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                <title>MSP - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>MSP: एमएसपी तय करने की मांग वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें सरकार को उचित तरीके से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने के लिए निर्देश देने की मांग की गयी है। महाराष्ट्र के किसान प्रकाश गोपालराव पोहरे, पुरुषोत्तम गावड़े और विशाल ओमप्रकाश रावत द्वारा संविधान के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-supreme-court-issued-a-notice-to-the-central-government-on-a-petition-seeking-fixation-of-msp/article-83417"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/new-delhi-1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें सरकार को उचित तरीके से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने के लिए निर्देश देने की मांग की गयी है। महाराष्ट्र के किसान प्रकाश गोपालराव पोहरे, पुरुषोत्तम गावड़े और विशाल ओमप्रकाश रावत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस याचिका में मांग की गई है कि फसलों पर एमएसपी उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक होना चाहिए। इसे तय करते समय संबंधित राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तावित खेती की वास्तविक लागत (सी2) को प्रभावी महत्व देना चाहिए। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने इन दलीलों पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने तर्क दिया कि यह मुद्दा देश भर के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की कमी के कारण बड़ी संख्या में किसानों नेआत्महत्याएं की हैं। भूषण ने कहा कि एमएसपी अक्सर खेती की व्यापक लागत से भी कम दर पर तय किया जाता है और एमएसपी पर खरीद केवल गेहूं और चावल जैसी फसलों के लिए ही महत्वपूर्ण है, जिससे अन्य फसलें उगाने वाले किसान अत्यधिक संकट में हैं। याचिकाकतार्ओं ने कहा कि वर्तमान एमएसपी पद्धति मुख्य रूप से ए2 एफएल (लागत और पारिवारिक श्रम) पर आधारित है, जबकि इसमें भूमि की लागत और कार्यशील पूंजी पर ब्याज को छोड़ दिया जाता है। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जिला स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन" href="https://www.sachkahoon.com/successful-organization-of-district-level-kickboxing-competition/">जिला स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:54:11 +0530</pubDate>
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                <title>Union Cabinet: किसानों को लेकर केन्द्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Union Cabinet: केंद्र की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2025 सीजन के लिए नारियल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है। किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2026 सीजन के लिए नारियल गिरी मिलिंग ग्रेड का एमएसपी 12027 /- प्रति क्विंटल और नारियल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-central-government-took-a-decision-regarding-farmers/article-79130"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/union-cabinet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Union Cabinet: केंद्र की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2025 सीजन के लिए नारियल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है। किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2026 सीजन के लिए नारियल गिरी मिलिंग ग्रेड का एमएसपी 12027 /- प्रति क्विंटल और नारियल गोला का एमएसपी 12500 /- प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। Union Cabinet</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ा हुआ एमएसपी न केवल नारियल किसानों को बेहतर लाभकारी रिटर्न सुनिश्चित करेगा बल्कि किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। गौरतलब है कि मिलिंग वाले नारियल (मिलिंग कोपरा) में नमी की मात्रा थोड़ी अधिक होती है और इसका उपयोग मुख्य रूप से फैक्ट्रियों में तेल निकालने के लिए होता है। नारियल गोला (बॉल कोपरा) में नमी बहुत कम होती है जो इसकी उच्च गुणवत्ता के कारण इसे लंबे तक खाने के योग्य बनाता है। बॉल कोपरा अक्सर खाने और पूजा के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि मिलिंग कोपरा अनियमित आकार का होता है और व्यावसायिक तेल उत्पादन के लिए पसंदीदा है। Union Cabinet</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-central-government-took-a-decision-regarding-farmers/article-79130</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 17:39:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Sugarcane: गन्ना का एमएसपी बढ़ाने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[मंडियों में खरीद प्रणाली से किसान खुश चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Sugarcane MSP: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर किसान हित में कार्य कर रही है। चाहे किसानों के गन्ने का एमएसपी बढ़ाने की बात हो या धान एवं गेहूं आदि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/farmers-express-gratitude-to-the-chief-minister-for-increasing-the-msp-of-sugarcane/article-77229"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/chandigarh-news-9.