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                <title>हरियाणा में सीआईडी के बॉस पर संशय बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[इसलिए विज सीआईडी से तमाम तरह की सूचनाएं मांगते रहते हैं। जिस बाबत सीआईडी डीजीपी अनिल राव के साथ उनकी खटपट भी जगजाहिर है। वहीं मुख्यमंत्री सीआईडी के असली बॉस हैं यह बात गृह मंत्री होने के नाते अनिल विज पचा नहीं पा रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-ministers-of-council-is-under-cid-cm/article-12312"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/haryana-ministers.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">हरियाणा मिनिस्टर्स आफ काउंसिल में सीआईडी है मुख्यमंत्री के अधीन (CID)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अनिल कक्कड़/सच कहूँ चंडीगढ़।</strong> मंगलवार को उस समय मीडिया के साथ-साथ (CID) सरकार में भी बड़ी चर्चा हो चली, जब एक मीडिया प्लैटफार्म पर खबर चली कि क्रिमीनल इनवेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) विभाग मुख्यमंत्री ने फिर से अपने अधीन ले लिया है। इस बाबत विधानसभा की वैबसाइट पर मौजूद काउंसिल आॅफ मिनिस्टर्स की सूची में मंत्रियों को अलॉट विभागों का हवाला दिया गया। वहीं इस बाबत उच्च स्तरीय सूत्रों ने यह भी कन्फर्म किया कि सीआईडी के मुखिया कभी गृह मंत्री अनिल विज थे ही नहीं। बतौर नियम यह विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है। बता दें कि कई दिनों से सीआईडी को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज के बीच खींचतान बताई जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मुख्यतौर पर क्या  करती है सीआईडी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सीआईडी मुख्यतौर पर तीन कार्य करती है।</li>
<li style="text-align:justify;">नंबर एक-जानकारियां एकत्र करना, सुरक्षा संबंधी जानकारियां एकत्र करना और विभिन्न केसों की तह तक जाकर जांच करना।</li>
<li style="text-align:justify;">सीआईडी द्वारा की गई रोजाना की कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यमंंत्री, चीफ सेके्रटरी और गृह मंत्री और गृह सचिव को जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">जिसे मुख्य तौर पर देखने के बाद वहीं नष्ट कर दिया जाता है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">सीआईडी हमेशा सीएम के अंडर ही रही</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं एक उच्च स्तरीय अधिकारी ने <strong>सच कहूँ</strong> से बातचीत में बताया कि सीआईडी का अलग से कोई विभाग नहीं है। यह होम के साथ अटैच जरूर है, लेकिन यह रिपोर्ट सीधा सीएम को करती रही है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इससे पूर्व जितने भी मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्होंने मुख्यतौर पर सीआईडी विभाग को खुद के पास ही रखा है।</li>
<li style="text-align:justify;">वहीं 1987 में जब लोकदल की सरकार बनी तो सीएम देवी लाल ने जब संपत सिंह को गृह मंत्री बनाया, लेकिन सीआईडी खुद के पास रखा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">विज और खट्टर में खींचतान क्यों?</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि रिपोर्ट्स पर गौर करें तो मुख्यमंत्री खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज के बीच इस बाबत काफी खींचतान की बातें हवा में उड़ती रही हैं। लेकिन यह भी सच्चाई है कि प्रदेश के गृहमंत्री होने के नाते प्रदेश की हर छोटी-बड़ी गतिविधि से गृह मंत्री को वाकिफ होना लाज़मी है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">विज सीआईडी से तमाम तरह की सूचनाएं मांगते रहते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">जिस बाबत सीआईडी डीजीपी अनिल राव के साथ उनकी खटपट भी जगजाहिर है।</li>
<li style="text-align:justify;">वहीं मुख्यमंत्री सीआईडी के असली बॉस हैं</li>
<li style="text-align:justify;">यह बात गृह मंत्री होने के नाते अनिल विज पचा नहीं पा रहे हैं।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">इस सरकार में राजनैतिक लोगों की फोन टैपिंग लगभग शून्य!</h3>
<p style="text-align:justify;">एक उच्च स्तरीय सूत्र के अनुसार इस सरकार में राजनैतिक स्तर पर सीआईडी द्वारा फोन टैपिंग के मामले या अन्य सर्विलांस के मामले लगभग शून्य हैं। हालांकि यह भी सच है</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> विपक्षी नेता की हर प्रेस वार्ता या पत्रकारों से बातचीत पर सीआईडी अधिकारियों की कड़ी नज़र होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">लेकिन उच्च अधिकारी इन सीआईडी अधिकारियों की रिपोर्टिंग को प्रभावशाली नहीं मानते।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">गृहमंत्री अनिल विज बिजनस आॅफ द हरियाणा गवर्नमेंट के रूल्स का दे रहे हवाला</h3>
<p style="text-align:justify;">गृहमंत्री होने के नाते अनिल विज दावा करते हैं कि बिजनस आॅफ द हरियाणा गवर्नमेंट के रूल्स में साफ-साफ लिखा है कि सीआईडी होम डिपार्टमेंट के पास होती है। हालांकि इसी बिजनस आॅफ रूल्स में पेज 30 पर रूल नं. पांच में साफ लिखा है कि ‘महत्वपूर्ण केस चीफ सेके्रटरी से होकर गुजरेंगे।’</p>
