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                <title>Mars - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Mars RSS Feed</description>
                
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                <title>NASA Helicopter Flying On Mars: मंगल ग्रह पर उड़ा नासा का हेलीकॉप्टर, नासा ने दी जानकारी, देखें&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[NASA Helicopter Flying On Mars: नासा के मंगल हेलीकॉप्टर ने लाल ग्रह पर अपनी 56 उड़ानें पूरी कर ली। यह जानकारी एजेंसी ने दी। नासा के अनुसार, मंगल हेलीकॉप्टर ने 25 अगस्त को अपनी 56वीं उड़ान शुरू की थी, जिसमें वह 12 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और 141 सेकंड में 410 मीटर की यात्रा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nasas-helicopter-flew-on-mars-nasa-sent-video-see/article-51811"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/nasa-helicopter-flying-on-mars.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NASA Helicopter Flying On Mars: नासा के मंगल हेलीकॉप्टर ने लाल ग्रह पर अपनी 56 उड़ानें पूरी कर ली। यह जानकारी एजेंसी ने दी। नासा के अनुसार, मंगल हेलीकॉप्टर ने 25 अगस्त को अपनी 56वीं उड़ान शुरू की थी, जिसमें वह 12 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और 141 सेकंड में 410 मीटर की यात्रा की। इंजेनुइटी नामक यह हेलीकॉप्टर 18 फरवरी, 2021 को मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर पर पहुंचा था, जो नासा के पर्सिवरेंस रोवर से जुड़ा हुआ था। यह हेलीकॉप्टर एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन है, जिसे किसी अन्य ग्रह पर संचालित उड़ान का परीक्षण करने के लिए पहली बार डिजाइन किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">नासा के अनुसार, हेलीकॉप्टर को 90 सेकंड तक उड़ान भरने, एक समय में लगभग 300 मीटर की दूरी तक करने और जमीन से लगभग तीन से 4.5 मीटर की दूरी तक उडने के लिए डिजाइन किया गया था। नासा के अनुसार, अब तक, इस हेलीकॉप्टर ने मंगल ग्रह पर 100.2 उड़ान मिनट पूरा किया है, 12.9 किलोमीटर की दूरी तय की है और 18 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Sep 2023 11:01:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Donut Rocks: मंगल पर अमंगल की आशंका से वैज्ञानिक हैरान!</title>
                                    <description><![CDATA[Donut rocks: ह्यूस्टन। मंगल ग्रह (Planet Mars) पर एक विचित्र पत्थर (Donut rocks) देखकर नासा (NASA) के वैज्ञानिक हैरान हैं। यह पत्थर डोनट के आकार का विचित्र पत्थर है। वैज्ञानिक भी ये सोचकर हैरान हैं कि ये पत्थर बीच में गोलाकार आकार का कैसे काटा गया है और आया कहां से है। नासा ने इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/planet-mars-news-donut-rocks/article-49618"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/donut-rocks.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Donut rocks: ह्यूस्टन। मंगल ग्रह (Planet Mars) पर एक विचित्र पत्थर (Donut rocks) देखकर नासा (NASA) के वैज्ञानिक हैरान हैं। यह पत्थर डोनट के आकार का विचित्र पत्थर है। वैज्ञानिक भी ये सोचकर हैरान हैं कि ये पत्थर बीच में गोलाकार आकार का कैसे काटा गया है और आया कहां से है। नासा ने इस चट्टान को देखकर कहा कि इस चट्टान के आस पास कई और छोटे-छोटे पत्थर हैं, जिसे देख कर लगता है कि ये एक तरह का उल्कापिंड  भी हो सकता है। Donut Rocks</p>
