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                <title>Result: शिखर शिक्षा सदन में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। Miranpur News: शिखर शिक्षा सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 28 मार्च 2026 को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में राजीव कौशिक, वान्या शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, सिद्धार्थ राजवंशी, राजेंद्र रस्तोगी, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/annual-examination-results-declared-in-shikhar-shiksha-sadan/article-82833"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/miranpur-news-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)।</strong> Miranpur News: शिखर शिक्षा सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 28 मार्च 2026 को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में राजीव कौशिक, वान्या शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, सिद्धार्थ राजवंशी, राजेंद्र रस्तोगी, अनिरुद्ध शारदा, ब्रज भूषण अग्रवाल, मोहम्मद साजिद (प्रधान ग्राम कुतुबपुर), अनामिका अग्रवाल, वेद प्रकाश आर्य, सचिन ठाकुर, दिनेश सैनी, कोमल प्रजापति एवं डॉक्टर सरताज बेग विद्यालय में पधारे। विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों के द्वारा बच्चों को चेक (अनुभव मेमोरियल स्कॉलरशिप) और प्रतीक चिन्ह देकर पुरस्कृत कराया गया, और उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस दिन सौ से अधिक बच्चों को सम्मानित किया गया। Miranpur News</p>
<p style="text-align:justify;">कक्षा नर्सरी में अनम, फैसल, मिस्टी, आध्या, मानवी, शिवाय, अनिमेष नागर, अहमद, एकांश चौधरी, अबू बकर, प्रियांश पाल, अरहम तोमर, शानवी सैनी, मोहम्मद आसिम, अतीक्षा भाटी, इशाल खान, अद्विक शर्मा, आरव, शिवांगी प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">कक्षा एलकेजी में आरवी सिंह, दिव्यांशी, अदनान, कार्तिक गौतम, हंस दीप, सानवी, जैनब, इनायत, अबू हुजैफा, प्रीशा तरीका प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">कक्षा यूकेजी में आयुष, अली कुरैशी, रघुवंश गोयल, मिस्का चौधरी, कायरा त्यागी, आदित्य, मोहम्मद फरहान, सूर्य, तन्मय सिरोहा, अब्बास रजा, अंश शर्मा, माही नूर, शिवन्या, काव्यांश, आलिया प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे। Miranpur News</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कक्षा एक में अर्नव, आलिमा बतुल, मोहम्मद जैद, ताबिश, तारुश्री एवं शिविका</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा दो में मोहम्मद फैज अलीजा, अवनी इंसान, अर्नव पाल</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा तीन में लक्ष्य सिंह जिया एवं लक्ष्य प्रजापति</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा चार में अबू बकर, अक्षिता शर्मा, परीक्षित राठौड़, आरिश अली तोमर</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा पाँच में मोहम्मद अजान, आदित्यधीमान, वृंदा, अनमोल इंसान</li>
<li>कक्षा छह में इनाया परवीन, इस्मत जहरा और श्रेया</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा सात में समरीन तोमर, अक्षा, शाजिया नूर</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा आठ में आराध्या राजवंशी, अव्वल, वैभव और जोया तोमर</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा नौ में नैना राजवंशी, उल्फत रसूल और अल्फिया सैफी</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा ग्यारह पीसीएम में आदर्श भारद्वाज, आयुष कुमार, यशवी शर्मा, रिधम गुप्ता</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा ग्यारह पीसीबी में अर्श जिया सैफी, इनमा जहरा, रिया, आर्यन खान</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा ग्यारह वाणिज्य में अदिला बतुल, रिद्धि गुप्ता, मनिंदर कौर</li>
<li style="text-align:justify;">कक्षा ग्यारह मानविकी में पूजा, कुशप्रीत कौर और जुनेरा प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार शर्मा ने कहा, “शिक्षा के माध्यम से ही हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। मैं सभी छात्रों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता हूं।” विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती शिखा शर्मा ने कहा, “मेहनत और समर्पण से सफलता जरूर मिलती है। मैं सभी छात्रों को उनके अच्छे परिणाम के लिए शुभकामनाएं देती हूं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।” विद्यालय के निदेशक श्री राजेश शर्मा ने कहा, “शिक्षा ही जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। मैं सभी छात्रों को उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं और उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता हूं।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 17:14:29 +0530</pubDate>
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                <title>अहम होंगे कर्नाटक चुनाव के नतीजे</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक चुनाव के नतीजे 13 मई को आएंगे। उसी दिन उत्तर प्रदेश निकाय (Karnataka Election) चुनाव के नतीजे भी घोषित होंगे। लेकिन सबकी नजर दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक विधान सभा चुनावों के नतीजों पर टिकी है। ये चुनाव जहां भाजपा की नाक का सवाल बने हुए हैं, तो वहीं कांग्रेस भी कर्नाटक चुनाव […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/karnataka-election-results-will-be-important/article-47464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/karnataka-election.