<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/agricultural-bill-protest/tag-18038" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Agricultural Bill Protest - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/18038/rss</link>
                <description>Agricultural Bill Protest RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Farmer Protest : किसानों ने सरकार का प्रस्ताव ठुकराया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने किसानों की समस्या को हल करने के प्रति मोदी सरकार का रवैये को असंवेदनशील करार देते हुए सरकार के प्रस्ताव को नकार दिया है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने आज संवाददाताओं से कहा कि किसानों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/government-will-give-written-proposal-on-agricultural-law/article-20452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/farmer-protest-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने किसानों की समस्या को हल करने के प्रति मोदी सरकार का रवैये को असंवेदनशील करार देते हुए सरकार के प्रस्ताव को नकार दिया है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने आज संवाददाताओं से कहा कि किसानों की समस्या को हल करने के प्रति मोदी सरकार का रवैया असंवेदनशील और हेकड़ी भरा है इसलिए सभी किसान संगठनों ने नए के रूप में दिये गये इस पुराने प्रस्ताव को नकार दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एआईकेएससीसी और सभी किसान संगठनों ने तीन खेती क कानून व बिजली बिल 2020 को रद्द करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विरोध जारी रहेगा, दिल्ली में किसानों की संख्या बढ़ेगी, सभी राज्यों में जिला स्तर पर धरने शुरू होंगे। एआईकेएससीसी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केन्द्र सरकार के तथाकथित, ‘नए’ प्रस्तावों को असंवेदनशील व हठधर्मी बताकर नकारा गया और इन्हें नकारने में सभी किसान संगठन साथ हैं। एआईकेएससीसी ने किसान संगठनों से अपील की कि वे वे सभी जिलों व राज्य राजधानियों में समर्थन कर रहे संगठनों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थानों पर लागातार धरने आयोजित करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आठ दिसम्बर के भारत बंद ने किसानों के इस देशव्यापी लोकप्रिय विरोध को दृ़ढ़ता से स्थापित किया और सभी संदेह खारिज कर दिये। <strong>(Farmer Protest) </strong><strong>  </strong>एआईकेएससीसी ने भारत बंद के दौरान जन भागीदारी को देखते हुए सभी संगठनों व राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस संघर्ष को तेज करने के लिए दिल्ली में किसानों को गोलबंद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के प्रस्तावों में राज्य सरकार प्राइवेट मंडियों पर भी शुल्क/फीस लगा सकती है, राज्य सरकार चाहे तो मंडी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर सकती है, किसानों को कोर्ट कचहरी जाने का विकल्प भी दिया जाएगा, किसान और कंपनी के बीच कॉन्ट्रैक्ट की 30 दिन के अंदर रजिस्ट्री होगी, कॉन्ट्रैक्ट कानून में स्पष्ट किया जाना है कि किसान की जमीन या बिल्डिंग पर ऋण या गिरवी नहीं रख सकते, किसान की जमीन की कुर्की नहीं हो सकेगी, एमएसपी की वर्तमान खरीदी व्यवस्था के संबंध में सरकार लिखित आश्वासन देगी, बिजली बिल अभी ड्राफ्ट है तथा एनसीआर में प्रदूषण वाले कानून पर किसानों की आपत्तियों का समुचित समाधान किया जाना शामिल है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>विपक्षी नेताओं की कोविंद से कृषि कानून वापस लेने की मांग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित विपक्ष के पांच नेताओं ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर किसान आंदोलन के मद्देनजर सरकार से कृषि संबंधी तीनों कानून वापस लेने की मांग की। गांधी ने मुलाकात के बाद राष्ट्रपति भवन के बाहर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं ने राष्ट्रपति से कहा कि सरकार किसानों के हितों को कुचल रही है जिसके कारण किसान सड़कों पर है इसलिए किसानों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए वह सरकार को इन तीनों कानूनों को वापस लेने का निर्देश दें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा “जिस तरह से यह तीनों विधेयक पारित हुए हैं, वह तरीका ही गलत था और इससे किसान का सरकार पर भरोसा टूटा है। ठंड में किसान धरने पर बैठे है और किसान विरोधी सरकार उनकी नहीं सुन रही है। जब तक किसानों की बात नहीं मानी जाती है, वे सड़कों से हटेंगे नही।” राष्ट्रवाद कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने कहा कि किसान 13 दिन से ठंड से सिकुड़ रहे हैं और सड़कों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। ऐसे में विपक्षी नेताओं का दायित्व था कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व से मिलकर सरकार की असलियत से अवगत कराये और इसी वजह से आज यह राष्ट्रपति से मुलाकात की।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जानें, क्या हैं किसानों के मुद्दे और सरकार के प्रस्ताव</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> कृषि सुधार कानूनों को निरस्त करना।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> कानून के वे प्रावधान जिन पर किसानों को आपत्ति है, उन पर सरकार खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> आशंका है कि मंडी समितियों द्वारा स्थापित मंडियां कमजोर होंगी और किसान प्राइवेट मंडियों के चंगुल में फंस जाएगा।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> अधिनियम को संशोधित करके यह प्रावधानित किया जा सकता है कि राज्य सरकार निजी मंडियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू कर सके। साथ ही ऐसी मंडियों से राज्य सरकार एपीएमसी मंडियों में लागू सेस/शुल्क की दर तक सेस/शुल्क निर्धारित कर सकेगी।