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मंडियों में खरीद प्रणाली से किसान खुश</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Sugarcane MSP: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर किसान हित में कार्य कर रही है। चाहे किसानों के गन्ने का एमएसपी बढ़ाने की बात हो या धान एवं गेहूं आदि फसलों की एमएसपी पर खरीद हो, हर कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसानों से बात कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">आज कुरुक्षेत्र, यमुनानगर समेत कई क्षेत्रों से अनेक किसान दीपावली के अवसर पर गन्ने का एमएसपी बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद करने आए थे। गन्ने का एमएसपी बढ़ाने से गदगद हुए किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि दीपावली के अवसर पर बिना मांगे एमएसपी बढ़ाना किसानों के लिए सबसे बड़ा तोहफा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">15 रुपए का इजाफा | Chandigarh News</h3>
<p style="text-align:justify;">नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने अगेती किस्म के गन्ने का रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल तथा पछेती किस्म का रेट 393 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 408 रुपये प्रति क्विंटल करके किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का यह निर्णय न केवल किसानों के हित में है बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य देकर हम उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">24 फसलों को एमएसपी पर खरीद रहा हरियाणा: सीएम</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। यही नहीं, 48 घंटे के अंदर किसानों को उनकी फसलों का भुगतान कर दिया जाता है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल की मदद से पिछले 11 सीजन में डीबीटी के माध्यम से 12 लाख किसानों के खातों में एक लाख 58 हजार करोड़ रुपए की फसल खरीद की राशि डाली गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पहला राज्य है जिसने भावान्तर भरपाई योजना अपनाई है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के अंतर्गत 21 फलों, सब्जियों व मसालों को कवर करके 29,864 किसानों को 135.37 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डाली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेज बारिश या अन्य आपदा में खराब हुई फसलों की मुआवजा राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपए प्रति एकड़ किया गया है। इसके अतिरिक्त , प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 33 लाख किसानों को 9626 करोड़ रुपए के क्लेम वितरित किए जा चुके हैं। पिछले 11 सालों मे प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए किसानों को 15627 करोड़ रुपये की राशि का मुआवजा दिया जा चुका है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Rabies Infected: रेबीज संक्रमित पशुओं का उपचार ना होने के विरोध में भिवानी में गोरक्षक फिर बैठे धरने पर" href="http://10.0.0.122:1245/cow-vigilantes-stage-protest-in-bhiwani-against-lack-of-treatment-for-rabies-infected-animals/">Rabies Infected: रेबीज संक्रमित पशुओं का उपचार ना होने के विरोध में भिवानी में गोरक्षक फिर बैठे धरने पर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 17:52:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: सरकार ने किसानों को दी राहत, धान पर बढ़ाई एमएसपी, इस दिन से शुरू होगी धान की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-government-has-given-relief-to-farmers-by-increasing-the-msp-on-paddy/article-75922"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/need-to-clarify-the-situation-on-msp.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)</strong>। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष खरीफ विपणन सीजन के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए और ग्रेड-ए धान का 2389 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल की दर से 69 रुपए अधिक है। इससे राज्य के किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद में देरी से किसानों में नाराजगी | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि खरीद प्रक्रिया में देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करनाल और कैथल जैसे प्रमुख मंडियों में किसान धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब फसल मंडियों में पहुंचने लगी है तो खरीद समय से शुरू होनी चाहिए। खेत से मंडी तक पहुंची फसल रखने की दिक्कत और बढ़ते खर्च से किसान परेशान हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीएम की दिल्ली बैठक से उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तीन दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बैठक में खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन, परिवहन व्यवस्था और एफसीआई से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अब यह संभावना मजबूत हो गई है कि 23 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">84 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड आवक का अनुमान</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार इस साल धान की रिकॉर्ड आवक मानकर चल रही है। अनुमान है कि करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचेगा। इसके सुचारू उठान और भंडारण के लिए सरकार ने नई रणनीति बनाई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई मिलिंग पॉलिसी लागू</h3>
