगठन तहरीक-ए-आजादी बना लिया है। पाबंदी का प्रभाव नाम बदलने से समाप्त हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व के प्रत्येक देश की जिम्मेवारी बनती है कि आतंकवादी घोषित हो चुके लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की अभी भी कमी है। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के प्रभावशाली सदस्य देश अभी भी आतंकवाद के मामले पर बंटे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन का आतंकवाद के खिलाफ रवैया मौकाप्रस्त बन गया है। रूस आतंकवाद के मामले में मौन भूमिका निभा रहा है। चीन, भारत एवं अमेरिका की दोस्ती को अपने लिए खतरा समझ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि आतंकवादियों का भी समर्थन कर रहा है। यदि ओसामा बिन लादेन आतंकवादी था तो अमेरिका ने उसे पाक से ढूंढा और कुछ घंटों में मार गिराया।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद विरुद्ध दोहरे मापदंड खत्म किए जाने की जरूरत है। जब तक सुरक्षा परिषद के सदस्य आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट नीतियां नहीं बनाते तब तक आतंकवाद को खत्म करना आसान नहीं है। मुजाहिद्दीन मामले में अमेरिका का कदम अच्छा है, किंतु यह बात पाक और चीन को हजम नहीं हो रही। फिर भी यह घटनाक्रम भारत के लिए जीत के जैसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Aug 2017 23:59:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राशन में गड़बड़झाला करने वाले डिपो होल्डरों की शिकायत के लिए अब डायल करें 18001802087</title>
                                    <description><![CDATA[भ्रष्ट डिपो होल्डरों पर शिकंजा 1 जुलाई से प्रदेश में किसी भी डिपो से राशन ले सकेंगे उपभोक्ता आॅनलाइन सिस्टम से दफ्तरों के चक्करों से मिलेगा छुटकारा अब घर बैठे आएगा राशन कार्ड जारी होंगे बेहतर कागज़ एवं सुंदर डिजायन वाले राशन कार्ड चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। राशन में गड़बड़झाला करने वाले डिपो होल्डरों पर प्रदेश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/complaint-for-depot-holders-dial-18001802087/article-958"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/karn.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">भ्रष्ट डिपो होल्डरों पर शिकंजा</h1>
<ul>
<li><strong>1 जुलाई से प्रदेश में किसी भी डिपो से राशन ले सकेंगे उपभोक्ता </strong></li>
<li><strong>आॅनलाइन सिस्टम से दफ्तरों के चक्करों से मिलेगा छुटकारा</strong></li>
<li><strong>अब घर बैठे आएगा राशन कार्ड</strong></li>
<li><strong>जारी होंगे बेहतर कागज़ एवं सुंदर डिजायन वाले राशन कार्ड </strong></li>
</ul>
<p><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)।</strong> राशन में गड़बड़झाला करने वाले डिपो होल्डरों पर प्रदेश सरकार ने अब शिकंजा कस दिया है। सरकार ने ऐसे सभी भ्रष्ट डिपो होल्डरों की शिकायत करने के लिए दो टॉल फ्री नंबर 18001802087 व 18001801967 जारी किए हैं। अब आप भी इन टोल फ्री नंबरों पर अपने क्षेत्र के लापरवाह राशन डिपो होल्डरोें की शिकायत कर सकते हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मंत्री कर्ण देव कंबोज ने बताया कि टोल फ्री नंबर जारी करने का मकसद है लोगों की परेशानियों का तुरंत हल हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 9300 डिपो होल्डर हैं और इनकी संख्या 10-20 कम ज्यादा होती रहती है।</p>
<p>वहीं यदि कोई डिपो होल्डर समय पर अनाज नहीं देता तो टोल फ्री नंबर पर तुरंत उसकी शिकायत की जाए, उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसी के साथ उपभोक्ता आॅनलाइन भी विभाग की वैबसाइट पर शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार ने पहले से ही राशन वितरण प्रणाली को आॅनलाइन कर दिया है और 1 जुलाई से पोर्टेबिलिटी नैटवर्क भी काम करना शुरू कर देगा जिससे उपभोक्ता प्रदेश में कहीं भी अनाज ले सकेगा।</p>
