<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/g7/tag-17039" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>G7 - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/17039/rss</link>
                <description>G7 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Mohammed bin Salman Al Saud : सऊदी अरब के प्रधानमंत्री जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे</title>
                                    <description><![CDATA[रियाद। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद (Mohammed bin Salman Al Saud) इटली में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने यह जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जियो मेलोनी को भेजे गए एक संदेश में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/mohammed-bin-salman-al-saud-will-not-attend-the-g7-summit/article-58623"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/prince-mohammed-bin-salman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रियाद।</strong> सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद (Mohammed bin Salman Al Saud) इटली में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने यह जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जियो मेलोनी को भेजे गए एक संदेश में सऊदी प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि वह हज सीज़न के कार्यों की देखरेख से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण सम्मेलन में भाग नहीं ले पाएंगे। हज मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का की वार्षिक इस्लामी तीर्थयात्रा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस ने सऊदी अरब-इटली संबंधों की गहराई पर भी ध्यान दिया और शिखर सम्मेलन की सफलता की कामना की। जी7 शिखर सम्मेलन 13-15 जून तक इटली के अपुलीया क्षेत्र में होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/mohammed-bin-salman-al-saud-will-not-attend-the-g7-summit/article-58623</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/mohammed-bin-salman-al-saud-will-not-attend-the-g7-summit/article-58623</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 12:12:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-06/prince-mohammed-bin-salman.jpg"                         length="26416"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी-7 सम्मेलन का भारत को लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[G-7 देशों के सम्मेलन के सदस्य देशों ने 600 अरब डॉलर का महांबजट बनाने का ऐलान किया है, जिससे विकासशील व कमजोर देशों की हालत में सुधार होगा। भारत को इस सम्मेलन में मेहमान के रूप में आमंत्रित किया गया व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेल में शिरकत की। भले ही इस बात से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/benefits-to-india-of-the-g-7-summit/article-34987"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/narendra-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">G-7 देशों के सम्मेलन के सदस्य देशों ने 600 अरब डॉलर का महांबजट बनाने का ऐलान किया है, जिससे विकासशील व कमजोर देशों की हालत में सुधार होगा। भारत को इस सम्मेलन में मेहमान के रूप में आमंत्रित किया गया व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेल में शिरकत की। भले ही इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जी-7 देशों की रूस व चीन के खिलाफ रणनीति ही इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य था, लेकिन जी-7 के इन ऐलानों से दोनों देशों को लाभ भी पहुंचेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जी-7 देश भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश मानते हैं। यह भी स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का कारण जी-7 रूस के खिलाफ लामबद्धी में जुटे हुए हैं व भारत सहित अन्य देशों का समर्थन प्राप्त करने का कोई ना कोई रास्ता तलाश रहे हैं। यहां भारत को पूरी मजबूती से संतुलित पकड़ बनाए रखने की आवश्यकता है। वास्तव में भारत ने अमेरिका व रूस के टकराव के बावजूद दोनों देशों के साथ बराबर रिश्ते कायम रखे हैं व इन संबंधों को बरकरार रखने की रणनीति बरकरार रहने की उम्मीद है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद वर्तमान में भारत रूस से तेल भी खरीद रहा है व रूस अमेरिका सहित जी-7 के साथ भारत के घनिष्ठ रक्षा संबंध भी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अमेरिका ने भारत सहित कई देशों पर रूस से तेल न खरीदने के दबाव बनाने की नाकाम कोशिश की गई। जहां तक जी-7 का आर्थिक दबदबा घटना की रणनीति का संबंध है, यह घटनाक्रम भारत के लिए लाभदायक होगा। जी-7 ने बुनियादी ढांचें के विकास संबंधी प्रोग्राम का ऐलान कर दिया, जिससे भारत को बुनियादी ढांचें विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए ज्यादा लाभ होगा। विश्व स्तर पर घट रही घटनाओं को लेकर भारत को सतर्क रहना होगा। इसमें भी कोई संदेह नहीं कि यदि अंतर्राष्टÑीय मंचों पर भारत का दबदबा कायम है तो वह गुटनिरपेक्षता के कारण ही है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/benefits-to-india-of-the-g-7-summit/article-34987</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/benefits-to-india-of-the-g-7-summit/article-34987</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 09:53:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-06/narendra-modi1.jpg"                         length="118514"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि की भारतीय प्रतिभा का उपयोग करें जी-7 देश : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[म्यूनिख। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सुझाव दिया कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा के विषय से निपटने के लिए जी -7 के सदस्य देश उर्वरक उत्पादन बढ़ाने के भारत के प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं। इसी संदर्भ में मोदी ने यह भी कहा कि जी-7 समूह के देशों में भारतीय कृषि प्रतिभा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/utilize-indian-talent-of-agriculture-g-7-country-modi/article-34950"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/modi-1-e16456914208533.