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कर्नाटक चुनाव के नतीजे 13 मई को आएंगे। उसी दिन उत्तर प्रदेश निकाय (Karnataka Election) चुनाव के नतीजे भी घोषित होंगे। लेकिन सबकी नजर दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक विधान सभा चुनावों के नतीजों पर टिकी है। ये चुनाव जहां भाजपा की नाक का सवाल बने हुए हैं, तो वहीं कांग्रेस भी कर्नाटक चुनाव को लेकर काफी उत्साहित दिखाई देती है। यह माना जा रहा है कि कर्नाटक के चुनाव परिणामों का असर अगले साल होने वाले आम चुनाव व कुछ राज्यों में इस साल होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हिमाचल में मई माह में टूटा 36 वर्षों का रिकॉर्ड, लौटकर आई ठंड" href="http://10.0.0.122:1245/the-record-of-thirty-six-years-was-broken-in-the-month-of-may-in-himachal-the-cold-return-again/">हिमाचल में मई माह में टूटा 36 वर्षों का रिकॉर्ड, लौटकर आई ठंड</a></p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में कर्नाटक चुनाव के नतीजे देश की राजनीति में बड़े बदलाव का कारण (Karnataka Election) बन सकते हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनावों में भाजपा काफी मजबूत स्थिति में दिख रही हैं, वहीं कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष की ताकत का भी पता चल जाएगा। यदि परिणामों पर चर्चा करें तो अगर कांग्रेस जीतती है, पार्टी को बल मिलेगा, विपक्ष दोगुने उत्साह के साथ आगामी चुनावों की रणनीति बनाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राष्ट्रीय दलों ने चुनाव जीतने के लिए सब-कुछ दांव पर लगा दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">इसमें कोई दो राय नहीं है कि दोनों राष्ट्रीय दलों भाजपा व कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए सब-कुछ दांव पर लगा दिया है। यही वजह है कि दोनों दल आसमान से तारे तोड़ लाने के सब्जबाग जनता को दिखा रहे हैं। दरअसल, भाजपा जीत के लिए समान नागरिक संहिता व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जैसे मुद्दे लेकर सामने आई है। पार्टी कह रही है कि समान नागरिक संहिता लैंगिक न्याय और मुस्लिम महिलाओं के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, इस राज्य में भाजपा ने 13 फीसदी मुस्लिम आबादी पर ज्यादा फोक्स किया। हालांकि, मुस्लिमों के लिए चार फीसदी ओबीसी कोटा खत्म करने के भाजपा सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। लेकिन पार्टी की कोशिश है कि कांग्रेस को एकमुश्त मुस्लिम वोट पड़ने से कैसे रोका जाए। जहां तक भाजपा व कांग्रेस के चुनावी घोषणा-पत्रों का सवाल है तो दोनों ही लोकलुभावने वादे पूरे करने में आगे हैं। भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में वादा किया है कि बीपीएल परिवारों को साल में तीन गैस सिलेंडर उगादी, गणेश चतुर्थी और दीवाली पर मुफ्त दिए जाएंगे। साथ ही पोषण योजना के तहत प्रत्येक बीपीएल परिवार को हर दिन आधा लीटर नंदिनी दूध तथा हर महीने पांच किलो मोटा अनाज दिया जाएगा।</p>
<h3>1999 से हर चुनाव में बीजेपी दोहरे अंकों में सीटें जीतती रही है</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी रेवड़ियां बांटने में पीछे नहीं रही है। उसने राज्य सरकार द्वारा संचालित बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा, परिवार की महिला मुखिया को दो हजार रुपये मासिक सहायता, दो सौ यूनिट तक बिजली मुफ्त तथा 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के स्नातक बेरोजगारों को तीन हजार तथा डिप्लोमा धारकों को डेढ़ हजार बेरोजगारी भत्ता देने का वादा चुनाव घोषणा पत्र में किया है। जनता दल (एस) ने भी अपने घोषणा पत्र में कृषक समुदाय तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए लोक लुभावनी घोषणाएं की है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर राज्य में धार्मिक कट्टरवाद को समाप्त करने की बात कह कर कांग्रेस ने संघ परिवार के संगठन बजरंग दल व प्रतिबंधित पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि राजग सरकार ने पीएफआई पर पहले ही पांच साल का बैन लगा रखा है। कांग्रेस की इस घोषणा ने भाजपा को नया अस्त्र दे दिया है। कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटें हैं। 1999 से अब तक के हर चुनाव में बीजेपी वहां दोहरे अंकों में सीटें जीतती रही है। उस समय अपनी लोक शक्ति पार्टी को एनडीए में शामिल करके हेगड़े ने अपना लिंगायत वोट बैंक बीजेपी को ट्रांसफर करवा दिया था। 1999 में 13 सीटों से बढ़ते बढ़ते 2019 में बीजेपी 25 सीटों तक जा पहुंची।</p>
<h3>दक्षिणी भारत के राज्यों ने अक्सर अलग तरीके से मतदान किया है</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक चुनाव में बजरंगबली का मामला भी बड़ा मुद्दा बनकर कांग्रेस के लिए नई मुसीबत बना रहा। इस तरह से बेहद दिलचस्प हो चले कर्नाटक के चुनाव में ध्रुवीकरण और लोकलुभावन नीतियां बड़ी चुनौती पैदा कर रही हैं। दोनों पार्टियां अपने लक्षित वर्ग को भुनाने के लिए जमीन-आसमान एक कर रही हैं। कांग्रेस के गढ़ रहे कर्नाटक में पार्टी अपनी खोई विरासत फिर हासिल करने को बेताब है, वहीं भाजपा अपने इस दक्षिण के द्वार को किसी कीमत पर बंद नहीं होने देना चाहती। जिसके चलते चुनाव के अंतिम चरण में प्रवेश करने के बाद दोनों पार्टियां ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही थी। बहरहाल, कमजोर तबकों के सशक्तीकरण के नाम पर मुफ्त की रेवड़ियां बांटने का खेल बदस्तूर जारी है। अब राजनीतिक दल मुफ्त की रेवड़ियों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की कवायद में जुटे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक में यदि कांग्रेस को जीत मिली तो, यह इस साल दूसरे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के लिए बूस्टर डोज साबित हो सकती है। दक्षिणी भारत के राज्यों ने अक्सर उत्तरी भारत के राज्यों की तुलना में अलग तरीके से मतदान किया है। वैसे कर्नाटक के चुनाव महाराष्ट्र या तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों को प्रभावित नहीं करते। हालांकि जानकार इससे बिल्कुल अलग राय रखते हैं।</p>
<h3>कांग्रेस को जल्द से जल्द एक नैरेटिव तैयार करना होगा</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक में बीजेपी को कभी भी अपने दम पर बहुमत नहीं मिला। यदि इस बार ऐसा हो गया, तो वह पूरे देश में बता सकेगी कि उसके पास दक्षिण भारत में चुनावी स्वीकार्यता का सबूत है। वह यह साबित करने की कोशिश भी करेगी कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का कोई असर नहीं हुआ। इससे समूचे विपक्ष का मनोबल गिरेगा, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर प्रदेश के विधानसभा नतीजों का उनके मनोबल पर प्रभाव पड़ा था। असल में कांग्रेस को जल्द से जल्द एक नैरेटिव तैयार करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि वह चुनाव दर चुनाव हारती जाती है, तो वह अपने पक्ष में पॉजिटिव नैरेटिव तैयार नहीं कर पाएगी। अभी पिछले वर्ष ही कांग्रेस को पंजाब में हार का सामना करना पड़ा, वहीं मेघालय और त्रिपुरा में भाजपा ने परचम लहराया।  