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                <title>Approves - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को राहत, SC-ST संशोधन एक्ट को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून-2018 पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-approves-sc-st-amendment-act/article-12973"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/caa-supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><h2>शिकायत मिलने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी।</h2>
<p><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून-2018<strong> (SC-ST Amendment Act)</strong> पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस अरूण मिश्र, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवीन्द्र भट्ट की बेंच ने एससी-एसटी संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब एससी-एसटी संशोधन कानून के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी। इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि कोर्ट सिर्फ उन्हीं मामलों में अग्रिम जमानत दे सकती है जहां पहली नजर में केस नहीं बनता दिख रहा है।</p>
<h2>एफआईआर से पहले प्राथमिक जांच की जरूरत नहीं |SC-ST Amendment Act</h2>
<p>जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में एक बेंच ने फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच जरूरी नहीं है। इसके अलावा इस कानून में एफआईआर दर्ज करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सहमति जरूरी नहीं है। हालांकि इसी बेंच के एक दूसरे जज जस्टिस रविंद्र भट ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को समान भाव से देखा जाना चाहिए ताकि भाई चारे की भावना विकसित हो सके। जस्टिस भट ने कहा कि अदालत एक एफआईआर को रद्द कर सकती है अगर एसटी-एसटी एक्ट के तहत पहली नजर में केस बनता नहीं दिख रहा है।</p>
<h2>ये है मामला| SC-ST Amendment Act</h2>
<ul>
<li><strong> अनुसूचित जनजाति अधिनियम-1989 के हो रहे दुरूपयोग के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने  एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। </strong></li>
<li><strong>इसके बाद संसद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था।</strong></li>
<li><strong> इसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। </strong></li>
<li><strong>अब पहले के मुताबिक ही एफआईआर दर्ज करने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों या नियुक्ति प्राधिकरण से अनुमति जरूरी नहीं होगी।</strong></li>
<li><strong> बता दें कि एससी-एसटी एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है।</strong></li>
<li><strong> न्यायालय असाधारण परिस्थितियों में एफआईआर को रद्द कर सकते हैं।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2020 13:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई मेट्रो नीति को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में मेट्रो रेल के विस्तार को देखते हुए सभी मेट्रो रेल परियोजनाओं को एकसमान मानकों के दायरे में लाने के लिए नई मेट्रो नीति को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी विकास मंत्रालय द्वारा देश भर के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-approves-new-metro-policy/article-3161"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/metro.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में मेट्रो रेल के विस्तार को देखते हुए सभी मेट्रो रेल परियोजनाओं को एकसमान मानकों के दायरे में लाने के लिए नई मेट्रो नीति को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी विकास मंत्रालय द्वारा देश भर के लिए एक समान मेट्रो नीति के मसौदा प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अभी दिल्ली मेट्रो रेल कार्पाेरेशन (डीएमआरसी)अधिनियम के मानकों के तहत देश के अन्य शहरों में मेट्रो परियोजना के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">समान मानक तय करने के लिए बनाया जायेगा एक कानून</h2>
<p style="text-align:justify;">नई नीति के तहत देश भर के लिए एक समान मानक तय करते हुए एक ही कानून बनाया जाएगा। हाल ही में शहरी विकास मंत्रालय ने नया कानून बनने तक मेट्रो परिचालन संबंधी किसी भी शहर के प्रस्ताव को विचारार्थ स्वीकार करने पर रोक लगा दी थी। नई नीति के तहत किसी भी शहर की परियोजना को मंजूरी देने संबंधी एक समान मानकों को तय करते हुए परियोजना के लिए तकनीकी एवं अन्य जरूरी सामान की खरीद, वित्तपोषण और परिचालन संबंधी एकीकृत मानक तय किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>इस समय दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, कोच्चि, मुंबई, जयपुर और गुरुग्राम में कुल 350 किमी में मेट्रो परिचालन किया जा रहा है जबकि हैदराबाद, नागपुर, अहमदाबाद, पुणे और लखनउ में मेट्रो परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2017 09:47:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति कोविंद ने छह अहम विधेयकों को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। पदभार संभालने के तीन हफ्तों के भीतर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छह अहम विधेयकों को मंजूरी दी है जिनमें वह विधेयक भी शामिल है जो समुद्री दावों, नौकाओं को रोककर रखने और लोगों को गिरफ्तार करने जैसे मामलों में मुकदमा चलाने का अधिकार विभिन्न अदालतों को देता है। ये सभी विधेयक, जिन्हें राष्ट्रपति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/president-kovind-approves-six-important-bills/article-3106"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/kovind.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> पदभार संभालने के तीन हफ्तों के भीतर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छह अहम विधेयकों को मंजूरी दी है जिनमें वह विधेयक भी शामिल है जो समुद्री दावों, नौकाओं को रोककर रखने और लोगों को गिरफ्तार करने जैसे मामलों में मुकदमा चलाने का अधिकार विभिन्न अदालतों को देता है। ये सभी विधेयक, जिन्हें राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है, उन्हें हाल ही में संसद ने पारित किया है। नौवहन (समुद्री न्याय क्षेत्र एवं निपटान दावे) विधेयक, 2017 जिसे राष्ट्रपति ने हाल में मंजूरी दी है, उसके जरिए दो प्राचीन कानून खत्म किए गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;"> बच्चों को निशुल्क शिक्षा की मंजूरी प्रदान</h2>
