<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-spacial-story/tag-17423" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>sach kahoon Spacial Story - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/17423/rss</link>
                <description>sach kahoon Spacial Story RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पेयजल से परेशान महिला शक्ति का टूटा सब्र, धड़ाधड़ फोड़े मटके</title>
                                    <description><![CDATA[जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बीरबल नगर और विश्वकर्मा कॉलोनी लोगों में भारी गुस्सा कुर्सी पर किया कब्जा तो दफ्तर छोड़ भागे एसडीओ समस्या हल न होने पर दी परिवारों सहित रोड़ जाम की चेतावनी सच कहूँ/बिन्टू सिंह नरवाना। लंबे समय से पेयजल समस्या को लेकर परेशान शहर की बीरबल नगर व विश्वकर्मा कॉलोनी के लोगों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/huge-anger-among-people-of-birbal-nagar-and-vishwakarma-colony-against-public-health-department/article-24532"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/pardarsan-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बीरबल नगर और विश्वकर्मा कॉलोनी लोगों में भारी गुस्सा</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>कुर्सी पर किया कब्जा तो दफ्तर छोड़ भागे एसडीओ</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>समस्या हल न होने पर दी परिवारों सहित रोड़ जाम की चेतावनी</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/बिन्टू सिंह नरवाना।</strong> लंबे समय से पेयजल समस्या को लेकर परेशान शहर की बीरबल नगर व विश्वकर्मा कॉलोनी के लोगों का सब्र वीरवार को जवाब दे गया। गुस्साए लोगों और महिलाओं ने जन स्वास्थय विभाग में मटका फोड़ प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान लोगों ने कई घंटों तक एक्सईन कार्यालय के बाहर दरी बिछाकर धरना दिया। काफी देर तक जब अधिकारियों ने सुध नहीं ली तो महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और एसडीओ के साथ तनातनी होने पर एक महिला ने एसडीओ की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। जिसको देखते हुए एसडीओ दफ्तर छोड़ तक बाहर भाग गए।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने कहा कि जब तक अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं करते वह एक्सईन कार्यालय में धरना जारी रखेंगे। इस दौरान लोगों ने नैशनल हाईवे जाम करने की भी चेतावनी दी। इस दौरान प्रधान कैलाश सिंगला, नप उपप्रधान राजू प्रजापत, विनोद मंगला ने भी परेशान लोगों को साथ दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गर्मी में पानी न मिलने से बढ़ी परेशानी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">गुस्साई महिलाओं ने कहा कि गर्मी में पानी की ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन पिछले कई दिनों पीने का पानी नहीं आ रहा। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग, एसडीएम, एक्सईन व एसडीओ को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों को आमजन की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। अगर कभी भूलकर पानी आ भी जाए तो इतना गंदा होता है, जिसे घरेलू कार्यों में प्रयोग नहीं कर सकते।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तीन दिन का दिया अल्टीमेटम</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कई घंटों तक अधिकारियों के साथ तनातनी के बाद एसएचओ धर्मबीर ने लोगों को शांत करवाया और एसडीओ सतीश को लोगों के सामने बुलाकर जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस पर कॉलोनी के लोगों ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है, अगर समस्या का समाधान नहंी हुआ तो परिवार सहित रोड़ जाम किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अधिकारियों की लापरवाही से जनता परेशान : कैलाश सिंगला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पूर्व प्रधान कैलाश सिंगला ने कहा कि सरकार द्वारा नारा दिया जाता है कि जल ही जीवन है, लेकिन तेज तपस भरी गर्मी के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते पीने को जल ही न मिले तो जीवन कैसे सुरक्षित रहेगा। बीरबल नगर, शास्त्री नगर व विश्वकर्मा कॉलोनी में नहाने, कपडेÞ धोने तो दूर की बात पीने के लिए पानी की एक बूंद भी नहीं आती। सिंगला ने कहा कि 6 माह से जनता परेशान है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एसडीओ की कुर्सी पर बैठी महिला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">काफी देर तक एक्सईन कार्यालय के बाहर लोगों का धरना जारी रहा, लेकिन किसी अधिकारी ने कोई सुध नहीं ली। महिलाओं का गुस्सा फूट गया और कई महिलाएं एसडीओ सतीश कुमार के कार्यालय में पहुंच गई और काफी देर तक एसडीओ व महिलाओं के बीच तनातनी बनी रही। इस दौरान एसडीओ सतीश कुमार कुर्सी से खड़े हुए तो एक महिला ने कुर्सी पर कब्जा कर लिया और काफी देर तक बैठी रही। पुलिस प्रशासन ने समझा बुझाकर महिला को कुर्सी से उठाया। महिलाओं ने कहा कि अगर आमजन की समस्या का समाधान नहीं कर सकते तो ऐसे अधिकारियों को कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या कहते हैं अधिकारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">समस्या को लेकर अधिकारी मौके पर गए थे और लगातार समस्या को दूर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी की बर्बादी हो रही है और जिसके कारण कुछ एरिये में पानी की दिक्कत है। मौके पर जाकर लोगों की समस्या को दूर किया जाएगा और पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू की जाएगी।<br />