यही कारण है कि यह चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत अहम है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में यदि कांग्रेस की हार होती है, तो यह उसके लिए बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है। यदि इस चुनाव में बीजेपी हारती है, तो इसका मतलब यह होगा कि वो दक्षिण भारत में कोई प्रगति नहीं कर पाई है। लेकिन यदि बीजेपी जीतती है, तो इस जीत से दक्षिणी पड़ोसी राज्यों तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राजेश माहेश्वरी वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 May 2023 10:02:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की पूरक परीक्षा का परिणाम घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[10वीं के 32.97% और 12वीं में 47.89 फीसदी बच्चे पास (Results of Supplementary examination) भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। 26 व 27 अक्तूबर को हुई हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सैकेंडरी एवं सीनियर सैकेंडरी की (Results of Supplementary examination) पूरक परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। परिणाम बोर्ड वैबसाईट पर देखा जा सकता है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/results-of-supplementary-examination-of-haryana-school-education-board-declared/article-20005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/results-of-supplementary-examination-of-haryana-school-education-board-declared.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>10वीं के 32.97% और 12वीं में 47.89 फीसदी बच्चे पास (Results of Supplementary examination)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)</strong>। 26 व 27 अक्तूबर को हुई हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सैकेंडरी एवं सीनियर सैकेंडरी की (Results of Supplementary examination) पूरक परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। परिणाम बोर्ड वैबसाईट पर देखा जा सकता है। जानकारी देते हुए बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि सैकेंडरी की पूरक परीक्षा का परिणाम 32.97 प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि इस पूरक परीक्षा में 33 हजार 180 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हुए थे, जिनमें से 10 हजार 939 उत्तीर्ण हुए। इनमें से 19 हजार 734 परीक्षार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में 19 हजार 622 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें 7 हजर 18 छात्र पास हुए, जिनकी पास प्रतिशतता 35.77 रही। वहीं 13 हजार 558 छात्राओं मे से 3 हजार 921 पास हुई, जिनकी पास प्रतिशतता 28.92 रही।</p>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड सचिव ने बताया कि सीनियर सैकेंडरी की पूरक परीक्षा का परिणाम 47.89 फीसदी रहा। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में 37 हजार 557 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हुए थे, जिनमें से 17 हजार 985 उत्तीर्ण हुए, इनमें से 13 हजर 112 परीक्षार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में 26 हजार 323 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें से 12 हजाार 687 छात्र पास हुए, जिनकी पास प्रतिशतता 48.20 रही तथा 11 हजार 234 छात्राओं मे से 5 हजार 298 पास हुई, जिनकी पास प्रतिशतता 47.16 रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सैलेबस में 30% से अधिक की कटौती संभव</h4>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने यह भी बताया कि अबकी बार कोविड के चलते बच्चों की पढ़ाई न होने के कारण 30 प्रतिशत सैलेबस कम किया गया है। यदि नियमित कक्षाएं लगाने में भविष्य में कोई दिक्कत आती है तो सैलेबस में और भी कटौती शिक्षा बोर्ड द्वारा की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल बोर्ड की परीक्षाएं तय समय अनुसार मार्च-अप्रैल के महीने में ही होंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एचटेट परीक्षाएं दो व तीन जनवरी को</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही अध्यापक पात्रता परीक्षा दो व तीन जनवरी को आयोजित की जाएगी। पात्रता परीक्षा के लिए अभ्भ्यार्थियों को मास्क व सैनेटाईजर अपने घर से लाना होगा, तभी उन्हे परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Nov 2020 17:20:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कम्पार्टमेंट परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करने का सीबीएसई को निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को 10वीं और 12वीं की कम्पार्टमेंट परीक्षा के परिणाम जल्द घोषित करने का मंगलवार को निर्देश दिया ताकि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में पास हुए छात्रों को नामांकन मिल सके। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/instructions-to-cbse-to-declare-compartment-exam-results-soon/article-18640"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/cbse.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को 10वीं और 12वीं की कम्पार्टमेंट परीक्षा के परिणाम जल्द घोषित करने का मंगलवार को निर्देश दिया ताकि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में पास हुए छात्रों को नामांकन मिल सके। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के साथ मिलकर परीक्षा परिणाम जारी करने तथा नामांकन के लिए आवेदन करने की तिथियों के बारे में निर्णय लेने का निर्देश दिया। खंडपीठ ने कहा कि अभी असामान्य परिस्थितियां हैं और सीबीएसई एवं यूजीसी को फिलहाल कम्पार्टमेंट परीक्षा दे रहे बच्चों का भी ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कम्पार्टमेंट परीक्षा आज से शुरू हुई है और 29 सितम्बर तक चलेगी। न्यायालय ने यूजीसी के वकील से कहा कि वह नामांकन के लिए कट-ऑफ तारीख के बारे में आयोग से 24 सितम्बर तक निर्देश लेकर आयें। उसके बाद ही वह सीबीएसई को कट-ऑफ तारीख से पहले परिणाम जारी करने का निर्देश देगा। छात्र याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा ने दलील दी कि यदि कम्पार्टमेंट परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थियों को नामांकन नहीं मिलता है तो उनका शीर्ष अदालत के समक्ष यह याचिका दायर करने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Sep 2020 14:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LIVE: जींद और रामगढ़ के रिजल्ट पर टिकी सबकी निगाहें, दोपहर तक आएगा परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[Look at the results of Jind and Ramgarh.
