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                <title>State Information Commission - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>State Information Commission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरियाणा में नेता जी बोस के नाम पर बनेगा राज्य सूचना आयोग भवन</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम मनोहर लाल ने किया ऐलान 36.49 करोड़ रुपये आएगी लागत चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर पंचकूला के सेक्टर 3 में 36.49 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले राज्य सूचना आयोग(State Information Commission) के भवन की आधारशिला रखी और भवन का नाम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/state-information-commission-building-to-be-built-in-the-name-of-netaji-bose-in-haryana/article-30226"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/state-information-commission.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सीएम मनोहर लाल ने किया ऐलान 36.49 करोड़ रुपये आएगी लागत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर पंचकूला के सेक्टर 3 में 36.49 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले राज्य सूचना आयोग(State Information Commission) के भवन की आधारशिला रखी और भवन का नाम नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को समर्पित करते हुए इसका नाम ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस राज्य सूचना आयोग भवन’ रखने की घोषणा भी की।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कांग्रेस वंशवाद से बाहर नहीं निकल पाई</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ने देश की आजादी में युवाओं में जो जज्बा पैदा किया व प्रेरणा दी, उसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह दु:ख की बात है कि कांग्रेस पार्टी को नेहरू परिवार के वंशवाद से बाहर निकलने की फुर्सत नहीं मिली और इसके चलते देश की आजादी में नेता जी व अन्य क्रांतिकारियों द्वारा दिए गए योगदान को आगे नहीं लाया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">75 स्थानों पर मनाया पराक्रम दिवस</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नेता जी की 125वीं जयंती पर देश की आजादी के 75वें अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत हरियाणा में 75 स्थानों पर पराक्रम दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हरियाणा एमएलए होस्टल चण्डीगढ़ के पार्क में भी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हर साल 1000 युवाओं को मिलेगी एडवेंचर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा प्रति वर्ष प्रदेश के 1,000 युवाओं को एडवेंचर-स्पोर्टस की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें। पंचकूला जिला के मोरनी के अलावा कलेसर, ढ़ोसी, अरावली व मेवात की पहाड़ियों में भी एडवेंचर-स्पोर्टस आरंभ किए जाएंगे, जहां पर हर साल तीन से पांच ‘एडवेंचर-स्पोर्टस कैंप’ आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त कैंपों में ट्रेनिंग पर 2 करोड़ रूपए की राशि प्रत्येक वर्ष खर्च की जाएगी। इस दौरान मिल्खा सिंह एडवेंचर स्पोर्टस क्लब द्वारा मोरनी क्षेत्र में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होम स्टे योजना के तहत मोरनी के स्थानीय 40 युवाओं-युवतियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 3 को होम स्टे आॅफ इंडिया द्वारा युवा उद्यमी के पेशकश पत्र भी प्रदान किए गए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दो साल में पूरा होगा निर्माण</h4>
<p style="text-align:justify;">राज्य सूचना आयोग(State Information Commission) भवन का निर्माण दो वर्ष में पूरा होने का अनुमान है तथा इस पर 36.49 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्लाट का कुल क्षेत्र 3274.35 वर्ग मीटर है तथा दो बेसमेंट सहित यह 6 मंजिला भवन होगा तथा कुल कवर्ड एरिया 8500.98 वर्ग मीटर होगा। बेसमेंट का क्षेत्र 3692.20 वर्ग मीटर का होगा।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jan 2022 19:10:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य सूचना आयोग बना जनता की जेब पर भारी बोझ!</title>
