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                <title>Covid-19 Update - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Covid-19 Update RSS Feed</description>
                
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                <title>Covid Variant FLiRT: वायरस का नया रूप FLiRT: जानें कितना है डरावना!</title>
                                    <description><![CDATA[New Covid Variant FLiRT: नई दिल्ली (एजेंसी)। दुनिया में एक चिंता खत्म होती है तो दूसरी सिर पर चढ़कर परेशान करने लगती है। ओमिक्रॉन JN.1 वंश के भीतर COVID-19 वेरिएंट का एक नया समूह है। संयुक्त राज्य अमेरिका में तेजी से फैल रहा FLiRT नामक ये वेरिएंट दुनिया में कोहराम मचा सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-form-of-virus-flirt-scarier-than-before/article-57139"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/flirt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">New Covid Variant FLiRT: <strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दुनिया में एक चिंता खत्म होती है तो दूसरी सिर पर चढ़कर परेशान करने लगती है। ओमिक्रॉन JN.1 वंश के भीतर COVID-19 वेरिएंट का एक नया समूह है। संयुक्त राज्य अमेरिका में तेजी से फैल रहा FLiRT नामक ये वेरिएंट दुनिया में कोहराम मचा सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार KP.2 और KP 1.1 सहित इन वेरिएंट में नए उत्परिवर्तन हैं, जो उन्हें पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक बनाते हैं। Covid Variant FLiRT</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि इस वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक अन्य ओमीक्रॉन संक्रमणों के समान ही हैं। KP.2 ने अमेरिका में JN.1 वैरिएंट को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन रिपोर्टों से पता चलता है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या कम है। रिपोर्ट के अनुसार, KP.1.1, FLiRT समूह का एक अन्य संस्करण, अमेरिका में भी चिह्नित किया गया है, लेकिन KP.2 की तुलना में यह कम व्यापक प्रतीत होता है। अमेरिका की संक्रामक रोग सोसायटी के अनुसार, उपनाम “FLiRT” उनके उत्परिवर्तन के तकनीकी नामों से लिया गया है। Covid Variant FLiRT</p>
<h3 style="text-align:justify;">जानें लक्षण</h3>
<p style="text-align:justify;">गला खराब होना</p>
<p style="text-align:justify;">खाँसी</p>
<p style="text-align:justify;">नाक बंद होना या नाक बहना</p>
<p style="text-align:justify;">थकावट या थकावट</p>
<p style="text-align:justify;">सिरदर्द</p>
<p style="text-align:justify;">मांसपेशियों या शरीर में दर्द, नाक बहना</p>
<p style="text-align:justify;">बुखार या ठंड लगना</p>
<p style="text-align:justify;">स्वाद या गंध का नुकसान</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. मोदी ने इस संबंध में कहा ‘‘ऋछ्रफळ वेरिएंट, विशेष रूप से ङढ.2, में पिछले ओमीक्रॉन सब-वेरिएंट की तुलना में बढ़ी हुई ट्रांसमिसेबिलिटी दिखाई देती है। वे पूर्व संक्रमण और टीकों से प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता भी दिखाते हैं, हालांकि इसकी सीमा का अभी भी अध्ययन चल रहा है।’’ Covid Variant FLiRT</p>
<p><a title="IGNOU Opens Re-Registration Portal : इग्नू ने जुलाई-2024 सत्र के लिए खोला री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल" href="http://10.0.0.122:1245/ignou-opens-re-registration-portal-for-july-2024-session/">IGNOU Opens Re-Registration Portal : इग्नू ने जुलाई-2024 सत्र के लिए खोला री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 16:08:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>प्लाज्मा को तरस रहा बैंक, 12 दिन से नहीं मिला एक भी डोनर</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के गंभीर मरीजों को ठीक करने के लिए कारगर साबित होता है प्लाज्मा केवल पांच डोनर ने ही अब तक किया है प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा दान सच कहूँ/अश्वनी चावला/चंडीगढ़। पंजाब का एकमात्र प्लाज्मा बैंक खुद प्लाजमा डोनर के लिए तरस रहा है। पिछले 12 दिन से एक भी डोनर पटियाला के प्लाज्मा बैंक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/covid-19-update/article-17390"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/number-of-corona-infected-in-nepal-crosses-200001.