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                <title>Punjab legislative assembly - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Punjab legislative assembly RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पंजाब विधानसभा द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी लॉज (संशोधन) बिल, 2023 सर्वसम्मति से पारित</title>
                                    <description><![CDATA[प्रांतीय यूनिवर्सिटियों के चांसलरों की शक्तियां अब मुख्यमंत्री के पास होंगी राज्यपाल को राज्य संबंधी जानकारी न होने के बावजूद उनको वी.सी. नियुक्त करने की शक्तियां देना पूरी तरह अनुचित: मुख्यमंत्री चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा (Punjab Legislative Assembly) द्वारा मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी लॉज (संशोधन) बिल 2023 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-punjab-university-laws-amendment-bill-two-thousand-twenty-three-passed-unanimously-by-the-punjab-legislative-assembly/article-49067"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/punjab-news-2-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रांतीय यूनिवर्सिटियों के चांसलरों की शक्तियां अब मुख्यमंत्री के पास होंगी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>राज्यपाल को राज्य संबंधी जानकारी न होने के बावजूद उनको वी.सी. नियुक्त करने की शक्तियां देना पूरी तरह अनुचित: मुख्यमंत्री</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा (Punjab Legislative Assembly) द्वारा मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी लॉज (संशोधन) बिल 2023 को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया, जिस कारण प्रांतीय यूनिवर्सिटियों के चांसलरों की शक्तियां मुख्यमंत्री के पास होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सदन में बहस को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का अपना समृद्ध सभ्याचार और परंपराएं हैं, जिसको युवा पीढ़ियों तक पहुँचाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों खास तौर पर यूनिवर्सिटियाँ इसमें अह्म भूमिका निभा सकती हैं। भगवंत मान ने याद करवाया कि राज्य की यूनिवर्सिटियों ने कैसे महान बुद्धिजीवी, कलाकार और अलग-अलग क्षेत्रों में ख्याति हासिल करने वाली अह्म हस्तियाँ पैदा की हैं। Punjab Legislative Assembly</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि इस विरासत को आगे ले जाने के लिए राज्य की यूनिवर्सिटियों में वाइस चांसलर के तौर पर ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति करने की जरुरत है, जो ईमानदार, विवेकशील और साफ छवि के हों। उन्होंने अफसोस जताया कि राज्यपाल, जो राज्य से सम्बन्धित नहीं हैं, यहाँ के इतिहास और सभ्याचार संबंधी अवगत न होने के कारण अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। भगवंत मान ने कहा कि यह कितनी अचंभे की बात है कि राज्यपाल राज्य बारे कुछ नहीं जानते परन्तु उनके पास वी.सी. नियुक्त करने की ताकत का होना पूरी तरह अनुचित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा करने के उलट पंजाब के राज्यपाल अक्सर दूसरी तरफ खड़े दिखाई देते हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी के मसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब और पंजाबियों के हितों की रक्षा करने की बजाय राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के सेनेट में दाखिले बारे हरियाणा के रुख का पक्ष लिया। भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत अजीब स्थिति है क्योंकि राज्यपाल दिल्ली में बैठे अपने राजनैतिक आकाओं को खुश करने के लिए यह सभी ढकोसे कर रहे हैं। Punjab Legislative Assembly</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि यह राज्य के लोगों के जनादेश का सीधा निरादर है, जिसके द्वारा लोगों ने अपनी भलाई के लिए काम करने हेतु राज्य सरकार को चुना है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा इस सम्बन्धी पहले ही पास किए बिल की तर्ज पर पंजाब सरकार ने यह बिल बनाया है, जो यूनिवर्सिटियों के चांसलरों की शक्तियां मुख्यमंत्री को मुहैया करेगा। भगवंत मान ने कहा कि इस एक्ट के लागू होने से राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री राज्य की यूनिवर्सिटियों के चांसलर होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रोजाना के कामकाज में राज्यपाल की दखलअंदाजी की कोई जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब