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                <title>Education / Employment - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>विज्ञापन के क्षेत्र में है, बेशुमार अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[समाचार पत्र, पत्रिका, टी.वी., रेडियो, फिल्म और न जाने कहाँ-कहाँ, हर क्षेत्र में विज्ञापन (एडवरटीजमेंट) छाया हुआ है। मीडिया जगत में, चाहे वह प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सभी एडवरटाइजिंग के बल पर टिके हुए हैं। किसी भी उत्पाद को सफल बनाने तथा बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए विज्ञापन की आवश्यकता पड़ती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/there-is-a-lot-of-opportunity-in-the-field-of-advertising/article-32727"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/field-of-advertising-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">समाचार पत्र, पत्रिका, टी.वी., रेडियो, फिल्म और न जाने कहाँ-कहाँ, हर क्षेत्र में विज्ञापन (एडवरटीजमेंट) छाया हुआ है। मीडिया जगत में, चाहे वह प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सभी एडवरटाइजिंग के बल पर टिके हुए हैं। किसी भी उत्पाद को सफल बनाने तथा बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए विज्ञापन की आवश्यकता पड़ती है, विज्ञापन के क्षेत्र में कदम रखने से पहले यह जरूर तय कर लें कि आप इसके लिए सक्षम हैं या नहीं। <strong>(Field of Advertising)</strong> सच्चाई यह है कि कंपनियाँ अपने लिए दूसरों से कुछ अलग चाहती हैं। कंपनियों को हमेशा ऐसा विज्ञापन चाहिए जो बाजार में अपनी पैठ लंबे समय तक जमा सके तथा ब्रांड जल्द से जल्द हिट हो जाए, एक हकीकत यह भी है कि पहले से ही स्थापित कंपनियों को अपने नए उत्पाद लॉन्च करने और मशहूर बनाने में अधिक परेशानी नहीं होती। हालाँकि जो नई कंपनियां बाजार में आती</p>
<p style="text-align:justify;">हैं, उन्हें काफी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। दरअसल, सबसे पहले इन्हें ग्राहकों के बीच अपना विश्वास बहाल करना होता है। ऐसे में आपकी यह जिम्मेदारी होगी कि आप उनके ब्रांड को बाजार में चलाने में मदद करें। अगर आप रचनात्मक सोच रखते हैं तो ये कंपनियां आपका स्वागत करती हैं। इस इंडस्ट्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 1992 में जहाँ यह उद्योग मात्र 1800 करोड़ रुपए का था वहीं पिछले 10 सालों में यह लगभग बीस हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का हो चुका है। पिछले कुछ सालों में ये 20 प्रतिशत प्रति वर्ष से अधिक की विकास दर बनाए हुए है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में इसकी गति और तेज होने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बारहवीं पास भी कर सकता है ये कोर्स:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एडवरटीजमेंट उद्योग हर साल नई ऊंचाइयों को छूएगा। एडवरटीजमेंट उद्योग में अधिक सफल होने के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के अलावा कड़ी मेहनत भी चाहिए। हो सकता है, आपको कई दिनों तक लगातार काम करना पड़े। ऐसे में काम का दबाव अधिक हो सकता है लेकिन घबराएँ नहीं, तनाव के बाद भी काम का अपना अलग मजा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि इस क्षेत्र में योग्यता की बात करें तो बारहवीं पास छात्र एडवरटीजमेंट का कोर्स कर सकता है पर कुछ इंस्टिट्यूट में इसकी योग्यता ग्रेजुएशन रखी गई है। एडवरटीजमेंट उद्योग काफी विस्तृत है इसे कई भागों में विभाजित किया गया है। जैसे अकाउंट्स प्लानिंग, मीडिया प्लानिंग, क्रिएटिव टीम, क्लाइंट सर्विसिंग, कॉपी डिपार्टमेंट, फोटोग्राफी आदि।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मीडिया प्लानिंग:</strong> मीडिया से संभावित काम मीडिया प्लानर के होते हैं। अपने ग्राहकों तक बात पहुंचाने के लिए मीडिया का कौन-सा माध्यम सबसे उपयुक्त होगा। ये सब निर्णय इस विभाग के ही होते हैं। इसके लिए अकाउंट्स प्लानर और क्रिएटिव टीम के साथ मिलकर निर्णय लेते हैं। ये विभिन्न एडवरटाइजिंग एजेंसी को भी सलाह देते हैं।<br />
<strong>अकाउंट्स प्लानिंग:</strong> किसी कंपनी का कितना ध्यान एडवरटाइज पर खर्च होगा, कौन सा मीडियम या मीडिया फायदेमंद हो सकता है, इन सभी बातों का निर्णय प्लानिंग वाले क्रिएटिव टीम के साथ मिलकर लेते हैं।<br />
<strong>क्लाइंट सर्विसिंग:</strong> इसका कार्य क्लाइंट और क्रिएटिव का बीच सेतु का होता हैं। क्लाइंट को किस तरह एडवरटाइज चाहिए और उसे कहां से अधिक फायदा मिल सकता है, ये सारा कार्य इसी विभाग में होता है। इस नौकरी में सफल होने के लिए</p>
<p style="text-align:justify;">कम्यूनिकेशन स्किल अच्छा होना चाहिए। हिंदी, अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। क्योंकि इंटरनेशनल क्लाइंट अगर चाहिए तो अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ जरूरी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अब बात करते हैं इंस्टिट्यूट की :</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ मास कम्यूनिकेशन नई दिल्ली<br />
एमेटी स्कूल आॅफ मास कम्यूनिकेशन</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 12:57:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होटल मैनेजमेंट कोर्स के जरिए करियर के अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[होटल मैनेजमेंट और आतिथ्य पाठ्यक्रम (हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट) कई उद्योगों में बहुत बढ़िया कैरियर के अवसर प्रदान करते हैं। होटल मैनेजमेंट स्नातक (ग्रेजुएट) न केवल अच्छा वेतन अर्जित कर सकते हैं बल्कि भारत के साथ-साथ विदेशों में भी विकास के अच्छे अवसर प्राप्त कर सकते हैं। (Hotel Management Course) होटल मैनेजमेंट नौकरियों में खाद्य और पेय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/career-opportunities-through-hotel-management-course/article-30278"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/hotel-management-course.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">होटल मैनेजमेंट और आतिथ्य पाठ्यक्रम (हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट) कई उद्योगों में बहुत बढ़िया कैरियर के अवसर प्रदान करते हैं। होटल मैनेजमेंट स्नातक (ग्रेजुएट) न केवल अच्छा वेतन अर्जित कर सकते हैं बल्कि भारत के साथ-साथ विदेशों में भी विकास के अच्छे अवसर प्राप्त कर सकते हैं। <strong>(Hotel Management Course)</strong> होटल मैनेजमेंट नौकरियों में खाद्य और पेय सेवा, फ्रंट आॅफिस संचालन, बिक्री और मार्केटिंग, लेखा आदि जैसे कई कौशल शामिल हैं। भारत में कई सरकारी कॉलेज और निजी संस्थान होटल प्रबंधन में प्रमाण पत्र, डिप्लोमा या डिग्री पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। होटल मैनेजमेंट के सभी कोर्स सबसे अच्छे और सीखने में आसान हैं। आप इन्हें डिप्लोमा कोर्स, डिग्री कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स से सीख सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>होटल प्रबंधन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए शैक्षणिक योग्यता</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">होटल मैनेजमेंट के डिग्री या डिप्लोमा कोर्स को चुनने के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान से कक्षा 10+2 उत्तीर्ण है। होटल प्रबंधन के किसी विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए आप 12वीं कक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते है। आप एक फाउंडेशन डिग्री, डिप्लोमा या डिग्री जैसी योग्यता पूरी कर सकते हैं और मैनेजमेंट ट्रेनी योजना के माध्यम से होटल प्रबंधन में प्रवेश कर सकते हैं। यह योजना सभी विषयों के स्नातकों के लिए खुली रहती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम के लिए आयु सीमा:</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">होटल प्रबंधन में डिप्लोमा के लिए प्रवेश पाने की आयु सीमा 22 वर्ष है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश परीक्षा:</strong></h4>
<p>नेशनल काउंसिल आॅफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी संयुक्त प्रवेश परीक्षा या एनसीएचएमसीटी जेईई (जिसे एनएचसीएम जेईई भी कहा जाता है) एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जो होटल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट कार्यक्रमों में उम्मीदवारों को प्रवेश प्रदान करने के लिए आयोजित की जाती है।</p>
<h3><strong>कक्षा 12 के बाद शीर्ष होटल प्रबंधन 3पाठ्यक्रम:</strong></h3>
<ul>
<li><strong> बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद आप होटल मैनेजमेंट के इन पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं :- </strong><br />
बैचलर आॅफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम)</li>
<li> होटल प्रबंधन और खानपान प्रौद्योगिकी में स्नातक (बीएचएमसीटी)</li>
<li> आतिथ्य और होटल प्रशासन में बीएससी।</li>
<li> होटल मैनेजमेंट में बीए</li>
<li> आतिथ्य, यात्रा और पर्यटन में बीबीए।</li>
<li> होटल मैनेजमेंट में बीबीए।</li>
<li>2ॅ होटल प्रबंधन में डिप्लोमा।</li>
</ul>
<h3><strong>हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में शीर्ष उच्चतम भुगतान पद:</strong></h3>
<ul>
<li> कैसीनो महाप्रबंधक</li>
<li> क्षेत्रीय प्रमुख बावर्ची (शेफ)</li>
<li> होटल के प्रबंधक</li>
<li> रेस्टोरेंट मैनेजर</li>
<li> इवेंट मैनेजर</li>
<li> हाउस कीपिंग प्रमुख</li>
<li> खाद्य और पेय निदेशक</li>
</ul>
<h3><strong>हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट नौकरियों के लिए शीर्ष देश</strong></h3>
<p>भारत के इलावा स्पेन, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, आॅस्ट्रेलिया, कनाडा , यूनाइटेड किंगडम, इटली, स्विट्जरलैंड में भी होटल मैनेजमेंट के लिए बहुत अच्छे मौके हैं। पढाई के इलावा नौकरी के भी बहुत अच्छे मौके हैं जहाँ पर विद्यार्थी अपना अच्छा भविष्या बना सकते हैं।</p>
<h3><strong>भारत में शीर्ष होटल प्रबंधन कॉलेज:</strong></h3>
<p>भारत में यह संसथान होटल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के लिए बेहतरीन माने जाते हैं :-</p>
<ul>
<li> इंस्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग एंड न्यूट्रिशन, नई दिल्ली www.iihm.ac.in</li>
<li> वेलकमग्रुप ग्रेजुएट स्कूल आॅफ होटल एडमिनिस्ट्रेशन, मणिपाल www.manipal.edu</li>
