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                <title>जनधन योजना ने वो कर दिखाया जिसका किसी को अनुमान नहीं था&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Jan Dhan Yojana सभी देशवासियों विशेषकर बैंकिंग सेवायें से वंचितों को वित्तीय तंत्र की मुख्य धारा में शामिल करने और वित्तीय समावेशन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गयी ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई)’ के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/pradhan-mantri-jan-dhan-yojana-has-completed-nine-years/article-51681"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/jandhan-modi-acnt1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Jan Dhan Yojana सभी देशवासियों विशेषकर बैंकिंग सेवायें से वंचितों को वित्तीय तंत्र की मुख्य धारा में शामिल करने और वित्तीय समावेशन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गयी ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई)’ के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं और अब इस मिशन के तहत 50 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं जिनमें 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से इस योजना की घोषणा की थी और 28 अगस्त 2014 को इसकी शुरूआत की गयी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर | Jan Dhan Yojana</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के नौ वर्ष पूर्ण होने के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएमजेडीवाई की अगुवाई में ठोस उपायों के 9 साल के महत्?वपूर्ण दौर और डिजिटल बदलाव ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि जन धन खाते खोलकर 50 करोड़ से भी अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन खातों में से लगभग 55.5 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं, और 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण/अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। इन खातों में कुल जमा राशि बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई है। इसके अलावा, इन खातों के लिए लगभग 34 करोड़ ‘रुपे कार्ड’ बिना शुल्क के जारी किए गए हैं, जिसके तहत 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनधन खातों में कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये | Jan Dhan Yojana</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि समस्त हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के आपसी सहयोग से पीएमजेडीवाई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर कर सामने आई है, जो देश में वित्तीय समावेशन के परिदृश्य को प्रधानमंत्री की पिरकल्पना के अनुरूप पूरी तरह से बदल रही है। वित्तीय समावेशन के जरिए गरीबों की बचत राशि को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाया जाता है और यह गांवों में रह रहे उनके परिवारों को धन भेजने का अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा यह उन्हें साहूकारों के चंगुल से बाहर निकालता है। 9 अगस्त 2023 तक पीएमजेडीवाई खातों की कुल संख्या: 50.09 करोड़ थी जिनमें से 55.6 प्रतिशत (27.82 करोड़) जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं और 66.7 प्रतिशत (33.45 करोड़) जन-धन खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के प्रथम वर्ष के दौरान 17.90 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खोले गए। पीएमजेडीवाई खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से तीन गुना (3.4) बढ़कर 16 अगस्त 2023 तक 50.09 करोड़ हो गई है। जनधन खातों में कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये है। खातों की संख्?या में अगस्त 2015 की तुलना में अगस्त 2023 में 3.34 गुना वृद्धि के साथ जमा राशि लगभग 13 गुना बढ़ी है। जनधन खातों में औसत जमा राशि 4063 रुपये है। अगस्त 2015 की तुलना में प्रति खाता औसत जमा राशि 3.8 गुना से भी अधिक बढ़ गई है। इन खाताधारकों को कुल 33.98 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं। समय के साथ रुपे कार्ड की संख्या और उनका उपयोग बढ़ गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">13 लाख से भी अधिक बैंकिंग टचप्वाइंट्स की मैपिंग जेडीडी ऐप पर</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना को गति देने के लिए जन धन दर्शक ऐप (जेडीडी ऐप) भी लाँच किया गया जो बैंक शाखाओं, एटीएम, बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स (बीसी), भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक जैसे बैंकिंग टचप्वाइंट्स या बैंकिंग केंद्रों का पता लगाने के लिए एक नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। 