की परंपरागत शान बहाल करने के लिए हर कदम उठाएगी। Punjab Legislative Assembly</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="30 तक आरडीएफ का पैसा जारी करे केन्द्र, नहीं तो 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: मान" href="http://10.0.0.122:1245/center-should-release-rdf-money-by-thirty-or-else-will-go-to-supreme-court-on-first-july-mann-sarkar/">30 तक आरडीएफ का पैसा जारी करे केन्द्र, नहीं तो 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: मान</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 21:35:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 तक आरडीएफ का पैसा जारी करे केन्द्र, नहीं तो 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: मान</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान की केन्द्र सरकार को चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियाँ खत्म होते ही पटीशन डालेगी सरकार अलग-अलग राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों को निशाना बना रहा केंद्र अगर एक जुलाई तक फंड जारी न किए तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी मान सरकार प्रताप बाजवा ने पंजाबियों के सवालों के जवाब देने की बजाय सदन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/center-should-release-rdf-money-by-thirty-or-else-will-go-to-supreme-court-on-first-july-mann-sarkar/article-49064"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/punjab-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भगवंत मान की केन्द्र सरकार को चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियाँ खत्म होते ही पटीशन डालेगी सरकार</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>अलग-अलग राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों को निशाना बना रहा केंद्र</li>
<li>अगर एक जुलाई तक फंड जारी न किए तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी मान सरकार</li>
<li>प्रताप बाजवा ने पंजाबियों के सवालों के जवाब देने की बजाय सदन से भाग जाने का रास्ता चुना</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) द्वारा केन्द्र सरकार को चेतावनी दे दी गई है कि 30 जून तक पंजाब के हक का आरडीएफ के रुप में 3622 करोड़ रुपए जारी करें, नहीं तो 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की छुट्टिया खत्म होने जा रही हैं, जहां कि पंजाब सरकार पटीशन डालकर सुप्रीम कोर्ट से ही पैसा जारी करवाएगी। अलग-अलग राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों को परेशान करने के लिए केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि भाजपा अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) रोकने जैसे घटिया हथकंडे अपना रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पंजाब विधानसभा (Punjab Vidhan Sabha) के सदन में राज्य में आर.डी.एफ. जारी करने के लिए पेश किए गए प्रस्ताव पर हुई चर्चा को समेटते हुए कहा कि इस तथ्य के बावजूद कि मौजूदा राज्य सरकार ने पिछली सरकारों की सभी त्रुट्टियों को दूर कर दिया परन्तु केंद्र ने फिर भी अभी तक फंड जारी नहीं किए। भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने खुद केंद्रीय मंत्री के साथ मुलाकात भी की थी, जिन्होंने भरोसा दिया था कि यह फंड जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। हालाँकि, उन्होंने कहा कि यह भरोसा हकीकत में कभी भी नहीं बदला और केंद्र सरकार ने राज्य के 3622 करोड़ रुपए से अधिक के ग्रामीण विकास फंड को रोक दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि हर कोई जानता है कि केंद्र सरकार देश की गैर-भाजपा सरकारों को निशाना बना रही है और उनको सुचारु ढंग से काम नहीं करने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि इस तानाशाही व्यवहार ने देश भर में लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। भगवंत मान ने कहा कि यह एक खतरनाक रुझान है जिसको रोकने की जरुरत है क्योंकि यह देश के हित में नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों में अपने घिनौने मंसूबों को पूरा करने के लिए केंद्र ने एक ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की है जिसको राज्यपाल के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने कहा कि गवर्नर का पद अंग्रेजों के शासनकाल के समय भी मौजूद था और अभी भी केंद्र के चुने हुए ये लोग उसी तरह शाही ठाठ-बाठ के साथ रहते हैं, जैसे पहले रहते थे। भगवंत मान ने कहा कि वास्तव में यह राज भवन अब राज्य के मामलों में दखल देने के लिए भाजपा के प्रांतीय हैडक्वार्टर के तौर पर उभरकर सामने आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि राज्यपाल चुनी हुई सरकारों के काम में अनावश्यक बाधा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि राज्यपाल राज्यों के मामलों में दखल नहीं देते हैं तो केंद्र राज्यपालों को इसलिए डांटता है कि वह दफ़्तरों में फुर्सत से क्यों बैठे हुए हैं। भगवंत मान ने पंजाब के राज्यपाल की तरफ से लिखी चिट्ठियों का रिकार्ड सदन में पेश करते हुए कहा कि राज्यपाल को ऐसे पत्र लिखने की बजाय आर.