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                <title>rate - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>10 सालों के निचले स्तर पर वैश्विक विकास दर : संरा</title>
                                    <description><![CDATA[संरा की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2.5 प्रतिशत से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, लेकिन व्यापारिक तनाव, वित्तीय उथल-पुथल या भू-राजनीतिक तनावों में बढ़ोत्तरी होने पर इस वृद्धि दर में गिरावट आ सकती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/global-growth-rate-at-10-year-low/article-12552"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/global-economy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जेनेवा (एजेंसी)।</strong> वर्ष 2019 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार पिछले एक दशक के निचले स्तर पर रही। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। संरा ने विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2020 पर अपनी रिपोर्ट में बताया कि लंबे व्यापारिक विवाद के कारण 2019 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2.3 प्रतिशत से वृद्धि हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">संरा की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2.5 प्रतिशत से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, लेकिन व्यापारिक तनाव, वित्तीय उथल-पुथल या भू-राजनीतिक तनावों में बढ़ोत्तरी होने पर इस वृद्धि दर में गिरावट आ सकती है। संरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि व्यापक असमानताएं और गहराते जलवायु संकट दुनिया के कई हिस्सों में असंतोष को बढ़ावा दे रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jan 2020 16:57:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए साल पर एसबीआई का तोहफा, होम लोन पर ब्याज दर घटाई</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को नए साल पर बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने सोमवार को होम लोन बाहरी बेंचमार्क दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1>बैंक भारतीय स्टेट बैंक <strong> की</strong> नई दरें 1 जनवरी 2020 से होंगी लागू | Home Loan</h1>
<ul>
<li>8.15 से अब 7.90 फीसदी की दर से ब्याज दर देना होगा।</li>
</ul>
<h5>Edited By Vijay Sharma</h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी) । </strong>भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को नए साल पर बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने सोमवार को होम लोन <strong>(Home Loan)</strong> बाहरी बेंचमार्क दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की। इस कटौती के बाद एसबीआई की होम लोन की दरें 7.90 फीसदी हो जाएंगी। यह नई दरें 1 जनवरी 2020 से लागू होंगी।एसबीआई हर तिमाही में अपने रेट को रिवाइज करता है।</p>
<h2>अभी एसबीआई का न्यूनतम होम लोन रेट 8.15 फीसदी है | Home Loan</h2>
<p style="text-align:justify;">अभी एसबीआई का न्यूनतम होम लोन रेट 8.15 फीसदी है। इस ताजा कटौती के बाद एक जनवरी से बैंक का न्यूनतम होम लोन रेट घटकर 7.90 फीसदी पर आ जाएगा। यानी 1 जनवरी 2020 से जो भी ग्राहक एसबीआई से होम लोन लेंगे। उन्हें 7.90 फीसदी की दर से ब्याज दर देना होगा। एसबीआई इस साल में अब तक एक साल की मार्जिनल कॉस्ट लैंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 65 आधार अंकों की कटौती कर चुका है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एसबीआई ने घटाई ब्याज दर</h2>
<h2 style="text-align:justify;">| Home Loan</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दिसंबर में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए होम लोन पर ब्याज दरों में कटौती की है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने का बाद भी ब्याज दरों में कटौती करने वाला एसबीआई पहला बैंक बन गया है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरबीआई इस साल में 135 आधार अंकों तक की कटौती कर चुका है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जबकि बैंकों ने नए लोन के मामले में अधिकतम 44 आधार अंकों तक की कटौती की है।</strong></li>
</ul>
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<p>SBI, Reduced, Interest, Rate, Home, Loan</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/sbi-reduced-interest-rate-on-home-loan/article-12094</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2019 12:21:51 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल छह पैसे, डीजल सात पैसे महँगा</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में पेट्रोल 74.13 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel मुंबई में 79.85 रुपये प्रति लीटर नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल-डीजल (Petrol And Diesel) की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेजी देखी गयी और पेट्रोल 10 महीने तथा डीजल छह महीने से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। देश की सबसे बड़ी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/petrol-and-diesel-rate-expensive/article-10481"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/six-km-away-in-punjab-border-for-seven-rupees-petrol-and-diesel-9-paise-cheaper.