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> कारोबारी के रजिस्ट्रेशन को लेकर किसानों की आशंका।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> राज्य सरकारों को इस प्रकार के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम बनाने की शक्ति प्रदान की जा सकती है, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राज्य सरकारें किसानों के हित में नियम बना सकें।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> सिविल कोर्ट न जाने का विकल्प</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> विवाद के निपटारे के लिए नए कानूनों में एसडीएम कोर्ट के अलावा, अतिरिक्त सिविल कोर्ट में जाने का विकल्प भी दिया जा सकता है।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> कृषि अनुबंधों के पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> जब तक राज्य सरकारें रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं बनाती हैं, तब तक सभी लिखित करारों की एक प्रतिलिपि करार पर हस्ताक्षर होने के 30 दिन के भीतर संबंधित एसडीएम कार्यालय में उपलब्ध कराने हेतु व्यवस्था की जाएगी।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा</strong> – किसान की जमीन पर बड़े उद्योगपति कब्जा कर लेंगे।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong>किसान की जमीन पर बनाई जाने वाली संरचना पर खरीदार द्वारा किसी प्रकार का कर्ज नहीं लिया जा सकेगा और न ही ऐसी संरचना उसके द्वारा बंधक रखी जा सकेगी।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> किसान की जमीन की कुर्की हो सकेगी।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> प्रावधान स्पष्ट है, फिर भी किसी प्रकार के स्पष्टीकरण की जरूरत होगी तो उसे जारी किया जाएगा।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> किसान को एमएसपी पर सरकारी एजेंसी को बेचने का विकल्प खत्म हो जाएगा।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> केंद्र सरकार एमएसपी की वर्तमान खरीदी व्यवस्था के संबंध में लिखित आश्वासन देगी। </span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> बिजली संशोधन विधेयक, 2020 को खत्म किया जाए।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> किसानों की विद्युत बिल भुगतान की वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>मुद्दा –</strong> एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आॅफ एनसीआर आॅर्डिनेंस को खत्म किया जाए।</span><br />
<span style="color:#0000ff;"><strong>प्रस्ताव-</strong> पराली जलाने से संबंधित प्रावधान के अंतर्गत किसानों की आपत्तियों का समाधान किया जाएगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/government-will-give-written-proposal-on-agricultural-law/article-20452</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/government-will-give-written-proposal-on-agricultural-law/article-20452</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Dec 2020 20:40:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/farmer-protest-1.jpg"                         length="80054"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान आंदोलन में मरने वाले किसान को दो लाख की मदद</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के किसान विंग ने किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले खट्टड़ां (समराला) के किसान गज्जण सिंह के परिवार के लिए दो लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि ठंड और हादसे के दौरान किसानों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/two-lakh-help-to-the-farmer-who-died-in-the-peasant-movement/article-20356"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/kisan-andolan-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के किसान विंग ने किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले खट्टड़ां (समराला) के किसान गज्जण सिंह के परिवार के लिए दो लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि ठंड और हादसे के दौरान किसानों की मौत हो रही है लेकिन मोदी सरकार अपनी जिद्द छोड़ने के लिए तैयार नहीं। उन्होंने पंजाब और हरियाणा सरकारों से मांग की है कि यदि आंदोलन के दौरान कोई भी आंदोलनकारी किसान शहीद होता है तो ऐसे हर शहीद किसान परिवार के एक मैंबर को सरकारी नौकरी संपूर्ण कर्जा माफी और बनता मुआवजा ऐलान किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">संधवां ने बताया कि पार्टी के किसान विंग ने गज्जण सिंह के परिवार की दो लाख रुपए की सहायता राशि का प्रबंध किया है। पार्टी और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार किसानों के इस आंदोलन में सेवक के तौर पर काम कर रही है। इस के अंतर्गत पार्टी की ओर से पहल करते बीते दिन हादसे का शिकार हुए आंदोलनकारी मैकेनिक के परिवार के लिए 10 लाख रुपए से अधिक की राशि जुटाई थी। इसके इलावा पार्टी वॉलंटियरों की टीमें और केजरीवाल सरकार की ओर से आंदोलनकारी किसानों की सेवा में साफ-सफाई, पानी, मोबाइल, शौचालय, सेहत सुविधाएं और एंबुलेंसों की तैनाती, लंगरों में गैस सिलेंडरों की सप्लाई समेत योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_cbf td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/two-lakh-help-to-the-farmer-who-died-in-the-peasant-movement/article-20356</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/two-lakh-help-to-the-farmer-who-died-in-the-peasant-movement/article-20356</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Dec 2020 17:54:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/kisan-andolan-1.jpg"                         length="25111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फौगाट खाप ने ट्रैक्टर-ट्रालियों के जत्थे के साथ किया दिल्ली कूच</title>