डी.एफ. जैसे मुद्दों को केंद्र के समक्ष हल करवाने के लिए कोशिश करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा करने की बजाय पंजाब यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर पंजाब के ही राज्यपाल अक्सर दूसरी तरफ खड़े नजर आते हैं। भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने 3622 करोड़ रुपए रोक दिए हैं जो कि लिंक सड़कों के निर्माण, मंडियों में बुनियादी ढांचे में सुधार करने और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते थे। उन्होंने कहा कि यदि यह फंड जारी न किया गया तो राज्य सरकार इसके जल्द हल के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक योगदान देने वाले राज्य के फंडों को केंद्र रोक रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह उन महान राष्ट्रीय नायकों के अथाह योगदान का सत्कार है जिन्होंने मातृ भूमि की खातिर अपनी कीमती जानें न्यौछावर कर दीं थीं? भगवंत मान ने किसानों की फसल खरीदने से अपने पैर पीछे खींचने के लिए भी केंद्र पर तीखा हमला बोला। Bhagwant Mann</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय खरीद एजेंसियों की तरफ से राज्य के किसानों को किसी न किसी बहाने परेशान किया जाता है और यहाँ तक कि मूल्य कटौती की जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के किसानों को मूल्य कटौती के एवज में मुआवजा देकर उनके हितों की रक्षा की। भगवंत मान ने कहा कि यदि राज्य के किसान इन एजेंसियों को अनाज बेचने से ही न कर दें तो केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) के लिए अनाज कहाँ से लेकर आएगी?</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंजाबियों के सवालों के जवाब देने की बजाय भाग जाते हैं सदन में से कांग्रेसी</h3>
<p style="text-align:justify;">इस अहम मुद्दे पर बहस से भागने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करके वह राज्य के हितों का सीधे तौर पर नुक्सान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष के नेता प्रताप बाजवा पंजाब के साथ जुड़े मसलों बारे जवाब देने की बजाय सदन से भाग गए हैं। भगवंत मान ने पंजाब निवासियों को न्योता देते हुए कहा कि लोगों को इन नेताओं से पूछना चाहिए कि जब आर.डी.एफ. को रोकने के खिलाफ बिल पास किया जा रहा था तो वह बायकॉट करके अपने घर क्यों भाग गए थे। भगवंत मान ने कहा कि इन नेताओं को राज्य के हितों के साथ कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि इनको हमेशा अपने निजी स्वार्थों की चिंता रहती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="विधानसभा में ‘द् सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल- 2023’ पास" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-assembly-passed-sikh-gurdwara-amendment-bill-two-thousand-twenty-three/">विधानसभा में ‘द् सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल- 2023’ पास</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 20:45:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा में ‘द् सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल- 2023’ पास</title>
                                    <description><![CDATA[पवित्र गुरबानी के प्रसारण के हक को विशेष परिवार के कंट्रोल से मुक्त करवाने के उद्देश्य से उठाया कदम बिल किसी भी ढंग से धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी नहीं करता, बल्कि हर घर तक गुरबानी पहुँचाने का विनम्र प्रयास किया चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व में विधान सभा ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-assembly-passed-sikh-gurdwara-amendment-bill-two-thousand-twenty-three/article-49062"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/punjab-legislative-assembly.