<h3>1 जुलाई से बनेंगे नए राशन कार्ड</h3>
<p>आम तौर पर प्रदेश के हर घर में राशन कार्ड है, लेकिन ज्यादातर कट-फट चुके हैं, पुराने हो चुके हैं। सरकार इन पुराने राशन कार्डांे की जगह पर नए राशन कार्ड ले आई है। 1 जुलाई से ख़ाकी, हरा, गुलाबी व पीला राशन कार्ड नए स्वरूप में लोगों के सामने होगा। वहीं 1 जुलाई से ही आॅनलाइन आवेदन के जरिए आवदेक नए राशन कार्ड एप्लाई कर सकेगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मंत्री कर्ण देव कंबोज ने बताया कि प्रदेश के लोगों द्वारा अक्सर शिकायत की जाती रही है कि उनके राशन कार्ड पुराने हो चुके हैं कट-फट चुके हैं।</p>
<h3>बायोमैट्रिक सिस्टम से रुकेगी कालाबाजारी</h3>
<p>बायोमैट्रिक सिस्टम से राशन मुहैया करवाए जाने से प्रदेश में अनाज की कालाबाजारी पर अंकुश लग जाएगा। इस प्रक्रिया से कोई उपभोक्ता राशन न मिलने की शिकायत नहीं कर सकेगा वहीं डिपो होल्डर उपभोक्ता का राशन कहीं ओर नहीं बेच सकेगा।</p>
<p><em>कर्णदेव कंबोज</em><br />
<em>खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री</em></p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 10:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरटीआई में लापरवाही पर हुड्डा आॅफिसर पर शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सूचना आयोग ने 6 जून को चंडीगढ़ कार्यालय में किया तलब समालखा (सच कहूँ न्यूज)। राज्य सूचना आयोग ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को आरटीआई एक्ट की उल्लघंना का दोषी माना है। आयोग ने एसपी फरीदाबाद को जमान्ती वारन्ट भेज कर एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">राज्य सूचना आयोग ने 6 जून को चंडीगढ़ कार्यालय में किया तलब</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>समालखा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राज्य सूचना आयोग ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को आरटीआई एक्ट की उल्लघंना का दोषी माना है। आयोग ने एसपी फरीदाबाद को जमान्ती वारन्ट भेज कर एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश किए हैं। इसके साथ ही आॅफिसर पर 25 हजार रूपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इस संबंध में पीपी कपूर ने शिकायत दी थी। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि 16 मई 2016 को एस्टेट आॅफिसर फरीदाबाद को आरटीआई आवेदन भेजकर फरीदाबाद के औद्योगिक प्लाट बारे नौ बिन्दु की सूचनाएं मांगी थी।</p>
<h3>एक्ट की उल्लंघना पर जमानती वारंट जारी</h3>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सिर्फ एक बिन्दु की सूचना सही दी, शेष सूचना भ्रामक व अधूरी दी। जिसके बाद उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं प्रशासक हुड्डा फरीदाबाद के 6 सितम्बर 2016 को शेष सूचनाएं सही व पूरी देने के लिखित आदेशों की भी एस्टेट आॅफिसर ने परवाह नहीं की। राज्य सूचना आयोग ने 9 मार्च को सुनवाई उपरांत एस्टेट आॅफिसर परुीदाबाद को दोषी मानते हुए 25 हजार रूपये का जुर्माने का नोटिस जारी करते हुए शेष सूचनाएं तीन सप्ताह में देने व 1 मई को चंडीगढ़ पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। लेकिन 1 मई को सुनवाई के दौरान एस्टेट आॅफिसर ना तो आयोग के समक्ष पेश हुए और ना ही कोई सूचना भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त मेजर जनरल जेएस कुंडू ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को 25 हजार जुर्माने के नोटिस का जवाब देने व आरटीआई आवेदन से सम्बंधित समस्त रिकार्ड सहित चंडीगढ़ तलब किया है।आदेश की प्रति जमानती वारन्ट सहित एसपी फरीदाबाद को भेजकर एस्टेट आॅफिसर फरीदाबाद की पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 09:02:39 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

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