<p style="text-align:justify;">खत्म हो चुके इन कानूनों में 156 वर्ष पुराना एडमिरल्टी कोर्ट एक्ट, 1861 और 127 वर्ष पुराना कोलोनियल कोर्ट्स आॅफ एडमिरल्टी एक्ट, 1890 हैं। इस बाबत बिल को राज्यसभा ने 24 अप्रैल को मंजूरी दी थी। लोकसभा ने इस बिल को 10 मार्च को ही पारित कर दिया था। औपनिवेशिक दौर के ए कानून तब प्रभाव में आए थे जब देश में केवल तीन ही प्रमुख बंदरगाह थे। ए बंदरगाह बंबई, कलकत्ता और मद्रास के थे। वर्तमान में भी न्यायिक क्षेत्र संबंधी विवादों का फैसला इन शहरों में स्थित उच्च न्यायालय ही कर सकते थे। राष्ट्रपति ने बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2017 को भी मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत मार्च 2015 तक नियुक्त 11 लाख शिक्षकों को अपनी नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता हासिल करने के लिहाज से अब 2019 तक का समय मिलेगा।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Aug 2017 06:49:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संघर्ष समिति की जीत, सभी मांगें मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[फैक्ट्री प्रबंधकों व संघर्ष समिति में बनी सहमति 108 दिन से निरंतर जारी था क्षेत्रवासियों का धरना 19 सूत्रीय मांगों पर प्रबंधकों ने किया हस्ताक्षर होशियारपुर (राजीव शर्मा)। होशियारपुर के गांव दौलोवाल में सेंचुरी प्लाईबोर्ड फैक्ट्री के खिलाफ संघर्ष समिति की ओर से 108 दिनों से जारी धरना फैक्ट्री प्रबंधन व संघर्ष समिति के बीच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/conflict-committee-wins-approves-all-demands/article-1629"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/problem-solv.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">फैक्ट्री प्रबंधकों व संघर्ष समिति में बनी सहमति</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>108 दिन से निरंतर जारी था क्षेत्रवासियों का धरना</strong></li>
<li><strong>19 सूत्रीय मांगों पर प्रबंधकों ने किया हस्ताक्षर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>होशियारपुर (राजीव शर्मा)।</strong> होशियारपुर के गांव दौलोवाल में सेंचुरी प्लाईबोर्ड फैक्ट्री के खिलाफ संघर्ष समिति की ओर से 108 दिनों से जारी धरना फैक्ट्री प्रबंधन व संघर्ष समिति के बीच 19 सूत्रीय मांगों पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद समाप्त हो गया। इसके बाद भी कुछ असंतुष्ट लोगों ने धरने को जारी रखने की कोशिश की जिन्हें प्रशासन की मदद से हटा दिया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नहीं होने देंगे नुक्सान, पौधरोपण भी करेंगे</h2>
<p style="text-align:justify;">रविवार को आयोजित सांझी प्रेस वार्ता में सेंचुरी प्लाईबोर्ड के एमडी प्रेम भजनका और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि एसडीएम जतिंदर जोरवर की उपस्थिति में संघर्ष समिति के नेता गुरदीप सिंह और फैक्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। भजनका ने संघर्ष समिति के नेताओं को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा व पर्यावरण को साफ रखने के लिए इलाके में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">यह मांगों हुई स्वीकार</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">समय-समय पर पानी के सैंपल लैबोरटरी से चैक करवाए जाएंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">5 किलोमीटर दायरे में  फैक्ट्री के कारण कोई बीमारी पैदा होती है तो उसकी पूरी भरपाई व इलाज फैक्ट्री मैनेजमेंट करेगी।</li>
<li style="text-align:justify;">दौलोवाल-न्याजियां रोड पर फैक्ट्री मैनेजमेंट अपनी जमीन में बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाया जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए टावरों से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई फैक्ट्री मैनेजमेंट करेगी।</li>
<li style="text-align:justify;">फैक्ट्री में केमिकल प्लांट कभी भी नहीं लगेगा।</li>
</ul>
<h2>बिजली होगी बहाल:</h2>
<p>इस दौरान गुरदीप सिंह ने बताया कि 19 सूत्रीय फार्मूले पर सहमति के बाद धरना व संघर्ष समाप्त कर दिया गया है। इस बीच पीएसपीसीएल द्वारा फैक्ट्री को बिजली सप्लाई भी बहाल कर दी गई।</p>