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पवित्र गुरबानी के प्रसारण के हक को विशेष परिवार के कंट्रोल से मुक्त करवाने के उद्देश्य से उठाया कदम</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बिल किसी भी ढंग से धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी नहीं करता, बल्कि हर घर तक गुरबानी पहुँचाने का विनम्र प्रयास किया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व में विधान सभा ने मंगलवार को ‘द् सिक्ख गुरुद्वारा ( संशोधन) बिल-2023’ को भारी बहुमत के साथ पास कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब विधानसभा के सदन में बिल पर चर्चा को समेटते मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बिल का उदेश्य पवित्र गुरबानी के प्रसारण के अधिकार पर एक विशेष परिवार के अनावश्यक कंट्रोल से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि यह विरोधाभासी स्थिति है कि शिरोमणि कमेटी एक परिवार के प्रभाव में, जो इसके मामलों को कंट्रोल करता है, की तरफ से इसी परिवार के चैनल को पवित्र गुरबानी के प्रसारण के मालिकाना हक दिए हुए है। भगवंत मान ने सवाल किया कि सर्व- सांझी गुरबानी के यह अधिकार किसी भी चैनल को कैसे दिए जा सकते है?</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिल किसी भी तरह से धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी नहीं करता, बल्कि गुरबानी को घर-घर तक पहुँचाने को यकीनी बनाने के लिए यह विनम्र सा कदम है। उन्होंने कहा कि गुरबानी का सीधा प्रसारण करने के लिए सिक्ख गुरुद्वारा एक्ट-1925 में धारा 125 के बाद धारा 125-ए को दर्ज किया जाएगा। Bhagwant Mann</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान ने कहा कि इस एक्ट में यह व्यवस्था होगी कि महान गुरु साहिबान की शिक्षाओं के प्रसार के लिए बोर्ड (शिरोमणि कमेटी) का फर्ज श्री हरिमदंर साहिब से पवित्र गुरबानी का लाइव प्रसारण (आॅडियो या आॅडियो के साथ वीडियो) सभी मीडिया घरानों, आऊटलैट्टज, प्लेटफार्म, चैनलों आदि जो भी चाहता हो, को मुहैया करवाना होगा। इस एक्ट में यह व्यवस्था भी होगी कि प्रसारण के दौरान किसी भी कीमत पर इशतेहारबाजी/ व्यापारीकरण/ न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने दोहराया कि एक विनम्र और श्रद्धावान सिक्ख होने के नाते वह दुनिया भर में गुरबानी का मुफ़्त प्रसारण करने के हकदार है। भगवंत मान ने हैरानी अभिव्यक्त की कि यह पंथ पर हमला कैसे हो गया क्योंकि वह सिर्फ गुरबानी के प्रसारण पर एक विशेष चैनल के कंट्रोल की विरोध कर रहे है, जो कि पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उदेश्य सरकार के किसी चैनल या किसी एक व्यक्ति विशेष को अधिकार देना नहीं है बल्कि इसका मनोरथ गुरबानी संदेश को विश्व भर में फैलाना है। Punjab Legislative Assembly</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि एक विनम्र और श्रद्धावान सिक्ख के तौर पर वह दुनिया भर में गुरबानी के मुफ़्त प्रसारण के लिए जोरदार ढंग से आवाज बुलंद करेंगे। भगवंत मान ने हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि एक विशेष चैनल की तरफ से गुरबानी के प्रसारण पर कंट्रोल किए होने का विरोध करने से पंथ पर हमला कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रसारण का हक एक चैनल तक सीमित रखना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सरकार के किसी विशेष चैनल या प्राईवेट तौर पर किसी व्यक्ति को देने का नहीं है बल्कि इस का मनोरथ दुनिया के कोने-कोने में गुरबानी का संदेश फैलाना है। Bhagwant Mann</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य मंत्री ने कहा कि सूबा सरकार यह संशोधन करने के लिए समर्थ है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही फैसला दे चुकी है कि यह एक्ट अंतर-राज्यी एक्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के मामलों में लंबे समय से एक ही परिवार का दबदबा रहा है, जिस कारण सिक्ख पंथ का न पूरा करने वाला नुकसान हुआ है। भगवंत मान ने कहा कि गंदा खेल खेलते हुए इस परिवार ने अपने चहेते चैनल को गुरबानी के प्रसारण का विशेष अधिकार दे कर सिक्खों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की कोशिश की है जबकि एक्ट में शब्द टेलीकास्ट या प्रसारण का कोई जिक्र नहीं है। Bhagwant Mann</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="शिक्षा निदेशालय के ‘चक्रव्यूह’ में उलझे प्रदेशभर के निजी स्कूल" href="http://10.0.0.122:1245/order-to-renew-recognition-of-ten-year-old-school-huge-fury-among-private-school-operators/">शिक्षा निदेशालय के ‘चक्रव्यूह’ में उलझे प्रदेशभर के निजी स्कूल</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 19:53:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>पंजाब