<strong>-सतीश कुमार, एसडीओ</strong></p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/huge-anger-among-people-of-birbal-nagar-and-vishwakarma-colony-against-public-health-department/article-24532</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/huge-anger-among-people-of-birbal-nagar-and-vishwakarma-colony-against-public-health-department/article-24532</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Jun 2021 20:58:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-06/pardarsan-1.jpg"                         length="24418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महादान: 6 महिला सहित ऐलनाबाद के 22 श्रद्धालुओं ने किया रक्तदान</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रयू ब्लड पंप के नाम से मशहूर हैं डेरा सच्चा सौदा के सेवादार (Blood Donation) सच कहूँ/सुभाष ऐलनाबाद। कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में भी डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए निरंतर रक्तदान करने में लगे हुए है। ताकि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/22-devotees-of-ellenabad-including-6-women-donated-blood/article-24223"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/blodd-donation.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ट्रयू ब्लड पंप के नाम से मशहूर हैं डेरा सच्चा सौदा के सेवादार (Blood Donation)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुभाष ऐलनाबाद।</strong> कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में भी डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए निरंतर रक्तदान करने में लगे हुए है। ताकि इस समय में रक्त की कमी से किसी इन्सान की जिदंगी न चली जाए। इसी कड़ी में रविवार को शहर ऐलनाबाद निवासी छ महिला श्रद्धालुओं सहित 22 ने शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्तदान करने पहुंचे सुभाष इन्सां, नामदेव इन्सां, कृष्ण इन्सां, नरेश इन्सां, सुरेंद्र इन्सां, रवि इन्सां, यश इन्सां, अशोक इन्सां, राजू इन्सां, सोनू इन्सां, नरेश इन्सां, सुरेंद्र इन्सां, अजय इन्सां, मनीष इन्सां, अजय इन्सां, सोनू इन्सां, नीतू इन्सां, विमला इन्सां, निरु इन्सां, आशा इन्सां, शकुंतला इन्सां व कंचन इन्सां ने बताया कि वह हर तीन महीने के पश्चात रक्तदान करते रहते है। उन्होंने कहा कि उन्हें रक्तदान करने की प्रेरणा पूज्य गुरु जी से मिली है और भविष्य में भी वह जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान करते रहेंगे। यहां आपको बता दें कि कृष्ण इन्सां 41 वीं बार व सुभाष इन्सां 11वीं बार रक्तदान कर चुके हैं। वहीं ब्लड बैंक प्रशासन ने भी डेरा अनुयायियों के रक्तदान के प्रति जज्बे की सराहना कर प्रशंसा पत्र भेंट किए।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/22-devotees-of-ellenabad-including-6-women-donated-blood/article-24223</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/22-devotees-of-ellenabad-including-6-women-donated-blood/article-24223</guid>
                <pubDate>Sun, 06 Jun 2021 21:16:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-06/blodd-donation.jpg"                         length="53621"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षित बहु ने करोड़ों के विकास से बदल दी गांव कर्मगढ़ की तस्वीर </title>
                                    <description><![CDATA[पंचायती चुनावों की आहट के बाद गांव की चौपालों में सरपंची को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। चुनावों का समय निकट देखकर भावी सरपंचों ने लोगों से हालचाल पूछना शुरू कर दिया है। इसी बहाने लोगों की नब्ज टटोलने की भी कोशिश की जा रही है। अपने कार्यकाल में मौजूदा पंचायतों ने गांवों में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/bahu-changed-the-picture-of-village-karmgarh-with-the-development-of-crores/article-17154"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/village-karmgarh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंचायती चुनावों की आहट के बाद गांव की चौपालों में सरपंची को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। चुनावों का समय निकट देखकर भावी सरपंचों ने लोगों से हालचाल पूछना शुरू कर दिया है। इसी बहाने लोगों की नब्ज टटोलने की भी कोशिश की जा रही है। अपने कार्यकाल में मौजूदा पंचायतों ने गांवों में क्या विकास करवाया और क्या अभी अधूरा है, इस पर सच-कहूँ अपने पाठकों को गांवों की विकास कार्यांे की ग्राउंड रिपोर्ट से अवगत करवा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के तहत हम आज आपको बडागुढ़ा खंड के गांव कर्मगढ़ में मौजूदा ग्राम पंचायत के कार्यकाल मेंं हुए विकास कार्यांे से रू-ब-रू करवा रहे हंै। इस गांव से वैसे तो कोई बड़ी शख्सियत या कोई उच्च पद पर नहीं है, लेकिन गांव में जब दान की बात आती है तो दानवीर शोभराज मैहता क ा नाम सामने आता है। यहां की सरपंच द्वारा अपने कार्यकाल में विकास पर करीब 2 करोड़ से अधिक राशि खर्च करने का दावा किया गया है। इसी पर सच-क हूँ संवाददाता राजू ओढां की एक खास रिपोर्ट :-</p>
