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                <title>Cyber Security - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Sirsa News: चक्कां के किसान का बेटा व शाह सतनाम जी बॉयज़ कॉलेज का 'सुपर स्टूडेंट' Google पहुँचा</title>
                                    <description><![CDATA[शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज सरसा के सुपर स्टूडेंट एवं गांव चक्कां के युवा बजरंग टाक ने अपनी मेहनत, लगन और सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग से वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। साइबर क्राइम ब्रांच सरसा में टेंडर बेस पर कार्यरत बजरंग टाक का चयन अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी गूगल में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के पद पर हुआ है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/chakkans-son-and-super-student-of-shah-satnam-ji-boys/article-84200"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/chakkan-son.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खारियां/सरसा (सच कहूँ/सुनील कुमार)। शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज सरसा के सुपर स्टूडेंट एवं गांव चक्कां के युवा बजरंग टाक ने अपनी मेहनत, लगन और सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग से वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। साइबर क्राइम ब्रांच सरसा में टेंडर बेस पर कार्यरत बजरंग टाक का चयन अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी गूगल में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के पद पर हुआ है। कंपनी ने उन्हें जॉब ऑफर लेटर भेजा है और वे 8 मई को कैलिफोर्निया स्थित कार्यालय में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय कंपनी से मिले करोड़ों के पैकेज ने न केवल बजरंग के परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गौरवान्वित किया है। बधाई देने वालों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। बजरंग एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता भीम सैन टाक, माता सरोज रानी खेती करते हैं, जबकि परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है। सीमित जमीन होने के कारण परिवार ठेके पर भूमि लेकर खेती करता है। बजरंग अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा मनफूल, माता और पिता को देते हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बजरंग ने वर्ष 2017 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चक्कां से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज सरसा से वर्ष 2023 में बीसीए और चंडीगढ़ स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी से 2025 में एमसीए की डिग्री प्राप्त की। इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी हासिल किए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">खुद बना ट्रेनर, अब दूसरों को दे रहे रोजगार | Sirsa News</h5>
<p style="text-align:justify;">बजरंग वर्तमान में सरसा में साइबर क्लासेज नाम से प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित कर रहे हैं, जहां 160 से अधिक विद्यार्थी साइबर सिक्योरिटी, कोडिंग और एआई की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनमें भारत के अलावा जर्मनी, कतर और अमेरिका के छात्र भी ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। उनके प्रशिक्षण से अब तक 15 युवाओं को सरकारी नौकरी, 38 को निजी कंपनियों और 2 को विदेश में रोजगार मिल चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">महज 23 वर्ष की उम्र में बजरंग 55 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद कर चुके हैं। युवाओं को दिया संदेश बजरंग का कहना है कि सोशल मीडिया स्वयं में गलत नहीं है, बल्कि उसका उपयोग कैसा किया जाता है, यह मायने रखता है। यदि युवा इसे सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करें तो बिना बड़े खर्च के बहुत कुछ सीख सकते हैं और अपना भविष्य संवार सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यूट्यूब से शुरू हुई सीख, गूगल तक पहुंची मेहनत | Sirsa News</h5>
<p style="text-align:justify;">बजरंग ने बताया कि उन्होंने कक्षा 9वीं के दौरान अपने पिता के मोबाइल पर यूट्यूब के माध्यम से कोडिंग सीखना शुरू किया था। शुरूआती दौर में उन्होंने कैलकुलेटर, दुकानों के बिलिंग सिस्टम और गेम से जुड़ी तीन वेबसाइट विकसित कीं, जो आज भी कार्यरत हैं। यहीं से उनकी रुचि कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी में बढ़ती चली गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में उन्होंने नियमित रूप से ऑनलाइन रिसर्च की और जर्मनी के बर्लिन से एथिकल हैकिंग व कोडिंग से संबंधित कोर्स किया। साइबर क्राइम ब्रांच सरसा और हिसार में कार्य करते हुए उन्होंने कई साइबर शिकायतों के समाधान में योगदान दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">20 मिनट में पूरा किया गूगल का टास्क, मिला ऑफर लेटर</h5>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2025 में गूगल की ओर से उन्हें साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा एक विशेष ऑनलाइन टास्क भेजा गया। बजरंग ने इसे मात्र 20 मिनट में पूरा कर दिया। उनकी तकनीकी दक्षता और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स से प्रभावित होकर कंपनी ने 23 अप्रैल को उन्हें साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट पद के लिए ऑफर लेटर भेज दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">बिना नेटवर्क इंटरनेट तकनीक विकसित करना है सपना</h5>