<li> होटल प्रबंधन संस्थान मुंबई ६www.ihmctan.edu</li>
<li> होटल प्रबंधन संस्थान बैंगलोर www.ihmbangalore.kar.nic.in</li>
<li style="text-align:justify;"> इंस्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन- [आईएचएमएच], हैदराबाद www.ihmhyd.org</li>
<li> होटल प्रबंधन, खानपान एवं पोषण संस्थान – [आईएचएम], लखनऊ www.eduvidya.com/Colleges/IHM-Lucknow</li>
<li> डॉ. अम्बेडकर इंस्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग एंड न्यूट्रिशन – [आईएचएम], चंडीगढ़ www.ihmchandigarh.org</li>
<li> होटल प्रबंधन संस्थान बठिंडा पंजाब www.ihmbti.com</li>
</ul>
<p style="text-align:right;"><strong><em>-डॉ संजय मित्तल सीनियर बैंकर एंड डॉक्टर आॅफ मैनेजमेंट</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jan 2022 10:48:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बैंकिंग: वित्तीय क्षेत्र में सबसे आकर्षक व स्थिर करियर</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. संजय मित्तल सीनियर बैंकर एंड डॉक्टर आॅफ मैनेजमेंट उत्साही व्यक्तियों के लिए बैंकिंग सेवाओं में करियर वाणिज्य और वित्त के क्षेत्र में सबसे आकर्षक और स्थिर संभावनाओं में से एक है। देश में कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बढ़ने के साथ, इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली पेशेवरों की भारी मांग है। किसी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/banking-the-most-lucrative-and-stable-career-in-the-financial-sector/article-29583"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/career-in-banking-services.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>डॉ. संजय मित्तल</strong></em><br />
<em><strong>सीनियर बैंकर एंड डॉक्टर आॅफ मैनेजमेंट</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">उत्साही व्यक्तियों के लिए बैंकिंग सेवाओं में करियर वाणिज्य और वित्त के क्षेत्र में सबसे आकर्षक और स्थिर संभावनाओं में से एक है। देश में कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बढ़ने के साथ, इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली पेशेवरों की भारी मांग है। किसी भी क्षेत्र में अपना व्यवसाय बनाने के लिए वेतन, सुरक्षा, आगे बढ़ने की संभावनाएं, नया सीखने के मौके आदि कारण होते हैं। बैंकिंग उद्योग में यह सारी संभावनाएं होती हैं जोकि किसी भी मेहनती व्यक्ति को बैंकिंग में एक अच्छा करियर बनाने में सहायक सिद्ध होती हैं। बैंकिंग उद्योग कर्मचारियों को अच्छा पारिश्रमिक प्रदान करता है। बैंक अपने कर्मचारियों को ऋण पर न्यूनतम ब्याज दर, चिकित्सा लाभ, पेंशन लाभ आदि जैसे अतिरिक्त लाभ भी प्रदान करते हैं। बैंकिंग उद्योग में नौकरी की सुरक्षा के साथ-साथ नौकरी की स्थिरता भी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>शैक्षिक योग्यता:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैंक में नौकरी प्राप्त करने के लिए आपका काम से काम स्नातक (ग्रेजुएट) होना जरूरी है। आप किसी भी क्षेत्र में जैसे के आर्ट्स, कॉमर्स, नॉन मेडिकल में ग्रेजुएट होने के बाद बैंक के जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं। वैसे तो सभी बैंक नौकरी देने के बाद अपने नए कर्मचारी को ट्रेनिंग देते हैं, लेकिन यदि आप बैंकिंग में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए बीकॉम सबसे अच्छी शैक्षिक योग्यता होगी। बीकॉम की पढ़ाई के दौरान आपको बैंकिंग और बैंकिंग प्रणाली के सम्बन्धी काफी योग्यता दे दी जाती है और आप नौकरी पाने के बाद उसमें बहुत ही अच्छे से परफॉर्म कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बैंकिंग नौकरी के लिए आवेदन करने की आयु सीमा:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो बैंक में आप कई तरह से अपनी नौकरी शुरू कर सकते हैं, पर सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित पद प्रोबेशनरी अधिकारी का माना जाता है। यदि आप अपनी नौकरी एक प्रोबेशनरी अधिकारी के तौर पर शुरू करते हैं तो आपकी तरक्की की संभावना कई गुना होती है। पीओ परीक्षा में बैठने की न्यूनतम आयु सीमा 20 वर्ष है और अधिकतम सीमा 30 वर्ष है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बैंक पीओ में नौकरी के लिए कैसे आवेदन करें:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रत्येक बैंक का अपना चयन मानदंड (सिलेक्शन प्रोसीजर) है और अपने स्वयं के कागजात का सेट होता है। आईबीपीएस (बैंकिंग में नौकरी सिलेक्शन के लिए एक संस्था) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) में प्रोबेशनरी आॅफिसर (पीओ) की भर्ती के लिए एक सामान्य लिखित परीक्षा आयोजित करता है और भारतीय स्टेट बैंक प्रोबेशनरी आॅफिसर (पीओ) की भर्ती के लिए एक अलग परीक्षा आयोजित करता है। यदि आप किसी निजी क्षेत्र के बैंक में पीओ की जॉब करना चाहते हैं तो उसकी सारी जानकारी आपको उस बैंक की वेबसाइट पे मिल जाएगी। 2021 के आवेदन करने के लिए संबधित अधिसूचना देखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तरक्की पाने के लिए आगे पढाई करें:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैंक की नौकरी मिलने के बाद अगर आप जल्दी तरक्की पाना चाहते हैं तो आगे पढाई करें। बैंकिंग के लिए सबसे बढ़िया और प्रोफेशनल कोर्स सीएआईआईबी है। सीएआईआईबी परीक्षा देश भर में (भारतीय बैंकिंग और वित्त संस्थान) द्वारा आयोजित प्रीमियम परीक्षाओं में से एक है। सीएआईआईबी का उद्देश्य बेहतर निर्णय लेने, ट्रेजरी प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन, बैलेंस शीट प्रबंधन, क्रेडिट प्रबंधन, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, आर्थिक विश्लेषण आदि के लिए आवश्यक उन्नत ज्ञान प्रदान करना है। ज्यादा जानकारी के लिए www.iibf.org.in पद इन पर लॉगिन करें।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">link din</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 11:24:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भावनात्मक खर्चों से बचकर रहें</title>
                                    <description><![CDATA[क्या आप तनाव में होने पर या मूड खराब होने पर खर्चा करते हैं? क्या आप अक्सर अपने पैसे उन चीजों पर भी खर्च करते हैं, जिनकी आपको वास्तव में कोई जरूरत नहीं है? क्या आप अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करती हैं और इसके लिए उधार लेने से भी नहीं झिझकतीं? क्या जब भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/avoid-emotional-expenses/article-29196"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/avoid-emotional-expenses-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">क्या आप तनाव में होने पर या मूड खराब होने पर खर्चा करते हैं? क्या आप अक्सर अपने पैसे उन चीजों पर भी खर्च करते हैं, जिनकी आपको वास्तव में कोई जरूरत नहीं है? क्या आप अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करती हैं और इसके लिए उधार लेने से भी नहीं झिझकतीं? क्या जब भी आप अकेली होते हैं तो आरामदेह भोजन करना, चॉकलेट खाना या फिर शॉपिंग करके आपको अच्छा महसूस होता है? अगर इन सभी सवालों के जवाब हां है तो हो सकता है कि आप इमोशनल स्पेंडिंग हैं। भावनात्मक खर्च एक ऐसा शब्द है, जिसके बारे में बहुत से लोगों को पता ही नहीं होता और इसलिए वह अपनी मेहनत की कमाई को यूं ही बर्बाद करते रहते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इमोशनल स्पेंडिंग, उसके नकारात्मक प्रभाव और उससे निपटने के उपायों के बारे में बता रहे हैं-</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है भावनात्मक खर्च</h4>
<p style="text-align:justify;">भावनात्मक खर्च उसे कहा जाता है, जब आप अपने मूड को बेहतर बनाने के लिए पैसे खर्च करते हैं, आप उस सामान पर खर्च करते हैं जिसकी आपको वास्तव में जरूरत नहीं है, बस आप उसे खरीदाना चाहते हैं। दूसरों शब्दों में, आप बोरियत, तनाव, कम आत्मसम्मान की भावना या नाखुशी के कारण खुद को संतुष्ट करने के लिए खर्च करने का रास्ता चुनते हैं। इस तरह वह अपनी भावनाओं व खराब मूड से उबरने के लिए पैसे का सहारा लेते हैं। आपने इमोशनल ईटिंग के बारे में अवश्य सुना होगा। यह काफी हद तक वैसे ही है। लेकिन इमोशनल ईटिंग में जहां व्यक्ति खुद को खुशी देने के लिए भोजन करने का रास्ता चुनता है, वहीं इसमें वह शॉपिंग करना या खर्चा करना अधिक पसंद करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ऐसे निपटें इस समस्या से:</h4>
<p style="text-align:justify;">इमोशनल स्पेंडिंग की समस्या से निपटना यकीनन आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन कुछ उपायों को अपनाकर और सतत् प्रयास के जरिए आप अपनी इस आदत पर जीत हासिल कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले आप अलग-अलग चीजों के लिए एक बजट तय करें। मसलन, आप हर महीने बर्थडे व अन्य सेलिब्रेशन के लिए एक बजट तय कर सकते हैं। कई बार हमें पता ही नहीं चलता और हमारे इतने पैसे खर्च हो जाते हैं कि आखिरकार जेब खाली हो जाती है। इसलिए, बजट बनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस तरह आप अपने खर्चों का बजट बनाते हैं, ठीक उसी तरह सेविंग्स का भी एक बजट बनाएं। मसलन, आप एक निश्चित रकम तय करें, जो आप हर माह बचाएंगी। हर महीने सैलरी आने पर आप पहले उस बचत को निकालकर एक तरफ रख दें। इसके बाद जब आपके पास सीमित पैसे होंगे तो आप उसी के अनुसार खर्च करेंगी। इससे आपको अपने भावनात्मक खर्च की आदत पर भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी|</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, अगर आप खुद को खुश करने के लिए खर्च करने का रास्ता अपनाते हैं तो बेहतर होगा कि अब आप इसकी जगह दूसरे रास्ते ढूंढें। कुछ महिलाएं अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए और बेहतर महसूस करने के लिए चीजें खरीद लेती हैं। हालाँकि, यह लंबे समय तक नहीं चलने वाला है। भावनात्मक खर्च वास्तव में अकेलेपन से निपटने में मदद नहीं करता है, बल्कि जब आप फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स से गुजरेंगे तो इससे आपको अपराधबोध होगा। इसलिए, बेहतर महसूस करने के लिए आप वह करें जो वास्तव में आपको खुशी दें। आप बागवानी कर सकते हैं, पेंटिंग कर सकते हैं, एक कप कॉफी पी सकते हैं, अपनी पसंदीदा किताब पढ़ सकते हैं या फिर अपनों के साथ समय बिता सकते हैं। ऐसा बहुत कुछ है जो आपको वास्तविक खुशी प्रदान करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आपको भावनात्मक खर्च करने की आदत है, तो ऐसे में आपको एक बैलेंस शीट बनाने की आदत डालनी चाहिए। इससे आपके लिए खुद के लिए बजट बनाना और उस पर टिके रहना अधिक आसान हो जाता है। याद रखें कि कभी-कभार अपने लिए अच्छी चीजें खरीदना गलत नहीं है बशर्ते आप इसे वहन कर सकें और इससे आपके वित्त को नुकसान नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग कर रही हों या फिर डिपार्टमेंट स्टोर में हो, एकदम से भावनात्मक होकर शॉपिंग ना करें। बल्कि किसी भी चीज को बास्केट में एड करने से पहले खुद से एक बार यह जरूर पूछें कि क्या आपको सच में इसकी जरूरत है और फिर उसके बाद भी कुछ भी खरीदें।</p>
