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                <title>terror - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>9/11 के हमले के बाद अमेरिकी कार्रवाई की तर्ज पर मिटाना होगा आतंकवाद : सीडीएस रावत</title>
                                    <description><![CDATA[रायसेना डायलॉग 2020 में दिखाए तीखे तेवर नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के मुताबिक देश को अमेरिका की तरह आतंकवाद से निपटना होगा। वे दिल्ली में आयोजित रायसेना डायलॉग 2020 में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद से निपटने के लिए वही तरीका अपनाना होगा, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/will-have-to-deal-with-terror-like-us-did-after-9-11-attacks-cds-bipin-rawat/article-12526"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/cds-against-terror.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रायसेना डायलॉग 2020 में दिखाए तीखे तेवर</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के मुताबिक देश को अमेरिका की तरह आतंकवाद से निपटना होगा। वे दिल्ली में आयोजित रायसेना डायलॉग 2020 में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद से निपटने के लिए वही तरीका अपनाना होगा, जो 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने अपनाया। अमेरिका ने आंतकवाद (Terror) के खिलाफ ग्लोबल लड़ाई लड़ने का फैसला लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा करने के लिए आतंकवादियों को अलग-थलग करना होगा। आतंकवाद को फंड देने वालों के खिलाफ एक्शन लेना होगा। जनरल रावत ने कहा कि जब तक आतंकवाद को फंड मिलना बंद नहीं होगा। तब तक इसे खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक हम आतंकवाद की जड़ तक नहीं पहुंच जाते, तब तक हम इससे निजात नहीं पा सकते। हमें इसके साथ ही जीना होगा। इसे खत्म करने के लिए हमें इसे समझना होगा और इसकी जड़ों तक पहुंचना होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये भी बोले</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सीडीएस रावत ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के प्रयासों को सराहा </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आतंकवाद के स्पॉन्सर देशों पर एक्शन की जरूरत। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>ऐसे लोगों को ब्लैकलिस्ट कर अच्छा काम कर रही एफएटीएफ। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>राजनीतिक तौर पर आतंक की पनाहगाहों को अलग-थलग करने की जरूरत।</strong></li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2020 12:48:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आतंक के लिए इस्तेमाल हुआ कश्मीर में इंटरनेट, सोशल मीडिया : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[यह खुलासा नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्टस इंडिया (एनयूजेआई) द्वारा शनिवार को यहां प्रगति मैदान में इन दिनों चल रहे विश्व पुस्तक मेले में जारी की गई एक रिपोर्ट ह्यकश्मीर का सचह्ण में किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/internet-used-in-kashmir-for-terror/article-12431"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/social-media-report.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> जम्मू कश्मीर को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान, उसके प्रायोजित आंतकवादी और अलगाववादी संगठनों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया का, आतंकवाद को बढ़ावा देने, घाटी में भारत विरोधी भावनाएं भड़काने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेक न्यूज अभियान चलाने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। यह खुलासा नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्टस इंडिया (एनयूजेआई) द्वारा शनिवार को यहां प्रगति मैदान में इन दिनों चल रहे विश्व पुस्तक मेले