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">कोरोना के गंभीर मरीजों को ठीक करने के लिए कारगर साबित होता है प्लाज्मा</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>केवल पांच डोनर ने ही अब तक किया है प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा दान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला/चंडीगढ़।</strong> पंजाब का एकमात्र प्लाज्मा बैंक खुद प्लाजमा डोनर के लिए तरस रहा है। पिछले 12 दिन से एक भी डोनर पटियाला के प्लाज्मा बैंक में अपना प्लाज्मा दान करने के लिए टैस्ट करवाने नहीं पहुंचा। हालांकि नये डोनर को ढूंढने के लिए प्लाज्मा बैंक के अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक कोरोना को मात देने वाले लोगों को फोन तो करते हैं लेकिन आगे से उन्हें स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई तो प्लाज्मा देने के डर से फोन ही स्विच आॅफ कर लेते हैं। अब तक प्लाज्मा बैंक में पांच ही प्लाज्मा दान हुए हैं और बैंक की शुरूआत के पहले 4 दिनों में ही तैयार कर लिया था, जबकि उसके 12 दिन बाद कोई नया डोनर प्लाज्मा देने को तैयार नहीं हुआ। हालांकि प्लाज्मा बैंक के अधिकारियों ने लोगों के डर को दूर करने की भरपूर कोशिशें की लेकिन अब तक उन्हें कोई सफलता हाथ नहीं लगी और न ही पंजाब सरकार के स्तर पर कोई ज्यादा कोशिश हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पंजाब में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रही है, जहां रोजाना 20 से 25 लोगों की मौत हो रही है। अब तक पंजाब में कोरोना से 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन्हें रोकने के लिए सरकार के पास केवल प्लाज्मा की एकमात्र इलाज है, जबकि अब तक कोई ओर दवा कोरोना की नहीं बनी है। यही कारण रहा कि पंजाब सरकार ने 21 जुलाई को पटियाला में प्लाज्मा बैंक तैयार करते हुए कोरोना को मातृ देने वाले सभी लोगों को प्लाज्मा दान करने की अपील की थी ताकि दान किए हुए प्लाज्मा से मौत की कगार पर पहुंचे मरीजों की जान को बचाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्लाज्मा बैंक खुलने के बाद पहले 4 दिन में ही 21 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसमें से 9 लोग ही प्लाज्मा देने के लिए फिट पाए गए थे लेकिन तीन व्यक्ति पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनका प्लाज्मा नहीं लिया गया। अन्य 6 व्यक्तियों में से एक ने मौके पर ही प्लाज्मा दान करने से इनकार कर दिया था,</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि अब तक केवल पांच व्यक्तियों ने ही अपना प्लाज्मा दान किया है, जिससे 10 पैकेट प्लाज्मा तैयार किये गए थे और अब तक 5 गंभीर कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा दिया भी गया है। इन पांच मरीजों के अलावा कोई भी अन्य कोरोना को मात देने वाला व्यक्ति अपना प्लाज्मा दान करने के लिए पहल नहीं कर रहा, जिस कारण प्लाज्मा बैंक ही इस वक्त प्लाज्मा से तरस रहा है।</p>
<h3 style="text-align:center;">एक कोशिश से बच सकती है दो की जान</h3>
<p style="text-align:justify;">कोरोना को मात देने वाले व्यक्ति ही प्लाज्मा दान कर सकते हैं और ऐसे व्यक्ति एक नहीं बल्कि दो लोगों की जान बचा सकते हैं। प्लाज्मा दान करने से शरीर को कोई भी नुक्सान नहीं होता है और न ही कोई खतरा लेकिन फिर भी आम लोग प्लाज्मा दान करने से डर रहे हैं, जबकि डाक्टर रोजाना अपील कर रहे हैं कि प्लाज्मा दान कर आप दो लोगों की जान बचाकर पुण्य का काम कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:center;">लक्ष्ण वाले मरीज का ही लिया जा सकता है प्लाज्मा</h3>
<p style="text-align:justify;">प्लाज्मा के लक्ष्ण वाले मरीज का ही प्लाजमा लिया जा सकता है, क्योंकि एंडीबाडी केवल उन मरीजों से ही तैयार होती है, जिन्हें किसी तरह के लक्ष्ण आए हों। जिन मरीजों को कोई लक्ष्ण नहीं आते हैं, उनके शरीर में ऐंटीबाडी भी तैयार नहीं होती है, जिस कारण उनका प्लाज्मा किसी भी काम का नहीं है। लक्ष्ण वाले मरीज 14 से ज्यादा अस्पताल में रहने के कारण इस वक्त प्लाज्मा देने से डर रहे हैं कि उन्हें कुछ हो न जाए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2020 21:38:20 +0530</pubDate>
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