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                <title>Ministry of Defence - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Ex-servicemen News: रक्षा मंत्रालय की पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी सौगात!</title>
                                    <description><![CDATA[देश के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस कदम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत सूचीबद्ध कर लिया गया है। यह एक लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/ex-servicemen-news-defense-ministrys-big-gift-for-ex-servicemen/article-88088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/ex-servicemen.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ministry of Defence: नई दिल्ली। देश के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस कदम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत सूचीबद्ध कर लिया गया है। यह एक लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय बिहार तथा पड़ोसी राज्यों में रहने वाले लाखों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। Ex-servicemen News</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एम्स पटना का ईसीएचएस नेटवर्क में शामिल होना उन पूर्व सैनिकों के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया। इस कदम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को अब अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, विशेषज्ञ उपचार और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी। वर्ष 2012 में स्थापित एम्स पटना को ईसीएचएस से जुड़ने में 12 वर्ष का समय लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">लंबे इंतजार के बाद हुए इस फैसले से बिहार के साथ-साथ झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें जटिल और विशेष चिकित्सा उपचार के लिए राज्य से बाहर स्थित बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार एम्स पटना अपनी उत्कृष्ट चिकित्सीय सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी, उच्च स्तरीय विशेषज्ञ डॉक्टरों और विश्वस्तरीय रोगी देखभाल के लिए जाना जाता है। Ex-servicemen News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके ईसीएचएस नेटवर्क में शामिल होने से पूर्व सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समय पर उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से गंभीर बीमारियों, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स तथा अन्य जटिल चिकित्सा मामलों में पूर्व सैनिकों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। साथ ही इलाज पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और लंबी दूरी की यात्रा की आवश्यकता भी कम होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्रालय ने इसे पूर्व सैनिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कदम देश के उन वीर सैनिकों के सम्मान और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। गौरतलब है कि एम्स पटना के ईसीएचएस से जुड़ने के साथ ही बिहार और आसपास के क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। इसके बाद उन्हें लंबे सफर तय कर दिल्ली या अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। पूर्व सैनिकों को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। Ex-servicemen News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 15:57:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>Navy: नौसेना के लिए 2960 करोड़ रुपए की लागत से खरीदी जायेंगी मिसाइल प्रणाली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Raksha Mantralaya: रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए लगभग 2,960 करोड़ रुपये की लागत से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने गुरूवार को यहां बताया कि रक्षा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/missile-systems-will-be-purchased-for-the-navy-at-a-cost-of-rs-two-thousand-nine-hundred-sixty-crore/article-66494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/new-delhi-13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>Raksha Mantralaya: रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए लगभग 2,960 करोड़ रुपये की लागत से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने गुरूवार को यहां बताया कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में रक्षा मंत्रालय और बीडीएल के अधिकारियों ने इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">यह मिसाइल प्रणाली एक मानक फिट है, जो कई भारतीय नौसेना युद्धपोतों पर लगी है और इसे भविष्य में अधिग्रहण के लिए नियोजित अधिकांश प्लेटफार्मों पर तैनात किए जाने की योजना है। यह अनुबंध भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और उन्नत सैन्य तकनीक को स्वदेशी बनाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर देने के साथ बीडीएल द्वारा ‘खरीदें (भारतीय)’ श्रेणी के तहत की जाएगी, जिसमें काफी हद तक स्वदेशी सामग्री होगी। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Humanity: एक ने मरने के लिए गली में फेंका तो एक ने बचाए प्राण" href="http://10.0.0.122:1245/one-threw-him-in-the-street-to-die-while-another-saved-his-life/">Humanity: एक ने मरने के लिए गली में फेंका तो एक ने बचाए प्राण</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 15:06:08 +0530</pubDate>
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                <title>ईसीएचएस योजना के कुछ नियमों में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली l रक्षा मंत्रालय ने भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के लाभार्थियों के ऐसे पुत्रों को आश्रित घोषित करने का निर्णय लिया है जो 25 वर्ष की उम्र के बाद अक्षम या दिव्यांग हुए हैं। इस निर्णय के बाद लाभार्थियों के इन पुत्रों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। अभी तक 25 वर्ष […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/changes-in-some-rules-of-echs-scheme/article-16586"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/changes-in-some-rules-of-echs-scheme.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली</strong> l रक्षा मंत्रालय ने भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के लाभार्थियों के ऐसे पुत्रों को आश्रित घोषित करने का निर्णय लिया है जो 25 वर्ष की उम्र के बाद अक्षम या दिव्यांग हुए हैं। इस निर्णय के बाद लाभार्थियों के इन पुत्रों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। अभी तक 25 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ईसीएचएस लाभार्थियों के स्थायी रूप से दिव्यांग पुत्रों को आश्रित नहीं माना जाता और वे चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। यह नियम केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के नियमों पर आधारित था। अब सीजीएचएस ने अपने इस नियम में संशोधन कर इन लोगों को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने अब यह निर्णय लिया गया है कि ईसीएचएस लाभार्थियों के स्थायी रूप से दिव्यांग और आर्थिक रूप से आश्रित अविवाहित पुत्रों का इलाज आश्रित के रूप में किया जाएगा, जो 25 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद अक्षम हो गए हैं।</h6>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2020 09:50:48 +0530</pubDate>
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