में जारी की गई एक रिपोर्ट कश्मीर का सच में किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अध्ययन रिपोर्ट का माखनलाल चतुवेर्दी राष्ट्रीय पत्रिकारिता जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बी. के. कुठियाला, वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय, राज्यसभा टीवी के कार्यकारी संपादक राहुल महाजन, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने विमोचन किया। रिपोर्ट में जम्मू कश्मीर को दो भागों में विभाजित करने एवं अनुच्छेद 370 की धारा दो एवं तीन को विलोपित करने और 35 ए को समाप्त करने के बाद करीब छह महीने के दौरान जम्मू कश्मीर और लद्दाख में ऐतिहासिक बदलाव के पलों को, इस दौरान घटी घटनाओं, राजनीतिक और सामाजिक तानेबाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं, कश्मीर में इंटरनेट पर पांबदी से लेकर सुरक्षा और आतंक के फलने-फूलने जैसे मुद्दों का विश्लेषण किया गया है।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2020 17:02:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकी हमले की साजिश की खबर देने वाला फर्जी निकला</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने 6 राज्यों को दी थी चेतावनीप्रतीकात्मक फोटो। बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक पुलिस के पास शुक्रवार को एक लॉरी ड्राइवर ने फोन किया था। उसने कई बड़े शहरों में आतंकी हमले होने की बात कही थी। शनिवार को बेंगलुरू ग्रामीण के एसपी ने फोन कॉल को फर्जी बताया। फोन करने वाला 65 साल का लॉरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fake-terror-attack/article-8744"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/attack.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">पुलिस ने 6 राज्यों को दी थी चेतावनीप्रतीकात्मक फोटो।</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु (एजेंसी)।</strong> कर्नाटक पुलिस के पास शुक्रवार को एक लॉरी ड्राइवर ने फोन किया था। उसने कई बड़े शहरों में आतंकी हमले होने की बात कही थी। शनिवार को बेंगलुरू ग्रामीण के एसपी ने फोन कॉल को फर्जी बताया। फोन करने वाला 65 साल का लॉरी ड्राइवर सुंदर मूर्ति पूर्व सैनिक है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस प्रमुख (डीजी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने 6 राज्यों तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र और पुड्डुचेरी को पत्र लिखकर आतंकी हमले की आशंका जताई थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कल शाम पुलिस कंट्रोल रूम में किया था फोन</h3>
<p style="text-align:justify;">पत्र में लिखा गया कि खुद को लॉरी ड्राइवर बताने वाले एक व्यक्ति स्वामी सुंदर मूर्ति ने शुक्रवार को शाम 5.35 बजे होसुर (तमिलनाडु) जाते वक्त पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। वह तमिल और टूटी-फूटी हिंदी में बात कर रहा था। उसका दावा है कि उसे कई राज्यों के बड़े शहरों मसलन तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र, तेलंगाना, गोवा, पुड्डुचेरी और महाराष्ट्र में आतंकी हमले होने की सूचना मिली है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पत्र के मुताबिक-</h3>
<p style="text-align:justify;">आतंकी हमले ट्रेनों में भी हो सकते हैं। सुंदर का यह भी दावा है कि तमिलनाडु के रामनाथपुरम में 19 आतंकी मौजूद हैं।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Apr 2019 10:13:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर के पुलवामा में चूक के कारण फिदायीन हमला</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का चेहरा एक बार पुन: बेनकाब हुआ है। दरअसल गुरुवार को लगभग 3.30 बजे नेशनल हाईवे से सीआरपीएफ के 78 गाड़ियों के काफिले में जम्मू से श्रीनगर जाने के क्रम में पुलवामा में एक फिदायीन हमले के दौरान 42 जवान शहीद और अन्य जवान घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी जैश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का