<p style="text-align:justify;">बजरंग टाक का अगला लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे बिना नेटवर्क के भी इंटरनेट और फोन कॉलिंग जैसी सेवाएं संचालित हो सकें। उनका कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है और वे इस दिशा में रिसर्च कर रहे हैं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/chakkan-son.jpg" alt="Chakkan-Son" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Cyber Security: आने वाले समय में एआई साइबर अपराधों को रोकने में अहम रोल निभाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[Cyber Security India: लखनऊ। उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों और उनके समाधान पर गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान डार्क वेब के माध्यम से हो रही अवैध गतिविधियों तथा क्रिप्टोकरेंसी के अनियंत्रित प्रयोग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। Cyber […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/in-the-coming-times-ai-will-play-an-important-role-in-preventing-cyber-crimes/article-74828"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/cyber-security-expert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cyber Security India: लखनऊ। उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों और उनके समाधान पर गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान डार्क वेब के माध्यम से हो रही अवैध गतिविधियों तथा क्रिप्टोकरेंसी के अनियंत्रित प्रयोग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। Cyber Security News</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी डार्क वेब का सहारा लेकर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराने, हैक किए गए डाटा बेचने, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी जो कभी तकनीकी नवाचार मानी जाती थी, अब अवैध कारोबार का प्रमुख साधन बन चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पैनल चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि भारत का नया डिजिटल डाटा संरक्षण कानून ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध हो सकता है। विशेषज्ञों का मत था कि डार्क वेब की गुमनाम और विकेन्द्रित संरचना अपराधियों तक पहुँचने में बड़ी बाधा है, लेकिन उन्नत प्रौद्योगिकी की मदद से इन्हें ट्रैक करना संभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर सेल अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश में अधिकांश साइबर अपराध अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्मों पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके समाधान के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राज्य सरकार भी ठोस कदम उठा रही है। संगोष्ठी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना था कि एआई भविष्य में साइबर अपराधों की रोकथाम में उपयोगी भूमिका निभा सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को भी आवश्यक बताया गया। Cyber Security News</p>
<h3 style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि | Cyber Security News</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">साइबर अपराध रोकने के लिए डेटा एन्क्रिप्शन और सुरक्षित संचार माध्यम अपनाए जाएं।</li>
<li style="text-align:justify;">क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स और एक्सचेंजों में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन की निगरानी के लिए आधुनिक टूल्स और सॉफ्टवेयर का प्रयोग बढ़ाया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">कानून प्रवर्तन एजेंसियों को डार्क वेब पर निगरानी और सक्रिय कार्रवाई और अधिक मजबूत करनी होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">संगोष्ठी में यह स्पष्ट हुआ कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी भी है। Cyber Security News</li>
<li><a title="Adult vaccination: आ गई जरूरी वैक्सीनेशन! यदि नजरअंदाज किया तो होगी परेशानी: विशेषज्ञ" href="http://10.0.0.122:1245/essential-vaccination-has-arrived-if-ignored-there-will-be-trouble-expert/">Adult vaccination: आ गई जरूरी वैक्सीनेशन! यदि नजरअंदाज किया तो होगी परेशानी: विशेषज्ञ</a></li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 16:18:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Cyber Security: साइबर सुरक्षा के प्रति छात्रों को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Cyber Security: खांडा रोड़ स्थित कल्पना चावला विद्यापीठ में साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोनीपत साइबर सुरक्षा अधिकारी अमित ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के महत्व और ऑनलाइन खतरों से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा आज के डिजिटल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/students-were-made-aware-about-cyber-security/article-74339"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/kharkhoda-news-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> Cyber Security: खांडा रोड़ स्थित कल्पना चावला विद्यापीठ में साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोनीपत साइबर सुरक्षा अधिकारी अमित ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के महत्व और ऑनलाइन खतरों से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा आज के डिजिटल युग में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और हमें ऑनलाइन अपने व्यक्तिगत डेटा और जानकारी की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों के प्रकार, ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय और साइबर हमलों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार से चाहे उनके मोबाइल फोन पर कॉल या व्हाट्सएप पर मैसेज टेक्स्ट मैसेज लिंक किसी भी प्रकार का उसमें कोई भी ओटीपी आता है वह किसी से भी शेयर नहीं करना चाहिए। किसी व्यक्ति को लगता है की है कॉल फ्रॉड है तो उसे तुरंत डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए क्योंकि आजकल वीडियो कॉलिंग के जरिए भी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, अमित ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति, प्राचार्या ऊषा वत्स, प्राथमिक प्रभारी रितु सहित अन्य अध्यापकगण और कर्मचारी भी उपस्थित थे। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">प्राचार्या ने अमित के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Mohali factory Blast: मोहाली ऑक्सीजन फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, तेज धमाके से दहले स्थानीय निवासी" href="http://10.0.0.122:1245/massive-explosion-in-mohali-oxygen-cylinder-plant-two-killed/">Mohali factory Blast: मोहाली ऑक्सीजन फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, तेज धमाके से दहले स्थानीय निवासी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 14:40:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Cyber Security: पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ा साइबर ठगों ने फिल्मी स्टाइल से लगा दिया 35 लाख का चुना</title>