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</span></span></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2020 20:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमबीबीएस व बीडीएस की काउंसलिंग कमेटी गठित</title>
                                    <description><![CDATA[पीबीडीएसयूएचएस के रजिस्ट्रार इस कमेटी के अध्यक्ष चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक सत्र-2017 के लिए निजी गैर-सहायता प्राप्त चिकित्सा तथा दंत चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले संस्थानों में एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ओपन मैरिट श्रेणी तथा प्रबंधन श्रेणी की सीटों के लिए प्रवेश या काउसंलिग […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/committee-constituted-of-council-for-mbbs-and-bds/article-2587"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/doctro.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पीबीडीएसयूएचएस के रजिस्ट्रार इस कमेटी के अध्यक्ष</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक सत्र-2017 के लिए निजी गैर-सहायता प्राप्त चिकित्सा तथा दंत चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले संस्थानों में एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ओपन मैरिट श्रेणी तथा प्रबंधन श्रेणी की सीटों के लिए प्रवेश या काउसंलिग कमेटी का गठन किया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीबीडीएसयूएचएस) रोहतक के रजिस्ट्रार इस कमेटी के अध्यक्ष होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि कमेटी के अन्य सदस्यों में इस विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के डीन, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक के निदेशक, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा विज्ञान संस्थान,रोहतक के प्रधानाचार्य, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक, सभी निजी चिकित्सा तथा दंत चिकित्सक संस्थानों के निदेशक या प्रधानाचार्य, विश्वविद्यालय के विधि अधिकारी तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक का प्रतिनिधि, शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2017 08:28:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शौचालय नहीं बनाया तो वापिस करनी होगी राशि</title>
                                    <description><![CDATA[उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने एफआईआर दर्ज करवाने के दिए निर्देश डीसी ने बैठक के दौरान 30 जून तक शहरों को ओडीएफ घोषित करने के दिए आदेश टीम व युवाओं से किया आमजन को जागरूक करने का आह्वान फतेहाबाद (विजय बजाज)। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने कहा कि जिन लोगों ने अपने घरों में शौचालय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/orders-to-declare-cities-as-odf/article-1745"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/toilet.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने एफआईआर दर्ज करवाने के दिए निर्देश</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>डीसी ने बैठक के दौरान 30 जून तक शहरों को ओडीएफ घोषित करने के दिए आदेश</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>टीम व युवाओं से किया आमजन को जागरूक करने का आह्वान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फतेहाबाद (विजय बजाज)।</strong> उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने कहा कि जिन लोगों ने अपने घरों में शौचालय बनाने के लिए सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त की है और अभी तक शौचालयों का निर्माण नहीं किया है, ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए और उनसे दी गई वित्तीय सहायता राशि की वसूली भी करे।</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने जिला की चारों नगर परिषद् और पालिकाओं को 30 जून तक खुले में शौचमुक्त करने के आदेश दिए है। उन्होंने नगर परिषद् के अधिकारियों से कहा है कि वे ओडीएफ घोषित होने के बाद 15 जुलाई तक जरूरी दस्तावेज एमआईएस पर अपलोड भी करें। इस कार्य में कौताही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त डॉ. जेके आभीर लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में नगर परिषद् अधिकारियों, कर्मचारियों, ओडीएफ टीम सदस्यों और सक्षम युवाओं की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगर परिषद के ईओ प्रदीप हुड्डा, महिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी आशा सेतिया, डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान सिंह, डीईईओ संगीता बिश्नोई, रोहताश मील मौजूद रहे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नगर पालिका के सभी वार्डों में सर्वे के निर्देश</h2>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने कहा कि ओडीएफ टीम सक्षम युवाओं को साथ लेकर टोहाना, फतेहाबाद नगर परिषद् और रतिया व भूना नगर पालिका के सभी वार्डों में सर्वे कर खुले में शौच करने वाले व्यक्तियों को चिन्ह्ति करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें लोगों को शौचालयों के उपयोग करने बारे समझाना है। उन्हें इसके लिए जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लोगों की मानसिकता में बदलाव लाकर हम उन्हें शौचालय के प्रयोग के लिए प्रेरित कर सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्कूलों में बच्चों को किया जाएगा जागरूक</h2>