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">दिल्ली में पेट्रोल 74.13 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3><strong>मुंबई में 79.85 रुपये प्रति लीटर</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> पेट्रोल-डीजल <strong>(Petrol And Diesel)</strong> की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेजी देखी गयी और पेट्रोल 10 महीने तथा डीजल छह महीने से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्थिर रहने के बाद आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल छह पैसे महँगा होकर 74.13 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया जो 26 नवंबर 2018 के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल भी सात पैसे चढ़कर 67.14 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया।</p>
<h2>चेन्नई में 70.98 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>यह इस साल 16 मार्च के बाद इसका उच्चतम भाव है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी पेट्रोल छह-छह पैसे महँगा हुआ। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता में आज इसकी कीमत 76.88 रुपये, मुंबई में 79.85 रुपये और चेन्नई में 77.12 रुपये प्रति लीटर रही। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>डीजल की कीमत भी तीनों महानगरों में सात-सात पैसे बढ़ी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> कोलकाता में डीजल 69.56 रुपये, मुंबई में 70.44 रुपये और चेन्नई में 70.98 रुपये प्रति लीटर बिका।</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/petrol-and-diesel-rate-expensive/article-10481</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Sep 2019 15:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीजल आज 15 पैसे तक महंगा, पेट्रोल में 14 पैसे तक की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में 69.46 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर नई दिल्ली: डीजल के कीमतें लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड स्तर पर हैं। दिल्ली में डीजल सोमवार को 69.46 रुपए प्रति लीटर हो गया। रविवार को एक लीटर के रेट 69.32 रुपए थे। इससे पहले 29 मई को रेट सबसे ज्यादा 69.31 रुपए थे। तेल कंपनियों ने 14 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diesel-price-at-record-level-rs-69-46-in-delhi/article-5576"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/petrol1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"><strong>दिल्ली में 69.46 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर</strong></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> डीजल के कीमतें लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड स्तर पर हैं। दिल्ली में डीजल सोमवार को 69.46 रुपए प्रति लीटर हो गया। रविवार को एक लीटर के रेट 69.32 रुपए थे। इससे पहले 29 मई को रेट सबसे ज्यादा 69.31 रुपए थे। तेल कंपनियों ने 14 मई से 29 मई तक लगातार कीमतें बढ़ाई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, पेट्रोल पर सोमवार को 13 से 14 पैसे तक बढ़ोतरी की गई। दिल्ली में पेट्रोल 77.91 रुपए और मुंबई में 85.33 रुपए हो गया। कीमतों में लगातार दूसरे दिन इजाफा किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले 25 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया था। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के हिसाब से हर रोज पेट्रोल-डीजल के रेट तय करती हैं। नई कीमतें सुबह 6 बजे से लागू हो जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Aug 2018 12:24:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने ब्याज दरें 0.25% बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[इसका असर : बढ़ सकती है आपकी ईएमआई | RBI News नई दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद महंगाई बढ़ने की चिंता के मद्देनजर आरबीआई ने नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। मौद्रिक नीति समिति की दूसरी द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद रीपो रेट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rbi-increase-interest-rate/article-4000"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/rbi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">इसका असर : बढ़ सकती है आपकी ईएमआई | RBI News</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद महंगाई बढ़ने की चिंता के मद्देनजर आरबीआई ने नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। मौद्रिक नीति समिति की दूसरी द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद रीपो रेट में और रीवर्स रीपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की गई, जबकि सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिवर्स रीपो रेट अब 6 फीसदी हो गया है। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;">तो रीपो रोट बढ़कर 6.25 फीसदी हो गया है। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है जब नीतिगत दरों में वृद्धि की गई है। आरबीआई के इस कदम से कर्ज महंगे हो जाएंगे और आपकी ईएमआई बढ़ जाएगी। आरबीआई ने 2018-19 की पहली छमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8-4.9 प्रतिशत और दूसरी छमाही के लिए 4.7 प्रतिशत किया। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। सभी एमपीसी सदस्यों ने दरों में वृद्धि के पक्ष में वोट किया। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक के बाद कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की क्षमता बढ़ी है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में खपत बढ़ रही है। मॉनसून अच्छा रहने का अनुमान है, इसलिए पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। आरबीआई को पता है कि अगर कच्चे तेल के दाम नई ऊंचाई तक पहुंचे तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ना तय है। आरबीआई के पास मार्केट में मनी फ्लो रोकने और डिमांड कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने यानी लोन को महंगा करने के अलावा चारा नहीं था। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रेपो रेट क्या है ?</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है।</li>
<li style="text-align:justify;">बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं</li>
<li style="text-align:justify;">रेपो रेट घटने से लोन सस्ता होने की उम्मीद बढ़ती है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">रिवर्स रीपो रेट का होता | RBI News</h3>
<h3 style="text-align:justify;">है यह मतलब | RBI News</h3>
<p style="text-align:justify;">नाम के ही मुताबिक रिवर्स रीपो दर ऊपर बताए गए रीपो दर से उलटा होता है। बैंकों के पास दिन भर के कामकाज के बाद बहुत बार एक बड़ी रकम शेष बच जाती है। बैंक वह रकम अपने पास रखने के बजाय रिजर्व बैंक में रख सकते हैं, जिस पर उन्हें रिजर्व बैंक से ब्याज भी मिलता है। जिस दर पर यह ब्याज मिलता है, उसे रिवर्स रीपो दर कहते हैं। रेपो रेट बढ़ने से आपकी ईएमआई में भी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। बैंक अब कार लोन, होम लोन जैसे कर्ज पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। (RBI News)</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रेडिट पॉलिसी की खास बातें | RBI News</h3>
<ol>
<li style="text-align:justify;">आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है।</li>
<li style="text-align:justify;">रिटेल महंगाई दर का अनुमान बढ़ा दिया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">अप्रैल-सितंबर के बीच 7.5-7.6 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान दिया है।</li>
<li style="text-align:justify;">अक्टूबर-मार्च के दौरान 7.3-7.4 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान आरबीआई ने दिया है।</li>
<li style="text-align:justify;">पहले आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ का अनुमान 7.3-7.4 फीसदी रहने का अनुमान दिया था और अब कहा कि पहली छमाही बेहतर होगी और दूसरी छमाही में थोड़ी गिरावट देखी जा सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">अप्रैल-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.8-4.9 फीसदी रहने का अनुमान है।</li>
</ol>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/rbi-increase-interest-rate/article-4000</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 20:42:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोना 160 रुपये लुढ़का, चांदी 550 रुपये फिसली</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में रही गिरावट के बीच स्थानीय स्तर पर जेवराती माँग सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली सरार्फा बाजार में सोना 160 रुपये फिसलकर 31,290 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। औद्योगिक मांग कमजोर पड़ने और सिक्का निमार्ताओं के उठाव में आयी कमी से चाँदी भी 550 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/gold-rs-160-silver-rs-550-inexpensive/article-3595"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/gold-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (एजेंसी)। </strong>अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में रही गिरावट के बीच स्थानीय स्तर पर जेवराती माँग सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली सरार्फा बाजार में सोना 160 रुपये फिसलकर 31,290 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। औद्योगिक मांग कमजोर पड़ने और सिक्का निमार्ताओं के उठाव में आयी कमी से चाँदी भी 550 रुपये की भारी साप्ताहिक गिरावट के साथ 39,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने से वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट रही।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक दबाव और घरेलू स्तर पर पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के कारण सरार्फा कारोबार पर खरीदारों के घटे भरोसे के कारण जेवराती मांग कमजोर पड़ गयी है। पीएनबी धोखधड़ी मामले में सेलिब्रेटी ज्वेलरी डिजाइनर नीरव मोदी और गीतांजलि समूह के मेहुल चोकसी की संलिप्तता ने जेवरातों की शुद्धता पर सवालिया निशान लगा दिया है। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह लंदन का सोना हाजिर 8.90 डॉलर लुढ़ककर सप्ताहांत पर 1,314.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी सोना वायदा भी 10.10 डॉलर की साप्ताहिक गिरावट के साथ 1,313.090 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Mar 2018 06:25:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GST: ई-वे बिल सिस्टम अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का किया फैसला जीएसटी एक जुलाई से हो गया है लागू नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के तहत ई-वे बिल सिस्टम के अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत वाले माल को एक से दूसरी जगह ले जाने से पहले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-e-way-bill-system-starts-from-october/article-2148"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/led.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का किया फैसला</h2>
<h2 style="text-align:justify;">जीएसटी एक जुलाई से हो गया है लागू</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के तहत ई-वे बिल सिस्टम के अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत वाले माल को एक से दूसरी जगह ले जाने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके लिए जरूरी सेंट्रलाइज्ड सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीद है कि जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के पोर्टल पर यह सिस्टम अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। जीएसटी एक जुलाई से लागू हो गया है। उस वक्त उस वक्त तैयारी न होने से ई-वे बिल सिस्टम को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। यह सिस्टम तभी प्रभावी होगी, जब रजिस्ट्रेशन जारी करने के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">रजिस्ट्रेशन का वैरिफिकेशन भी किया जा सके। इसके लिए टैक्स ऑफिशियल्स को स्पेशल डिवाइस दी जाएंगी, जिन्हें वे हाथ में लेकर चल सकेंगे। केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का फैसला किया है। इसके तहत 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर रही वस्तुओं पर जीएसटीएन से जारी ई-वे बिल 20 दिन मान्य रहेगा। पहले यह सीमा 15 दिन थी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोविजन के मुताबिक ई-वे बिल की वैधता दूरी के आधार पर तय होगी। यह 100 किलोमीटर के लिए एक दिन, 100 से अधिक लेकिन 300 किमी से कम के लिए तीन दिन, 300 से अधिक लेकिन 500 किलोमीटर से कम के लिए 5 दिन, 500 से अधिक लेकिन 1,000 किलोमीटर से कम के लिए 10 दिन होगी। जीएसटी कमिश्नर कुछ स्पेशल कैटेगरीज के सामान पर ई-वे बिल की वैधता के पीरियड को बढ़ा सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एलईडी बल्बों के दाम में मामूली बढ़ोतरी</h2>
<p style="text-align:justify;">वहीं जीएसटी लागू होने के बाद एलईडी बल्बों के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है। ‘उजाला योजना’ के तहत सरकारी एजेंसी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने बताया कि पहले एक एलईडी बल्ब की कीमत 65 रुपए थी, जो अब बढ़कर 70 रुपए हो गई है। जीएसटी में इसे 12% के स्लैब में रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 22:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टमाटरों के बढ़े भाव से बिगड़ा सब्जी का जायका</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई: 15 रुपए किलो वाला टमाटर हुआ 60 रुपए किलो सरदूलगढ़(गुरजीत सिंह)। दिनो दिन बढ़ रही महंगाई ने लोगों का कंचूमर निकाल कर रख दिया है। इन दिनों में रोजमर्रा का प्रयोग में आने वाली वस्तुओं के भावा काफी तेज हो गई है। अन्य सब्जियों के साथ-साथ टमाटर के कुछ ही दिनों में चार गुणा तक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/economic-losses-to-vegetable-vendors/article-2120"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/tmatar.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">महंगाई: 15 रुपए किलो वाला टमाटर हुआ 60 रुपए किलो</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरदूलगढ़(गुरजीत सिंह)।</strong> दिनो दिन बढ़ रही महंगाई ने लोगों का कंचूमर निकाल कर रख दिया है। इन दिनों में रोजमर्रा का प्रयोग में आने वाली वस्तुओं के भावा काफी तेज हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य सब्जियों के साथ-साथ टमाटर के कुछ ही दिनों में चार गुणा तक बढ़े भाव ने तो सब्जी का स्वाद ही बिगाड़ कर रख दिया है घरेलू ग्रहणियां टमाटरों आदि के बढ़े भाव कारण रसोई के बजट का संतुलन बनाकर रखने में असमर्थ हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार पिछले दिनों में ही टमाटर के भाव में 45 रुपए प्रतिकिलो का विस्तार होने के कारण रिटेल दुकानदारों व रेहड़ियों वालों की लागत बढ़ गई जबकि लाभ कम हो गया है।</p>
<h2>सब्जी विक्रेताओं को हो रहा आर्थिक नुकसान</h2>