                                    <description><![CDATA[Cyber Security: आजमगढ़ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर से ठगी करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है । इन दोनों युवकों ने फर्जी सीबीआई और एंटी करप्शन डिपार्टमेंट के अधिकारी बनकर इंस्पेक्टर से 35 लाख रुपए की ठगी की है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/cyber-thugs-did-not-even-spare-the-policemen-duped-them-of-rs-35-lakh-in-a-filmy-style/article-72623"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Cyber Security: आजमगढ़ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर से ठगी करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है । इन दोनों युवकों ने फर्जी सीबीआई और एंटी करप्शन डिपार्टमेंट के अधिकारी बनकर इंस्पेक्टर से 35 लाख रुपए की ठगी की है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ गुजरात के भावनगर से दो साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। इन अपराधियों ने फर्जी सीबीआई और एंटी-करप्शन अधिकारी बनकर एक रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक से लगभग 35 लाख रुपये की ठगी की थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सरवैया कौशिक और भगीरथ सिंह जाला के रूप में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि 23 फरवरी को पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डराया-धमकाया और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उनके खातों में 35 लाख रुपये जमा करवा लिए। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के साथ मिलकर फर्जी बैंक खातों में पैसे मंगवाते थे और फिर एटीएम और चेक के जरिए निकासी कर कमीशन के लिए अंगड़िया केंद्रों के माध्यम से पैसे भेजते थे। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विभा पाण्डेय की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सफलता हासिल की।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/cyber-thugs-did-not-even-spare-the-policemen-duped-them-of-rs-35-lakh-in-a-filmy-style/article-72623</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 12:52:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Cyber Security: सावधान! कहीं आप तो नहीं लगा रहे सोशल मीडिया पर ऐसी फोटो! प्राइवेसी के लिए है बड़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[Cyber Security: सरसा (सच कहूँ/ पवन कुमार)। आजकल सोशल मीडिया पर गिब्ली स्टाइल फोटो का एक नया ट्रेंड छाया हुआ है। इसे गिब्ली स्टाइल एआई इमेज कहते हैं। लोग अपनी पर्सनल फोटोज को चैटजीपीटी और अन्य प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसे गिब्ली एनीमेशन जैसी इमेज बना रहे हैं। यह ट्रेंड सेलेब्रिटीज से लेकर आम लोगों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/be-careful-such-photos-on-social-media-a-big-threat-to-privacy/article-69242"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/sp-sirsa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cyber Security: सरसा (सच कहूँ/ पवन कुमार)। आजकल सोशल मीडिया पर गिब्ली स्टाइल फोटो का एक नया ट्रेंड छाया हुआ है। इसे गिब्ली स्टाइल एआई इमेज कहते हैं। लोग अपनी पर्सनल फोटोज को चैटजीपीटी और अन्य प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसे गिब्ली एनीमेशन जैसी इमेज बना रहे हैं। यह ट्रेंड सेलेब्रिटीज से लेकर आम लोगों तक सभी में लोकप्रिय है। मगर यह ट्रेंड आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है। साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि ओपन एआई जैसी कंपनियां, इन फोटोज का उपयोग एआई ट्रेनिंग के लिए कर सकती है तथा बिना आपकी सहमति के ये फोटोज डेटा ब्रोकर के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले अपराधियों के हाथों में पहुंच सकती है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर अपराधी आपकी फोटोज का गलत इस्तेमाल कर आपको ब्लैकमेल कर सकते हैं। जैसे जैसे टेक्नोलॉजी अपना रूप बदल रही है। वैसे-वैसे साइबर क्रिमिनल्स ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आप सावधानी रखकर एआई स्कैम से बच सकते हैं। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बताया कि कुछ समय पहले तक जालसाज लिंक भेजकर, फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन जालसाजी करते थे, लेकिन अब फ्रॉड के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। Social Media News</p>
<h3>अपराधी लोगों की आवाज को भी कॉपी कर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे</h3>
<p style="text-align:justify;">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए साइबर अपराधी लोगों की आवाज को भी कॉपी कर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं फोटो के जरिए आपका नकली वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर पैसों की डिमांड की जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के कारण जीवन जीतना आसान हुआ है, उतना ही जालसाजी की समस्या भी बढ़ गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से नामी लोगों के डीप फेक वीडियो के कई मामले सामने आ चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे बचे स्कैम से: अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के पासवर्ड को स्ट्रांग बनाएं, सीक्रेट वर्ड्स का इस्तेमाल करें। इसके अलावा एआई जनरेटेड फोटो और वीडियो असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें पहचान करें। ऑडियो फ्रॉड से बचने के लिए ऑडियो को ध्यान से सुने, मशीन के जरिए बनाई गई आवाज में आपको गौर करने पर अंतर पता चल जाएगा। यदि कोई आपके पास ऐसे फोटो या वीडियो भेजते हैं तो उसमें कपड़ों या हाथ-पैर को ध्यान से देखना चाहिए। यदि आप सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते हैं तो अकाउंट को प्राइवेट रखने से प्राइवेसी बनी रहेगी। Sirsa News</p>