13 लाख से भी अधिक बैंकिंग टचप्वाइंट्स की मैपिंग जेडीडी ऐप पर की गई है। Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">इस ऐप का उपयोग उन गांवों की पहचान के लिए भी किया जा रहा है, जिनके 5 किलोमीटर के दायरे में अभी भी कोई बैंकिंग आउटलेट नहीं है। बैंकिंग आउटलेट खोलने के लिए इन पहचाने गए गांवों को संबंधित एसएलबीसी द्वारा विभिन्न बैंकों को आवंटित किया जाता है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक कवर नहीं किए जा सके गांवों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। जुलाई 2023 तक कुल 6.01 लाख गांवों की मैपिंग जेडीडी ऐप पर की गई है। मैपिंग किए गए कुल गांवों में से 5,99,468 (99.7प्रतिशत) को बैंकिंग आउटलेट (बैंक शाखा, बैंकिंग कॉर्नर या इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) 5 किमी के दायरे में है) से कवर कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 6.26 करोड़ पीएमजेडीवाई खाताधारकों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्?त होता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका डीबीटी प्राप्त हो, संबंधित विभाग डीबीटी मिशन, एनपीसीआई, बैंकों और विभिन्न अन्य मंत्रालयों के परामर्श से डीबीटी की विफलताओं के टाले जा सकने वाले कारणों का पता लगाने में अत्?यंत सक्रिय भूमिका निभाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई के तहत 33.98 करोड़ से भी अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी करने, 79.61 लाख पीओएस/एमपीओएस मशीनों की स्थापना करने और यूपीआई जैसी मोबाइल आधारित भुगतान प्रणालियों की शुरूआत होने से डिजिटल लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 1,471 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 11,394 करोड़ हो गई है। यूपीआई वित्तीय लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 92 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 8,371 करोड़ हो गई है। इसी तरह पीओएस और ई-कॉमर्स पर रुपे कार्ड से लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 67 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 126 करोड़ हो गई है। Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्रालय का कहना है कि सूक्ष्म बीमा योजनाओं के तहत पीएमजेडीवाई खाताधारकों की कवरेज सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। पीएमजेडीवाई के पात्र खाताधारकों को पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत कवर करने का प्रयास किया जाएगा। बैंकों को इस बारे में पहले ही सूचित किया जा चुका है। पूरे देश स्वीकार्य बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के जरिए पीएमजेडीवाई खाताधारकों के बीच रुपे डेबिट कार्ड के उपयोग सहित डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएमजेडीवाई खाताधारकों की पहुंच सूक्ष्म-ऋण और सूक्ष्म निवेश जैसे कि फ्लेक्सी-आवर्ती जमा, इत्?यादि तक बढ़ाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशनराव कराड ने भी इस अवसर पर ‘पीएमजेडीवाई’ के बारे में कहा, ‘इस योजना ने समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को औपचारिक बैंकिंग के दायरे में लाकर वित्तीय अस्पृश्यता को कम कर दिया है। समाज के कमजोर वर्गों की पहुंच बैंकिंग सुविधाओं तक सुनिश्चित करके, ऋणों की उपलब्धता तक लोगों की पहुंच को सुविधाजनक बनाकर, बीमा एवं पेंशन कवरेज प्रदान करके और वित्तीय जागरूकता बढ़ाकर इस योजना ने दूरगामी परिणाम प्रस्?तुत किए हैं और अर्थव्यवस्था पर इसका कई गुना सकारात्?मक प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, ‘जन धन-आधार-मोबाइल (जैम)’ ने आम आदमी के खातों में सरकारी लाभों का निर्बाध रूप से सफल हस्तांतरण संभव कर दिया है। Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई खाते इसके साथ ही डीबीटी जैसी जन-केंद्रित पहल का आधार बन गए हैं और इसने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचितों के समावेशी विकास में अहम योगदान दिया है। यह योजना वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन है, जिसके तहत किफायती तरीके से बैंकिंग/बचत और जमा खातों, धन प्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन जैसी वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसका उद्देश्य किफायती मूल्?यों पर वित्तीय उत्पादों और सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना, लागत कम करने और लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना आदि है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के मूल सिद्धांत बैंकिंग सुविधाओं से वंचितों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना – न्यूनतम कागजी कार्रवाई के साथ बुनियादी बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता खोलना, केवाईसी, ई-केवाईसी में ढील, शिविर मोड में खाता खोलना, शून्य बैलेंस और शून्य शुल्क असुरक्षित को सुरक्षित करना झ्र नकदी की निकासी और कारोबारी स्थलों पर भुगतान के लिए स्वदेशी डेबिट कार्ड जारी करना जिसमें 2 लाख रुपये की मुफ्त दुर्घटना बीमा कवरेज भी शामिल है। अन्य वित्तीय उत्पाद जैसे कि सूक्ष्म-बीमा, उपभोग के लिए ओवरड्राफ्ट, सूक्ष्म-पेंशन और सूक्ष्म-ऋण आदि भी इसमें शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">मार्च 2014 से लेकर मार्च 2020 के बीच खोले गए प्रत्?येक 2 खातों में से एक खाता दरअसल पीएमजेडीवाई खाता ही था। पूरे देश में लॉकडाउन लगाए जाने के 10 दिनों के भीतर लगभग 20 करोड़ से अधिक महिला पीएमजेडीवाई खातों में से प्रत्येक महिला पीएमजेडीवाई खाते में डीबीटी के माध्यम से तीन महीने तक प्रति माह 500 रुपये की वित्तीय सहायता जमा की गई। कोविड-19 महामारी के दौरान इसमें निर्बाध रूप से उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली जिसकी बदौलत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया है और इसके साथ ही उन्?हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पीएमजेडीवाई खातों के माध्यम से डीबीटी ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक रुपया इच्छित लाभार्थी तक पहुंच जाए और इस तरह से धनराशि के प्रणालीगत रिसाव या लीकेज को रोकना संभव हो गया। Jan Dhan Yojana</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चोरों ने तीन घरों में बोला धावा, हजारों की नगदी व 3 तोले सोना चोरी" href="http://10.0.0.122:1245/thieves-raided-three-houses-stole-thousands-of-cash-and-three-tolas-of-gold/">चोरों ने तीन घरों में बोला धावा, हजारों की नगदी व 3 तोले सोना चोरी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 12:01:15 +0530</pubDate>
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                <title>JAN DHAN ACCOUNT Benefits: जनधन खातों में करोड़ों रुपये जमा, अभी चेक करें!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। JAN DHAN ACCOUNT Benefits: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनधन योजना (PRADHAN MANTRI JAN-DHAN YOJANA) की शुरुआत की गई जोकि अपने उद्देश्य पर खरा भी उतर रही है। इस योजना के तहत जीरो बैलेंस पर गरीब परिवारों के खाते खोले गए थे जिनका पहले कभी कोई खाता नहीं था। अभी हाल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/crores-of-rupees-deposited-in-jan-dhan-accounts/article-51599"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/jan-dhan-accounts-1.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> JAN DHAN ACCOUNT Benefits: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनधन योजना (PRADHAN MANTRI JAN-DHAN YOJANA) की शुरुआत की गई जोकि अपने उद्देश्य पर खरा भी उतर रही है। इस योजना के तहत जीरो बैलेंस पर गरीब परिवारों के खाते खोले गए थे जिनका पहले कभी कोई खाता नहीं था। अभी हाल फिलहाल में इन खातों में 285 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के तहत खुलने वाले खातों के कारण बैंकों में इनका लेन-देन भी बढ़ने लगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। अब हाल ये हो गया है कि जीरो बैलेंस वाले खातों की संख्या में भी कमी आने लगी है। क्योंकि दिखती सी बात है कि जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो जीरो बैलेंस वाले खातों में कमी