<p style="text-align:justify;">खरीद सीजन से पहले राज्य सरकार 2025-26 की नई मिलिंग पॉलिसी को मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत अब राइस मिलरों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य मंडियों से धान के शीघ्र उठान और मिलों तक पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को भुगतान और धान निकासी में दिक्कत न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों की नजर 23 सितंबर पर | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि अगर सरकार तय तिथि से खरीद शुरू कर देती है तो इससे उनकी बड़ी राहत होगी। फिलहाल उनकी चिंता मंडियों में पड़े धान और उसके संरक्षण को लेकर है। सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि खरीफ सीजन की भारी आवक के बीच न सिर्फ खरीद तेजी से हो, बल्कि भुगतान भी समय पर किसानों तक पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">धान खरीद सीजन 2025-26 को लेकर हरियाणा सरकार ने नई मिलिंग पॉलिसी लागू कर दी है। यह नीति न सिर्फ किसानों के लिए राहतकारी कदम मानी जा रही है, बल्कि सरकार की खरीद और भंडारण व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई नीति की मुख्य बातें</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>समय सीमा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक प्रस्तावित है। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र से पूर्व अनुमति मांगी थी और अब 22 या 23 सितंबर से खरीद शुरू होने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मिलिंग व्यवस्था</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि ठेकेदार समय पर धान का उठान नहीं करता है, तो राइस मिलर सीधे मंडियों से धान उठा सकेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खर्च वहन करेगी सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;">इस स्थिति में जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, उसका भुगतान हरियाणा सरकार करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">CMR मूल्य</h3>
<p style="text-align:justify;">कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की कीमतें अभी तय नहीं हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि यह दरें केंद्र सरकार से मिलने के बाद घोषित की जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनुमानित आवक और खरीद का ब्योरा | MSP</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस बार हरियाणा की मंडियों में करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान आने का अनुमान है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसमें से 54 लाख मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में लगभग 36 लाख मीट्रिक टन CMR का योगदान देंगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों और मंडियों पर असर</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उठान में देरी होने पर जिम्मेदारी अब सीधे मिलरों पर भी डाली जाएगी, जिससे मंडियों में धान अटकने की स्थिति कम हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा खर्च वहन करने की घोषणा से खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और मंडियों का दबाव घटेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि CMR कीमतें तय न होने से मिलरों और खरीद एजेंसियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">चुनौतियां और सवाल</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">समय पर खरीद और उठान सुनिश्चित करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि धान की आवक करीब 84 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है।</li>