विधानसभा में हंगामा, विधानसभा की कार्यवाही जारी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। पंजाब विधानसभा (पंजाब) (Punjab Legislative Assembly) की कार्यवाही आज फिर जारी रही। प्रश्नकाल के दौरान विधायक दल में हंगामा हो गया। आपको बता दें कि कांग्रेस काम रोको प्रस्ताव लेकर आई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेसी विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/uproar-in-the-punjab-legislative-assembly-proceedings-of-the-assembly-continue/article-44948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/punjab-legislative-assembly-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब विधानसभा (पंजाब) (Punjab Legislative Assembly) की कार्यवाही आज फिर जारी रही। प्रश्नकाल के दौरान विधायक दल में हंगामा हो गया। आपको बता दें कि कांग्रेस काम रोको प्रस्ताव लेकर आई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेसी विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा प्रश्नकाल के दौरान ही हुआ। नारेबाजी के दौरान भी विधानसभा की कार्यवाही चलती रही।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 11:07:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मूसेवाला हत्याकांड पर पंजाब विधानसभा में गरमाया माहौल, कांग्रेस ने सदन से किया वॉकआउट</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। (सच कहूँ न्यूज) पंजाब विधानसभा सत्र के चौथे दिन सदन में खूब हंगामा हुआ। विधानसभा सत्र की कार्रवाई के दौरान विपक्ष और सत्ताधारी सरकार के बीट जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सदन में पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड पर हुए हंगामे के बाद कांग्रेस ने सदन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-atmosphere-has-heated-up-in-the-punjab-assembly-over-the-sidhu-moose-wala-murder-case/article-44311"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/punjab-legislative-assembly.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़। (सच कहूँ न्यूज)</strong> पंजाब विधानसभा सत्र के चौथे दिन सदन में खूब हंगामा हुआ। विधानसभा सत्र की कार्रवाई के दौरान विपक्ष और सत्ताधारी सरकार के बीट जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सदन में पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड पर हुए हंगामे के बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट के बाद सदन के बाहर राजा वड़िंग ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने वाले बाहर घुंम रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू के माता-पिता द्वारा लगातार इंसाफ की मांग की जा रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुरुग्राम: सतीश कौशिक की हार्ट अटैक से मौत पर संशय, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज" href="http://10.0.0.122:1245/gurugram-doubt-on-satish-kaushiks-death-due-to-heart-attack-postmortem-will-reveal-the-secret/">गुरुग्राम: सतीश कौशिक की हार्ट अटैक से मौत पर संशय, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज</a></p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सरकार ने भले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है पर जिन गैंगस्टरों और आरोपियों का नाम सिद्धू के माता-पिता ले रहे हैं उन्हें सरकार गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही। राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस ने इंसाफ की मांग को लेकर ही सदम से वॉकआउट किया है। गौरतलब हैं कि सभी कांग्रेस के नेताओं द्वारा सदन से वॉकआउट कर दिया गया पर तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा सदन में बैठे रहे। इस दौरान कांग्रेस द्वारा सदन के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Mar 2023 14:27:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसा में आज किसानों को 1 अरब का मुआवजा बाटेंगे पंजाब सीएम मान</title>
                                    <description><![CDATA[गुलाबी सुंडी से हुआ था नरमे की फसल का नुकसान मानसा। पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिरसा रोड स्थित नई अनाज मंडी में होने वाले कार्यक्रम में किसानों को 1 अरब से ज्यादा का मुआवजा बांटेंगे। बता दें कि पिछले साल गुलाबी सुंडी के प्रकोप के चलते किसानों की नरमे की फसल को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/cm-mann-will-distribute-compensation-of-1-billion-to-farmers-in-mansa-today/article-31818"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/bhagwantmaan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुलाबी सुंडी से हुआ था नरमे की फसल का नुकसान</strong><br />