                                    <description><![CDATA[ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में एकजुट हुए किसान।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fougat-khap-traveled-to-delhi-with-a-batch-of-tractor-trolleys/article-20288"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/agricultural-bill-protest.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>चिंताजनक। कृषि कानूनों के विरोध में सड़क पर देश का अन्नदाता, सरकार भी अडी</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong>आधा दर्जन ट्रैक्टरों के काटे चालान, खाप ने दिया अल्टीमेटम</strong></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong>किसान नेता उमेद पातुवास ने वाहनों को नि:शुल्क तेल दिया</strong></h5>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चरखी दादरी (सच कहूँ न्यूज)</strong>। कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार हरियाणा के किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली कूच रहे हैं। इसी कड़ी में फौगाट खाप ने विभिन्न संगठनों के साथ एकजुट होते हुए ट्रैक्टर-ट्रालियों के जत्थे के साथ दिल्ली के लिए कूच किया। इस दौरान कुछ ट्रैक्टर-ट्रालियों के चालान काटने पर खाप ने प्रशासन पर आरोप लगाए कि चालान काटने से उनका जत्था नहीं रूकेगा और दिल्ली जीतकर ही वापिस लौटेंगे। किसान नेता उमेद पातुवास द्वारा वाहनों में नि:शुल्क तेल डलवाया गया और हर संंभव मदद का आश्वासन दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि फौगाट खाप द्वारा 19 गांवों की पंचायत का आयोजन किया गया था। जिसमें खाप प्रधान बलवंत नंबरदार की अगुवाई में विभिन्न संगठनों के सहयोग से दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया गया था। इसी कड़ी में आज खाप के सभी गांवों से ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठकर किसान दिल्ली रोड स्थित गांव समसपुर में एकजुट हुए। यहां किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और सभी प्रबंधों के साथ दिल्ली कूच करके किसानों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। यहां पर डीएसपी हैडक्वार्टर जोगेंद्र सिंह व पुलिस फोर्स किसानों को समझाने भी पहुंचे, लेकिन खाप के लोगों ने दिल्ली जीतकर ही लौटने की बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">खाप प्रधान बलवंत नंबरदार व किसान नेता उमेद पातुवास ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रालियों के चालान काटने से किसान नहीं रूकेंगे और दिल्ली कूच करेंगे। सभी गांवों से पहुंचे ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों में किसान शांतिपूर्ण दिल्ली पहुुंचेंगे और कृषि कानूनों को रद्द करवाने के बाद ही लौटेंगे। उन्होंने कहा कि उनके जत्थे के साथ अन्य खापों व सामाजिक संगठनों के सदस्य भी दिल्ली पहुंचेंगे।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fougat-khap-traveled-to-delhi-with-a-batch-of-tractor-trolleys/article-20288</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fougat-khap-traveled-to-delhi-with-a-batch-of-tractor-trolleys/article-20288</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Dec 2020 17:02:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/agricultural-bill-protest.jpg"                         length="30861"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों की चेतावनी, दिल्ली कूच से रोका गया जाम कर देंगे हाईवे</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि कानूनों का विरोध: जीकेएस के कानूनी सलाहकार हरविंदरसिंह गिल ने आज बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा में देशभर के लगभग 450 किसान संगठन शामिल हैं
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/if-the-farmers-were-prevented-from-entering-new-delhi-the-farmers-would-block-the-highway-itself/article-20004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/agricultural-bill-protest.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं किसान </strong></h2>
<p style="text-align:center;"><strong>(Agricultural Bill Protest )</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्षरत संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 26 और 27 नवंबर को किसानों को नई दिल्ली में प्रवेश से रोका गया तो किसान हाईवे पर ही जाम लगा देंगे। यह चेतावनी आज चंडीगढ़ में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में दी गई। बैठक में राजस्थान के किसान संगठनों की ओर से श्रीगंगानगर की ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। जीकेएस के कानूनी सलाहकार हरविंदरसिंह गिल ने आज बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा में देशभर के लगभग 450 किसान संगठन शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन संगठनों के प्रतिनिधियों की चंडीगढ़ में हुई बैठक में निर्णय किया गया कि 26 और 27 नवंबर को नई दिल्ली को लगने वाले पांच हाईवे मार्गों से किसानों के जत्थे कूच करेंगे। बैठक में केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर किसानों को दिल्ली जाने से रोका गया तो वे इन पांच हाईवे पर वहीं पर धरना लगाकर यातायात जाम कर देंगे। किसान अहिंसात्मक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब अगर स्थिति बिगड़ी तो फिर किसान करो या मरो की नीति पर चलेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तराखंड और गोवा