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                <title>Muniba Mazari - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>आयरन लेडी मुनिबा मजारी</title>
                                    <description><![CDATA[समस्याएँ बड़ी नहीं होती इन्सान खुद को छोटा समझने लगते हैं। यह कहना है मुनिबा मजारी का। जन्मस्थान पाकिस्तान। ये पाकिस्तान की आयरन लेडी के नाम से जाने जाती हैं। हमारी जिन्दगी में कई घटनायें होती हैं जिसमें से कोई एक बड़ी घटना हमारी जिन्दगी बदल कर रख देती है। ऐसा ही कुछ हुआ मुनिबा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/iron-lady-muniba-mazari/article-17183"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/iron-lady-muniba-mazari.jpeg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">समस्याएँ बड़ी नहीं होती इन्सान खुद को छोटा समझने लगते हैं। यह कहना है मुनिबा मजारी का। जन्मस्थान पाकिस्तान। ये पाकिस्तान की आयरन लेडी के नाम से जाने जाती हैं। हमारी जिन्दगी में कई घटनायें होती हैं जिसमें से कोई एक बड़ी घटना हमारी जिन्दगी बदल कर रख देती है। ऐसा ही कुछ हुआ मुनिबा मजारी के साथ। वो एक ऐसे परिवार में पली थीं जहाँ बेटियाँ अपनी मर्जी से सारे काम नहीं कर सकती थीं। न ही वे किसी काम के लिए मना कर सकती थीं। ऐसे में 18 साल की उम्र में मुनिबा मजारी के पिता ने उनकी शादी कर दी।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">यहाँ तक तो ठीक था लेकिन शादी के 2 साल बाद ही उनका एक कार एक्सीडेंट हो गया। जिसमें उनके पति तो बच गए लेकिन उनकों काफी चोटें आयीं। हाथ और कमर की हड्डियाँ टूट गयीं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। दुर्घटना ऐसी जगह पर हुयी थी जहां से अस्पताल तीन घंटे की दूरी पर था। जल्दबाजी में उन्हें दूसरी गाड़ी में जब उनको अस्पताल लेके जाया जा रहा था। तभी उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि उनका आधा शरीर टूट चुका है और आधे शरीर ने काम करना बंद कर दिया है। उसके बाद उन्हें अस्पताल में ढाई महीने रखा गया जहाँ उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उनका हाथ टूट गया है इसलिए वो अब कभी कुछ पकड़ नहीं पाएंगी, रीढ़ की हड्डी टूट जाने के कारण न ही वो अब चल नहीं पाएंगी और न ही कभी मां बन पाएंगी।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">ऐसे में वो पूरी तरह टूट जाती अगर उनके पास उनकी मां न होती। हर इंसा नके जीवन में उसका एक हीरो होता है। मुनिबा मजारी के लिए वो हीरो उनकी माँ थीं। जब भी अपनी माँ से पूछती कि जब वो चल नहीं सकती। कुछ कर नहीं सकती तो फिर जीने का क्या फायदा? इस सवाल के जवाब में उनकी माँ अक्सर उनसे ये कहती, ये समय भी बीत जायेगा। अगर भगवान ने तुम्हें जिन्दगी दी है तो जरूर तुम्हारे लिए कुछ बड़ा सोचा होगा। यही शब्द थे जो मुनिबा को हिम्मत दिया करते थे। ढाई महीने बाद जब मुनिबा को घर लाया गया तो वहाँ भी उन्हें 2 साल तक बिस्तर पर रहना पड़ा। इस दौरान वो अपने मन की भावनाओं को ब्रश के जरिये कैनवास पर पेंटिंग बना कर उतारने लगीं। सबके लिए वो बस एक पेंटिंग थी लेकिन मुनिबा मजारी को ही पता था कि वो उनकी वो भावनाएं हैं जो सबके सामने व्यक्त नहीं की जा सकती। आज वो व्हीलचेयर पर होने के बावजूद एक सामाजिक कार्यकर्ता, मोटिवेशनल स्पीकर, कलाकार, गायक और टीवी होस्ट हैं। 2015 में बीबीसी द्वारा 100 प्रेरणादायक महिलाओं की सूची में जगह दी जा चुकी है।</h6>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2020 21:27:40 +0530</pubDate>
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