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                <title>Reopening Schools - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>स्कूल खुलवाने के लिए उप मुख्यमंत्री के नाम देवेन्द्र कादियान को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[पानीपत, (सन्नी कथूरिया) : प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने आज प्रधान श्री निवास मित्तल की अध्यक्षता में जजपा नेता देवेंद्र कादियान को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नाम स्कूल खोलने के बारे में ज्ञापन (Memorandum) दिया। मित्तल ने बताया कि सरकार को अब स्कूल खोलने पर ध्यान देना चाहिए जो मिडिल क्लास के स्कूल आज तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/memorandum-submitted-to-devendra-kadian-to-deputy-chief-minister-for-opening-of-school/article-20500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/memorandum-submitted-to-devendra-kadian-to-deputy-chief-minister-for-opening-of-school.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत, (सन्नी कथूरिया)</strong> : प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने आज प्रधान श्री निवास मित्तल की अध्यक्षता में जजपा नेता देवेंद्र कादियान को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नाम स्कूल खोलने के बारे में ज्ञापन (Memorandum) दिया। मित्तल ने बताया कि सरकार को अब स्कूल खोलने पर ध्यान देना चाहिए जो मिडिल क्लास के स्कूल आज तक भी नहीं खुले लगभग 10 महीने से स्कूल बंद पड़े हैं। कोरोना की आड़ में सरकार स्कूलों की तरफ ध्यान नहीं दे रही। जिस तरह से देश के सभी संस्थान अपने-अपने कार्य कर रहे हैं उसी तरह स्कूलों को भी खुलना चाहिए। आज केवल रेलवे विभाग व शिक्षा विभाग ही बंद पड़े हुए हैं बाकी सब संस्थान खुले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को अपना योगदान देना चाहिए और सभी स्कूलों को खोल देना चाहिए। क्योंकि प्राइवेट स्कूल संचालक अब आर्थिक दृष्टि से बहुत ही कमजोर हो चुके हैं। अध्यापकों की सैलरी देना तथा स्कूल के अन्य खर्चों को वहन करना अब स्कूल संचालकों के बस की बात नहीं रही। एसोसिएशन सरकार से मांग करती है कि अब पहली से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को तुरंत प्रभाव से खोलने की इजाजत दे देनी चाहिए। वहीं जजपा नेता देवेन्द्र कादियान ने उन्हें विश्वास दिलाया की उनका ज्ञापन शीघ्र ही उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास पहुंचा दिया जाएगा। इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान श्री निवास मित्तल, महिपाल पुनिया, अवनीश कुमार जगदीश बत्रा, अजय जैन, यशपाल भारद्वाज, सुरेंद्र शर्मा, अजमेर फ ौर, संजय शर्मा, बलकार, सुमित कालडा, गुलशन कुमार आचार्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Dec 2020 21:09:56 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना काल में सोमवार को 6 महीने बाद स्कूलों में दिखी चहल-पहल</title>
                                    <description><![CDATA[‘जरूरी काम हो तभी स्कूल जाएं छात्र’ शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ही आने की इजाजत सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। कोरोना महामारी के भय से 6 माह पूर्व 19 मार्च को बंद किए गए प्रदेश के स्कूल सोमवार को खोल दिए गए। हालांकि स्कूलों में 9वीं से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/in-the-corona-period-on-monday-after-6-months-there-was-a-stir-in-schools/article-18614"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/in-the-corona-period-on-monday-after-6-months-there-was-a-stir-in-schools.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">‘जरूरी काम हो तभी स्कूल जाएं छात्र’</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5>शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश</h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5>9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ही आने की इजाजत</h5>
