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                <title>चाचा-भतीजे की जोड़ी ने खोजा ठहरे पानी से बिजली बनाने का फार्मूला</title>
                                    <description><![CDATA[पहले भी कई सफल प्रयोग कर चुके मेवात के स्वर्ण सिंह व अंजू | Chacha Bhatija सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा गुरुग्राम। अभी तक तो बहते पानी से, हवा से, सोलर पैनल से, कोयला से, डीजल-पेट्रोल से मुख्यत: ऊर्जा पैदा की जाती रही है। कोयला, डीजल-पेट्रोल से प्रदूषण फैलता है। लेकिन अब प्रदूषण रहित ठहरे हुए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/uncle-nephew-duo-discovered-formula-to-generate-electricity-from-stagnant-water/article-48086"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/chacha-bhatija.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">पहले भी कई सफल प्रयोग कर चुके मेवात के स्वर्ण सिंह व अंजू | Chacha Bhatija</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा</strong><br />
<strong>गुरुग्राम।</strong> अभी तक तो बहते पानी से, हवा से, सोलर पैनल से, कोयला से, डीजल-पेट्रोल से मुख्यत: ऊर्जा पैदा की जाती रही है। कोयला, डीजल-पेट्रोल से प्रदूषण फैलता है। लेकिन अब प्रदूषण रहित ठहरे हुए पानी से भी ऊर्जा पैदा की जा सकेगी। इसका सफल प्रयोग किया है हरियाणा के अति पिछड़ा क्षेत्र कहे जाने वाले मेवात के रहने वाले चाचा-भतीजा स्वर्ण सिंह व अंजू ने। इस प्रयोग को सिरे चढ़ाने के लिए उन्हें एक-दो नहीं, बल्कि 17 साल लगे हैं। अब उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पेटैंट कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री को भेजा है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/news-of-your-work-if-you-eat-tandoori-roti-you-will-pay-five-lakhs/">आपके काम की खबर-‘तंदूरी रोटी खाओगे तो 5 लाख चुकाओगे’</a></p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 1983 में दसवीं पास करने के बाद संसाधनों के अभाव में पढ़ाई छोड़ देने वाले स्वर्ण सिंह अपने हर प्रोजेक्ट की सफलता में भतीजे अंजू को बराबर का श्रेय देते हैं। अंजू मात्र 14 साल की उम्र से ही उनके साथ कुछ नया करने के प्रयोग में जुटा है। वह भी दसवीं पास ही है। ये दोनों शुरू से ही कुछ नया करने के लिए प्रयोग करते रहते थे। कई प्रोजेक्ट पर उन्होंने काम किया और सफलता भी पाई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वर्ष 2006 में शुरू किया था प्रयोग | Chacha Bhatija</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पानी के स्टोरेज से बिजली उत्पन्न करने का प्रयोग 17 साल पहले वर्ष 2006 में शुरू किया था। उनकी शिक्षा भले ही कम थी, लेकिन दिमाग में विजन बड़ा था। इसलिए उन्होंने एक के बाद एक विफलताओं के बाद भी हार नहीं मानी। हर बार गिरे यानी हारे और फिर उठकर चले। स्वर्ण सिंह के मुताबिक स्टोरेज यानी खड़े पानी से बिजली बनाने के उनके 10 बार के प्रयोग फेल हुए और 11वीं बार कामयाबी हासिल हुई। इस प्रोजेक्ट के बारे में उन्होंने बताया कि उनके द्वारा बनाया गया ग्रेवटी फोर्स इंजन पानी में अप-डाउन यानी ऊपर-नीचे होते हुए ऊर्जा पैदा करती है। एक मशीन पानी के बाहर रहती है और दूसरी पानी के भीतर। इस मशीन को उन्होंने नाम दिया है-ग्रेप्टी फोर्स इंजन। इसके माध्यम से ही उन्होंने बिजली पैदा करने के प्रयोग को सिरे चढ़ाया है। इसमें जीरो प्रतिशत प्रदूषण है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दो सफल प्रयोग का हो चुका है पेटैंट | Success</h3>
<p style="text-align:justify;">चाचा-भतीजे की इस जोड़ी के दो सफलतम प्रयोगों को सरकार की ओर से पेटैंट भी दिया जा चुका है। इसमें एक है इंजन का चौकीदार और दूसरा मैकेनिकल वाटर ओवरफ्लो का कंट्रोल सिस्टम। स्वर्ण सिंह व अंजू बताते हैं कि खेतों में जब किसान इंजन से ट्यूबवैल चलाकर पानी देता है तो कई दिक्कतें आती हैं। कभी पट्टा उतर जाता है, कभी डीजल खत्म हो जाती है। ऐसे में किसान की भागदौड़ बनी रहती है। किसान निश्चिंत होकर खेत में काम करते रहे, इसके लिए उन्होंने एक उपकरण की खोज की। इसे इंजन का चौकीदार नाम दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इंजन में लगने वाला यह उपकरण जब भी कोई गड़बड़ी होती है तो इंजन को बंद कर देता है। इससे इंजन क्षतिग्रस्त होने से बच जाता है। वर्ष 2004 में इसे बनाया गया था, जिसकी कीमत भी मात्र 1000 रुपये रखी गई। हरियाणा, यूपी, राजस्थान, पंजाब समेत कई राज्यों में यह उपकरण किसानों ने इंजन में लगाया है। इसी तरह से मैकेनिकल वाटर ओवरफ्लो का कंट्रोल सिस्टम नामक उपकरण भी तैयार किया। इसकी खासियत यह है कि यह बिना बिजली के ही काम करता है। जब भी टैंक भर जाता है तो यह मोटर को बंद कर देता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्कूल, इंजीनियरिंग कालेज के छात्रों, शिक्षकों ने भी सराहा | Chacha Bhatija</h4>
<p style="text-align:justify;">अपने इस प्रयोग की सफलता के बाद स्वर्ण सिंह ने स्कूल, इंजीनियरिंग कालेज से विज्ञान के अध्यापकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रोजेक्ट देखने के लिए आमंत्रित किया। सभी ने उनके इस प्रोजेक्ट को सराहा और इसे भविष्य के लिए बेहतर बताया। स्वर्ण सिंह दावे के साथ कहते हैं कि इस प्रोजेक्ट को विश्वभर में कोई फेल नहीं कर सकता। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट फिजिक्स के दायरे से बाहर है, लेकिन यह अपने आप में 100 फीसदी सत्य भी है। इस प्रयोग से सोलर पैनल से चार गुणा कम कीमत पर चार गुणा अधिक पावर मिलेगी। 24 घंटे इससे ऊर्जा का उत्पादन होगा। उन्होंने अपने इस सिद्धांत को पेटैंट कराने यानी सरकार की मान्यता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है। जहां से रिसीविंग का पत्र उन्हें भेजा गया है। इस पर आगामी कार्यवाही का इंतजार है। उन्होंने दावा किया है कि विश्व में इस तरह का प्रयोग पहली बार हुआ है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 13:46:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रेरणास्त्रोत: सफल वही होता है जो लक्ष्य पर अडिग रहता है!</title>
                                    <description><![CDATA[राजा के इस निर्णय से राज्य के प्रधानमंत्री ने रोष जताते हुए राजा से कहा, ‘महाराज, आपसे मिलने तो बहुत से लोग आएंगे और यदि सभी को उनका भाग देंगे तो राज्य के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। ऐसा अव्यावहारिक काम न करें।’
