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                <title>Article 370 : याचिकाओं को वृहद पीठ को भेजने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[महाराजा हरि सिंह ने भारत की मदद इसलिए मांगी थी क्योंकि वहां विद्रोही घुस चुके थे। वहां पर आपराधिक घटनाएं हुईं और आंकड़े बताते हैं कि अलगाववादियों को पाकिस्तान से ट्रेनिंग दी गई ताकि यहां बबार्दी की जा सके।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/article-370-the-decision-in-the-supreme-court-about-dispatch-of-orders-to-the-larger-bench-is-safe/article-12699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/article-370.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">संविधान पीठ के समक्ष एक-एक कर ऐतिहासिक घटनाक्रम का दिया ब्योरा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को वृहद पीठ के सुपुर्द करने या ना करने के मामले में गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने याचिकाकर्ताओं और केंद्र सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से दिनेश द्विवेदी, राजीव धवन एवम् संजय पारिख ने दलीलें दी, जबकि एटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">महाराजा हरि सिंह ने भारत की मदद इसलिए मांगी थी क्योंकि वहां विद्रोही घुस चुके थे</h3>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सुनवाई की शुरूआत करते हुए वेणुगोपाल ने दलील दी कि अलगाववादी वहां जनमत संग्रह का मुद्दा उठाते आए हैं क्योंकि वह जम्मू कश्मीर को अलग संप्रभु राज्य बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने भारत की मदद इसलिए मांगी थी क्योंकि वहां विद्रोही घुस चुके थे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">वहां पर आपराधिक घटनाएं हुईं और आंकड़े बताते हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">अलगाववादियों को पाकिस्तान से ट्रेनिंग दी गई ताकि यहां बबार्दी की जा सके।</li>
<li style="text-align:justify;">एटॉर्नी जनरल ने कहा कि जनमत संग्रह कोई स्थायी समाधान नहीं था।</li>
<li style="text-align:justify;">संविधान पीठ के समक्ष एक-एक कर ऐतिहासिक घटनाक्रम का ब्योरा दिया।</li>
<li style="text-align:justify;">साथ ही कश्मीर का भारत में विलय और जम्मू कश्मीर संविधान सभा के गठन के बारे में विस्तार से बताया।</li>
</ul>
<p> </p>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2020 16:36:55 +0530</pubDate>
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                <title>फिर बचपन सुरक्षित है कहां?</title>
                                    <description><![CDATA[देश की लोकतांत्रिक राजनीति गाहे-बगाहे किसानों, और अन्य लोगों की चर्चा कर लेती है। भले आखिरी में परिणाम वही हो, वहीं ढाक के तीन पात। ऐसे में पहला ज्वलंत सवाल यही है कि क्या राजनीति ने कभी देश के भावी भविष्य को याद करने की भूल की? उत्तर नहीं है किसी के पास। ऐसे में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/then-where-is-childhood-safe/article-3372"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/child.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की लोकतांत्रिक राजनीति गाहे-बगाहे किसानों, और अन्य लोगों की चर्चा कर लेती है। भले आखिरी में परिणाम वही हो, वहीं ढाक के तीन पात। ऐसे में पहला ज्वलंत सवाल यही है कि क्या राजनीति ने कभी देश के भावी भविष्य को याद करने की भूल की? उत्तर नहीं है किसी के पास। ऐसे में सवालों की एक लंबी कड़ी उत्पन्न होती है। क्या नौनिहाल देश का हिस्सा नहीं? क्या उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी सरकारों की नहीं? क्या बच्चों की दुनिया समाज से अलग है? जिनका ध्यान करती हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली दिखती नहीं। दुर्भाग्य से यही विचार मन को उधेड़ता है कि बच्चों के प्रति इतना तटस्थता भरा रवैया क्यों?</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चों की नैसर्गिक आवश्यकता पोषक आहार, शिक्षा और स्वास्थ्य आदि है। क्या आज के दौर में ये मूलभूत आवश्यकताओं को हमारी व्यवस्था पूरी करने में सक्षम हो पाई है। तो उत्तर ‘न’ में ही मिलेगा। जिस वक़्त देश में बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं आवश्यक होती हैं, उस दौर में आक्सीजन की कमी बच्चों की मौत का कारण बनती है। जिस उम्र में बच्चों को सम्पूर्ण पोषण की आवश्यकता होती है, उस दरमियान उन्हें अपनों के द्वारा ही हवस का शिकार बनाया जाता है। जिस समय बच्चों के हाथों में कलम और किताब होनी चाहिए। तब उनके हाथ मजदूरी करने के लिए बांध दिए जाते हैं। फिर बचपन कहाँ सुरक्षित है?</p>
