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                <title>Agricultural Law - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Agricultural Law RSS Feed</description>
                
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                <title>क्या केन्द्र सरकार फिर से लाएगी कृषि कानून, जानें कृषि मंत्री तोमर ने क्या कहा&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम में कहा कि तीनों विवादित कृषि कानूनों को जिसे पिछले महीने केंद्र सरकार की ओर से लाखों किसानों द्वारा उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद वापस ले लिया गया, बाद में फिर से पेश किया जा सकता है। इस कानून के खिलाफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/will-the-central-government-bring-agricultural-law-again-know-what-agriculture-minister-tomar-said/article-29430"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/narendra-singh-tomar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम में कहा कि तीनों विवादित कृषि कानूनों को जिसे पिछले महीने केंद्र सरकार की ओर से लाखों किसानों द्वारा उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद वापस ले लिया गया, बाद में फिर से पेश किया जा सकता है। इस कानून के खिलाफ सालभर किसानों ने प्रदर्शन किया था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विवादास्पद कृषि कानूनों को खत्म किए जाने को लेकर ‘कुछ लोगों’ को दोषी ठहराते रहे हैं तो वहीं इन विवादित कानूनों को निरस्त किए जाने के बाद विपक्ष सरकार पर लगातार आरोप लगा रही है कि उसकी ओर से यह फैसला कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए लिया गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकार निराश नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्री तोमर ने कहा, ‘हम कृषि संशोधन कानून लेकर आए। लेकिन कुछ लोगों को ये कानून पसंद नहीं आए, जो आजादी के 70 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा सुधार था। उन्होंने कहा, ‘लेकिन सरकार निराश नहीं है। हम एक कदम पीछे हटे हैं और हम फिर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं। और जब रीढ़ मजबूत होगी तो देश भी मजबूत होगा।</p>
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                <pubDate>Sat, 25 Dec 2021 18:31:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक लोकसभा में पहले ही दिन होगा पेश</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही लोकसभा में पेश करेगी। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और लोकसभा की पहले ही दिन की कार्यसूची में कृषि कानून निरस्त विधेयक 2021 को सूचीबद्ध किया गया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bill-related-to-repeal-of-agricultural-laws-will-be-introduced-in-lok-sabha-on-the-very-first-day/article-28667"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/loksabha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सरकार तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही लोकसभा में पेश करेगी। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और लोकसभा की पहले ही दिन की कार्यसूची में कृषि कानून निरस्त विधेयक 2021 को सूचीबद्ध किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 29 नवंबर को ही इन विधेयकों को निरस्त करने का ऐलान किया था। इसके बाद पिछले बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उस समय कहा था कि सरकार विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में ही शुरू कर देगी। इसे देखते हुए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सहित अन्य दलों ने अपने-अपने सदस्यों से पहले दिन सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। तीनों नए कृषि कानून गत वर्ष सितंबर में पारित किए गए थे लेकिन अनेक किसान संगठनों ने इन कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए पिछले वर्ष 26 नवंबर से इनके खिलाफ आंदोलन और धरना शुरू किया था। किसान संगठन उस समय से ही इन कानूनों को निरस्त करने की मांग करते आ रहे थे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 10:14:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>संसद में कैसे वापस होंगे तीनों कृषि कानून ये है पूरी प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकाश पर्व पर पिछले एक साल से विवादों में रहे तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। इसके बावजूद किसान नेताओं को विपक्षी नेताओं के तीखे तेवर नरम पड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। अब ये लोग एमएसपी की गारंटी संबंधी कानून और आंदोलन के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/how-all-three-agricultural-laws-will-be-returned-in-parliament/article-28540"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/parliment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकाश पर्व पर पिछले एक साल से विवादों में रहे तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। इसके