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/success-is-what-sustains-it/article-12416"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/success.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एक बार की बात है, एक नि:संतान राजा था, वह बूढ़ा हो चुका था और उसे राज्य के लिए एक योग्य उत्तराधिकारी की चिंता सताने लगी थी। योग्य उत्तराधिकारी की खोज के लिए राजा ने पूरे राज्य में ढिंढोरा पिटवाया कि अमुक दिन शाम को जो मुझसे मिलने आएगा, उसे मैं अपने राज्य का एक हिस्सा दूंगा। राजा के इस निर्णय से राज्य के प्रधानमंत्री ने रोष जताते हुए राजा से कहा, ‘महाराज, आपसे मिलने तो बहुत से लोग आएंगे और यदि सभी को उनका भाग देंगे तो राज्य के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा अव्यावहारिक काम न करें।’ राजा ने प्रधानमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री जी, आप चिंता न करें, देखते रहें, क्या होता है।’ निश्चित दिन जब सबको मिलना था, राजमहल के बगीचे में राजा ने एक विशाल मेले का आयोजन किया। मेले में नाच-गाने व महफिल जमी थी, खाने के लिए अनेक स्वादिष्ट पदार्थ थे। मेले में कई खेल भी हो रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">राजा से मिलने आने वाले कितने ही लोग नाच-गाने में अटक गए और आश्चर्यजनक खेलों में मशगूल हो गए तथा कितने ही खाने-पीने, घूमने-फिरने के आनंद में डूब गए। इस तरह समय बीतने लगा। पर इन सभी के बीच एक व्यक्ति ऐसा भी था जिसने किसी चीज की तरफ देखा भी नहीं, क्योंकि उसके मन में निश्चित ध्येय था कि उसे राजा से मिलना ही है। इसलिए वह बगीचा पार करके राजमहल के दरवाजे पर पहुंच गया। पर वहां खुली तलवार लेकर दो चौकीदार खड़े थे। उन्होंने उसे रोका।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके रोकने को अनदेखा करके और चौकीदारों को धक्का मारकर वह दौड़कर राजमहल में चला गया, क्योंकि वह निश्चित समय पर राजा से मिलना चाहता था। जैसे ही वह अंदर पहुंचा, राजा उसे सामने ही मिल गए और उन्होंने कहा, ‘मेरे राज्य में कोई व्यक्ति तो ऐसा मिला जो किसी प्रलोभन में फंसे बिना अपने ध्येय तक पहुंच सका। तुम्हें मैं आधा नहीं पूरा राजपाट दूंगा। तुम मेरे उत्तराधिकारी बनोगे। सफल वही होता है जो लक्ष्य का निर्धारण करता है, उसपर अडिग रहता है, रास्ते में आने वाली हर कठिनाइयों का डटकर सामना करता है और छोटी-छोटी कठिनाईयों को नजरअंदाज कर देता है।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2020 20:29:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफलता पाने के लिए दूरदर्शिता अति जरूरी: प्रो सोलंकी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल ने राजकीय महिला स्नातकोत्तर कॉलेज में बोर्ड आफ स्टडीज, आईसीएआई द्वारा आयोजित नेशनल कान्फ्रेंस में चार्टर्ड अकाऊंटेड के छात्रों को किया संबोधित चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जिस व्यक्ति के पास मूल्य, गुण और दूरदर्शिता ये चीजें नहीं हैं वह समाज को सही दिशा नहीं दे सकता। व्यक्ति के अंदर का मूल्य दिखाई नहीं देता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/foresight-is-very-important-for-achieving-success-pro-solanki/article-4482"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/solnki.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">राज्यपाल ने राजकीय महिला स्नातकोत्तर कॉलेज में बोर्ड आफ स्टडीज, आईसीएआई द्वारा आयोजित नेशनल कान्फ्रेंस में चार्टर्ड अकाऊंटेड के छात्रों को किया संबोधित</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जिस व्यक्ति के पास मूल्य, गुण और दूरदर्शिता ये चीजें नहीं हैं वह समाज को सही दिशा नहीं दे सकता। व्यक्ति के अंदर का मूल्य दिखाई नहीं देता लेकिन जब वह गुण के साथ कोई कार्य करता है तो उसका मूल्य भी दिखाई दे जाता है। इसी प्रकार, जीवन में सफलता पाने के लिए दूरदर्शिता भी अति जरूरी है। उक्त बात राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि रविवार को चण्डीगढ़ में सैक्टर 42 के राजकीय महिला स्नातकोत्तर कॉलेज में बोर्ड आफ स्टडीज, आईसीएआई द्वारा आयोजित नेशनल कान्फ्रेंस में चार्टर्ड अकाऊंटेड के छात्रों को संबोधित करते हुए कही।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उपस्थित छात्रों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आपके चमकते हुए चेहरे देकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज भारतवर्ष महत्वपूर्ण धूरी आया हैं और पूर्व राष्टÑपति अब्दुल कलाम ने कहा था कि युवा देश के ‘बिल्डर्स आफ नेशनस’ हैं। इसी प्रकार से आप भी राष्टÑ का एक चमकता हुआ भविष्य है।</p>
<h1 style="text-align:center;">देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम करना है।</h1>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उपस्थित छात्रों से सवाल करते हुए कहा कि देश की सेना की संख्या कितनी है तो इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश की सेना की संख्या लगभग 28 लाख हैं और जिस प्रकार से सेना का कर्तव्य देश व जनता को सुरक्षा प्रदान करना है ठीक उसी प्रकार से चार्टर्ड अकाऊटेंडों भी सेना के समान आर्थिक क्षेत्र में सैनिक है और देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम करना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में आप लोगों की ईमानदारी होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसी भी देश को सोहार्द और शांति चाहिए तो उसके नागरिकों की सोच कैसी है, इस पर निर्भर करता है। इसी प्रकार, संपर्क के तहत विश्व को बदलने के लिए संपर्क अति आवश्यक है और हमारे पास अभी हाल ही में एक नया उदाहरण अमेरिका और नार्थ कोरिया के बीच हुई वार्ता का है, जिसके तहत विश्व की परिस्थिति ही बदल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मानव कल्याण के लिए संपर्क और सहयोग भी आवश्यक है, नहीं तो सभी यही सोच रहे थे कि नार्थ कोरिया की वजह से विश्व युद्घ होगा लेकिन संपर्क और सहयोग के माध्यम से विश्व की इस परिस्थिति को बदला गया। राज्यपाल ने कहा कि जब हम संपर्क करेंगें तो सहयोग की भावना भी जागृत होगी और इस आत्मीयता से संस्कार पैदा होगें। उन्होंने संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि आज हमारे मन में पूरे विश्व को एक करने का संकल्प होना चाहिए अर्थात मनुष्य में मूल्यों का होना अति आवश्यक है।</p>
<h1 style="text-align:center;">प्रत्येक व्यक्ति को स्वावलंबन होना चाहिए</h1>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने चार्टर्ड अकाऊटेंड के छात्रों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि नया भारत बनाने में आप लोगों के कंधों पर अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने महात्मा गांधी के एक वक्तव्य का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी कहते थे कि हर नागरिक के मन में यह सोच होनी चाहिए कि ये देश मेरा है, सरकार मेरी है। यह सपना व्यक्ति के मन में होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हमें आर्थिक स्वतंत्रता भी चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति को स्वावलंबन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती आयोजित की जानी है और तब तक भारत में पूरा भारत स्वच्छ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में कोई गरीब न हो, भाईचारा हो, जातियता न हो, हिंसा न हो, जिसे महात्मा गांधी जी चाहते थे। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन नए भारत के निर्माण में काम आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी में एक क्षमता होती है सिर्फ उस क्षमता को जानने की आवश्यकता है और उसका उपयोग करना आना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व, बोर्ड आफ स्टडीज के उपाध्यक्ष श्री विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि आईसीएआई के 2.85 लाख चार्टर्ड अकाऊंटेड हैं और वर्तमान में आठ लाख से अधिक छात्र है। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान मूल्य, गुण ओर सोच की धारा छात्रों में डालता है ताकि देश की आर्थिक उन्नति हो।</p>