से लाखों किसान नई दिल्ली को कूच करेंगे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">गिल ने बताया कि इस आंदोलन में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा से लाखों किसान नई दिल्ली को कूच करेंगे। यह किसानों की तीन नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के साथ निर्णायक तथा आर-पार की लड़ाई होगी। सभी किसान संगठनों ने एक स्वर में कहा कि यह हमारी अंतिम लड़ाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर अब नहीं तो फिर कभी नहीं का नारा बुलंद करते बैठक में अंतिम क्षण तक संघर्ष करने का संकल्प व्यक्त किया गया। बैठक में राजस्थान की ओर से ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के संयोजक रणजीतसिंह राजू की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसमें कानूनी सलाहकार हरविंदरसिंह गिल, सतपालसिंह, परगटसिंह भगवानगढ़, गगनदीपसिंह पीलीबंगा और पटवारी मोहनपुरा आदि शामिल रहे।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_e4a td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/if-the-farmers-were-prevented-from-entering-new-delhi-the-farmers-would-block-the-highway-itself/article-20004</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/if-the-farmers-were-prevented-from-entering-new-delhi-the-farmers-would-block-the-highway-itself/article-20004</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Nov 2020 17:16:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-11/agricultural-bill-protest.jpg"                         length="22083"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आक्रोश रैली को लेकर, किसान चेतना यात्रा आज से</title>
                                    <description><![CDATA[पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)। कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों की ओर से किसान चेतना यात्रा व आक्रोश रैली रविवार सुबह 9 बजे यहां नए मंडी यार्ड से प्रारम्भ होगी। किसान सभा संयोजक गोपाल बिश्रोई ने बताया कि चेतना यात्रा व आक्रोश रैली को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/with-regard-to-outrage-rally-kisan-chetna-yatra-from-today/article-19623"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)</strong>। कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों की ओर से किसान चेतना यात्रा व आक्रोश रैली रविवार सुबह 9 बजे यहां नए मंडी यार्ड से प्रारम्भ होगी। किसान सभा संयोजक गोपाल बिश्रोई ने बताया कि चेतना यात्रा व आक्रोश रैली को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी तादाद में वाहनों के माध्यम से किसान चेतना यात्रा निकाली जाएगी। बिश्रोई ने बताया कि रविवार को निकलने वाली चेतना यात्रा व रैली को लेकर किसानों ने शनिवार को करीब डेढ दर्जन गांवों में जनसम्पर्क किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 9 बजे किसान नेता गगनदीप सिद्धू,चरणप्रीत बराड़ व गोपाल बिश्रोई द्वारा हरीझण्डी देकर यात्रा को रवाना किया जाएगा। यह चेतना यात्रा व रैली डबलीराठान, मक्कासर से होती हुई हनुमानगढ पहुंचेगी जहां किसानों द्वारा किसान रैली का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ से श्रीगंगानगर पहुंची यात्रा सूरतगढ़, अर्जुनसर, बीकानेर, श्री डूंगरगढ व सीकर से होते हुए तीन नवम्बर को जयपुर पहुंचेगी। पांच नवम्बर को किसानों की ओर से चक्काजाम किया जाएगा।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_455 td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_f0f td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/with-regard-to-outrage-rally-kisan-chetna-yatra-from-today/article-19623</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/with-regard-to-outrage-rally-kisan-chetna-yatra-from-today/article-19623</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Oct 2020 18:00:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest-4.jpg"                         length="15094"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नड्डा के बयान से भड़के किसान</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों के आंदोलन को नड्डा ने बिचौलियों का आंदोलन करार दिया मंडीकरण सिस्टम का नड्डा को ज्ञान नहीं नहीं: प्रधान राजेवाल चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के पंजाब में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर बयान से राज्य के किसान नेता भड़क गए हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-outraged-by-naddas-statement/article-19438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/j.p.-nadda.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>किसानों के आंदोलन को नड्डा ने बिचौलियों का आंदोलन करार दिया</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>मंडीकरण सिस्टम का नड्डा को ज्ञान नहीं नहीं: प्रधान राजेवाल</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के पंजाब में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर बयान से राज्य के किसान नेता भड़क गए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने भी भाजपा अध्यक्ष नड्डा पर निशाना साधा है। इन नेताओं का कहना है कि नड्डा ने किसानों के आंदोलन को बिचौलियों का आंदोलन करार दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भाकिूय के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि भाजपा किसान आंदोलन से घबरा गई है, इसलिए तरह के बयान दिए जा रहे हैं । राजेवाल ने कहा कि भाजपा प्रधान नड्डा के इस बयान से साफ हो गया है कि उन्हें मंडीकरण सिस्टम का ज्ञान ही नहीं है। यह पहला आंदोलन है जिसमें सभी किसान संगठन एक मंच पर हैं और उन्होंने किसी भी राजनीतिक पार्टी को अपनी स्टेजों पर आने नहीं दिया है। किसान नेता राजेवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को यदि किसान आंदोलन के कारण नींद नहीं आ रही है तो वह इन्हें वापस क्यों नहीं ले लेते। किसान किसी राजनीतिक पार्टी का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा कर रहे हैं।</p>