<h2 style="text-align:center;"><strong>करीब 2 करोड़ रूपये की राशि गांव के विकास पर खर्च</strong></h2>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गांव में बेसहारा पशुओं की समस्या व कर्मगढ़ रोड का निर्माण बड़ी उपलब्धि</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/राजू ओढां।</strong> बडागुढ़ा खंड का गांव कर्मगढ़ आबादी के लिहाज से भले ही छोटा-सा गांव है, लेकिन यहां विकास कार्यांे पर करोड़ों रूपये की राशि खर्च हुई है। इस गांव की शिक्षित बहु ने परिजनों के कहने पर सरपंच पद का चुनाव लड़ा था। सरपंच बनकर गांव की बागडोर संभालते हुए रानी देवी ने विकास पर करोड़ों रूपये खर्च कर गांव की सूरत बदलने का दम भरा। पूर्व पंचायत व मौजूदा पंचायत के बीच विकास कार्यांे की तुलना करने पर सामने आया कि मौजूदा पंचायत के समय में गांव विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। करीब 1800 की आबादी वाले इस गांव में पंचायत द्वारा अब तक करीब 2 करोड़ रूपये की राशि विकास पर खर्च किए जाने का दम भरा गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गांव के विकास पर एक नजर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">गांव की निकासी संबंधि समस्या को सरपंच ने प्राथमिकता से लेते हुए इस पर करीब 30 लाख रूपये की राशि खर्च की। जिसके बाद अब गांव की निकासी संबंंधि का स्थायी हल हो गया है। गांव का गंदा व बरसाती पानी गांव से बाहर पंचायती भूमि पर बनाए गए जोहड़ में जाता है। इस पानी को लोग सिंचाई के रूप में प्रयोग करते हैं। इसके अलावा पंचायत द्वारा बस स्टैंड के निर्माण पर करीब 5 लाख रूपये की राशि खर्च की गई है। इससे पूर्व बस स्टैंड के अभाव में लोग यहां गर्मी, सर्दी या बरसात में सड़क पर खड़े रहने को विवश होते थे। पंचायत द्वारा करीब 20 लाख रूपये की लागत से जल घर मेें एक नया टैंक व एक पुराने टैंक की मुरम्मत आदि का कार्य करवाया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>14 लाख से 2 प्राईमरी स्कूलों की चारदीवारी का करवाया निर्माण</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">करीब 14 लाख रूपये की लागत से गांव के 2 प्राईमरी स्कूलों की चारदीवारी का निर्माण, करीब 10 लाख रूपये की लागत से शिवपुरी में एक शैड, सड़क का निर्माण, बिजली, पानी व पौधरोपण, करीब 4 लाख रूपये की लागत से आंगनवाड़ी व दोनों स्कूलों में सोलर पैनल, करीब 10 लाख रूपये की लागत से जोहड़ से पंचायती भूमि में भूमिगत पाईप लाईन डालकर सिंचाई का प्रबंध, करीब 15 लाख से 4 इंटरलॉकिं ग गलियों का निर्माण, करीब 5 लाख रूपये से गोशाला में शैड व पानी का प्रबंध, करीब 18 लाख से पंचायत घर व मुख्य चौपाल में शैडों का निर्माण, करीब 2 लाख रूपये की लागत से पंचायत घर में एक कमरा व सड़क का निर्माण, करीब 35 लाख रूपये की फि रनी का कार्य करवाया गया। इसी प्रकार पंचायत द्वारा गांव में अन्य छोटे-मोटे विकास कार्य करवाए गए जिन पर लाखों रूपये की राशि खर्च हुई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गांव की बड़ी समस्या का हुआ हल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गांव में बेसहारा घूम रहे पशुओं की समस्या से पूरा गांव परेशान था। इस समस्या के चलते लोगों के आपसी भाईचारे पर भी विपरीत असर पड़ रहा था। मैंने सरपंच बनने के बाद लोगों को इस विषय पर एकत्र करते हुए सभी का सहयोग लिया। इसी के परिणामस्वरूप गांव में गोशाला की स्थापना हुई। जिसके बाद हमारे गांव की पशुओं संबंधि समस्या का न केवल स्थायी समाधान हो गया। अपितु गांव में पशुओं को लेकर झगड़े भी बंद हो गए। मैं अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि इसे ही मानती हूं। इसके अलावा हमारी दौड़-धूप से मोड़ांवाली जाने वाले कच्चे रास्ते पर सड़क का निर्माण कार्य मुक्कमल हुआ। ये कार्य भी किसी उपलब्धि से कम नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>40 मकानों को मिली स्वीकृति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सरपंच के मुताबिक गांव में पंचायत ने सरकार की योजना के तहत 6 मकान बनवाए तथा 20 मकानों की मुरम्मत करवाई। इसके अलावा 40 जरू रतमंदों के मकानों का प्रस्ताव पारित कर भेज रखे हैं। ये मकान स्वीकृ त हो चुके हैं, लेकिन लॉकडाउन आदि के चलते अभी तक इनकी राशि जारी नहीं हुई है। इसके अलावा कुछ जरूरतमंद लोगों के बीपीएल कार्ड भी बनवाए गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मुझे स्कूल के अपग्रेड न होने का हमेशा रहेगा मलाल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले तो मैं ग्रामीणों की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे गांव की बागडोर सौंपी। मैंने मैट्रिक तक की परीक्षा अपने मायके गांव ख्योवाली से ग्रहण की थी। मुझे सरपंच पद की कोई इच्छा नहीं थी। मेरा ध्यान पढ़ाई के दौरान खेलों पर काफी था। मेरा बचपन से ही सपना था कि मैं एक कुशल खिलाड़ी बनूं, लेकिन घरेलू मजबूरियोंं के चलते मेरा सपना अधूरा रह गया। परिजनों के कहने पर मैंने सरपंच पद का चुनाव लड़ा।</p>
<p style="text-align:right;"><strong><em> जिसमें मुझे लोगोंं ने मौका देते हुए गांव की सरपंच चुना। गांव में अब तक विकास कार्य पर करीब 2 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा चुकी है। मैंने अपने कार्यकाल में जितना हो पाया उतना विकास करवाने का प्रयास किया है। लेकिन मेरा स्कूल को अपग्रेड करवाने का सपना अधूरा रह गया। मैंने स्कूल को अपग्रेड करवाने के लिए काफी दौड़-धूप की थी लेकिन संभव नहीं हो पाया। मुझे स्कूल के अपग्रेड न होने का मलाल रहेगा। इसके अलावा गांंव में सामुदायिक भवन, वृद्धाश्रम व पार्क का नवीनीकरण करवाना व कुछ गलियों का निर्माण अभी बाकी है। मैंने गांव के विकास कार्य में प्रतिनिधि गोबिंद राम का अति सराहनीय सहयोग रहा।</em></strong><br />
<strong><em>-रानी देवी, सरपंच(कर्मगढ़)।</em></strong></p>