<p style="text-align:justify;">भावनात्मक खर्च से बचने के लिए ट्रिगर्स से बचने का प्रयास करें। मसलन, अगर आप खाली वक्त में ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर विजिट करती हैं तो यकीनन आपको कुछ ना कुछ खरीदने का मन करेगा और आपके लिए खुद पर नियंत्रण रखना मुश्किल होगा। इसलिए, आप अपना खाली वक्त इन साइट्स पर बिताने की जगह पार्क में टहलने जाएं या फिर दोस्तों से बात करें या फिर कुछ लिखें।</p>
<p style="text-align:justify;">भावनात्मक खर्च पर काबू पाने के लिए आपको खुद की जवाबदेही तय करनी होगी। मसलन, आपको अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को लिखने की आदत डालनी चाहिए ताकि हर बार जब आप कुछ अनियोजित खरीदने का मन बनाएं तो आप इसे पढ़ सकें। उसके बाद आपके लिए इस पर काबू पाना आसान हो जाएगा।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Dec 2021 20:45:41 +0530</pubDate>
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                <title>वेब डिजाइनिंग में आजमाएं करियर, बनें आत्मनिर्भर</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ करियर डेस्क | सूचना क्रांति का जिस क्षेत्र ने सर्वाधिक लाभ उठाया है, उनमें से एक है वेब डिजाइनिंग का क्षेत्र। डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू, यानी वर्ल्ड वाइड वेब नामक क्रांति ने दुनिया को बदल कर रख दिया है। एक वेबसाइट दुनिया में क्या बदलाव ला सकती है इसे बखूबी कर दिखया है, गूगल, अमेजन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/try-to-make-a-career-in-web-designing-be-self-reliant/article-29097"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/web-designing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ करियर डेस्क |</strong> सूचना क्रांति का जिस क्षेत्र ने सर्वाधिक लाभ उठाया है, उनमें से एक है वेब डिजाइनिंग का क्षेत्र। डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू, यानी वर्ल्ड वाइड वेब नामक क्रांति ने दुनिया को बदल कर रख दिया है। एक वेबसाइट दुनिया में क्या बदलाव ला सकती है इसे बखूबी कर दिखया है, गूगल, अमेजन और फेसबुक जैसी वेबसाइट ने। आप चाहे विकिपीडिया का नाम लें, चाहे फ्लिपकार्ट, चाहे न्यूज की दूसरी वेबसाइट का। इसने नए युग में नई क्रांति को जन्म दिया है। छोटा बिजनेस हो, बड़ा बिजनेस हो, किसी आम या खास इंडस्ट्री से संबंधित कंटेंट की वेबसाइट हो, सामान की डिलीवरी हो या फिर कोई और काम, लोगों की जिंदगी में एक वेबसाइट ने आमूलचूल परिवर्तन लाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वस्तुत: यह कहने में हमें संकोच नहीं होना चाहिए कि शिक्षा तक की ट्रेडिशनल पद्धति को वेबसाइटों ने ना केवल बदला है, बल्कि इसकी बुनियाद को बदलने में भी अहम भूमिका निभाई है।अब जरा सोचिए कि अगर इसका प्रभाव इतना व्यापक है तो इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग महत्वपूर्ण क्यों नहीं होंगे? सच बात तो यह है कि वेब डिजाइनर पिछले कई दशकों से महत्वपूर्ण बने हुए हैं और आज भी इनका महत्व कम नहीं हुआ है। वेब डिजाइनिंग में आप सामान्य एचटीएमएल वेबसाइट से लेकर, स्टैटिक आॅपरेशन एवं डायनेमिक बिहेवियर वाली वेबसाइट बनाते हैं और उसकी सहायता से अपने कस्टमर को लाभ भी पहुंचाते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>वेब डिजाइनिंग के कई भाग हैं डिजाइनिंग पार्ट</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">किसी वेबसाइट का ले आउट कैसा रहना चाहिए, इसका यूजर इंटरफेस किस डिजाइन से बेहतर होगा, इसे डिसाइड करने के लिए आप इसकी स्केचिंग करते हो। साथ में किसी सॉफ्टवेयर में इसका प्रोटोटाइप भी बनाते हो। कई लोग इसे तकनीकी लैंग्वेज में पीएसडी बनाना भी बोलते हैं। यहां डिजाइन फाइनल होती है और उसके बाद ही अगले स्टेप की तरफ कोई बढ़ता है। अगर आप इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं तो एडोबी का फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, कोरल ड्रा जैसे सॉफ्टवेयर में आपको सिद्धहस्त होना चाहिए। इसे आप एक लेवल पर ग्राफिक डिजाइनर भी बोल सकते हैं और आप जितनी बेहतरीन डिजाइन बनाएंगे, वेबसाइट उतनी ही शानदार तरीके से तैयार होगी। इस फील्ड में उपरोक्त सॉफ्टवेयर की महारत रखने वाले लोग न केवल वेबसाइट का लेआउट बनाते हैं, बल्कि लोगों से लेकर तमाम इमेज वर्क भी इनके हाथ में होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एचटीएमएल, सीएसएस की जानकारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसे फ्रंट एंड कोडिंग भी बोल सकते हैं। मतलब सामने वेबसाइट जो दिखती है, उसकी कोडिंग। ब्राउजर में जब आप कोई भी यूआरएल डालते हैं, तो जो फ्रंट एंड नजर आता है वह एचटीएमएल पर चलता है। एचटीएमएल मतलब हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज। इसके कई वर्जन आ चुके हैं और हाल-फिलहाल एचटीएमएल-5 पर कार्य हो रहा है। इसी प्रकार एचटीएमएल को खूबसूरत बनाने का काम करती है स्टाइलशीट जिसको सीएसएस (कैस्केडिंग स्टाइल शीट) बोलते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दोनों कोडिंग लैंग्वेज ही होती हैं और इन्हें आप एक तरह से स्क्रिप्टिंग भी बोल सकते हैं। वेबसाइट डिजाइन करने में जावास्क्रिप्ट भी यूज होती है, जो खासकर इवेंट के लिए प्रयोग की जाती है। जैसे माउस क्लिक करने पर क्या एक्शन होना चाहिए, माउस रोलओवर करने पर क्या एक्शन होना चाहिए, स्क्रोलिंग पर क्या एक्शन होना चाहिए, यह कार्य जावास्क्रिप्ट करती है। इसकी जानकारी आपको एचटीएमएल, सीएसएस, जावास्क्रिप्ट में मिलती है। सामान्य तौर पर इसे आसान कोडिंग लैंग्वेज कहा जाता है और आप इसमें भी महारत हासिल कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कोडिंग जोन </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह ऐसा क्षेत्र है जो असली प्रोग्रामिंग की दुनिया में बदलाव लाता है। एक सामान्य वेबसाइट और गूगल में क्या अंतर है यह डिफाइन करता है कि इसमें कोडिंग किस स्तर की हुई है? एक सामान्य एचटीएमएल वेबसाइट और फेसबुक में क्या अंतर है, एक सामान्य वेबसाइट और अमेजन में क्या अंतर है, यह कोडिंग डिसाइड करती है। कहने का तात्पर्य यह है कि मनुष्य ऊपर से जैसा भी दिखता हो, किंतु उसके मस्तिष्क में कितनी नसें हैं, ब्लड सर्कुलेशन किस प्रकार होता है यह आप प्रोग्रामिंग समझ सकते हैं। कोडिंग लैंग्वेज किसी भी वेबसाइट को नियंत्रित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वह वेबसाइट चाहते गूगल जैसा कोई सर्च इंजन हो, फेसबुक जैसा कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हो या फिर फ्लिप्कार्ट जैसी कोई शॉपिंग वेबसाइट हो, कोडिंग ही यह तमाम चीजें तय करती है। इसमें पीएचपी से लेकर जावा और एएसपी से लेकर पाइथन और सी प्लस प्लस जैसी हेवी लैंग्वेज होती हैं, जिसके ऊपर कोई भी फंक्शन कार्य करता है। इसमें अगर आप महारत हासिल करते हैं, तो वेबसाइट में बड़ी-बड़ी फंक्शनैलिटी ऐड कर सकते हैं, नयी खोज कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>वेब कंसलटेंसी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अगर आप ऊपर में से तीन चीजों में से कुछ नहीं करते हैं तो भी आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। आप तमाम सीएमएस में से किसी एक सीएमएस में महारत हासिल करके लोगों को कंसल्टेंसी दे सकते हैं। बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं जो ड्रैग एंड ड्रॉप पर चलती हैं, किंतु लोगों को उसकी जानकारी नहीं होती है। जैसे वर्डप्रेस, ब्लॉगर, टंबलर इत्यादि। तो किस प्रकार से कोई वेबसाइट बनती है, कार्य करती है, आपको इसकी जानकारी देनी होती है, जो सामान्यत: उसके ट्यूटोरियल में दिया भी होता है। इसे आप यूट्यूब से भी स्टेप बाय स्टेप सीख सकते हैं और अच्छा खासा पैसा भी कमा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्किल्स</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस क्षेत्र में सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए सबसे पहले व्यक्ति का रचनात्मक व अपने काम के प्रति रूचि होना बेहद आवश्यक है। इसमें शैक्षणिक योग्यता से अधिक जरूरी है कि आपको हरदम कुछ नया करने की चाहत होनी चाहिए। उसे न सिर्फ कंप्यूटर की जानकारी हो, बल्कि नए टेंड को देखते हुए वेबसाइट डिजाइन करना आना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि कभी भी दूसरी वेबसाइट की कॉपी न करें। एक वेबसाइट डिजाइनर को वेबसाइट डिजाइनिंग के दौरान काम आने वाली हर तकनीक का भली-भांति ज्ञान होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये होनी चाहिये योग्यता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वेब डिजाइनिंग के क्षेत्र में किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। आप 12वीं के बाद वेब डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स करके अपना कदम आगे बढ़ा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>संभावनाएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वेब डिजाइनिंग के क्षेत्र में काम की कोई कमी नहीं है। जिस तरह हर छोटी-बड़ी कंपनियां खुद ही आॅनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की चाह रखती है, उसे देखते हुए वेब डिजाइनर्स के पास काम बहुत है। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि आप सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशी क्लाइंट्स के लिए भी काम कर सकते हैं। एक वेब डिजाइनर कई तरह की मल्टी नेशनल कंपनियों से लेकर डिजाइन स्टूडियो, मार्केटिंग फर्म, पब्लिशिंग हाउस, मीडिया हाउसेज, एड कंपनियों, वेब प्रॉडक्शन कंपनियों के साथ काम कर सकते हैं। वहीं इस क्षेत्र में फ्रीलांसिंग के भी काफी अवसर हैं। इसके अतिरिक्त आईटी सेक्टर में भी एक वेब डिजाइनर काम कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रमुख संस्थान</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> नेशनल इंस्टीटयूट आॅफ डिजाइन, अहमदाबाद। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> दिल्ली स्वरोजगार समिति, नई दिल्ली। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल। </strong></li>