<p style="text-align:justify;">पहले बात बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की करते हैं। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक 2015 के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में 12, 859, बिहार 12,420 और उत्तर प्रदेश में 11,420 बाल अपराध के मामले दर्ज किए गए। इसी के अंतर्गत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अध्ययन में पाया कि बच्चों के खिलाफ यौन शोषण के मामले बढ़ रहे हैं, तो उसके साथ देश का माहौल ऐसा भी नहीं कि मात्र बच्चियां इन हरकतों से पीड़ित हों। इस कलुषित और हवसीपन ने समाज के लड़के और लड़कियों दोनों का भक्षण करने की कोशिश की है, जो एक आदर्शवादी देश की छवि को कलंकित और अमर्यादित करने का काम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूनिसेफ द्वारा जारी रिपोर्ट-2016 में कहा गया कि यहाँ पाँच वर्ष से कम उम्र के 69 बच्चे प्रति वर्ष मौत के मुंह में समा जाते हैं। ‘दुनिया में बच्चों की स्थिति’ के अंतर्गत पेश की गई यूनिसेफ की रिपोर्ट बताती है कि राज्य में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 52 है। वहीं जन्म के एक माह के भीतर प्रति हजार में से 36 बच्चे मौत का शिकार हो जाते हैं। इसी तरह पांच वर्ष की आयु तक के 42.8 प्रतिशत बच्चों का वजन औसत से कम है। इसके साथ 42 फीसद बच्चे नाटे हैं। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के मात्र 5.9 फीसद, उत्तर प्रदेश के 5.3 प्रतिशत, राजस्थान में बच्चों को 3.4 फीसद और गुजरात के 5.2 प्रतिशत बच्चों को ही समुचित मात्रा में आहार मिल पा रहा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में जब केंद्र और राज्य सरकारों में समन्वयन न होने के कारण केंद्र की योजनाओं में गड़बड़ी होने का रोना रोया जाता है। सरकारी योजनाओं को देखकर ऐसा लगता है, कि केवल खानापूर्ति और दिखावट की दुकान के रूप में इन्हें नियंत्रित और संचालित किया जा रहा हैं। वहीं पोषण की कमी बच्चों में अन्य रोग की भी वाहक बनती है, जिसका सीधा सबूत यह है कि देश के 58 फीसदी बच्चे खून की कमी की गिरफ्त में हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के आंकड़े दिखाते हैं कि भारत के सात करोड़ से अधिक बच्चे एनीमिया के शिकार हैं। इसके साथ देश के बच्चों में स्वच्छता के प्रति उदासीनता भी कुपोषण के लिए कुछ हद तक जिम्मेदार होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर ऐसे में सवाल लाजिमी हैं कि बच्चों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सजग क्यों नहीं बनाया जा रहा? ये कुछ चंद स्थितियां हैं, जो बच्चों की वास्तविक स्थिति से रूबरू कराती हैं, जिसको मद्देनजर रखते हुए, भावी भविष्य को बचाने का प्रयास सरकारों को करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-महेश तिवारी</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Oct 2017 04:47:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्कूटर पर मुंह ढककर आधी रात को निकलीं किरण बेदी</title>
                                    <description><![CDATA[पुडुचेरी। पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी पिछले दिनों देर रात स्कूटर पर मुंह ढककर निकलीं। उनकी यह तस्वीर अब सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। हालांकि किरण बेदी ने खुद यह फोटो ट्वीट की है। खबरों के अनुसार बेदी ने पुराना तरीका अपनाते हुए देर रात शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kiran-bedi-chek-law-and-order-in-city-left-mid-night/article-3249"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/kiran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पुडुचेरी।</strong> पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी पिछले दिनों देर रात स्कूटर पर मुंह ढककर निकलीं। उनकी यह तस्वीर अब सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। हालांकि किरण बेदी ने खुद यह फोटो ट्वीट की है। खबरों के अनुसार बेदी ने पुराना तरीका अपनाते हुए देर रात शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। वो जिस स्कूटर पर निकली थीं उसे एक महिला ही चला रही थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रात को अकेले महिलाओं का निकलना कितना सुरक्षित</h2>