चेहरा एक बार पुन: बेनकाब हुआ है। दरअसल गुरुवार को लगभग 3.30 बजे नेशनल हाईवे से सीआरपीएफ के 78 गाड़ियों के काफिले में जम्मू से श्रीनगर जाने के क्रम में पुलवामा में एक फिदायीन हमले के दौरान 42 जवान शहीद और अन्य जवान घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मुहम्मद आतंकी संगठन ने ली है। इस आतंकी हमलें की अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन आदि देशों ने निंदा की है। यहां देखा जाए तो आतंकवादियों ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने हेतु पहली बार भारत के सरजमीं पर इस प्रकार का फिदायीन हमला किया है। इस प्रकार की शैली को इराक, इरान और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हेतु देखा गया है। ज्ञत हो कि पाकिस्तानी सेना द्वारा समर्थित आतंकी आए दिन भारत पाकिस्तान सीमा पर तनाव पूर्ण माहौल बनाए रहते हैं और गोलीबारी करते हंै जिसमें भारतीय नागरिकों की मृत्यु और सैनिकों की शहादत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन जिस प्रकार का फिदायीन हमला पुलवामा में हुआ है। उसमें पहली बार एक कश्मीरी युवक का ही मानव बम के रुप में इस्तेमाल किया गया है। जिसके कारण व्यापक क्षति हुई है। 18 सितंबर 2016 के उड़ी हमलें के पश्चात एक बड़ा हमला हुआ है। जिसमें 18 जवान शहीद हुए थे। मालूम हो कि आईबी के आतंकी हमले के अलर्ट के पश्चात भी इस हमले को नहीं रोका जा सका है। जो दुर्भाग्य पूर्ण है। इससे कई गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। पहला जब आईबी ने अलर्ट किया था कि सीआरपीएफ पर कोई बड़ा हमला हो सकता है तो धरातल पर सुरक्षा बलों ने इसे क्रियान्विंत क्यों नहीं किया? दूसरा क्या आईबी एलर्ट को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया गया? तीसरा उस इलाके का मुआयना किया गया या नहीं। दरअसल काफिला के आवागमन के पूर्व रोड ओपेनिंग पार्टी रुट को चेक करने के पश्चात रिपोर्ट देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के आधार पर ही काफिले का आवागमन होता है। यहाँ देखा जाए तो 78 गाड़ियों में 2547 लोग सवार थे तो ऐसे में रोड ओपनिंग पार्टी निश्चित ही रुट को चेक किया होगा। बावजूद ऐसी दुर्घटना सुरक्षा में चूक को इंगित करती है। चौथा इतने बड़े काफिले के गुजरने पर चप्पे चप्पे पर सैनिक बलों की तैनाती होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा होता हुआ प्रतीत नहीं हुआ है। पांचवा आतंकी ने कार में 200 किलोग्राम विस्फोटक रखा था तो क्या कही भी उस कार की जांच नहीं की गई? यहाँ देखा जाए तो निश्चित ही आईबी अलर्ट के पश्चात सुरक्षा जांच होनी चाहिए थी और यह चूक का ही मामला है। प्रश्न उठता है कि राष्ट्रीय स्तर पर वे कौन सी परिस्थितियां हंै जिसके कारण आतंकी कश्मीर में अपनी उपस्थिति को दर्ज कराने में लगे हुए हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">पहला कश्मीर के अलगाववादी संगठनों जिसे पाकिस्तान की शह प्राप्त है के द्वारा कश्मीर के माध्यम से भारत को लगातार अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। दुखद है कि वे लोग कुछ कश्मीरी नौजवानों को आतंक के रास्ते पर चलने हेतु ब्रेनवाश करने में सफल हुए हैं। यहाँ देखा जाए तो कश्मीरी नौजवानों के भटकाव का सिलसिला तो जारी है। इसके उदाहरण के रुप में देख सकते हंै कि पिछले वर्ष कश्मीर मेंं काफी नौजवान अपनी जान की परवाह किए बगैर पत्थरबाजों के साथ खड़े दिखाई दिए। कश्मीर के अंदर कुछ लोगों की राजनीतिक स्वार्थी नीतियों के कारण समस्याओं के समाधान के बजाय हालात खराब ही हुए हैं। जो भारत की सुरक्षा के समक्ष गंभीर चुनौती है। दूसरा विश्व में आतंकवाद कहीं भी स्थानीय समर्थन के बगैर नहीं चल सकता है। चाहे किसी भी कारण से समर्थन दिया गया हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उसमें भय, अज्ञानता या फिर स्वार्थ कोई कारण हो सकता है। पिछले वर्ष आतंकियों ने सेना में तैनात औरंगजेब नामक सैनिक का अपहरण कर उनकी हत्या की। इस प्रकार कश्मीर के समाज में भय को बढ़ाने