<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/coal/tag-17953" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Coal - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/17953/rss</link>
                <description>Coal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कोयला संकट</title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में बिजली संकट गहराने की खबरें चिंता का कारण हैं। बिजली संकट का एक कारण कोयले की कमी बताया जा रहा है, लेकिन केंद्रीय कोयला मंत्री की मानें तो देश में पर्याप्त कोयला मौजूद है। यदि वास्तव में ऐसा है तो फिर कुछ राज्यों में बिजली कटौती […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/power-supply-effect-due-to-coal-crisis/article-32897"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/lack-of-coal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बढ़ती गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में बिजली संकट गहराने की खबरें चिंता का कारण हैं। बिजली संकट का एक कारण कोयले की कमी बताया जा रहा है, लेकिन केंद्रीय कोयला मंत्री की मानें तो देश में पर्याप्त कोयला मौजूद है। यदि वास्तव में ऐसा है तो फिर कुछ राज्यों में बिजली कटौती की शिकायतें क्यों आ रही हैं? प्रश्न यह भी है कि यदि कोयले से संचालित बिजलीघर उसकी कमी का सामना नहीं कर रहे हैं तो फिर रेलवे को कोयले की ढुलाई के लिए विशेष व्यवस्था क्यों करनी पड़ रही है? दिल्ली में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि विभिन्न अस्पतालों और मेट्रो तक पर असर पड़ने की आशंका जताई जाने लगी है। कई राज्यों में इंडस्ट्री से बाकायदा बिजली की खपत कम करने को कहा गया है। कोरोना और यूक्रेन युद्ध के झटकों के बावजूद खड़ी हो रही इकॉनमी के सामने यह एक और बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज भी देश में करीब 70 फीसदी बिजली उत्पादन कोयले की मदद से ही होता है और देश के पावर प्लांटों में कोयले की उपलब्धता का यह हाल है कि इस महीने की शुरूआत के मुकाबले भी इसमें 17 फीसदी की कमी आ गई है। यह आवश्यक स्तर का बमुश्किल एक तिहाई है। लेकिन यह तो संकट का सिर्फ एक पहलू है। सप्लाई में कमी के साथ ही जो चीज इस संकट को ज्यादा गंभीर बना रही है वह है मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी। गर्मी ने इस बार न केवल समय से पहले दस्तक दे दी बल्कि इसकी तीव्रता भी काफी बढ़ी हुई है। इस साल मार्च में देश का औसत तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1901 में जब से रिकॉर्ड रखना शुरू किया गया तब से लेकर अब तक का अधिकतम तापमान है। अभी भी देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचा हुआ है। यानी आम तौर पर गर्मी की जो स्थिति मई में बनती है, वह अप्रैल में बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे देश में बिजली की बढ़ी हुई मांग को समझने के लिए यह एक मिसाल ही काफी है। भारत में भीषण गरमी के चलते छह साल से अधिक समय में सबसे विकट बिजली की कमी देखी जा रही है। चूंकि भारत में विद्युत उत्पादन ज्यादातर कोयला आधारित ऊर्जा संयंत्रों में होता है, इसलिए कोयले की मांग बहुत बढ़ गई है। कोयले का भंडार कम से कम नौ वर्षों में सबसे कम पूर्व-ग्रीष्मकालीन स्तर पर है। समस्या के बढ़ने से पहले ही समाधान सुनिश्चित कर लेना चाहिए। गौर करने की बात है कि कोयले की आपूर्ति अबाध करने के लिए अनेक ट्रेनों के संचालन को रोका गया है। इसका मतलब केंद्र सरकार गंभीर है। इसमें कोई शक नहीं, कोयले के अभाव की वजह से संकट खड़ा हुआ, तो केंद्र सरकार को ही आलोचना झेलनी पड़ेगी। बिजली क्षेत्र की जरूरतों को युद्ध स्तर पर पूरा करना चाहिए और लोगों की भी जिम्मेवारी बनती है कि वो बिजली खपत घटाएं। बिजली सबको चाहिए, तो इसके लिए सबको सोचना भी पड़ेगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/power-supply-effect-due-to-coal-crisis/article-32897</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/power-supply-effect-due-to-coal-crisis/article-32897</guid>
