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                <title>World Environment Day - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>पर्यावरण प्रकृति का अनमोल उपहार: राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश वासियों को राज्यपाल ने दी बधाई | Dehradun News देहरादून (सच कहूँ न्यूज)। World Environment Day: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लोगों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/lieutenant-general-gurmeet-singh-appealed-to-the-people-of-the-state-to-take-a-pledge-to-protect-and-enhance-the-environment/article-58351"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/lieutenant-general-gurmit-singh.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश वासियों को राज्यपाल ने दी बधाई | Dehradun News</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून (सच कहूँ न्यूज)।</strong> World Environment Day: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लोगों से आह्वान किया है कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें साथ ही इसके संरक्षण के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। Dehradun News</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल ने कहा है कि हमारा पर्यावरण प्रकृति का अनमोल उपहार है और इसे हमें अपने और आने वाली पीढ़ी के लिए सहेजकर रखना होगा। हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण पर सभी को ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा की उत्तराखण्ड को प्रकृति का अनमोल वरदान प्राप्त है साथ ही हमारा प्रदेश जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम पर्यावरण और वनों को संरक्षित करने एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लें। Dehradun News</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल ने कहा की अब समय आ गया है कि हम जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैव विविधता हानि और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में सजग रहें और अपने पर्यावरण को बचाएं, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि आसपास के स्थान को स्वच्छ बनाएं, नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों को दूषित होने से बचाएं। हम प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प लें। इन छोटे-छोटे कदमों से हम निश्चय ही पर्यावरण को स्वच्छ रख पाएंगे। Dehradun News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कांटे के मुकाबले में कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी ने मारी बाजी" href="http://10.0.0.122:1245/satpal-brahmachari-of-congress-won-in-sonipat/">कांटे के मुकाबले में कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी ने मारी बाजी</a></p>
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                                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 20:30:06 +0530</pubDate>
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                <title>धरती का श्रंगार होते है पेड़ पौधे: डा अनिल आर्य</title>
                                    <description><![CDATA[बिनौली (सच कहूँ/सन्दीप दहिया)। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जीवाणा (Jiwana) में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास ट्रस्ट के तत्वाधान में पौधरोपण कर पर्यावरण सरक्षंण का संकल्प लिया। इस अवसर स्कूल प्रबंधक डा अनिल आर्य ने कहा कि जीवन वन के बिना संभव नहीं है। धरती को बचाना है तो पौधारोपण करें। आने वाली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/trees-are-the-adornment-of-the-earth-dr-anil-arya/article-48488"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/binauli-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बिनौली (सच कहूँ/सन्दीप दहिया)। </strong>गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जीवाणा (Jiwana) में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास ट्रस्ट के तत्वाधान में पौधरोपण कर पर्यावरण सरक्षंण का संकल्प लिया। इस अवसर स्कूल प्रबंधक डा अनिल आर्य ने कहा कि जीवन वन के बिना संभव नहीं है। धरती को बचाना है तो पौधारोपण करें। आने वाली पीढ़ी को खूबसूरत व हरा भरा बनाकर दें। धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं। इसके लिए सभी को संकल्पित होकर पौधारोपण में जुट जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">खाली भूमि पर पौधे लगाएं, जिससे पर्यावरण (Environment) के साथ हम खुद को तथा भविष्य को सुरक्षित कर सकें। इस अवसर पर उन्होंने अध्यापकों 50-50 छायादार व फलदार पौधों का रोपण कर उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। पौधारोपण में निदेशक डॉ सुनील आर्य, उप प्रधानाचार्य सुशील वत्स, ट्रस्ट के जिला प्रभारी मोनू राणा, चंदरवीर सिवाच, मोहित सोलंकी, नैना गुप्ता, कुणाल आर्य आदि उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Kollam Sudhi Death: सड़क दुर्घटना में अभिनेता कोल्लम सुधी की मौत" href="http://10.0.0.122:1245/kollam-sudhi-death/">Kollam Sudhi Death: सड़क दुर्घटना में अभिनेता कोल्लम सुधी की मौत</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2023 18:41:57 +0530</pubDate>
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                <title>जीवन बचाना है तो ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए.: सविता आर्य</title>
                                    <description><![CDATA[पेड़ पौधे नहीं होंगे आपके पास तो कहां से लोगे जिंदगी जीने के लिए सांस.. नीता रानी पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)। सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर नारी तू नारायणी (Nari tu Narayani) उत्थान समिति ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय महराणा के प्रांगण में त्रिवेणी लगा कर पेड़ लगाओ धरा बचाओ अभियान का शुभारंभ किया। यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/nari-tu-narayani-utthan-samiti-launched-the-campaign-to-plant-trees-and-save-the-earth/article-48477"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/panipat-news.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">पेड़ पौधे नहीं होंगे आपके पास तो कहां से लोगे जिंदगी जीने के लिए सांस.. नीता रानी</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)।</strong> सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर नारी तू नारायणी (Nari tu Narayani) उत्थान समिति ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय महराणा के प्रांगण में त्रिवेणी लगा कर पेड़ लगाओ धरा बचाओ अभियान का शुभारंभ किया। यह जानकारी समिति की अध्यक्ष सविता आर्य ने दी।उन्होंने बताया की हमारी समिति हर वर्ष बरसात के मोसम में विभिन्न स्थानों पर अनेक पोधे लगाती हैं । तथा पर्यावरण की रक्षा करती है। जीवन बचाना है तो ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति की सचिव नीता रानी ने कहा कि पृथ्वी के अस्तित्व को बचाने के लिए पौधा रोपण (Plantation) अति आवश्यक है मानव सहित सभी जीव जंतु पौधो द्वारा उत्पन्न ऑक्सीजन से ही सांस लेते है ।इसलिए सभी को जीवित रहने के लिए पोधों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। महाराणा गांव के सरपंच परवीन नांदल ने कहा कि जीवन की आपाधापी और विकास की अंधी दौड़ में पौधो की अंधा धुंध कटाई हो रही है जिसके कारण पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान होता है पर्यावरण को बचाने का केवल एकमात्र उपाय पौधारोपण है।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय के पीटीआई राजेश जागलान ने कहा कि पौधे लगाना एक बात है लेकिन उनकी देखभाल करना अत्याधिक जरूरी है। उसने पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्वय ली है। इस मौके प्रवीण नांदल सरपंच महराणा , प्रदीप कुमार पंच, सुरेंद्र नांदल, रवि , सोनू , हवा सिंह पंच , मनोज पंच, दीपक मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="odisha train accident reason: बढ़ती तकनीक और दहलाते रेल हादसे" href="http://10.0.0.122:1245/increasing-technology-and-shocking-train-accidents/">odisha train accident reason: बढ़ती तकनीक और दहलाते रेल हादसे</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2023 16:18:29 +0530</pubDate>