</ul>
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<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Dec 2021 16:01:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अपने आप को जानना सीखें</title>
                                    <description><![CDATA[लोग दुनिया को जानने की बात तो करते हैं, पर स्वयं को नहीं जानते। जानते ही नहीं, बल्कि जानना भी नहीं चाहते। खुद को जानना ही दुनिया की सबसे बड़ी नियामत है। जो खुद को नहीं जानता, वह भला दूसरों को कैसे जानेगा? दूसरों को भी जानने के लिए पहले खुद को जानना आवश्यक है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/learn-to-know-yourself/article-28625"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/literature.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">लोग दुनिया को जानने की बात तो करते हैं, पर स्वयं को नहीं जानते। जानते ही नहीं, बल्कि जानना भी नहीं चाहते। खुद को जानना ही दुनिया की सबसे बड़ी नियामत है। जो खुद को नहीं जानता, वह भला दूसरों को कैसे जानेगा? दूसरों को भी जानने के लिए पहले खुद को जानना आवश्यक है। इसलिए बड़े महानुभाव गलत नहीं कह गए हैं कि जानने की शुरुआत खुद से करो।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">एक महात्मा का द्वार किसी ने खटखटाया। महात्मा ने पूछा-कौन? उत्तर देने वाले ने अपना नाम बताया। महात्मा ने फिर पूछा कि क्यों आए हो? उत्तर मिला- खुद को जानने आया हूं। महात्मा ने कहा-तुम ज्ञानी हो, तुम्हें ज्ञान की आवश्यकता नहीं। ऐसा कई लोगों के साथ हुआ। लोगों के मन में महात्मा के प्रति नाराजगी छाने लगी। एक बार एक व्यक्ति ने महात्मा का द्वार खटखटाया- महात्मा ने पूछा-कौन? उत्तर मिला-यही तो जानने आया हूं कि मैं कौन हूं। महात्मा ने कहा-चले आओ, तुम ही वह अज्ञानी हो, जिसे ज्ञान की आवश्यकता है? बाकी तो सब ज्ञानी थे।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">इस तरह से शुरू होती है, जीवन की यात्रा। अपने आप को जानना बहुत आवश्यक है। जो खुद को नहीं जानता, वह किसी को भी जानने का दावा नहीं कर सकता। लोग झगड़ते हैं और कहते हैं- तू मुझे नहीं जानता कि मैं क्या-क्या कर सकता हूं। इसके जवाब में सामने वाला भी यही कहता है। वास्तव में वे दोनों ही खुद को नहीं जानते। इसलिए ऐसा कहते हैं। आपने कभी जानने की कोशिश की कि खुदा और खुद में ज्यादा फर्क नहीं है। जिसने खुद को जान लिया, उसने खुदा को जान लिया। पुराणों में भी कहा गया है कि ईश्वर हमारे ही भीतर है। उसे ढूंढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">सवाल यह उठता है कि अपने आप को जाना कैसे जाए? सवाल कठिन है, पर उतना मुश्किल नहीं, जितना हम सोचते हैं। ज़िंदगी में कई पल ऐसे आएं होंगे, जब हमने अपने आप को मुसीबतों से घिरा पाया होगा। इन क्षणों में समाधान तो क्या दूर-दूर तक शांति भी दिखाई नहीं देती। यही क्षण होता है, खुद को पहचानने का। इंसान के लिए हर पल परीक्षा की घड़ी होती है। परेशानियां मनुष्य के भीतर की शक्तियों को पहचानने के लिए ही आती हैं। मुसीबतों के उन पलों को याद करें, तो आप पाएंगे कि आपने किस तरह उसका सामना किया था। एक-एक पल भारी पड़ रहा था। लेकिन आप उससे उबर गए। आज उन क्षणों को याद करते हुए शायद सिहर जाएं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">पर उस वक्त तो आप एक कुशल योद्धा थे, जिसने अपने पराक्रम से वह युद्ध जीत लिया। वास्तव में मुसीबतें एक शेर की तरह होती हैं, जिसकी पूंछ में समाधान लटका होता है। लेकिन हम शेर की दहाड़ से ही इतने आतंकित हो जाते हैं कि समाधान की तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता। लेकिन धीरे से जब हम यह सोचें कि अगर हम जीवित हैं, तो उसके पीछे कुछ न कुछ कारण है।</h6>
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                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 15:52:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>ट्रैवल एंड टूरिज्म में उज्ज्वल भविष्य की अपार संभावनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[-सतविंद्र सिंह सिद्धु एजुकेटर व रिंकी एजुकेशन प्लेटफार्म आज के समय में ट्रैवल एंड टूरिज्म में कैरियर बनाना एक अच्छा आॅप्शन हो सकता है क्योंकि टूरिज्म इंडस्ट्री एक ऐसी इंडस्ट्री है जो हर साल बहुत तेजी से बढ़ रही है इसमें लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और इसका सीधा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/huge-potential-for-bright-future-in-travel-and-tourism/article-28200"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/future-in-travel-and-touris.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><strong><em>-सतविंद्र सिंह सिद्धु एजुकेटर व रिंकी एजुकेशन प्लेटफार्म</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में ट्रैवल एंड टूरिज्म में कैरियर बनाना एक अच्छा आॅप्शन हो सकता है क्योंकि टूरिज्म इंडस्ट्री एक ऐसी इंडस्ट्री है जो हर साल बहुत तेजी से बढ़ रही है इसमें लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो टूरिज्म में अपना करियर बनाना चाहते हैं और जिन्होंने ट्रैवल एंड टूरिज्म में एक अच्छा डिग्री या कोर्स किया हुआ है। <strong>( Future in Travel and Tourism)</strong> हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बन गया है और भारत भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं है। एशिया घूमने आने वाले लोगों में 50% लोग भारत घूमने आते है, इसलिए भारत का टूरिज्म क्षेत्र भी बहुत बड़ा है और हर साल करोड़ों रोजगार पैदा करता है जिस कारण भारत में टूर गाइड और टूर आॅपरेटर की मांग दिन पर दिन बढ़ रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत में ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह इंडस्ट्री भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक लाभदायक क्षेत्रों में से एक है और भारत द्वारा अर्जित की जाने वाली विदेशी मुद्रा में इसका योगदान काफी है। एक रिसर्च के अनुसार भारत में ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री 2025 तक करीब 4.5 करोड़ रोजगार पैदा करेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री का देश की जीडीपी में 10 फीसदी योगदान है। भारत में ट्रैवल इंडस्ट्री का आकार 16 लाख करोड़ रुपए है। 2029 तक इसका आकार दोगुना होकर 35 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रैवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में कोर्स:</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आप ट्रैवल एंड टूरिज्म में अपना करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए आप बारहवीं कक्षा के बाद और ग्रेजुएशन के बाद कोर्स कर सकते हैं। इस फील्ड में आप डिग्री कोर्स डिप्लोमा कोर्स और शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते है इनमें से कुछ प्रमुख कोर्स इस प्रकार है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. बैचलर आॅफ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री में यह काफी प्रसिद्ध कोर्स है और बहुत सारी यूनिवर्सिटी और कॉलेज इस कोर्स को करवाती है। यह एक तीन साल का डिग्री कोर्स है। यदि आपने 12वीं कक्षा किसी भी स्ट्रीम से पास की है, तो आप इस कोर्स को कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप एयरलाइंस, फूड इंडस्ट्रीज, हॉस्पिटलिटी इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज, टैÑवल एजेंसी और गवर्नमेंट टूरिज्म डिपार्टमेंट में जॉब कर सकते हैं। बैचलर आॅफ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स करने के बाद आप वीजा एग्जीक्यूटिव, ट्रैवल एग्जीक्यूटिव, ट्रैवल एजेंट, ट्रांसपोर्ट आॅफिसर, काउंटर असिस्टेंट, टूर मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव, टूर आॅपरेटर, गवर्नमेंट के टूरिज्म डिपार्टमेंट में जॉब कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2. बैचलर आॅफ टूरिज्म मैनेजमेंट:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस डिग्री कोर्स को करने के लिए आप किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होने चाहिए। यह तीन साल का डिग्री कोर्स है। इस कोर्स को करवाने वाली प्रमुख संस्थान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, जीएनए यूनिवर्सिटी, और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हैं। इस डिग्री कोर्स को करने के बाद आप टूर मैनेजर, होटल मैनेजमेंट, ट्रेनी टूर आॅपरेटर, एग्जीक्यूटिव फैसिलिटी मैनेजमेंट आदि में जॉब पा सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप एमबीए इन टूरिज्म मैनेजमेंट और मास्टर आॅफ टूरिज्म मैनेजमेंट भी कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>3. बीएससी इन एयरलाइंस, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह तीन साल का डिग्री कोर्स है अगर आप 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से 50% नंबर से पास की है तो आप इस कोर्स को कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप टूर मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव, ट्रैवल कंसलटेंट, ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजर, आॅपरेशंस एग्जीक्यूटिव, टूर आॅपरेटर, होटल मैनेजमेंट आदि की जॉब पा सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>4. बीबीए इन टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह भी काफी प्रसिद्ध कोर्स है और 12वीं करने के बाद काफी छात्र इस कोर्स को करते हैं। यह तीन साल का डिग्री कोर्स है। इसके लिए 12वीं कक्षा में पास होना अनिवार्य है। इस कोर्स को करने के बाद आप टूर आॅपरेटर ट्रैवल एजेंसीज, इमीग्रेशन एंड कस्टम्स सर्विस आदि में जॉब पा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कुछ अन्य कोर्स:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> सर्टिफिकेट कोर्स इन ट्रैवल एंड टूरिज्म</li>
<li style="text-align:justify;"> एमबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म</li>
<li style="text-align:justify;"> पीजी डिप्लोमा इन ट्रैवल एंड टूरिज्म</li>