<p><a title="Junior Judo Championships 2024–25: शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सरसा के खिलाड़ी विनय ने जीता सिल्वर मेडल" href="http://10.0.0.122:1245/shah-satnam-ji-boys-college-sirsa-player-vinay-won-silver-medal/">Junior Judo Championships 2024–25: शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज, सरसा के खिलाड़ी विनय ने जीता सिल्वर मेडल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 10:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूली छात्रों ने कोतवाली में जाकर समझी कानूनी प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[कोतवाली प्रभारी ने दी छात्रों को साइबर क्राइम की जानकारी | Baraut News बड़ौत (सच कहूँ न्यूज)। संस्कृति पब्लिक स्कूल शबगा से 31 छात्र छात्राओं का एक समूह बडौत कोतवाली (Kotwali) में शैक्षणिक भ्रमण पर गया, जंहा छात्रों ने भारतीय संविधान में वर्णित कानूनी प्रक्रिया में कोतवाली और पुलिस की भूमिका को भली भांति समझा। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kotwali-in-charge-gave-information-about-cyber-crime-to-the-students/article-50499"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/baraut-news-5.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कोतवाली प्रभारी ने दी छात्रों को साइबर क्राइम की जानकारी | Baraut News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ न्यूज)।</strong> संस्कृति पब्लिक स्कूल शबगा से 31 छात्र छात्राओं का एक समूह बडौत कोतवाली (Kotwali) में शैक्षणिक भ्रमण पर गया, जंहा छात्रों ने भारतीय संविधान में वर्णित कानूनी प्रक्रिया में कोतवाली और पुलिस की भूमिका को भली भांति समझा। बडौत शहर कोतवाल जे एस चौहान ने छात्रों को कोतवाली की कार्यप्रणाली को बारीकी से अवगत करातेहुए साइबर क्राइम के विषय मे भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल का प्रयोग अत्यंत सोच समझकर करे। अनावश्यक लिंक पर क्लिक न करे। महिला प्रकोष्ठ की अधिकारियों ने बालिकाओं को महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति के विषय मे बताया। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ छात्रों ने कार्यालय में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया, मालखाने में असलाह की देखभाल व रख रखाव के विषय मे भी जानकारी प्राप्त की। इंस्पेक्टर चौहान ने बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा व चरित्र पर विशेष ध्यान देने की सीख दी और बताया कि कोई भी गैर कानूनी काम न करें, क्योंकि नौकरी लगने पर पुलिस वेरीफिकेशन होता है और अनजाने में कई बार भविष्य खराब हो जाता है। डायरेक्टर दिनेश शर्मा व प्रधानाचार्य हरिदत्त शर्मा ने कोतवाली प्रभारी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सरिता सिंह पी टी आई, शैलजा, नैंसी, कहकशा, छवि, साक्षी, अमन, प्रियांशु, धनंजय, अभिप्राय, अवित, आर्यन आदि उपस्थित रहे। Baraut News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="खुशखबरी: पीएम किसान की 14वीं किस्त जारी, 8 करोड़ से अधिक किसानों खाते में पहुंचा पैसा" href="http://10.0.0.122:1245/fourteenth-installment-of-pm-kisan-released/">खुशखबरी: पीएम किसान की 14वीं किस्त जारी, 8 करोड़ से अधिक किसानों खाते में पहुंचा पैसा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kotwali-in-charge-gave-information-about-cyber-crime-to-the-students/article-50499</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2023 19:00:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good Governance : सुशासन के लिए चुनौती साइबर सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[Good Governance : यह तर्कसंगत है कि देश में जैसे-जैसे डिजिटलीकरण का दायरा बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे साइबर सुरक्षा (Cyber ​​Security) सम्बंधी चुनौतियां भी बढ़ती जाएंगी। डाटा चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी साइबर अपराध के बड़े आधार हो गए हैं। शायद यही कारण है कि रोजगार के नए अवसर में डाटा प्राइवेसी, डाटा सिक्योरिटी और नेटवर्क सिक्योरिटी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/cyber-security-a-challenge-for-good-governance/article-49770"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/good-governance.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Good Governance : यह तर्कसंगत है कि देश में जैसे-जैसे डिजिटलीकरण का दायरा बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे साइबर सुरक्षा (Cyber ​​Security) सम्बंधी चुनौतियां भी बढ़ती जाएंगी। डाटा चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी साइबर अपराध के बड़े आधार हो गए हैं। शायद यही कारण है कि रोजगार के नए अवसर में डाटा प्राइवेसी, डाटा सिक्योरिटी और नेटवर्क सिक्योरिटी के विशेषज्ञ प्रोफेशनल की मांग तेजी से बढ़ी है। देखा जाए तो साइबर सुरक्षा का बाजार भी बड़ा आकार लेता जा रहा है। एक रिपोर्ट से यह पता चलता है कि इस बाजार का आकार 2021 में 220 करोड़ का था जो 2027 तक 350 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">देखा जाए तो साल 2021 में होने वाले साइबर हमलों में विश्व में भारत का दूसरा स्थान था और 2022 में तो इसे लेकर 14 लाख मामले दर्ज किए गए थे। विज्ञान और तकनीक जिस मुकाम को हासिल किए उसमें सब कुछ उजला ही नहीं है कुछ उसके स्याह पक्ष भी है साइबर अपराध इसी का एक नतीजा है। कम्प्यूटर, सर्वर, मोबाइल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, नेटवर्क और डेटा को हमले से बचाने का एक बड़ा प्रयास साइबर सुरक्षा है। वैश्विक स्तर पर साइबर खतरा तेजी से गतिमान है और दिन दूनी-रात चैगुनी की तर्ज पर तेजी लिए हुए है। Good Governance</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर अपराधियों ने किसी को भी सुरक्षित नहीं छोड़ा। सांसद, न्यायाधीश, विश्वविद्यालय के कुलपति, व्यापारी, पुलिस अधिकारी को भी अपने शिकंजे में फंसा चुका है। आंकड़े की पड़ताल से यह पता चलता है कि भारत में साल 2021 में साइबर अपराध के लगभग 53 हजार मामलों पर केस दर्ज हुआ, 18 हजार से अधिक मामलों में आरोप पत्र दाखिल हुए, जिसमें 491 मामलों में सजा भी हुई। उक्त से यह परिलक्षित होता है कि साइबर अपराध का दायरा अच्छा खासा पसर गया है और साथ ही साइबर सुरक्षा की चुनौती को बढ़ा दिया है।</p>
