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                <title>Solar pumps - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Solar pumps RSS Feed</description>
                
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                <title>किसानों के लिए बड़ी राहत! सोलर पंप लगवाने पर सरकार दे रही भारी सब्सिडी, ऐसे घटेगा आपका खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों के लिए बड़ी राहत! सोलर पंप लगवाने पर सरकार दे रही भारी सब्सिडी, ऐसे घटेगा आपका खर्च]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/big-relief-for-farmers-government-is-giving-huge-subsidy-on/article-88791"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/solar-pumps.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। आज भी देश की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से समय-समय पर कई योजनाएं चलाई जाती हैं। खेती में सिंचाई सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। इसके लिए किसानों को बिजली या डीजल पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। वहीं कई इलाकों में बिजली की कटौती और आपूर्ति की समस्या के कारण किसानों को फसलों की समय पर सिंचाई करने में परेशानी होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसानों की इसी समस्या को कम करने और खेती में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार <strong>प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM)</strong> योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर कृषि पंप लगाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं और बिजली या डीजल पर निर्भरता कम कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सोलर पंप पर कितनी मिलती है सब्सिडी?</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">PM-KUSUM योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार की ओर से <strong>बेंचमार्क लागत या टेंडर लागत, जो भी कम हो, उसका 30% केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)</strong> दी जाती है। इसके अलावा राज्य सरकार को कम से कम 30% सब्सिडी देनी होती है। इस तरह कुल मिलाकर सामान्य स्थिति में कम से कम 60% सहायता उपलब्ध हो सकती है। शेष अधिकतम 40% हिस्सा किसान को देना होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसान अपने हिस्से की रकम के लिए बैंक से वित्तीय सहायता यानी लोन भी ले सकता है। ऐसी स्थिति में किसान को शुरुआत में लागत का केवल <strong>10% हिस्सा</strong> देना पड़ सकता है, जबकि शेष 30% तक रकम बैंक लोन के जरिए पूरी की जा सकती है। हालांकि वास्तविक किसान अंशदान और सब्सिडी राज्य की नीति, पंप की लागत और स्वीकृत परियोजना के अनुसार अलग हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन राज्यों और क्षेत्रों में ज्यादा केंद्रीय सहायता</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के कुछ विशेष क्षेत्रों में केंद्र सरकार की सहायता सामान्य राज्यों से अधिक है। <strong>पूर्वोत्तर राज्य, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह</strong> में स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप के लिए केंद्र की CFA <strong>50% तक</strong> हो सकती है। इन क्षेत्रों में राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30% सहायता का प्रावधान है और किसान का हिस्सा अधिकतम 20% तक रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर किसी राज्य सरकार की ओर से निर्धारित 30% से ज्यादा सब्सिडी दी जाती है, तो किसान का हिस्सा और कम हो सकता है। इसलिए किसी किसान को आवेदन करने से पहले अपने राज्य में लागू सब्सिडी और नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">7.5 HP तक के सोलर पंप पर मिलती है मदद</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">PM-KUSUM के <strong>Component-B</strong> के तहत उन ऑफ-ग्रिड इलाकों में किसानों को स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप लगाने के लिए सहायता दी जाती है, जहां ग्रिड बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस घटक के तहत <strong>7.5 HP तक</strong> की क्षमता वाले सोलर कृषि पंप लगाए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इससे किसानों को सिंचाई के लिए बिजली कटौती या डीजल की उपलब्धता पर कम निर्भर रहना पड़ता है। सौर ऊर्जा से चलने वाला पंप दिन के समय खेतों की सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कितना खर्च आएगा?