<p><strong>Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_55c td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_94b td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-outraged-by-naddas-statement/article-19438</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-outraged-by-naddas-statement/article-19438</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Oct 2020 17:59:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/j.p.-nadda.jpg"                         length="16224"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के हंगामे को देख विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिये स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। नये कृषि कानूनों का तोड़ निकालने के लिये किसानों के दबाव में बुलाये गये पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के सोमवार को पहले दिन विपक्ष के हंगामे को देखते हुये सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिये स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही दिवंगत आत्माओं को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/assembly-proceedings-adjourned-till-tomorrow-due-to-opposition-uproar/article-19336"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> नये कृषि कानूनों का तोड़ निकालने के लिये किसानों के दबाव में बुलाये गये पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के सोमवार को पहले दिन विपक्ष के हंगामे को देखते हुये सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिये स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही एक घंटे के लिये स्थगित कर दी गई। <strong>(Assembly Adjourned</strong>) उसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल पहले से ही मौके की तलाश मेंं थे और उन्हें मौका मिल गया। विपक्षी सदस्यों ने जब केन्द्र द्वारा पारित कृषि कानूनों को खारिज कर इसमें संशोधन कर कोई तोड़ निकालने के लिये सरकार की ओर से बनाये मसौदा बिल की प्रतियां मांगी तो टालमटोल की गई।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/tension-at-the-border-chinese-soldier-caught-by-security-force-in-ladakh/"><strong>यह भी पढे: – </strong>सीमा पर तनाव: लद्दाख में सुरक्षाबलों ने पकड़ा चीनी सैनिक</a></p>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष का कहना था कि अन्य बिलों की प्रतियां तो उनकी मेज पर आ गयीं लेकिन जिसकी खातिर विशेष सत्र बुलाया गया है,उसकी प्रतियां सरकार ने उन्हें उपलब्ध क्यों नहीं करायीं। विपक्ष किसानों के मुद्दे पर आज ही बहस कराना चाहता था लेकिन सरकार की तरफ से पूरी तैयारी न होने की वजह से यह मुद्दा कल तक के लिये स्थगित करना पड़ा । इस बात से नाराज अकाली दल ने तो सदन का बहिर्गमन किया और आप पार्टी बिल की प्रति न मिलने के विरोध में सदन में धरना लगाये बैठ गयी और प्रति मिलने तक धरना खत्म न करने की बात कही ।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आप पार्टी अभी तक सदन में डेरा डाले बैठी है।</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जबकि अकाली दल वाकआउट के बाद पंजाब भवन जा पहुंचा जहां तीन मंत्रियों की किसानों से बातचीत चल रही थी क्योंकि सरकार किसानों का पक्ष भी जानना चाहती थी ताकि उसे बिल के मसौदे में डाला जा सके । वहां अकाली दल के सदस्यों को गेट से अंदर नहीं जाने दिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ उनकी कहासुनी हुई ।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इसके विरोध मेंं अकाली सदस्य गेट पर धरने पर बैठ गये।</li>
<li style="text-align:justify;">कांग्रेस तथा अकाली सदस्य किसानों के साथ अपनी निकटता प्रदर्शित करने के लिये ट्रैक्टरों पर विधानसभा पहुंचे ।</li>
<li style="text-align:justify;">आप पार्टी के विधायक काला चोगा पहने विधानसभा परिसर में प्रवेश करने लगे तो उन्हें वहीं रोक लिया ।</li>
<li style="text-align:justify;">बड़ी देर बहस मुबाहिसे के बाद वे अंदर पहुंचे ।</li>
<li style="text-align:justify;">अकालियों का कहना था कि पंजाब सरकार दिल्ली दरबार को खुश करने में लगी है।</li>
<li style="text-align:justify;">असली मुद्दे से बचने की कोशिश कर रही है ।</li>
</ul>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_334 td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/assembly-proceedings-adjourned-till-tomorrow-due-to-opposition-uproar/article-19336</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/assembly-proceedings-adjourned-till-tomorrow-due-to-opposition-uproar/article-19336</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Oct 2020 17:00:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest-3.jpg"                         length="25639"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों ने उठाया रेलवे ट्रैक से धरना, अब भाजपा नेता का आवास घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल पंप, मॉल, टोल प्लाजा पर धरने पहले की भांति जारी रहेंगे हम संघर्ष खत्म नहीं कर रहे, रणनीति बदली है: उगराहां सुनाम ऊधम सिंह वाला (सच कहूँ/खुशप्रीत)। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने सुनाम रेलवे स्टेशन पर जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर 12 दिन से चल रहे धरने को मंगलवार को उठाकर भाजपा के जिला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-picketed-from-railway-track-now-cordon-home-of-bjp-leader/article-19201"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest-c-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>पेट्रोल पंप, मॉल, टोल प्लाजा पर धरने पहले की भांति जारी रहेंगे</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>हम संघर्ष खत्म नहीं कर रहे, रणनीति बदली है: उगराहां</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुनाम ऊधम सिंह वाला (सच कहूँ/खुशप्रीत)।</strong> भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने सुनाम रेलवे स्टेशन पर जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर 12 दिन से चल रहे धरने को मंगलवार को उठाकर भाजपा के जिला प्रधान-2 ऋषिपाल खैहरा की रिहायश और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रेम गुगनानी की दुकान के समक्ष शिफ्ट कर दिया। इसके साथ ही संगरूर में किसानों ने भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व पूर्व राष्ट्रीय सचिव किसान मोर्चा सतपंत पूनिया के आवास के समक्ष धरना लगाया। प्रांतीय प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि वह अपना संघर्ष समाप्त नहीं रहे हैं, बल्कि दोगुनी ताकत से भाजपा के नेताओं के घरों के समक्ष पक्का मोर्चा लगाकर संघर्ष को आगे बढ़ा रहे हैं। पेट्रोल पंप, मॉल, टोल प्लाजा इत्यादि पर धरने पहले की भांति ही जारी रहेंगे। आने वाले समय में धरनों को और बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े: </strong><a href="http://10.0.0.122:1245/biennial-elections-for-11-seats-of-rajya-sabha-on-9-november/"><strong>राज्यसभा की 11 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 9 नवम्बर को</strong></a></p>
<h4><strong>बाहरी राज्यों से आने वाली धान बंद न हुई तो संघर्ष तेज होगा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही अन्य संगठनों द्वारा रेलवे ट्रैक पर लगाए जा रहे धरने को समर्थन भी किया जाएगा। संगरूर में ब्लाक प्रधान गोबिदर सिंह मंगवाल, गोबिदर सिंह बड़रुखां की अगुआई में किसानों ने भाजपा नेता सतवंत पूनिया के निवास के समक्ष पक्का मोर्चा लगाया।धरने में प्रांतीय प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां, जिला प्रधान अमरीक सिंह गंढूआं, जिला महासचिव दरबारा सिंह ने कहा कि किसान कारपोरेट घराणों को कदाचित अपनी जमीन पर काबिज नहीं होने देंगे। बेशक रेलवे ट्रैक पर लगाया गया धरना उठा लिया गया, लेकिन संघर्ष अन्य मोर्चो पर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को दशहरे पर तमाम कारपोरेट घरानों के पुतले फूंके जाएंगे। इस मौके पर सुनाम ब्लाक के प्रधान जसवंत सिंह तोलेवाल, रामसरन सिंह उगराहां, पाल सिंह दोलेवाला, गोबिद सिंह चटठे, सुखपाल माणक, अजैब जखेपल, महिदर नमोल, गुरमेल सिंह आदि उपस्थित थे।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_d95 td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_1ff td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-picketed-from-railway-track-now-cordon-home-of-bjp-leader/article-19201</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-picketed-from-railway-track-now-cordon-home-of-bjp-leader/article-19201</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Oct 2020 18:22:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest-c-1.jpg"                         length="39760"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरसा में आंदोलनरत किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे व वाटर कैनन से खदेड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सुनील वर्मा) तीन कृषि के खिलाफ सरसा के रामलीला मैदान में आयोजित ‘महापड़ाव’ के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास को घेरने जा रहे किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तथा वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। (Agricultural Bill Protest) किसानों ने इस दौरान पुलिस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/police-fired-tear-gas-shells-at-agitating-farmers-in-sarsa-and-chased-water-cannon/article-19021"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सुनील वर्मा)</strong> तीन कृषि के खिलाफ सरसा के रामलीला मैदान में आयोजित ‘महापड़ाव’ के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास को घेरने जा रहे किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तथा वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। <strong>(Agricultural Bill Protest)</strong> किसानों ने इस दौरान पुलिस की तरफ से दुष्यंत चौटाला की आवास को जाने वाले मार्ग को रोकने के लिए जो बैरिकेट्स लगाए गए थे, उनको उखाड़ फेंका।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि इस दौरान किसानों ने पुलिस पर पथराव भी किया। समाचार लिखे जाने तक किसान व पुलिस के जवान आमने सामने डटे हुए थे। इस आंदोलन के दौरान किसान संगठनों ने किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि को अपने मंच पर शिरकत नहीं करने दी। हरियाणा किसान मंच की अगुवाई में राज्य भर के 17 किसान संगठनों की ओर से इस महापड़ाव का आयोजन किया गया था।