<strong>मानसा।</strong> पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिरसा रोड स्थित नई अनाज मंडी में होने वाले कार्यक्रम में किसानों को 1 अरब से ज्यादा का मुआवजा बांटेंगे। बता दें कि पिछले साल गुलाबी सुंडी के प्रकोप के चलते किसानों की नरमे की फसल को भारी नुकसान हुआ था। गुलाबी सुंडी से नरमे के नुकसान के बदले मुख्यमंत्री मान ने 1 अरब 1 करोड़ 39 लाख 45 हजार 87 रुपए के मुआवजे को मंजूरी दी है। यह मुआवजा सिर्फ मानसा जिले के किसानों को मिलेगा, जिसमें से साढ़े 7 करोड़ से ज्यादा रकम नरमा चुगने वाले मजदूरों के लिए है। बाकी सारा पैसा किसानों को मिलेगा। गौरतलब है कि मानसा में मुआवजे के लिए संयुक्त किसान मोर्चा धरना दे रहा है। उनका कहना है कि जब तक किसानों को मुआवजा मिल नहीं जाता, वह धरना खत्म नहीं करेंगे। वहीं भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ग्रुप ने कुछ दिन पहले मुआवजे की घोषणा होते ही धरना खत्म कर दिया था।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 12:12:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब: सलाह मशवरे के दौर में फंस सकता है पेच, लटक सकता है सालों तक बिल</title>
                                    <description><![CDATA[संविधान के अनुसार यदि संसद कोई कानून लेकर आता है तो पावर केंद्र और राज्य सरकार की भी है तो केंद्र का कानून ही माना जाएगा
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/screw-can-get-caught-in-the-era-of-advice-bill-can-hang-for-years/article-19369"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/punjab-legislative-assembly.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>आसान नहीं रास्ता, राज्यपाल के हस्ताक्षर करने की जगह बिल भेज सकते हैं सीधा राष्ट्रपति को! (3 Agriculture Bill Pass)</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़।</strong> पंजाब विधान सभा में 3 कृषि बिल पास होने के बाद भी रास्ता कोई आसान नहीं हो गया है, क्योंकि इन बिलों ने एक्ट का रूप धारण करने के लिए अभी काफी लम्बी लड़ाई लड़नी है, जिस कारण इन बिलों को कानूनी रूप में तबदील करने में कुछ महीने या फिर कई साल तक लग सकते हैं। केंद्र के कानूनों के समानांतर पंजाब में बिल पास होने से ही संवैधानिक संकट पैदा हो गया है, जिसका हल निकलने में ही बहुत अधिक समय लगेगा। फिलहाल बिल पंजाब के राज्यपाल के पास एक आधे दिन में पहुंचेंगे, उसके बाद इनको पास करवाने की लड़ाई शुरू हो जाएगी।</p>
<h5><strong>इसके साथ कानूनन संकट पैदा हो गया है, मसले का हल मुश्किल, लम्बी चलेगी लड़ाई : बीर दविन्द्र</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके बीर दविन्दर सिंह ने बताया कि जो मुद्दे या फिर बिल कानूनन संकट पैदा करते हों, उनका हल निकलना आसान नहीं होता है, बल्कि इनका हल निकलते-निकलते ही काफी साल तक बीत जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिल विधान सभा में पास होने के बाद अब इनको राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, जहां राज्यपाल के पास यह पावर है कि वह कई तरह के सवाल पूछते हुए इन बिलों को वापिस भेज दें या फिर इनको अपने पास ही रख लें।<br />
यहां इन बिलों को अपने पास रखने की जगह पर राज्यपाल की तरफ से राष्ट्रपति को भेजा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां से सलाह मांगी जा सकती है कि पंजाब विधानसभा में पास हुए बिलों के संबंध में वह क्या करें? डिप्टी स्पीकर बीर दविन्दर सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से इन बिलों संबंधी सॉलिसिटर जनरल से सलाह मांगी जा सकती है या फिर सुप्रीम कोर्ट के कानूनन बैंच को भेजे जा सकते हैं, जहां से सलाह आने के बाद ही कोई फैसला किया जा सकता है।