<li style="text-align:justify;">भंडारण और परिवहन की जटिल समस्या से निपटने में किस हद तक नई नीति कारगर होगी, यह देखना बाकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">CMR की कीमतें तय न होने से मिलरों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि 22-23 सितंबर से वाकई खरीद शुरू होती है या उन्हें अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा।</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 14:26:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरसों पर एमएसपी नहीं दे रही सरकार: हुड्डा</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सरकार किसानों को सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दे रही है। हुड्डा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि उनके पास बाकायदा किसानों ने सरसों खरीद की रसीद भेजकर अपना दुखड़ा सुनाया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bhupinder-singh-hooda-said-the-government-is-not-giving-msp-on-mustard/article-68654"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/chandigarh-news-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सरकार किसानों को सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दे रही है। हुड्डा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि उनके पास बाकायदा किसानों ने सरसों खरीद की रसीद भेजकर अपना दुखड़ा सुनाया है। सरसों की एमएसपी 5960 रुपये है, लेकिन मंडी में खरीद 5400 रुपये में की जा रही है यानी किसानों को लगभग 500 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा हो रहा है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछली बार धान की खरीद भी एमएसपी से कम रेट पर की गई और इस बार सरसों की खरीद में भी किसानों को लूटने का खेल शुरू हो गया है जबकि भाजपा ने चुनाव से पहले किसानों को धान और गेहूं जैसी फसलों पर एमएसपी से भी ज्यादा रेट देने का वादा किया था। हुड्डा ने कहा कि धान की फसल पर भाजपा ने 3100 रुपये कि दर का वादा किया था लेकिन सरकार ने यह वादा भी नहीं निभाया और ना ही हाल में पेश बजट में ऐसा कोई प्रावधान रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">काँग्रेस नेता ने कहा कि खुद सरकार द्वारा पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार ने किसी भी फसल की खरीद एमएसपी पर नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मात्र 61 प्रतिशत सरसों, 55 फीसदी गेहूं, 25 प्रतिशत मूंग, 18 फीसदी जो, 9 प्रतिशत कपास, सिर्फ 29 और 23 फीसदी बाजार व मक्खी की एमएसपी पर खरीद की है। सूरजमुखी की भी सिर्फ 5 प्रतिशत खरीद एमएसपी पर हुई है। यानी सरकारी दस्तावेज बता रहे हैं कि यह सरकार ज्यादातर किसानों को ज्यादातर फसलों पर एमएसपी नहीं दे रही है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा का कड़वा सच भी आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में स्पष्ट नजर आ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने अब तक लगभग 62 फीसदी यानी 588 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को नहीं दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा किसानों के धरने को बलपूर्वक खत्म करवाने को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को अनसुना करना और दिल्ली जाने से रोकना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को उनकी मांगें मानते हुए एमएसपी की गारंटी देनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 17:16:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>MSP: 14 फसलों का एमएसपी मंजूर, किसानों के हित में केंद्र सरकार ने लिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। Farmers News: मोदी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 14 फसलों के एमएसपी (MSP) को मंजूरी दी। यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी। उन्होंने बताया कि देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/msp-of-fourteen-crops-approved/article-58831"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/msp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> Farmers News: मोदी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 14 फसलों के एमएसपी (MSP) को मंजूरी दी। यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी। उन्होंने बताया कि देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के चलते सरकार ने 14 फसलों का एमएसपी बढ़ाया है। सरकार ने धान का एमएसपी 170 रुपए बढ़ाकर 2300, रागी का 4290, कपास का 7121, मूंग का 8682 रुपए निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि देश में दो लाख गोदाम बनाए जा रहे हैं ताकि अनाज को खराब होने से बचाया जा सके। वैष्णव ने आगे कहा कि एमएसपी के चलते 2 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुँचे हैं, जिससे उनकी आय बढ़ी है। सरकार किसानों की जीवन स्तर और अच्छा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/msp-of-fourteen-crops-approved/article-58831</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 20:58:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>MSP : न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिभाषा</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार द्वारा हर साल रबी और खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया जाता है। पिछले सालों में राजस्थान में चनों और सरसों की खरीद समर्थन मूल्य से करीब 500 रूपये प्रति क्विंटल नीचे होती रही, जिस कारण संबंधित किसानों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर इस वर्ष पंजाब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/definition-of-minimum-support-price/article-49332"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/msp-gehu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केन्द्र