<p style="text-align:right;">
<strong><em>‘‘मैंने अपने कार्यकाल में यथासंभव विकास करवाया था। मैंने गांव के विकास पर करीब 50 लाख रूपये की राशि खर्च क ी थी। जिसमें आंगनवाड़ी, गलियां, पशु अस्पताल शामिल है। मौजूदा समय में पंचायत ने गांव में सराहनीय विकास करवाया है। गांव में कुछ गलियां व छोटे-मोटे कार्य अभी बाकी हैं। मैं विकास के मामले में मौजूदा पंचायत के प्रयासों की सराहना करता हूं।</em></strong><br />
<strong><em>-राजकुमार मैहता, पूर्व सरपंच</em></strong></p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_40e td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/bahu-changed-the-picture-of-village-karmgarh-with-the-development-of-crores/article-17154</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/bahu-changed-the-picture-of-village-karmgarh-with-the-development-of-crores/article-17154</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jul 2020 20:38:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/village-karmgarh.jpg"                         length="45903"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाँव गठन के बाद पहली बार उच्च शिक्षित युवा ने संभाली बागडोर, बदल दी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[शमशान भूमि में चल रहे कार्योें का दृश्य।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/for-the-first-time-after-village-formation-highly-educated-youth-took-over-the-bagdor/article-17117"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/bijuwali-village-panchayat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रदेश में छोटी सरकार के चुनाव होने में लगभग 6 माह का समय शेष रह गया है। गांव स्तर पर चुनाव के इच्छुक लोग अपने चेहतो से जुगत बिठाने में लगे हुए हैं। वहीं सच कहूँ हर रोज अपने पाठकों को एक गाँव में वर्तमान ग्राम पंचायत द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की ग्राउंड रिपोर्ट से अवगत करवाया जाता है। आज सच कहूँ अपने पाठकों को गांव बिज्जूवाली के विकास के ग्राउंड रिपोर्ट से रूबरू करवा रहा है। बिज्जूवाली ग्राम पंचायत को बिजली बचाने में योगदान देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से सम्मान मिला चुका है। मौजूदा ग्राम पंचायत द्वारा गांव के विकास कार्यों पर करीब एक करोड़ 80 लाख रूपए की ग्रांट खर्च करने का दावा किया जा रहा है। इन दावों में कितनी सच्चाई है पढ़िये गोरीवाला सच कहूँ संवाददाता अनिल कुमार की रिपोर्ट:-</p>
<h3 style="text-align:center;"><strong>बिजली बचाने में योगदान देने के लिए बिज्जूवाली ग्राम पंचायत मुख्यमंत्री से हो चुकी सम्मानित (Bijuwali Village Panchayat)</strong></h3>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अनिल गोरीवाला।</strong> डबवाली-ऐलनाबाद स्टेट हाईवे नंबर-32 पर स्थित गाँव बिज्जूवाली में गाँव गठन से लेकर 2016 तक गांव में वयोवृद्ध ग्रामीणों को ही सरपंच बनकर गाँव का नेतृत्व करने का मौका मिलता रहा था। 2016 के चुनाव में प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को शिक्षित ग्राम पंचायत का चुनाव करवाने का निर्णय गाँव के लिए भी काफी सुखद रहा। जहां बजुर्गों के साथ-साथ गांव के युवा वर्ग को भी गांव के नेतृत्व करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साल 2016 के चुनाव में ग्रामीणों ने गाँव की बागडोर युवा और उच्च शिक्षित अनिल अनेजा को सौंपी। जिन्होंने गाँव के सभी वर्गो को साथ लेकर गाँव में विकास की नई इबारत लिखी। वर्तमान पंचायत द्वारा गांव के सभी 10 वार्डों में एक समान विकास कार्य करवाए गए तथा गाँव के विकास पर करीब एक करोड़ 80 लाख रूपए खर्च किए गए।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन विकास कार्यों से गाँव के विकास ने पकड़ी रफ्तार</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">जिला मुख्यालय से लगभग 44 किलोमीटर खंड कार्यालय से 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव बिज्जूवाली में वर्तमान पढ़ी लिखी ग्राम पंचायत ने काफी वर्षों से धीमे पड़े गांव के विकास को गति प्रदान की। ग्राम पंचायत द्वारा सर्वप्रथम गाँव की सुन्दरता के लिए गाँव में गलियों में फैले गंदे पानी की निकासी का प्रबंध किया। जिसमें करीब 3 लाख खर्च कर पाइप लाइन डलवाकर समाधान करवाया। गाँव स्टेट हाईवे-32 पर स्थित होने के कारण गाँव से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक होने के कारण होने वाली हादसों को रोकने के लिए तालाब की चारदीवारी का निमार्ण करवाया गया।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">वहीं गांव के बीच में निर्मित पशु तालाब के चारों ओर लगभग 4 फीट ऊंची ग्रिल सहित दीवार का निर्माण करवाकर दुर्घटनाओं से लोगों को निजात दिलवाई। वहीं 2019-20 में सीनियर सेकेंडरी का परीक्षा केंद्र बनवाकर ग्राम पंचायत ने काफी सहरानीय कार्य किया है। इंटरलॉकिंग गलियां, गांव के दो जोहड़ो की ग्रिल सहित चारदीवारी का निर्माण,दोनों शमशान भूमिओं का सौंदर्यकरण, अनुसूचित जाति चौपाल का निर्माण, कम्युनिटी सेंटर, आंगनवाड़ी केन्द्र, प्राइमरी स्कूल के इंटरलॉकिंग रास्ते व रंग रोगन, तीन दुकानों का निर्माण, 5 नलकूप, मिनी स्टेडियम की सुविधा प्रदान की गई है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन कार्यों को पूरा करवाने के लिए प्रयासरत ग्राम पंचायत</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">