बावजूद किसान नेताओं को विपक्षी नेताओं के तीखे तेवर नरम पड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। अब ये लोग एमएसपी की गारंटी संबंधी कानून और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिलाने की बात पर अड़ गए हैं। हालांकि किसानों ने तीनों कृषि कानून वापिस लेने का फैसले का स्वागत किया है। वहीं उनका कहना है कि जब तक संसद में कानून वापस नहीं हो जाता, तब तक वह आंदोलन जारी रखेंगे। ऐसे में हर किसी के दिमाग में एक सवाल उठता है कि आखिर देश की संसद द्वारा बनाए गए कानून वापिस कैसे होंगे इसकी क्या प्रक्रिया है</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कानून वापिस लेने के दो तरीके</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">देश के संविधान के मुताबिक किसी भी कानून को वापस लेने के दो तरीके हैं। पहला अध्यादेश और दूसरा संसद से बिल पारित कराना। अगर किसी भी कानून को वापस लेने के लिए अध्यादेश लाया जाता है तो उसे 6 महीने के अंदर फिर से संसद में पारित करना जरूरी होता है। अगर किसी कारण से कोई अध्यादेश 6 महीने के अंदर संसद में पारित नहीं हो पाता तो निरस्त कानून फिर से प्रभावी रूप से लागू माना जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है कानून वापसी प्रक्रिया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">संसद में पास किसी कानून को अगर संसद के जरिए ही वापस लिया जाना है तो सर्वप्रथम उस कानून से जुड़े मंत्रालय को संसद में कानून वापसी का प्रस्ताव रखना पड़ेगा। इसके बाद वह प्रस्ताव कानून मंत्रालय के पास जाएगा। कानून मंत्रालय किसी भी कानून को वापस लेने से जुड़ी कानूनी वैधानिकता की जांच करेगा। कई बार कानून मंत्रालय उस कानून में कुछ जोड़ने या फिर घटाने की सिफारिश भी कर सकता है। कानून मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित मंत्रालय कानून वापसी के ड्राफ्ट के आधार पर एक बिल तैयार करता है और संसद में पेश करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद संसद के दोनों सदनों में इस बिल की वापसी पर चर्चा होगी। इसके साथ ही दोनों सदनों में बहस या फिर वोटिंग भी हो सकती है। यदि कानून वापसी के पक्ष में ज्यादा वोट पड़े तो सदन कानून वापसी का बिल पारित करेगा। एक ही बिल के जरिए तीनों कृषि कानून वापसी किया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>राजपत्र में भी करना होगा प्रकाशित</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">संसद के दोनों सदनों यानि लोकसभा और राज्यसभा में कानून वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उसे राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इस तरह कानून वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 10:24:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कृषि कानूनों की वापसी पर जल्द लग सकती है मंत्रिमंडल की मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मंजूरी दी जा सकती है। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद आगामी संसद सत्र में कानूनों को वापस लेने संबंधी विधेयकों को पेश किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार तीन कृषि कानूनों को वापस लेने पर बुधवार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-seal-may-be-taken-soon-on-the-return-of-agricultural-law/article-28532"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/pm-narendera-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मंजूरी दी जा सकती है। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद आगामी संसद सत्र में कानूनों को वापस लेने संबंधी विधेयकों को पेश किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार तीन कृषि कानूनों को वापस लेने पर बुधवार को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दिए जाने की संभावना है और फिर इसे आगे की प्रक्रिया के लिये संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पर्व के अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रहित में कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया है कि संसद के आगामी सत्र शुरू होते ही कानून वापस ले लिये जायेंगे। मोदी ने आंदोलन कर रहे किसानों से आंदोलन खत्म कर घर जाने का आह्वन किया था। पिछले साल देश में तीन कृषि कानून आने के बाद से ही कई किसान संगठन इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली सहित कई अलग-अलग स्थानों पर आंदोलन कर रहे हैं। किसान संगठनों द्वारा लगातार कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की जा रही थी। कई बार किसान और सरकार के बीच मध्यस्थता को लेकर बातचीत भी हुयी लेकिन वह सफल नहीं हुई।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 21 Nov 2021 16:40:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रैक्टर पर संसद पहुंचे राहुल गांधी, सुरजेवाला और बी.वी श्रीनिवास को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सांसद बोले-तीनों कृषि कानून तुरंत वापिस ले सरकार नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस एक बार फिर खुले तौर पर किसानों के समर्थन में उतर आई। सुबह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ट्रैक्टर पर संसद पहुंचे और सरकार से कृषि कानूनों को वापिस लेने की मांग की। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rahul-gandhi-reached-parliament-on-tractor/article-25499"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/agricultural-law-rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">कांग्रेस सांसद बोले-तीनों कृषि कानून तुरंत वापिस ले सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस एक बार फिर खुले तौर पर किसानों के समर्थन में उतर आई। सुबह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ट्रैक्टर पर संसद पहुंचे और सरकार से कृषि कानूनों को वापिस लेने की मांग की। इस मौके पर राहुल गांधी के साथ ट्रैक्टर पर रणदीप सुरजेवाला, दीपेंद्र हुड्डा समेत कई अन्य कांग्रेस नेता सवार दिखे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और बी.वी. श्रीनिवास को हिरासत में ले लिया। इसके साथ है, जिसे ट्रैक्टर पर राहुल गांधी पहुंचे थे उसे भी अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान यहां धारा 144 लागू रहती है। इसी के चलते ये कार्रवाई हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ट्रैक्टर पर संसद पहुंचे। ट्रैक्टर के सामने कृषि कानूनों के खिलाफ पोस्टर चिपकाया गया था और किसानों के समर्थन में बातें लिखी थी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ये किसानों की आवाज है। उन्होंने कहा कि आज किसानों की बात नहीं सुनी जा रही। सरकार को इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने होंगे, ये काले कानून हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को आतंकवादी कहा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाई जा रही है। 200 किसान हर रोज जंतर-मंतर पर संसद करेंगे, जो कि संसद के मॉनसून सत्र तक जारी रहेगी। पिछले करीब एक साल से किसानों का विरोध प्रदर्शन दिल्ली के टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर जारी है। किसानों की मांग है कि तीनों कानून वापस हो, लेकिन सरकार का कहना है कि कानून वापस नहीं होंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पेगासस मु्द्दे पर हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित</h4>
<p style="text-align:justify;">संसद का मॉनसून सत्र विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते बुरी तरह बाधित हा रहा है। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जब संसद की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो राज्यसभा में विपक्षी सांसदों का हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और फिर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, विपक्ष पेगागस, किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ हमलावर है। राज्यसभा में सभापति ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसद शांतनु सेन को मौजूद सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद विपक्ष को एक और मुद्दा मिल गया। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आम आदमी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक यह मौत का वारंट वापस नहीं तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jul 2021 11:33:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कृषि कानूनों को चालू सत्र में ही निरस्त करे केन्द्र सरकार: मायावती</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को चालू सत्र में ही रद्द करने की मांग की है। सुश्री मायावती ने शुक्रवार को कहा कि सरकार किसानो के प्रति अड़ियल रवैया अख्तियार कर रही है जो दुख:द है। कृषि कानूनों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/central-government-should-repeal-agricultural-law-in-the-current-session-itself-mayawati/article-25410"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/mayawati-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को चालू सत्र में ही रद्द करने की मांग की है। सुश्री मायावती ने शुक्रवार को कहा कि सरकार किसानो के प्रति अड़ियल रवैया अख्तियार कर रही है जो दुख:द है। कृषि कानूनों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलित है। सरकार को किसानो के हमदर्दी बरतते हुये कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला संसद के मानसून सत्र में ही करना चाहिए। उन्होने ट्वीट किया, ‘किसानों के प्रति सरकारों को अहंकारी ना होकर बल्कि संवेदनशील व हमदर्द होना चाहिए। किन्तु दु:ख यह है कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करने को लेकर काफी लंबे समय से किसान यहाँ आंदोलित है अब ये जंतरमंतर पर किसान संसद लगाए हैं केन्द्र चालू सत्र में ही इनको रद्द करें। बीएसपी की यह माँग।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जंतर-मंतर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसान कर रहे हैं प्रदर्शन</h4>