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>नई दिल्ली(Varta)।</strong> आज देशभर की निगाहें दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणामों पर लगी है। जिनमें राजस्थान की रामगढ़ और हरियाणा की जींद विधानसभा सीट शामिल है। बता दें कि दोनों सीटों पर 28 जनवरी को मतदान हुआ था और आज परिणाम आने हैं। रामगढ़ और जींद में त्रिकोणीय संघर्ष बना हुआ है। फिलहाल, हर कोई अपनी जीत का दावा कर रहा है। हालांकि, जनता ने किस पर भरोसा जताया है, ये आज दोपहर तक साफ हो जाएगा।</p>
<p>LiveUpdates:-</p>
<ul>
<li> राजस्थान में रामगढ़ विधानसभा सीट के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है। मतगणना से पहले कुछ ऐसा रहा केंद्र का नजारा</li>
<li>मतगणना केंद्र पर पहुंचे दिग्गज। कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला और जननायक जनता पार्टी के दिग्विजय चौटाला मतगणना केंद्र पर मौजूद।</li>
<li> दोनों सीटों पर मतगणना शुरू हो चुकी है। थोड़ी देर में दोनों सीटों के रुझान आने शुरू होंग</li>
<li>
<h2>रामगढ़ का गणित</h2>
</li>
<li>रामगढ़ के परिणाम के साथ ही राजस्थान विधानसभा में 200 सदस्यों का कोरम पूरा हो जाएगा। राजस्थान में कांग्रेस के पास अभी 99 विधायक हैं और वह सहयोगी दल के सदस्यों के समर्थन से सत्ता में है। अगर परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आता है तो कांग्रेस का आंकड़ा 100 का हो जाएगा और विधानसभा में और अधिक स्थिरता मिलेगी। वहीं, परिणाम भाजपा के पक्ष में आता है, पार्टी के सदस्यों की संख्या 73 से 74 हो जाएगी। वहीं, बसपा को भी जीत की उम्मीद बंधी हुई है।</li>
</ul>
<h2>जींद का रण</h2>
<p>जाटलैंड जींद का सिकंदर कौन होगा। इस बारे में भी कोई स्पष्ट संकेत तो नहीं हैं लेकिन हर कोई अपनी जीत का दम भर रहा है। भाजपा अगर जींद उपचुनाव जीतती है तो विधानसभा में उसे और शक्ति मिलेगी। भाजपा इस जीत को आगामी लोकसभा चुनाव में भी भुनाने की कोशिश करेगी। वहीं, अगर कांग्रेस यह चुनाव जीत जाती है तो रणदीप सुरजेवाला का कद और बढ़ेगा, ऐसा माना जा रहा है। लेकिन अगर इनेलो के दो फाड़ होने के बाद बनी जननायक जनता पार्टी अगर चुनाव जीत जाती है तो यह राज्य की राजनीति के समीकरण बदल देगी।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/look-at-the-results-of-jind-and-ramgarh/article-7497</link>
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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 09:42:18 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपचुनाव परिणाम भाजपा की उम्मीदों को झटका</title>
                                    <description><![CDATA[गत 3 नवम्बर को हुए कर्नाटक उपचुनावों में भाजपा की उम्मीदों को जबरदस्त झटका लगा है। तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए इन उपचुनावों में कांग्रेस-जेडीएस 4 सीटों पर जबकि भाजपा केवल एक सीट पर विजय पताका लहराने में सफल हो सकी। अगले वर्ष होने जा रहे लोकसभा चुनावों और चंद दिनों के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/bye-election-results-shock-the-bjps-hopes/article-6552"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/bye-election-results-shock-the-bjps-hopes-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गत 3 नवम्बर को हुए कर्नाटक उपचुनावों में भाजपा की उम्मीदों को जबरदस्त झटका लगा है। तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए इन उपचुनावों में कांग्रेस-जेडीएस 4 सीटों पर जबकि भाजपा केवल एक सीट पर विजय पताका लहराने में सफल हो सकी। अगले वर्ष होने जा रहे लोकसभा चुनावों और चंद दिनों के भीतर हो रहे पांच विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा के लिए यह एक बड़ा आघात है। हालांकि उपचुनावों का असर इतना व्यापक नहीं माना जाता किन्तु पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उपचुनावों के परिणामों को कमतर भी नहीं आंका जा सकता। प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुके कर्नाटक उपचुनाव में कांग्रेस-जेडीएस को मिली बम्पर जीत को दिवाली बोनस बताया जा रहा है, वहीं गठबंधन के इस बेहतरीन प्रदर्शन से भाजपा के लिए मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं। भाजपा केवल अपनी ही शिमोगा सीट को बरकरार रखने में सफल रही है लेकिन उसे भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली दूसरी लोकसभा सीट बेल्लारी गंवानी पड़ी और विधानसभा की दोनों सीटों पर भी हार का मुंह देखना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">1999 में सोनिया गांधी ने भाजपा की सुषमा स्वराज को बेल्लारी में परास्त किया था किन्तु 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस से यह सीट छीनने में सफल रही थी और तभी से वह इस सीट पर काबिज थी लेकिन पूरे 14 साल बाद कांग्रेस अब भाजपा यह किला ढ़हाने में सफल हो गई है, इसलिए कांग्रेस की यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे एक ओर जहां कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सफलता पर मोहर लगी है, वहीं भाजपा के घटते प्रभाव का भी स्पष्ट संकेत मिलता है। मांडया लोकसभा सीट पर जनता दल (एस) उम्मीदवार ने जीत दर्ज की और दो विधानसभा सीटों जमखंडी तथा रामनगरम पर भी क्रमश: कांग्रेस व जेडीएस अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रहे। बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को कर्नाटक की कुल 28 सीटों में से 17 सीटों पर जीत हासिल हुई थी जबकि कांग्रेस को 9 तथा एच डी कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थी। फिलहाल जिन पांच सीटों पर उपचुनाव हुए, उनमें से 4 सीटें इस्तीफा दिए जाने के कारण और एक सीट विधायक के निधन के बाद खाली हुई थी। जामखंडी सीट से कांग्रेस विधायक सिद्दू न्यामगौड़ा का निधन हो गया था जबकि रामनगरम सीट सीएम कुमारस्वामी के इस्तीफे के बाद, बेल्लारी सीट भाजपा के श्रीमुलु, शिमोगा सीट भाजपा के बी एस येदियुरप्पा तथा मांडया सीट कांग्रेस के सी एस पुद्दाराजू के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बेल्लारी लोकसभा क्षेत्र खनन उद्योग के विवादित रेड्डी बंधुओं का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार वी एस उगरप्पा ने भाजपा प्रत्याशी जे. शांता को 243161 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया जबकि मांड्या लोकसभा सीट पर जेडीएस के एल आर शिवरामेगौड़ा ने रिकॉर्ड 324943 वोटों के अंतर से भाजपा उम्मीदवार को हराकर बाजी मारी। शिमोगा लोकसभा सीट भाजपा के दिग्गज नेता बी एस येदियुरप्पा का गढ़ मानी जाती है, जहां उन्हीं के पुत्र भाजपा प्रत्याशी बीवाई राघवेंद्र जेडीएस के मधु बंगारप्पा को 52148 वोटों के अंतर से हराने में सफल रहे। रामनगरम विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी जबकि जामखंडी विधानसभा सीट से कांग्रेस के आनंद सिद्दू न्यामागौड़ा ने भाजपा प्रत्याशियों को परास्त कर शानदार जीत दर्ज की।</p>