<h1 style="text-align:center;">कार्यक्रम के दौरान स्मृति चिन्ह देकर राज्यपाल<br />
को किया गया सम्मानित</h1>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर चण्डीगढ ब्रांच के चेयरमैन मस्तान सिंह ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के ब्रिज भूषण शर्मा ने किया। इस अवसर पर नवीन कुमार सोनी, उमाकांत मेहता, अमितोयोज सिंह कम्बोज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jun 2018 09:24:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेस 3 ने की 150 करोड़ की कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[ईद के अवसर पर 05 जून को हुई थी रीलिज मुंबई एजेंसी। बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की फिल्म रेस 3 ने बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ की कमाई कर ली है। रमेश तौरानी निर्मित और रेमो डिसूजा निर्देशित फिल्म रेस 3 ईद के अवसर पर 05 जून को प्रदर्शित हुयी है। यह फिल्म रेस का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/race-3-earn-millions/article-4433"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/race3.jpg" alt=""></a><br /><h2>ईद के अवसर पर 05 जून को हुई थी रीलिज</h2>
<p><strong>मुंबई एजेंसी। </strong></p>
<p>बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की फिल्म रेस 3 ने बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ की कमाई कर ली है। रमेश तौरानी निर्मित और रेमो डिसूजा निर्देशित फिल्म रेस 3 ईद के अवसर पर 05 जून को प्रदर्शित हुयी है। यह फिल्म रेस का तीसरा संस्करण है। रेस और रेस 2 में सैफ अली खान की मुख्य भूमिका थी लेकिन इस बार सलमान खान का चयन किया गया। रेस 3 में सलमान खान के अलावा जैकलीन फर्नांडीस , बॉबी देओल और अनिल कपूर की अहम भूमिका है।</p>
<p>रेस 3 ने अपने प्रदर्शन के पहले सप्ताह में 145 करोड़ का शानदार व्यापार किया है। रेस 3 को समीक्षकों की प्रशंसा भले नहीं मिली लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। रेस 3 अब तक 150 करोड़ की कमाई कर चुकी है। इस वर्ष प्रदर्शित फिल्मों में पद्मावत और बागी 2 ने बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ से अधिक की कमाई की है।</p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Jun 2018 13:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रह्मचार्य के पालन से मिलती है सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[जैसी सोच होती है, वैसा फल उसे मिलता है सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी धाम में बुधवार को सायं-कालीन रूहानी मजलिस के दौरान फरमाया कि सतगुरु, अल्लाह, वाहेगुरु, राम हर पल, हर जगह, हर समय मौजुद रहता है। इन्सान की जैसी सोच होती है, वैसा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">जैसी सोच होती है, वैसा फल उसे मिलता है</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी धाम में बुधवार को सायं-कालीन रूहानी मजलिस के दौरान फरमाया कि सतगुरु, अल्लाह, वाहेगुरु, राम हर पल, हर जगह, हर समय मौजुद रहता है। इन्सान की जैसी सोच होती है, वैसा फल उसे देता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेकी-अच्छाई की सोच हो, तो इन्सान को कई गुणा ज्यादा मिलता है और अगर बुराई की सोच हो, तो इन्सान कुछ हासिल नहीं कर सकता। शिष्य, मुरीद कोई भी डिमांड, कोई भी इच्छा अपने अंदर प्रकट कर लेता है, लेकिन वो राम, ईश्वर जानता है कि कौन सी इच्छा जायज है और कौन सी नाजायज है। जो जायज है, वो पूरी कर देता है और जो नाजायज है, वो कभी पूरी होने नहीं देता।</p>
<h1 style="text-align:justify;">इन्सान अपने कर्मों का फल भोगता रहता है</h1>
<p style="text-align:justify;">लेकिन कई बार इन्सान अपने रास्ते से भटककर मनमते चल पड़ते हैं। जो रास्ते आपके लिए बनाए हैं, जब उन रास्ते से अलग अपना रास्ता ढूंढने लगता है या अलग हो जाता है, तो फिर इन्सान अपने कर्मों का फल भोगता रहता है। अगर इन्सान अपने पीरो, मुर्शिदे-कामिल, सतगुरु के बताए हुए रास्तों पर चलता जाएगा, तो पहाड़ जैसे कर्म भी कंकर में बदलते देर नहीं लगता।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने फरमाया कि जब इन्सान के अंदर खुदी का फाना कि मैं कुछ हूं…, ये चीजें चल पड़ती हैं, तो फिर इन्सान अल्लाह, वाहेगुरु, मालिक से वो खुशियां हासिल नहीं कर पाता, जो उसे मिलनी चाहिएं थी। असूल सबके लिए होते हैं। जो इन्सान असूलों पर चलते हैं, वो जिंदगी में कभी धोखा नहीं खाते।</p>
<h2 style="text-align:justify;"> जो ज्यादा बुलंदियों को छूने वाले लोग हैं, उनके पीछे कहीं न कहीं ब्रह्मचार्य ने काम किया है</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कोई सज्जन हमसे चर्चा कर रहा था, शायद डॉक्टर साहिबान थे। चर्चा करते-करते यह बात हुई कि किसी ने एक बुक लिखी है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सफल आदमी और असफल आदमी। यानि जो फेल हो गए और जो बुलंदियों को छू गए। वो बड़ी मशहूर किताब है। लेकिन एक नतीजा निकलकर सामने आया, जिसे पश्चिमी सभ्यता ने नकार दिया, उस किताब की निंदा भी हुई, उसे गलत भी कहा गया, क्योंकि लिखने वाले ने लिखा कि मैंने कई साल रिसर्च किया है, जो ज्यादा बुलंदियों को छूने वाले लोग हैं, उनके पीछे कहीं न कहीं ब्रह्मचार्य ने काम किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब भारत में तो ये चीजें मानी जा सकती हैं, लेकिन विदेशी लोग इन चीजों को नहीं मानते। इसीलिए उन्होंने उस किताब की निंदा की, लेकिन हकीकत यही थी, जो उसने रिसर्च किया। … सार्इं जी तो कब से कहते आ रहे हैं कि वचन मानो, सुमिरन करो, सेवा करो, अमल करो। लेकिन जब आप अपनी एक अलग हस्ती बना लेते हैं, फिर गड़बड़ हो जाती है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">पहला कर्त्तव्य जो हर किसी का है, और वो है राम का नाम जपना</h1>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने फरमाया कि आप घर-गृहस्थी हैं, परिवार वाले हैं, तो आपके लिए जरूरी है अपने मां-बाप, बहन-भाई, बच्चे-परिवार की संभाल करना, कर्त्तव्य निर्वाह करना। लेकिन सबसे जरूरी, अव्वल, पहला कर्त्तव्य जो हर किसी का है, और वो है राम का नाम जपना।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य कामों के लिए समय दो या न दो, लेकिन राम-नाम के लिए समय जरूर लगाओ। क्योंकि उसके लिए लगाया गया समय, आपके आने वाले समय को बहुत ही अच्छा बना देगा, बहुत ही बेहतर बना देगा और आपकी मुसीबतें, परेशानियां जड़ से खत्म होने लगेंगी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सच्चा त्यागी, सच्चा तपस्वी कौन होता है?</h1>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने फरमाया कि परमपिता शाह सतनाम जी, शाह मस्ताना जी दाता-रहबर फरमाया करते कि इन्सान घर-गृहस्थ में रहता है, तो उसके एक नहीं बल्कि दो पंख हो जाते हैं। वो सेवा भी करता है और घर-गृहस्थ भी चलाता है। गिरने का भी अंदेशा कम हो जाता है, क्योंकि घर-गृहस्थ की जिम्मेदारियां, परेशानियां, मुश्किलें कई बार इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि कलोल करने का टाईम ही नहीं बचता।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ त्यागी, तपस्वी हैं। अब आप सोचते होंगे कि सच्चा त्यागी, सच्चा तपस्वी कौन होता है? हम सच्चे सौदे की बात कर रहे हैं, सार्इं मस्ताना जी महाराज की! उन्होंने वचन किए कि सच्चा त्यागी, तपस्वी ब्रह्मचार्य का पालन करता है। घर-परिवार, दुनिया त्याग कर आया है, तो वो उस राम की भक्ति के लिए और राम की औलाद की सेवा के लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सार्इं जी कहा करते कि उसके लिए परिवार नहीं और परिवार के लिए वो नहीं। जो सारा कुछ त्याग कर राम की सेवा में लग जाए, त्यागी-तपस्वी बन जाए, उसके लिए तो सारी दुनिया उसका परिवार, दीन-दुखिये उसका परिवार होता है। राम का नाम जपना, सेवा करना सबसे ऊंचा धर्म और कर्म होता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मालिक जिसे प्यार करता है, खजाने लुटाता है, पर लुटाने से पहले आजमाता है</h2>