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                <title>एन सी सी कैडेटस ने पौधारोपण कर मनाया पर्यावरण दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ न्यूज/हेमंत कुमार)। 12 हरियाणा बटालियन के कमांडिंग अफसर कर्नल अनिल यादव के आदेशानुसार प्रताप स्कूल के एनसीसी कैडेट्स ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेटस ने हाथों में पेड़ लगाओ जीवन बचाओ, साँसे हो रही हैं कम आओ पेड़ लगाएं हम, पेड़ लगाना है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ncc-cadets-celebrated-environment-day-by-planting-saplings/article-48474"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/world-environment-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ न्यूज/हेमंत कुमार)।</strong> 12 हरियाणा बटालियन के कमांडिंग अफसर कर्नल अनिल यादव के आदेशानुसार प्रताप स्कूल के एनसीसी कैडेट्स ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेटस ने हाथों में पेड़ लगाओ जीवन बचाओ, साँसे हो रही हैं कम आओ पेड़ लगाएं हम, पेड़ लगाना है वरदान एक पेड़ दस पुत्र समान, पेड़ बचाओ पृथ्वी बचाओ, पेड़ ही पेड़ लगाते चलो धरती को स्वर्ग बनाते चलो आदि श्लोगनों की पटि्टयां लेकर उनके नारे लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया, खेल निदेशक प्रताप स्कूल खरखौदा (Kharkhoda) ने सभी कैडेट्स को पर्यावरण के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व भर में पर्यावरण बचाओ दिवस के रूप में मनाया जाता है। पेड़ हमारे जीवन का आधार है। पेड़-पौधे जहाँ पक्षियों को आश्रय देते हैं वहीं हमें जीवनदायनी आक्सीजन भी देते हैं। हम दैनिक दिनचर्या में चाहे-अनचाहे पर्यावरण को दूषित करते हैं। परिणामस्वरूप हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रकृति का प्राकृतिक सौंदर्य धूमिल हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मानव और पर्यावरण एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। पर्यावरण प्रदूषण (Environmental Pollution) करके या वृक्षों के कम होने से मानव शरीर पर सीधा असर पड़ता है। जिसका नतीजा बाद में मानव को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ, सूखा, भूस्खलन, हिमस्खलन आदि का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमें अत्याधिक हो रही वृक्षों की कटाई को रोकना होगा और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने होंगे तथा अपने परिवार, सगे-संबंधियों को भी पेड़ों की महत्ता को बताते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस अवसर पर प्राचार्या दया दहिया, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ सुबोध दहिया, डॉ दीपिका दहिया व एनसीसी अधिकारी ऋषि कुमार भी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="World Environment Day 2023: पर्यावरण संरक्षण में हमारा कितना योगदान" href="http://10.0.0.122:1245/world-environment-day/">World Environment Day 2023: पर्यावरण संरक्षण में हमारा कितना योगदान</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2023 15:21:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>World Environment Day 2023: पर्यावरण संरक्षण में हमारा कितना योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[World Environment Day: हम हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। आने वाले 21 जून को हम विश्व योग दिवस मनाएंगे, पर योग की आवश्यकता क्या एक दिन ही होती है? स्वस्थ रहने के लिए तो नियमित दैनिक योगाभ्यास करना चाहिए। इसी प्रकार से पर्यावरण दिवस एक दिन मनाकर हमारी जिम्मेदारी पूर्ण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/world-environment-day/article-48470"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/environmental.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">World Environment Day: हम हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। आने वाले 21 जून को हम विश्व योग दिवस मनाएंगे, पर योग की आवश्यकता क्या एक दिन ही होती है? स्वस्थ रहने के लिए तो नियमित दैनिक योगाभ्यास करना चाहिए। इसी प्रकार से पर्यावरण दिवस एक दिन मनाकर हमारी जिम्मेदारी पूर्ण नहीं होती, अपितु हम अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण का महत्व समझें और पर्यावरण संरक्षण की पूरी कोशिश करें।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/plantation-by-dera-sacha-sauda/">World Environment Day:- MSG ने हरियाली से महकाई धरा</a></p>
<p style="text-align:justify;">केवल औपचारिकता मात्र से हम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते और लक्ष्य है क्या? जहां तक पर्यावरण संरक्षण की बात है तो यह लक्ष्य है कि यह ब्रह्मांड हमें जिस सुन्दर अवस्था में मिला था उससे अधिक सुन्दर बनाकर हम इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़कर जाएं। यदि अधिक सुन्दर न बना सकें तो कम से कम इसे खराब तो न करें। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को देश, विश्व और आने वाली-पीढ़ियों के प्रति अपना सकारात्मक योगदान पर देना होगा। उदाहरण के तौर पर हर कोई मानता है कि पॉलीथीन और प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बड़े घातक हैं। सरकारें कानून तो बना सकती हैं परन्तु उनको लागू करने में व्यक्ति का और समाज का योगदान अति आवश्यक है। World Environment Day</p>