सरकार द्वारा हर साल रबी और खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया जाता है। पिछले सालों में राजस्थान में चनों और सरसों की खरीद समर्थन मूल्य से करीब 500 रूपये प्रति क्विंटल नीचे होती रही, जिस कारण संबंधित किसानों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर इस वर्ष पंजाब में मंूगी की काश्त करने वाले किसान भी सरकारी घोषणा से संतुष्ट नजर नहीं आए। इसके साथ ही कुछ राज्य सरकारें भी कुछ फसलों पर अपनी तरफ से समर्थन मुल्य घोषित करती हैं लेकिन कई बार देखने में आया है कि गेहूं और धान को छोड़कर सरसों, चनों के दालों की खरीद सरकारी रेट मुताबिक नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">समर्थन मुल्य की घोषणा का मतलब सिर्फ रेट तय करना नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकार तय रेट पर फसल को खरीदना भी यकीनी बनाए। अगर निजी कंपनियां कम रेट पर फसलें खरीदती हैं तो यह सरकार की जिम्मेवारी है कि वह तय रेट पर खुद फसल खरीदे। एमएसपी देना या न देना वह एक अलग विषय हो सकता है लेकिन जब सरकारों ने यह रेट तय ही कर दिया है तब यह सरकार की जिम्मेवारी बनती है कि सरकार किसानों को पूरा भाव दे क्योंकि किसान ने फसल की बिजाई ही यह सोच कर की होती है कि सरकार घोषित किए फसल के रेट को यकीनी बनाएगी। MSP</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सहित कई राज्यों में राज्य सरकारों ने यही कानून बनाए हैं कि अगर फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिकती है तो इसकी भरपाई सरकार अपनी तरफ से करेगी। बकायदा कानून बनने के बावजूद फसलों का रेट कम मिलना किसानों को निराश करता है, खास कर जो किसान गेहूं व धान को छोड़कर सरकार द्वारा चलाई गई फसल विभिन्नता मुहिम में शामिल होकर मूंगी, सूरजमुखी व मक्की जैसी फसलों की काश्त करते हैं। सही भाव ना मिलने से किसान फिर बदली हुई फसलों का पीछा छोड़कर गेहूं व धान के चक्कर में फिर से आ फंसते हैं। MSP</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में परेशानी तब ही खत्म होती है, जब सरकार खुद खरीद के लिए मैदान में उतरती है, लेकिन सरकार सिर्फ घोषणा तक ही सीमित रह जाती है, तब प्राईवेट कंपनी या व्यापारी कम रेट को ही पहल देंगे। इसलिए जरूरी है कि सरकारें जो भी घोषणा करें, यह यकीनी बनाएं कि फसलों की खरीद तय रेट पर होगी, भले ही फिर वह सरकारी खरीद हो या फिर प्राईवेट। किसानों को सही रेट लेने के लिए धरना प्रर्दशन करना पड़ता है। किसानों को इस बात का अफसोस नहीं होना चाहिए कि उन्होंने फसलों की बिजाई ही क्यों की? किसान जिस नेक भावना, मेहनत व देश सेवा को मुख्य रखकर फसलों की बिजाई करता है, उसकी कद्र होनी चाहिए। किसान की जय होनी चाहिए व यह तब ही संभव होगा, अगर सरकारें अपनी घोषणाओं पर पहरा देंगी। Editorial</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/definition-of-minimum-support-price/article-49332</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2023 16:46:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एमएसपी गारंटी कानून लागू कराने के लिए किसानों ने दिया ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[फ्री बिजली की भी मांग बुलन्दशहर/ औरंगाबाद भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किसानों की दुर्दशा का बयान करते हुए MSP गारंटी कानून लागू करने तथा किसानों के लिए फ्री बिजली दिये जाने की मांग की है। भाकियू महाशक्ति जिलाध्यक्ष सुनील कुमार लोधी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को औरंगाबाद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-gave-memorandum-to-implement-msp-guarantee-act/article-48848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/aurangabad.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">फ्री बिजली की भी मांग</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>बुलन्दशहर/ औरंगाबाद </strong>भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किसानों की दुर्दशा का बयान करते हुए MSP गारंटी कानून लागू करने तथा किसानों के लिए फ्री बिजली दिये जाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भाकियू महाशक्ति जिलाध्यक्ष सुनील कुमार लोधी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को औरंगाबाद थाना पहुंच कर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि देश भर का किसान बहुत भारी कर्ज़ में डूबा हुआ है। किसानों की सभी फसलों पर एम एस पी कानून की गारंटी दी जाये और उसका पालन करना सुनिश्चित किया जाए तभी देश के किसानों की दशा में सुधार होना संभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक अप्रैल 23 से किसानों को मुफ्त बिजली दिये जाने का वादा किया था। उस वादे पर अमल करने के बजाय किसानों को बिजली के भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री के वादे के अनुरूप किसानों को मुफ्त बिजली दिलाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में सूबेदार वीरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, हर्ष ठाकुर, अरुण लोधी विनोद गूर्जर वीरेंद्र लोधी, मुकेश लोधी, नरेंद्र , सतेंद्र लोधी सुरेन्द्र पाल सिंह