<p style="text-align:justify;">इन परिणामों से कर्नाटक में तो कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी ही, 2019 के आम चुनावों के लिए भी गठबंधन को नई ऊर्जा मिलने की संभावनाएं जताई जाने लगी हैं। लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन की ताकत, गठबंधन की पार्टियों का आपसी तालमेल और जनता पर गठबंधन की राजनीति का असर भी देखने को मिला है, जो आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जाने लगे हैं कि आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान गठबंधन की राजनीति को और आगे बढ़ाने में कांग्रेस को अब अपेक्षित मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी तो उपचुनावों में जीत के बाद कह भी चुके हैं कि लोकसभा चुनाव भी दोनों पार्टियां मिलकर लड़ेंगी। उपचुनावों में हालांकि बेल्लारी को छोड़कर शेष सभी चारों सीटों पर भाजपा, कांग्रेस व जेडीएस ने पूर्ववत पकड़ बनाए रखी है लेकिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के चुनावी माहौल में कर्नाटक में कुल पांच में से चार सीटों पर भाजपा का हार जाना उसके लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता। उपचुनाव परिणामों ने भाजपा की विधानसभा में ताकत बढ़ाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उपचुनाव के बाद 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों की संख्या अब 120 हो गई है जबकि भाजपा के पास कुल 104 विधायक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">निश्चित रूप से कांग्रेस अब इन परिणामों को आसन्न चुनावों में अपने पक्ष में भुनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी किन्तु भाजपा के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है और चुनाव परिणामों के बाद कर्नाटक में पार्टी के वरिष्ठतम नेता बी एस येदियुरप्पा ने भाजपा की स्थिति स्पष्ट भी कर दी है कि नतीजे भाजपा के लिए चेतावनी है और पार्टी को सही दिशा में काम करने की जरूरत है। बीते कुछ सालों में विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनावों में अधिकांश में नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं रहे हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में भाजपा को 10 चुनावों में पराजय का मुंह देखना पड़ा है। कर्नाटक उपचुनाव में तो पराजय का सामना करने के बाद भाजपा के माथे पर चिंता की लकीरें उभरना स्वाभाविक ही है क्योंकि चंद ही दिनों में पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं और कर्नाटक उपचुनावों के नतीजों का कुछ असर तो इन विधानसभा चुनावों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, कर्नाटक के नतीजों से एक बात तो साफ हो गई है कि कांग्रेस अगर भाजपा विरोधी दलों के साथ गठबंधन के अपने प्रयत्नों में सफल हो जाती है तो आम चुनावों में वह भाजपा पर भारी पड़ सकती है और उपचुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन की सोयी हुई उम्मीदों को फिर बल मिलने लगा है। भाजपा के लिए चिंता की स्थिति इसलिए भी बनती जा रही है कि जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए देशभर में कांग्रेस विरोधी माहौल बनाकर उसने 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था, आज वही मुद्दे उसके गले की फांस बनते जा रहे हैं। आतंकवाद, पाकिस्तान, महंगाई, पैट्रोल-डीजल व रसोई गैस की कीमतें, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार इत्यादि जिन मुद्दों को लेकर पिछले चुनाव में भाजपा आक्रामक थी, भाजपा नेताओं के उन्हीं पुराने बयानों को लोग अब सोशल मीडिया पर वायरल कर पार्टी से सवाल पूछ रहे हैं कि इन सभी मुद्दों का क्या हुआ और भाजपा की विड़म्बना यह है कि उसके पास साढ़े चार साल सत्ता में रहने के बावजूद इनमें से किसी भी सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। अब देखना होगा कि भाजपा इस नुकसान की पूर्ति के लिए किस प्रकार की रणनीति बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>योगेश कुमार गोयल</strong></em></p>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Nov 2018 11:44:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में रोके गए चुनाव नतीजे, इमरान सबसे आगे</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान इस्लामाबाद  (एजेंसी)। पाकिस्तान में नेशनल असेंबली चुनाव की मतगणना में पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) अन्य दलों के मुकाबले काफी आगे चल रही है। पीटीआई ने अब तक 113 सीटों पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/election-results-halted-in-pakistan-imran-front/article-5015"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/pakisthan.jpg" alt=""></a><br /><h2>पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान</h2>
<p><strong>इस्लामाबाद  (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान में नेशनल असेंबली चुनाव की मतगणना में पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) अन्य दलों के मुकाबले काफी आगे चल रही है। पीटीआई ने अब तक 113 सीटों पर बढ़त बना ली है। पाकिस्तान के डॉन अखबार के अनुसार नेशनल असेंबली की 272 सीटों के मिले रुझान में पीटीआई 114 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 66 सीटों पर आगे है।  पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर चल रही हैं। जाहिर है कि त्रिशंकु नेशनल असेंबली की सूरत में जरदारी ‘किंगमेकर’ साबित हो सकते हैं।</p>
<h2>मुहाजिरों की पार्टी एमक्यूएम 5 सीटों पर आगे</h2>
<p>मुहाजिरों की पार्टी एमक्यूएम 5 सीटों पर आगे है। 13 सीटों पर निर्दलीय भी आगे चल रहे हैं। पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली के साथ चार प्रांतों की विधानसभाओं के लिए बुधवार को ही एक साथ मतदान कराया गया। बुधवार रात से जारी मतगणना गुरुवार सुबह रोक दी गई है, क्योंकि चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप लगे हैं। आधी रात के बाद कोई भी परिणाम घोषित नहीं किए जाने के बाद यह सवाल उठे हैं।</p>
<h2>दूसरे नंबर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज पार्टी</h2>
<p>अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बढ़त बना ली है। दूसरे नंबर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज पार्टी बताई जा रही है। पार्टी नेता शहबाज शरीफ ने रुझानों की शक्ल में आ रहे नतीजों को मानने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान की दो बार प्रधानमंत्री रहीं दिवंगत नेता बेनजीर भुट्टे के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 39 सीटों पर बढ़त बना रखी है।</p>
<h2>सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल ही मतगणना शुरू हो गई थी।</h2>
<p>पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह स्पष्ट धोखाधड़ी है। जिस तरह से जनादेश का अपमान किया गया है, वह बर्दास्त नहीं है।”<br />
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में नेशनल असेंबली की 272 सीटों के लिए बुधवार को मतदान हुआ था और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल ही मतगणना शुरू हो गई थी। देशभर के मतदान केंद्रों पर 371,000 सैनिक तैनात किये गए हैं जो वर्ष 2013 में हुए चुनाव के दौरान तैनात किए गए सैनिकों की संख्या के लगभग पांच गुना है।</p>
