<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/galwan-valley/tag-17111" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Galwan Valley - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/17111/rss</link>
                <description>Galwan Valley RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सेना ने गलवान घाटी में फहराया तिरंगा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। नव वर्ष के मौके पर भारतीय सैनिकों को उपहार देकर दिखावटी सद्भावना व्यक्त करने के बाद गलवान घाटी में चीनी झंडा फहराये जाने का दुष्प्रचार करने वाले चीन को भारतीय सेना ने गलवान घाटी में तिरंगा फहराकर करारा जवाब दिया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार सेना ने पूर्वी लद्दाख स्थित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/army-hoisted-the-tricolor-in-galwan-valley/article-29675"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/galwan-valley.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> नव वर्ष के मौके पर भारतीय सैनिकों को उपहार देकर दिखावटी सद्भावना व्यक्त करने के बाद गलवान घाटी में चीनी झंडा फहराये जाने का दुष्प्रचार करने वाले चीन को भारतीय सेना ने गलवान घाटी में तिरंगा फहराकर करारा जवाब दिया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार सेना ने पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में वर्ष 2020 में हुई हिंसक झडप की जगह तिरंगा फहराकर अपने दृढ इरादों के बारे में स्पष्ट संदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन के सरकारी मीडिया ने नव वर्ष के बाद एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसके सैनिकों ने गलवान घाटी में चीनी झंडा फहराया है। इसके जवाब में जारी इन तस्वीरों में भारतीय सेना के जवान गलवान घाटी में तिरंगा फहराते नजर आ रहे हैं। चीन द्वारा गलवान घाटी का वीडियो जारी किये जाने के बाद भारतीय विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की यह कहते हुए आलोचना की थी कि वह चीन के मामले में चुप्पी साधे हुए है। रक्षा सूत्रों ने चीन के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि चीन ने दुष्प्रचार के तहत यह वीडियो जारी किया है और यह वीडियो गलवान घाटी के बजाय चीन की सीमा के भीतर किसी और क्षेत्र का है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/army-hoisted-the-tricolor-in-galwan-valley/article-29675</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/army-hoisted-the-tricolor-in-galwan-valley/article-29675</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Jan 2022 18:49:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-01/galwan-valley.jpg"                         length="41332"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या गलवान घाटी में फिर हुई चीनी सैनिकों से झड़प? सेना ने दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सेना ने लद्दाख से लगती सीमा पर चीन के साथ समझौतों के टूटने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़पों की रिपोर्ट से संबंधित लेख को गलत तथ्यों पर आधारित और भ्रमित करने वाला करार देते हुए इसका खंडन किया है। सेना ने बुधवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/did-clashes-with-chinese-soldiers-happen-again-in-galwan-valley/article-25142"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/galwan-valley.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सेना ने लद्दाख से लगती सीमा पर चीन के साथ समझौतों के टूटने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़पों की रिपोर्ट से संबंधित लेख को गलत तथ्यों पर आधारित और भ्रमित करने वाला करार देते हुए इसका खंडन किया है। सेना ने बुधवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि उसने एक अंग्रेजी दैनिक में बुधवार को छपे इस लेख, ‘भारत-चीन के बीच दोबारा भिड़ंत पूर्वी लद्दाख में पीएलए की वापसी’ का संज्ञान लिया है। सेना ने कहा है कि यह लेख गलतियों और भ्रामक जानकारी से भरा है। सेना ने दोहराया कि चीन के साथ समझौतों के टूटने की खबर झूठी तथा आधारहीन है। सेना ने कहा है कि इस वर्ष फरवरी में जब से सैनिकों के पीछे हटने का समझौता हुआ है दोनों ही पक्षों ने खाली किए गए क्षेत्रों पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश नहीं की है। गलवान घाटी या किसी अन्य क्षेत्र में सैनिकों के बीच झड़प नहीं हुई है जैसा कि इस लेख में रिपोर्ट किया गया है। पत्रकार की मंशा गलत है और उसका लेख सच्चाई पर आधारित नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चीनी सैनिकों की सभी गतिविधियों पर नजर</h3>
<p style="text-align:justify;">सेना की ओर से इस वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्ष बाकी बचे मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर स्थिति पहले जैसी ही है और भारतीय सेना चीन के सैनिकों की सभी गतिविधियों पर निरंतर नजर रखे हुए हैं सेना ने कहा है कि यह लेख सही तथ्यों पर आधारित नहीं है और वह इसका जोरदार शब्दों में खंडन करती है। रिपोर्टों के अनुसार मीडिया में छपे एक लेख में दावा किया गया है कि चीन की सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कुछ जगहों से घुसपैठ की है और कम से कम एक जगह पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प भी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चीन ने सीमा पर 1959 में किए दावे को फिर से दोहराया</h3>