का प्रयास किया। इसी प्रकार कुछ ऐसे लोगों की भी हत्याएं की जो सरकारी तंत्र का हिस्सा थे। मुखबिरी के शक में हुजैफ अशरफ की हत्या, तो पुलवामा के निकलोरा इलाके में आतंकियों ने एक छात्र की हत्या की। ऐसी घटनाओं से निश्चित ही रूह कांप जाती है। तीन दिन पहले समाज में आतंक का डर व्याप्त करने हेतु एक महिला को आतंकियों ने गोली मार दी। कहने का अर्थ है कि कश्मीर में आतंकी स्थानीय निवासियों के मन में खौफ पैदा करके भी कश्मीर के युवाओं को आतंक के मार्ग पर ढकेल रहे है। ताकि अपनी आतंकी गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित कर सके।</p>
<p style="text-align:justify;">आवश्यकता है कि सरकार कश्मीर की नीतियों को लेकर स्पष्ट खाका खींचे और राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर देश की एकता, अखंडता , शांति, विकास को बरकरार रखने संबंधित कदम उठाए ताकि लोगों में सरकारों और सरकार की नीतियों के प्रति विश्वास की भावना जागृत की जा सके, लोगों में आतंकियों के भय को समाप्त किया जा सके तथा कश्मीरी नौजवानों को भटकाव के रास्ते पर जाने से रोका जा सके। तीसरा जिस प्रकार दक्षिणी कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा आतंकी कार्यवाईयों को अंजाम दिया गया जैसे अमरनाथ बस पर हमला, सेना के जवानों पर हमला आदि। सेना ने कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने हेतु आपरेशन आॅल आउट चला रखा है जिसके कारण एक साल से प्रतिदिन लगभग चार से पांच आतंकी मारे जा रहे हंंै। अब तक आपरेशन आॅल आउट के कारण पांच सौ से ऊपर आतंकी मारे जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार सेना आतंकियों की कमर तोड़ने में लगी हुई है। मसूद मौलाना अजहर वही व्यक्ति है जिसे भारतीय विमान आईसी 814 के अपहरण के पश्चात 176 यात्रियों की जान बचाने हेतु रिहा किया गया। 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हमले का जिम्मेदार, 2 जून 2016 को पठानकोट पर हमलें का जिम्मेदार, 16 सितंबर 2016 को उड़ी हमले का भी जिम्मेदार है और 14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले का जिम्मेदार तो है ही। दरअसल इस हमले के माध्यम से जैश ए मोहम्मद संगठन ने कश्मीर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो भारत ने पाकिस्तान को लगातार कई मंचों से आतंकवाद के मामले पर घेरा है। जो पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन चुका है। चाहे वो संयुक्त राष्ट्र का मंच हो या आसियान या शंघाई सहयोग संगठन हो या ब्रिक्स संगठन या अफ्रीकी संघ। ऐसे में संपूर्ण विश्व भली भांति परिचित है कि पाकिस्तान आतंकियों की शरणस्थली है।अमेरिका ने तो पाकिस्तान की आर्थिक सहायता इसलिए रोक रखी है क्योंकि वह हक्कानी नेटवर्क के आतंकियों के खिलाफ आतंकी कार्रवाई करने में नाकामयाब रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोपीय यूनियन भी पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका है। लेकिन वर्तमान में आवश्यकता यह है कि विश्व स्तर पर आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दी जाए क्योंकि सभी राष्ट्र अपने हिसाब से आतंकवाद की परिभाषा गढ़ते है जिसके कारण संपूर्ण विश्व में आतंकवाद पर रोक लगाना मुश्किल होता है। पाकिस्तान की पहचान वर्तमान में एक आतंकिस्तान राष्ट्र के रूप में हो चुका है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की चपेट में पड़ोसी मुल्क जैसे भारत, ईरान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश आदि तो हैं ही, साथ में यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका भी आतंकवाद के प्रभाव से अछूते नहीं है। ऐसे में लगभग सभी राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय मंचों से पाकिस्तान की आलोचना करते है लेकिन पाकिस्तान के विरुद्ध ठोस कदम उठाने की भी आवश्यकता है। पेरिस स्थित अंतर सरकारी संस्था फाइनैंशल ऐक्सन टास्क फोर्स ने 2018 में आतंक की फंडिंग रोक पाने में विफल रहने पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट यानी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। ग्रे लिस्ट में डालने का आशय है कि इसको अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में कठिनाई होना।