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<p>Election, Results, Halted, Pakistan, Imran, Front</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jul 2018 03:34:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अब 5 दिन में नतीजे घोषित करेगा केयू</title>
                                    <description><![CDATA[26 दिन में परीक्षा, 5 दिन में परिणाम, केयू में अब ऐसे ही होगा काम कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा ने वीरवार को मई 2018 में आयोजित परीक्षाओं के 31 मई को परीक्षा के आयोजित होने के ठीक 5 दिन बाद 31 परीक्षाओं के परिणाम रिकार्ड समय में घोषित कर दिए हैं। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-kurukshetra-university-to-declare-results-in-5-days/article-3890"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/ku.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">26 दिन में परीक्षा, 5 दिन में परिणाम, केयू में अब ऐसे ही होगा काम</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। </strong>कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा ने वीरवार को मई 2018 में आयोजित परीक्षाओं के 31 मई को परीक्षा के आयोजित होने के ठीक 5 दिन बाद 31 परीक्षाओं के परिणाम रिकार्ड समय में घोषित कर दिए हैं। 26 दिन में परीक्षा व 5 दिन में परिणाम घोषित कर परीक्षा शाखा ने तय कर लिया है कि अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में काम ऐसे ही होगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासनिक ब्लॉक के कमेटी रूम में क्लिक कर 31 परीक्षाओं के परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अपलोड किए। कुलपति ने जैसे ही बटन दबाया एमएससी जूलोजी चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम वेबसाईट पर अपलोड हो गया। इस मौके पर सम्बन्धित विभागों के अध्यक्षों को बधाई देते हुए कुलपति ने कहा कि विभागाध्यक्षों, शिक्षकों व परीक्षा शाखा के कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परीक्षा के 5 दिन की अवधि में रिकार्ड समय में यह परीक्षा परिणाम घोषित कर सका है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिंह व उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस सेमेस्टर की सभी परीक्षाओं के परिणाम एक निर्धारित समय अवधि में घोषित करें ताकि कोई लम्बित परीक्षा परिणाम न रहे और न ही विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी हो। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थी केन्द्रित विश्वविद्यालय बनाने के लिए सभी को संवेदनशील होना होगा व विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समय पर निपटाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा तंत्र के आटोमेशन की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है विद्यार्थियों को भी साथ ही इसका फायदा पहुंच रहा है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि 26 मई को विश्वविद्यालय के विभागों में परीक्षाएं समाप्त हुई थी। परीक्षा शाखा ने 31 मई को 31 परीक्षा परिणाम रिकार्ड समय में घोषित किए हैं। उन्होंने इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों व शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही परीक्षा शाखा कुछ ओर परीक्षा परिणाम घोषित करेगी। परीक्षा शाखा का उद्देश्य विद्यार्थियों को अच्छी सुविधाएं देना है। उसी दिशा में प्रयास परीक्षा शाखा की ओर से किए जा रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन परीक्षाओं के घोषित हुए नतीजे</h4>
<p style="text-align:justify;">वीरवार को एमएससी जूलोजी चौथे सेमेस्टर, एमएससी बायोटेक्नालॉजी द्वितीय सेमेस्टर व चौथे सेमेस्टर, एमएससी कंप्यूटर साइंस चौथे सेमेस्टर, एमए एजुकेशन द्वितीय सेमेस्टर, एमटेक एनर्जी एंड इंवायरमेंट द्वितीय सेमेस्टर, बीएफए आठवें सेमेस्टर, एमए फाईन आर्टस चौथे सेमेस्टर, एमएफए चौथे सेमेस्टर, एमएससी अप्लाईड जियोलॉजी चौथे सेमेस्टर, एमए हिन्दी द्वितीय व चौथे सेमेस्टर, एमए इतिहास चौथे सेमेस्टर, एमफिल लाईब्रेरी इंफोरमेशन साईंस, एमलिब साईंस द्वितीय सेमेस्टर,</p>
<p style="text-align:justify;">एमएससी मल्टीमीडिया आठवें सेमेस्टर, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी द्वितीय सेमेस्टर, एमए पंजाबी द्वितीय व चौथे सेमेस्टर, बीफार्मेसी द्वितीय सेमेस्टर, एमए दर्शनशास्त्र द्वितीय व चौथे सेमेस्टर, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटिजिक्स स्टडीज चौथे सेमेस्टर, एमए सोशोलॉजी चौथे सेमेस्टर, एमएससी स्टेटिसटिक्स चौथे सेमेस्टर, एमटीटीएम द्वितीय सेमेस्टर, एमफिल लोक प्रशासन, एमएससी बायोकेमैस्ट्री द्वितीय सेमेस्टर, एमपीएड चौथे सेमेस्टर, एमपीएड स्पेशल एजुकेशन द्वितीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम शामिल हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Jun 2018 10:47:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>सीबीएसई के परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकारों को चाहिए कि वह केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के घोषित परीक्षा परिणाम पर एक नजर डालें व फिर अपने-अपने राज्य बोर्डों के शिक्षा परिणाम को भी जरा परखें। इस बार सीबीएसई के 83% विद्यार्थी सफल रहे हैं। दूसरी ओर राज्य शिक्षा बोर्ड का हाल बेहाल है। पंजाब शिक्षा बोर्ड के 60 फीसदी छात्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/results-of-cbse/article-3811"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/cbse.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राज्य सरकारों को चाहिए कि वह केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के घोषित परीक्षा परिणाम पर एक नजर डालें व फिर अपने-अपने राज्य बोर्डों के शिक्षा परिणाम को भी जरा परखें। इस बार सीबीएसई के 83% विद्यार्थी सफल रहे हैं। दूसरी ओर राज्य शिक्षा बोर्ड का हाल बेहाल है। पंजाब शिक्षा बोर्ड के 60 फीसदी छात्र भी पास नहीं हो सके। हरियाणा भी 50 फीसदी पर सिमट गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तरप्रदेश सरकार के शिक्षा बोर्ड का हाल भी ठीक पंजाब-हरियाणा जैसा ही है। जहां तक सीबीएसई में शिक्षा के माध्यम में भाषा का सवाल है तब ज्यादातर छात्र अंग्रेजी को पढ़ने की भाषा चुनते हैं। जबकि पंजाब में पंजाबी, हरियाणा, दिल्ली, यूपी व राजस्थान में हिन्दी या बच्चों की मातृभाषा ही शिक्षण का माध्यम है। अंग्रेजी में बच्चों को पढ़ाई करना मुश्किल है फिर भी सीबीएसई का परीक्षा परिणाम राज्य बोर्डों से बहुत अधिक अच्छा रहा है। अब राज्य शिक्षा बोर्ड अपनी पीठ थपथपाने के लिए कह रहे हैं कि नकल पर अधिक सख्ती होने के चलते परीक्षा परिणाम प्रभावित रहे, जबकि शिक्षा में नकल पर रोक लगाना एक शिक्षक का मूल दायित्व है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीएसई के परीक्षा प्रबंधों में तो नकल नाम की कोई चीज ही नहीं है। राज्य सरकारों