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                <title>UNSC - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Terrorist Sajid Mir: पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर का मददगार बना चीन</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका बीजिंग (एजेंसी)।Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/article-49083"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/sajid-mir.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong>Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल था और वैश्विक स्तर पर वांछित है। mumbai attack</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला | Sajid Mir</h4>
<p style="text-align:justify;">चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में साजिद मीर को काली सूची में डालने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध तथा हथियार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए और भारत द्वारा सहमति जताए जाने के प्रस्ताव को रोक दिया। पिछले साल सिंतबर में चीन ने संयुक्त राष्ट्र में साजिद मीर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर अडंगा लगा दिया था। अब चीन ने अमेरिका के प्रस्ताव को भी रोक दिया है। साजिद मीर भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका ने उस पर 50 लाख अमरीकी डालर का इनाम रखा गया है। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल जून में साजिद मीर को पाकिस्तान में एक आंतकवाद निरोधी अदालत ने आंतक और वित्त पोषण के मामले में 15 साल से अधिक की सजा सुनायी थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने हालांकि पूर्व में दावा किया था कि साजिद मीर की मौत हो गयी थी, लेकिन पश्चिमी देशों ने उसके मौत के प्रमाण मांगे हैं। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">साजिद मीर (Sajid Mir) पाकिस्तान स्थित लश्कर का एक वरिष्ठ सदस्य है और नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल होने के लिए वांछित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि साजिद मीर हमलों के लिए लश्कर का संचालन प्रबंधक था, जो उनकी योजना, तैयारी और निष्पादन में अग्रणी भूमिका निभाता था। चीन पाकिस्तान का एक मित्र देश है1 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को काली सूची में डालने के लिए बार-बार चीन इस पर रोक लगाता रहा है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 15:39:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ब्रिटेन अमेरिका और फ्रांस ने यूक्रेन को लेकर यूएनएससी की बैठक बुलाने का आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र। ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस सहित छह देशों ने यूक्रेन की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक बुलाने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के स्थायी मिशन ने यह जानकारी दी है। मिशन ने ट्वीट कर कहा, “ ब्रिटेन, अल्बानिया, फ्रांस, आयरलैंड, नॉर्वे और अमेरिका ने यूक्रेन को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/britain-america-and-france-urged-to-convene-unsc-meeting-on-ukraine/article-31558"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/kashmir-issue-unsc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस सहित छह देशों ने यूक्रेन की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक बुलाने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के स्थायी मिशन ने यह जानकारी दी है। मिशन ने ट्वीट कर कहा, “ ब्रिटेन, अल्बानिया, फ्रांस, आयरलैंड, नॉर्वे और अमेरिका ने यूक्रेन को लेकर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का आह्वान किया है। रूस युद्ध अपराध कर रहा है और नागरिकों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन पर रूस का अवैध युद्ध हम सभी के लिए खतरा है।” संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सूत्र ने बताया कि बैठक गुरूवार देर रात हो सकती है। सूत्र ने बताया बैठक यूक्रेन में मानवीय समस्याओं पर केंद्रित होगी।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 10:53:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूएनएससी की बैठक में पाकिस्तान को क्यों नहीं किया आमंत्रित? </title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की बैठक में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किए जाने पर पाकिस्तान तिलमिला उठा है। दरअसल अफगानिस्तान के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक बुलाई गई थी। पाकिस्तान ने इस बार पर अफसोस जताते हुए कहा कि उसे बैठक में आतंत्रित नहीं किया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pakistan-not-invited-to-the-unsc-meeting/article-25850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/kashmir-issue-unsc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की बैठक में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किए जाने पर पाकिस्तान तिलमिला उठा है। दरअसल अफगानिस्तान के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक बुलाई गई थी। पाकिस्तान ने इस बार पर अफसोस जताते हुए कहा कि उसे बैठक में आतंत्रित नहीं किया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए किया गया, जबकि उसे अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया।</p>