                <pubDate>Mon, 02 May 2022 09:30:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-05/lack-of-coal.jpg"                         length="27196"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला भंडार की कमी को लेकर राहुल का सरकार पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिर्फ आठ दिन का कोयला भंडार बचे (Lack of Coal Reserves) होने की खबर पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए बुधवार को कहा कि उसे नफरत फैलाने की बजाय देश के लोगों को बराबर रोशनी देने की व्यवस्था करनी चाहिए। गांधी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rahul-attacks-government-over-lack-of-coal-reserves/article-32542"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिर्फ आठ दिन का कोयला भंडार बचे (Lack of Coal Reserves) होने की खबर पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए बुधवार को कहा कि उसे नफरत फैलाने की बजाय देश के लोगों को बराबर रोशनी देने की व्यवस्था करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">गांधी ने कहा कि महंगाई के दौर में लोगों को बिजली नहीं मिलेगी तो रोजगार का बड़ा अवसर उपलब्ध कराने वाले छोटे उद्योग बंद हो जाएंगे और युवाओं के समक्ष रोजगार का बड़ा संकट पैदा हो जाएगा, इसलिए नफरत और घृणा की बजाय देश के लोगों को सहूलियत देने पर ध्यान देना चाहिए। गांधी ने ट्वीट कर कहा, “आठ साल की बड़ी-बड़ी बातों का परिणाम देखिए कि देश के पास केवल आठ दिन का कोयला भंडार (Lack of Coal Reserves) शेष है।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी, महंगाई का दौर चल रहा है। बिजली कटौती से छोटे उद्योग धराशायी हो जाएंगे। इन छोटे उद्योगों के खत्म होने से लोगों के समक्ष नौकरियों का और बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। नफरत के बुलडोजर बंद करो और बिजली संयंत्रों को चालू कर दो।”</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/rahul-attacks-government-over-lack-of-coal-reserves/article-32542</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/rahul-attacks-government-over-lack-of-coal-reserves/article-32542</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 11:37:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-04/rahul-gandhi.jpg"                         length="14151"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पॉवरकॉम देने लगा बिजली-पानी बचत की दुहाई, मानी कोयले की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[कोयले की कमी बन रही बड़ी परेशानी सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर, पटियाला। धान के सीजन में अभी सवा महीने से अधिक का समय है, परन्तु पॉवरकॉम अपने बिजली प्रबंधों को पूरा करने की जगह लोगों को बिजली बचत करने की दलीलें देने लगा है। कोयले की कमी (Lack of Coal) पॉवरकॉम के लिए सब से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/powercom-started-calling-for-electricity-water-savings-admitted-the-lack-of-coal/article-32535"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/lack-of-coal.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>कोयले की कमी बन रही बड़ी परेशानी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर, पटियाला।</strong> धान के सीजन में अभी सवा महीने से अधिक का समय है, परन्तु पॉवरकॉम अपने बिजली प्रबंधों को पूरा करने की जगह लोगों को बिजली बचत करने की दलीलें देने लगा है। कोयले की कमी (Lack of Coal) पॉवरकॉम के लिए सब से बड़ी मुसीबत बनी हुई है और थर्मल प्लांटों में कोयले के भंडारों में बड़ी कमी पाई जा रही है। वैसे आज पॉवरकॉम की तरफ से अलग-अलग फसलों और सब्जियों के लिए बिजली सप्लाई का शैड्यूल तय किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार राज्य में बढ़ रही गर्मी कारण बिजली की मांग में बड़ा विस्तार हो रहा है। कोयले की कमी के कारण गोइन्दवाल साहब थर्मल प्लांट का अभी तक कोई भी यूनिट बिजली उत्पादन पैदा नहीं कर रहा। यहां तक कि तलवंडी साबों थर्मल प्लांट का बंद हुआ 2नंबर यूनिट भी चालू नहीं हुआ है। पॉवरकॉम की तरफ से कोयले की बचत के लिए अपने सरकारी थर्मलों के यूूनिट भी कम मात्रा पर ही चलाए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोयले की पैदा हुई कमी (Lack of Coal) थर्मल प्लांटों में सुधरने का नाम नहीं ले रही, जो कि जून -जुलाई महीने में पंजाबियों को बड़े बिजली संकट की तरफ धकेल सकती है। पॉवरकॉम