</li>
</ul>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम</strong>। कोरोना महामारी के भय से 6 माह पूर्व 19 मार्च को बंद किए गए प्रदेश के स्कूल सोमवार को खोल दिए गए। हालांकि स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ही बुलाया गया है। वह भी कम संख्या में। स्कूलों में पहुंचे विद्यार्थियों व स्टाफ ने कोरोना महामारी प्रोटोकॉल के तहत मास्क, सेनिटाइज व सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया। साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि जिन छात्रों को पढ़ाई संबंधित जरूरी काम हो, वो ही स्कूल आएं। बाकी घर से ही डिजिटल तरीके से पढ़ाई करें। सोमवार को सरसा, फतेहाबाद, हिसार, जीन्द, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर सहित प्रदेश भर के स्कूलों को खोले जाने के साथ ही स्टाफ व अन्य कर्मचारियों ने पूरी ऐहतियात बरती। सामाजिक दूरी के लिए फर्श पर पेंट से गोल दायरे बना दिए गए थे, ताकि सभी विद्यार्थी सामाजिक दूरी से ही खड़े हों। कक्षाओं में कमरों, बेंच को पूरी तरह से सेनिटाइज किया गया। जैसे ही विद्यार्थियों ने स्कूलों में प्रवेश किया गया, उनके हाथ धुलवाने, सेनिटाइज करने के साथ तापमान भी मापा गया। जिनका तापमान अधिक था, उनको प्रवेश देने से परहेज किया गया। स्कूलों में पहुंचने वाले शिक्षकों का कोरोना टेस्ट भी करवाया जा रहा है। ताकि किसी तरह का रिस्क ना रहे। निजी और सरकारी केन्द्रों, अस्पतालों में कोरोना के टेस्ट किए जा रहे हैं। शिक्षकों ने इस दोनों स्थानों पर कोरोना की जांच करवाई। 9वीं से 12वीं तक की कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए स्कूलों में कम ही विद्यार्थियों को बुलाया गया है। उन विद्यार्थियों को बुलाया गया, जिन्हें ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कुछ समझ नहीं आया। गुरुग्राम के जैकबपुरा स्कूल का दौरा किया तो देखा कि गेट के अंदर प्रवेश करते ही छात्राओं के हाथ सेनिटाइज कराने के साथ तापमान मापा जा रहा था। इसके बाद ही उन्हें कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">वहीं भिवानी में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी में कार्यरत अध्यापक प्रकाश सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही कक्षा में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए विद्यार्थियों का अलग-अलग गु्रप बनाया गया है। विद्यार्थियों का कहना था कि 6 माह बाद वे स्कूल में आए हैं, उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि स्कूल खुले हैं तथा उनकी पढ़ाई फिर से सुचारू रूप से चल सकेगी। विद्यार्थियों ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब हम अपने अध्यापकों से सिलेबस बारे सीधा परामर्श लेंगे तथा अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से कर सकेंगे।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">परिजनों का सहमति पत्र लाए साथ</h4>
<h6 style="text-align:justify;">स्कूल में पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए यह भी जरूरी था कि वे स्कूल में आने के लिए अपने परिजनों से पत्र लेकर आएं। यानी परिजन उन्हें पत्र देकर कहें कि वे अपनी मर्जी से अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। सरकार ने सीधे तौर पर अपना बचाव किया है। अगर कल को किसी विद्यार्थी के साथ कोई परेशानी होती है तो सरकार इससे पल्ला झाड़ सकती है कि किसी विद्यार्थी को दबाव में नहीं बुलाया गया। हालांकि बच्चों की संख्या बहुत ही कम रही।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">मुफ्त में हो शिक्षकों के कोरोना टेस्ट</h4>
<h6 style="text-align:justify;">गुरुग्राम शिक्षक यूनियन के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान का कहना है कि अभी तक 5 फीसदी शिक्षकों के भी कोरोना टेस्ट नहीं हो पाए हैं। साथ ही शिक्षकों से कोरोना जांच के नाम पर रुपए लिए जा रहे हैं। यानी कोरोना जांच सरकारी अस्पतालों में भी मुफ्त में करने की बजाय, रुपए लेकर की जा रही है। यह शिक्षकों के साथ भेदभाव है। अस्पतालों में आरटीपीसीआर टेस्ट के 1500 रुपए, रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के 650 रुपए और 1जीसी बेस्ड ऐलिसा टेस्टिंग के 250 रुपए लिए जा रहे हैं।</h6>