<p style="text-align:justify;">लेकिन फिर भी वो यह कर्म न करे, उसको लगे कि मेरा भी फर्ज बनता है मां-बाप के लिए, बहन-भाई के लिए! तो जरा सोचिए कि सार्इं जी ने यह क्यों कहा कि अगर आप त्यागी-तपस्वी हैं, तो आपके परिवार को सार्इं मस्ताना जी खुद देखेंगे, शाह सतनाम जी दाता खुद संभालेंगे। पर आप छोड़ेंगे तभी न! आप तो खुद ही लमपट हुए पड़े हैं। …तो सांई जी कहां से आएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने फरमाया कि वो मालिक जिसे प्यार करता है, खजाने लुटाता है, पर लुटाने से पहले आजमाता है। तो ऐसा नहीं है कि सच्चे त्यागी तपस्वी नहीं हैं, बहुत हैं, बहुत नहीं भी हैं। सिर्फ साईन बोर्ड लगाने से दुकान नहीं चलती। साईन बोर्ड के अनुसार दुकान में सामान भी होना चाहिए। उसी तरह जो भी आपका साईन बोर्ड, गृहस्थी या त्यागी-तपस्वी हैं, उसके अनुसार सामान होना जरूरी है।</p>
<h1 style="text-align:justify;"> इन्सान को मनमते नहीं चला चलना चाहिए</h1>
<p style="text-align:justify;">इन सबसे पहले आप एक सत्संगी हैं, जिनका काम दिलों को जोड़ना होता है, तोड़ना नहीं होता। इसलिए अपने शब्दों को तौला करो। पुरानी कहावत यूं ही नहीं बनी कि ‘पहले तौलो, फिर बोलो’। तौलने का मतलब, आप जो कहने जा रहे हो, उसका रिजल्ट क्या होने वाला है! पहले ये सोचा करो! और जैसे आप हो, वैसे रहा करो।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने फरमाया कि इन्सान को मनमते नहीं चला चलना चाहिए। जब आप मन की बातों के अनुसार चलते हैं, तो फिर दोष गुरु, पीर-फकीर को क्यों देते हो? आप सोचकर देखिए सार्इं मस्ताना जी महाराज ने परमपिता शाह सतनाम जी महाराज को वचन किए कि नहीं टाईम देना, तो फैमिली के किसी भी मेंम्बर को टाईम नहीं दिया। ठीक है, सत्संगियों की तरह, सत्संग करते-करते कभी उस गांव में गए, तो जाना, उसी तरह चर्चा होनी!</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यही बात जब हमें शाह सतनाम जी दाता-रहबर ने गुरगद्दी पर बिठाया, तो तीन-छ: महीने के बाद बापू जी आए! शायद वो रोए होंगे बाहर, तो किसी सेवादार ने जाकर बताया कि ऐसे-ऐसे हुआ। परमपिता जी शाम को बाहर आए, चारपाई पर बैठे और वैराग्य में आकर बोले- नहीं, अब नहीं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सतगुरु ने जो वचन किए होते हैं, शिष्य को उसी के अनुसार चलना ही होता है</h2>
<p style="text-align:justify;">हम पास में बैठे थे, हमने कहा, जी क्या? कहते कि नहीं, जब तक बापू जी हैं, तब तक बच्चों की सार-संभाल वो करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप उनको टाईम नहीं देंगे। उनको आप टाईम जरूर देंगे। अब पहले की तरह नहीं होगा, जैसे इस शरीर की माता जी को अधरंग हो गया था वियोग में! अब ये नहीं होने देना। तो ये सतगुरु के वचन हैं। हमारे लिए ये वचन हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">कइयों को होता है कि पिता जी जब टाईम देते हैं, तो हम क्यों नहीं! …तो भाई, हमें तो सतगुरु ने वचन किए हैं। हम तो वचनों की खाते हैं। …तो सतगुरु ने जो वचन किए होते हैं, शिष्य को उसी के अनुसार चलना ही होता है। लेकिन आप नकल करने तो बैठ जाते हो, पर कभी अक्ल का भी इस्तेमाल कर लिया करो। इसलिए विचार किया करो।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्या राम कोई कमी आने देगा?</h1>
<p style="text-align:justify;">सतगुरु को, अल्लाह, राम को, वाहेगुुरु को सबका फिक्र है। जब आप सब डोरियां उस पर छोड़ देते हो, …अरे उम्मीद तो कोई किसी धनाढ्य, किसी सरपंच की ले ले, वो मदद करने से पीछे नहीं हटता, तो पीर, फकीर तो वाहेगुरु, राम के जानने वाले होते हैं! कोई उस पर डोरिया छोड़ दे, तो क्या राम कोई कमी आने देगा? पर आपकी तो खुद की डोरियां कसी हुई हैं।इसीलिए आप परेशान, गमगीन रहते हैं। बेपरवाह जी ने कितने भजन लिखे हैं, ये हो नहीं सकता कि उसको पता न चले कि तेरी रग दुखती है, तेरे को परेशनी है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">इंसान को खुदी छोड़नी चाहिए</h1>
<p style="text-align:justify;">टाईम लग सकता है, इसमें भी उसकी कोई रजा होती है। …तो इंसान को खुदी छोड़नी चाहिए। हम तो ये कहते हैं कि यह कलियुग है निंदा, चुगली, बुराईयां, छोड़ दो। जो साईन बोर्ड है, उसी के अनुसार अपनी दुकान में, यानि अपने शरीर में वही सामान रखो। दुकान कोई और सामान कोई और तो धोखा खा जाओगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए साईन बोर्ड जो भी लगे हैं, उसके अकार्डिंग चलते जाओ, तो यकीन मानो वो राम वो सतगुरु, अल्लाह, मालिक किसी भी तरह की कोई कमी तो क्या आने देंगे, बल्कि कुलों का भी उद्धार करते जाएंगे।</p>
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                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/success-is-achieved-by-the-observance-of-brahmacharya/article-2279</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2017 01:27:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूलीखेड़ा की प्रियंका बनी पायलट</title>
                                    <description><![CDATA[जिन्दगी की असली उड़ान बाकी है, जिन्दगी के कई इम्तीहान अभी बाकी है भट्टूकलां (मनोज सोनी)।‘जिन्दगी की असली उड़ान बाकी है, जिन्दगी के कई इम्तीहान अभी बाकी है, अभी तो नापी है मुठ्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है।’ यह कहना है भट्टूकलां खंड के गाँव सूलीखेड़ा की प्रियंका बैनिवाल का। जिसने की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/priyanka-become-pilot/article-2171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/priyanka-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जिन्दगी की असली उड़ान बाकी है, जिन्दगी के कई इम्तीहान अभी बाकी है</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भट्टूकलां (मनोज सोनी)।</strong>‘जिन्दगी की असली उड़ान बाकी है, जिन्दगी के कई इम्तीहान अभी बाकी है, अभी तो नापी है मुठ्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है।’ यह कहना है भट्टूकलां खंड के गाँव सूलीखेड़ा की प्रियंका बैनिवाल का।