<p style="text-align:justify;">हम अक्सर यह चर्चा करते और सुनते हैं कि आने वाले समय में शुद्ध जल की बड़ी गंभीर समस्या होगी और कई बार तो यह कहा जाता है कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। परन्तु क्या हम अपने दैनिक जीवन में जल बचाने का प्रयास करते हैं? क्या प्रात: ब्रश करते समय या शेव करते हुए हम पानी का नल व्यर्थ में चलता तो नहीं रहने देते? नहाने में या अन्य उपयोग में थोड़ा-थोड़ा पानी बचाना जल संरक्षण के प्रति हमारा योगदान हो सकता है। World Environment Day</p>
<p style="text-align:justify;">जल संरक्षण के लिए वर्षाजल का संचय करना अनिवार्य होना चाहिए। जल संरक्षण कार्यों के अनुश्रवण और मूल्यांकन करने हेतु एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स होनी चाहिए। सरकारी और गैर-सरकारी भवनों, होटलों, उद्योगों में वर्षा जल को संग्रहण करने के लिए टैंक निर्मित होने चाहिए, यह अनिवार्य हो। इसके बिना किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं होना चाहिए। पन-विद्युत परियोजनाओं के लिए जब पानी डायवर्ट किया जाता है तब भी मुख्य नदी की पारस्थितिकी का रखरखात ठीक प्रकार से करने के लिए 15 प्रतिशत पानी का बहाव मुख्य नदी में अनिवार्य हो। World Environment Day</p>
<p>Environment Day: जहां भी प्रोजेक्ट निर्माण हो, भवन निर्माण हो या सड़क निर्माण हो वहां पर पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए डंपिंग साइट चयन का काम शुरू होने से पहले हो और पर्यावरण संरक्षण के लिए बताए गए कदमों को लागू करवाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों की हो तथा लापरवाही के मामले में उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानी जाए। ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने के लिए कोयले व अन्य र्इंधन, जीवाशम र्इंधन के जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध हो। कुछ छोटे-छोटे सुझाव हैं जो हम व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक तौर पर सहयोग कर के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं। World Environment Day</p>
<p style="text-align:justify;">5 june environment day: जैसे हम स्वयं पॉलीथीन और प्लास्टिक के कैरी बैगज का उपयोग पूर्ण रूप से बन्द कर दें। ‘पॉलीथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान को राष्ट्रीय स्तर तक गंभीरता ता से लागू करके हम बड़ा योगदान कर सकते हैं। हमने हिमाचल प्रदेश में सत्ता में रहते हुए यह करके दिखाया था। पॉलीथीन और प्लास्टिक के कचरे को एकत्रित करके सड़क निर्माण के कार्य में उपयोग किया था। इसके लिए 21 अप्रैल 2011 को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार हिमाचल प्रदेश को हमारी उत्कृष्ट पहल पर ‘हिमाचल प्रदेश में प्लास्टिक कचरे का स्थाई प्रबंध, संकल्पना से नीति तक’ मिला था। World Environment Day</p>
<p style="text-align:justify;">Environment: हमने शुरुआत की थी बच्चों में प्राकृतिक संसाधनों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वाले पत्रकारों, लेखकों, मैगजीनों (पत्रिकाओं) समाचार-पत्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए। हमने बच्चों में प्राकृतिक संसाधनों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने हेतु पर्यावरण संरक्षण संहिता बनाई थी। प्रात:काल विद्यालय में प्रार्थना के बाद भी पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाती थी। पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने हेतु एक पर्यटक आचार संहिता लागू की जानी चाहिए ताकि उनका योगदान भी सुनिश्चित हो सके। World Environment Day</p>
<p style="text-align:justify;">हर व्यक्ति अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए अधिक से अधिक धन संसाधन छोड़ कर जाना चाहता है। जिस प्रकार से पर्यावरण दूषित हो रहा है ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, तथाकथित विकसित देश प्रदूषण फैला रहे हैं उन परिस्थितियों को देखते हुए आने वाली पीढ़ी के लिए हमारी सबसे बड़ी विरासत एक सुन्दर, स्वच्छ, कार्बन न्यूट्रल पर्यावरण उसके लिए छोड़ कर जाना होगा। महात्मा गांधी ने कहा था कि प्रकृति ने हमारी आवश्यकता अनुसार उपयोग के लिये पर्याप्त दिया है पर लोभ के लिए नहीं। इसलिए आवश्यकता के अनुसार प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करें, शोषण नहीं।<br />