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                <pubDate>Mon, 21 Sep 2020 17:37:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्कूल खोलने का मतलब है कोरोना महामारी को और बढ़ावा देना</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना महामारी के बीच सरकार अब जुलाई माह से कुछ नियम कायदों के साथ स्कूलों को खोलने की योजना बना रही है। ये नियम कायदे तब धरे रह जाएंगे जब बच्चे आपस में मिल-जुलकर खेलकूद करेंगे। अगर कहीं से भी एक बच्चे में भी कोरोना पॉजिटिव आ गया तो वह पूरे स्कूल को प्रभावित कर सकता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/opening-school-means-furthering-the-corona-epidemic/article-15914"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/opening-school-means-furthering-the-corona-epidemic.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;">गुरुग्राम के वकीलों ने कई पहलुओं को देखते हुए दी अपनी राय</h4>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम/सच कहूँ ब्यूरो</strong>। कोरोना महामारी के बीच सरकार अब जुलाई माह से कुछ नियम कायदों के साथ स्कूलों को खोलने की योजना बना रही है। ये नियम कायदे तब धरे रह जाएंगे जब बच्चे आपस में मिल-जुलकर खेलकूद करेंगे। बच्चों पर कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जा सकती। अगर कहीं से भी एक बच्चे में भी कोरोना पॉजिटिव आ गया तो वह पूरे स्कूल को प्रभावित कर सकता है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">स्कूलों को शुरू करने के निर्णय को वापस लेने की बातें अब उठ रही हैं। यहां की जिला अदालत में प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट हेमंत शर्मा का कहना है कि हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने जुलाई माह में स्कूल खोलने का ऐलान को कर दिया है, लेकिन बढ़ती जा रही कोरोना माहमारी के बीच वे आखिर किस तरह से स्कूल खुलवा सकते हैं। स्कूलों में छोटे से लेकर बड़े बच्चों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। ना तो वहां सोशल डिस्टेंस का पालन हो पाएगा और ना ही बच्चों के साथ सख्ती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफिया के दबाव में आकर इस तरह का कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। लॉकडाउन खोलने के बाद स्थिति कितनी बिगड़ी है, इससे सीख ले लेनी चाहिए। अभी तो बच्चे घरों में हैं। जब वे ऑटो, रिक्शा, बसों में बैठकर घर से स्कूल तक का सफर करेंगे तो उनमें कोरोना फैलने का खतरा बना रहेगा। हो सकता किसी टीचर से उन्हें कोरोना हो जाए या फिर बस, कार, ऑटो, रिक्शा चालक से हो जाए।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">एडवोकेट परमिंद्र सिंह यादव का स्कूल खोलने के निर्णय पर कहना है कि यह सरकार का निर्णय हमारी अगली पीढ़ी को खतरे में डालने वाला है। एक साल की शिक्षा किसी के जीवन से बढ़कर नहीं हो सकती। यह बात सरकार समझ क्यों नहीं रही। जब पूरी दुनिया इससे प्रभावित है तो फिर क्यों हम मौके की नजाकत को समझ नहीं पा रहे। सरकार को चाहिए कि स्कूल, कॉलेजों को अभी बंद रखे। क्योंकि वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग की समस्या भी बनी रहेगी। क्लासरूम में अगर एक बेंच छोड़कर बिठाया जाएगा तो आधी क्लास ही बाहर हो जाएगी। उसके लिए अलग से कुछ प्रबंध होंगे। मतलब शिक्षण संस्थानों के लिए यह काम मुश्किल हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि कम्युनिटी में फैल रहे संक्रमण से निपटने के प्रयास करें। स्कूल, कॉलेजों की ओर ध्यान ना दे। जान है तो जहान है।</h6>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2020 21:29:46 +0530</pubDate>
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