<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/agricultural-bill/tag-18042" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Agricultural Bill - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/18042/rss</link>
                <description>Agricultural Bill RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>योगाचार्य रामदेव की किसानों को लेकर टिप्पणी पर फूटा गुस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने किया पंतजलि के उत्पादों का बहिष्कार (Anger over Ramdev’s Remarks) किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए तीन काले कानून रद्द करने की मांग रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि संबंधी तीन बिलों के विरोध में देश का अन्नदाता सड़कों पर उतर आया है। वहीं इस किसान आंदोलन को हर वर्ग का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/anger-over-yogacharya-ramdevs-remarks-about-farmers/article-20334"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/anger-over-yogacharya-ramdevs-remarks-about-farmers.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ग्रामीणों ने किया पंतजलि के उत्पादों का बहिष्कार (Anger over Ramdev’s Remarks)</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए तीन काले कानून रद्द करने की मांग</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)</strong>। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि संबंधी तीन बिलों के विरोध में देश का अन्नदाता सड़कों पर उतर आया है। वहीं इस किसान आंदोलन को हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। साथ ही किसानों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने वालों का भी विरोध बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र एकजुट होकर किसानों के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहतक जिले के गांव निंदाना के ग्रामीणों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए तुंरत इन तीन काले काले कानूनों को वापिस लेने की मांग की। साथ ही योगाचार्य रामदेव, अभिनेत्री कंगना रावत व कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा किसानों पर की गई (Anger over Ramdev’s Remarks) अशोभनीय टिप्पणी का विरोध किया। ग्रामीणों ने पंतजली प्रोडक्टों का पूरी तरह से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।</p>
<h4>कृषि संबंधी तीन काले कानूनों का विरोध</h4>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को गांव निंदाना में युवा नेहरा खाप अध्यक्ष संदीप नेहरा, राय सिंह, राजेन्द्र सरपंच, कृष्ण नेहरा, मनोज नेहरा, सुरेन्द्र नहरू, जयबीर मास्टर, सत्यवान, चरण राठी, काला राठी, राजू राठी, साधु भारद्वाज, मोनू, दिनेश नाई, राकेश जांगडा, संदीप वाल्मीकि व राज सरोहा सहित काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और कृषि संबंधी तीन काले कानूनों का विरोध करते हुए केन्द्र सरकार से तुंरत इन्हें रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि 36 बिरादरी के लोग खेती करते हैं, तभी देश की जनता का पालन पोषण होता है और आज वहीं किसान अपने हकों की लड़ाई के लिए पुलिस की लाठियां, आंसू गैस के गोले व ठंड के मौसम में पानी की बौछारों से लड़ रहा है, जोकि देश के लिए बहुत शर्म की बात है।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा नेहरा खाप अध्यक्ष संदीप नेहरा ने कहा कि आज पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है, लेकिन केन्द्र सरकार पूंजीपतियों के दबाव के चलते तानाशाही पर अडिग है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री जेपी दलाल, योगाचार्य रामदेव व प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रावत किसानों के हकों की बात न कर किसानों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी कर रहे हैं, जिसे देश की जनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/anger-over-yogacharya-ramdevs-remarks-about-farmers/article-20334</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/anger-over-yogacharya-ramdevs-remarks-about-farmers/article-20334</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Dec 2020 20:13:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-12/anger-over-yogacharya-ramdevs-remarks-about-farmers.gif"                         length="150545"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब सरकार के कृषि बिल बनाम कृषि संकट</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब सरकार ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाकर तीनों बिल विधानसभा में पेश किए। पंजाब सरकार के इन बिलों का सबसे बड़ा फैसला गेहूँ व धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी) पर फसल की खरीद का आधार कानूनी बनाना है। एमएसपी से कम रेट पर खरीद करने वालों को तीन वर्ष की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/punjab-governments-agricultural-bill-vs-agricultural-crisis/article-19371"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/punjab-governments-agricultural-bill-vs.-agricultural-crisis.