<h4>भारत ने कहा-आतंकी पनाहगाह खत्म करो</h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक की अध्यक्षता कर रहे भारतीय राजदूत टीएस तिरूमूर्ति ने कहा कि अफगानिस्तान में शांति के लिए जरूरी है कि आतंकी पनाहगाह खत्म की जाएं। इसके साथ ही आतंकियों को रसद पहुंचाने वाली रसद लाइनों को खत्म कर आतंकवाद के हर स्वरूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की जरूरत है। भारत ने आग्रह किया कि बैठक हालात की समीक्षा के बाद अफगानिस्तान में व्यापक शांति के लिए तत्काल संघर्ष विराम के उपायों पर कदम उठाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया आरोप</h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में अफगानिस्तान के प्रतिनिधि ने कहा कि तालिबान ने बर्बर हमले तेज किए हैं, जिससे हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि तालिबान के साथ विदेशी लड़ाके भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के राजदूत गुलाम इस्काजई ने पाकिस्तान में तालिबानी लड़ाकों को मिल रहे मदद, वहां के अस्पतालों में हासिल हो रहे इलाज का हवाला देते हुए पाक सरकार से तालिबान की सप्लाई लाइन खत्म करने की अपील की।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चीन ने भी किया हिंसा का विरोध</h4>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा परिषद की बैठक में चीन के प्रतिनिधि ने कहा कि ताकत के दम पर अफगानिस्तान में कोई सरकार नहीं बनाई जानी चाहिए। भारत के साथ ही सुर मिलाते हुए चीन ने भी अफगानिस्तान में हिंसा का विरोध किया। हालांकि, चीन ने मौजूदा हालात की तोहमत अमेरिका पर डाली।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sun, 08 Aug 2021 10:17:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुरक्षा परिष्द की अध्यक्षता भारत को मिलना, पाकिस्तान के लिए टेंशन?</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। जैसा कि आपको पता है कि भारत सुरक्षा परिष्द की अध्यक्षता की बागडोर कल से संभाल ली है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीट के माध्यम से कहा कि ‘भारत अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा हमेशा संयम का स्वर, संवाद का पक्षधर और अंतरराष्ट्रीय कानून […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-to-get-the-chairmanship-of-security-council-tension-for-pakistan/article-25678"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/security-council.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
<strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> जैसा कि आपको पता है कि भारत सुरक्षा परिष्द की अध्यक्षता की बागडोर कल से संभाल ली है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीट के माध्यम से कहा कि ‘भारत अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा हमेशा संयम का स्वर, संवाद का पक्षधर और अंतरराष्ट्रीय कानून का हिमायती रहेगा। वहीं भारत की बागडोर से पाकिस्तान के लिए टेंशन शुरू हो गई है। यूएनएससी के पाँच स्थायी सदस्यों में से चीन हमेशा से उसके साथ रहा है। लेकिन अगस्त महीने में सुरक्षा परिषद की किसी भी बैठक में अध्यक्ष होने के नाते भारत की भी अहम भूमिका होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा है कि भारत के पास अध्यक्षता होने का मतलब है कि पाकिस्तान कश्मीर पर सुरक्षा परिषद में बैठक बुलाने में सक्षम नहीं होगा। भारत को यूएनएससी की अध्यक्षता मिलने पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया भी दी है। आपको बता दें कि भारत अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दो साल के लिए अस्थायी सदस्य है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाँच स्थायी सदस्य हैं- अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस। स्थायी सदस्यों को वीटो पावर मिला हुआ है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रूस ने भारत को दी बधाई</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत ने अगस्त माह के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाली। फ्रांस और रूस ने इस मौके पर भारत को बधाई दी है। भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनएल लेनिन ने कहा, ‘हर्ष की बात है कि भारत आज फ्रांस के स्थान पर यूएनएससी की अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है। हम भारत के साथ समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद का मुकाबला करने जैसे रणनीतिक मुद्दों पर काम करने तथा कई मौजूदा संकटों का सामना करने के लिए एक नियम-आधारित, बहुपक्षीय प्रणाली को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत से यूएनएससी अध्यक्ष के तौर पर निष्पक्ष रूप से काम की उम्मीद : पाक</h4>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के विदेश विभाग ने उम्मीद जताई है कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अध्यक्ष के तौर पर अपने महीने भर के कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष रूप से काम करेगा। विदेश विभाग के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने शनिवार को अंग्रेजी दैनिक डॉन के एक सवाल का जवाब में कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि भारत सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के संचालन को नियंत्रित करने वाले प्रासंगिक नियमों और मानदंडों का पालन करेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पूरे अगस्त महीने तक शक्तिशाली 15-राष्ट्रों की निकाय की करेगा भारत अध्यक्षता</h4>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि वर्तमान में दो साल के कार्यकाल के लिए यूएनएससी का अस्थायी सदस्य भारत रविवार से पूरे अगस्त महीने तक शक्तिशाली 15-राष्ट्रों की निकाय की अध्यक्षता करेगा। उल्लेखनीय है कि यूएनएससी की अध्यक्षता सदस्य राज्यों के नामों के अंग्रेजी वणार्नुक्रम के अनुसार मासिक आधार पर होती है। एक जनवरी 2021 को यूएनएससी में प्रवेश करने वाले भारत को 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त होने वाले अपने कार्यकाल के दौरान दो बार अध्यक्ष पद मिलेगा।</p>
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                <pubDate>Mon, 02 Aug 2021 11:02:59 +0530</pubDate>