मौजूदा ग्राम पंचायत ने अनेक विकास कार्य करवाए है। लेकिन अभी भी अनेक विकास कार्यो की गाँव बाट जोह रहा है। जिसमें पुराने अनुसूचित जाति चौपाल में शेड का निर्माण, शमशान भूमि का फर्श पक्का,गांव के गंदे पानी की निकासी का समाधान के लिए ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित कर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में समस्या के लिए अवगत करवाया गया है। अगर गंदे पानी की निकासी का प्रबंध अन्य जगह पर हो जाता है तो उस जगह को गांव के अन्य कार्यों में प्रयोग लाया जा सकता है। जिससे भविष्य मे पंचायत के लिए आमदन का साधन बन सकता है। जिसके लिए पंचायत संबंधित विभाग से विचार विमर्श कर रही है। पंचायत के पास केवल 6 एकड़ पंचायती भूमि ही आमदन का साधन है। जिसे हर वर्ष ठेके पर दिया जा रहा है।</h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong>‘‘गांव में निवासरत सभी वर्ग के लोगों के सहयोग से गांव विकास की पटरी पर चलकर शहरी सुविधाओं युक्त दिखाई दे रहा है। इसमें गांव के सभी ग्रामीणों का विशेष तौर पर सहयोग रहा। जिन्होंने गांव को विकास की दहलीज पर ले जाने के लिए कदम-कदम पर ग्राम पंचायत का साथ दिया। मैंने 10 पंचों के सहयोग से गांव में समान विकास करने का भरसक प्रयास किया है। इसके बावजूद भी अभी भी गांव में काफी विकास कार्य करवाने शेष है। जिसके लिए प्रशासन से पंचायत तालमेल संजोए हुए हैं। ताकि शेष रहते कार्यकाल के अंदर उन कार्यों को भी पूरा करवाया जा सके। इसके लिए ग्राम पंचायत अपने स्तर पर कोशिश कर रही है।</strong><br />
<strong>-अनिल अनेजा, सरपंच बिज्जूवाली।</strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong>‘‘गांव की मौजूदा पंचायत ने गांव के विकास कार्यों को करवाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा पंचायतों को गांव के विकास के लिए करोड़ों की ग्रांट उपलब्ध करवाई गई। जिससे गांव का चौमुखी विकास हुआ है। आज मेरा गांव किसी भी सुविधा का मोहताज नहीं है। इसमें वर्तमान पंचायत ने प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर काफी अच्छे विकास कार्य करवाए हैं। इसमे कोई सन्देह नही गांव के गठन से लेकर इससे पहले इतने विकास के कार्य नहीं हुए। इसके लिए मैं ग्राम पंचायत का धन्यवाद करता हूं और भविष्य में भी विकासोन्मुखी ग्राम पंचायत के गठन की कामना करता हूं।</strong><br />
<strong>कालूराम मेहंदीरत्ता, पूर्व सरपंच बिज्जूवाली। </strong></h6>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_c5e td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/for-the-first-time-after-village-formation-highly-educated-youth-took-over-the-bagdor/article-17117</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/for-the-first-time-after-village-formation-highly-educated-youth-took-over-the-bagdor/article-17117</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Jul 2020 19:54:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/bijuwali-village-panchayat.jpg"                         length="45869"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारहवीं में भी सरकारी स्कूलों के छोरे-छोरियों ने गाड़े सफलता के झंडे</title>
                                    <description><![CDATA[सुधरता शिक्षा स्तर। जिला में तीनों संकायों में टॉप-3 में आए 12 विद्यार्थियों में 6 राजकीय स्कूलों के होनहार जिला शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित कर बढ़ाया जाएगा मान सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। दसवीं के पश्चात हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए गए 12वीं के नतीजों मेेंं भी एक बार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/results-of-class-12-released-by-haryana-school-education-board/article-17060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/results-12th-in-haryana.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सुधरता शिक्षा स्तर। जिला में तीनों संकायों में टॉप-3 में आए 12 विद्यार्थियों में 6 राजकीय स्कूलों के होनहार</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong>जिला शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित कर बढ़ाया जाएगा मान</strong></h5>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा।</strong> दसवीं के पश्चात हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए गए 12वीं के नतीजों मेेंं भी एक बार फिर सरकारी स्कूलों के छोरे-छोरियों ने अपनी सफलता का झंडा बुलंद किया है। 12वीं कक्षा के जारी नतीजों के विश्लेषण में सामने आया है कि बेशक जिले में 497 अंक लेकर जिला में टॉप करने वाली छात्रा निजी स्कूल की है। लेकिन जिला के रानियां ब्लॉक के गाँव मोहम्मदपुरियां स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा खुशबू ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर बता दिया कि अब सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों से कहीं पीछे नहीं है। जिला के अंदर तीनों संकायों में 12 विद्यार्थियों ने टॉप-3 में स्थान बनाया है और इनमें भी 6 विद्यार्थी राजकीय स्कूलों से है।</p>