<p style="text-align:justify;">कृषि सुधार कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कल यहां जंतर-मंतर पर ‘किसान संसद’ का आयोजन किया गया जिसमें अपनी मांगे पूरी होने तक आन्दोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया। किसान नेता योगेन्द्र यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार किसान विरोधी है और वह किसानों का अपमान करती है। उन्होंने कहा कि यह किसान संगठनों का आन्दोलन है जिनमें से कुछ राजनीतिक विचारधारा भी रखते हैं। ऐसा देश में पहली बार हुआ है जब वोटर ने ह्विप जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती कुछ है और करती कुछ है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/farmers-will-protest-at-jantar-mantar-today/">किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पुलिस की जबरदस्ती तैनाती</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पुलिस की जबरदस्ती तैनाती” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/farmers-will-protest-at-jantar-mantar-today/embed/#?secret=8E6gT9LrNK%23?secret=RJaH4lDfQp" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">आन्दोलनकारी किसानों को सरकार यदि मुट्ठीभर समझती है तो उसकी निगरानी के लिए 30-40 हजार पुलिसकर्मियों को क्यों लगाया गया। किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के मौत का वारंट है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। करीब 200 किसान जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर लाया गया जहां किसान संसद का आयोजन किया गया।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jul 2021 10:45:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती महंगाई और कृषि कानूनों पर सियासी संग्राम</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली बैलगाड़ी व पद यात्रा भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्र द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के अलग-अलग हिस्सों में किसान आंदोलन चल रहा है। इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए भिवानी में रविवार को नेहरू पार्क से लेकर पुराना बस स्टैंड तक कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पैदल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/political-struggle-on-rising-inflation-and-agricultural-laws/article-21936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/political-struggle-on-rising-inflation-and-agricultural-laws.jpeg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली बैलगाड़ी व पद यात्रा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केन्द्र द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के अलग-अलग हिस्सों में किसान आंदोलन चल रहा है। इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए भिवानी में रविवार को नेहरू पार्क से लेकर पुराना बस स्टैंड तक कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पद यात्रा व बैलगाड़ी पर सवार होकर कांग्रेस पार्टी द्वारा किसान आंदोलन को मजबूत करने का संदेश दिया। कांग्रेस के इस पैदल मार्च में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि जब तक केन्द्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक किसानों के हक में वे इसी तरह आवाज बुलन्द करते रहेंगे। इस दौरान कांग्रेसी नेता परमजीत मड्डू ने केंद्रीय कृषि कानूनों के साथ ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती दरों को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Feb 2021 20:35:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि कानूनों का विरोध : ढांसा बॉर्डर धरने पर गरजे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[‘फसल काटेंगे और धरनों पर भी बैठेंगे’ बच्चों को साथ धरने पर पहुंची महिलाएं झज्जर (सच कहूँ/संजय भाटिया)। बेशक अब किसानों को खेतों में सरसों की फसल की कटाई के लिए जाना होगा, लेकिन इसके बावजूद भी धरने बंद नही होंगे। किसान फसल की कटाई भी करेंगे ओर धरनों पर पहुंच कर अपना समर्थन भी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/opposition-to-agricultural-laws-farmers-roared-on-dhansa-border-strike/article-21933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/opposition-to-agricultural-laws-farmers-roared-on-dhansa-border-strike.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>‘फसल काटेंगे और धरनों पर भी बैठेंगे’</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>बच्चों को साथ धरने पर पहुंची महिलाएं</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (सच कहूँ/संजय भाटिया)</strong>। बेशक अब किसानों को खेतों में सरसों की फसल की कटाई के लिए जाना होगा, लेकिन इसके बावजूद भी धरने बंद नही होंगे। किसान फसल की कटाई भी करेंगे ओर धरनों पर पहुंच कर अपना समर्थन भी करेंगे। यह बात ढांसा बॉर्डर पर गुलिया तीसा खाप के तत्वावद्यान में चल रहे धरने पर पहुंचे किसानों ने कही।