<p>दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि मार्केट में आई तेजी से किसानों को कोई फायदा नहीं होता क्योंकि उनको उनकी फसल का सही भाव नहीं मिलता, जबकि सब्जियों के बढ़ भावों का सारा फायदा बड़े व्यापारी ले जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी सब्जी विक्रेता प्रेम कुमार का कहना है कि टमाटर में तेजी आने के कारण जहां दुकानदारों की लागतें बढ़ गई हैं वहीं रिटेल दुकानदारों के मुनाफे भी कम हो गए हैं व टमाटर की बिक्री पर भी प्रभाव पड़ा है,</p>
<p style="text-align:justify;">जिस कारण उनको आर्थिक नुक्सान भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि टमाटर का उपयोग हर सब्जी में किया जाता है और यह लाना पड़ता है परंतु बिक्री न होने के कारण शाम को खराब हो जाता है, जिस कारण दुकानदारों व रेहड़ी वालों को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रास्ते बंद होने के कारण आई तेजी</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी जब सब्जी मंडी के आढ़तियों ब्रिज लाल अरोड़ा से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में अधिक बरसात होने से रास्ते बंद होने के कारण टमाटरों सहित अन्य सब्जियों अधिक न आने कारण भाव में तेजी आई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सब्जियों में टमाटर के इस्तेमाल में होने लगी कमी : कौंसलर</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी में कौंसलर तेजा सिंह सेवानिवृत कैप्टन का कहना है कि इस महंगाई से रसोई का सारा बजट बिगड़ गया है उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में ही टमाटर जो 10 से 15 रुपए के दरमियान प्रति किलो मिल रहा था उसकी आज कीमत 60 रुपए किलो हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि टमाटर का उपयोग तकरीबन हर सब्जी में किया जाता है, जिस कारण टमाटर महंगा होने से जहां टमाटर का कम इस्तेमाल होने लगा है वहीं कई सब्जियों में मजबूरी बस अमचूर डालना पड़ता है। महंगे हुए टमाटरों ने सब्जी का स्वाद बिगाड़ दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/economic-losses-to-vegetable-vendors/article-2120</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 01:23:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के चलते सब्जियों के रेट में आया उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई: बारिश ने बढ़ाई आमजन की मुश्किलें आम से महंगे हुए टमाटर सरसा (सुनील वर्मा)। बारिश से सब्जियां के रेटों में उछाल आना शुरू हो गया है। टमाटर के रेट आम से भी डबल हो गए हैं। बाजारों में आम के भाव 30 से 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि टमाटर के भाव […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/new-rate-of-vegetables-due-to-rain/article-1866"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/vagitable.jpg" alt=""></a><br /><h2>महंगाई: बारिश ने बढ़ाई आमजन की मुश्किलें</h2>
<ul>
<li><strong>आम से महंगे हुए टमाटर </strong></li>
</ul>
<p><strong>सरसा (सुनील वर्मा)।</strong> बारिश से सब्जियां के रेटों में उछाल आना शुरू हो गया है। टमाटर के रेट आम से भी डबल हो गए हैं। बाजारों में आम के भाव 30 से 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि टमाटर के भाव 60 से 70 रुपए तक पहुंच गए हैं। वहीं शिमला मिर्च के भाव 20 रुपए से 80 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गये हैं। बारिश के बाद हिमाचल से आने वाली सब्जियां के रेटों में भी उछाल आने लगा है।</p>
<h2>कम आ रही सब्जियां</h2>
<p>बारिश के बाद अनाज मंडी में सब्जियां की आवक कम पहुंच रही है। इससे सब्जी के रेट में उछाल आ रही है। सब्जियां के रेट बढ़ने से घरों का बजट भी बिगड़ने लगा है। वहीं विवाह का सीजन होने पर सब्जियां की डिमांड भी पूरी नहीं हो रही है। सब्जी विक्रेता महेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन चार दिन से सब्जी के तेजी से रेट बढ़ रहे हैं। सब्जी की आवक भी मंडी में कम आ रही है।</p>
<h2>ये हैं सब्जियां के भाव</h2>
<ol>
<li style="text-align:left;"><strong>सब्जी                     मौजूदा समय भाव            दस दिन पहले भाव</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>टमाटर                  60 से 70 रुपए                10 से 15 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>शिमला मिर्च          80 रुपए                          20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>हरी मिर्च               50 रुपए                           20 से 30 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>तोरी                     40 रुपए                            20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>टिंडा                    50 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>भिंडी                   30 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>बैंगन                   30 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>करेला                 30 रुपए                             20 रुपए </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>अरबी                 40 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>घीया                   20 रुपए                             10 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>प्याज                  15 रुपए                              8 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>पेठा                   15 रुपए                               8 रुपए</strong></li>