<p style="text-align:justify;">12वीं कक्षा के परिणामों की एक विशेषता यह भी है कि सरसा जिला के 17 स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है और ये सभी स्कूल ग्रामीण इलाकों के है। जल्द ही जिला शिक्षा विभाग जिला के इन होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित भी करेगा। बता दें कि 12वीं के नतीजों में सरसा प्रदेश में 84.32 फीसदी के साथ पाँचवे पायदान पर रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आर्ट्स में खुशबू 494, कॉमर्स में मोहित बंसल 490 और साइंस में हर्षित 485 अंक लेकर किया टॉप</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जिला के सरकारी स्कूलों में अलग-अलग संकाय में टॉप करने वाले विद्यार्थियों की बात करें तो आर्ट्स मेंं रानियां ब्लॉक के दो विद्यार्थियों ने पहले दो स्थानों पर अपना कब्जा जमाया है। जिनमें पहले पर आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहम्मदपुरियां की खुशबू ने 494 व खारियां की सपना कुमारी ने 489 अंक लेकर रही है। जबकि इसी संकाय में 487 अंक लेकर ऐलनाबाद ब्लॉक के राजकीय गर्ल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐलनाबाद की धापी तीसरे स्थान पर रही।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉमर्स संकाय में सरसा के राजकीय मॉडल सस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मोहित बंसल ने 490, डबवाली ब्लॉक के आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालुआना के संजीव कुमार ने 482 व सरसा के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हरमन खुराना ने 480 अंक हासिल कर क्रमश: पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साइंस संकाय की बात करें तो इसमें सरसा के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हर्षित ने 485, ओढां ब्लॉक के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालांवाली के कुवंरवीर ने 481 व सरसा के राजकीय गर्ल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरसा की टीना ने 480 अंक लेकर क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान अर्र्जित किया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>17 स्कूलों का परीक्षा परिणाम रहा शत-प्रतिशत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में सरकारी स्कूलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सरसा जिला के 17 स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। इनमें डबवाली ब्लॉक के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिज्जूवाली, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल लोहगढ़ शामिल है। नाथूसरी चोपटा ब्लॉक में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल जोगीवाला व राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल डिंग शामिल है। ओढां ब्लॉक में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओढां का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। बड़ागुढ़ा में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बप्प व राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल झिड़ी का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐलनाबाद में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मेहणाखेड़ा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुर्टवाला, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्यार नगर (कुत्ताबढ़), राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मिर्जापुर, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलेकां, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल करीवाला व आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल खारीसुरेरा का परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है। रानियां ब्लॉक में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मम्मडखेड़ा व आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहम्मदपुरियां और सरसा ब्लॉक में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल माधोसिघाना का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong><em>देखिए बोर्ड परीक्षाओं से पहले ही जनवरी से हमने बोर्ड कक्षाओं पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया था। स्कूलों में एक्स्ट्रा क्लास लगाई गई थी तथा बोर्ड के पेपरों के पेर्टन पर बच्चों की प्रेक्टिस करवाई गई थी। इसके अलावा स्कूलों में मॉनिटरिंग टीमों ने भी स्कूलों के अध्यापकों, स्कूल हैड व बच्चों को मोटिवेट किया गया था और स्कूलों में वर्कशॉप भी लगाई गई थी। इसी का परिणाम है कि सरकारी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बढ़िया आया है। आगे भी शिक्षा में सुधारीकरण पर पूरा ध्यान दिया जाएगा और जहां भी खामियां हैं, उनको दूर किया जाएगा। – संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सरसा।</em> </strong></p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/results-of-class-12-released-by-haryana-school-education-board/article-17060</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/results-of-class-12-released-by-haryana-school-education-board/article-17060</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Jul 2020 20:28:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/results-12th-in-haryana.jpg"                         length="37108"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा सीडीएलयू</title>
                                    <description><![CDATA[उपलब्धि: पाठ्यक्रम के अंदर औद्योगिक जगत की मांग को ध्यान में रखकर बदलाव किया जाएगा, ताकि यहां के विद्यार्थी पास आउट होने के उपरांत अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करके विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकें
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/cdlu-to-be-developed-as-a-center-of-excellence/article-17032"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/cdlu.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>उपलब्धि : प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों द्वारा लिखे शोध पत्र प्रति पेपर एवरेज साइटेसनस में सीडीएलयू ने सबको पछाड़ा (CDLU)</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा।</strong> चौधरी देवीलाल विश्व विद्यालय को सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। प्राध्यापकों द्वारा लिखी गई पुस्तकों एवं शोध पत्रों को अनेक शोधार्थियों तथा शिक्षाविदों द्वारा संदर्भ सूची के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। उक्त उद्गार शुक्रवार को चौधरी देवीलाल विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह सोलंकी ने फैकेल्टी हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राकेश वधवा, प्रोफेसर दिलबाग सिंह, डॉ. अशोक मकड़, डॉ. रविंदर, डॉ. अमित सांगवान, अधिवक्ता कमल रेहलन, राकेश गोदारा,रजत आदि उपस्थित थे।</p>
<h4 style="text-align:center;"><strong>एवरेज साइटेसनस पर पेपर में सीडीएलयू 1.1 2 के साथ पहले तो एमडीयू 1.01 के साथ दूसरे स्थान पर (CDLU)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुलपति ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि स्कोपस डेटाबेस के हिसाब से वर्ष 2019 के दौरान चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों द्वारा लिखे गए शोध पत्र प्रति पेपर एवरेज साइटेसनस के हिसाब से प्रदेश भर में अन्य 49 विश्वविद्यालयों की तुलना में अग्रणी है। जिससे सिद्ध होता है कि प्राध्यापक द्वारा लिखे गए शोध पत्र एवं पुस्तक उच्च कोटि की है। कुलपति ने कहा कि स्कोपस डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सरसा के एवरेज साइटेसनस पर पेपर 1.1 2 है। इसी वर्ग में प्रदेश के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक का स्कोर 1.01 साइटेसनस है और वह दूसरे स्थान पर है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पाठ्यक्रम में औद्योगिक जगत की मांग पर होगा बदलाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कुलपति ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के पहचान विद्यार्थियों से होती है इसीलिए विद्यार्थी हित के लिए अनेक पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अंदर औद्योगिक जगत की मांग को ध्यान में रखकर बदलाव किया जाएगा, ताकि यहां के विद्यार्थी पास आउट होने के उपरांत अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करके विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकें। कुलपति ने कहा कि अध्यापकों को आॅनलाइन मोड के हिसाब से अपने आपको तैयार रखना होगा ताकि विद्यार्थियों का किसी भी प्रकार से नुकसान ना हो और विद्यार्थियों को गुणवत्ता परक शिक्षा घर बैठे बैठे प्राप्त हो सके।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>विश्वविद्यालय की पहचान वहां चल रहे शोध कार्यों से होती है</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुलपति ने कहा कि आज समय की मांग है कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं प्रदान करके राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रोफेसर सोलंकी ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान वहां पर चल रहे शोध कार्यों से होती है इसलिए पीएचडी तथा एमफिल की शोध समस्या का चयन शैक्षिक जगत के साथ-साथ समाज हित को ध्यान में रखकर भी किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सामाजिक शोध द्वारा प्राप्त परिणामों को पॉलिसीमेकर्स के साथ साँझा करना चाहिए ताकि शैक्षिक शोध को एक्शन रिसर्च के अंदर तब्दील किया जा सके और शोध परिणामों को समाज हित में लागू किया जा सके। कुलपति ने कहा कि यूजीसी द्वारा चलाए जा रहे स्वयं तथा मूकपाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रत्येक डिपार्टमेंट के अंदर समन्वयक बनाया जाएगा और यह कोआॅर्डिनेटर विद्यार्थियों की काउंसलिंग व मार्गदर्शन करेंगे ताकि विद्यार्थी यूजीसी के इन पाठ्यक्रमों का फायदा उठा सकें। शहर के पत्रकारों तथा वकीलों ने आज विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के आसपास के क्षेत्रों में ‘कदम’ के पौधों का रोपण किया।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_055 td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/cdlu-to-be-developed-as-a-center-of-excellence/article-17032</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/cdlu-to-be-developed-as-a-center-of-excellence/article-17032</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jul 2020 20:17:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/cdlu.jpg"                         length="77879"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hariyali Teej 2020: महिलाएं बोली, न ही तो वो समय रहा और न ही वो झूले&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[परिचर्चा: हमारे समय में होती थी हरियाली तीज, गीत गाकर खूब लेते थे झूलों का आनंद (Hariyali Teej 2020) सच कहूँ/राजू ओढां। भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। लोग त्यौहारों को बड़ी ही खुशी और हर्षाेल्लास के साथ अपने-अपने ढंग से मनाते हैं। हरियाणा में त्यौहारों का एक अलग ही महत्व देखा जाता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/the-women-said-neither-time-nor-swing/article-17005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/teej-2020.