<p style="text-align:justify;">इसको लेकर मंगल ग्रह पर इंसान लगातार खोज कर रहे हैं। पृथ्वी के वैज्ञानिक ये भी अनुमान लगा रहे हैं कि वे मंगल ग्रह पर इंसानों को बसा सकते हैं। लेकिन हाल ही में मंगल ग्रह पर ऐसा पत्थर देखकर उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। क्योंकि मंगल पर ऐसा पत्थर मिला है जिसे देख सभी इंसान आश्चर्यचकित हैं। दरअसल, इस पत्थर की आकृति बच्चों की उस मनपसंद चीज से मिलती है जो इंसानों द्वारा भी बेहद पसंद किया जाता है। भारत के बड़े शहरों समेत दुनिया भर में लोग इस चीज के दीवाने हैं। बच्चों में तो इस चीज का इतना क्रेच है कि उन्हें हर रोज ये खाना होता है। आपको बता दें कि हम जिस चीज की बात कर रहे हैं, वो डोनट है। मंगल ग्रह पर जो पत्थर मिला है वो बिल्कुल डोनट के आकार का है। Donut Rocks</p>
<p style="text-align:justify;">नासा के अनुसार नासा का एक प्रिसर्वेंस रोवर इस वक्त मंगल ग्रह पर घूम रहा है और वहां की तस्वीरें पृथ्वी तक पहुंचा रहा है। उसी रोवर ने हाल ही में एक ऐसी तस्वीर खींची जिसकी चर्चा दुनियाभर में है। ये तस्वीर मंगल ग्रह पर पड़े एक पत्थर जैसी है। ये पत्थर बिल्कुल एक डोनट के आकार का है। दिखने में थोड़ा गोल और इसके बीच में बना सुराख इस पत्थर को हुबहू एक डोनट की शक्ल देता है, जो अमेरिका समेत पूरे यूरोप में लोकप्रिय है। इस तस्वीर को रिमोट माइक्रोस्कोपिक इमेजर की मदद से लिया गया है। वहीं तस्वीर को खींचते वक्त रोवर इस पत्थर से करीब 100 मीटर की दूरी पर था। नासा के अनुसार ये तस्वीर 22 जून 2023 को ली गई थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नासा ने इस तस्वीर को लेकर क्या कहा? Donut Rocks</h4>
<p style="text-align:justify;">नासा ने इस चट्टान को देखकर यह कहा कि यह चट्टान जहां है, उसके आस पास कई और छोटे छोटे पत्थर हैं, नासा ये अनुमान लगा रहा है कि ये एक तरह का उल्कापिंड है, जिसे देखकर नासा का कहना है कि ये चट्टान मंगल ग्रह का नहीं बल्कि किसी और ग्रह का है जो उल्कापिंड के रूप में मंगल ग्रह पर गिरा है। दरअसल, इससे पहले भी मंगल ग्रह पर कई इस तरह के चट्टान पाए गए थे, जो बाद में उल्कापिंड निकले। ये पत्थर इतने वर्षों तक इसलिए संरक्षित हैं क्योंकि मंगलग्रह पर वर्षा बेहद कम होती है। फिलहाल वैज्ञानिक इसके नमूने इकट्ठा करने में जुटे हैं और इससे वो ये तस्दीक करना चाहते हैं कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद था।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
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                <pubDate>Wed, 05 Jul 2023 14:19:08 +0530</pubDate>
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                <title>रूस में जन्मा मंगलग्रह का निवासी, ये बच्चा कर रहा चौंकाने वाले दावे</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को। कहते हैं दुनिया में ऐसे अनेक अबुझ रहस्य हैं, जिनके बारे में सुनकर ही हैरानी होती है। ऐसे ही एक मामला अब सामने आया है, जिसमें रूस के बच्चे ने दावा किया है कि वह मूलत: मंगल ग्रह का निवासी है और पृथ्वी पर उसका ‘पुनर्जन्म’ हुआ है। रूस के वोल्गोग्राड का निवासी बोरिस्का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/martian-this-child-is-making-shocking-claims/article-28250"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/boriska-kipriyanovich.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मॉस्को।</strong> कहते हैं दुनिया में ऐसे अनेक अबुझ रहस्य हैं, जिनके बारे में सुनकर ही हैरानी होती है। ऐसे ही एक मामला अब सामने आया है, जिसमें रूस के बच्चे ने दावा किया है कि वह मूलत: मंगल ग्रह का निवासी है और पृथ्वी पर उसका ‘पुनर्जन्म’ हुआ है। रूस के वोल्गोग्राड का निवासी बोरिस्का किप्रियानोविच कहता है कि मनुष्य जीवन से पहले वह लाल ग्रह पर ‘मंगल ग्रह के निवासी’ के रूप में रहता था।</p>