आनी लाजमी है। एक समाचार के अनुसार झारखंड के जिला गढ़वा में 8 लाख लोगों का जनधन योजना के तहत खाता खोला गया था लेकिन अब वो जीरो बैलेंस वाले खाते घटकर मात्र 7.66 फीसदी ही रह गए। PRADHAN MANTRI JAN-DHAN YOJANA</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों की शुरूआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। जनधन योजना के तहत जीरो बैलेंस पर 7 लाख 76 हजार 379 लोगों का खाता खोला गया था, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र के 6 लाख दो हजार 413 तथा शहरी क्षेत्र के एक लाख 49 हजार 861 खाते खोले गए। इनमें ज्यादातर खाता खुलवाने वाली महिलाएं थी जिनमें बीते 9 सालों में 4 लाख 15 हजार 239 खाते खोले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर विभिन्न बैंकों में कुल 3 लाख 61 हजार 82 पुरुषों के जनधन योजना के तहत खाते खोले गए। एक समाचार पत्र के अनुसार जीरो बैलेंस वाले खातों में लेनदेन बढ़ने के कारण जनधन योजना के खातों में कमी आई है। बता दें कि लेकिन उनमें से अब मात्र 59 हजार 497 खाते ही रह गए हैं जो जीरो बैलेंस पर खुले हैं। JAN DHAN ACCOUNT</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="PM Modi to Meet ISRO Scientists: चंद्रयान-3 के ‘चांदों’ से मिलकर भावुक हुए मोदी" href="http://10.0.0.122:1245/pm-modi-to-meet-isro-scientists/">PM Modi to Meet ISRO Scientists: चंद्रयान-3 के ‘चांदों’ से मिलकर भावुक हुए मोदी</a></p>
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                <pubDate>Sat, 26 Aug 2023 12:57:27 +0530</pubDate>
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                <title>जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ के पार</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने जताई खुशी नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन (PMJDY) खातों की संख्या के 50 करोड़ के पार पहुंचने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जनधन खातों (Jan Dhan Account) की संख्या 50 करोड़ को पार कर गई। इस पर मोदी ने शनिवार को कहा कि यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-number-of-jan-dhan-account-crossed-fifty-crores/article-51369"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/jandhan-modi-acnt.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने जताई खुशी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन (PMJDY) खातों की संख्या के 50 करोड़ के पार पहुंचने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।</p>
<p style="text-align:justify;">जनधन खातों (Jan Dhan Account) की संख्या 50 करोड़ को पार कर गई। इस पर मोदी ने शनिवार को कहा कि यह देखकर प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं। पीआईबी इंडिया के एक ट्वीट पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए 67 प्रतिशत खातों के साथ, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि वित्तीय समावेशन का लाभ हमारे देश के हर कोने तक पहुंचे।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने झूले झूलकर गाए लोक गीत" href="http://10.0.0.122:1245/students-and-staff-sang-folk-songs-by-swinging/">विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने झूले झूलकर गाए लोक गीत</a></p>
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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2023 17:46:12 +0530</pubDate>
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                <title>सावधान! महंगा न पड़ जाए जन धन खाते में 2000 के नोट जमा करवाना</title>