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसने की अपनी अथक मेहनत के बल पर पायलेट बनने का मुकाम हासिल किया है। जिसुख राम बैनीवाल के बेटे सुरत सिह बैनीवाल की सुपुत्री प्रियंका ने वर्ष 2006 से कड़ी मेहनत के दम पर अपने बचपन के सपनों को साकार कर हकीकत में बदलकर सफलता पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जोकि उनके परिवार, गाँव, खण्ड और जिला फतेहाबाद के लिए गौरव की बात है। प्रियंका ने बचपन में आसमां में उड़ते हवाई जहाज को देखकर उसमें बैठने का सपना पालने की बजाय उसे स्वयं उड़ाने का सपना देखा और उसमें दिन रात एक करके सफलता भी हासिल कर ली है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सपने को साकार करने की शुरूआत</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रियंका ने वर्ष 2007 में हिन्दू हाई स्कूल सोनीपत से 10+2 की परीक्षा उत्तीर्ण की और इंडियन एविएशन बोर्ड के एग्जाम में अच्छी रैंकिंग हासिल की। इसके बाद देहली फ्लार्इंग क्लब से अपने सपने को साकार करने की शुरूआत की।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद डब्लूसीसी एक्सेल एयर एविएशन फलार्इंग स्कूल फिलीपींस स्कूल से प्रशिक्षण पूर्ण किया। प्रिंयका ने बताया कि उसने सात चरणों की कठिन परीक्षा और प्रेक्टिकल व साक्षात्कार को बखूबी उत्तीर्ण करते हुए इंडिगो एयरलाइंस में बतौर पायलेट नियुक्ति हासिल की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनके पति सूर्य प्रताप सिंह चहल बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में डिप्टी कमांडेंट के पद पर वर्तमान में फिरोजपुर पंजाब में तैनात हैं। प्रियंका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माँ- बाप के सहयोग तथा अपनी मेहनत लगन को दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं आज के युवाओं को संदेश देते हुए उसने कहा कि कड़ी मेहनत और लक्ष्य को निर्धारित कर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। वहीं उसने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को अपना समय बेकार में बर्बाद न करने की सलाह दी है। इस नियुक्ति पर परिवार के सदस्यों में खुशी का माहौल है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/priyanka-become-pilot/article-2171</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 01:59:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चार करोड़ की हेरोइन सहित तीन गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता नाइजीरियन व्यक्ति एक साल से कर रहा था हेरोइन का धंधा मानसा (जगविन्द्र सिद्धू)। पंजाब सरकार के नशे खिलाफ चलाए अभियान को रविवार को बड़ी सफलता मिली। इस अभियान के लिए तैयार की गई स्पैशल टास्क फोर्स एसटीएफ के प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने पुलिस जांच टीम का गठन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-arrested-with-four-crore-heroin/article-1879"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/arrested.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">मानसा एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नाइजीरियन व्यक्ति एक साल से कर रहा था हेरोइन का धंधा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मानसा (जगविन्द्र सिद्धू)।</strong> पंजाब सरकार के नशे खिलाफ चलाए अभियान को रविवार को बड़ी सफलता मिली। इस अभियान के लिए तैयार की गई स्पैशल टास्क फोर्स एसटीएफ के प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने पुलिस जांच टीम का गठन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिनों के स्टिंग आॅप्रेशन के बाद एक नाइजीरियन व दो सरदूलगढ़ वासियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 770 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत लगभग तीन से चार करोड़ रूपए आंकी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी देते हुए डीएसपी हरिन्द्र मान ने बताया कि एसटीएफ मानसा के इंचार्ज एसआई सुखजीत सिंह ने सहित एसटीएफ के गुप्त सूचना के आधार पर मामला दर्ज करवाया। आरोपियों की पहचान कनवर सैन उर्फ कालू पुत्र कृष्ण लाल, अजय कुमार पुत्र रजिन्द्र कुमार को सरदूलगढ़ कैंचियां डाबे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनसे 20 ग्राम हेरोइन बरामद की। पूछताछ दौरान यह खुलासा हुआ है कि एमनुअन उर्फ गॉडविन नामक के नाइजीरियन व्यक्ति से यह दिल्ली से हेरोइन लाते थे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी से 750 ग्राम हेरोइन बरामद की। डीएसपी हरिन्द्र मान ने बताया कि नाइजीरियन व्यक्ति एक साल से हेरोइन की तस्करी कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-arrested-with-four-crore-heroin/article-1879</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 08:17:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेना की बड़ी कामयाबी , लश्कर कमांडर जुनैद ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के अरवनी गांव में आतंकियों से चली लम्बी मुठभेड़ के बाद सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में सेना ने बड़े आतंकी जुनैद मट्टू और उसके साथी मुज़मिल को मार गिराया है। शुक्रवार सुबह से ही आर्मी और पुलिस ने मट्टू को अरवनी गांव […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/armys-big-success-lashkar-commander-junaid-killed/article-1291"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/junaid.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर।</strong> दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के अरवनी गांव में आतंकियों से चली लम्बी मुठभेड़ के बाद सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में सेना ने बड़े आतंकी जुनैद मट्टू और उसके साथी मुज़मिल को मार गिराया है। शुक्रवार सुबह से ही आर्मी और पुलिस ने मट्टू को अरवनी गांव में घेर लिया था, जिसके बाद अब उसे ढेर कर दिया गया है।  इससे पहले सेना बुरहान वानी और सबजार जैसे बड़े आतंकियों को मार चुकी है।</p>
<h3>आतंकी वारदात में तेजी</h3>
<p>कश्मीर में पिछले कुछ हफ्तों में आतंकी वारदात में तेजी आई है। इससे पहले आतंकियों ने सिलसिलेवार तरीके से पांच ठिकानों को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड से हमला किया था।</p>
<p>कश्मीर में गुरुवार को पुलिस दलों पर दो अलग-अलग आतंकी हमलों में दो पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। श्रीनगर के हैदरपुरा इलाके में पुलिस टीम पर हुए आतंकी हमले में सज्जाद नाम के पुलिस कर्मी शहीद हो गए हैं। हैदरपुरा में आतंकियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, इनमें से सज्जाद ने दम तोड़ दिया।</p>
<h4>कौन है मट्टू?</h4>