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_bf7 td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_e8e td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/police-fired-tear-gas-shells-at-agitating-farmers-in-sarsa-and-chased-water-cannon/article-19021</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/police-fired-tear-gas-shells-at-agitating-farmers-in-sarsa-and-chased-water-cannon/article-19021</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Oct 2020 18:52:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest-2.jpg"                         length="32952"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुक्तसर-कोटकपूरा के टोल प्लाजा पर डटे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[श्री मुक्तसर साहिब (सच कहूँ न्यूज)। कृषि सुधार कानूनों के विरोध में रविवार को 31 किसान यूनियनों के निमंत्रण पर गांव वडिंग के नजदीक मुक्तसर-कोटकपूरा रोड स्थित टोल प्लाजा पर किसानों ने धरना दिया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि सरकार किसानी को समाप्त करने पर तुली है। केंद्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/peasants-gathered-at-toll-plaza-of-muktsar-kotkapura/article-18953"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्री मुक्तसर साहिब (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कृषि सुधार कानूनों के विरोध में रविवार को 31 किसान यूनियनों के निमंत्रण पर गांव वडिंग के नजदीक मुक्तसर-कोटकपूरा रोड स्थित टोल प्लाजा पर किसानों ने धरना दिया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि सरकार किसानी को समाप्त करने पर तुली है। केंद्र सरकार की तरफ से किसान विरोधी फैसले लेकर कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की लूट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानी को बचाने के लिए वह हर कुबार्नी देने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सरकार की तरफ से पराली जलाने से रोकने का विरोध करते हुए कहा कि सरकार किसानों को कोई खर्च नहीं दे रही है और न ही कोई योग्य सहूलतें दी जा रही। ऐसे ही फैसले थोपकर किसानों का आर्थिक नुकसान किया जा रहा है। किसानों की तरफ से टोल प्लाजा पर लगाए धरने के दौरान किसी भी व्हीकल की पर्ची नहीं काटी गई। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कृषि कानून रद नहीं किया जाता तो संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर पूरण सिंह वट्टू, खुशवंत सिंह, सुरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह, गुरदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, अमृतपाल सिंह वडिग, सुखराज सिंह आदि उपस्थित थे।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_559 td_block_template_1"></div>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom tdi_2_a9c td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/peasants-gathered-at-toll-plaza-of-muktsar-kotkapura/article-18953</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/peasants-gathered-at-toll-plaza-of-muktsar-kotkapura/article-18953</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Oct 2020 18:48:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest-1.jpg"                         length="19656"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि कानूनों के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शहर में प्रदर्शन करते 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/congress-on-the-road-against-agricultural-laws/article-18900"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/agricultural-bill-protest.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>खिलाफत : किसान-मजदूर बचाओ दिवस के रूप में मनाई महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (Agricultural Bill Protest)</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फरीदाबाद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए 3 कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती को ‘किसान-मजदूर बचाओ दिवस’ के रूप में मनाया। इसी कड़ी में हरियाणा के सरसा, फतेहाबाद, हिसार, जीन्द, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, रोहतक, सोनीपत सहित विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किया गया। फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी लखन कुमार सिंगला के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने सेक्टर-17 स्थित लेबर चौक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद कृषि अध्यादेशों के खिलाफ ट्रैक्टरों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है, मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, किसानों के खिलाफ तीनों अध्यादेश वापिस लो, वापिस लो, नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। इस अवसर पर कुंवर बालू सिंह एडवोकेट, पूर्व पार्षद अनिल शर्मा, योगेश ढींगड़ा, सत्यवीर डागर ललित भड़ाना, एस.एल. शर्मा, सहित अनेकों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेसियों ने भैंस के आगे बजवाई बीन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (सच कहूँ/संजय भाटिया)</strong>। केन्द्र सरकार द्वारा पारित किए गए नए कृषि अध्यादेशों को लेकर शुक्रवार को झज्जर, बेरी व बादली में कांग्रेस ने अनोखे ढंग से अपना विरोध जताया। गांधी जयन्ती पर गांधी गिरी दिखाते हुए झज्जर में जहां कांग्रेस ने पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के नेतृत्व में भैंस के सामने बीन बजाकर इन बिलों का विरोध किया। वहीं बेरी में डॉ. रघुबीर सिंह कादयान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बिलों पर विरोध जताया और बादली में विधायक डॉ. कुलदीप वत्स के नेतृत्च में कांग्रेसियों ने धरना देकर इन बिलों पर अपने आक्रोष का इजहार किया। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष गुर्जर, विरेन्द्र दरोगा, एडवोकेट विकास अहलावत, सुनील जाखड़ सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तोशाम में ट्रैक्टर मार्च के बाद फूंका पीएम व सीएम का पुतला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेसियों ने कृषि कानून के विरोध में शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक किरण चौधरी व पूर्व सांसद श्रुति चौधरी के दिशा-निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह अनाज मंडी परिसर में इकट्ठा हुए। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इसके बाद केंद्र सरकार के कृषि कानून के विरोध में करीब दो घंटे धरना दिया। यहां से तोशाम खंड समन्यवक हरिसिंह सांगवान और कैरू खंड समन्यवक शीशराम चेयरमैन की अगुवाई में कांग्रेसी कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर मार्च लेकर निकले। शहर मुख्य बाजारों से होते हुए सुरेंद्र सिंह चौक पर पहुंचे। चौक पर कांग्रेसियों ने कृषि कानून के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। कांग्रेस नेताओं ने कृषि कानून को तत्काल रद्द करने की मांग की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पूंजीपतियों के गुलाम बनकर रहे जाएंगे किसान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केन्द्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में तीन बिल पास करने व हथरस में हुई युवती के साथ जघन्य कांड के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया और गोहाना अड्डा पर भाजपा सरकार का पुतला फूंका। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा, कलानौर की विधायक शंकुतला खटक व महम के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी के नेतृत्व में काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में एकत्रित हुए और रोष सभा का आयोजन किया। विधायक भारत भूषण बत्तरा ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से जनविरोधी फैसले ले रही है। सरकार ने बिना किसानों से उनकी मर्जी जाने ही तीन काले कानून बना दिए। इन बिलों से पूरी तरह कृषि क्षेत्र तबाह हो जाएगा और किसान व मजदूर पूजीपतियों के गुलाम बनकर रह जाएंगे। प्रदर्शनकारियों में पूनम चौहान, रघुबीर सैनी, रामजी गहलोत, विकास परमार, संदीप हुड्डा, राजेन्द्र दहिया, अभिषेक भटनागर प्रमुख रूप से शामिल रहे।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/congress-on-the-road-against-agricultural-laws/article-18900</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/congress-on-the-road-against-agricultural-laws/article-18900</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Oct 2020 19:24:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/agricultural-bill-protest.jpg"                         length="32826"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि कानूनों के विरोध में किया विधायक आवास का घेराव</title>
                                    <description><![CDATA[ये बिल सिर्फ किसानों के ही नहीं बल्कि किसान, मजदूर, व्यापारी वर्ग के भी खिलाफ है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/legislator-housing-siege-in-protest-against-agricultural-laws/article-18827"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/agricultural-bill-protest-11.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>केंद्र के खिलाफ नौजवान सभा ने लगाए मुर्दाबाद के नारे (Agricultural Bill Protest)</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)।</strong> केंद्र सरकार द्वारा संसद में पास किए गए तीनों कानूनों के खिलाफ पंजाब नौजवान किसान एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को विधाायक अरूण नारंग के निवास स्थान के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान काफी समय प्रदर्शन करने के बाद विधायक अरूण नारंग ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उन्हें अपना स्पष्टीकरण दिया। धरना प्रदर्शन कर रहे वक्ताओं ने केंद्र सरकार के मुदार्बाद के नारे लगाकर रोष प्रदर्शन करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पंजाब के किसानों को खत्म करने के लिए किसान विरोधी बिल पास किए हैं। ये बिल सिर्फ किसानों के ही नहीं बल्कि किसान, मजदूर, व्यापारी वर्ग के भी खिलाफ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए हम सब को मिलकर इसके विरोध में संघर्ष करना होगा। वक्ताओं से जब विधायक के निवास के समक्ष धरना लगाने के कारण को पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे विधायक का स्पष्टीकरण पूछने के लिए आए हैं क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान विरोधी बिल पास किए जा रहे हैं और अबोहर में भाजपा का विधायक होने के कारण अरूण नारंग किसानों के साथ हैं या फिर केंद्र सरकार के साथ। काफी लंबा समय धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच विधायक अरूण नारंग युवाओं से मिले और धरनाकारियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे किसानों के साथ हैं, लेकिन किसानों को एक बार केंद्र सरकार के पास किए बिल के साथ चलकर देखना होगा, अगर उन्हें कोई नुकसान होगा तो वे खुद उनके साथ मिलकर संघर्ष करेंगे।</p>
<p><strong>अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/legislator-housing-siege-in-protest-against-agricultural-laws/article-18827</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/legislator-housing-siege-in-protest-against-agricultural-laws/article-18827</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Sep 2020 18:15:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/agricultural-bill-protest-11.jpg"                         length="20594"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        