कार्बन तटस्थता के लिए हमारा नारा हो :-<br />
हर नागरिक बने पर्यावरण प्रहरी प्रखर,<br />
पर्यावरण संरक्षण में विकास की डगर।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2023 12:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>यूथ वीरांगनाओं ने विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित की प्रदर्शनी</title>
                                    <description><![CDATA[फतेहाबाद (सच कहूँ न्यूज)। पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूथ वीरांगनाएं संस्था द्वारा फतेहाबाद (Fatehabad) स्थित पपीहा पार्क में पौधा प्रदर्शनी लगाई गई। धरती को ग्लोबल वार्मिग से बचाना और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना हम सबका फर्ज है। इसी कड़ी के अंतर्गत यूथ वीरांगनाओं ने बेकार पड़ी खाली प्लास्टिक बोतलों को सुंदर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/youth-veerangana-organised-an-exhibition-on-world-environment-day/article-48437"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/fatehabad-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फतेहाबाद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूथ वीरांगनाएं संस्था द्वारा फतेहाबाद (Fatehabad) स्थित पपीहा पार्क में पौधा प्रदर्शनी लगाई गई। धरती को ग्लोबल वार्मिग से बचाना और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना हम सबका फर्ज है। इसी कड़ी के अंतर्गत यूथ वीरांगनाओं ने बेकार पड़ी खाली प्लास्टिक बोतलों को सुंदर तरीके से पेंट करके और उनमें तरह तरह के पौधे लगाकर एक विशेष संदेश दिया। यूथ वीरांगना सुमन असीजा ने बताया कि कैसे हम प्लास्टिक और वेस्ट मैटेरियल का पुनरुपयोग कर सकते हैं। स्वच्छता और पानी बचाना, हवा को शुद्ध रखना हम सबका कर्तव्य है। पार्क में घूमने आए सभी लोगों ने इस प्रयास की बहुत अधिक प्रशंसा की।</p>
<p style="text-align:justify;">वहां आए सीनियर नागरिक रिटायर्ड प्रिंसिपल एनसी वधवा (Principal NC Wadhwa) ने अपनी पूरे ग्रुप के साथ प्रदर्शनी में भाग लिया। उन्होंने यूथ वीरांगनाओं का हौसला बढ़ाते हुए 10 पौधे लिए और बाकी लोगों को भी प्रेरित किया। पार्क में आए सभी लोगों ने पौधे लिए और भविष्य में लगातार पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर रुपाली, नीतू खन्न, दीक्षा बांगा, प्रीतिका बजाज, रितु तनेजा, निशा मोंगा, मुस्कान, सुनीता छाबड़ा, अंकिता छाबड़ा, गीतू भूटानी, सृष्टि तनेजा, सिमरन मोंगा, कंचन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="दुकान पर नशा बेचना छोड़ा" href="http://10.0.0.122:1245/shopkeeper-devilal-insan-has-stopped-selling-drugs-from-his-shop/">दुकान पर नशा बेचना छोड़ा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2023 15:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित साईकिल रैली को डीसी ने दिखाई झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[पानीपत (सन्नी कथूरिया)। डीसी सुशील सारवान ने रविवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित साईकल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी प्रदूषण रोकने का संकल्प लें ताकि इस शहर को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dc-flagged-off-cycle-rally-organized-on-world-environment-day/article-34200"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/dc.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पानीपत (सन्नी कथूरिया)।</strong> डीसी सुशील सारवान ने रविवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित साईकल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।<br />
उन्होंने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी प्रदूषण रोकने का संकल्प लें ताकि इस शहर को सांस लेने के लायक बनाया जा सके। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं।</p>
<p>खासकर फलों के पौधे लगाएं। स्कूलों में इस तरह की मुहिम चलाई गई है।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे फिट इंडिया अभियान का हिस्सा बनें, अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखे और ज्यादा से ज्यादा साईकिल चलाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भी शीघ्र ही सभी अधिकारियों से बात कर सप्ताह में एक दिन कार फ्री डे मनाने की मुहिम को आगे बढ़ाएगा। सभी को इस मुहिम का हिस्सा बना कर इसे आगे बढाया जाएगा।</p>