बीर दविन्दर सिंह ने बताया कि इस मामले में कोई भी समय सीमा नहीं है, जिसमें यह लिमिट रखी जाये कि पंजाब विधानसभा की तरफ के पास किये गए बिलों पर हस्ताक्षर किए किये जा सकें। इन बिलों के दिल्ली पहुंचने के बाद ही पता चलेगा कि राष्ट्रपति इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की बैंच की सलाह लेते हैं या फिर सॉलिसिटर जनरल की सलाह मांगी जाती है, जिसके बाद इनको पास किया जाता है या फिर रद्द किया जाता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/proposal-against-new-agriculture-laws-in-punjab-assembly/">यह भी पढ़े :- पंजाब विधानसभा में नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश</a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गैर कानूनन बिल नहीं ले सकेंगे एक्ट का रूप : चेतन मित्तल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">केन्द्रीय अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने कहा कि पंजाब विधानसभा में पेश किये गए बिल पूरी तरह गैर कानूनी हैं, क्योंकि इन बिलों में ही केंद्रीय कानून का जिक्र किया जा रहा है, इसलिए इनको केंद्रीय एक्ट की संशोधन के तौर पर माना जा सकता है और केंद्रीय कानून की संशोधन का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को ही है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार यदि संसद कोई कानून लेकर आता है तो पावर केंद्र और राज्य सरकार की भी है तो केंद्र का कानून ही माना जाएगा। इसमें सिर्फ आर्टीकल 254 की धारा 2 में यदि केंद्र के किसी भी कानून में कोई संशोधन लाना चाहते हैं तो विधानसभा में पेश करने के बाद उसके लिए राष्ट्रपति की ओर के पास करवाना जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चेतन मित्तल ने कहा कि आज जो विधानसभा में बिल पेश किये गए हैं, उनको जब तक राष्ट्रपति की ओर से इजाजत नहीं मिल जाती उस समय तक यह गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि इसमें धारा 6 पाई गई है। पता नहीं कौन से कानूनी व्यक्ति ने पंजाब सरकार को सलाह दी है कि यह केंद्रीय कानून को ओवरराईट करेगा। उन्होंने कहा कि यह बिल लेकर आने से पहले बेसिक एक्ट को पढ़ लेना चाहिए था कि संविधान अनुसार यह स्टैंड भी करेगा या फिर नहीं। यह कुछ लोगों को खुश करने के लिए राजनीतिक फैसला लिया गया है, जबकि यह गैर कानूनी बिल होने के साथ ही यह कहीं भी स्टैंड नहीं करेंगे।</p>
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                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/screw-can-get-caught-in-the-era-of-advice-bill-can-hang-for-years/article-19369</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Oct 2020 20:48:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब विधान सभा में सभी पार्टियां ने एकजुटता से पास किए तीनों बिल</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल के साथ की मुलाकात, राष्ट्रपति से मांगा समय  देश के इतिहास में पहली बार केंद्रीय कानूनों को रद्द कर बनाए जा रहे हैं तीन कानून सरकार ने राज्यपाल को बिल पास करने की विनती की, 2 से 5 नवंबर के बीच राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/all-the-parties-passed-all-the-three-bills-in-solidarity-in-the-punjab-legislative-assembly/article-19364"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/all-the-parties-passed-all-the-three-bills-in-solidarity-in-the-punjab-legislative-assembly.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>राज्यपाल के साथ की मुलाकात, राष्ट्रपति से मांगा समय </strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5>देश के इतिहास में पहली बार केंद्रीय कानूनों को रद्द कर बनाए जा रहे हैं तीन कानून</h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5>सरकार ने राज्यपाल को बिल पास करने की विनती की, 2 से 5 नवंबर के बीच राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात</h5>
</li>
</ul>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़</strong>। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को पंजाब में निष्प्रभावी करने के लिए तीन बिल पेश किए गए, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। प्रस्ताव व बिलों के पास होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, नेता प्रतिपक्ष व आप विधायक हरपाल सिंह चीमा व अकाली विधायक शरणजीत सिंह ढिल्लों के साथ राज्यपाल वीपी बदनौर से मिले और उन्हें कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव व विधानसभा द्वारा पास बिलों को सौंपा। उन्होंने राज्यपाल से बिलों को पास करने की भी मांग रखी। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से भी मिलने के लिए समय मांगा है। 