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार का दिन होने के कारण ढांसा बॉर्डर धरना स्थल पर किसान अपने बच्चों को भी लेकर पहुंचे। अपने पोते ओर पोती के साथ धरने पर पहुंची बीरमती ने कहा कि बच्चों को धरने पर वे इसलिए लाई है कि बच्चें भी देख सकें कि अपनी जमीन की लड़ाई कैसे लड़ी जा रही है। बच्चों को भी पता चले कि उनके परिवार के सदस्य कैसे सड़कों पर बैठे हैं। महिलाओं ने कहा कि सरकार अडियल रवैया अपना रही है। किसानों को हल्के में लेना सरकार को महंगा पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कई दिनों से धरने पर शिरकत कर रही सुशीला, चांदकौर आदि ने बताया कि अब लड़ाई अपनी जमीन बचाने की है। जब किसान के पास उसकी जमीन ही नहीं रहेगी तो किसान क्या खाएगा और कैसे बच्चों की परवरिश करेगा। महिलाओं ने बताया कि धरना स्थलों पर पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वे खड़ी है। महिलाओं ने गर्व के साथ कहा कि वे भी किसान हैं। फसल की बिजाई से लेकर कटाई तक महिलाएं खेतों में अपना योगदान देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांग की अनदेखी कर रही है। धरने पर बैठे उमेद सिंह, बलबीर व कर्मबीर ने बताया कि सरकार की मंशा देखकर नहीं लग रहा कि धरने जल्द समाप्त होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सरकार यह समझ रही है कि फसल कटाई के चलते धरनों से किसान स्वयं ही घरों को लौट जाएंगे। ऐसा सोचना सरकार की भूल है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि किसान सरसों व गेहूं की फसल की कटाई भी करेंगे ओर धरनों पर भी समय देंगे। किसानों ने कहा कि धरनों पर बैठे किसानों ने भीषण सर्दी में भी अपना हौंसला नहीं खोया है, अब गर्मी का भी मुकाबला करने के लिए किसान तैयार हैं। गुलिया तीसा खाप के प्रधान विनोद गुलिया ने कहा कि धरने पर प्रतिदिन भारी संख्या में किसान अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान न थके हैं और न ही हारे हैं। सभी किसानों ने पक्का मन बना लिया है कि जब तक बिल वापसी नहीं तब तक घर वापसी नहीं पर अमल करना है। उन्होंने कहा कि ढांसा बॉर्डर धरने पर बैठे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/opposition-to-agricultural-laws-farmers-roared-on-dhansa-border-strike/article-21933</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Feb 2021 19:43:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि कानूनों को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि कानूनों से छोटे किसानों को होगा लाभ विपक्ष कानूनों के खिलाफ भ्रम फैला रहा है नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमाओं पर अभी भी किसान डटे हुए है। जहां देशभर में अनेक स्थानों पर किसान महापंचायत हो रही है। सरकार और किसान के बीच बातचीत फिलहाल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/prime-minister-narendra-modi-say-about-agricultural-laws/article-21808"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/pm-modi-12.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;">कृषि कानूनों से छोटे किसानों को होगा लाभ</h4>
<ul>
<li><strong>विपक्ष कानूनों के खिलाफ भ्रम फैला रहा है</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमाओं पर अभी भी किसान डटे हुए है। जहां देशभर में अनेक स्थानों पर किसान महापंचायत हो रही है। सरकार और किसान के बीच बातचीत फिलहाल नहीं हो पा रही है। वहीं आज प्रधानमंत्री ने राजा सुहेलदेव स्मारक का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन, बंगाल चुनाव से लेकर यूपी तक के सियासी गणित को साधा है। उन्होंने कहा कि कभी विदेशी कंपनियों को भारत में आने देने वाले लोग आज देसी कंपनियों के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। किसानों के हित में बने कृषि कानूनों के खिलाफ भ्रम फैलाने में जुटे हुए हैं। दुष्प्रचार कर रहे हैं। आज गांव का गरीब किसान देख रहा है कि उसके छोटे से घर और जमीन को बचाने के लिए कोई सरकार इतनी बड़ी स्कीम चला रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने स्वामित्व योजना के तहत गांवों में लोगों को अधिकार देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों से छोटे किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की सियासत के बारे में कहा कि देश के लिए जान न्यौछावर करने वालों को वह जगह नहीं दी गई जिसके वह हकदार थे। इतिहास बनाने वालों के साथ इतिहास लिखने वालों ने जो अन्याय किया है, उसे आज का भारत सुधार रहा है। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद सरकार के पहले पीएम थे। क्या उनके योगदान को वह महत्व दिया गया, जो उन्हें मिलना चाहिए। आज लाल किसे लेकर अंडमान निकोबार तक हमने उनकी पहचान को दुनिया के सामने रखा है।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Feb 2021 12:38:19 +0530</pubDate>