<p>डीसी सुशील सारवान में कहा कि आने वाली पीढी को ज्यादा से ज्यादा शुद्ध हवा देने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकारी व निजी स्कूलों के साथ साथ वहां के नजदीक स्थानों में पौधारोपण करवाया जाएगा। इस मौके पर एडीसी वीना हूड्डा, सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित शर्मा, एसडीएम वीरेंद्र ढुल, सीटीएम राजेश सोनी, डीएफओ विजय लक्ष्मी और विभिन्न अधिकारी व समाजसेवियों के अलावा एक्सिस बैंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jun 2022 14:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>इस बार मनेगा सही मायने में पर्यावरण दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[देश की जनता को तालाबंदी (लॉकडाउन) के कारण बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। वहीं तालाबंदी का समय पर्यावरण की दृष्टि से अब तक का सबसे उत्तम समय रहा है। इस दौरान शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायु प्रदूषण का स्तर स्वयमेव घटकर न्यूनतम स्तर पर आ गया है। देश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/this-time-will-truly-celebrate-world-environment-day/article-15873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/save-tree.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की जनता को तालाबंदी (लॉकडाउन) के कारण बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। वहीं तालाबंदी का समय पर्यावरण की दृष्टि से अब तक का सबसे उत्तम समय रहा है। इस दौरान शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायु प्रदूषण का स्तर स्वयमेव घटकर न्यूनतम स्तर पर आ गया है। देश की सभी नदियों का जल अपने आप ही आचमन योग्य हो गया। जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। पूरी दुनिया में इस बार सही मायने में पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। सरकार हर वर्ष नदियों के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए अरबों रुपए खर्च करती आ रही है। उसके उपरांत भी नदियों का पानी शुद्ध नहीं हो पाया था। मगर देश में चली लंबे समय की तालाबंदी के चलते बिना कुछ खर्च किए ही नदियों का पानी अपने आप शुद्ध हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कोलकाता के बाबू घाट में तो इस दौरान लोगों ने 30 वर्ष बाद डॉल्फिन मछलियों को उछलते हुए देखा है। यह कोलकाता वासियों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था।पर्यावरणविदों के मुताबिक जिन नदियों के पानी से स्नान करने पर चर्म रोग होने की संभावनाएं व्यक्त की जाती थी। उन नदियों का पानी शुद्ध हो जाना बहुत बड़ी बात है। देश की सबसे बड़ी गंगा नदी का पानी सबसे अधिक प्रदूषित माना जाता था। गंगा आज सबसे शुद्ध जल वाली नदी बन चुकी है। वैज्ञानिकों के अनुसार गंगा का पानी साफ होने की वजह पानी में घुले डिसाल्वड की मात्रा में आई 500 प्रतिशत की कमी है। गंगा में गिरने वाले सीवर और अन्य प्रदूषक में कमी की वजह से पानी साफ हुआ है। इन दिनो गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता में आया असर साफ दिखाई दे रहा है। गंगा के पानी में आॅक्सीजन बढ़ा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोरोना संकट को लेकर दुनिया के अधिकांश देशों में लंबे समय तक चली तालाबंदी के कारण सब कुछ बंद रखना पड़ा था। दुनिया भर में लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए थे। भारत में भी लंबे समय तक तालाबंदी लागू की गई। देश में अभी भी तालाबंदी पूर्णतया नहीं हटाई गई है। लंबे समय की तालाबंदी के कारण पूरा देश ठहर सा गया है। जो जहां था वहीं रुक गया। तालाबंदी के कारण देश के सभी कल कारखाने, औद्योगिक संस्थान, व्यवसायिक गतिविधियां बंद हो गई। इसके साथ ही देश में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं, समस्त यात्री रेलगाड़ियां, छोटे-बड़े सभी तरह के वाहनों के परिचालन पर सरकार द्वारा रोक लगा देने के कारण आवागमन के सभी साधन पूर्णतया बंद हो गए। जिस कारण लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पूर्णतया रुक गया। वैसे भी तालाबंदी के दौरान सरकार ने लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी थी। इस कारण सभी तरह की गतिविधियां बंद हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">तालाबंदी के कारण सभी तरह की गतिविधियां बंद होने से लोगों ने बरसों बाद देश के बड़े शहरों में उन्मुक्त भाव से पशु पक्षियों को विचरण करते देखा है। चारों तरफ प्रकृति खुशी से विभोर होकर नाचते नजर आ रही है। लोगों ने शहरों की मुख्य सड़कों पर बड़ी तादाद में पशु पक्षियों को खेलते, उड़ते, गाते देखा है। गांव में विलुप्त होती कई तरह की चिड़िया व अन्य