</ol>
<p> </p>
<p> </p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/new-rate-of-vegetables-due-to-rain/article-1866</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 01:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सब्जियों पर मंदी की मार</title>
                                    <description><![CDATA[आलू उत्पादक किसानों को पहुंचा था नुक्सान, दो रूपए किलो बेचा था आलू सनौर (वरिन्दर बल्लू)।  इस साल का सब्जी सीजन किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। पहले आलू उत्पादक किसानों को भाव न मिलने के कारण निराशा का सामना करना पड़ा। आलू खुदाई के दौरान बारिश ने फसल को नुक्सान पहुंचाया। इसके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-the-slowdown-of-vegetables/article-1628"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/sabji.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">आलू उत्पादक किसानों को पहुंचा था नुक्सान, दो रूपए किलो बेचा था आलू</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सनौर (वरिन्दर बल्लू)।</strong>  इस साल का सब्जी सीजन किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। पहले आलू उत्पादक किसानों को भाव न मिलने के कारण निराशा का सामना करना पड़ा। आलू खुदाई के दौरान बारिश ने फसल को नुक्सान पहुंचाया। इसके बाद फसल का उचित मूल्य नहीं मिला। बेशक आलू 4 से 5 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकता रहा लेकिन बाद में 2 रुपए किलो के हिसाब से ही आलू की बिक्री हुई। इतनी कम कीमत से तो आलू की फसल पर हुए खर्च को भी पूरा नहीं किया जा सकता था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पुण्य करना बेहतर समझा</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान करनैल सिंह अनुसार भिंडी व मिर्च को तोड़ने के लिए सात रुपए प्रति किलो के हिसाब से मजदूरी और मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ती है। कई किसानों ने अपनी घीया व कददू की सब्जी को गौशाला में ही भेज दिया है। किसानों का कहना था इतने कम रेट से कुछ पल्ले नहीं पड़ता। कम से कम गौशाला में सब्जी भेजने से पुण्य का काम ही करना सही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">घाटा पड़ना कोई नई बात नहीं</h2>
<p style="text-align:justify;">सब्जियों के रेट में आई भारी गिरावट संबंधी जब किसान रुपिन्दर सिंह जोशन और जसबीर सिंह से बातचीत की तो उन्होंने कहा उनका परिवार पिछली कई पीढ़ियों से सब्जी की काश्त कर रहा है। सब्जियों के रेट में इतनी गिरावट आना कोई नई बात नहीं, लेकिन आज के महंगाई के दौर में फसल पर होने वाले खर्च इतने बढ़ हो गए हैं कि फसल से होने वाले घाटे को बर्दास्त नहीं किया जा सकता।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ये भाव बिक रही सब्जियां</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>घीया 5 से 7 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खीरा 3 से 5 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कददू 3 से 4 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भिंडी 12 से 15 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मिर्च 10 से 12 रुपए </strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>अन</strong>देखा करने का आरोप</h2>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने इस फसलों पर मंडराए संकट के लिए केंद्र व राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि समय की सरकारों ने किसानी मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने पंजाब सरकार व केंद्र सरकार से सब्जियों के रेट निर्धारित करने व पाकिस्तान से निर्यात की जाने वाली सब्जी पर पाबंदी लगाने की मांग की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहले तोरी के अच्छे रेट मिले थे</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान रूपिन्द्र सिंह जोशन ने बताया अब मौजूदा समय में उन्होंने लगभग तीन एकड़ में तोरी की काश्त की गई है। तोरई 2 से 3 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जोकि बहुत ही कम है। इस रेट से तो उनकी फसल पर लागत भी पूरी नहीं होती। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में तोरई की फसल का रेट ठीक रहा था जिसे देखकर इस बार किसानों ने इस फसल की अधिक पैदावार की।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-the-slowdown-of-vegetables/article-1628</link>
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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2017 01:08:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कम पैसों में मिले सफर सुविधा तो कोई ज्यादा पैसे क्यों दे</title>