की तरफ से आज खुद कोयले की कमी को मान लिया गया है और बिजली सहित पानी की बचत के लिए किसानों और आम वर्गों से अपील की गई है। पॉवरकॉम के एक अधिकारी ने कहा है कि पंजाब में भूमिगत पानी का स्तर बहुत तेजी से नीचे जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए पॉवरकॉम किसानों को फसलों की काश्त के लिए का सभ्य प्रयोग करें और धान के सीजन की शुरूआत से पहले खाली खेतों को पानी देने से बचने की अपील करता है। तेज गर्मी के कारण पंजाब में बिजली की मांग कई गुणा बढ़ गई है और देशभर में कोयले की किल्लत के हालात को देखते हुए पॉवरकॉम अपने सभी खपतकारों को बिजली की अधिक से अधिक बचत करने के लिए गुहार लगाता है, ताकि आने वाले धान के सीजन में प्रयोग के लिए कोयले का काफी भंडार बनाया जा सके।</p>
<h4 style="text-align:justify;">थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर कोयले की बात की जाये तो पॉवरकॉम की 17 अप्रैल की रिपोर्ट अनुसार लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट के पास 6.8 दिन का कोयला, रोपड़ थर्मल प्लांट के पास 11 दिन का कोयला, तलवंडी साबों थर्मल प्लांट के पास 4 दिन का कोयला, राजपुरा थर्मल प्लांट के पास 21 दिन का कोयला है। राजपुरा थर्मल प्लांट ही एक ऐसा पलांट है, जो कि अपने थर्मल प्लांट में कोयले के भंडार जमा कर रहा है। बड़ी बात यह भी है कि राजपुरा थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के साथ चल रहा है। उल्लेखनीय है कि बिजली मंत्री सहित पॉवरकॉम के आधिकारियों की तरफ केंद्र सरकार के साथ कोयले की सप्लाई में सुधार के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोयले की कमी के चलते पॉवरकॉम की तरफ से फसलों को लेकर जारी किया गया यह शैड्यूल</p>
<h4 style="text-align:justify;">फसल शैड्यूल</h4>
<p style="text-align:justify;">कपास क्षेत्र फीडर प्रतिदिन 8 घंटे</p>
<p style="text-align:justify;">गन्ना /लीची /सूरजमुखी/बागबानी</p>
<p style="text-align:justify;">बाकी बची फसलें प्रतिदिन 4 घंटे / विकल्प 8 घंटे</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/powercom-started-calling-for-electricity-water-savings-admitted-the-lack-of-coal/article-32535</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/powercom-started-calling-for-electricity-water-savings-admitted-the-lack-of-coal/article-32535</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 10:16:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-04/lack-of-coal.jpg"                         length="23169"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयले की कमी से लड़खड़ा सकती है विद्युत आपूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। देश के ताप बिजलीघरों में कोयले की किल्लत के बीच घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहरा सकता है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में जरूरत की तुलना में एक चौथाई कोयले का स्टाक बचा है। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में भीषण गर्मी के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/power-supply-may-falter-due-to-shortage-of-coal/article-32486"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/coal-mines.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> देश के ताप बिजलीघरों में कोयले की किल्लत के बीच घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहरा सकता है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में जरूरत की तुलना में एक चौथाई कोयले का स्टाक बचा है। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 38 वर्षों में अप्रैल के महीने में इस वर्ष बिजली की मांग सबसे अधिक रही। कोयला संकट के चलते जहां अक्टूबर के महीने में 1.1 प्रतिशत बिजली की कमी थी, वहीं अप्रैल के पहले पखवाड़े में यह कमी 1.4 फीसदी थी। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड, हरियाणा में तीन से 8.7 प्रतिशत तक बिजली की कटौती हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आॅल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी बिजली की मांग 21000 मेगावॉट तक पहुंच गई है और आपूर्ति 19000 से 20000 मेगावाट के आसपास है। कोयला संकट के लिए केंद्रीय विद्युत मंत्री आर के सिंह ने रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते आयातित कोयले के दामों में भारी बढ़ोत्तरी के साथ-साथ बिजली घरों तक कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे के वैगनो की पर्याप्त उपलब्धता न होने को भी जिम्मेदार ठहराया है। देश के ताप बिजली घरों तक कोयला आपूर्ति करने के लिए 453 रेक की जरूरत है, जबकि अप्रैल के पहले सप्ताह में मात्र 379 रेक उपलब्ध थी । अब यह संख्या बढ़कर 415 हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सरकारी क्षेत्र के उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में यद्यपि अभी कोयले का गंभीर संकट नहीं है, मगर स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार स्टॉक में जितना कोयला होना चाहिए, उसका मात्र 26 प्रतिशत कोयला बचा है। इसे देखते हुए आने वाले समय में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ेगी और इसके लिये कोयले की मांग भी बढ़ेगी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।2630 मेगावाट क्षमता की अनपरा ताप बिजली परियोजना कोयला खदान के मुहाने पर है। यहां सामान्यतया 17 दिन का कोयला होना चाहिए । अन्य परियोजनाएं 1265 मेगावॉट की हरदुआगंज, 1094 मेगावॉट की ओबरा और 1140 मेगावॉट की परीछा चूँकि कोयला खदान के मुहाने पर नहीं है अत: स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार यहां 26 दिन का कोयला स्टॉक में होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">रिकॉर्ड के अनुसार अनपरा में 5 लाख 96 हजार 700 टन कोयला स्टॉक में होना चाहिए जबकि इस समय 328100 टन कोयला ही है। इसी प्रकार हरदुआगंज में स्टॉक में 497000 टन कोयला होना चाहिए किंतु केवल 65700 टन कोयला है, ओबरा में चार लाख 45 हजार 800 टन कोयला होना चाहिए जबकि मात्र एक लाख 500 टन कोयला है। पारीछा में 4 लाख 30 हजार 800 टन कोयला होना चाहिए जबकि मात्र 12900 टन कोयला ही है।चारों पर ताप बिजली परियोजनाओं पर लगभग 19 लाख 69 हजार 800 टन कोयला के विपरीत मात्र 5 लाख 11 हजार 700 टन कोयला स्टाक में है जो स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार मात्र 26 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कोयले की खपत के हिसाब से देखें तो अनपरा में 40000 मीट्रिक टन कोयले की प्रतिदिन खपत होती है और उपलब्ध मात्र 29000 मीट्रिक टन कोयला है, हरदुआगंज में 17000 मीट्रिक टन की तुलना में 15000 मीट्रिक टन, ओबरा में 12000 मीट्रिक टन की तुलना में 11,000 मीट्रिक टन और परीक्षा में 11,000 मीट्रिक टन की तुलना मे मात्र 4000 मीट्रिक टन कोयला शेष बचा है। पारीछा में 910 मेगावाट का उत्पादन होता है और केवल 1 दिन का कोयला बचा है ऐसे में उत्पादन घटा कर 500 मेगावाट कर दिया गया।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/power-supply-may-falter-due-to-shortage-of-coal/article-32486</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/power-supply-may-falter-due-to-shortage-of-coal/article-32486</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 14:48:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-04/coal-mines.jpg"                         length="28736"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा के सभी थर्मल पावर स्टेशन में कोयले का स्टॉक पर्याप्त: रंजीत सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सभी थर्मल पावर स्टेशन में वर्तमान में कोयले का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिकता के तहत लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार सभी क्ष़ेत्रों में बिजली की पर्याप्त सप्लाई करना सुनिश्चित किया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सभी थर्मल पावर स्टेशन में वर्तमान में कोयले का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिकता के तहत लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार सभी क्ष़ेत्रों में बिजली की पर्याप्त सप्लाई करना सुनिश्चित किया है। सिंह आज विधानसभा में एक सदस्य के बिजली संयंत्रों में कोयले के स्टाक तथा बिजली की स्थिति के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेश के सभी थर्मल पावर स्टेशन में उपलब्ध कोयले के स्टॉक के बारे में सदन को जानकारी देते हुए कहा कि इस समय पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में एक लाख चार हजार टन, दीन बंधु छोटूराम थर्मल पावर प्रोजेक्ट यमुनानगर में 2 लाख 12 हजार टन, खेदड़ हिसार में स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्रोजेक्ट में 3 लाख 90 हजार टन, इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट एनटीपीसी झज्जर में 2 लाख 27 हजार टन और महात्मा गांधी सुपर थर्मल पावर स्टेशन जेपीएल झज्जर में 89 टन कोयले का स्टॉक उपलब्ध है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लोगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलती रहे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उनके अनुसार प्रदेश में बिजली की मांग के अनुसार बिजली की खरीद की जाती है ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलती रहे। सिंह ने नहरों की गाद निकालने की समय सीमा के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि रबी व खरीफ सीजन की फसलों की बुआई से पहले हर साल दो बार नहरों की गाद निकालकर उनकी सफाई की जाती है। राज्य में दोनों सीजन में नहरों की सफाई करवाई जाती है। एक अन्य सदस्य के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नूंह जिला के पुन्हाना विधानसभा निर्वाचन क्ष़ेत्र के गांव बाढा में पंप हाउस का निर्माण कार्य 30 जून 2022 तक पूरा करवा लिया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश में वर्तमान में 24,867 विद्यालय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने सदन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 24,867 विद्यालय हैं, जिनमें से 14,473 सरकारी और 10,394 निजी विद्यालय हैं। इनमें 137 संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं। इस समय प्रदेश के स्कूलों में कुल 53,68,539 विद्यार्थी हैं। इनमें से सरकारी स्कूलों में 25,30,868 जबकि निजी स्कूलों में 28,37,671 विद्यार्थी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के स्कूलों में प्रधानार्य से लेकर क्लास-4 तक के 1,37,895 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 96,535 पद भरे हुए हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sufficient-stock-of-coal-in-all-thermal-power-stations-of-haryana-ranjit-singh/article-29319</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sufficient-stock-of-coal-in-all-thermal-power-stations-of-haryana-ranjit-singh/article-29319</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Dec 2021 15:39:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयले की कमी से अंधेरे में न डूब जाए देश!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। देश में कोयले की भारी किल्लत चल रही है। इसकी कमी के चलते देश को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। बिजली उत्पादन वाले केन्द्रों पर कोयले की मात्रा बहुत की कम बची बताई जा रही है। गौरतलब है कि कोयले की वजह से बिजली संकट केवल भारत ही नहीं बल्कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में कोयले की भारी किल्लत चल रही है। इसकी कमी के चलते देश को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। बिजली उत्पादन वाले केन्द्रों पर कोयले की मात्रा बहुत की कम बची बताई जा रही है। गौरतलब है कि कोयले की वजह से बिजली संकट केवल भारत ही नहीं बल्कि चीन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। भारत की ही बात करें तो यहां 70 प्रतिशत बिजली का उत्पादन कोयले से किया जाता है। एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेता कहते हैं कि देश में कोयला कम नहीं बल्कि कोयले का खनन कम होने की वजह से ये मुश्किल आई है। वहीं बारिश भी कोयला खनन में बड़ी विलेन बनी हुई है। इसके अलावा खनन की तकनीक का पुराना होना भी बड़ी समस्या बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">तनेता कहते हैं कि देश की खदानों से निकलने वाला कोयला उच्च स्तर का नहीं होता है, जिसकी वजह से हमें कुछ कोयला बाहर से आयात भी करना होता है। उनके मुताबिक कोयले के प्रबंधन से इस समस्या से बचा जा सकता है। उनके मुताबिक देश के कुछ बिजली उत्पादित केन्द्र ऐसे हैं, जहां पर 3-5 दिन का ही स्टाक बचा है। बता दें कि देश के करीब 135 थर्मल प्लांट्स में से करीब 100 ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां पर कोयले का स्टाक अब काफी कम है। देश के 13 प्लांट्स में करीब दो सप्ताह का स्टाक बचा हुआ है। ऐसे में कोयले की कमी से देश में बिजली संकट पैदा हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार भारत में दिसंबर 2020 में 103.66 बिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ था। हालांकि, मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक इस वर्ष जुलाई में कोयले का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 19.33 फीसद तक बढ़ा है। पिछले वर्ष जहां 45.55 मैट्रिक टन उत्पादन था, वहीं जुलाई 2021 में ये बढ़कर 54.36 मैट्रिक टन पहुंच गया है। देश के ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक बिजली की कुल खपत में 2019 से 2021 में करीब 2000 करोड़ यूनिट प्रतिमाह तक इजाफा दर्ज किया गया है।</p>
<p> </p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/lack-of-coal-in-india/article-27462</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/lack-of-coal-in-india/article-27462</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 10:52:37 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला आधारित अति उच्च ताप विद्युत संयंत्र के लिए देश में ही बनेंगे रोटर</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों के लिए जल्द ही स्वदेशी ‘सुपर अलॉय स्टीम टर्बाइन रोटर’ का निर्माण शुरू हो सकेगा जो 700 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान से अधिक तापमान पर भी पूरी दक्षता के साथ काम कर सकते हैं। अति उच्च ताप विद्युत संयंत्रों में उत्पादन के दौरान तापमान 700 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rotor-to-be-built-indigenously-for-coal-based-ultra-high-thermal-power-plant/article-18325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/one-unit-of-thermal-power-plant-collapsed.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों के लिए जल्द ही स्वदेशी ‘सुपर अलॉय स्टीम टर्बाइन रोटर’ का निर्माण शुरू हो सकेगा जो 700 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान से अधिक तापमान पर भी पूरी दक्षता के साथ काम कर सकते हैं। अति उच्च ताप विद्युत संयंत्रों में उत्पादन के दौरान तापमान 700 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक चला जाता है। उन्हें एंडवांस अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल संयंत्र कहते हैं। ऐसे भारतीय संयंत्रों के संगठन ‘एंडवांस अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल (एयूएससी) कंसोर्टियम ने इन संयंत्रों के रोटर बनाने में इस्तेमाल के लिए निकेल आधारित मिश्रधातु 617एम का चयन किया है जो देश में आसानी से उपलब्ध भी हो सकेगा, लेकिन इन रोटर के परीक्षण की सुविधा नहीं होने के कारण इनके प्रमाणन में बाधा आ रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की मदद से इन रोटरों के परीक्षण की सुविधा तैयार करने की जिम्मेदारी ली है। भेल के पास कई ताप विद्युत संयंत्रों के सफल निर्माण का अनुभव है। यह ‘हाई टेम्परेचर स्पिन टेस्ट रिग’ हैदराबाद में बनाया जायेगा। यहाँ अति उच्च तापमान और दबाव के कारण 617एम मिश्रधातु से बने रोटर पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जायेगा। यह देखा जायेगा कि रोटर कितने समय तक यह दबाव सहन कर सकता है। डीएसटी ने बताया कि इस परीक्षण केंद्र में नौ हजार किलोग्राम वजन तक के रोटर का प्रदर्शन 800 डिग्री सेल्सियस तापमान और प्रति मिनट 3,600 घूर्णन पर आँका जायेगा। साथ ही लंबे समय तक लगातार काम करते रहने की इनकी दक्षता का भी आकलन किया जायेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rotor-to-be-built-indigenously-for-coal-based-ultra-high-thermal-power-plant/article-18325</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rotor-to-be-built-indigenously-for-coal-based-ultra-high-thermal-power-plant/article-18325</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Sep 2020 10:27:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/one-unit-of-thermal-power-plant-collapsed.jpg"                         length="19858"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        