का इसमें पिछड़ापन ही झलकता है अगर वह मानते हैं कि परिणाम नकल रोक देने से प्रभावित हुआ। राज्य सरकारों के पास बेहतरीन शिक्षक हैं, जो सरकारी सेवा में नहीं जा पाते वह शिक्षक सीबीएसई के स्कूलों की ओर रूख करते हैं। सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों का वेतन भी सरकारी स्कूलों की बजाय कम रहता है। दरअसल राज्य सरकारों के अधीन चल रहे स्कूलों में शिक्षा प्रबंधन बेहद कमजोर है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य बोर्डों के शिक्षकों पर शिक्षण कार्याें का कोई दबाव नहीं है। फिर राजनीतिक प्रभावों के चलते बहुत से शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों या दूर के स्कूलों में जाना नहीं चाहते। नतीजा शहरोें में अध्यापक पूरे रहते हैं, लेकिन बच्चे कम रहते हैं क्योंकि बच्चे अधिकतर निजी स्कूलों में चले जाते हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थी रहते हैं परंतु शिक्षक गायब हैं। राज्यों के सरकारी शिक्षण ढ़ांचे में जबावदेही की टालमटोल की संस्कृति है। जबकि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों पर शिक्षण कार्य की जबावदेही का पूरा दबाव रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीएसई ऐसा नहीं है कि केवल शिक्षण तक छात्रों को सीमित रखता है बल्कि खेलकूद, कला संस्कृति, सामाजिक सेवा कार्य सबमें बच्चों को पूरा वक्त व अवसर दिए जाते हैं। दरअसल राज्यों की सरकारी व्यवस्था देश में काम-कम, वेतन-अधिक व जबावदेही बिल्कुल नहीं, आराम की जिंदगी का पर्याय हो गई है। कुछ भी हो राज्यों को अपने शिक्षा तंत्र को सुधारना होगा। बिना शिक्षण व्यवस्था में सुधार किए राज्यों की प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा में सुधार संभव नहीं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 May 2018 07:56:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>म्यांमार आॅप्रेशन के दूरगामी परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना ने एक बार फिर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएससीएन खापलांग गुट पर अचानक हमला करके भारी क्षति पहुंचाई है। म्यांमार सीमा के निकट हुई इस मुठभेड़ में कई आतंकवादी मारे गए हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी पिछले साल 28-29 सितंबर की रात सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना की यह एक और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-far-reaching-results-of-the-myanmar-operation/article-3354"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/strike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय सेना ने एक बार फिर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएससीएन खापलांग गुट पर अचानक हमला करके भारी क्षति पहुंचाई है। म्यांमार सीमा के निकट हुई इस मुठभेड़ में कई आतंकवादी मारे गए हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी पिछले साल 28-29 सितंबर की रात सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना की यह एक और बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले जून 2015 में सेना ने म्यांमार की सीमा में घुसकर इसी संगठन के कई शिविरों को तबाह कर दिया था। दरअसल खापलांग गुट के उग्रवादियों ने सेना की टुकड़ी पर गोलियां दागी थीं। जवाबी कार्रवाई करते हुए पूर्वी कमान के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और तत्काल मुंहतोड़ जवाब दे दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई में सेना को कोई हानि नहीं हुई है। भारत सरकार ने आतंकियों को मुंहतोड़ उत्तर देने की जो रणनीति अपनाई है, उससे देश की जनता और सेना में यह संदेश गया है कि भारत सरकार में निर्णय लेने की क्षमता भी है। एनएससीएन के मुखिया एसएस खापलांग की 10 जून 2017 को मृत्यु म्यांमार के अस्पताल में हो चुकी है। बावजूद इसके, यह गुट नागालैंड का सबसे खतरनाक अलगाववादी गुट है। दशकों से यह गुट नागालैंड को भारत से अलग करने की मांग कर रहा है, जबकि नागालैंड के अन्य विद्रोही गुट अब सरकार से समझौते के पक्ष में आ गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही एक ऐसा गुट है, जो शांति समझौते का विरोध कर रहा है। इस गुट में अभी भी 1500 विद्रोहियों की संख्या बताई जाती है। भारत और म्यांमार के बीच 1640 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है, जो अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड व मणिपुर से सटी है। इतनी लंबी सीमा की सुरक्षा करना बीएसएफ को मुश्किल होती है। लिहाजा ये उग्रवादी मौका पाते ही सुरक्षा बलों पर हमला बोल देते हैं। किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर या सीमा पर डटे रहकर आतंकवादियों और उनके शिविरों को नष्ट करना कोई मामूली काम नहीं है, क्योंकि एक देश के सीमाई देशों से मैत्रीपूर्ण संबंध होते है।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार की सीमा चीन से जुड़ी है और वहां बड़ी संख्या में चीन के प्रशंसक लोग भी रहते हैं। वैसे उग्रवादियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को संयुक्त राष्टÑ संघ की अनुमति मिली हुई है। भारत और म्यांमार के बीच भी ऐसी कार्रवाइयां करने की संधि है। इन सैद्धांतिक सहमतियों के चलते ही भारतीय सेना म्यांमार की सीमा से आतंकी शिविरों पर हमला बोलने में सफल हो पाई।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन भी इन अलगाववादियों को हथियार उपलब्ध करता है। हालांकि बांग्लादेश में शेख हसीना के स त्ता में रहते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के बाद हालात बदले हैं। उल्फा को यहां से मदद और पनाह मिलती रही है, लेकिन अब लगभग विराम लग गया है। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद भूटान की पहली विदेश यात्रा करके इसे अपना खास मित्र देश बना लिया है। चीन से हुए डोकलाम मुद्दे पर भी भारत सरकार ने भूटान को यह जता दिया है कि वह हर संकट की घड़ी में उसके साथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्वोत्तर में उग्रवादियों की ताकत इसलिए बढ़ गई, क्योंकि यहां बिखरे तमाम उग्रवादी संगठनों ने मिलकर एक साझा संगठन कुछ समय पहले बना लिया है और तभी से यह सेना पर हमले तथा अन्य हिंसक वारदातें करने में लगा है। इनमें मणिपुर में सक्रिय गुटों के अलावा कमतापुर लिबरेशन आॅगनाइजेशन, नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आॅफ नगालिम का खापलांग गुट एनडीएफबी का सोनबिजित गुट और उल्फा का परेश बरुआ गुट शामिल हैं। इस समय इनमें सबसे ताकतवर गुट एनएससीएन है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 1500 लड़ाकू जवान हैं और करीब 1000 हजार शिविरों में नए उग्रवादी तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल इस आकस्मिक और अप्रत्याशित आॅपरेशन से उग्रवादी तितर-बितर भी हुए और इनका मनोबल भी टूटा है, क्योंकि इन्हें इतनी त्वरित और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी, वह भी म्यांमार की सीमा में।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई से पाकिस्तान भी सकते में है। शायद इसीलिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ को न्यूयॉर्क में कहना पड़ा है कि ‘मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइड हाफिज सईब आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा उनके देश के लिए बोझ बन गए है। एशिया सोयायटी फोरम को संबांधित करते हुए आसिफ ने इनसे छुटकारा पाने के लिए हमें समय चाहिए।’ पाकिस्तान ने यह लाचारी भारत सरकार द्वारा सैन्य बलों को पूरी स्वतंत्रता दे दिए जाने कारण जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि अब सेना की आक्रामक कार्रवाईयां निरंतर देखने में आ रही हैं। पाकिस्तान भारत का खुला दुश्मन है, जबकि म्यांमार मित्र देश है। भारत-पाक सीमा पर न केवल पाक सेना मुस्तैद है, बल्कि सेना की वर्दी में बड़ी संख्या में हथियार बंद आतंकवादी भी तैनात हैं। लिहाजा अमेरिका की वायु सेना ने जिस तरह से पाक के ऐबटाबाद में उतरकर ओसामा-बिन-लादेन को निपटा दिया था, उसी तर्ज पर भारत का दाऊद या लखवी को निपटाना थोड़ा मुश्किल है?</p>