                                    <description><![CDATA[संकटनिजी बसों के सस्ते सफर कारण पीआरटीसी की आमदन में ईजाफा मुश्किल भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा क्षेत्र में निजी बस मालिकों द्वारा सस्ते में सफर करवाने की चलाई गुप्त योजना ने पीआरटीसी को रगड़े लगाने का इंतजाम कर दिया है। माना जा रहा था कि किराया बढ़ने से पीआरटीसी की आमदन बढ़ेगी, किन्तु इस योजना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/booking-of-bathinda-depot-felt-shock/article-1452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/prtc.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">संकटनिजी बसों के सस्ते सफर कारण पीआरटीसी की आमदन में ईजाफा मुश्किल</h2>
<p><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा क्षेत्र में निजी बस मालिकों द्वारा सस्ते में सफर करवाने की चलाई गुप्त योजना ने पीआरटीसी को रगड़े लगाने का इंतजाम कर दिया है। माना जा रहा था कि किराया बढ़ने से पीआरटीसी की आमदन बढ़ेगी, किन्तु इस योजना कारण विभाग को तो कोई लाभ होता दिखाई नहीं दे रहा, उल्टा मालवे में काफी रूट प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। माना जा रहा है कि भटिंडा डिपो की बुकिंग को तो झटका लगना तय है। पीआरटीसी के एक कडंक्टर ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर यह उक्त बात को स्वीकारा भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्णनीय है कुछ समय से निजी बस चालकों ने अपनी बसों की बुकिंग ही ठेके पर दी हुई है, जिस कारण यह लोग कमाई के लिए सस्ते भाव पर लोगों को सफर करवा रहे हैं। पता चला है कि निजी बस वालों द्वारा मुसाफिरों के साथ मौके पर ही सौदा तय कर लिया जाता है और कम किराए पर ही वह सवारी ले जाते हैं।</p>
<h2><strong>बसों की बुकिंग ठेके पर होने के कारण कडंक्टर देने लगे हैं छूट</strong></h2>
<p>निजी बस मालिकों की इस नीति के चलते लंबे रूट पर जाने वाली सवारी को खर्च कम पड़ता है। जानकारी अनुसार भोग अथवा शादी पर जाने के लिए एकत्रित हुई सवारियों तथा रोजाना सफर करने वाले मुसाफिरों को विशेष छूट मिलती है। सूत्रों के मुताबिक भटिंडा से चंडीगढ़ चलने वाली निजी ए.सी. बस में 50 रुपयेप्रति सवारी व भटिंडा से लुधियाना तक आम बस में 10 से 15 रुपये प्रति सवारी की छोट दी जा रही है, जबकि अन्य छोटे- मोटे रूटों पर भी कडंक्टर कम पैसे लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भटिंडा से बरनाला रूट पर रोजाना सफर करने वालों को 5 से 10 रुपये तक किराये में छूट मिल जाती है। भटिंडा से चंडीगढ़ तक आम बस का किराया 210 रुपये है, जबकि ए.सी. बस का किराया 320 रुपये है। सफर महंगा होने के कारण सवारी ए.सी. बस में नहीं बैठती, जिस कारण निजी बसों वाले ए.सी. सफर में छूट दे रहे हैं।</p>
<h2><strong>किराया बढ़ने से पीआरटीसी की बुकिंग के आसार हुए कम</strong></h2>
<p>रामपुरा निवासी हरदीप कुमार शर्मा ने बताया कि रामपुरा से चंडीगढ़ तक ए.सी. बसों वाले 50 रुपये और भटिंडा से लुधियाना तक ए.सी. बसों वाले 30 रुपये तक कम ले लेते हैं। इस हिसाब से निजी बसों में सफर सस्ता पड़ता है और सरकारी बसों में सफर महंगा पड़ता है। ट्रांसपोर्टर तीर्थ सिंह दयालपुरा मिर्जा ने कहा कि जब सवारी को कम पैसों में सफर की सुविधा मिलती है तो कोई ज्यादा पैसे क्यों देगा। उन्होंने कहा कि इस सुविधा ने खुद बस चलाने वालों का भी नुक्सान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेख्नीय है कि पंजाब में बीते शनिवार को बस किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ौतरी हुई है। अब यह किराया बढ़कर 1 रुपये 2 पैसे प्रति किलोमीटर हो गया है, जबकि पहले किराया 99 पैसे प्रति किलोमीटर था। सूत्रों के मुताबिक निजी बस मालिकों द्वारा अपने मुलाजिमों को बुकिंग ठेके पर देने के बाद ही बस किराए में छूट देने का सिलसिला शुरू हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">काफी समय पहले भी इस तरह छूट देने का काम शुरू हुआ था, तब निजी बस आपरेटर यूनियन ने ही इस पर नकेल डालने की मुहिम चलाई थी। इस मुहिम ने कुछ समय रंग दिखाया, किन्तु बाद में सब पहले की तरह चलने लगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">छूट नहीं देनी चाहिए: यूनियन नेता</h2>
<p style="text-align:justify;">निजी बस आपरेटर यूनियन के महासचिव खुशकरन सिंह का कहना है कि गत समय दौरान चलाई मुहिम ने काफी रंग दिखाया था, लेकिन अब निजी बस मालिकों द्वारा बुकिंग का काम ठेके पर देने के कारण फिर से कडंक्टर छोट देने लगे हैं, जो कि नहीं देनी चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पीआरटीसी की बुकिंग प्रभावित नहीं होगी: एमडी</h2>
<p style="text-align:justify;">पीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर एमएस नारंग का कहना है कि कहीं इका-दुका जगहों पर प्रभाव हो सकता है, किन्तु आल ओवर प्रत्येक माह 72 लाख रुपये की आमदन बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि नियमों अनुसार कोई भी निजी बस मालिक किराये में छूट नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके ध्यान में नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 21:39:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भटिंडा पट्टी में धान रोपाई ने की किसानों की जेब हलकी</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई बढ़ने से बढ़े मजदूरों के रेट, धान रोपाई का 22 सौ से 24 सौ तक रेट लेबर की कमी के कारण प्रवासी मजदूरों ने 200 से 300 रुपए तक बढ़ाए धान रोपाई के रेट भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा क्षेत्र में इस बार धान की रोपाई के रेट बढ़ गए हैं और शुरू में ही खेतों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rate-of-workers-rising-by-rising-inflation/article-1349"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/dhan.