<p style="text-align:justify;">‘द सन’ की रिपोर्ट के अनुसार अंतरिक्ष को लेकर उसके खुलासों से वैज्ञानिक भी हैरानी में पड़ गए हैं। साल 2017 में ये बच्चा पहली बार सामने आया था, जब उसने 11 वर्ष की अल्पायु में पृथ्वी को लेकर कुछ चेतावनियां जारी की थीं। वो दावा करता है कि हजारों वर्षों पहले एक न्यूक्लियर संघर्ष में उसकी प्रजाति का समूल विनाश हो गया था। और पृथ्वी भी अब उसी ओर बढ़ रही है। बोरिस्का कहते हैं कि पृथ्वी पर रहने वालों को भी वैसी ही तबाही झेलनी पड़ेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मंगल ग्रह पर 35 साल के बाद नहीं बढ़ती उम्र</h4>
<p style="text-align:justify;">बोरिस्का कहता है कि ‘याद है’ कि वह मंगल ग्रह पर पायलट था और एक युद्ध में अपने ग्रह के तबाह होने के बाद उसने पृथ्वी की यात्रा की थी। उसने दावा किया कि अभी भी मंगल पर कुछ लोग मौजूद हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जन्म से ही अलग है बच्चा</h4>
<p style="text-align:justify;">इस बच्चे का कहना है कि मंगलवासी शारीरिक रूप से बहुत लंबे और तकनीकी रूप से बेहद उन्नत होते हैं। वे अंतरिक्ष की यात्रा करने में सक्षम हैं। उसने कहा कि जब मैं 14-15 साल का था तो मुझे याद है कि मंगल पर युद्ध चल रहा था। इसलिए अक्सर मुझे अपने एक दोस्त के साथ हवाई हमले में भाग लेना पड़ता था। मंगल ग्रह के अंतरिक्ष यान गोल और बहुत जटिल हैं। बोरिस्का की माँ ने कहा कि उनका बच्चा जन्म से ही अलग है, क्योंकि पैदा होने के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही उसने बिना किसी सहारे के अपना सिर उठा लिया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मैमोरी पावर ने टीचरों को चौंकाया</h4>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों ने बताया कि ये बच्चा कुछ ही महीनों में बोलने लगा था और सिर्फ डेढ़ साल की उम्र में पढ़ने और पेंट करने सक्षम हो गया था। पढ़ाई शुरू करने के बाद उसकी मैमोरी पावर ने टीचरों को भी हैरानी में डाल दिया था। माता-पिता ने कहा कि उन्होंने कभी बोरिस्का को विशेष तौर पर अंतरिक्ष के बारे में शिक्षा नहीं दी। इसके बावजूद वह अक्सर मंगल ग्रह, एलियंस और स्पेस में हैरान करने वाली बातें करता है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 10:57:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारा</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग (एजेंसी)। चीन ने शनिवार को मंगल ग्रह पर अपना अंतरिक्ष यान उतारकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी मीडिया ने चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष यान तियानवेन-1 मंगल ग्रह के उत्तरी गोलार्द्ध पर यूटोपिया प्लैनिटिया के दक्षिणी भाग में अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/china-launches-spacecraft-on-mars/article-23641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/spacecraft-on-mars.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong> चीन ने शनिवार को मंगल ग्रह पर अपना अंतरिक्ष यान उतारकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी मीडिया ने चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष यान तियानवेन-1 मंगल ग्रह के उत्तरी गोलार्द्ध पर यूटोपिया प्लैनिटिया के दक्षिणी भाग में अपने पूर्व-चयनित लैंडिंग क्षेत्र में स्थानीय समयानुसार 07.18 बजे उतरा। मंगल पर लैंडिंग के लिए ग्राउंड कंट्रोलर्स को एक घंटे से अधिक समय लगा। लैंडिंग के बाद सिग्नल भेजने के लिए रोवर को अपने सौर पैनलों और एंटीना को संपर्क स्थापित करने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी। पृथ्वी और मंगल के बीच 3200 लाख किलोमीटर की दूरी के कारण इसमें 17 मिनट से अधिक का विलंब हुआ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नासा ने सीएनएसए टीम को बधाई दी</h4>