<p>जुनैद मट्टू वही आतंकवादी है जो कि पिछले साल पुलिस वैन पर हुए हमले में शामिल था, इस हमले में तीन पुलिस वाले मारे गए थे। वहीं गुरुवार को कुलगाम में हुए हमले में भी इसका हाथ बताया जा रहा है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2017 04:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एससीओ में भारत की कूटनीतिक सफलता के मायने!</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के साथ-साथ भारत भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का पूर्णकालिक सदस्य बन गया। इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। इस प्रकार भारत अब एक और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अहम् भूमिका निभाने जा रहा है। पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान को एससीओ का पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/meaning-of-indias-diplomatic-success-in-sco/article-1269"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/india-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के साथ-साथ भारत भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का पूर्णकालिक सदस्य बन गया। इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। इस प्रकार भारत अब एक और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अहम् भूमिका निभाने जा रहा है। पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान को एससीओ का पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्ताना में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी। दोनों देशों के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के मुद्दे पर बढ़ते मतभेदों के दौरान हुई इस मुलाकात को संबंध सुधारने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं के बीच की यह मुलाकात इस लिहाज से खास है कि यह इनके बीच की इस साल की पहली मुलाकात है और यह भारत द्वारा बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार किए जाने के बाद हुई। पीएम मोदी करीब 8 महीने बाद चीन के राष्ट्रपति से मिले। एससीओ में भारत की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने पर भारत ने चीन का धन्यवाद किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों देशों के बीच इस औपचारिक बैठक को काफी अहम् माना जा रहा है, क्योंकि चीन के सीपीईसी और एनएसजी में भारत की नो एंट्री पर दोनों देशों के रिश्तों में खटास रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब उम्मीद है कि इस बैठक के बाद कुछ सकारात्मक कदम सामने आ सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने करीब 17 महीने बाद इस सम्मेलन में पाकिस्तान पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की। भारत-पाक रिश्तों में तनाव व दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात की अटकलों के बीच एक कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ ने एक दूसरे का अभिवादन किया और एक दूसरे का हालचाल पूछा।</p>
<p style="text-align:justify;">एससीओ की स्थापना अप्रैल 1996 में चीन के शंघाई में हुई थी। उस समय चीन और रूस के अलावा मध्य एशिया के तीन देश कजाखस्तान, किर्गिस्तान और तजीकिस्तान इसके संस्थापक सदस्य थे, इसलिए तब इसका नाम शंघाई-5 रखा गया था। 2001 में उज्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद इसका नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब यह 8 देशों वाला एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का मंच बन गया है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर आपसी सहयोग बढ़ाना है। एससीओ की सदस्यता मिलने से भारत का मध्य एशियाई देशों से रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। वहां के बाजारों में भारत का प्रवेश आसान हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य एशिया के देशों के पास गैस का बड़ा भंडार है। चूंकि चीन पहले ही रूस से बड़े पैमाने पर अपनी जरूरत की गैस ले रहा है, ऐसे में कजाखस्तान, तजीकिस्तान, उज्बेकिस्तान जैसे देश अपनी गैस की बिक्री के लिए भारत की ओर देख रहे हैं। रूस और कजाखस्तान जैसे सदस्यों के साथ प्राकृतिक गैस खरीद को लेकर भारत की बातचीत पहले से हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">रूस से भारत तक गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना पर भी बातचीत चल रही है। इसी तरह भारत, किर्गिस्तान के साथ भी ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करना चाहता है। विभिन्न देशों की ऊर्जा जरूरतों के बीच सामंजस्य बनाने के लिए एक समिति भी बनी है। भारत मध्य एशियाई देशों में बड़ा निवेश कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही ऊर्जा संरक्षण से जुड़ी आधुनिक टेक्नॉलजी भी इन मुल्कों को उपलब्ध करा सकता है। एससीओ की सदस्यता कूटनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण है। बताते हैं कि भारत के शामिल होने से इसमें चीन का प्रभुत्व कम होगा। अब चीन, पाकिस्तान के हर कदम का आंख मूंदकर समर्थन करने से भी हिचकिचाएगा। लेकिन चीन ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना को लेकर भारत पर कूटनीतिक दबाव बना सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एससीओ की सदस्यता हासिल करने में पाकिस्तान ने भले ही सफलता हासिल कर ली हो, पर उसके साथ बहुत अच्छा नहीं हुआ। एससीओ की पूर्ण सदस्यता मिलते ही जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ के ही मंच से पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर लपेटा, वहीं दूसरी ओर उसके सदाबहार दोस्त चीन के राष्ट्रपति शी ने भी ब्लूचिस्तान में दो चीनी शिक्षकों की हत्या से खफा होकर पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से रस्मी मुलाकात तक नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">कह सकते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत को एससीओ के रूप में एक ऐसा कारगर मंच मिल चुका है, जहां आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आसानी से घेरा जा सकता है। एससीओ के मंच पर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकती। यह बात एससीओ के सभी सदस्य देश अच्छी तरह से जानते हैं। भारत सभी मंचों पर जहां पाक द्वारा आतंकवाद को प्रायोजित करने का मुद्दा जोर-शोर से उठाता रहता है वहीं पाकिस्तान जवाब में कश्मीर का मुद्दा जोर-शोर से उठाने का प्रयास करता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि आतंकवाद आज एक विश्वव्यापी समस्या बन चुका है ऐसे में एससीओ के मंच से आतंकवाद का मुद्दा उठाने में भारत को कोई समस्या नहीं आएगी जबकि पाकिस्तान को इस मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाने का मौका नहीं मिलेगा क्योंकि पूरी दुनिया कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा मान चुकी है और उसे अकसर इसे द्विपक्षीय रूप से सुलझाने की सलाह भी मिलती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान लाख चाहकर भी एससीओ का हाल सार्क जैसा नहीं कर सकता। सार्क में तो पाकिस्तान जब तब भारत का रास्ता काटने का प्रयास करता रहता था लेकिन एससीओ में पाकिस्तान के लिए ऐसा करना असंभव है। इस संगठन में चीन और रूस जैसी बड़ी ताकतें और मजबूत अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं जो अपने आर्थिक हितों की खातिर पाकिस्तान को संगठन के एजेंडे से इतर कुछ भी करने की इजाजत नहीं देंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही रूस द्वारा भारत को सदस्यता दिलाने के जवाब में चीन ने पाकिस्तान के लिए भी एससीओ के दरवाजे खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। ऐसे में जब एससीओ में शामिल देश आतंकवाद के मुद्दे को लेकर भारत की चिन्ताओं पर ध्यान देंगे तो पाकिस्तान पर निश्चित ही दबाव पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, यह कह सकते हैं कि भारत आतंकवाद के मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान को एक्सपोज कर सकता है क्योंकि यह एक ऐसा बहुपक्षीय मसला है जिससे सभी देश पीड़ित हैं। आतंकवाद से लड़ने के लिए सभी सदस्य देशों ने प्रस्ताव पास किया था, जिससे एससीओ के ऐंटी टेरर चार्टर को मजबूती मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि आतंकवाद के मसले पर रूस के लिए भारत का सहयोग करना और भी आसान हो जाएगा। अन्य मामलों में भी दोनों में सहयोग बढ़ेगा। उम्मीद है भारत की उपस्थिति से इस संगठन को एक नया तेवर मिलेगा। देखना है कि भारत इसका कितना लाभ उठा पाता है?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-राजीव रंजन तिवारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/meaning-of-indias-diplomatic-success-in-sco/article-1269</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 22:35:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इसरो की बड़ी कामयाबी , संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण में आत्मनिर्भर बना भारत</title>