<p style="text-align:justify;">अपनी स्कूटर राइड पूरी करने के बाद उन्होंने एक ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा है पुडुचेरी को रात में सुरक्षित पाया लेकिन इसे और सुधारा जाएगा। लोगों से भी अपील है कि वो पीसीआर और डायल 100 से जुड़ें। बताया जा रहा है कि किरण बेदी देखना चाहती थीं कि देर रात अकले सड़क पर निकलने वाली महिलाओं को कितना सुरक्षित महसूस होता है। बता दें कि किरण बेदी खुद एक महिला आईपीएस हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बार आवाज उठा चुकी हैं। 35 साल तक सेवा में रहने के बाद सन 2007 में उन्होने स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली।</p>
<p style="text-align:justify;">
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2017 06:50:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में बारिश के बाद आई बाढ़, चार लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद: गुजरात में दो दिन से हो रही बारिश की वजह से राज्य के कई इलाकों में बाढ़ (Flood) आ गई है। इससे हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई है। एयरफोर्स, आर्मी और एनडीआरएफ को बचाव के काम में लगाया गया है। अब तक 6235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/flood-after-rain/article-2547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/gujarat-flood.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद:</strong> गुजरात में दो दिन से हो रही बारिश की वजह से राज्य के कई इलाकों में बाढ़ <strong>(Flood)</strong> आ गई है। इससे हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई है। एयरफोर्स, आर्मी और एनडीआरएफ को बचाव के काम में लगाया गया है। अब तक 6235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 12 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है। राज्य में 24 घंटे के दौरान सभी 33 जिलों में बरसात हुई है। सबसे ज्यादा 325 मिलीमीटर बारिश सुरेंद्रनगर के चोटिला में हुई है। कुछ दिन पहले यहां 600 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। वेदर डिपार्टमेंट ने शनिवार से अगले 24 घंटे तक तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">इस सीजन में 61 की मौत | Flood</h1>
<ul>
<li>बारिश की वजह से हुए हादसों में दो लोगों की मौत अमरेली और राजकोट जिलों में हुईं।</li>
<li>उधर, हिम्मतनगर के गंभोई में एक प्राइवेट बस ओवर ब्रिज से गिर गई।</li>
<li>इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, आठ लोग घायल हुए हैं।</li>
<li>इस सीजन में बारिश से राज्य में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है।</li>
<li>राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए एयरफोर्स और आर्मी से भी मदद मांगी है।</li>
<li>बचाव के काम में एयरफोर्स के चार हेलिकॉप्टर (MI-17V5) लगाए गए हैं।</li>
<li>ध्रांगधरा में कुडा गांव के पास बाढ़ में फंसे 35 लोगों को सेना ने बाहर निकाला।</li>
<li>इनमें 3 दिन की एक बच्ची भी शामिल है। करीब 12 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है।</li>
<li>11 लोग मोरबी जिले के मलिया मियाना गांव में बाढ़ के बीच एक छत पर बैठे थे।</li>
<li>लंबड़ी, सायला और चोटिला तालुका के अलग-अलग गांवों में फंसे तीन लाेगों को बचाने के लिए हेलिकॉप्टर बुलाए गए थे।</li>
<li>अहमदाबाद में भी 70 लोगों के फंसे होने की सूचना है।</li>
<li>सेना से उन्हें भी निकालने की गुजारिश की गई है।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2017 23:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>114 पाकिस्तानी हुए भारतीय</title>
