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                <title>Steel Industry - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Steel Industry: स्टील उद्योग भरेगा उड़ान, राजस्व व रोजगार के खुलेंगे नए अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[Steel Industry: जयपुर (सच कहूं न्यूज)। राज्य के माइनिंग सेक्टर से उत्साहजनक खबर मिली है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, जियोलोजी व पेट्रोलियम वीनू गुप्ता ने बताया है कि राज्य के करौली में आयरन ओर (लोह अयस्क) के विपुल भण्डार को देखते हुए केन्द्र सरकार से चार ब्लॉक्स के कंपोजिट लाइसेंस के लिए ऑक्शन की अनुमति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/new-opportunities-for-revenue-and-employment-will-open-in-steel-industry/article-51699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/steel-industry.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Steel Industry: जयपुर (सच कहूं न्यूज)।</strong> राज्य के माइनिंग सेक्टर से उत्साहजनक खबर मिली है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, जियोलोजी व पेट्रोलियम वीनू गुप्ता ने बताया है कि राज्य के करौली में आयरन ओर (लोह अयस्क) के विपुल भण्डार को देखते हुए केन्द्र सरकार से चार ब्लॉक्स के कंपोजिट लाइसेंस के लिए ऑक्शन की अनुमति मिल गई है। प्रदेश के माइनिंग सेक्टर के लिए यह इस मायने में बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है कि करौली के इन चारों ब्लॉकों में गुणवत्तायुक्त आयरन ओर के डिपोजिट होने से देश और प्रदेश में स्टील उद्योग को पर लग सकेंगे। Jaipur News</p>
<h3 style="text-align:justify;">करौली में आयरन के विपुल भण्डार, 1888.33 हेक्टेयर में 4 ब्लॉकों की होगी निलामी</h3>
<p style="text-align:justify;">एसीएस माइंस श्रीमती गुप्ता ने बताया कि आरंभिक खोज में करौली के हिण्डौन तहसील के खोहरा, डेडरोली, टोडपुरा और लिलोटी में 1888.33 हैक्टेयर में आयरन ओर के विपुल डिपोजिट के संकेत मिले हैं। केन्द्र सरकार से इन ब्लॉकों के कंपोजिट लाइसेंस के लिए ऑक्शन की अनुमति के साथ ही विभाग ने इन ब्लॉकों की ऑक्शन की तैयारी आरंभ कर दी है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सितंबर माह में भारत सरकार के ई-पोर्टल पर नीलामी की प्रक्रिया आरंभ की जा सकेगी। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि करौली के हिण्डौन तहसील में आरंभिक एक्सप्लोरेशन में आयरन ओर में हेमेटाइट और मेगनेटाइट के संकेत मिले हैं जो स्टील के लिए उपयोगी है। एक मोटे अनुमान के अनुसार करौली के इन चारों ब्लॉकों में एक हजार मिलियन टन से अधिक के डिपोजिट संभावित है। इससे स्टील के लिए कच्चा माल उपलब्ध होने के साथ ही देश दुनिया के स्टील मेप पर राजस्थान का नाम प्रमुखता से उभर सकेगा। इसके साथ ही प्रदेश में स्टील उद्योग के लिए नए द्वार के साथ ही रोजगार व राजस्व के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">नायक ने बताया कि खोहरा में 462.30 हैक्टेयर, डेडरोली में 754.38 हैक्टेयर, टोडपुरा में 260.71 हैक्टेयर और लिलोटी में 410.94 हैक्टेयर क्षेत्रफल के चार ब्लॉक तैयार किए गए हैं। सरफेस पर ही आयरन ओर के संकेत मिलने से इस क्षेत्र में और भी अधिक मात्रा में आयरन ओर के डिपोजिट संभावित है। राज्य सरकार द्वारा इन ब्लॉकों की कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई नीलामी की आवश्यक तैयारियां आरंभ कर दी है। Steel Industry</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Climate Change: मौसम में डराने वाले परिवर्तन, फिर बाढ़ की आशंका !" href="http://10.0.0.122:1245/frightening-changes-in-the-weather-fear-of-flood-again/">Climate Change: मौसम में डराने वाले परिवर्तन, फिर बाढ़ की आशंका !</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 17:58:50 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रामीण क्षेत्र में इस्पात की खपत बढ़ने से लाभ होगा : मंत्री धर्मेंद्र प्रधान</title>
                                    <description><![CDATA[हाल में घोषित कृषि अवसंरचना कोष, 5,000 से अधिक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना और अन्य कई सरकारी पहलों के तहत शुरू की गयी परियोजनाओं में इस्पात का इस्तेमाल अधिक है
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/increasing-steel-consumption-in-rural-areas-will-benefit-everyone-pradhan/article-19361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/steel-industry.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस्पात की खपत बढ़ने का फायदा सिर्फ स्टील उद्योग को नहीं होगा बल्कि इससे रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे, आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और राजस्व भी बढ़ेगा। प्रधान ने मंगलवार को आयोजित एक वेबिनार में गांवों के विकास और उनकी संपन्नता में भारतीय स्टील क्षेत्र की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष का फंड बैंकों के माध्यम से खर्च होना शुरू हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वित्तीय वर्ष से यह खर्च शुरू हो गया है। कई क्षेत्रों को प्राथमिकता क्षेत्र में लाया गया है। केंद्रीय इस्पात मंत्री ने कहा कि अधिकतर क्षेत्र आपस में जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्टील की मांग को प्रोत्साहित करने अत्यधिक अवसर हैं। हाल में घोषित कृषि अवसंरचना कोष, 5,000 से अधिक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना और अन्य कई सरकारी पहलों के तहत शुरू की गयी परियोजनाओं में इस्पात का इस्तेमाल अधिक है। आने वाले चार-पांच साल में 1,500 करोड़ मीट्रिक टन सीबीजी बनानी की योजना है। लाखों करोड़ रुपये का वित्तीय निवेश इस मद में होना है। विश्व बैंक ने हाल में सीबीजी को प्राथमिका क्षेत्र की श्रेणी में शामिल किया है। सरकार ने चावल से इथोनॉल बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए कई सारे संयंत्र बनें और इन सभी में इस्पात की खपत होगी।</p>
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                <pubDate>Tue, 20 Oct 2020 16:25:56 +0530</pubDate>
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