                                    <description><![CDATA[देश के सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 का प्रक्षेपण तिरुवनंतपुरम। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारी भरकम सैटेलाइट लॉन्च वीइकल जीएलएलवी मार्क-3 को प्रक्षेपित कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भारत के सबसे वजनी रॉकेट को सोमवार को शाम 5:28 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया। इसका वजन करीब 640 टन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/isro-big-success-india-became-self-reliant-in-the-launch-of-communication-satellites/article-916"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/isro-india.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">देश के सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 का प्रक्षेपण</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारी भरकम सैटेलाइट लॉन्च वीइकल जीएलएलवी मार्क-3 को प्रक्षेपित कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भारत के सबसे वजनी रॉकेट को सोमवार को शाम 5:28 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया। इसका वजन करीब 640 टन है। जीएसएलवी मार्क-3 अन्य देशों के चार टन श्रेणी के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की दिशा में भारत के लिए अवसर खोलेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">10,000 किलो तक के पेलोड ले जाने की क्षमता</h2>
<p style="text-align:justify;">यह रॉकेट अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजन का संचार उपग्रह जीसैट-19 लेकर गया है। अब तक 2,300 किलो से ज्यादा वजन वाले संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इसरो को विदेशी प्रक्षेपकों पर निर्भर रहना पड़ता था। जीएसएलवी एमके3-डी1 भूस्थैतिक कक्षा में 4000 किलो तक के और पृथ्वी की निचली कक्षा में 10,000 किलो तक के पेलोड (या उपग्रह) ले जाने की क्षमता रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने कहा था कि यह अभियान अहम है, क्योंकि देश से प्रक्षेपित किया जाने वाला यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है। इससे पहले इसरो ने 3,404 किलो के संचार उपग्रह जीसैट-18 को फ्रेंच गुयाना स्थित एरियाने से प्रक्षेपित किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसएलवी मार्क-3 लॉन्च करने के लिए उच्च गति वाले क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि करीब 30 साल की रिसर्च के बाद इसरो ने यह इंजन बनाया था। यह अभियान भारत के संचार संसाधनों को बढ़ावा देगा क्योंकि अकेला एक जीसैट-19 उपग्रह पुरानी किस्म के 6-7 संचार उपग्रहों के बराबर होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इसरो की बड़ी कामयाबी</h3>
<p style="text-align:justify;">इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन ने कहा कि यह प्रक्षेपण बड़ा मील का पत्थर है क्योंकि इसरो प्रक्षेपण उपग्रह की क्षमता 2.2-2.3 टन से करीब दोगुना करके 3.5- 4 टन कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2.3 टन से अधिक के संचार उपग्रह का प्रक्षेपण करना हो तो हमें इसके प्रक्षेपण के लिए विदेश जाना पड़ता है। जीएसएलवी मार्क तीन के कामकाज शुरू करने के बाद हम संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण में आत्मनिर्भर हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>जीएसएलवी मिशन के डायरेक्टर जी अय्यप्पन ने कहा, ‘यह जीएसएलवी मार्क-5 लॉन्च ‘मैक इन इंडिया’ स्पेस प्रॉजेक्ट की सफलता के साथ-साथ सामग्री, डिजाइन और प्रौद्योगिकी के मामले में भी पूरी तरह से स्वदेशी लॉन्च होगा।’ </em></p>
<h2 style="text-align:justify;">इसरो की 30 साल की मेहनत का टेस्ट</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> करीब 30 साल की रिसर्च के बाद इसरो ने बनाया है इसका इंजन</li>
<li style="text-align:justify;"> इसरो का अबतक का सबसे भारी रॉकेट है जीएसएलवी-एमके3 डीआई</li>
<li style="text-align:justify;"> 5 बोइंग विमान या 200 हाथियों जितना भारी है इसरो का यह रॉकेट</li>
<li style="text-align:justify;"> रॉकेट अपने साथ 3136 किलो का संचार उपग्रह जीसैट-19 लेकर गया</li>
<li style="text-align:justify;"> निचली कक्षा में 1000 किलो तक के पेलोड (उपग्रह)ले जाने की क्षमता</li>
<li style="text-align:justify;">भूस्थैतिक कक्षा में 4000 किलो तक का पेलोड ले जाने की क्षमता</li>
<li style="text-align:justify;"> जीएसएलवी-एमके 3 डीआई में स्वदेशी उच्च गति वाले क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल</li>
<li style="text-align:justify;"> सामग्री, डिजाइन और प्रौद्योगिकी के मामले में पूरी तरह स्वदेशी रॉकेट</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">देश को गर्व: मोदी</h3>
<p style="text-align:justify;"><em>राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘जीएसएलवी एमके-3 डी1/जीएसएटी-19 मिशन ने भारत को नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च वीइकल के नजदीक पहुंचाया है। देश को गर्व है।’</em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/isro-big-success-india-became-self-reliant-in-the-launch-of-communication-satellites/article-916</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 08:32:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भटिंडा पुलिस को मिली बड़ी सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[तिकड़ी गिरोह से 65 लाख की हेरोइन पकड़ी नाइजीरियन व्यक्ति ने मुहैया करवाई थी हेरोइन भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा पुलिस ने नश तस्करी करने वाले एक तिकड़ी गिरोह को गिरफ्तार किया है। गिरोह से 130 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में 65 लाख रुपए कीमत बताई गई है। पुलिस ने तीन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">तिकड़ी गिरोह से 65 लाख की हेरोइन पकड़ी</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नाइजीरियन व्यक्ति ने मुहैया करवाई थी हेरोइन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा पुलिस ने नश तस्करी करने वाले एक तिकड़ी गिरोह को गिरफ्तार किया है। गिरोह से 130 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में 65 लाख रुपए कीमत बताई गई है। पुलिस ने तीन लाख पांच हजार रुपए की ड्रग मनी भी बरामद की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वरना कार भी कब्जे में ली</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने उस वरना कार को भी कब्जे में ले लिया जिस पर यह हेरोइन ला रहे थे। आरोपियों को यह हेरोइन दिल्ली के कृश नाईजीरियन द्वारा मुहैया करवाई गई थी जिसे यह डबवाली से भटिंडा रास्ते के द्वारा आगे सप्लाई करने के लिए ला रहे थे। सीआईए स्टॉफ के इंचार्ज रजिन्दर कुमार ने यह हेरोइन भटिंडा डबवाली रोड गौशाला के नजदीक सोमवार सुबह 6.20 बजे पकड़ी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कार भगाने का प्रयास किया</h3>