                                    <description><![CDATA[बयां की दर्द भरी दास्ताँ अहमदाबाद (एजेंसी)। नंदलाल मेघानी, डॉ. विशनदास मनकानी और किशनलाला अडानी की खुशियों की कोई सीमा नहीं है। ये तीनों उन 114 पाकिस्तानी लोगों में से एक हैं, जिन्हें हाल ही में भारत की नागरिकता मिली है। इन सभी लोगों को शुक्रवार को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र मिला। पाकिस्तान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/114-pakistani-indians/article-2524"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/indian.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;"><strong>बयां की दर्द भरी दास्ताँ</strong></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद (एजेंसी)।</strong> नंदलाल मेघानी, डॉ. विशनदास मनकानी और किशनलाला अडानी की खुशियों की कोई सीमा नहीं है। ये तीनों उन 114 पाकिस्तानी लोगों में से एक हैं, जिन्हें हाल ही में भारत की नागरिकता मिली है। इन सभी लोगों को शुक्रवार को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र मिला।</p>
<h1 style="text-align:justify;">पाकिस्तान में बहुत अधिक अपराध</h1>
<p style="text-align:justify;">घाटलोडिया में रहने वाले 50 वर्षीय नंदलाल मेघानी ने कहा, ‘16 साल पहले पाकिस्तान के सिंध से मैं अपनी पत्नी और बेटी के साथ भारत आ गया था। भारत में नई शुरूआत करने के लिए पाकिस्तान में हमने अपना घर और व्यापार बेच दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हम भारत में आम लोगों की जिंदगी से प्रभावित थे और यहां आकर नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया। भारत में शरण लेने की प्रमुख वजह पाकिस्तान में अपराध की उच्च दर है। यही नहीं लगातार बढ़ते आतंकवाद के चलते पाकिस्तान के हमारे मुस्लिम दोस्तों ने भी हमें भारत में शिफ्ट होने के लिए प्रेरित किया।’ मेघानी पाकिस्तान में आॅटो पार्ट्स का बिजनेस करते थे।</p>
<h1 style="text-align:justify;">‘भारत सुरक्षित और विकसित’</h1>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में जिलाधिकारियों को अधिकार दिए जाने की तारीफ करते हुए मनकानी ने बताया कि 2001 में वह अपने 4 बच्चों के साथ भारत आए थे। मनकानी ने कहा, ‘मुझे और मेरी को 2016 में भारतीय नागरिकता मिली थी। हम भारत में हुए विकास से प्रभावित हैं, जो पाकिस्तान में नहीं दिखता। इसके अलावा भारत में सुरक्षित माहौल भी हमें यहां खींच लाया।’</p>
<h1 style="text-align:justify;">नरक में तब्दील हो गई थी जिंदगी</h1>
<p style="text-align:justify;">पाक से आए 59 वर्षीय किशनलाल अडानी ने कहा, ‘मैं 2005 में पत्नी और 4 बेटों के साथ भारत आया था। मेरे बेटे भी यहां आ रहे हैं और हम बहुओं समेत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने की योजना है।</p>
<p style="text-align:justify;">अडानी पाकिस्तान के सिंध सूबे के थारपकड़ कस्बे में जनरल स्टोर चलाते थे। भारत में अपने बेटों के साथ उन्होंने बर्तन की दुकान शुरू की है। भावुक अडानी ने बताया, ‘मैं अब भी अपने उस घर और दोस्तों को याद करता हूँ, जिन्हें छोड़कर हम यहां आ गए हैं। हालांकि आतंकवाद के चलते हमारे लिए बचे रहना मुश्किल हो गया था। जब हम बाहर निकलते थे तो सोचते थे कि वापस घर आ भी पाएंगे या नहीं।’</p>
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</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2017 01:36:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>भारत-पाक के बीच चलने वाली बस हादसाग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[बाई तरफ से टूटा बस का बंपर, सभी यात्री सुरक्षित पटियाला (सच कहूँ न्यूज)। भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली सदा-ए-सरहद के साथ हादसा हो गया, जिसके चलते यात्रियों में एकाएक हड़कंप मच गया। हादसा सदा-ए-सरहद बस (एलईएस 14-8829) के साथ मंगलवार सुबह बसंतपुरा के पास पतारसी में हुआ। हालांकि बस में सवार यात्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/accident-of-sada-e-sarhad-bus/article-1442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/patiala.