<h3>डिजिटलीकरण को दो कदम और आगे बढ़ाने की फिराक में सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा दौर सुशासन उन्मुख दृष्टिकोण से युक्त है साथ ही ई-गवर्नेंस को भारी पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इंटरनेट कनेक्टिविटी को 5-जी व 6-जी की ओर ले जाने का पूरा प्रयास है। 2025 तक 90 करोड़ आबादी को इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है। पढ़ाई-लिखाई से लेकर चिकित्सा व अदालती व्यवस्थाओं में इंटरनेट का पूरा समावेश देखा जा सकता है। ई-बैंकिंग समेत दर्जनों प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक विधाओं से युक्त क्रियाकलापों को जमीन पर उतार दिया गया है। लेन-देन की प्रक्रिया को सरकार भी डिजिटलीकरण के मामले को दो कदम और आगे बढ़ाने की फिराक में रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक भी कहा है कि एक दिन जेब में बिना कैश के ही रहे और लेन-देन को डिजिटल पर ले जाएं। सुशासन की परिपाटी में शासन को यह चिंता होना स्वाभाविक है कि चहुंमुखी विकास को डिजिटलीकरण के माध्यम से बड़ा और सघन बनाया जाए। मगर साइबर सुरक्षा को लेकर एक चिंता अपनी जगह रहती है जो हर लिहाज से सुशासन को मुंह चिढ़ाता है। साइबर खतरे का स्तर लगातार बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा समाधानों पर वैश्विक खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। Good Governance</p>
<p style="text-align:justify;">अनुमान तो यह भी है कि साइबर सुरक्षा खर्च 2023 में 188 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा जबकि 2026 तक यही 260 बिलियन डॉलर हो जाएगा। अमेरिका, इंग्लैण्ड, आॅस्ट्रेलिया देशों ने साइबर सुरक्षा के लिए अनेकों पहल किए हैं। खतरों की विवेचना से यह पता चलता है कि साइबर अपराध बिना किसी सीमा के चलायमान है। साइबर हमले, साइबर आतंकवाद जैसे शब्द सभ्य समाज और व्याप्त सुशासन के लिए कड़ी और बड़ी चुनौती दे रहे हैं। देश के कई इलाके जो साइबर अपराधियों के गढ़ बन गए हैं ऐसे ही इलाकों में हरियाणा का नूंह जिला जिसे साइबर लुटेरों ने मिलकर चर्चे में ला दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार इस जिले में 434 गांव हैं। अधिकांश अरावली की तलहटी में स्थित है और फर्जी कॉल के लिए यह उपयुक्त अड्डे हैं। हालांकि साइबर अपराध दुनिया के किसी भी कोने में कहीं से भी पनप सकता है और समाज को नई मुसीबत में डाल सकता है। देश में इंटरनेट से करोड़ों की आबादी जुड़ गयी। बहुतायत में व्यक्तिगत ईमेल समेत अन्य प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्थाओं से जनता जुड़ गयी मगर एक पक्ष यह भी है कि साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता का स्तर अभी विकसित ही नहीं हो पाया। कई वर्ष पहले ही साइबर अपराध की बढ़ती स्थिति और इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था से गतिमान संदर्भ को देखते हुए यह अनुमान लगा लिया गया था कि देश में साइबर सुरक्षा से जुड़े रोजगार के आकार में बढ़ोत्तरी होगी। Cyber ​​Security</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं सरकार को साइबर सुरक्षा के मसले पर कठोर नियम और कानून से भी गुजरना पड़ेगा। सुशासन की परिपाटी को देखें तो अपराध मुक्त समाज इसकी परिभाषा का एक हिस्सा है जो अब दबे पांव आॅनलाइन लोगों पर हमला करता है और उन्हें वित्तीय समस्या समेत कई सामाजिक-मनोवैज्ञानिक समस्या की ओर धकेलता है। आज इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है और जीवन के सभी पहलुओं को कमोबेश प्रभावित कर रहा है। साइबर जागरूकता और सावधानी इसका प्राथमिक बचाव है मगर जिस देश में अभी भी हर चौथा व्यक्ति अशिक्षित हो वहां साइबर शिक्षा कितनी सबल होगी यह समझना कठिन काम नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर स्टॉकिंग, बौद्धिक सम्पदा की चोरी, वाइरस समेत कई ऐसे प्रारूप हैं जो अपराध के लिहाज से परेशानी का सबब है। गौरतलब है कि साल 2013 से पहले भारत में कोई साइबर नीति नहीं है मगर अब ऐसा नहीं है। राश्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति 2020 साइबर सुरक्षा और साइबर जागरूकता में सुधार लाने की इच्छा से युक्त है। इसी वर्ष भारतीय साइबर अपराध समन्वयक केन्द्र की स्थापना की गई जबकि 2017 में साइबर सुरक्षा केन्द्र और 2018 में साइबर सुरक्षित भारत पहल जैसी कवायद देखी जा सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 डेटा एवं सूचना उद्योग को नियंत्रित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भी कई ऐसी व्यवस्थाएं हैं जिसमें साइबर सुरक्षा को लेकर भारत पहल करता दिखाई देता है। विदित हो कि भारत ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ अनेकों साइबर सुरक्षा सम्बंधी संधियों पर दस्तखत किए। दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य यह है कि साइबर अपराध वर्तमान में वृद्धि के साथ बना हुआ है और इसे रोकने के उपाय वक्त के साथ ढूंढे जा रहे हैं। यद्यपि सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर कई सुशासनिक कदम उठाए हैं इसके लिए साइबर सेल भी बनाए गए हैं। इससे प्रभावित व्यक्ति केस दर्ज करा सकता है और राहत पाने की उम्मीद अंदर पनपा सकता है मगर ज्यादातर मामलों में निराशा ही मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो टूक कहें तो यह हवा में किया जाने वाला एक ऐसा अपराध है जो कमाई को उड़ा देता है। सूचना सुरक्षा भंडारण में भी सेंध लगने से अखण्डता और गोपनीयता को भी खतरा पैदा हो रहा है। साइबर अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति और प्रकार को देख कर यह सोचना सही रहेगा कि इससे सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल साइबर सेल और सरकार पर नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि जन मानस को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सावधानी का स्तर भी तुलनात्मक बढ़ा लेना चाहिए।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. सुशील कुमार सिंह, वरिष्ठ स्तंभकार एवं प्रशासनिक चिंतक (ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Artificial Intelligence: अब बूढ़े नहीं होंगे लोग, एआई कर रही ऐसा प्रयोग !" href="http://10.0.0.122:1245/now-people-will-not-grow-old-ai-is-doing-such-an-experiment/">Artificial Intelligence: अब बूढ़े नहीं होंगे लोग, एआई कर रही ऐसा प्रयोग !</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/cyber-security-a-challenge-for-good-governance/article-49770</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2023 17:36:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कक्षा-3 से कॉलेज तक के विद्यार्थी कर सकेंगे आवेदन&amp;#8230;.</title>