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>परिचर्चा: हमारे समय में होती थी हरियाली तीज, गीत गाकर खूब लेते थे झूलों का आनंद (Hariyali Teej 2020)</strong></h2>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/राजू ओढां।</strong> भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। लोग त्यौहारों को बड़ी ही खुशी और हर्षाेल्लास के साथ अपने-अपने ढंग से मनाते हैं। हरियाणा में त्यौहारों का एक अलग ही महत्व देखा जाता है। समय व आपसी प्रेम-भाईचारे की कमी तथा बदलते परिवेश के कारण त्यौहारों में वो बात नहीं रही जो पहले हुआ करती थी। एक वो भी दौर था जब किसी पर्व के अवसर पर पूरा गांव चौपाल में एकत्र हो जाता था। लेकिन आज के समय में शायद ही कहीं ऐसा कुछ देखने को मिले। हरियाली तीज को महिलाओं का त्यौहार माना जाता है। इसी पर जब नुहियांवाली की कुछ बूजुर्ग व अन्य महिलाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि हरियाली तीज में अब वो बात कहां जो पहले हुआ करती थी। आज किसी के पास न ही तो वक्त है और न ही लोगों में पहले जैसा प्रेम-भाईचारा।</h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>हमारे और आज के समय में जमीन-आसमान का फर्क आ गया है। उस समय सावन मास में लड़कियां एक माह तक मायके में रहती थी। करीब एक महीने तक हरियाली तीज के गीतों का दौर चलता था। आधी-आधी रात तक लड़कियां चबूतरों पर बैठकर गीत गाया करती थी। जब झूले पड़ते थे तो इतना चाव था कि खाना तक भूल जाते थे। सुबह से लेकर सांय तक झूले क ा आनंद लेते थे। लेकिन आज न तो वक्त अच्छा है और न ही लड़कियां इतने-इतने समय तक मायके में रहने आती। आज लोगों में वो आपसी-प्रेम भाईचारा नहीं रहा जो हमारे समय में होता था। अब तो हरियाली तीज का वो महत्व ही नहीं रहा जो उस समय हुआ करता था। </em></strong><br />
<strong><em>-नात्थी देवी, 86 वर्षीय</em></strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>अब वो बात कहां है जो हमारे समय में हुआ करती थी। उस समय लड़कियां 2-2 माह तक मायके में रहने के लिए आती थी। मेरे विवाह को तकरीबन 60 वर्ष का समय हो गया। मुझे अच्छी तरह से याद है मैं सावन मास में 2 माह तक मायके में रहने गई थी। उस समय मैंने अपनी सहेलियों के साथ झूलों का खूब आनंद लिया था। हम सभी सहेलियां एकत्र होकर संध्या के समय गलियों में चबूतरियों पर बैठकर हरियाली तीज के गीत गाकर खूब नाचा करती थी। धीरे-धीरे सब कुछ बदल गया है। न अब वो सहेलियां रही और न ही वो समय। </em></strong><br />
<strong><em>– विद्या देवी (77 वर्षीय)</em></strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>हमारे समय में हरियाली तीज का नाम सुनते ही लड़कियां खुशी से भर जाती थी। लेकिन आज लड़कियों को इसके महत्व का ही पता नहीं। मैं अपनी सहेलियों के साथ एक माह तक हरियाली तीज पर गीत गाया करती थी। न तो समय का पता चलता था और न ही घर वाले रोकते थे। उस समय नव-विवाहिताओं को सावन का इंतजार होता था। जब वो एक माह तक अपने मायके में रहने आती थी। अब एक तो घरों में कार्य ही इतने हो गए और दूसरा लड़कियों को भी अब कहां मायके में रहने के लिए भेजा जाता है। </em></strong><br />
<strong><em>– संतरो देवी (59 वर्षीय)</em></strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>अब त्यौहारों में वो बात कहां जो हमारे समय में हुआ करती थी। देर रात तक चबूतरियोें पर बैठकर भाई-बहनों का नाम लेकर गीत गाना अब नहीं रहा। अब युवतियों को तीज के महत्व का ही पता नहीं। उस समय आपसी प्रेम व समय अच्छा था। लेकिन अब पता नहीं क्या हो गया कि सब-कुछ ही बदल गया। काश वो समय दोबारा आ जाए। </em></strong><br />
<strong><em>बिमला देवी (65 वर्षीय)।</em></strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>मुझे अच्छी तरह से याद है कि जब बाल्यवस्था में हम हरियाली तीज पर सुबह से लेकर शाम तक झूले का आनंद लेते थे। हमेंं न ही तो कोई टोकता था और न ही कोई रोक ता था। वास्तव में हरियाली तीज ही वो थी। अब एक तो लोगों में आपसी स्नेह का अभाव आ गया है और दूसरा किसी के पास समय ही नहीं। सावन के महीने में हम सभी सहेलियां इकट्ठी होकर एक-दूसरे के साथ सुख-दुख की बातें किया करती थीं। लेकिन अब न तो वो सहेलियां रहीं और न ही वो आना-जाना। अब तो फोन पर बात हो जाती है। </em></strong><br />
<strong><em>– हरजीत कौर।</em></strong></h6>
<h6 style="text-align:right;"><strong><em>अब हरियाली तीज के वो मायने ही नहीं रहे। बाल्यवस्था में जब झूला मिल जाता था तो हम खाना-पीना भी भूल जाते थे। ये कोई ज्यादा लंबे समय की बात नहीं जब लड़कियां गलियों में बैठकर भाई-बहनों के गीत गाती थी। अब तो सारा सिस्टम ही चेंज हो गया है। न तो युवतियों को अब वो गीत आते और न ही गलियों में बैठकर गीत गाने का समय रहा। कार्य की अधिकता व जिम्मेवारियां भी इतनी हो गर्इं है कि घर के कार्य से भी फुर्सत नहीं मिलती। </em></strong><br />
<strong><em>-सुनीता सुथार</em></strong></h6>
<h6><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></h6>
<h6 class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_90f td_block_template_1"></h6>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/the-women-said-neither-time-nor-swing/article-17005</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/the-women-said-neither-time-nor-swing/article-17005</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jul 2020 20:27:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/teej-2020.jpg"                         length="34093"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        