<p style="text-align:justify;">सामरिक मामलों के विशेषज्ञ और एक समय भारतीय सेना में कर्नल रहे अजय शुक्ला ने कहा, “बीते एक साल के दौरान भारत चीन के बीच सीमा पर जारी गतिरोध ने दोनों देशों के आपसी संबंधों को काफी बदल दिया है। चीन ने सीमा पर 1959 में किए दावे को फिर से दोहराया है। अगर भारत इसे स्वीकार करता है तो सीमा पर बहुत सारा इलाका चीन के हिस्से में चला जाएगा। शुक्ला और अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीन के आगे बढ़ने का मतलब भारत के सैकड़ों वर्ग किलीमीटर जमीन पर चीन का स्वामित्व हो जाएगा। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों देश पैंगोंग त्सो झील के इलाके में अपनी सेना को पीछे करने पर सहमत हुए। लेकिन चीन ने हॉट स्प्रिंग, गोगरा पोस्ट और डेपसांग से वापसी का संकेत नहीं दिया है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">link din</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/did-clashes-with-chinese-soldiers-happen-again-in-galwan-valley/article-25142</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/did-clashes-with-chinese-soldiers-happen-again-in-galwan-valley/article-25142</guid>
                <pubDate>Wed, 14 Jul 2021 10:49:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-07/galwan-valley.jpg"                         length="56937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गलवान घाटी तनाव में दुनिया देख रही चीन की नीयत</title>
                                    <description><![CDATA[आखिर गलवान घाटी में चीनी घुसपैठ के महीनों बाद भारत और चीन दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की आलोचना की जा रही है तो कुछ कह रहे हैं कि भारत को अभी अड़िग रहकर चीन पर दबाव बनाकर रखना चाहिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/galwan-valley-tension-world-is-watching-china-intention/article-21801"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/galwan-valley-tension-world-is-watching-china-intention.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आखिर गलवान घाटी में चीनी घुसपैठ के महीनों बाद भारत और चीन दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की आलोचना की जा रही है तो कुछ कह रहे हैं कि भारत को अभी अड़िग रहकर चीन पर दबाव बनाकर रखना चाहिए था।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल इस बात को समझना होगा कि गलवान घाटी वाली घटना घुसपैठ थी न कि कोई युद्ध था। घुसपैठ होने पर भारतीय सैनिकों ने चीन को मुंह तोड़ जवाब दिया था। फिर भारतीय सेना पूरी मजबूती से सीमावर्ती क्षेत्र की रक्षा करती रही। यदि युद्ध के हालात होते तब सेना का पीछे हटना गलत माना जा सकता था। भारतीय सेना ने पीठ नहीं दिखाई, बल्कि बराबर शक्ति के आधार पर पीछे हटने का निर्णय लिया है। सीमा क्षेत्र के मामलों में जोश के साथ-साथ होश भी जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक ब्यानबाजी करना बहुत आसान होता है किंतु ऐसे मामलों में दो देशों की स्थिति पर युद्ध के परिणामों की वास्तविक्ता का जानना बेहद जरूरत होता है। एक शक्तिशाली सेना होने के बावजूद भारत की विचारधारा अमन-शांति और लगभग आठ महीनों में अलग-अलग स्तर की बातचीत में भारत ने इतना दबाव जरूर बनाया है कि आखिर चीन को भी पीछे हटना पड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात स्पष्ट है कि चीन को भारत की सैन्य ताकत का भी एहसास हुआ है। चीनी सेना की घुसपैठ के मामले को अमन-शान्ति निपटना भी भारत की बड़ी उपलब्धि है। इन परिस्थितियों में छोटी सी चिंगारी भी आग का रूप धारण कर सकती थी। युद्ध होने से बड़े स्तर पर मानवीय व आर्थिक नुक्सान होता है। भारत ने एक बड़े विवाद पर धैर्य से ताकत और बौद्धिकता का सुमेल बनाते हुए प्रभावी कूटनीति अपनाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन की सेना का पीछे हटना अपने आप में गलवान में चीनी घुसपैठ को विश्व की नजरों में चीन के गलत कदम के रूप में पेश करता है। सीमा विवाद गंभीर होते हैं लेकिन इनका हल धैर्य से निकलता है, ऐसे में जोशीले ब्यानों से दूर रहना चाहिए। उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के पश्चात ऐसे सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। पैंगोग झील क्षेत्र पर भारत ने कुछ भी नहीं गंवाया बल्कि इन बारे में अपने पक्ष को मजबूती से रखा है इसे भारत की जीत या हार के रूप न देखा जाए।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/galwan-valley-tension-world-is-watching-china-intention/article-21801</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/galwan-valley-tension-world-is-watching-china-intention/article-21801</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Feb 2021 21:30:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-02/galwan-valley-tension-world-is-watching-china-intention.gif"                         length="140641"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        