<li style="text-align:justify;"> मास्टर आॅफ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रैवल एंड टूरिज्म के लिए जरूरी स्किल्स:</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप ट्रैवल एंड टूरिज्म फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं इसके लिए कुछ स्किल्स का होना भी आवश्यक है जैसे कि अच्छी सोच समझ और अच्छी पर्सनालिटी होना बहुत जरूरी है और इसके साथ-साथ इंग्लिश भाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। इसके अलावा हिस्ट्री, कल्चर, आर्किटेक्चर, आदि का ज्ञान होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ट्रैवल एंड टूरिज्म में जॉब्स:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">1. टूर आॅपरेटर: ट्रैवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में यह काफी अच्छी नौकरी मानी जाती है। इसमें टूर आॅपरेटर को पर्यटकों की यात्रा का पूरा इंतजाम करना होता है। जैसे कि यात्रियों के लिए टूर की प्लानिंग करना उनको अच्छी सेवाएं मुहैया करवाना टूर आॅपरेटर को अपनी भारतीय यात्रियों के अलावा विदेशी यात्रियों को भी सेवाएं मुहैया करवानी होती हैं। एक टूर आॅपरेटर की सैलरी हजारों से लेकर लाखों में होती है<br />
2. हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: ट्रैवल एंड टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से काफी गहरा संबंध है, इसलिए इस सेक्टर में जॉब बहुत अच्छी मानी जाती है और इनकी मासिक सैलरी भी काफी अच्छी होती है। इस सेक्टर में आप देश के साथ-साथ विदेश में भी नौकरी के अवसर मिलते हैं।<br />
3. पर्यटन विभाग: राज्य और केंद्र स्तर पर सरकार द्वारा अनेक पर्यटन विभागों का निर्माण किया गया है। यदि आपने ट्रैवल एंड टूरिज्म में कोई डिप्लोमा या डिग्री की है तो आप इनमें अप्लाई करके अच्छी जॉब पा सकते हैं।<br />
4. ट्रैवल एजेंसी: ट्रैवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में ट्रैवल एजेंसीज का योगदान काफी ज्यादा है। ट्रैवल एजेंसी की वजह से ही आज ट्रैवल एंड टूरिज्म का सेक्टर इतना बड़ा हुआ है। इस कारण ट्रैवल एजेंसी में लगातार ट्रेवल प्रोफेशनल की मांग बढ़ती जा रही है। यदि आपने ट्रैवल एंड टूरिज्म में कोई डिप्लोमा डिग्री की है तो आप ट्रैवल एजेंसी में विभिन्न विभिन्न पदों पर अप्लाई कर सकते हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/if-you-are-interested-in-statistics-make-a-career-in-statistics/">करियर की राह: आकड़ों में है रुचि तो बनाए स्टेटिस्टिक्स में करियर</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“करियर की राह: आकड़ों में है रुचि तो बनाए स्टेटिस्टिक्स में करियर” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/if-you-are-interested-in-statistics-make-a-career-in-statistics/embed/#?secret=Jz2UzBYjEf%23?secret=te6SpvSuUc" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h3 style="text-align:center;"><strong>टूरिज्म कितने प्रकार का होता है: आमतौर पर टूरिज्म तीन भागों में विभाजित है। घरेलू पर्यटन, इनबॉउंड टूरिज्म, आउट बाउंड टूरिज्म।</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">1. घरेलू टूरिज्म: इस प्रकार की टूरिज्म में एक देश के लोग अपने देश के अंदर ही पर्यटन स्थलों को देखने जाते हैं जैसे भारत के लोग आगरा में ताजमहल को देखने जाएं।<br />
2. इनबॉउंड टूरिज्म: इस प्रकार की टूरिज्म में जैसे किसी और देश के लोग भारत में भारत के पर्यटन स्थलों को देखने आए उदाहरण के तौर पर अमेरिका के लोग भारत में घूमने आए।<br />
3. आउटबाउंड टूरिज्म: इसमें भारत के लोग किसी अन्य देश में उनके पर्यटन स्थलों को देखने जाते हैं।</p>
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<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 14:31:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉक्टर बनने की राह है ‘पैरामेडिकल’</title>
                                    <description><![CDATA[एक विज्ञान जो पूर्व-अस्पताल के आपातकालीन सेवाओं से संबंधित है, उसे पैरामेडिकल साइंस कहा जाता है। इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति को एक सहायक चिकित्सक के रूप में संदर्भित किया जाता है। जो उम्मीदवार पैरामेडिकल में करियर बनाना चाहते हैं उनको बता दें कि पैरामेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में काम के प्रमुख क्षेत्रों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/the-path-to-becoming-a-doctor-is-paramedical/article-28111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/paramedical-course.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एक विज्ञान जो पूर्व-अस्पताल के आपातकालीन सेवाओं से संबंधित है, उसे पैरामेडिकल साइंस कहा जाता है। इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति को एक सहायक चिकित्सक के रूप में संदर्भित किया जाता है। जो उम्मीदवार पैरामेडिकल में करियर बनाना चाहते हैं उनको बता दें कि पैरामेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में काम के प्रमुख क्षेत्रों में रीढ़ की हड्डी में चोट प्रबंधन, फ्रैक्चर प्रबंधन, प्रसूति, जलने और मूल्यांकन के प्रबंधन और सामान्य दुर्घटना के दृश्य का मूल्यांकन करते हैं। कुशल परामर्श विशेषज्ञों की बढ़ती मांग ने युवा उम्मीदवारों के लिए कई कैरियर के अवसर खोले हैं। आप पैरामेडिकल कैसे कर सकते हैं, या पैरामेडिकल करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए तथा इससे जुड़ी सारी जानकारी आपको यहां मिलेगी। कुछ लोकप्रिय पैरामेडिकल कोर्स नीचे दिए गए हैं। भारत में कई पैरामेडिकल संस्थान इस क्षेत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा स्तर पर कोर्स पेश कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पैरामेडिकल में करियर:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारत में कई पैरामेडिकल कॉलेज हैं, जो स्नातक डिग्री के क्षेत्र में और स्नातक डिग्री और डिप्लोमा स्तर पर कोर्स प्रदान करते हैं। पात्रता के बारे में बात करते हुए, किसी को मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से विज्ञान धारा के साथ 10+2 का स्तर पारित करना होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्सों की सूची:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पैरा-मेडिकल कोर्स 10वीं, 12वीं के बाद पूरा हो सकते हैं। पैरामेडिकल धारा में 10वीं कक्षा के बाद विभिन्न कोर्स हैं। लोकप्रिय एक साल के कोर्सों में से कुछ में रेडियोलॉजिस्ट, मेडिकल रिकॉर्ड तकनीशियन और आॅप्रेशन थिएटर टेक्नोलॉजी शामिल हैं। आईसीयू तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, फॉमेर्सी सहायक, सीटी तकनीशियन और एन्डोस्कोपी तकनीशियन, अपने 12 वीं कक्षा को पूरा करने के बाद कुछ छह महीने के कोर्स कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>12वीं के बाद सर्वश्रेष्ठ पैरामेडिकल कोर्स हैं:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल लैब प्रौद्योगिकी<br />
मेडिकल एक्स-रे टेक्नोलॉजी<br />
चिकित्सा रिकॉर्ड प्रौद्योगिकी<br />
आॅप्रेशन थियेटर प्रौद्योगिकी<br />
डायलिसिस प्रौद्योगिकी<br />
स्वास्थ्य निरीक्षक<br />
नेत्र प्रौद्योगिकी<br />
चिकित्सकीय मैकेनिक<br />
दांत की सफाई<br />
पैरामेडिकल कोर्स</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पैरामेडिकल कोर्स 3 मुख्यस्वरूपों में उपलब्ध हैं:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बैचलर डिग्री कोर्स</li>
<li style="text-align:justify;">डिप्लोमा सर्टिफिकेट कोर्स</li>
<li style="text-align:justify;">प्रमाण-पत्र कोर्स</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कुछ लोकप्रिय पैरामेडिकल कोर्स:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. भौतिक चिकित्सा (फिजिओथेरपी):</strong><br />
फिजियोथेरेपी एक हेल्थकेयर व्यवसाय है, जो मुख्य रूप से दिव्यांगों और दिव्यांगों के उपचार से जुड़ा है और परीक्षा, मूल्यांकन, निदान और शारीरिक हस्तक्षेप के माध्यम से गतिशीलता, कार्यात्मक क्षमता, जीवन की गुणवत्ता और गतिशीलता को बढ़ावा देना है। एक फिजियोथेरेपिस्ट शारीरिक व्यायाम उपचार, गर्मी, विकिरण, पानी, बिजली आदि जैसे अन्य चिकित्सीय एजेंटों का उपयोग करता है और कमजोरियों का इलाज करने और क्षतिग्रस्त मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों के पुनर्निर्माण के लिए मालिश करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कोर्स:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैचलर आॅफ फिज्योथैरेपी (बीपीटी) 6 महीने की इंटर्नशिप के साथ 4 साल का कार्यक्रम है।<br />
<strong>प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यता:</strong><br />
एक उम्मीदवार जीव विज्ञान, भौतिकी और व्यावहारिक सहित रसायन विज्ञान में कम से कम 50% अंक के साथ कक्षा 12वीं पास होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए आवेदक को कम से कम 17 वर्ष आयु का होना चाहिए। इस कोर्स में उम्मीदवार का प्रवेश योग्यता और प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन पर निर्भर करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नौकरी की संभावनाएं:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">फिजियोथेरेपिस्ट को अस्पतालों में कहीं भी रोजगार मिल सकता है आईसीयू या गेरियाट्रिक्स निजी प्रैक्टिस के लिए भी अवसर है।<br />
<strong>2. व्यावसायिक चिकित्सा (आॅक्यूपेशनल थेरेपी): </strong><br />
व्यावसायिक चिकित्सा उपचार लोगों को अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद करने पर केंद्रित है। ओटी विभिन्न जरूरतों वाले बच्चों की मदद कर सकता है, उनके संज्ञानात्मक, शारीरिक और मोटर कौशल में सुधार कर सकता है और उनके आत्मसम्मान और उपलब्धि की भावना को बढ़ा सकता है। एक व्यावसायिक चिकित्सक शारीरिक रूप से दिव्यांग और मानसिक रूप से मंद व्यक्तियों का पुनर्वसन करता है।<br />
<strong>कोर्स:</strong> बैचलर आॅफ आॅक्यूपेशनल थेरेपी (बीओटी) 6 महीने की इंटर्नशिप के साथ 4 साल का कार्यक्रम है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यता:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के साथ कक्षा 12 उत्तीर्ण होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नौकरी की संभावनाएं:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ओटी स्नातकों को फ्रीलांस सेवाओं की पेशकश के अलावा अस्पतालों, पुनर्वास केंद्रों और नैदानिक केंद्रों में रोजगार मिल सकता है।<br />
<strong>3. रेडियोग्राफी: </strong><br />