                                    <description><![CDATA[आरटीआई एक्ट को सुचारू रूप से चलाए जाने के लिए बनाए गए राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली इतनी ढीली रही कि आरटीआई का निपटान ही जनता की जेब पर भारी पड़ने लगा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/the-state-information-commission-became-a-heavy-burden-on-the-publics-pocket/article-16222"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/the-state-information-commission-became-a-heavy-burden-on-the-publics-pocket.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सूचना आयोग के मुख्य आयुक्त को 2.50 लाख प्रति माह और आयुक्तों को 2.25 लाख रुपए प्रति माह वेतन व अन्य भत्ते मिलते हैं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5>छह सालों में प्रत्येक आरटीआई का निपटान पड़ा 8 हजार 137 रुपए में</h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5> सिर्फ 56 हजार 529 शिकायतों का हुआ निपटान</h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5>20 करोड़ रुपए से ज्यादा वेतन के रूप में हुए खर्च</h5>
</li>
</ul>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अनिल कक्कड़ चंडीगढ़</strong>। 2005 में सूचना का अधिकार आ जाने के बाद जनता के हाथ सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए बहुत बड़ा हथियार आ गया। आरटीआई की मदद से प्रदेश में बहुत बड़े खुलासे हुए और जनता के टैक्स के पैसे की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोगों पर नकेल कसी जाने लगी। लेकिन आरटीआई एक्ट को सुचारू रूप से चलाए जाने के लिए बनाए गए राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली इतनी ढीली रही कि आरटीआई का निपटान ही जनता की जेब पर भारी पड़ने लगा है। राज्य सरकार ने जनता के गाढ़े टैक्स की कमाई के करीबन 46.02 करोड़ रुपए पिछले छह सालों में सूचना आयोग पर खर्च किए हैं। वहीं सूचना आयोग ने केवल 56 हजार 529 आरटीआई सूचनाओं का निपटान किया है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">छह सालों में राज्य सूचना आयोग को आबंटित हुए 46.02 करोड़ रुपए</h4>
<h6 style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार 2014 में सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने राज्य सूचना आयोग को और मजबूती प्रदान करने के लिए 2013-14 के 3 करोड़ 85 लाख के बजट के मुकाबले 1.28 करोड़ रुपए बढ़ा कर 5.13 करोड़ रुपए बजट दिया। वहीं सबसे ज्यादा 2019-20 में 9 करोड़ 79 लाख रुपए का बजट राज्य सूचना आयोग को दिया गया है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">वर्ष                 मुहैया बजट<br />
2014-15         5.13 करोड़ रुपए<br />
2015-16         6.92 करोड़ रुपए<br />
2016-17         6.99 करोड़ रुपए<br />
2017-18         8.44 करोड़ रुपए<br />
2018-19         8.75 करोड़ रुपए<br />
2019-20         9.79 करोड़ रुपए<br />
<strong>कुल </strong>               <strong>46.02 करोड़ रुपए</strong></h6>
<h4 style="text-align:justify;">हर महीने निपटी केवल 785 आरटीआई, आयोग पर खर्च हुए 63.8 लाख रु.</h4>
<h6 style="text-align:justify;">राज्य सूचना आयोग ने पिछले छह सालों में कुल 56 हजार 529 आरटीआई का निपटान किया है। जिसके हिसाब से हर महीने केवल 785 शिकायतों का निपटान हुआ है जबकि 46.2 करोड़ रुपए के हिसाब से हर महीने तकरीबन 63 लाख रुपए राज्य सूचना आयोग का खर्चा है। ऐसे में प्रदेश की जनता के लिए एक आरटीआई का निपटान 8 हजार 137 रुपए में पड़ा है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">3 हजार 792 आरटीआई अभी भी पैंडिंग</h4>
<h6 style="text-align:justify;">हैरानीजनक तथ्य है कि जैसे राज्य सूचना आयोग का बजट और स्टाफ साल-दर-साल बढ़ता गया, वैसे-वैसे आयोग के पास आरटीआई एप्लीकेशन्स की पैंडेंसी भी बढ़ती गई। सबसे ज्यादा 3 हजार 471 आरटीआई की पैंडेंसी 2019 में रही और कमाल बात यह भी रही कि 2019-20 के लिए अब तक का सबसे ज्यादा 9 करोड़ 79 लाख का बजट राज्य सूचना आयोग को मिला।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">साल         पैंडिंग आरटीआई<br />
2014       1498<br />
2015       1395<br />
2016       1574<br />
2017       1980<br />
2018       2601<br />
2019       3471<br />
2020       (मई तक) 3792</h6>
<h4 style="text-align:justify;">3 करोड़ 27 लाख रुपए जुर्माने के रूप में वसूले</h4>