<p style="text-align:justify;">पाक की परमाणु हथियार के इस्तेमाल की धमकी को भी महज गीदड़ भवकी मान लेना एक भूल होगी? क्योंकि पाक इन हथियारों का इस्तेमाल आंतकवादियों के लिए कर सकता है। इसलिए परवेज मुर्शरफ ने कहा भी था कि हमारे परमाणु बम शब-ए-बारात में फोड़ने के लिए नहीं हैं। आतंकियों के हाथ परमाणु बम देना इसलिए मुश्किल है, क्योंकि पाक आतंकियों का सरंक्षक देश होने के साथ आतंक से पीड़ित देश भी है। ऐसी विपरीत परिस्थिति में आतंकियों के हाथ परमाणु हथियार लगते हैं, तो ये स्वयं पाक के लिए भी घातक साबित हो सकते हैं। इसलिए भारत पाकिस्तान की ओर से सचेत भी है। बावजूद भारत पीओके में जाकर आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज पर हमला जरूर कर सकता है। ऐसे हमलों से ही भारत सरकार का वह संकल्प पूरा होगा, जिसमें आतंकवाद और उग्रवाद के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की मंशा अंतर्निहित है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-प्रमोद भार्गव</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Sep 2017 03:09:28 +0530</pubDate>
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                <title>कौन होगा देश का 14वां राष्ट्रपति?</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली:  देश का 14वां राष्ट्रपति कौन होगा, इसका फैसला गुरुवार को हो जाएगा। इसके लिए संसद भवन में काउंटिंग होगी। एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद और यूपीए की मीरा कुमार में से एक नेता अगला प्रेसिडेंट होगा। दोनों में से कोई भी जीते, देश को केआर नारायणन के बाद दूसरा दलित राष्ट्रपति मिलना तय है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/who-will-be-the-14th-president-of-the-country/article-2453"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/elc-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong> देश का 14वां राष्ट्रपति कौन होगा, इसका फैसला गुरुवार को हो जाएगा। इसके लिए संसद भवन में काउंटिंग होगी। एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद और यूपीए की मीरा कुमार में से एक नेता अगला प्रेसिडेंट होगा। दोनों में से कोई भी जीते, देश को केआर नारायणन के बाद दूसरा दलित राष्ट्रपति मिलना तय है। वे 1997 में चुने गए थे। वैसे, पलड़ा कोविंद का भारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वोटिंग से पहले उन्हें 63% वोटों का सपोर्ट था। लेकिन उम्मीद से ज्यादा करीब 70% वोटिंग उनके फेवर में होने का अनुमान है। सभी राज्यों से वोट के बैलेट बॉक्स संसद पहले ही पहुंच चुके हैं और संसद में कड़ी सुरक्षा में उसे रखा गया है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 32 जगहों पर मतदान हुआ था। इनमें 29 राज्य, दिल्ली और पुडुचेरी समेत दो केंद्र शासित प्रदेश और संसद भवन शामिल है जहां पर राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों ने मतदान किया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किस तरह होगी काउंटिंग?</h2>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले पार्लियामेंट का बैलेट बॉक्स खोला जाएगा। उसके बाद दूसरे राज्यों से आए बैलेट बॉक्स खोले जाएंगे। राज्यों के वोट की काउंटिंग अल्फाबेटिकल बेस पर होगी। वोट की काउंटिंग चार अलग-अलग टेबल पर की जाएगी। करीब आठ राउंड में यह पूरी की जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राष्ट्रपति चुनाव में हुई थी 99% वोटिंग</h2>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को हुई वोटिंग में 99% वोटिंग हुई थी, रिटर्निंग अधिकारी अनूप मिश्रा ने बताया कि यह अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग है. अभी लोकसभा (543) और राज्यसभा (233) में कुल 776 सांसद हैं. दोनों लोकसभा और राज्यसभा से दो-दो सीट खाली हैं. बिहार के सासाराम से बीजेपी के सांसद छेदी पासवान के पास वोटिंग का अधिकार नहीं था, इस तरह 771 सांसदों को वोट डालना था, लेकिन 768 सांसदों ने ही वोटिंग की.</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2017 22:14:06 +0530</pubDate>
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                <title>रिजल्ट की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी नर्सिंग छात्राएं</title>
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]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/nursing-students-landed-on-the-roads-for-demand-of-results/article-2059"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/bhiwani-5.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">डीसी के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन, रिजल्ट नहीं आया धरने की चेतावनी</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>एसएफआई के बैनर तले किया प्रदर्शन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भिवानी में शुक्रवार को एएनएम व जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रों ने रिजल्ट व परिक्षाएं करवाए जाने की मांग को लेकर एसएफआई के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शहर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि जल्द ही अगर सरकार ने उनका रिजल्ट निकालने के आदेश नहीं दिए तो वे आंदोलन की ओर रुख करेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्राओं का कहना था कि उनका दूसरा वर्ष खत्म होने को है, लेकिन अभी तक प्रथम वर्ष का रिजल्ट नहीं आया। जिस कारण उनका भविष्य अंधकारमय लग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही उनका रिजल्ट निकालने के लिए यूनिवर्सिटी को आदेश देने की मांग की, ताकि रिजल्ट घोषित हो और वे अपना भविष्य के बारे में कुछ सोच सकें। छात्राओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों बारे विचार करके पूरा करें अन्यथा वे आंदोलन का बिगुल बजा देंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 08:05:11 +0530</pubDate>
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