<p style="text-align:justify;">तियानवेन-1 को 23 जुलाई, 2020 को लॉन्च किया गया था, जिसमें एक आॅर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर जुरोंग शामिल था। तियानवेन-1 ने करीब 10 फरवरी को मंगल की कक्षा में प्रवेश करने के बाद से काफी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की हैं। इसके जरिए ही ग्रह पर बफीर्ले यूटोपिया का पता लगाया जा सकेगा। नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थॉमस जुबुर्चेन ने सीएनएसए टीम को बधाई दी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्ष यान उतार चुके हैं</h4>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि चीन से पहले अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ और भारत मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्ष यान उतार चुके हैं। भारत पहला एशियाई देश है, जिसने 2014 में पहली बार में ही मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान को उतारने में सफलता हासिल की थी, तब से यह मंगल ग्रह की अहम जानकारियां और तस्वीरें भेज रहा है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 May 2021 10:52:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अंतरिक्ष: आज पृथ्वी के नजदीक होगा मंगल ग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद (एजेंसी)। अंतरिक्ष में आज एक खगोलीय घटना के तहत मंगल ग्रह पृथ्वी के काफी नजदीक आएगा। यह खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार शाम सात बजकर 47 मिनट पर होगी जिसमें मंगल ग्रह पृथ्वी से 6,20,83,116 किलोमीटर की दूरी पर आ जाएगा। प्लेनेटरी सोसाइटी आॅफ इंडिया (पीएसआई) के निदेशक एन रघुनंदन कुमार ने बताया कि यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/space-mars-will-be-closer-to-earth-today/article-18996"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/mars.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हैदराबाद (एजेंसी)।</strong> अंतरिक्ष में आज एक खगोलीय घटना के तहत मंगल ग्रह पृथ्वी के काफी नजदीक आएगा। यह खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार शाम सात बजकर 47 मिनट पर होगी जिसमें मंगल ग्रह पृथ्वी से 6,20,83,116 किलोमीटर की दूरी पर आ जाएगा। प्लेनेटरी सोसाइटी आॅफ इंडिया (पीएसआई) के निदेशक एन रघुनंदन कुमार ने बताया कि यह खगोलीय घटना 26 महीने के बाद होने वाली ‘मार्स आॅपोजिशन टू सन’ नामक खगोलीय स्थिति के कारण हो रही है। इस विचित्र खगोलीय घटना के तहत मंगल और सूर्य एक दूसरे के विपरीत होंगे। पृथ्वी की दृष्टि से यह तीनों ग्रह एक सीधी रेखा पर आ जाएंगे। कुमार ने बताया कि जब भी कोई ग्रह सूर्य के विपरीत आता है,</p>
<p style="text-align:justify;">तो वह पृथ्वी के काफी नजदीक आ जाता है। इसलिए मंगल ग्रह पृथ्वी के काफी नजदीक, चमकीला और काफी बड़ा दिखेगा। यह दूरबीन के जरिए देखा जा सकेगा। आम तौर पर पृथ्वी से मंगल की सबसे कम दूरी 55.7 मिलियन किलोमीटर जबकि सबसे अधिकतम दूरी 401.3 मिलियन किलोमीटर होती है। पीएसआई के निदेशक ने बताया कि अक्टूबर 2020 सबसे बेहतर मौका है जब आम लोग मंगल ग्रह को नजदीक से देख सकते हैं। इसके बाद 13 वर्षों बाद जून 2033 में ऐसी खगोलीय घटना होगी जब मंगल पृथ्वी के काफी नजदीक होगा। आम लोग बिना किसी उपकरण की मदद से अगले कईं सप्ताह तक आकाश में मंगल ग्रह को देख सकेंगे। शाम को सूर्यास्त के आधा घंटे के बाद लोग आकाश में मंगल ग्रह को देख सकेंगे।</p>
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                <pubDate>Tue, 06 Oct 2020 01:05:28 +0530</pubDate>
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