<p style="text-align:justify;">डॉ. आभीर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों में बच्चों को शौचालयों के प्रयोग बारे जागरूक करें और उन्हें ओडीएफ के बारे में भी पूर्ण जानकारी दें। इसके अलावा उन्हें अभिभावकों व दूसरे लोगों को भी शौचालय उपयोग करने बारे जागरूक करने के लिए प्रेरित करे। ताकि वे बीमारियों से बच सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 02:06:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GST काउंसिल दूर करेगी इंडस्ट्री की दिक्कतें</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली: इंडस्ट्री की जीएसटी से संबंधित दिक्कतें दूर करने के लिए काउंसिल ने 18 टीम बनाई है। यह टीम अलग-अलग सेक्टर के लिए काम करेगी। हर टीम में केंद्र और राज्य के सीनियर ऑफिशियल्स होंगे। वे इंडस्ट्री बॉडी से मिलकर सेक्टर की प्रॉब्लम्स पहचानेंगे और ड्राफ्ट गाइडेंस तैयार करेंगे। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-council-will-solve-industry-problems/article-1091"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> इंडस्ट्री की जीएसटी से संबंधित दिक्कतें दूर करने के लिए काउंसिल ने 18 टीम बनाई है। यह टीम अलग-अलग सेक्टर के लिए काम करेगी। हर टीम में केंद्र और राज्य के सीनियर ऑफिशियल्स होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वे इंडस्ट्री बॉडी से मिलकर सेक्टर की प्रॉब्लम्स पहचानेंगे और ड्राफ्ट गाइडेंस तैयार करेंगे। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इसमें जिन खास सेक्टर्स पर ध्यान देने की बात है, उनमें टेलिकॉम, बैंकिंग, एक्सपोर्ट, आईटी, टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वैलरी, फूड प्रोसेसिंग, ईकॉमर्स, फार्मा और एमएसएमई प्रमुख हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">उन जगहों पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर खोलेगी, जहां बिक्री ज्यादा</h2>
<p style="text-align:justify;">फ्यूचर रिटेल उन जगहों पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर खोलेगी, जहां बिक्री ज्यादा है। कंपनी के ज्वाइंट एमडी राकेश बियानी ने बताया कि जीएसटी में सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होगा, क्रेडिट का भी नुकसान नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए हम ज्यादा स्टोर खोलना चाहते हैं। अभी कपड़ों और होम प्रोडक्टस के लिए इसके देशभर में सिर्फ दो डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर हैं- नागपुर और बर्दवान (पश्चिम बंगाल) में। बियानी ने कहा कि जीएसटी रिटेल सेक्टर के लिए बड़े मौके की तरह है। इससे दाम कम होंगे और डिमांड बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:52:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>GST काउंसिल की मीटिंग आज</title>
                                    <description><![CDATA[कपड़े-बिस्किट, फुटवियर पर तय होंगे टैक्स रेट नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल शनिवार को अपनी 15वीं मीटिंग में 6 तरह की कमोडिटी पर टैक्स रेट तय करेगी। इनमें सोना-चांदी और दूसरे बेशकीमती मेटल्स, मोती, हीरा और अन्य ज्वैलरी स्टोन, इमिटेशन ज्वैलरी प्रमुख हैं। बाकी चीजों में टेक्सटाइल, बिस्किट, फुटवियर, बिजली से चलने वाले एग्रीकल्चर इक्विपमेंट्स और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-council-meeting-today/article-811"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/kapda.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">कपड़े-बिस्किट, फुटवियर पर तय होंगे टैक्स रेट</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> जीएसटी काउंसिल शनिवार को अपनी 15वीं मीटिंग में 6 तरह की कमोडिटी पर टैक्स रेट तय करेगी। इनमें सोना-चांदी और दूसरे बेशकीमती मेटल्स, मोती, हीरा और अन्य ज्वैलरी स्टोन, इमिटेशन ज्वैलरी प्रमुख हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाकी चीजों में टेक्सटाइल, बिस्किट, फुटवियर, बिजली से चलने वाले एग्रीकल्चर इक्विपमेंट्स और बीड़ी, तेंदूपत्ता शामिल हैं। फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक ऑफिशियल ने बताया कि हैंडीक्राफ्ट और बायोडीजल पर भी टैक्स रेट इसी मीटिंग में तय हो सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गुड्स पर पहले घोषित टैक्स रेट में बदलाव भी किया जा सकता है</h2>
<p style="text-align:justify;"> जीएसटी में रिटर्न आदि के कई तरह के फॉर्म होंगे। इनके फॉर्मेट को भी आखिरी रूप दिया जाएगा। ट्रांजिशन रूल्स भी फाइनल होने हैं। कुछ गुड्स पर पहले घोषित टैक्स रेट में बदलाव भी किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये ऐसे प्रोडक्ट हैं जिन पर टैक्स की नई दर अभी के मुकाबले काफी ज्यादा तय की गई है। इनमें कई एफएमसीजी और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट और हाइब्रिड कार शामिल हैं। सरकार सोलर पैनल पर टैक्स रेट 18% से घटा कर 5% करने के संकेत भी दे चुकी है।</p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 23:33:35 +0530</pubDate>
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