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">महंगाई बढ़ने से बढ़े मजदूरों के रेट, धान रोपाई का 22 सौ से 24 सौ तक रेट</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेबर की कमी के कारण प्रवासी मजदूरों ने 200 से 300 रुपए तक बढ़ाए धान रोपाई के रेट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा क्षेत्र में इस बार धान की रोपाई के रेट बढ़ गए हैं और शुरू में ही खेतों में लेबर का संकट गहराने लगा है। 15 जून से एकदम खेतों में धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। बहुत से किसानों ने 15 जून से पहले ही धान के लिए खेत तैयार कर लिए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवासी मजदूरों ने लेबर संकट होने के कारण रोपाई के रेट में 200 से 300 रुपए तक का विस्तार कर दिया है। गांव महराज के किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रवासी मजदूर पहले किसानों के खेतों में रहने का इंतजाम देखते हैं और उसके बाद भाव खोलते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार लेबर का प्रति एकड़ 200 से 250 रुपए भाव बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह ही गांव लैहरा के किसान गुरलाल सिंह ने बताया कि कम क्षेत्रफल वाले किसानों को लेबर का संकट है। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रदेशों से आए मजदूर बड़े क्षेत्रफल को प्राथमिकता देते हंै। मौड़ इलाके के किसान लखवीर सिंह के अनुसार मौसम ठीक होने के कारण 15 जून को बिजली आठ घंटे मिली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उसके बाद में बंद हुई बिजली का किसानों की ओर से इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने माना कि किसान पिछड़ने के डर से धान की रोपाई के लिए जल्दबाजी करने लगे हैं। गांव महराज के किसान सतवंत सिंह ने बताया कि लेबर को अधिक कीमत के अलावा राशन भी देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रवासी मजदूरों के नखरे काफी ऊंचे हो गए हैं और वह काफी सुविधाएं मांगने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव कोठा गुरू के किसान जसबीर सिंह का कहना था कि धान की रोपाई में ज्यादा देरी होने के कारण धान की फसल पकने में दिक्कत आती है। उसने बताया कि धान की फसल अक्तूबर तक पकती नहीं जिस कारण नमी की मात्रा भी बढ़ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान नेता जसबीर सिंह बुर्जसेमा का कहना था कि बिजली की कटौती के कारण कृषि लागत बढ़ेगी, जिसका किसानों को ही नुकसान होना है क्योंकि उनको महंगे भाव का डीजल जलाना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि सरकार 12 घंटे निर्विघ्न बिजली मुहैया करवाए जिससे किसानों को कोई दिक्कत न आए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">धान की रोपाई निचला क्षेत्रफल घटा</h2>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी भटिंडा डॉ. गुरांदित्ता सिंह ने बताया कि भटिंडा जिले में इस बार 1लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई का लक्ष्य माना गया है। उन्होंने बताया कि बते वर्ष 1लाख 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई थी। उन्होंने बताया कि इस बार 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल धान, गवारे और अरहर नीचे से निकल गया है, जिसमें किसानों ने नरमे की बिजाई की है जो कि अच्छा शगुन है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">महंगाई बढ़ने के कारण बढ़ी लेबर: सेवेवाला</h2>
<p style="text-align:justify;">पंजाब खेत मजदूर यूनियन के जनरल सचिव लछमण सिंह सेवेवाला ने कहा कि सब तरफ महंगाई बढ़ी है और इसी हिसाब से लेबर में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि एकदम धान की रोपाई शुरू होने के कारण लेबर का संकट बनता है। उन्होंने कहा कि मांग और उपलब्धता के अंतर कारण भी भाव तेज होते हैं परंतु यह तेजी आरजी होती है। सेवेवाला ने कहा कि वास्तव में लेबर की अपेक्षा किसानी को कृषि वस्तुओं का महंगा होना ज्यादा प्रभावित करता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;"> गांवों में 2800 रुपए तक भी प्रति एकड़ का ठेका</h2>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के मुताबिक भटिंडा और मानसा जिलों में प्रति एकड़ 2500 से 2700 रुपए तक धान की रोपाई की लेबर ली जा रही है जबकि पिछले साल यह भाव 2200 से 2400 रुपए थे। वर्ष 2015 में भी भाव अधिक से अधिक 2400 और कम से कम 2200 रुपए थे। वर्ष 2014 दौरान धान की रोपाई 1800 से 2000 रुपए तक थी। कई गांवों में 2800 रुपए तक भी प्रति एकड़ का ठेका हुआ है।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rate-of-workers-rising-by-rising-inflation/article-1349</link>
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                <pubDate>Sun, 18 Jun 2017 00:09:55 +0530</pubDate>
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