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                <title>भारत बना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष, पाक को लगी मिर्ची</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत अब दुनिया की सबसे ताकतवर 15 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बन गया है। भारत ने फ्रांस से यह दायित्व प्राप्त किया। इस अवसर पर भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन ने कहा कि उनका देश भारत के साथ रणनीतिक मुद्दों पर जैसे समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-becomes-the-president-of-united-nations-security-council-pakistan-gets-chilli/article-25653"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/unsc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत अब दुनिया की सबसे ताकतवर 15 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बन गया है। भारत ने फ्रांस से यह दायित्व प्राप्त किया। इस अवसर पर भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन ने कहा कि उनका देश भारत के साथ रणनीतिक मुद्दों पर जैसे समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ युद्ध और शांति सेना समेत विभिन्न मसलों पर साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हाफिज चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान उम्मीद करता है कि भारत अपनी अध्यक्षता में निष्पक्ष रूप से काम करेगा। इस मौके पर पाकिस्तान ने एक बार फिर से जम्मू कश्मीर का भी जिक्र छेड़ा। उन्होंने कहा कि भारत का अध्यक्ष बनने का अर्थ ये भी है कि पाक अब जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को इस मंच पर नहीं उठा सकेगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">A first in the making…</p>
<p>With India as President of <a href="https://twitter.com/UN?ref_src=twsrc%5Etfw">@UN</a> Security Council in August, an Indian Prime Minister may perhaps preside, albeit virtually, a Council meeting for 1st time on 9 August 2021. </p>
<p>Pic: From last visit of PM Shri <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> to UN in 2019. <a href="https://t.co/OxaZbKZsNq">pic.twitter.com/OxaZbKZsNq</a></p>
<p>— Syed Akbaruddin (@AkbaruddinIndia) <a href="https://twitter.com/AkbaruddinIndia/status/1421678587854299140?ref_src=twsrc%5Etfw">August 1, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 15 सदस्यीय वाली सुरक्षा परिषद में थोड़े-थोड़े वक्त बाद इसके अस्थाई और स्थायी सदस्यों को इसकी अध्यक्षता करने का अवसर प्राप्त होता है। ये अवसर एल्फाबेट के आधार पर क्रमबद्ध मिलता है। इस अवसर पर यूएन में भारत के राजदूत टीएस त्रिपूर्ति ने खुशी जताते हुए कहा कि देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले इस अवसर का मिलना वास्तव में बेहद खास अनुभव है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Aug 2021 11:36:35 +0530</pubDate>
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                <title>अगले महीने यूएनएससी की अध्यक्षता करेगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। अगले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारतीय अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला समुद्री सुरक्षा, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान और आतंकवाद विरोधी विषयों पर मंथन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से इन बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-to-chair-unsc-next-month/article-25144"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/prime-minister-narendra-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> अगले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारतीय अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला समुद्री सुरक्षा, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान और आतंकवाद विरोधी विषयों पर मंथन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से इन बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव श्रृंगला अगले महीने न्यूयॉर्क के दौरे पर जाएंगे, जहां वे 2021 में एक महीने लंबी यूएनएससी की भारतीय अध्यक्षता के कार्यकाल को गाइड करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान लीबिया और सीरिया संकट के मुकाबले अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति अब सबसे बड़ा मुद्दा है। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा बढ़ता जा रहा है और काबुल में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है। आने वाले समय में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस पर चर्चा कर सकती है। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निर्बाध वैश्विक व्यापार के लिए नौवहन की स्वतंत्रता के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समुद्री सुरक्षा पर उच्च स्तरीय चर्चा बहुत महत्वपूर्ण होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद से निपटने में सहयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि आने वाले दिनों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों की हिंसा का नया केंद्र बन सकता है। पाकिस्तान स्थित ठिकानों का उपयोग आतंकी अपनी ट्रेनिंग और भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल जैसे देशों पर हमले के लिए कर सकते हैं। ध्यान रहे कि 1996 में काबुल पर तालिबान के कब्जे के दौरान ऐसा ही हुआ था। संयोगवश, भारत संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी का प्रमुख है, जो वैश्विक आतंकवादियों को नामित करती है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jul 2021 11:16:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>ब्राजील समेत 5 देश यूएनएससी के अस्थायी सदस्य चुने गए</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)। ब्राजील, अल्बानिया, गैबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दो वर्ष के कार्यकाल के लिये शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी सदस्य चुने गए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने यह जानकारी दी। बोजकिर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अस्थायी सदस्यों के चुनाव के लिए हुए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/5-countries-including-brazil-elected-as-non-permanent-members-of-unsc/article-24385"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/kashmir-issue-unsc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)।