पिंटू राघव वीरू लोधी अनुज विजेंद्र लोधी राजवीर सिंह वीरू आदि शामिल रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-gave-memorandum-to-implement-msp-guarantee-act/article-48848</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 16:32:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Farmers Protest kurukshetra: फिर एमएसपी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे किसान, राकेश टिकैत ने सरकार से की ये मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (देवी लाल बारना)। Farmers Protest Haryana:हरियाणा के कुरक्षेत्र से बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। सच कहूँ संवाददाता के अनुसार, किसान कुरुक्षेत्र की सड़कों पर फिर उतर आए हैं। दरअसल किसान सूरजमुखी के बीज के लिए एमएसपी की मांग कर रह है। किसानों ने चंडीगढ़-दिल्ली नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-protest-kurukshetra/article-48760"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/farmers-protest-kurukshetra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (देवी लाल बारना)। </strong>Farmers Protest Haryana:हरियाणा के कुरक्षेत्र से बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। सच कहूँ संवाददाता के अनुसार, किसान कुरुक्षेत्र की सड़कों पर फिर उतर आए हैं। दरअसल किसान सूरजमुखी के बीज के लिए एमएसपी की मांग कर रह है। किसानों ने चंडीगढ़-दिल्ली नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया है । राकेश टिकैत (rakesh tikait) ने कहा कि हमने हाइवे जाम नहीं किया, हम तो केवल यहां पर बैठे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमारेी केवल दो मांगें हैं, जो भी किसान पुलिस हिरासत में है उन्हें तुरंत रिहा करें और एमएसपी पर सूरजमुखी के बीज खरीदना शुरू करें। हम सरकार से वार्ता को तैयार है। हम अपनी मांग को लेकर किसान कुरुक्षेत्र महापंचायत आयोजित करने के लिए इक्कठे हुए थे। किसानों ने महापंचायत खत्म होने के बाद दिल्ली मुल्तान रोड को जाम कर दिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | We are not blocking the highway. It is not right, highways should not be blocked: Farmer leader Rakesh Tikait in Haryana’s Kurukshetra <a href="https://t.co/6XjMLzeRBu">pic.twitter.com/6XjMLzeRBu</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1668185142400262144?ref_src=twsrc%5Etfw">June 12, 2023</a></p></blockquote>
<p></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 15:53:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी</title>
                                    <description><![CDATA[मूंग-अरहर और धान समेत 17 फसलों की एमएसपी बढ़ाई गई ​हर साल 23 फसलों की तय होती है एमएसपी नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी दी। केंद्र सरकार ने मूंग, अरहर, धान, मक्का और उड़द की दाल की एमएसपी (MSP) यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस बढ़ा दिया है। इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/msp-of-seventeen-crops-including-moong-arhar-and-paddy-increased/article-48581"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/msp.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मूंग-अरहर और धान समेत 17 फसलों की एमएसपी बढ़ाई गई</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>​हर साल 23 फसलों की तय होती है एमएसपी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी दी। केंद्र सरकार ने मूंग, अरहर, धान, मक्का और उड़द की दाल की एमएसपी (MSP) यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस बढ़ा दिया है। इस ऐलान के बाद किसान अपनी फसल बढ़ी हुई कीमतों पर बेच सकेंगे। मूंग दाल की एमएसपी सबसे ज्यादा बढ़ाई गई है। धान, मक्का, उड़द, अरहर मूंगफली जैसी फसलों की कीमत में भी अच्छी बढ़ोतरी की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर सरकार हर साल 23 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है। एमएसपी 23 फसलों पर एमएसपी की सिफारिश जारी करता है। इसमें सात अनाज, पांच दलहन, सात तिलहन और चार कमर्शियल फसलें शामिल हैं। इन 23 फसलों में से 15 खरीफ फसलें हैं और बाकी की रबी की फसलें हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किस फसल पर कितनी एमएसपी बढ़ी | (MSP)</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">धान सामान्य- 143 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">धान ग्रेड ए – 143 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">ज्वार हाइब्रिड- 210 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">बाजरा- 150 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">रागी- 268 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">मक्का- 128 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">अरहर- 400 रुपये</li>
<li style="text-align:justify;">मूंग- 803 रुपये</li>
<li>उड़द- 350 रुपये</li>
<li>मूंगफली- 527 रुपये</li>
<li>सूरजमुखी बीज- 360 रुपये</li>
<li>सोयाबीन पीला- 300 रुपये</li>