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">पंजाब सरकार ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाकर तीनों बिल विधानसभा में पेश किए। पंजाब सरकार के इन बिलों का सबसे बड़ा फैसला गेहूँ व धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी) पर फसल की खरीद का आधार कानूनी बनाना है। एमएसपी से कम रेट पर खरीद करने वालों को तीन वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया है। देश के इतिहास में पंजाब पहला राज्य बन गया है जहां खरीद का कानूनी आधार होगा। कृषि की खस्ता हालत व बढ़ते कृषि लागत खर्चों के संबंध में फसलों की उचित रेट पर खरीद आवश्यक है। केंद्र सरकार भी बार-बार यह मौखिक तौर पर घोषणा कर चुकी है कि एमएसपी पर खरीद में कोई समस्या नहीं आएगी। किसी कानून के नफे-नुक्सान का पता कुछ समय बाद या उसकी प्रासंगिकता से ही सामने आता है, जिसका फिलहाल इंतजार करना होगा।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">कृषि संबंधी पंजाब सरकार के नए तीन कानूनों की उपयोगिकता व व्यवहारिकता पर मंथन व तथ्यों पर विचार किया जाना बाकी है। यह मुद्दा भी अहम है कि गेहूँ-धान के चक्कर से निकलने के लिए कृषि वैज्ञानिकों व किसानों द्वारा दूसरी हरी क्रांति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। क्या पंजाब सरकार के नए कानूनों से उस क्रांति को लाने के प्रयास कमजोर तो नहीं पड़ेंगे? गेहूँ-धान के जाल में बुरी तरह फंसा किसान आत्महत्याएं कर रहा है। जिस पारंपरिक खेती को किसानों के लिए मजबूरी माना जाता रहा है, क्या उसे बरकरार रखकर कृषि संकट का समाधान निकलेगा? इज्रराइल की आधुनिक तकनीक वाली कृषि का सपना साकार करने के लिए क्या वर्तमान राजनीतिक प्रभाव वाले सरकारी ढांचें से कोई सही दिशा मिल सकेगी? यह मामला अभी लंबित है। क्या एमएसपी के साथ कृषि संकट का समाधान निकल सकेगा? क्योंकि समय-समय पर किसानों का तर्क रहा है कि एमएसपी लागत खर्चों के मुताबिक कम होने के कारण कृषि की हालत खस्ता हो रही है। पंजाब सरकार के तीनों बिल किसानों के हित में हैं लेकिन देश व अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अब इसके परिणाम देखे जाने हैं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">फिलहाल मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर बड़े कदम उठाने वाले मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं। 2004 में पड़ोसी राज्यों के साथ नदियों के पानी के समझौते रद्द करने का कानून पास करने पर भी अमरेन्द्र सिंह पंजाबियों के नायक बन चुके हैं। तीन बिलों का सर्वसम्मति से पास होना उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करता है और कई गैर-भाजपा सरकारों वाले राज्यें में भी ऐसे बिल पास हो सकते हैं। आने वाले दिनों में ये बिल पंजाब के कृषि, व्यापारिक व राजनीतिक क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बनेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं।</h6>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/punjab-governments-agricultural-bill-vs-agricultural-crisis/article-19371</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/punjab-governments-agricultural-bill-vs-agricultural-crisis/article-19371</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Oct 2020 21:18:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-10/punjab-governments-agricultural-bill-vs.-agricultural-crisis.gif"                         length="162450"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि बिलों से नाखुश पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा ने छोड़ी भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[पार्टी पर किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग की अनदेखी का लगाया आरोप सच कहूँ/लाजपतराय रादौर। कृषि विधेयकों को लेकर न सिर्फ विपक्षी पार्टियां भाजपा से नाराज हैं, बल्कि अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दिलों से भी गुस्से के भाव बाहर आने लग गए हैं। बुधवार को हरियाणा भाजपा को उस वक्त एक बड़ा झटका […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/unhappy-with-agricultural-bills-former-mla-shyam-singh-rana-left-bjp/article-18846"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/unhappy-with-agricultural-bills-former-mla-shyam-singh-rana-left-bjp.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पार्टी पर किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग की अनदेखी का लगाया आरोप</strong></h3>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/लाजपतराय रादौर</strong>। कृषि विधेयकों को लेकर न सिर्फ विपक्षी पार्टियां भाजपा से नाराज हैं, बल्कि अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दिलों से भी गुस्से के भाव बाहर आने लग गए हैं। बुधवार को हरियाणा भाजपा को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा, यमुनानगर के रादौर से विधायक रह चुके श्याम सिंह राणा ने पार्टी का दामन छोड़ दिया। एक प्रैस कांफ्रेंस में पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा ने पार्टी के सभी पदों को छोड़ने का ऐलान करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को अपना त्यागपत्र भेजा। वहीं धनखड़ ने राणा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा ने कहा कि भाजपा द्वारा देश व प्रदेश के किसानों की अनदेखी कर उन पर कृषि संबंधी 3 अध्यादेश थोपकर उन्हें बर्बाद करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वह किसान के बेटे पहले हैं और पार्टी के कार्यकर्ता बाद में हैं। वह पूरी तरह से किसानों के साथ है और उनकी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा-पंजाब का किसान अपने हकों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहा है। लेकिन भाजपा सरकार किसानों की कोई सुध नहीें ले रहीं है। जिससे पता चलता है कि पार्टी किसान, मजदूर व व्यापारी के हितों के विपरित जाकर काम कर रही है। उन्होंने 13 वर्षों तक पार्टी की सेवा की। 