</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोलर पंप की कीमत उसकी क्षमता, मॉडल, कंपनी, राज्य में लागू दर और टेंडर के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए सभी किसानों के लिए एक निश्चित कीमत बताना संभव नहीं है। सरकार की सब्सिडी भी <strong>बेंचमार्क लागत या टेंडर लागत, जो भी कम हो</strong>, उसके आधार पर तय की जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उदाहरण के तौर पर अगर किसी स्वीकृत सोलर पंप की पात्र लागत <strong>₹2 लाख</strong> है और उस पर कुल 60% सहायता मिलती है, तो करीब <strong>₹1.20 लाख</strong> की राशि सहायता के रूप में हो सकती है। ऐसे में बाकी <strong>₹80,000</strong> किसान का हिस्सा होगा। यदि बैंक से 30% तक वित्त मिलता है, तो किसान को शुरुआत में करीब <strong>₹20,000</strong> यानी 10% राशि देनी पड़ सकती है और शेष राशि लोन के जरिए पूरी की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ध्यान रहे कि यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। वास्तविक लागत और किसान का भुगतान राज्य की योजना, पंप की क्षमता, स्वीकृत दर और उपलब्ध सब्सिडी के आधार पर तय होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बिजली और डीजल के खर्च से मिल सकती है राहत</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोलर पंप लगने के बाद किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकता है। इससे बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता कम होती है और डीजल से चलने वाले पंप की स्थिति में ईंधन खर्च भी कम किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य भी कृषि क्षेत्र में डीजल की निर्भरता कम करना और किसानों की ऊर्जा जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा PM-KUSUM के अन्य घटकों के तहत ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरीकरण भी किया जाता है। ऐसे मामलों में किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकता है और अतिरिक्त सौर बिजली को संबंधित DISCOM को बेचने का प्रावधान भी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">योजना के लिए कौन कर सकता है आवेदन?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">PM-KUSUM के अलग-अलग घटकों में किसानों के लिए अलग प्रावधान हैं। स्टैंडअलोन सोलर पंप के लिए मुख्य रूप से ऐसे किसान पात्र होते हैं जो ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में कृषि सिंचाई के लिए पंप लगाना चाहते हैं। वहीं ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंप वाले किसान Component-C के तहत अपने मौजूदा पंप का सौरीकरण करा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">योजना का क्रियान्वयन संबंधित राज्य सरकार के विभागों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए आवेदन की प्रक्रिया, उपलब्ध पंपों की संख्या, किसान का अंशदान और राज्य की अतिरिक्त सब्सिडी जैसी जानकारी राज्य के संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल से ही जांचनी चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान</h4>
<p style="text-align:justify;">PM-KUSUM योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए किसानों से आवेदन शुल्क या पंप की कीमत ऑनलाइन जमा कराने के मामले सामने आए हैं। आधिकारिक PM-KUSUM पोर्टल ने किसानों को ऐसी वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह दी है। इसलिए किसी अनजान वेबसाइट या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी आधिकारिकता जरूर जांच लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 10:48:35 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में 15 हजार ऑफ़ ग्रिड सोलर पंप 75 प्रतिशत सब्सिडी पर लगेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (पीएम कुसुम) के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेश में किसानों को सिंचाई में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए कृषि कार्यों के लिए ऑफ़ ग्रिड सोलर पंपो की स्थापना की जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/15-thousand-off-grid-solar-pumps-will-be-imposed-on-75-percent-subsidy-in-the-state/article-16385"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/15-thousand-off-grid-solar-pumps-will-be-imposed-on-75-percent-subsidy-in-the-state.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;">पीएम कुसुम योजना के तहत मिलेगा लाभ</h4>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)</strong>। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (पीएम कुसुम) के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेश में किसानों को सिंचाई में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए कृषि कार्यों के लिए ऑफ़ ग्रिड सोलर पंपो की स्थापना की जाएगी। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पवार ने बताया कि प्रदेश में 15 हजार ऑफ़ ग्रिड सोलर पम्प सेट स्थापित किए जाएंगे, जिन पर 75 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इसके लिए हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल-सरल हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। पोर्टल पर आवेदन करते समय किसी भी तरह की राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं है। इस योजना के बारे में अधिक जानकारी भारत सरकार की वेबसाइट-डब्लयूडब्लयूडब्लयू डॉट एमएनआरई डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि-एचएआरईडीए डॉट जीओवी डॉट इन पर • जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पंवार ने बताया कि किसान सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम के लिए केवल हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन आवेदन करें।</h6>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2020 19:43:18 +0530</pubDate>
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