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                <title>Roadways Union - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>दूसरे दिन भी जाम रहा रोडवेज का चक्का</title>
                                    <description><![CDATA[निजी बसों के टाइमटेबल को लेकर हिसार व हांसी में विरोध हिसार/हांसी (सच कहूँ न्यूज)। निजी आॅपरेटर की बसों को टाइम देने के विरोध में शुक्रवार को हिसार के बाद हांसी में भी रोडवेज ने हड़ताल कर दी। हालांकि शुक्रवार सुबह तो रोडवेज की बसें अपनी रूटों पर दौड़ रही थी, लेकिन थोड़े समय बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/on-the-second-day-hissar-depot-buses-closed/article-1086"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/roadways-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">निजी बसों के टाइमटेबल को लेकर हिसार व हांसी में विरोध</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार/हांसी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> निजी आॅपरेटर की बसों को टाइम देने के विरोध में शुक्रवार को हिसार के बाद हांसी में भी रोडवेज ने हड़ताल कर दी। हालांकि शुक्रवार सुबह तो रोडवेज की बसें अपनी रूटों पर दौड़ रही थी, लेकिन थोड़े समय बाद ही रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने हिसार डिपो की बसें बंद करवा दी।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे दिन भी हिसार में सभी सरकारी बसें वर्कशॉप से बाहर नहीं निकाली गई। इसी प्रकार हांसी में भी बस स्टैण्ड परिसर में ही सभी बसें पार्क कर दी गई। इस दौरान हालांकि पुलिस बल जरूर तैनात रहा, लेकिन यात्रियों के आवागमन के लिए प्रशासनिक तौर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। हांसी में अचानक हुई रोडवेज की हड़ताल के चलते यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>सरकार व रोडवेज के बीच पिस रहे यात्री</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">लोगों को मौके पर ही अपना रूट बदलना पड़ा। ऐसे में काफी यात्रियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं रोडवेज की हड़ताल के चलते प्राइवेट बस चालकों ने जमकर चांदी कूटी। प्राइवेट बस चालकों ने विभिन्न रूटों पर बस दौड़ाई। इससे छोटे रूट पर जाने वाले लोगों को सुविधा मिल गई, जबकि लंबे रूट पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">हिसार से करीब 200 व हांसी बस स्टैंड से 46 बसे विभिन्न रूटों पर चलती है। ऐसे में रोडवेज की स्ट्राइक के चलते सभी बसों के पहिये थम गए हैं। हालांकि दूसरे डिपो की बसों को बंद नहीं किया गया। वहीं यूनियन कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानी गई तो प्रदेश भर में चक्का जाम किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सम्बंध कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा ने कहा कि रोडवेज की हिसार डिपो की सभी बसें बंद की हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सरकार के साथ निजी आॅपरेटर को गलत टाइम देने के विरोध में बैठक की गई थी। जहां सरकार ने उनकी मांगों पर एक बार तो सहमति जता दी। जबकि बाद में सरकार अपने वायदों से मुकर गई। कई प्राइवेट बसें ऐसी है जोकि नए परमिट पर चल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एटक ने दिया रोड़वेज कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन</h2>
<p style="text-align:justify;">रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन को एटक ने अपना समर्थन दिया। राज्य उपप्रधान सहगल व राज्य सचिव का. रूप सिंह ने कहा कि रोडवेज की आठों यूनियनों की संयुक्त बैठकें बार-बार परिवहन मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, महानिदेशक राज्य परिवहन व अन्य से नई परिवहन नीति के कारण पैदा हुए हालातों के समाधान को लेकर हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति के कारण राज्य की परिवहन सेवाएं ठप्प हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सुनियोजित नीति अधीन नई परिवहन नीति के नाम पर राज्य परिवहन को बर्बाद किया जा रहा है। एटक के राज्य उपप्रधान व राज्य सचिव ने आंदोलनरत रोडवेज कर्मचारियों को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया व हर संभव मदद करने का भी भरोसा