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसका प्रभाव निश्चित ही अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है लेकिन चीन जो पाकिस्तान का सदाबहार मित्र है । वह एक शातिर राष्ट्र है । एक तरफ चीन ने पाकिस्तान में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना वन वेल्ट वन रोड के तहत चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कारिडोर के तहत करोड़ों डॉलर निवेश कर पाकिस्तान को अपने कर्ज के जाल में फंसा चुका है। तो दूसरी ओर पाकिस्तान समर्थित आतंकी मौलाना मसूद को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित करने में अडंगा लगाता है। उससे चीन को दो लाभ है एक पाकिस्तान के प्रति दोस्ती को बनाए रखने का संकेत देता है और दूसरा भारत को वर्तमान के वैश्विककरण के दौर में आतंक में मामले में उलझाकर रखना चाहता है ताकि भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की राह में रोड़ा अटका सके। ज्ञात हो कि भारत और चीन एशिया की दो प्रतिस्पर्धात्मक अर्थव्यवस्थाएं है। चीन नहीं चाहता है कि भारत एक आर्थिक महाशक्ति बने</p>
<p style="text-align:justify;">उधरजब अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क पर कार्यवाही न करने के क्रम में आर्थिक मदद पर रोक लगाई तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हुई है। ऐसे में यहाँ बेरोजगारी, अशिक्षा, सामाजिक उथलपुथल के कारण अराजकता होना तय है। अपने ऐसे अंदरूनी मामलों से निपटने के लिए पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध समय के साथ प्राक्सी वार में वृद्धि होगी। ऐसे में भारत सरकार और राज्य सरकारों को जम्मू कश्मीर के मसले के साथ साथ संपूर्ण भारत की सुरक्षा पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p>
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                <pubDate>Fri, 15 Feb 2019 21:30:54 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकी हमला : आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की ली जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[कश्मीर में उरी से बड़ा आतंकी हमला, 39 जवान शहीद, अनेक घायल इस फिदायीन हमले में आईईडी ब्लास्ट के जरिए सैनिकों से भरी एक बस को निशाना बनाया गया श्रीनगर (एजेंसी)। दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में गुरुवार को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर अत्याधुनिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) के इस्तेमाल से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2>कश्मीर में उरी से बड़ा आतंकी हमला, 39 जवान शहीद, अनेक घायल</h2>
<ul>
<li><strong>इस फिदायीन हमले में आईईडी ब्लास्ट के जरिए सैनिकों से भरी एक बस को निशाना बनाया गया</strong></li>
</ul>
<p><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong> दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में गुरुवार को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर अत्याधुनिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) के इस्तेमाल से किये गये आतंकवादी हमले में अपुष्ट सूत्रों के अनुसार करीब 39 जवान शहीद हो गये और कई अन्य घायल हो गये। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा रहे सीआरपीएफ के वाहन को निशाना बनाकर गोरीपोरा के निकट इस विस्फोट को अंजाम दिया। इस हमले में सीआरपीएफ के 39 जवान मौके पर ही शहीद हो गये और कई अन्य घायल हो गये। हमले से वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। घायल जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गये और इलाके की घेराबंदी कर दी गयी है।</p>
<h2>विस्फोटकों से लदी गाड़ी से मारी टक्कर</h2>