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                <title>उम्मीद हैं केन्द्र सरकार नये कृषि कानूनों को लेगी वापस: गहलोत</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/it-is-expected-that-the-central-government-will-withdraw-the-new-agricultural-laws-gehlot/article-20775"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/ashok-gehlot-21.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान एवं कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी बताते हुए उम्मीद जताई है कि केन्द्र सरकार सर्दी में करीब एक महीने से आंदोलनरत किसानों की पीड़ा को समझेगी और अहंकार छोड़कर नये कृषि कानूनों को वापस लेगी। गहलोत ने राष्ट्रीय किसान दिवस पर आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसान एवं कृषि देश की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है और उनका उत्थान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उम्मीद है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार सर्दी के इस समय में 28 दिन से आंदोलनरत किसानों की पीड़ा को समझेगी और अहंकार छोड़कर नये कृषि कानूनों को वापस लेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमें किसान दिवस पर अन्नदाता के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहिए, जिनकी मेहनत के कारण पर्याप्त खाद्यान्न है और जो देश की प्रगति के लिए अहम योगदान दे रहे हैं। किसान दिवस पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने किसान भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। पायलट ने कहा कि इस मौके केन्द्र सरकार को हम सब को अन्न उपलब्ध कराने वाले एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हमारे अन्नदाताओं की मांगों को स्वीकार कर उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Dec 2020 14:25:53 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि कानून का विरोध करने वाले कांग्रेसी कार्यालय में हुये नजरबंद</title>
                                    <description><![CDATA[गोण्डा। केंद्र सरकार द्वारा लागू नये कृषि कानून की वापसी की मांग कर भारतीय जनता पार्टी के सांसद व विधायकों के समक्ष थाली पीटने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस नें आज कांग्रेस भवन मे ही नजरबंद कर दिया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज चौधरी नें बुधवार को कहा कि भोर से ही पुलिस नें घेराबंदी कर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/congressmen-protesting-against-agricultural-law-were-house-arrest/article-20772"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/farmer-protest-43.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong> केंद्र सरकार द्वारा लागू नये कृषि कानून की वापसी की मांग कर भारतीय जनता पार्टी के सांसद व विधायकों के समक्ष थाली पीटने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस नें आज कांग्रेस भवन मे ही नजरबंद कर दिया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज चौधरी नें बुधवार को कहा कि भोर से ही पुलिस नें घेराबंदी कर उन्हें व अन्य पदाधिकारियों को कांग्रेस भवन मे नजरबंद कर दिया । भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि जानबूझ कर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर सरकार उनके कार्यक्रमों को विफल करने का प्रयास कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी कृषि कानून के बहाने किसानों को रिझाने के लिये कोई न कोई कार्यक्रम घोषित कर रही हैं।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Dec 2020 13:14:00 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि कानून वापस ले सरकार: मायावती</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि किसानों के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाना चाहिए। मायावती ने शनिवार को एक संदेश में कहा कि केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़ देनी चाहिए और किसानों की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए। बसपा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/government-should-withdraw-agricultural-law-mayawati/article-20671"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/mayawati.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि किसानों के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाना चाहिए। मायावती ने शनिवार को एक संदेश में कहा कि केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़ देनी चाहिए और किसानों की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए। बसपा अध्यक्ष ने कहा, ” केन्द्र की सरकार को, हाल ही में देश में लागू तीन नए कृषि कानूनों को लेकर आन्दोलित किसानों के साथ हठधर्मी वाला नहीं बल्कि सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर उनकी माँगों को स्वीकार करके, उक्त तीनों कानूनों को तत्काल वापस ले लेना चाहिए, बीएसपी की यह माँग है।”</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/winter-havoc-in-rajasthan/">यह भी पढ़े – राजस्थान में सर्दी का कहर बढ़ा</a></p>
<p style="text-align:justify;">बसपा अध्यक्ष ने कहा, ” केन्द्र की सरकार को, हाल ही में देश में लागू तीन नए कृषि कानूनों को लेकर आन्दोलित किसानों के साथ हठधर्मी वाला नहीं बल्कि सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर उनकी माँगों को स्वीकार करके, उक्त तीनों कानूनों को तत्काल वापस ले लेना चाहिए, बीएसपी की यह माँग है।”</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Dec 2020 10:14:34 +0530</pubDate>
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