<li>सनफ्लावर सीड- 360 रुपये</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">एमएसपी पर ये हैं 23 फसलें | ( Minimum Support Price)</h3>
<p style="text-align:justify;">इन फसलों में 5 दालें मूंग, अरहर, चना, उड़द और मसूर शामिल हैं। जबकि 7 अनाज मक्का, ज्वार, बाजरा, धान, जौ, गेहूं व रागी हैं। इसके अलावा 7 तिलहन सोयाबीन, तिल, कुसुम, मूंगफली, सूरजमुखी, तोरिया-सरसों और नाइजर बीज है। वहीं, 4 कमर्शियल फसलें कपास, खोपरा, गन्ना व कच्चा जूट हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="लूटेरा गिरोह के 8 सदस्य हथियार सहित गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/jalandhar-police-arrested-eight-members-of-looter-gang-with-weapons/">लूटेरा गिरोह के 8 सदस्य हथियार सहित गिरफ्तार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2023 21:18:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Modi Cabinet Decisions: मोदी कैबिनेट का किसानों को तोहफा, बढ़ी MSP, PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने (Modi Cabinet ) कई बड़े फैसले लेकर किसानों और आम नागरिकों को तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। पहला फैसला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लेकर है। लाभार्थियों को 200 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/modi-cabinets-decisions-modi-cabinets-gift-to-farmers-increased-msp-also-announced-for-the-beneficiaries-of-pm-ujjwala-yojana/article-45100"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/pm-modi5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने (Modi Cabinet ) कई बड़े फैसले लेकर किसानों और आम नागरिकों को तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। पहला फैसला प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लेकर है। लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी एक और साल तक जारी रहेगी।</p>
<h3 class="entry-title"><a href="http://10.0.0.122:1245/rahul-gandhi-speech-because-of-which-he-lost-his-membership-of-the-lok-sabha/">Rahul Ghandi का वो भाषण जिसकी वहज से गई लोकसभा की सदस्यता</a></h3>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों को दिया तोहफा | Modi Cabinet</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए विभिन्न कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया है। साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा, “किसानों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार विभिन्न कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैबिनेट के फैसले से जुड़ी अहम बातें |Modi Cabinet</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2018 में पेश बजट के दौरान केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के लागत मूल्य का डेढ़ गुना होगा। CCEA ने वर्ष 2023-24 में जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,050 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह लागत मूल्य से करीब 63 फीसदी ज्यादा है। यह 300 रुपए प्रति क्विंटल यानी पिछले साल के मुकाबले करीब 6.3 फीसदी ज्यादा है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Mar 2023 22:32:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सरकार ने बढ़ाया गेहूं और सरसों का एमएसपी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रबी की विभिन्न फसलों के आगामी विपणन सत्र 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संशोधित करने का फैसला किया जिसके तहत गेंहू का एमएसपी 110 रुपये और जौ का 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह हुयी मंत्रिमंडल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/modi-government-increased-the-msp-of-wheat-and-mustard/article-39091"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/msp-gehu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रबी की विभिन्न फसलों के आगामी विपणन सत्र 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संशोधित करने का फैसला किया जिसके तहत गेंहू का एमएसपी 110 रुपये और जौ का 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह हुयी मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि चना के एमएसपी में 105 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर में 500 रुपये, सरसों में 400 रुपये और कुसुम के एमएसपी में प्रति क्विंटल में 209 रुपये की वृद्धि का निर्णय किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निर्णय के अनुसार गेंहू का एमएसपी बढ़कर 2,125 प्रति क्विंटल, जौ 1,735 रुपये, चना 5,335, मसूर 6,000 रुपये, सरसों 5450 और कुसुम का एमएसपी 5,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के फैसले के अनुसार मसूर का एमएसपी सबसे अधिक बढ़ाया गया है। ठाकुर ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की बेहतरी के लिए फैसले करती है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Oct 2022 15:25:04 +0530</pubDate>
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