डायग्नोस्टिक टेस्ट, रेडियोग्राफी में रेडिएशन के माध्यम से किया जाता है। इसमें एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड, सीटी स्कैन तथा एमआरआई आदि शामिल हैं। एक रेडियोग्राफर मेडिकल टीम के साथ कार्य करता है।<br />
<strong>कोर्स:</strong> साइंस स्ट्रीम से बाहरवीं उत्तीर्ण स्टूडेंट बीएससी इन रेडियोग्राफी कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कोर्स का भी आॅप्सन हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नौकरी की संभावनाएं:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एक रेडियोग्राफर सरकारी या प्राइवेट चिकित्सालय, नर्सिग होम तथा डायग्नोस्टिक सेंटर में नैकरी पा सकता है।<br />
<strong>4. मेडिकल लेबोरेटरी:</strong><br />
मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलोजी को क्लीनिकल लेबोरेटरी साइंस भी कहा जाता है। इसमें डायग्नोसिस तथा रोगों से संबंधित टेस्ट होते हैं। इसमें क्लीनिकल टेक्नोलॉजी, माइक्र बायोलॉजी, ब्लड बैंक तथा इम्यूनोलोजी प्रमुख में आते हैं। मेडिकल टेक्निशियन लेबोरेटरी में टेक्नोलॉजिस्ट एवं सुपरवाइजर के निर्देशन में रुटीन टेस्ट से संबंधित कार्य करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नौकरी की संभावनाएं:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह कोर्स करने वाले सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सालय, ब्लड डोनेशन सेंटर, इमरजेंसी सेंटर तथा क्लीनिक में जॉब्स करते हैं।<br />
<strong>5. आॅप्टोमेट्री:</strong><br />
मनुष्य के आंख की संरचना तथा उसकी कार्य विधि शामिल है। इसमें आंखों के प्रारंभिक लक्षण, लेंस का प्रयोग एवं अन्य परेशानियों को परखा जाता है। आप आॅप्टोमेट्रिक्स में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। इसमें बैचलर आॅफ क्लीनिकल आॅप्टोमेट्री, डिप्लोमा इन आॅप्थलमिक टेक्नीक प्रमुख कोर्स में आते हैं।<br />
नौकरी की संभावनाएं: नेत्र चिकित्सालय तथा कलीनिक में नौकरी आसानी से मिल जाता है।<br />
<strong>6. फार्मासिस्ट:</strong><br />
इसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स बनाने,फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन के तरीके विकसित करने और क्वालिटी कंट्रोल आदि कार्य आते हैं। फार्मासिस्ट ड्रग मैन्युफेर्क्चरिंग कंपनियों, रिसर्च से जुड़े प्राइवेट या सरकारी संस्थानों, डिस्पेंसरी और मेडिकल स्टोर्स आदि में काम कर सकते हैं। डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाओं की डिलीवरी का काम भी फार्मासिस्ट करते हैं।<br />
<strong>कोर्स:</strong> इसके लिए दो वर्षों का डिप्लोमा इन फार्मेसी (डीफार्मा) कर सकते है। जो लोग बैचलर करना चाहते हैं उनको बता दें कि बीफार्मा की अवधि चार वर्ष की है और एमफार्मा की अवधि डेढ़ या दो वर्षों की हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रसिद्ध पैरामेडिकल संस्थान:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट एंड इंस्टीट्यूट<br />
एम्स; नई दिल्ली, सीएमसी; लुधियाना<br />
प्रास्थैटिक्स एंड आथोर्पीडिक्स (सफदरजंग अस्पताल; नई दिल्ली)<br />
सीएमसी; बेंगलुरु, जसलोक हॉस्पिटल; मुंबई, एम्स; नई दिल्ली<br />
केएमसी; वैलूर, एम्स; नई दिल्ली,</p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Nov 2021 09:44:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परफॉर्मिंग आर्ट्स  ग्लैमर के साथ करियर भी</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ करियर डेस्क | परफॉर्मिंग आर्ट का अर्थ है प्रदर्शित की जाने वाली कला यानी जिसमें कलाकार अपने शरीर और चेहरे के हावभावों का इस्तेमाल कर कला का प्रदर्शन करता है। परफॉर्मिंग आर्ट्स में मुख्य रूप से तीन क्षेत्र शामिल हैं म्यूजिक, डांस व ड्रामा। (Performing Arts) म्यूजिक का संबंध गायन, गीत लिखने और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/performing-arts-career-with-glamor/article-28000"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/performing-arts.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ करियर डेस्क |</strong> परफॉर्मिंग आर्ट का अर्थ है प्रदर्शित की जाने वाली कला यानी जिसमें कलाकार अपने शरीर और चेहरे के हावभावों का इस्तेमाल कर कला का प्रदर्शन करता है। परफॉर्मिंग आर्ट्स में मुख्य रूप से तीन क्षेत्र शामिल हैं म्यूजिक, डांस व ड्रामा। <strong>(Performing Arts)</strong> म्यूजिक का संबंध गायन, गीत लिखने और वाद्ययंत्र बजाने से है। ड्रामा में संवाद, संकेत, हावभाव के जरिये कहानी या विचारों को प्रस्तुत किया जाता है। डांस को ड्रामा और म्यूजिक का मिला-जुला रूप माना जाता है। इसमें कलाकार को किसी संगीत या गाने पर शारीरिक मुद्राओं व भाव-भंगिमाओं के जरिये प्रस्तुति देनी होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये है शैक्षणिक योग्यता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">देशभर के कई संस्थानों और विश्वविद्यालयों में परफॉर्मिंग आर्ट्स से संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं। यह कोर्स विभिन्न स्तरों (सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पीजी डिप्लोमा) पर किए जा सकते हैं। आप दसवीं के बाद सर्टिफिकेट, 12वींं के बाद यूजी डिप्लोमा या बैचलर और बैचलर के बाद मास्टर या पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं। कुछ संस्थानों में इस कोर्स में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा या कला प्रदर्शन से गुजरना होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अनौपचारिक रूप से भी प्रवेश संभव</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस क्षेत्र से जुड़ने के दो तरीके हैं। पहला है औपचारिक यानी इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स करके यहां कदम रखा जा सकता है। दूसरा तरीका अनौपचारिक है यानी म्यूजिक, डांस और ड्रामा के किसी समूह से जुड़ कर इस क्षेत्र में आ सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जरूरी विशेषताएं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इन तीनों क्षेत्रों के लिए एक समान गुणों की आवश्यकता होती है, जैसे- रचनात्मकता, टीम वर्क, भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता, काल्पनिकता, शारीरिक क्षमता, विनम्रता और पारस्परिक संवाद कौशल होना जरूरी है। म्यूजिक के लिए आवाज में दम और सुर-ताल का ज्ञान होना अनिवार्य है, जबकि डांस और ड्रामा क्षेत्र के लिए शारीरिक मुद्राओं और हावभावों से स्वयं को अभिव्यक्त करने का कौशल होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यहां हैं अवसर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में इन तीनों क्षेत्रों के कलाकारों की मांग बढ़ गई है। अगर आप ड्रामा से जुड़े हैं तो टीवी पर प्रदर्शित होने वाले धारावाहिकों, फिल्म व थियेटर में काम पा सकते हैं। डांस से जुड़े लोग फिल्म व टीवी में कोरियोग्राफर के सहायक बन सकते हैं या फिर सांस्कृतिक केंद्रों से जुड़ सकते हैं। म्यूजिक क्षेत्र के लोग म्यूजिक कम्पोजर, प्लेबैक सिंगर और म्यूजिशियन के रूप में अपना करियर बना सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इनमें कर सकते हैं स्पेशलाइजेशन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वोकल म्यूजिक, इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक, म्यूजिक हिस्ट्री एंड कम्पोजिशन, जैज एंड मॉडर्न डांस, आॅडिशनिंग एंड स्टेज फरफॉर्मेंस, थियेटर एक्टिंग आदि।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये हैं प्रमुख संस्थान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (फैकल्टी आॅफ परफॉर्मिंग आर्ट्स)<br />
वेबसाइट : <a href="http://bvuniversity.edu.in">http://bvuniversity.edu.in</a><br />
सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स)<br />
वेबसाइट :  <a href="http://www.unipune.ac.in">http://www.unipune.ac.in</a><br />
नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा<br />
वेबसाइट : <a href="http://nsd.gov.in">http://nsd.gov.in</a><br />
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय<br />
वेबसाइट :<a href="http://iksvv.com"> http://iksvv.com</a><br />
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया<br />
वेबसाइट : <a href="http://www.ftiindia.com">http://www.ftiindia.com</a><br />
एमिटी स्कूल आॅफ परफॉर्मिंग आर्ट्स<br />
वेबसाइट : <a href="http://www.amity.edu"> http://www.amity.edu</a><br />
गंधर्व महाविद्यालय<br />
वेबसाइट : <a href="http://gandharvamahavidyalayanewdelhi.org">gandharvamahavidyalayanewdelhi.org</a></p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Oct 2021 10:11:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिस्टेंस एजुकेशन से शिक्षा प्राप्त कर बनाएं अच्छा करियर</title>
                                    <description><![CDATA[-सतविंद्र सिंह सिद्धु एजुकेटर व रिंकी एजुकेशन प्लेटफार्म आज के समय में डिस्टेंस एजुकेशन की तरफ रुझान तेजी से बढ़ रहा है। यह क्षेत्र छात्रों की पहली पसंद बनती जा रही है इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं पहला कारण तो यह है कि छात्रों के नजदीक के विद्यालय में उनके मनपसंद का कोर्स […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/make-a-good-career-by-getting-education-from-distance-education/article-27926"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/distance-education.