2 नवंबर से 5 नवंबर के बीच पंजाब का शिष्टमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को बिलों को पास करने की गुहार लगाएगा। पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि चार बिल को सर्वसमिति से विधानसभा में पास किया गया हो। इनमें तीन बिल कृषि कानून और एक बिजली कानून से सबंधित है। यह चौथा बिल भी किसानों से जुड़ा हुआ है। प्रदेश सरकार ने एक प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार के कृषि कानूनों व प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल को रद्द कर दिया है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पहला बिल:</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">किसानों के (सशक्तिकरण और सुरक्षा) कीमत के भरोसे संबंधी करार और कृषि सेवाओं (विशेष उपबंध और पंजाब संशोधन) बिल, 2020 में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर उपज बेचने/खरीदने पर सजा का उपबंध किया गया है। चार बिलों में से एक बिल के तहत एम.एस.पी से कम कीमत पर उपज की बिक्री/खरीद नहीं की जा सकेगी और इसका उल्लंघन करने पर उपरोक्त सजा और जुमार्ना भुगतना पड़ेगा। यह बिल केंद्र सरकार के किसानों के (सशक्तिकरण और सुरक्षा) कीमत के भरोसे संबंधी करार और कृषि सेवाएं एक्ट, 2020 की धारा 1(2), 19 और 20 में संशोधन करने की माँग करता है। इसमें नयी धाराओं 4, 6 से 11 को शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दूसरा बिल:</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">किसान फसल, व्यापार और वाणिज्य (प्रोत्साहित करने और आसान बनाने) (विशेष व्यवस्थाएं और पंजाब संशोधन) बिल, 2020 के अंतर्गत किसान फसल, व्यापार और वाणिज्य (प्रोत्साहित करने और आसान बनाने) एक्ट, 2020 की धारा 1(2), 14 और 15 में संशोधन करने की माँग की गई है, जिससे राज्य में गेहूँ या धान की फसल की बिक्री या खरीद एम.एस.पी. से कम कीमत न होने को यकीनी बनाया जा सके। संशोधित बिल में नयी धारा 6 से 11 शामिल करके किसानों को तंग-परेशान करने या किसानों को कम कीमत की अदायगी करने पर सजा देने की भी माँग की गई है। इन दोनों बिलों का उद्देश्य ए.पी.एम.सी. कानूनों के स्थापित ढांचे के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य की विधि समेत अलग-अलग सुरक्षा बहाल कर केंद्रीय एक्ट के लागू होने से पंजाब के किसानों द्वारा नुकसान के जाहिर की गई आशंकाओं को रोकना है, जिससे किसानों और कृषि मजदूरों के साथ-साथ कृषि धंधो के साथ जुड़ी गतिविधियों में शामिल अन्शें की रोजी -रोटी और हितों की रक्षा की जा सके।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तीसरा बिल:</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं को कृषि उपज की जमाखोरी और काला-बाजारी से बचाने के लिए और किसानों और कृषि मजदूरों के साथ-साथ कृषि धंधो के साथ जुड़ी गतिविधियों में शामिल अन्यों की रोजी-रोटी और हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा जरूरी वस्तुएँ ( विशेष व्यवस्थाएं और पंजाब संशोधन) बिल, 2020 पेश किया गया है। यह बिल, जरूरी वस्तुएं एक्ट, 1955 की धारा 1(2) और 3(1ए) में संशोधन कर केंद्र के जरूरी वस्तुएँ (संशोधन) एक्ट, 2020 में संशोधन करने की माँग करता है। यह बिल जरूरी वस्तुएँ (संशोधन) एक्ट, 2020 नामी केंद्रीय एक्ट के लागू करने सम्बन्धी 04 जून, 2020 को पहले जैसी स्थिति बहाल करने को यकीनी बनाने की माँग करता है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चौथा बिल:</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">किसानों को 2.5 एकड़ से कम जमीन की कुर्की से राहत प्रदान करता है। कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर (पंजाब संशोधन) बिल, 2020, कोड ऑफ़ सिवल प्रोसीजर 1908 की धारा 60 में 2.5 एकड़ से कम की कृषि वाली जमीन को छूट देने की व्यवस्था शामिल करने की माँग करता है। कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर 1908 की धारा में विभिन्न चल और अचल जायदादों की कुर्की/फरमान की व्यवस्था है। इस नई संशोधन के अंतर्गत पशु, यंत्र, पशूओं के बाड़े आदि किस्मों की जायदादें कुर्की से मुक्त होंगी,अभी तक कृषि वाली जमीन की कुर्की की जा सकती है।</h6>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>विधान सभा में शामिल नहीं हुए दोनों भाजपा विधायक</strong></h4>
<h6 style="text-align:justify;">पंजाब विधान सभा के इस विशेष सत्र में दोनों भाजपा विधायक शामिल नहीं हुए। पिछले दो दिनों से चल रहे विशेष सत्र में अबोहर से अरूण नारंग और सुजानपुर से विधायक दिनेश बब्बू दिखाई ही नहीं दिए। जिस पर व्यंग्य कसते हुए अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह भाजपा के विधायक यहां क्या करने के लिए आते, उन्हें पता था कि केंद्र के कानूनों के खिलाफ यह सारा कुछ चल रहा है, जिस कारण ही यह सत्र में भाग लेने के लिए ही नहीं आए।</h6>
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                <pubDate>Tue, 20 Oct 2020 18:48:15 +0530</pubDate>
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