पक्षी भी साफ हुए वातावरण के कारण अब दिखाई देने लगे हैं। देश में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण बड़ी मात्रा में कृषि भूमि आबादी की भेंट चढ़ती गई। जिस कारण वहां के पेड़ पौधे काट दिये गये व नदी नालों को बंद कर बड़े-बड़े भवन बना दिए गए। जिससे वहां रहने वाले पशु, पक्षी अन्यत्र चले गए। लेकिन तालाबंदी ने लोगों को उनके पुराने दिनों की याद दिला दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण शुद्ध होने के कारण पंजाब के जालंधर शहर से हिमालय की बर्फ से ढकी धौलाधार पर्वत श्रंखला की चोटियां वर्षों बाद फिर से दिखाई देने लगी है। वहां के लोगों का कहना है कि प्रदूषण की वजह से वर्षों से ऐसा नजारा देखने को नहीं मिल रहा था। सरकार ने पिछले 25 वर्षों में यमुना नदी की सफाई पर करीबन 5 हजार करोड रुपए खर्च कर दिए थे। उसके बावजूद भी नदी का पानी साफ नहीं हो पाया था। मगर तालाबंदी के चलते जो काम हजारों करोड़ रुपए खर्च करके 25 साल में सम्भव नहीं हो पाया वह मात्र 2 महीने में अपने आप ही हो गया। आज गंगा की तरह यमुना का पानी भी बहुत अधिक मात्रा में साफ हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल हेल्थ पोर्टल आफ इंडिया के मुताबिक देश में हर साल करीब 70 लाख लोगों की मौत सिर्फ वायु प्रदूषण की वजह से हो जाती है। वायु प्रदूषण के चलते लोगों को शुद्ध हवा नहीं मिल पाती है। जिसका हमारे शरीर में फेफड़े, दिल और ब्रेन पर बुरा असर पड़ रहा है। देश में 34 प्रतिषत लोग प्रदूषण की वजह से मरते हैं। तालाबंदी के चलते प्रदूषण की वजह से देश में होने वाली मौतें भी कम हुई है। वहीं लोगों के बिमार होने की दर में आष्चर्यजनक ढ़ंग से कमी देखने को मिल रही है। नासा का कहना है कि दुनिया भर में लागू तालाबंदी के चलते 20 साल में सबसे कम प्रदूषण स्तर देखने को मिला मिल रहा है। देश में तालाबंदी से बदलाव की संभावनायें बढ़ी है जो अब साफ नजर आ रही है। अपनी सेहत को लेकर लोग अब पहले से ज्यादा सचेत हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम जैव विविधता ( बायोडायवर्सिटी ) पर केंद्रित होगा। इस थीम के भाव को इसके महत्व को समझते हुए हम सब को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि हम वायुमण्डल में बढ़ते प्रदूषण को रोकने की दिशा में काम करें। हमें अपने मन में संकल्प लेना होगा कि हमें प्रकृति से सदभाव के साथ जुड़ कर रहना है। इस पर्यावरण दिवस पर हम सब इस बारे में सोचें कि हम अपनी धरती को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए और क्या कर सकते हैं ? किस तरह इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं? पर्यावरण दिवस पर अब सिर्फ पौधारोपण करने से कुछ नहीं होगा। जब तक हम यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि हम उस पौधे के पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करेंगें।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के दूसरे तरीकों सहित सभी देशों के लोगों को एक साथ लाकर जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने और जंगलों के प्रबन्ध को सुधारना है। वास्तविक रुप में पृथ्वी को बचाने के लिये आयोजित इस उत्सव में सभी आयु वर्ग के लोगों को सक्रियता से शामिल करना होगा। तेजी से बढ़ते शहरीकरण व लगातार काटे जा रहे पड़ो के कारण बिगड़ते पर्यावरण संतुलन पर रोक लगानी होगी। पुराने समय में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिये पेड़ो को देवताओं के समान दर्जा दिया जाता था। ताकि उन्हे कटने से बचाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़-पीपल जैसे घने छायादार पेड़ो को काटने से रोकने के लिये उनकी देवताओं के रूप में पूजा की जाती रही है। इसी कारण गावों में आज भी लोग बड़ व पीपल का पेड़ नहीं काटते हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर हमें आमजन को भागीदार बना कर उन्हे इस बात का अहसास करवाना होगा कि बिगड़ते पर्यावरण असंतुलन का खामियाजा हमे व हमारी आने वाली पीढियों को उठाना पड़ेगा। इसलिये हमें अभी से पर्यावरण को लेकर सतर्क व सजग होने की जरूरत है। हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेजी से काम करना होगा तभी हम बिगड़ते पर्यावरण असंतुलन को संतुलित कर पायेगें। तभी हमारी आने वाली पीढ़ियां शुद्ध हवा में सांस ले पायेगी।</p>
<p>                                                                                                          <strong>रमेश सर्राफ धमोरा</strong></p>
<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2020 12:02:42 +0530</pubDate>
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