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>म्यूनिख।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सुझाव दिया कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा के विषय से निपटने के लिए जी -7 के सदस्य देश उर्वरक उत्पादन बढ़ाने के भारत के प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं। इसी संदर्भ में मोदी ने यह भी कहा कि जी-7 समूह के देशों में भारतीय कृषि प्रतिभा के व्यापक उपयोग के लिए कोई प्रणाली भी बनायी सकता है। प्रधानमंत्री ने समूह को पौष्टिक आहार के एक विकल्प के रूप में बाजरा की खेती और इसके उपभोग को प्रोत्साहित करने के अभियान में मदद करने का भी सुझाव दिया। मोदी जर्मनी में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन में सोमवार को ‘ मिल-जुल कर और सशक्त: खाद्य सुरक्षा और स्त्री-पुरुष समानता का संवर्धन’ विषय पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में कहा, “भारत हमेशा से शांति के पक्ष में रहा है। वर्तमान परिस्थिति में भी, हमने लगातार बातचीत और कूटनीति के मार्ग के लिए ही आग्रह किया है।” उन्होंने कहा, “भू-राजनीतिक तनाव” का प्रभाव केवल यूरोप तक ही सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, “ ईंधन और अनाज की बढ़ती कीमतों का असर सभी देशों पर पड़ रहा है। विकासशील देशों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खास तौर पर जोखिम है। ”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने ने कहा, चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद भारत ने कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति की है। हमने पिछले कुछ महीनों में अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के रूप में लगभग 35,000 टन गेहूं भेजा है। और वहां भीषण भूकंप के बाद भी भारत राहत सामग्री पहुंचाने वाला पहला देश था। हम अपने पड़ोसी श्रीलंका को भी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं।” वैश्विक खाद्य सुरक्षा के विषय पर अपने सुझाव रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा: “सबसे पहले, हमें उर्वरकों की उपलब्धता पर ध्यान देना चाहिए और वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की मूल्य श्रृंखला को सुचारू रखना चाहिए। हम भारत में उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और इस संबंध में जी-7 देशों से सहयोग मांग रहे हैं।”</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/utilize-indian-talent-of-agriculture-g-7-country-modi/article-34950</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/utilize-indian-talent-of-agriculture-g-7-country-modi/article-34950</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 09:40:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-06/modi-1-e16456914208533.jpg"                         length="71591"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी7, नाटो के सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार: जेलेंस्की</title>
                                    <description><![CDATA[कीव (सच कहूँ न्यूज)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें जर्मनी में आयोजित हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन और मैड्रिड में नाटो (उत्तर अटंलाटिक संधि संगठन) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार लिया है। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात को ट्वीट करते हुए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/accepted-invitation-to-attend-g7-nato-summit-zeleny/article-34574"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/volodymyr-zelenskyy1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कीव (सच कहूँ न्यूज)।</strong> यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें जर्मनी में आयोजित हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन और मैड्रिड में नाटो (उत्तर अटंलाटिक संधि संगठन) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार लिया है। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात को ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज की तरफ से जी7 शिखर सम्मेलन और नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग की तरफ से नाटो के शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण मिला है, जिसे मैं पूरे दिल से स्वीकार करता हूं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">द न्यूयॉर्क टाइम्स में पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नेतृत्व को डर है कि अमेरिका में लोग यूक्रेन में जारी संघर्ष के प्रति अपनी रूचि खो देंगे और साथ ही इसके लिए यूरोपीय संगठन के एकजुट होने के आसार भी कम हो जाएंगे। सम्मेलनों में जेलेंस्की के शामिल होने से शायद यूक्रेन में मौजूदा स्थिति पर लोगों की रूचि बनी रहेगी।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/accepted-invitation-to-attend-g7-nato-summit-zeleny/article-34574</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/accepted-invitation-to-attend-g7-nato-summit-zeleny/article-34574</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 10:40:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-06/volodymyr-zelenskyy1.jpg"                         length="70679"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक दिसंबर में लिवरपूल में होगी</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन (एजेंसी)। जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों का शिखर सम्मेलन 10 से 12 दिसंबर तक लिवरपूल में होगी। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मंत्रालय ने यह जानकारी दी। शिखर सम्मेलन में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, जापान और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री शामिल होंगे तथा थाईलैंड, इंडोनिशया एवं मलेशिया समेत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों का शिखर सम्मेलन 10 से 12 दिसंबर तक लिवरपूल में होगी। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मंत्रालय ने यह जानकारी दी। शिखर सम्मेलन में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, जापान और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री शामिल होंगे तथा थाईलैंड, इंडोनिशया एवं मलेशिया समेत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) देश भी भागीदारी करेंगे। शिखर सम्म्लन में केविड-19, वैश्विक स्वास्थ्य और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/g-7-foreign-ministers-meeting-to-be-held-in-december-in-liverpool/article-28537</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/g-7-foreign-ministers-meeting-to-be-held-in-december-in-liverpool/article-28537</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 09:56:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान के मुद्दे पर बाइडेन, जॉनसन जी-7 की बैठक बुलाने पर सहमत</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अफगानिस्तान के मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने के लिए अगले सप्ताह वर्चुअल तरीके से जी-7 की बैठक बुलाने पर सहमत हुए हैं। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। व्हाइट हाउस की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/biden-johnson-agree-to-convene-g-7-meeting-on-afghanistan-issue/article-26124"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/borish-biden.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अफगानिस्तान के मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने के लिए अगले सप्ताह वर्चुअल तरीके से जी-7 की बैठक बुलाने पर सहमत हुए हैं। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। व्हाइट हाउस की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘दोनों नेता साझा रणनीति और दृष्टिकोण पर चर्चा करने के लिए अगले सप्ताह जी-7 नेताओं की एक आभासी बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तालिबान को ‘अफगानिस्तान सरकार’ के रूप में मान्यता नहीं देगा कनाडा</h4>
<p style="text-align:justify;">कनाडा के प्रधानमंत्री जुस्टिन ट्रूडो ने मंगलवार को कहा कि उनका देश तालिबान (रूस में प्रतिबंधित) को अफगानिस्तान की वैध सरकार के रूप में मान्यता देने पर विचार नहीं कर रहा है। ट्रूडो ने ओंटारियो के मार्खम में एक चुनाव अभियान के दौरान कहा कि तालिबान को अफगानिस्तान की सरकार के रूप में मान्यता देने की कोई योजना नहीं है और वह (तालिबान) कनाडा के कानून के तहत आतंकवादी समूह के रूप में घोषित है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तालिबान दोहा में कर रहा अफगानिस्तान की भावी सरकार के बारे में बातचीत</h4>
<p style="text-align:justify;">आतंकवादी संगठन तालिबान ने कहा है कि अफगानिस्तान में भविष्य की सरकार के गठन के बारे में कतर की राजधानी दोहा में चर्चा चल रही है, जिसमें इसकी संरचना और नाम शामिल है तथा वे जल्द ही विस्तृत विवरण का खुलासा करेंगे। तालिबान के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने टोलो न्यूज को बताया कि उनका नेतृत्व दोहा में चर्चा में व्यस्त है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा अफगानिस्तान के राजनीतिक दलों के संपर्क में है।</p>
<p style="text-align:justify;">तालिबान के राजनीतिक उप नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने कहा कि यह तालिबान के लिए परीक्षा की घड़ी है। उसने कहा, ‘इस समय हम एक परीक्षा का सामना कर रहे हैं क्योंकि अब हम लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। तालिबान ने काबुल में टोलो न्यूज परिसर में प्रवेश किया, सुरक्षा कर्मचारियों के हथियारों की जांच की, सरकार द्वारा जारी हथियार एकत्र किये और परिसर को सुरक्षित रखने पर सहमति दी। चैनल के कर्मचारियों के साथ कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/biden-johnson-agree-to-convene-g-7-meeting-on-afghanistan-issue/article-26124</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/biden-johnson-agree-to-convene-g-7-meeting-on-afghanistan-issue/article-26124</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Aug 2021 09:55:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-08/borish-biden.jpg"                         length="13969"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महामारियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे जी7 में शामिल देश</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन (एजेंसी)। ग्रुप आॅफ सेवेन (जी7) में शामिल देश कोविड-19 और भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए टीका और चिकित्सा संबंधी परीक्षणों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमत हो गए हैं। ब्रिटेन सरकार ने यूनिवर्सिटी आॅफ आॅक्सफोर्ड में जी7 के स्वास्थ्य मंत्रियों की दो-दिवसीय की मेजबानी करने के बाद यह घोषणा की है। आधिकारिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> ग्रुप आॅफ सेवेन (जी7) में शामिल देश कोविड-19 और भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए टीका और चिकित्सा संबंधी परीक्षणों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमत हो गए हैं। ब्रिटेन सरकार ने यूनिवर्सिटी आॅफ आॅक्सफोर्ड में जी7 के स्वास्थ्य मंत्रियों की दो-दिवसीय की मेजबानी करने के बाद यह घोषणा की है। आधिकारिक बयान के अनुसार चिकित्सीय और टीकों का एक क्लिनिकल परीक्षण जल्द शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले परीक्षणों में मदद करना और अनावश्यक दोहराव से बचना है।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘इसमें (समझौता) क्लिनिकल परीक्षणों, सुरक्षित टीकों तक त्वरित एवं व्यापक पहुंच, डेटा का बेहतर इस्तेमाल, अधिक उत्तम स्वास्थय निगरानी उपकरण, देशों के बीच अधिक से अधिक सहयोग के जरिये हम सभी को सुरक्षित बनाने के कई उपाय शामिल किये गये हैं।’ जी7 देश परीक्षणों और टीकाकरण प्रमाणपत्रों को पारस्परिक रूप से मान्यता देने पर साथ मिलकर काम करने के लिए भी सहमत हुये हैं। जी7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/countries-included-in-g7-will-increase-cooperation-to-deal-with-epidemics/article-24178</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/countries-included-in-g7-will-increase-cooperation-to-deal-with-epidemics/article-24178</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Jun 2021 10:32:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        