</strong> ब्राजील, अल्बानिया, गैबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दो वर्ष के कार्यकाल के लिये शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी सदस्य चुने गए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने यह जानकारी दी। बोजकिर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अस्थायी सदस्यों के चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद कहा कि अल्बानिया, ब्राजील, गैबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दो वर्ष के कार्यकाल के लिये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इन देशों का कार्यकाल एक जनवरी 2022 से शुरू हो रहा है। यूएनएससी के अस्थायी सदस्य बनने के लिए घाना को 185, गैबॉन को 183, यूएई को 179, अल्बानिया को 175, और ब्राजील को 181 वोट मिले।</p>
<p> </p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jun 2021 09:38:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय समितियों में अपनी स्थिति का लाभ उठाएं भारत</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान सेंक्शन कमेटी उन देशों की सूची तैयार करती है, जो तालिबान का आर्थिक रूप से समर्थन करते हैं, या उनके साथ किसी और तरह से सहयोग करते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/india-should-take-advantage-of-its-position-in-international-committees/article-21191"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-01/kashmir-issue-unsc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>तालिबान सेंक्शन कमेटी और काउंटर टेररिज्म कमेटी, जिसकी भारत 2022 में अध्यक्षता करेगा ये दोनों पाकिस्तान के मूलभूत हित हैं। भारत इन दोनों मुद्दों पर पाकिस्तान का विरोध करता रहा है। ज्ञात रहे कि साल 1996 में भारत ने आतंकवाद की वित्तीय सहायता व आतंक रोकने पर बात करने की कोशिश की थी और भारत एक बार फिर से इसे लागू कराने की पूरी कोशिश करेगा।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया में आतंकवाद, तालिबान का पोषण करने सहित अनेक मुद्दों पर फैसले करने में भारत की भूमिका महत्त्वपूर्ण होने जा रही है और पाकिस्तान पशोपेश में है कि नई परिस्थितियों से बचे तो बचे कैसे? संयुक्त राष्ट्र में भारत के पास सुरक्षा परिषद् की तीन समितियों की अध्यक्षता का जिम्मा आ गया है। इनमें तालिबान प्रतिबंध समिति (सेंक्शन कमेटी), आतंकरोधी समिति और लीबिया प्रतिबंध समिति शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, काउंटर टेररिज्म और तालिबान सेंक्शन कमेटी दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनके तहत भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा कर सकता है और साथ ही उस पर और प्रतिबंध भी लगवा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तालिबान सेंक्शन कमेटी उन देशों की सूची तैयार करती है, जो तालिबान का आर्थिक रूप से समर्थन करते हैं, या उनके साथ किसी और तरह से सहयोग करते हैं। इसके आधार पर, दुनिया भर के 180 से अधिक देश अपने कानूनों में संशोधन करते हैं और उन लोगों के नाम को प्रतिबंधित संगठनों और व्यक्तियों की सूची में जोड़ दिया जाता है। इसके बाद उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय सहायता पर बनने वाले कानून लागू होते हैं। संयुक्त राष्ट्र की इन कमेटियों के मामले आधिकारिक रूप से संचालित होते हैं और ये इन्हें लागू कराते आ रहे हैं। जैसा कि सभी जानते हैं कि पाकिस्तान इस समय दो से तीन समस्याओं का सामना कर रहा है, उनमें से एक फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ का आगामी आॅनलाइन सत्र है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह टास्क फोर्स मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों को वित्तीय सहायता की रोकथाम करने वाली एजेंसी है। अक्तूबर 2020 में पाकिस्तान ने एफएटीएफ की 27 सिफारिशों में से 21 को पूरा कर लिया था, लेकिन शेष छह सिफारिशों को टास्क फोर्स ने बहुत महत्वपूर्ण माना है। इसकी समय सीमा फरवरी 2021 में पूरी होगी। पाकिस्तान को भय है कि भारत अपनी पूरी ताकत लगा कर उसे एफएटीएफ की काली सूची में शामिल करवा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत भारत पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता भी रुकवा सकता है। तालिबान सेंक्शन कमेटी और काउंटर टेररिज्म कमेटी, जिसकी भारत 2022 में अध्यक्षता करेगा ये दोनों पाकिस्तान के मूलभूत हित हैं। भारत इन दोनों मुद्दों पर पाकिस्तान का विरोध करता रहा है। ज्ञात रहे कि साल 1996 में भारत ने कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन आॅन इंटरनेशनल टेरर के तहत आतंकवाद की वित्तीय सहायता और आतंकवाद की रोकथाम पर विस्तृत बात करने की कोशिश की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">और भारत एक बार फिर से इसे लागू कराने की पूरी कोशिश करेगा। तालिबान कमेटी पर संयुक्त राष्ट्र के गैरस्थायी सदस्य इन कमेटियों की अध्यक्षता करते आ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा परिषद् भी अक्सर उन देशों को चुनती है जो पड़ोसी नहीं हैं और अकसर क्षेत्र के बाहर के देशों को अध्यक्षता करने का अवसर दिया जाता है। लेकिन अब जब भारत को तालिबान सेंक्शन कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है यह भारत सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण बात है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Jan 2021 09:57:23 +0530</pubDate>
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