                                    <description><![CDATA[ई-रक्षा प्रतियोगिता: साइबर सुरक्षा में एनसीईआरटी दे रहा ईनाम जीतने का मौका श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 (E-Raksha Competition) के 5वें संस्करण की शुरुआत की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने ज्ञान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ncert-is-giving-chance-to-win-prize-in-cyber-security/article-48442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/sri-ganganagar-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ई-रक्षा प्रतियोगिता: साइबर सुरक्षा में एनसीईआरटी दे रहा ईनाम जीतने का मौका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 (E-Raksha Competition) के 5वें संस्करण की शुरुआत की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने ज्ञान और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि प्रतियाेगिता में मूल्यांकन के लिए तीन दौर निर्धारित किए गए हैं। जिसमें ग्रैंड जूरी द्वारा प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष विजेताओं का चयन किया जाएगा। साथ ही विजेता प्रतिभागियों को प्रविष्टियों को एनसीईआरटी और साइबरपीस फाउंडेशन पोर्टल्स पर प्रदर्शित भी किया जाएगा। साथ ही प्रमाण पत्र, ईनाम और ट्रॉफी से सम्मानित भी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ई-रक्षा प्रतियोगिता (E-Raksha Competition) का लक्ष्य आवश्यक सुरक्षा मानदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सभी आयु समूहों के युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में सक्षम बनाना है। प्रतियोगिता युवा शिक्षार्थियों, शिक्षकों, स्कूल अधिकारियों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा अवधारणाओं का ठोस और व्यापक अनुभव प्रदान करती है, ताकि वे साइबर सुरक्षा शब्दावली, खतरों, चुनौतियों और सुरक्षा तकनीकों को समझ सकें और अपने स्वयं के सबमिशन को डिजाइन कर सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभिभावकों और शिक्षा अधिकारियों में बढ़ेगा कौशल</h3>
<p style="text-align:justify;">यह प्लेटफॉर्म प्रतिभागियों को अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने, डोमेन विशेषज्ञों के साथ सहयोग, नेटवर्क बनाने व साइबर पीस फाउंडेशन और एनसीईआरटी द्वारा आयोजित साइबर शिविरों के दौरान जटिल चुनौतियों को हल करके सीखने का अवसर भी देता है। इससे पहले ई-रक्षा 2019, ई-रक्षा 2020 और ई-रक्षा 2021 और 2022 के पिछले चार संस्करणों को भारत के सभी राज्यों के प्रतिभागियों द्वारा बहुत ही विचारोत्तेजक, मूल्यवान और रचनात्मक प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रतियाेगिता में निःशुल्क है भागीदारी | (Sri Ganganagar News)</h3>
<p style="text-align:justify;">कक्षा 3 के छात्राें के बाद स्कूलों की सभी कक्षाओं के शिक्षक और माता-पिता अथवा देखभाल करने वाले भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं, प्रतियाेगिता में भागीदारी के लिए काेई शुल्क निर्धारित नहीं है। प्रतिभागियों को विषय के साथ संरेखित एक कलाकृति (पोस्टर, बैनर), पॉडकास्ट, वीडियो, निबंध, ब्लॉग या एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने और अपलोड करने की आवश्यकता है। प्रविष्टियां हिंदी या अंग्रेजी में भेजी जा सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फैक्ट फाइल</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रेणी -1. कक्षा 3 से कॉलेज तक के विद्यार्थी<br />
श्रेणी -2. स्कूल और कॉलेज शिक्षक<br />
श्रेणी -3. व्यक्ति या संगठन<br />
श्रेणी -4. माता-पिता और अभिभावक</p>
<p style="text-align:justify;">“ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 में आरबीएसई तथा सीबीएसई के अलावा किसी भी बोर्ड के विद्यार्थी आवेदन कर सकतें हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को www.eraksha.net पर अपनी श्रेणी के अनुसार पंजीकरण करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई है। इसमें अन्य स्रोतों से नकल या कॉपी आदि की गई प्रविष्टियों को अस्वीकार कर दिया जाएगा।”<br />
<strong>-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, विद्यार्थी परामर्श केंद्र, श्रीगंगानगर</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ncert-is-giving-chance-to-win-prize-in-cyber-security/article-48442</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2023 16:42:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर सुरक्षा पर छात्राओं को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ न्यूज/हेमंत कुमार)। रोहतक मार्ग पर स्थित कन्या कॉलेज में साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा (Cyber Security Program) के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य योगिता मलिक ने की। इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर साइबर सेल इंचार्ज सोनीपत कमल सिंह ने कहा कि आज हम तकनीकी युग […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/girl-students-were-informed-about-cyber-security-by-cyber-security-cell-in-kanya-college/article-47106"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/cyber-​security.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ न्यूज/हेमंत कुमार)।</strong> रोहतक मार्ग पर स्थित कन्या कॉलेज में साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा (Cyber Security Program) के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य योगिता मलिक ने की। इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर साइबर सेल इंचार्ज सोनीपत कमल सिंह ने कहा कि आज हम तकनीकी युग में जी रहे हैं, अतः इस तकनीकी की जानकारी हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इससे ज्ञान के अभाव में हम ठगी, धोखाधड़ी का शिकार बन जाते हैं। साइबर क्राइम आज बढ़ रहा है तकनीकी जागरूकता ही इसका समाधान है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="देने वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के….