दिलाया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:19:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title> निजी बस परमिट बने गले की फांस, रोडवेज यूनियन ने किया चक्का जाम का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[रोडवेज ने झेला था 90 करोड़ नुकसान कल  रात 12 बजे से फिर रोडवेज हड़ताल थम जाएंगे बसों के पहिए, आमजन को होगी परेशानी पहलें चार दिन की हड़ताल से प्रदेश हुआ था हल्कान चंडीगढ़/हिसार( अनिल कक्कड़/संदीप सिंहमार)। निजी बसों को दिए गए बस परमिटों के लिए बनाई गई निजी बस पॉलिसी स्वयं सरकार के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">रोडवेज ने झेला था 90 करोड़ नुकसान</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>कल  रात 12 बजे से फिर रोडवेज हड़ताल </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>थम जाएंगे बसों के पहिए, आमजन को होगी परेशानी </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पहलें चार दिन की हड़ताल से प्रदेश हुआ था हल्कान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/हिसार( अनिल कक्कड़/संदीप सिंहमार)।</strong> निजी बसों को दिए गए बस परमिटों के लिए बनाई गई निजी बस पॉलिसी स्वयं सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। सरकार जहां निजी बसों को परमिट देकर खुश है वहीं रोडवेज की विभिन्न यूनियनें इन्हें परमिट न देने की जिद्द पर अड़ी हैं। इसी जिद्द के कारण समस्या पिछले करीब दो माह से जस की तस बनी है। रोडवेज यूनियनों ने कल  रात 12 बजे से फिर प्रदेशभर में रोडवेज बसों के चक्का जाम की चेतावनी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने छल से यूनियनों के साथ पूर्व में हुए समझौते को तोड़-मरोड़ कर फिर से निजी बसें चलाने की छूट दी है। वहीं सरकार बार-बार कह रही है कि समझौतों का ज्यों का त्यों माना गया है तथा उसमें कुछ छेड़छाड़ नहीं की गई है। इन्हीं समझौतों का एफिडेविट कोर्ट में पेश किया गया है तथा परिवहन पॉलिसी 2016 रद्द कर दी गई है। सीएम मनोहर लाल ने साफ किया है कि नई नीति रोडवेज़ कर्मचारियों के सलाह-मशविरे से ही बनाई जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समझौते को लेकर विरोधाभास</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार जहां रोडवेज कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का दावा कर रही है, वहीं रोडवेज यूनियनों के पदाधिकारी सरकार पर 13 अप्रैल को हुए समझौते से मुकरने का दावा ठोक रहे हैं। दोनों तरफ से चल रही खिंचतान रूपी चक्की के बीच आमजन रविवार रात 12 बजे से एक बार फिर पीसता नजर आ रहा है।अब देखना ये होगा की सरकार प्रदेशभर व प्रदेश में आने वाले यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक कर पाएगी या फिर आमजनता को एक बार फिर अपने ही हाल पर छोड़ दिया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री का दावा, किसी को नहीं दिया नया परमिट</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार का कहना है कि यूनियनों से हुए समझौते से पहले प्रदेश की 873 निजी बसों परमिट दिया गया था। समझौते में कहा गया था कि जिन बसों को परमिट दिया गया है उन्हें नई पॉलिसी बनने तक टेंपरेरी परमिट पर परिवहन करने दिया जाएगा। सरकार ने वैसा ही किया है। कोर्ट में एफिडेविट सबमिट करवाने के बाद से अब तक एक भी निजी बस को परमिट नहीं दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रदेश में 10 हजार बसों की जरूरत, इतनी नहीं खरीद सकते</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने हाई कोर्ट में नीति संशोधन करने बारे लिखित में दिया है। प्रदेश में जब भी नई नीति बनाई जाएगी, तो रोडवेज यूनियन से बातचीत कर उसमें सुझाव भी लिए जाएंगे। आज प्रदेश में आबादी अनुसार 10 हजार बसों की जरूरत है। सरकार अकेले इतनी संख्या में बसें नहीं खरीद सकती। इसलिए जनता को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है और यूनियनों व सहकारी समितियों से भी सुझाव इस बारे लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>मनोहर लाल</em><br />
<em>मुख्यमंत्री, हरियाणा </em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 09:17:31 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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