<p style="text-align:justify;">सीनियर कप्तान पुलिस भटिंडा नवीन सिंगला ने यह जानकारी प्रैस कांफ्रेंस कर दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की हुई थी। जब पुलिस ने इस तिकड़ी की वरना कार नाके पर रोकी तो कार को भटिंडा की तरफ भगा लिया। आगे से रास्ता बंद होने के कारण जब चालक ने कार मोड़ने की कोशिश की तो कार बेकाबू होकर पेड़ में टकरा गई। कार का पीछा कर रही पुलिस ने कार सवारों को पकड़ लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक लाख में बेचते थे 100 ग्राम हेरोइन</h3>
<p style="text-align:justify;">एसएसपी ने बताया कि काबू तस्करों की पहचान तरूण कुमार पुत्र जवाहर लाल निवासी जनकपुरी नई दिल्ली, परिक्षत आस्टा पुत्र सोमनाथ आस्टा निवासी तिलक नगर नई दिल्ली व वरिन्दर सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी गुरू तेग बहादुर नगर भटिंडा के रूप में हुई। थाना केनाल कालोनी पुलिस ने तीनों तस्करों खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी दिल्ली से 300 ग्राम हेरोइन 1 लाख 10 हजार रुपए प्रति 100 ग्राम के हिसाब के साथ लाए थे। इसमें से उन्होंने कुछ हेरोइन अपने ग्राहकों को सप्लाई कर दी जबकि 130 ग्राम हेरोइन भटिंडा ला रहे थे। यह हेरोइन भटिंडा के आसपास के ग्राहकों को सप्लाई की जानी थी। सिंगला ने बताया कि पुलिस नाइजीरियन नागरिक कृश को भी गिरफ्तार करेगी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस अब आरोपियों का रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 07:33:17 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>निकाय चुनावों में मिली सफलता से बढ़ा टीएमसी का हौसला</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/success-in-the-elections-enhanced-tmcs-enthusiasm/article-813"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/tmc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को अच्छी खासी कामयाबी मिली जिससे पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी सहित कार्यकर्ताओं को भी राहत मिली। साथ ही उनकी हौसला अफजाई भी हुई है। चुनाव से पहले टीएमसी में उहापोह की स्थिति थी। प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक भी यह मान रहे थे कि टीएमसी को झटका लग सकता है मगर तमाम अटकलों और आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच आखिरकार टीएमसी को आशातीत सफलता मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश की सात नगर निगम सीटों में से चार पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। बाकी की तीन सीटों पर भाजपा अलाएंस को सफलता मिली है। सबसे बड़ी बात कि राज्य के मैदानी इलाके में भी तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। दोमकल,रायगंज और पुजाली के अलावा पर्वतीय क्षेत्र मिरिक के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने काफी अंतर से जीत दर्ज की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सफलता पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि -यहां की जनता ने मां, माटी मानुष के प्रति अपनी आस्था दिखाई है। वास्तव में ये मां, माटी मानुष और आम जनता की जीत है। ममता बनर्जी ने तो ट्वीट करके इतना तक कह डाला कि-‘पर्वत मुस्कुरा रहे हैं’। बहरहाल इस जीत को लेकर ममता बनर्जी खासी उत्साहित हैं और इसके लिए वह यहां की जनता को धन्यवाद् देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर तीन सीटों पर बीजेपी अलाएंस को मिली भारी जीत से एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में खुशी की लहर है, वहीं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) भी बेहद उत्साहित है। दरअसल गोरखा जनमुक्ति मोर्चे के साथ भाजपा का अलायंस है। देखा जाए तो गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दार्जिलिंग,कुर्सियांग और कलिम्पोंग निकायों में अपनी भारी जीत दर्ज करके यह जता दिया है कि इन क्षेत्रों में उनकी साख कायम है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के मुताबिक गोरखा जनमुक्ति मोर्चे ने सात नगर निगम क्षेत्रों की 148 सीटों में से 69 सीटों पर कब्जा जमाया तथा तीन सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल हुई। टीएमसी को 68 ,कांग्रेस व लेफ्ट को 4 एवं जन अधिकार पार्टी को को 2 सीटें मिलीं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुर्शिदाबाद जिले के दोमकल में तृणमूल कांग्रेस ने 21 में से 18 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस को दो और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को महज एक सीट मिला। उधर, रायगंज में 27 वार्डों में से टीएमसी को 14 वार्डों में जीत मिली है। वहीं, सीपीआईएम-कांग्रेस के खाते में 2 और बीजेपी के खाते मे एक वार्ड आया है। पुजाली में पार्टी को 16 में से 12 वॉर्ड और बीजेपी, सीपीआईएम को एक-एक वार्ड मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिरिक नगरपालिका में टीएमसी ने 9 में से 6 वार्डों को अपने नाम कर जीत हासिल की है। वहीं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) को तीन वार्ड मिले हैं। आपको बता दें कि 14 मई को हुए मतदान में कुल 68 प्रतिशत मतदान हुआ था। सातों निकायों में से पुजाली में सबसे ज्यादा 79.6 प्रतिशत और दार्जिलिंग में सबसे कम 52 प्रतिशत मतदान हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि -‘चुनाव के दौरान सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस ने जमकर धन और बल का प्रयोग किया। यह बात किसी से भी छिपी हुई नहीं है। तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने डरा धमकाकर वोट हासिल किये,जो बिलकुल गलत है।’ दिलीप घोष का कहना है कि -‘इस निकाय चुनाव में लोकतंत्र की नृशंस हत्या हुई है।’ हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को भारी शिकस्त देने की रणनीति बना रही बीजेपी को एक झटका जरूर लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीति के जानकार कहते हैं कि बीजेपी को अगर सफलता अर्जित करनी है तो जमीनी स्तर पर काम करना होगा। रणनीति में बदलाव लाकर जन आंदोलनों में तेजी लानी होगी। राजनीतिक विश्लेषक यह भी मानते हैं कि बीजेपी के कार्यकर्ता कहीं-कहीं महज मोदी-लहर पर ही भरोसा करने लगे हैं जबकि जरूरत है ठोस और जमीनी आंदोलनों की। जनता के दिलों में आस्था और विश्वास स्थापित करने के किये अनवरत संघर्ष तो करना ही होगा।</p>
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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2017 23:45:22 +0530</pubDate>
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