                                    <description><![CDATA[आयकर विभाग की रहेगी पैनी नजर संदिग्ध लेन-देन होते ही पहुँचेगी सूचना नई दिल्ली (एजेंसी)। आपके नाम से या आपके परिवार वालों के नाम पर कोई जन-धन खाता खुला है तो सतर्क हो जाइए। यदि ऐसे खाते में बड़े पैमाने पर 2,000 रुपये का नोट (2000 Rupee Note) जमा होता है तो आप इनकम टैक्स […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/attention-depositing-2000-notes-in-jan-dhan-account/article-47976"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/2000-rupees-notes.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आयकर विभाग की रहेगी पैनी नजर</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>संदिग्ध लेन-देन होते ही पहुँचेगी सूचना</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> आपके नाम से या आपके परिवार वालों के नाम पर कोई जन-धन खाता खुला है तो सतर्क हो जाइए। यदि ऐसे खाते में बड़े पैमाने पर 2,000 रुपये का नोट (2000 Rupee Note) जमा होता है तो आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच के जद में आ सकते हैं। विभाग को अंदेशा है कि 2,000 रुपये के नोट में ब्लैकमनी रखने वाले किसी जन धन खाताधारक का उपयोग कर अपना नोट बदलवा सकते हैं। इसलिए इस तरह के खाते की स्क्रूटिनी की तैयारी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मंडप छोड़ भागा दूल्हा, दुल्हन ने धर दबोचा" href="http://10.0.0.122:1245/the-groom-ran-away-from-the-pavilion/">मंडप छोड़ भागा दूल्हा, दुल्हन ने धर दबोचा</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">खाते में संदिग्ध होगा लेनदेन तो बैंक करेगा रिपोर्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयकर विभाग से उनके पास निर्देश आते ही रहते हैं। जन धन खाते पर तो इसलिए खास नजर रहती है। किसी जन धन खाते में यदि ‘संदिग्ध’ लेनदेन होता है उसकी रिपोर्टिंग होती है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी यूज किया जाएगा। उन्हें लगता है कि ब्लैकमनी रखने वाले अपने 2,000 रुपये के नोट को बदलने के लिए कुछ इसी तरह की जुगत भिड़ा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभियान चलाकर खोला गया था जन धन खाता | (2000 Rupee Note)</h3>
<p style="text-align:justify;">इस समय गरीब तबके के अधिकतर लोगों के पास जन धन खाता है। दरअसल, समाज में हाशिये पर जीवन बिता रहे लोगों को भी बैंक के नेटवर्क से जोड़ने या फाइनेंशियल इंक्लूजन करने के लिए कई साल पहले जन धन खाता खोलने का अभियान चला था। इस समय देश के अधिकतर गरीब परिवार के पास कम से कम एक जन धन खाता जरूर है। कुछ मामलों में देखा गया है कि इस तरह के खाताधारकों के खाते का कुछ स्वार्थी तत्व दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे ही संदिग्ध खातों पर आयकर विभाग की नजर है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 May 2023 16:18:23 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले 40 करोड़ से अधिक खाते</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत देश में 40 करोड़ 35 लाख बैंक खाते खोले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को योजना के छह वर्ष पूरा होने पर कहा कि छह साल पहले आज के दिन इस महत्वाकांक्षी योजना का श्रीगणेश, जिन लोगों के बैंक में खाते नहीं हैं उन्हें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/more-than-40-crore-accounts-opened-under-pradhan-mantri-jan-dhan-yojana/article-17903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/pradhan-mantri-jan-dhan-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत देश में 40 करोड़ 35 लाख बैंक खाते खोले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को योजना के छह वर्ष पूरा होने पर कहा कि छह साल पहले आज के दिन इस महत्वाकांक्षी योजना का श्रीगणेश, जिन लोगों के बैंक में खाते नहीं हैं उन्हें यह सुविधा मुहैया कराने के लक्ष्य से किया गया था। सरकार की यह पहल कई गरीबी उन्मूलन की सेवाओं की नींव जमाने में ‘गेम चेंजर’ साबित हुई और करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हुए।  मोदी ने ग्राफिक्स के जरिये योजना के आंकड़े जारी किए।</p>
<p style="text-align:justify;">इनके अनुसार योजना के पहले वर्ष में 17.90 करोड़ खाते खोले गए और दूसरे साल आंकड़ा बढ़कर 25.10 करोड़ पर पहुंच गया। तीसरे वर्ष में तीस करोड़ को पारकर 30.09 और चौथे साल 32.54 करोड़ खाते योजना के तहत खुल चुके थे। पांचवे साल संख्या 36.79 और छह वर्ष पूरा होने पर 40 करोड़ को लांघकर 40.35 करोड़ हो गई। योजना के तहत कुल खुले खातों में 63.6 प्रतिशत ग्रामीण और 36.4 शहरी क्षेत्रों में खुले। कुल खातों में से 55.2 प्रतिशत देश की आधी आबादी अर्थात महिलाओं के खोले गए जबकि 44.2 प्रतिशत अन्य के थे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2020 11:58:06 +0530</pubDate>
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