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बाई तरफ से टूटा बस का बंपर, सभी यात्री सुरक्षित</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली सदा-ए-सरहद के साथ हादसा हो गया, जिसके चलते यात्रियों में एकाएक हड़कंप मच गया। हादसा सदा-ए-सरहद बस (एलईएस 14-8829) के साथ मंगलवार सुबह बसंतपुरा के पास पतारसी में हुआ। हालांकि बस में सवार यात्री बाल-बाल बच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे में बस के बाई तरफ के बंपर को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब छह बजे दिल्ली से लाहौर के लिए बस रवाना हुई। साढे़ 9 बजे जब बस राजपुरा सरहिंद रोड पहुंची तो सड़क के बीचोंबीच खड़े दूध के टैंकर को देखकर बस के आगे चल रहीं जिप्सी पायलट (पीबी11एए-1359) के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेकाबू जिप्सी टैंकर से टकराई</h3>
<p style="text-align:justify;">इससे जिप्सी बेकाबू होकर दूध के टैंकर से जा टकराई और फिर पीछे से आ रही बस भी पुलिस की जिप्सी से टकराई। बस के पीछे आ रही सुरक्षा दस्ते की कार भी अनियंत्रित होकर बस से टकरा कर गई और वह भी क्षतिग्रस्त हो गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तेज बरसात के कारण हुआ हादसा</h3>
<p style="text-align:justify;">हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बस को अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद फतेहगढ़ साहिब से एक अन्य पायलट गाड़ी मंगाकर बस को सरहिंद की ओर रवाना किया गया। सूत्रों के अनुसार हादसा तेज बरसात के कारण हुआ, जिससे जिप्सी सवार को दूध का टैंकर नहीं दिखा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एएसआई को लगी मामूली चोटें</h3>
<p style="text-align:justify;">मुलेपुर के थाना प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि एसएचओ ने बताया कि मौके पर ही जिप्सी को बदलकर बस को वहां से सकुशल रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि बस में केवल बस चालक और कंडक्टर ही मौजूद थे। बस में कोई भी सवारी नहीं थी। हादसे में जिप्सी सवार एएसआई सुच्चा सिंह को थोड़ी चोटें आईं थीं, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।</p>
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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 09:21:47 +0530</pubDate>
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                <title>छात्र नेता पर चाकू से हमला</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। शहर के शास्त्री नगर क्षेत्र में छात्र नेता पर जानलेवा हमला किया गया है। घटना शनिवार सुबह की है। जब छात्र नेता हुसैन सुल्तानिया पर चाकू से हमला कर घायल किया गया। हुसैन सुल्तानिया को एसएमएस के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सुल्तानिया की हालत खतरे से बाहर है। चार लोगों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/attack-on-student-leader-with-knife/article-825"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/student.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> शहर के शास्त्री नगर क्षेत्र में छात्र नेता पर जानलेवा हमला किया गया है। घटना शनिवार सुबह की है। जब छात्र नेता हुसैन सुल्तानिया पर चाकू से हमला कर घायल किया गया। हुसैन सुल्तानिया को एसएमएस के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सुल्तानिया की हालत खतरे से बाहर है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चार लोगों ने किया हमला</h2>
<p style="text-align:justify;"> फोन पर बात करने के लिए सुल्तानिया ने गाड़ी को सड़क के किनारे रोक दिया। इस दौरान दो बाइक्स पर सवार चार लोगों ने उन पर हमला कर दिया। बाइक पर आए लोगों ने सबसे पहले स्कॉर्पियो के आगे का शीशा तोड़ा, इसके बाद चाकू से सुल्तानिया पर हमला कर दिया</p>
<p style="text-align:justify;">सुल्तानिया को उनके साथी ने एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया। सुल्तानिया की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।सुल्तानिया ने अज्ञात 4 लोगों की खिलाफ शास्त्री नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।</p>
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</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 01:57:32 +0530</pubDate>
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