दूल्हा-दुल्हन को मिले 3 करोड़…" href="http://10.0.0.122:1245/kanyadan-along-with-land-donation-program-mass-marriage-in-betul/">देने वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के….दूल्हा-दुल्हन को मिले 3 करोड़…</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">इसलिए इसके बारे में जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। (Cyber Security Program) उन्होंने कहा कि अगर कोई भी इस तरह के साइबर क्राइम के जाल में फंस जाता है, तो सरकारी हेल्पलाइन एवं टोल फ्री नंबर पर सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। उनको हमेशा याद रखें और समय पर उनकी सहायता ले सकते हैं, इस अपराध को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने छात्रों को जागरूक करते हुए कहा कि अपना व्हाट्सएप फेसबुक, ईमेल आईडी फोन कॉल, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि के किसी भी प्रकार का कोई भी ओटीपी किसी को ने बताए। इस मौके पर कांस्टेबल पंकज, प्रवीण, डॉ शालिनी आदि व्यक्ति मौजूद रहे</span><span style="text-align:justify;">।</span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 May 2023 17:45:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक : आचार्य</title>
                                    <description><![CDATA[उमंग संस्थान द्वारा महिंद्रा कॉलेज में साइबर सुरक्षा सेमिनार आयोजित पटियाला। (सच कहूँ/खुशवीर तूर) देशभर में साइबर क्राइम को लेकर रोजाना हजारों मामले पुलिस में दर्ज हो रहे हैं। जिस कारण अपराध के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी वर्तमान समय की आवश्यकता है। इस संबंध में कंप्यूटर साइंस विभाग ने प्रिंसिपल डॉ. सिमरत कौर के नेतृत्व में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/umang-institute-organized-an-cyber-security-awareness-seminar-in-patiala/article-40720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/cyber-security-seminar.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">उमंग संस्थान द्वारा महिंद्रा कॉलेज में साइबर सुरक्षा सेमिनार आयोजित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला। (सच कहूँ/खुशवीर तूर) </strong>देशभर में साइबर क्राइम को लेकर रोजाना हजारों मामले पुलिस में दर्ज हो रहे हैं। जिस कारण अपराध के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी वर्तमान समय की आवश्यकता है। इस संबंध में कंप्यूटर साइंस विभाग ने प्रिंसिपल डॉ. सिमरत कौर के नेतृत्व में उमंग वेलफेयर फाउंडेशन के विशेष सहयोग से महिद्रा कॉलेज पटियाला में साइबर सुरक्षा पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। उमंग संस्था के अध्यक्ष अरविंदर सिंह, संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पंजाब पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञ अनुराग आचार्य, सदस्य गुरचरण सिंह भंगू ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पंप संचालक पिता-पुत्र ने बहादुरी से किया मुकाबला, दुम दबाकर भागे लुटेरे" href="http://10.0.0.122:1245/the-robbers-tried-to-carry-out-the-robbery-incident-at-the-petrol-pump/">पंप संचालक पिता-पुत्र ने बहादुरी से किया मुकाबला, दुम दबाकर भागे लुटेरे</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">इस सेमिनार में छात्रों को संबोधित करते हुए अनुराग आचार्य ने कहा कि साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी होना आज की मुख्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने डेटा की सुरक्षा के बारे में जागरूक होना चाहिए।उन्होंने साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के कारणों और लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने डेबिट और क्रेडिट कार्ड, यूपीआई भुगतान और मोबाइल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के लिए टिप्स भी साझा किए।</span></p>
<p style="text-align:justify;">प्रो. मीनाक्षी हेड कंप्यूटर विभाग ने संस्थान के अतिथियों और अन्य बाहरी लोगों का स्वागत किया और छात्रों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा से संबंधित लघु फिल्में दिखाई गईं। मंच सचिव की भूमिका प्रो. विंदर कौर संधू ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में डॉ. जसविंदर सिद्धू ने सभी का धन्यवाद किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सेमिनार में करीब 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डिविनिटी क्लब ने भी सहयोग किया। प्रो. जतिंदर जैन, प्रो. परमिंदर सिंह रेखी, प्रो. स्वर्ण सिंह, डा. जसविंदर, प्रो. स्वर्ण कौर, प्रो. पलविंदर कौर संधू, प्रो. मनप्रीत कौर, प्रो. चिनाक्षी, प्रो. कौशल, प्रो. जसप्रीत कौर, प्रो. शालू, प्रो. मंजू, प्रो. तरणवीर कौर, श्री गौरव गुप्ता सिस्टम एनालिस्ट, गौरव कुमार, कुमारी रजवंत कौर, कुमारी संदीप कौर मौजूद रहीं।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/umang-institute-organized-an-cyber-security-awareness-seminar-in-patiala/article-40720</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 18:16:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर सुरक्षा के लिए करने होंगे पुख्ता इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम हैक होने की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आम आदमी इन हमलों से भारी नुकसान झेल रहे हैं, लेकिन विडम्बना यह है कि सरकार के पास इसके समाधान का तंत्र कमजोर एवं बेअसर है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सूचना क्रांति ने हमारा जीवन आसान बना दिया है। तकनीक के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/strong-arrangements-will-have-to-be-made-for-cyber-security/article-40495"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/cyber-security-expert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम हैक होने की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आम आदमी इन हमलों से भारी नुकसान झेल रहे हैं, लेकिन विडम्बना यह है कि