<h6 style="text-align:justify;">आयोग ने पिछले छह सालों में आरटीआई में कोताही बरतने वाले अधिकारियों एवं अन्यों से 3 करोड़ 27 लाख 59 हजार 490 रुपए जुर्माने के रूप में वसूले। जबकि आयोग ने 50 लाख 28 हजार 100 रुपए मुआवजे के रूप में आरटीआई आवेदनकर्ताओं को भी मुहैया करवाए। वहीं कुल 1 हजार 333 शिकायतों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आयोग ने सिफारिश की।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">मुख्य आयुक्त के अलावा सात राज्य सूचना आयुक्त निभा रहे हैं भूमिका</h4>
<h6 style="text-align:justify;">राज्य सूचना आयोग में मुख्य आयुक्त के अलावा सात आयुक्त आयोग की बागडोर संभाले हुए हैं। राज्य सरकार इन आयुक्तों को भारी-भरकम वेतन से नवाज रही है और इनके भत्ते इत्यादि भी प्रदेश के मुख्य सचिव और अतिरिक्त सचिवों के बराबर हैं। मुख्य आयुक्त के लिए 2.50 लाख रुपए प्रति माह वेतन एवं अन्य भत्ते इसके अलावा आयुक्तों के लिए 2.25 लाख रुपए प्रति माह वेतन और अन्य भत्ते इत्यादि फिक्स हैं। वहीं इनके लिए सरकारी सुख-सुविधाओं को पूरा इंतजाम अलग से है। आयुक्तों के अलावा सचिव को 88 हजार 400 रुपए, सीनियर सचिव को 78 हजार 800, अंडर सेक्रेटरी को 67 हजार 700, रिसर्च कम कंसलटैंट को 44 हजार 900, सुपरइंटैडैंट को 44 हजार 900, अकाउंट आफिसर को 44 हजार 900, वहीं सभी आयुक्तों के लिए एक सेके्रटरी जिसे 47 हजार 600 रुपए, प्रोग्रामर को 35 हजार 400 एवं इनके अलावा अन्य असिसटैंट्स, स्टैनो, टाइपिस्ट, रीडर्स, क्लर्क, ड्राइवर, चपरासी इत्यादि हैं, जिनके वेतन हजारों में हैं एवं भत्ते अलग से सरकार द्वारा दिए जाते हैं।</h6>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2020 22:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरटीआई में लापरवाही पर हुड्डा आॅफिसर पर शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सूचना आयोग ने 6 जून को चंडीगढ़ कार्यालय में किया तलब समालखा (सच कहूँ न्यूज)। राज्य सूचना आयोग ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को आरटीआई एक्ट की उल्लघंना का दोषी माना है। आयोग ने एसपी फरीदाबाद को जमान्ती वारन्ट भेज कर एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">राज्य सूचना आयोग ने 6 जून को चंडीगढ़ कार्यालय में किया तलब</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>समालखा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राज्य सूचना आयोग ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को आरटीआई एक्ट की उल्लघंना का दोषी माना है। आयोग ने एसपी फरीदाबाद को जमान्ती वारन्ट भेज कर एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश किए हैं। इसके साथ ही आॅफिसर पर 25 हजार रूपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इस संबंध में पीपी कपूर ने शिकायत दी थी। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि 16 मई 2016 को एस्टेट आॅफिसर फरीदाबाद को आरटीआई आवेदन भेजकर फरीदाबाद के औद्योगिक प्लाट बारे नौ बिन्दु की सूचनाएं मांगी थी।</p>
<h3>एक्ट की उल्लंघना पर जमानती वारंट जारी</h3>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सिर्फ एक बिन्दु की सूचना सही दी, शेष सूचना भ्रामक व अधूरी दी। जिसके बाद उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं प्रशासक हुड्डा फरीदाबाद के 6 सितम्बर 2016 को शेष सूचनाएं सही व पूरी देने के लिखित आदेशों की भी एस्टेट आॅफिसर ने परवाह नहीं की। राज्य सूचना आयोग ने 9 मार्च को सुनवाई उपरांत एस्टेट आॅफिसर परुीदाबाद को दोषी मानते हुए 25 हजार रूपये का जुर्माने का नोटिस जारी करते हुए शेष सूचनाएं तीन सप्ताह में देने व 1 मई को चंडीगढ़ पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। लेकिन 1 मई को सुनवाई के दौरान एस्टेट आॅफिसर ना तो आयोग के समक्ष पेश हुए और ना ही कोई सूचना भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त मेजर जनरल जेएस कुंडू ने एस्टेट आॅफिसर हुड्डा फरीदाबाद को 6 जून को 25 हजार जुर्माने के नोटिस का जवाब देने व आरटीआई आवेदन से सम्बंधित समस्त रिकार्ड सहित चंडीगढ़ तलब किया है।आदेश की प्रति जमानती वारन्ट सहित एसपी फरीदाबाद को भेजकर एस्टेट आॅफिसर फरीदाबाद की पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/screws-on-hooda-officer-on-negligence-in-rti/article-805</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 09:02:39 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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