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><strong><em>-सतविंद्र सिंह सिद्धु एजुकेटर व रिंकी एजुकेशन प्लेटफार्म</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में डिस्टेंस एजुकेशन की तरफ रुझान तेजी से बढ़ रहा है। यह क्षेत्र छात्रों की पहली पसंद बनती जा रही है इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं पहला कारण तो यह है कि छात्रों के नजदीक के विद्यालय में उनके मनपसंद का कोर्स ना मिलना और डिस्टेंस एजुकेशन के द्वारा आप कई यूनिवर्सिटी से आपके मनपसंद के कोर्स कर सकते हैं और इसके लिए आपको प्रवेश परीक्षा जैसी कठिन परीक्षाओं का सामना भी नहीं करना पड़ता ताकि आपके समय और पैसे दोनों की बचत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई मामलों में यह देखा गया है कि बच्चे कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उन प्रवेश परीक्षाओं में सफलता न मिलने से उनका साल खराब होने के मामले भी देखें गए हैं। दूसरी तरफ डिस्टेंस एजुकेशन उन छात्रों के लिए वरदान साबित हुई है जो छात्र सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, क्योंकि वे परीक्षाओं की तैयारी करते वक्त कॉलेज में जाने की बजाए कोचिंग सेंटर में जाना होता है। इसमें वह अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते रहते हैं और साथ में उनकी स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई भी डिस्टेंस एजुकेशन माध्यम से चालू रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे उनकी शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और जो छात्र आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं उन्हें 12वीं के बाद नौकरी करनी पड़ती है। उन छात्रों के लिए भी डिस्टेंस एजुकेशन एक बहुत ही अच्छा विकल्प है ताकि वह अपनी नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। जो छात्र शारीरिक रूप से फिट नहीं होते और उन्हें कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाने में समस्या होती है वह डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से घर पर रहकर भी पढ़ाई कर सकते हैं यह उनके लिए एक अच्छा विकल्प है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डिस्टेंस एजुकेशन क्या है:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डिस्टेंस एजुकेशन को हम शुद्ध हिंदी में दूरस्थ शिक्षा कहते हैं और इसका अर्थ होता है कि ऐसी शिक्षा जिसे दूर से सीखा जा सके, डिस्टेंस एजुकेशन में आपको शिक्षण संस्थान जैसे कि कॉलेज या यूनिवर्सिटी में जाने की आवश्यकता नहीं होती बल्कि आप घर पर रहकर अपनी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। इस शिक्षा प्रणाली के अधीन यूनिवर्सिटी द्वारा आपको शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। समय-समय पर आॅनलाइन कक्षाएं भी लगाई जाती है और आॅनलाइन कक्षाओं के द्वारा छात्रों को दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं कि उन्हें किस तरह अपनी पढ़ाई करनी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डिस्टेंस एजुकेशन का उद्देश्य:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारत में ऐसे कई योग्य छात्र हैं जो पढ़ने के इच्छुक हैं और उनके सामने कई प्रकार की समस्याएं होती हैं जिस कारण वे रेगुलर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नहीं जा पाते तो इन्हीं छात्रों को डिस्टेंस एजुकेशन के द्वारा शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं, डिस्टेंस एजुकेशन के द्वारा श्रमिकों, गृहणियों, नौकरी पेशा इत्यादि वर्ग को शिक्षा ग्रहण करने का अवसर दिया जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डिस्टेंस एजुकेशन में विशेष योगदान:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर जी राम रेड्डी को डिस्टेंस एजुकेशन का आर्किटेक्ट माना जाता है और जी राम रेड्डी को ही डिस्टेंस एजुकेशन का पिता माना जाता है। वे 1985 से लेकर 1990 तक इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे और जी राम रेड्डी ही इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर भी हैं। वे 1982 से लेकर 1985 तक वह आंध्र प्रदेश ओपन यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर रहे। भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉक्टर के ए श्रीमाली ने भी डिस्टेंस एजुकेशन में बहुत बड़ा योगदान दिया है, पूर्व शिक्षा मंत्री ने डिस्टेंस एजुकेशन की आवश्यकता को समझा और क्षेत्र में काम करने के लिए अनेक टीमों का गठन किया जिससे डिस्टेंस एजुकेशन को भारत के कोने कोने में लेकर जाने में मदद मिली।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डिस्टेंस एजुकेशन की मान्यता संबंधी:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डिस्टेंस एजुकेशन यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) द्वारा पूर्ण तौर पर मान्यता प्राप्त है डिस्टेंस एजुकेशन से डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्र किसी भी सरकारी या प्राइवेट नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। डिस्टेंस एजुकेशन से किए गए कोर्स की मान्यता किसी भी अन्य तरह से किए गए डिग्री कोर्स से कम नहीं आंकी जा सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डिस्टेंस एजुकेशन की विशेषताएं:</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> डिस्टेंस एजुकेशन द्वारा आपको किसी भी शिक्षण संस्थान में जाकर पढ़ने की जरूरत नहीं आप अपने घर पर अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> इंटरनेट के प्रयोग से घर पर ही आॅनलाइन क्लास लगवा सकते है।</li>
<li style="text-align:justify;"> विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार पढ़ने के लिए अपना टाइम टेबल बना सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> कॉलेज या यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ने की बजाय डिस्टेंस एजुकेशन काफी सस्ती शिक्षा की सुविधा देता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> छह महीने या एक साल के बाद होने वाली परीक्षाओं के केंद्र छात्रों के नजदीक बनाए जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> डिस्टेंस एजुकेशन में दाखिला लेने की प्रक्रिया काफी आसान है जिससे आप आॅनलाइन दाखिला ले सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> ज्यादातर यूनिवर्सिटी में छात्रों की संख्या की कोई सीमा नहीं होती जिससे सभी छात्र बिना प्रवेश परीक्षाओं के दाखिला ले सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"> डिस्टेंस एजुकेशन में दाखिला लेने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती जिससे किसी भी उम्र का व्यक्ति पढ़ सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> डिस्टेंस एजुकेशन के द्वारा सामान्य कोर्स के साथ-साथ आप कई प्रकार के वोकेशनल कोर्स भी कर सकते हैं जिनकी फीस बहुत कम होती है जिसे कोई भी व्यक्ति इन कोर्स में दाखिला ले सकता है।<br />
नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए डिस्टेंस एजुकेशन वरदान की तरह साबित हुई है क्योंकि नौकरी पेशा व्यक्ति अपनी आगे की पढ़ाई करना चाहते थे जिन्हें डिस्टेंस एजुकेशन ने यह सुविधा दी है।</li>
</ul>
<h4><strong>डिस्टेंस एजुकेशन की सुविधा प्रदान करने वाले संस्थान :</strong></h4>
<p><strong>1. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी :</strong> यह भारत में डिस्टेंस एजुकेशन की सुविधा देने वाले विश्वविद्यालयों में से सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है, इसकी स्थापना 1985 में हुई थी और इस यूनिवर्सिटी से लाखों छात्र डिस्टेंस एजुकेशन माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के 67 रीजनल सेंटर भी है जो छात्रों को सुविधाएं प्रदान करते हैं। यह यूनिवर्सिटी भारत की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में से एक है। इस यूनिवर्सिटी द्वारा डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से सैकड़ों कोर्स करवाए जाते हैं, जिनमें आप आॅनलाइन एवं आॅफलाइन दोनों प्रकार से दाखिला ले सकते हैं।</p>
<p><strong>2. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़:</strong> करीब 550 एकड़ में बनी यह यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में स्थित है। यह यूनिवर्सिटी यूजीसी एनएएसी एआईयू द्वारा मान्यता प्राप्त है और इस यूनिवर्सिटी द्वारा डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से अनेक कोर्स करवाए जाते हैं जिनके लिए आप एडमिशन आॅनलाइन भी ले सकते हैं।</p>
<p><strong>3. दिल्ली यूनिवर्सिटी:</strong> सबसे पहले डिस्टेंस एजुकेशन की सुविधा इसी यूनिवर्सिटी ने दी थी और आज लाखों छात्रों को डिस्टेंस एजुकेशन के द्वारा शिक्षा प्रदान कर रही है। इस यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त करने के लिए आप आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>कुछ अन्य यूनिवर्सिटी:</strong></h4>
<ul>
<li> चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, सिरसा</li>
<li> गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार</li>
<li> कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र</li>
<li> महा ऋषि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद</li>
<li> गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर</li>
<li> लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी,</li>
<li> फगवाड़ा पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी,</li>
<li> जालंधर पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला,</li>
<li> थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला</li>
</ul>
<h4><strong>डिस्टेंस एजुकेशन द्वारा किए जाने वाले कोर्स:</strong></h4>
<ul>
<li> बैचलर आॅफ साइंस</li>
<li> बैचलर आॅफ कॉमर्स</li>
<li> बैचलर आॅफ आर्ट्स (इकोनॉमिक्स / हिस्ट्री / पॉलिटिकल साइंस / साइकोलॉजी आॅनर्स)</li>
<li> बैचलर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन</li>
<li> बैचलर आॅफ सोशल वर्क</li>
<li> बैचलर आॅफ एजुकेशन</li>
<li> बैचलर आॅफ कंप्यूटर एप्लीकेशन</li>
<li> बैचलर आॅफ इकोनॉमिक्स</li>
<li> बैचलर आॅफ लाइब्रेरी एंड इनफॉरमेशन साइंस</li>
<li> डेहरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा</li>
<li> न्यूट्रिशन एंड हेल्थ एजुकेशन में डिप्लोमा</li>
<li>वॉटर शेड मैनेजमेंट में डिप्लोमा</li>
<li> पैरा लीगल प्रैक्टिस में डिप्लोमा</li>
<li> एलिमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा</li>
<li> टूरिज्म स्टडी में डिप्लोमा</li>
</ul>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/education-employement/make-a-good-career-by-getting-education-from-distance-education/article-27926</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Oct 2021 12:08:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉमर्स के बाद सीए में करियर की अपार संभावनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[-डॉ संजय मित्तल सीनियर बैंकर एंड डॉक्टर आॅफ मैनेजमेंट कॉमर्स एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बारहवीं कक्षा के बाद पढ़ाई के लगभग पंद्रह तरह के कोर्स मौजूद हैं। यदि विद्यार्थी कॉमर्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो वह कई तरह के विकल्प और कोर्स का चुनाव कर सकते हैं। कॉमर्स में सबसे पहले आप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/huge-career-opportunities-in-ca-after-commerce/article-27293"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/career-in-ca-after-commerce.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><strong><em>-डॉ संजय मित्तल सीनियर बैंकर एंड </em></strong><br />