सरकार के पास इसके समाधान का तंत्र कमजोर एवं बेअसर है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सूचना क्रांति ने हमारा जीवन आसान बना दिया है। तकनीक के जरिए प्रत्येक क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान एवं जीवन को आसान बनाने की स्थितियां भी कायम हुई हैं। कई बार तो लगता है कि हम कहीं वैश्विक जंग का नया मैदान तैयार करने एवं आम आदमी से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं एवं संसाधनों को खतरे में तो नहीं डाल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा इसलिए, क्योंकि इस साइबर संसार के विस्तार के साथ ही राष्ट्रीय एवं व्यक्ति सुरक्षा को नया खतरा पैदा हो गया है, जो किसी युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक एवं नुकसानदायी है। प्रतिदिन व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम हैक होने की घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन इसी बीच अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान-एम्स के सर्वर में सेंधमारी ने तो सरकार की नींद उड़ा दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की लगातार कोशिशों के बावजूद उसे पहले की तरह ठीक नहीं किया जा सका है। चिंता की बात यह भी है कि एम्स सर्वर को हैक करने के मामले में जांच एजेंसियां अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच हैकर्स की ओर से सर्वर बहाल करने की एवज में 200 करोड़ रुपए की क्रिप्टो करेंसी की मांग की बात भी सामने आई है। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिये अलग से पुलिस केन्द्र तो खोले गये हैं, लेकिन इनमें काम करने वाले कर्मी-अधिकारियों को साइबर अपराधों के नियंत्रण की तकनीक का ज्ञान शून्य है, अन्य थानों की तरह यहां पर पीड़ितों से अपराधियों जैसे व्यवहार एवं सवालात किये जाते हैं। विडम्बना तो यह है कि इस तरह की शिकायत दर्ज करने में ही कोताही बरती जाती है। इन पुलिस केन्द्र में कोई भी ऐसे संसाधन एवं तकनीकी उपकरण नहीं हैं कि वे तत्काल उस पर नियंत्रण कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां बात एम्स सर्वर को हैक करने की ही नहीं है, यह डिजिटलीकरण की ओर बढ़ते देश में लगातार हो रहे साइबर हमलों की है। एम्स का मामला केवल कामकाज में असुविधा का मसला नहीं है। एम्स के सभी तरह के कामकाज के लिए तो समांतर वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। साइबर स्पेस के तमाम खतरों को देखते हुए दुनिया के किसी भी कोने से रची जाने वाली साइबर अटैक की साजिश को लेकर हमें सतर्क रहना होगा। इसलिए हमें भी साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तो करने ही होंगे, इसको लेकर सख्त कानून भी बनाना होगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Dec 2022 10:06:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ब्लूबगिंग से सावधान रहें</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ध्यान दें कि ऐसे ऐप जो उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन या लैपटॉप को वायरलेस इयरप्लग से कनेक्ट करने देते हैं, बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं और हैक होने की चपेट में हैं। ब्लूबगिंग नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से, एक हैकर इन ऐप्स और उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकता है और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/beware-of-bluebugging/article-40406"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ध्यान दें कि ऐसे ऐप जो उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन या लैपटॉप को वायरलेस इयरप्लग से कनेक्ट करने देते हैं, बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं और हैक होने की चपेट में हैं। ब्लूबगिंग नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से, एक हैकर इन ऐप्स और उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकता है और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार नियंत्रित कर सकता है। स्वतंत्र सुरक्षा शोधकर्ता मार्टिन हरफर्ट ने 2004 की शुरुआत में ब्लूबगिंग के खतरे के बारे में ब्लॉग बनाया था। बग ने ब्लूटूथ प्रोटोकॉल में एक खामी का फायदा उठाया, जिससे यह हमलावर उपयोगकर्ता के फोन से फोन बुक और कॉल लिस्ट डाउनलोड करने में सक्षम हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हैकिंग का एक रूप है, जो हमलावरों को खोज योग्य ब्लूटूथ कनेक्शन के माध्यम से डिवाइस तक पहुंचने देता है। एक बार किसी डिवाइस या फोन के ब्लूबग हो जाने के बाद, एक हैकर कॉल सुन सकता है, संदेश पढ़ सकता है और भेज सकता है तथा संपर्कों को चुरा सकता है एवं संशोधित कर सकता है। यह ब्लूटूथ क्षमता वाले लैपटॉप के लिए खतरे के रूप में शुरू हुआ। बाद में हैकर्स ने इस तकनीक का इस्तेमाल मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों को निशाना बनाने के लिए किया। ब्लूबगिंग हमले ब्लूटूथ-सक्षम उपकरणों का शोषण करके काम करते हैं। डिवाइस का ब्लूटूथ खोजे जाने योग्य मोड में होना चाहिए, जो कि अधिकांश उपकरणों पर डिफॉल्ट सेटिंग है। इसके बाद हैकर डिवाइस को ब्लूटूथ के जरिए पेयर करने की कोशिश करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बार कनेक्शन स्थापित हो जाने के बाद, हैकर प्रमाणीकरण को बायपास करने के लिए क्रूर बल के हमलों का उपयोग कर सकते हैं। वे अनधिकृत पहुंच प्राप्त करने के लिए समझौता किए गए डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं। ब्लूबगिंग तब हो सकती है जब कोई ब्लूटूथ-सक्षम डिवाइस हैकर के 10 मीटर के दायरे में हो। रोकने के तरीके में उपयोग में नहीं होने पर ब्लूटूथ को बंद करना और युग्मित ब्लूटूथ उपकरणों को डिस्कनेक्ट करना, डिवाइस के सिस्टम सॉफ़्टवेयर को नवीनतम संस्करण में अपडेट करना, सार्वजनिक वाई-फाई के उपयोग को सीमित करना और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के रूप में वीपीएन का उपयोग करना रोकने के कुछ तरीके हैं। ब्लूबगिंग उपयोगकर्ताओं को अपने उपकरणों पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-रवि रंजन</strong></p>
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                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Dec 2022 09:57:47 +0530</pubDate>
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