<p> </p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2017 01:17:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिसार के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर खतरे के बादल!</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (संदीप सिंहमार)। हिसार में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए एक तरफ जहां नगर निगम ने धान्सू रोड पर स्थित अपनी 23 एकड़ 4 कनाल भूमि को सरकार की तरफ से एकीकृत विमानन केन्द्र बनाने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम स्थानांतरित करने की तैयारी कर ली है। शनिवार को नगर-निगम हाऊस की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jawar-approves-construction-of-international-airport/article-1599"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/airport1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (संदीप सिंहमार)।</strong> हिसार में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए एक तरफ जहां नगर निगम ने धान्सू रोड पर स्थित अपनी 23 एकड़ 4 कनाल भूमि को सरकार की तरफ से एकीकृत विमानन केन्द्र बनाने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम स्थानांतरित करने की तैयारी कर ली है। शनिवार को नगर-निगम हाऊस की बैठक में पार्षदों ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने यूपी के जेवार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को दी मंजूरी</h2>
<p style="text-align:justify;">वहीं उत्तर प्रदेश के जेवार में केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण की मंजूरी दे दी है। जेवार के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मंजूरी मिलने के बाद अब हिसार में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए हिसार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की बात कही जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश के जेवार में मंजूरी मिलने के बाद भी केंद्र सरकार दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का बोझ कम करे का तर्क दे रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इधर नगर-निगम 23 एकड़ 4 कनाल जमीन हवाई अड्डे को देने के लिए तैयार</h2>
<p style="text-align:justify;">अब देखना ये होगा कि यूपी के जेवार के बाद हिसार में भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मंजूरी मिल पाती है या नहीं! हिसार में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाला, राज्यसभा सांसद डा. सुभाष चंद्रा व मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता पिछले दिनों इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मसवरा कर चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं पिछले करीब एक साल से यहां नागरिक उड्डयन मंत्रालय व केंद्र सरकार की अलग-अलग टीमें भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने को लेकर दौरे कर चुकी हैं। अब यूपी में हवाई अड्डे बनने की हरी झंडी मिलने से यह साफ हो चुका है कि केंद्र सरकार हरियाणा के हिसार की बजाय यूपी के जेवर को प्राथमिकता देना चाहती है। जिसे 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jun 2017 01:54:53 +0530</pubDate>
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                <title>जीएसटी परिषद ने बदलाव नियमों को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[सभी राज्य एक जुलाई से लागू करने पर सहमत नई दिल्ली। जीएसटी परिषद ने जीएसटी व्यवस्था के तहत रिटर्न भरने और बदलाव के दौर से गुजरने संबंधी तमाम नियमों सहित सभी लंबित नियमों को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सभी राज्य एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने पर सहमत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/gst-council-approves-to-change-rules/article-837"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst-3.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सभी राज्य एक जुलाई से लागू करने पर सहमत</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> जीएसटी परिषद ने जीएसटी व्यवस्था के तहत रिटर्न भरने और बदलाव के दौर से गुजरने संबंधी तमाम नियमों सहित सभी लंबित नियमों को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सभी राज्य एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने पर सहमत हो गए हैं। केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि नियमों पर चर्चा को पूरा कर लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी व्यवस्था में बदलाव के दौर से गुजरने संबंधी नियमों को मंजूरी दे दी गई है और सभी एक जुलाई से इसे लागू करने पर सहमत हो गए हैं। जीएसटी परिषद ने पिछले महीने 1,200 वस्तुओं और 500 सेवाओं को 5, 12, 18 और 28 फीसदी के कर ढांचे में फिट किया था। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता की जिसमें सोना, कपड़ा और जूते समेत छह चीजों की कर दरें तय करना था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक जुलाई से जीएसटी लागू करने पर सभी राज्यों के सहमत होने संंबंधी इसाक का बयान काफी अहम है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि उनका राज्य नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को उसके वर्तमान स्वरूप में लागू नहीं करेगा। हालांकि पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा भी बैठक में शामिल हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कंपनियां जीएसटी से पहले कर सकती हैं क्रेडिट का दावा</h3>
<p style="text-align:justify;">परिषद द्वारा मंजूर बदलाव नियमों के सदंर्भ में उद्योग जगत जीएसटी व्यवस्था में मिलने वाले संभावित क्रेडिट के प्रावधानों मेंं कुछ प्रावधानों की मांग कर रहा था। जीएसटी के बदलाव संबंधी मसौदा विधान में व्यवस्था है कि जीएसटी लागू होने से पहले कंपनी द्वारा अपने बकाए स्टॉक पर भुगतान किए गए केन्द्रीय उत्पाद शुल्क पर 40 प्रतिशत के लिए केन्द्रीय जीएसटी क्रेडिट का दावा कर सकती हैं। कई डीलर चीजें खरीदकर उसका भंडार जमा करने के बजाय देखो और इंतजार करों की नीति पर चल रहे हैं। वे क्रेडिट सीमा बढ़ाने को लेकर सरकार के साथ लॉबिंग कर चुके हैं।</p>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 07:05:31 +0530</pubDate>
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