<strong><em>डॉक्टर आॅफ मैनेजमेंट</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">कॉमर्स एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बारहवीं कक्षा के बाद पढ़ाई के लगभग पंद्रह तरह के कोर्स मौजूद हैं। यदि विद्यार्थी कॉमर्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो वह कई तरह के विकल्प और कोर्स का चुनाव कर सकते हैं। कॉमर्स में सबसे पहले आप बीकॉम का चुनाव कर सकते हैं जो की तीन वर्ष में की जाने वाली ग्रेजुएशन की डिग्री है। बी.कॉम, कॉमर्स और संबंधित विषयों में ग्रेजुएशन की डिग्री है। पाठ्यक्रम को वित्त, लेखा, कराधान और प्रबंधन जैसी धाराओं में प्रबंधकीय कौशल की एक विस्तार पूर्वक पढ़ाई प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। कॉमर्स छात्रों के लिए बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे कई स्थान हैं जहां वे काम कर सकते हैं जैसे कि कॉपोर्रेट संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, बैंकों आदि में, परन्तु अगर बी कॉम के साथ एक पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री जोड़ ली जाये तो नौकरी के अवसर न सिर्फ दोगुने बल्कि बहुत ज्यादा बेहतर भी हो जायेंगे। हम आपको ऐसे ही कुछ कोर्सेज के बारे में बताएँगे जो बी कॉम के बाद या फिर बी कॉम के साथ साथ भी किये जा सकते हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/try-to-make-a-career-in-web-designing-be-self-reliant/">वेब डिजाइनिंग में आजमाएं करियर, बनें आत्मनिर्भर</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“वेब डिजाइनिंग में आजमाएं करियर, बनें आत्मनिर्भर” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/try-to-make-a-career-in-web-designing-be-self-reliant/embed/#?secret=Pru9BZoMlM%23?secret=pajr731cEN" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चार्टर्ड अकाउंटेंट : –</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चार्टर्ड अकाउंटेंसी भारत में सबसे लोकप्रिय करियर विकल्पों में से एक रहा है। इस पेशे में प्रवेश करना ज्यादा मुश्किल नहीं है, लेकिन यदि आप सही तरीके से तयारी करते हैं, तो यह लोगों के बीच एक शानदार करियर पथ, वेतन और सम्मान प्रदान करता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में करियर न केवल चुनौतीपूर्ण है बल्कि फायदेमंद भी है। चार्टर्ड अकाउंटेंसी, फंड मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी और फाइनेंस में अन्य फायदेमंद करियर के लिए पहला कदम है। इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया (आईसीएआई) सीए कोर्स आयोजित करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चार्टर्ड एकाउंटेंट के पेशे में भविष्य : –</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कंपनी अधिनियम के तहत प्रत्येक पंजीकृत फर्म या संगठन में एक सीए नियुक्त होता है जो लेखा परीक्षा और आश्वासन, कर परामर्श, लेखा सेवाएं, लेखाकार और वित्त आउटसोर्सिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग का प्रबंधन करता है। वर्तमान में और साथ ही भविष्य में सीए के लिए नौकरी के और भी कई प्रकार के अवसर उपलब्ध हैं, जैसे की एक चार्टर्ड एकाउंटेंट अपनी खुद की फर्म खोल कर प्रैक्टिस कर सकता है (यह सबसे चुनौतीपूर्ण पहलुओं में से एक है जो एक नए योग्य चार्टर्ड एकाउंटेंट का सामना करता है), कराधान प्रबंधन में अपना करियर बना सकता है, प्रबंधन परामर्श सेवाएं, आॅडिटिंग, निवेश बैंकर के तौर पर भी अपने करियर को बना सकता है। चार्टर्ड अकाउंटेंसी भारत में एक बहुत ही मांग वाला करियर है मतलब की भारत में चार्टर्ड एकाउंटेंट की बहुत ज्यादा डिमांड है। बढ़ती मांग के दौर में , सीए के बेरोजगार होने की संभावना वास्तव में दुर्लभ या न के बराबर है। भारत में फलते-फूलते उद्योग और उद्यमिता परिदृश्य के साथ, अच्छे व्यवसाय को सुनिश्चित करने के लिए लेखांकन और वित्त की देखभाल के लिए अच्छे सीए की अधिक से अधिक मांग है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सीए कोर्स में प्रवेश पाने के लिए पात्रता मानदंड :-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कोई भी उम्मीदवार जिसने किसी भी स्ट्रीम (विज्ञान, गणित और वाणिज्य सहित) में 10 + 2 पूरा कर लिया है, वह सीए पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण करने के लिए पात्र है। इस कोर्स के लिए पात्र होने के लिए उम्मीदवारों को 10 + 2 स्तर में न्यूनतम 60% कुल प्राप्त करना होगा। कक्षा 12 की परीक्षा में बैठने या उत्तीर्ण करने के बाद बोर्ड आॅफ स्टडीज (बीओएस) के साथ पंजीकरण करें और फाउंडेशन रूट एंट्री के तहत दाखिला लें। चार महीने की अध्ययन अवधि पूरी करें (द्वि-वार्षिक पंजीकरण: 30 जून / 31 दिसंबर तक) और नवंबर या मई में फाउंडेशन परीक्षा दें और सीए फाउंडेशन कोर्स क्वालिफाई करें। ग्रेजुएशन के बाद पंजीकरण करने वाले उम्मीदवारों को 8 महीने की अध्ययन अवधि के बाद पहले ग्रुप और दोनों ग्रुप परीक्षाओं के लिए उपस्थित होना होता है। उम्मीदवारों को परीक्षाओं से पहले 4 सप्ताह के आईसीआईटीएसएस प्रशिक्षण और 9 महीने के लेख प्रशिक्षण के लिए जाने की आवश्यकता होती है ।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बैंक आॅडिट में चार्टर्ड एकाउंटेंट का भविष्य</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कोई भी एक फर्म जिसमें कम से कम एक चार्टर्ड एकाउंटेंट प्रोप्रिएटर हो या एक से अधिक चार्टर्ड एकाउंटेंट पार्टनर हो , किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक का आॅडिट कार्य कर सकती है। किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक जिसकी कुल जमा ५०० करोड़ या उससे अधिक है , को तीन साल में एक बार आॅडिट करना लाजमी है। “नामांकन के लिए आवेदन” बैंक की वेबसाइट के निविदा अनुभाग (टेंडर सेक्शन) से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी आवेदनों को पैनल दस्तावेज में निर्धारित दिशानिदेर्शों के अनुरूप होना चाहिए। इसके आलावा चार्टर्ड एकाउंटेंट किसी भी बैंक में इंटरनल आॅडिटर के तौर पर नौकरी भी कर सकते हैं जिसके लिए बैंक आज कल एक बहुत अच्छा वेतन प्रदान करते हैं।</p>
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                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Sep 2021 07:05:44 +0530</pubDate>
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                <title>क्रिएटिव करियर है कार एसेसरीज डिजाइनिंग</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/car-accessories-design/article-27125"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/car-accessories-design.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> सच कहूँ/करियर डेस्क</strong> एक कार एसेसरीज डिजाइनर बनने के लिए डिजाइन के प्रासंगिक विशेषज्ञता में कम से कम स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। आप बैचलर आॅफ डिजाइन, बीएससी इन डिजाइन, बैचलर आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी, बीडीएस इन आॅटोमोटिव डिजाइन करके इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। कार एसेसरीज डिजाइनिंग एक ऐसा करियर क्षेत्र है, जिसके बारे में बेहद कम लोगों को ही जानकारी होती है। लेकिन यह एक ऐसा क्रिएटिव करियर क्षेत्र है, जिसमें ग्रोथ की संभावना बहुत अधिक है। यह एक आॅटोमोबाइल डिजाइनर के काम का एक हिस्सा है, लेकिन यह केवल कारों और इसके सामान के लिए पूरा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार एक्सेसरी डिजाइनर ऐसे व्यक्ति हैं जो कार एक्सेसरीज और पार्ट्स के लिए नए डिजाइन बनाते हैं। वे न केवल देखभाल की संरचना में सुधार करते हैं, बल्कि इसकी कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं। ऐसा करते समय, एक कार एक्सेसरी डिजाइनर को वाहन की सुरक्षा को ध्यान में रखना चाहिए और दिए गए मापदंडों के तहत काम करना चाहिए। तो चलिए आज ‘सच कहूँ’ आपको इस करियर क्षेत्र के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये स्किल्स होनी जरूरी (Car Accessories Design)</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">करियर एक्सपर्ट बताते हैं कि एक कार एसेसरीज डिजाइनर को हाइड्रोलिक, इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल सिस्टम के बारे में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए जो वाहन में उपयोग होने जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें ग्राहक की पूरी आवश्यकता को समझना चाहिए और डिजाइन और इसके उत्पादन के उपयोग के बारे में बड़े पैमाने पर शोध करना चाहिए। उनके भीतर कुछ अलग व हटकर सोचने की क्षमता होनी चाहिए।साथ ही कंप्यूटर व कार का तकनीकी ज्ञान उनके काम को अधिक आसान बनाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये होनी चाहिये योग्यता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एक कार एसेसरीज डिजाइनर बनने के लिए डिजाइन के प्रासंगिक विशेषज्ञता में कम से कम स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। आप बैचलर आॅफ डिजाइन, बीएससी इन डिजाइन, बैचलर आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी, बी डीएस इन आॅटोमोटिव डिजाइन करके इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। जिस विश्वविद्यालय या कॉलेज से उम्मीदवार अपनी डिग्री हासिल करता है, उसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन प्रमुख संस्थानों से कर सकते हैं कोर्स</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नवी मुंबई </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  डिजाइन, अहमदाबाद</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> एरिना एनिमेशन, बैंगलोर </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, बैंगलोर </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, नोएडा </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, चेन्नई </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वीआईडीएम इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वाईएमसीए इंस्टीट्यूट फॉर आॅफिस मैनेजमेंट, नई दिल्ली</strong></li>
</ul>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                <pubDate>Thu, 23 Sep 2021 17:55:59 +0530</pubDate>
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