7 जून 2007 को वह कुरूक्षेत्र में पार्टी में शामिल हुए थे। जिसके बाद उन्होंने रादौर विधानसभा क्षेत्र को अपनी कर्मभुमि बनाया और क्षेत्र के हर गांव में भाजपा के साथ लोगों को जोड़ा। आज क्षेत्र के हर गांव में भाजपा के कार्यकर्ता है। 2009 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा की टिकट पर रादौर से चुनाव लड़े थे और उन्होंने 13750 मत हासिल किये थे। 2014 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने इनेलो के राजकुमार बुबका को हराकर 67800 मत प्राप्त किये थे। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही अपने समर्थकों की बैठक बुुलाकर उस दल में शामिल होंगे, जो दल किसानहित की बात करेगा। इस अवसर पर ऋषिपाल दोहली, कुलभूषण राणा, विशाल काजीबांस, गोल्डी शर्मा, दिलबाग भगवांगढ़, रूपेंद्र मल्हि, बचित्र सिंह, मुनीर खान, तिलक राज, शेर सिंह धौडंग आदि मौजूद थे।</h6>
<h4 style="text-align:justify;">चुनाव लड़ने की अनुमति न मिलने से नाराज थे समर्थक</h4>
<h6 style="text-align:justify;">हालांकि राणा ने अपने इस्तीफे में किसानहित को वजह बताया है, लेकिन इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि वह और उनके समर्थक उन्हें 2019 में विधानसभा चुनाव में उतारने की कर्णदेव कंबोज को मौका दिए जाने से नाराज थे। कर्णदेव ने भी हार का ठीकरा राणा के सिर फोड़ा। राणा पर आरोप लगे कि उन्होंने अपने समर्थकों को फोन करके कर्णदेव का समर्थन करने से रोका था। दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो अब पिछले कुछ समय से बीजेपी की ओर से किसी भी कार्यक्रम की सूचना राणा को नहीं दी जा रही थी। न ही किसी कार्यक्रम में आने का निमंत्रण उन्हें दिया जा रहा था।</h6>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/unhappy-with-agricultural-bills-former-mla-shyam-singh-rana-left-bjp/article-18846</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/unhappy-with-agricultural-bills-former-mla-shyam-singh-rana-left-bjp/article-18846</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Sep 2020 19:27:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/unhappy-with-agricultural-bills-former-mla-shyam-singh-rana-left-bjp.gif"                         length="192374"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विधेयकों पर खुश दिल्ली के किसानों ने तोमर का किया अभिनंदन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में राजधानी के 365 गांवों के प्रतिनिधियों ने देश के करोड़ों किसानों के हक में ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का बुधवार भव्य अभिनंदन किया। बिधूड़ी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में दिल्ली के किसान तोमर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/farmers-of-delhi-happy-on-agricultural-bills-greet-tomar/article-18680"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/farmers-of-delhi-happy-on-agricultural-bills-greet-tomar.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>। दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में राजधानी के 365 गांवों के प्रतिनिधियों ने देश के करोड़ों किसानों के हक में ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का बुधवार भव्य अभिनंदन किया। बिधूड़ी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में दिल्ली के किसान तोमर के निवास पर पहुंचे उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। उनको गाय का देसी घी भी भेंट किया गया। इस मौके पर किसानों की ओर से नेता विपक्ष बिधूड़ी ने कृषि मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली यह पहली सरकार है जिसने सही मायनों में किसानों की भलाई की दिशा में ठोस पहल की है और किसान की आय दोगुना करने तथा उनकी खुशहाली का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा,‘ऐतिहासिक कृषि विधेयकों को संसद की मंजूरी मिलने पर हम यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी और आपको दिल्ली प्रदेश भाजपा और दिल्ली के लाखों किसानों की ओर से हृदय की गहराइयों से बधाई देते हैं। इस अवसर पर तोमर ने कहा कि कृषि विधेयकों को संसद की मंजूरी मिल जाने के बाद देश के किसानों की आय में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है। अब किसान स्वतंत्र है कि वह अपना उत्पाद एमएसपी पर बेचे या फिर खुले बाजार में बेचे। अपनी उपज की कीमत अब वह खुद तय करेगा। उसे अब बिचौलियों के चंगुल में नहीं फंसना पड़ेगा। वह सीधे तौर पर बाजार से मोल भाव कर सकेगा। दूसरी ओर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर भी किसानों से अनाज की खरीद जारी रहेगी।</h6>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/farmers-of-delhi-happy-on-agricultural-bills-greet-tomar/article-18680</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/farmers-of-delhi-happy-on-agricultural-bills-greet-tomar/article-18680</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Sep 2020 20:25:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/farmers-of-delhi-happy-on-agricultural-bills-greet-tomar.gif"                         length="172755"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        