<p>समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी। हमले के बाद जवानों को तुरंत श्रीनगर के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि काफिले की जिस बस को आतंकियों ने निशाना बनाया, उसमें 35 जवान सवार थे। आत्मघाती हमलावर आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।</p>
<h2>सीआरपीएफ के काफिले में 70 गाड़ियां</h2>
<p>दर्जनों घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका इलाज किया जा रहा है। इनमें से कई जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिस काफिले पर यह हमला हुआ, वह जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था और इसमें 2 हजार से अधिक जवान शामिल थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीआरपीएफ के जिस काफिले पर हमला किया गया, उसमें 70 वाहन शामिल थे। इन्हीं में से एक गाड़ी आतंकियों के निशाने पर थी। सीआरपीएफ जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर आ रहा था। हमले के बारे में सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस जांच कर रही है। घायल जवानों को अस्पताल शिफ्ट किया गया है और विस्फोट स्थल पर छानबीन की जा रही है।</p>
<h2>सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया था अलर्ट</h2>
<p>अफजल गुरू की बरसी यानि 8 फरवरी को खुफिया एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया था, जिसमें कएऊ प्लांट का अलर्ट थाञ इस अलर्ट में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर में आतंकी सुरक्षा बलों के डिप्लॉयमेन्ट और उनके आने जाने के रास्ते पर हमला कर सकते हैं। सुरक्षा बलों को अलर्ट करते हुए खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि एरिया को बिना सेंसिटाइज किए उस एरिया में ड्यूटी पर न जाएं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/terror-attack/article-7695</link>
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                <pubDate>Thu, 14 Feb 2019 20:31:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंक पर मुस्लिम देशों का प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[अभी-अभी हुई आतंकवादी घटनाओं से मिस्त्र जरूर दहला पर उसने जो जवाबी कार्यवाही की उससे मिस्त्र की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है और यह बात मानी जा रही है कि आतंकवादियों के प्रति पूरी दुनिया मिस्त्र की तरह ही जवाबी कार्यवाही करे, आतंकवादियों और आतंकवादियों को संरक्षण देने वालों को दंड पात्र बनाये […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">अभी-अभी हुई आतंकवादी घटनाओं से मिस्त्र जरूर दहला पर उसने जो जवाबी कार्यवाही की उससे मिस्त्र की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है और यह बात मानी जा रही है कि आतंकवादियों के प्रति पूरी दुनिया मिस्त्र की तरह ही जवाबी कार्यवाही करे, आतंकवादियों और आतंकवादियों को संरक्षण देने वालों को दंड पात्र बनाये तो फिर मुस्लिम आतंकवाद का सामना किया जा सकता है, मुस्लिम आतंकवाद के जड़ में मटठा डाला जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मिस्त्र के अंदर में जैसे ही आतंकवाद की बड़ी घटना घटी जिसमे लगभग एक दर्जन से अधिक वियतनामी पर्यटक मारे गये थे, वैसे ही मिस्त्र की सरकार ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलायी और खोज-खोज कर 40 अधिक आतंकवादियों, आतंकवादियों के संरक्षण देने वालों और आतंकवादियों के मजहबी गुरूओं को मार गिराया।</p>
<p style="text-align:justify;">खासकर आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले और आतंकवादियों के मजहबी गुरूओं को भी मिस्त्र की पुलिस ने निशाना बनाया है। मिश्र की पुलिस ने अलग से बयान जारी कर कही है कि आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले नागरिकों और आतंकवादियों को उपदेश देने वाले मजहबी गुरूओं का अपराध भी आतंकवादियों की श्रेणी में रखे जायेंगे और इसकी सजा भी मौत होगी। जानना यह भी जरूरी है कि मिस्त्र का पर्यटन मार्केट पूरी दुनिया में विख्यात है, दुनिया भर के पर्यटक मिस्त्र में आते हैं, मिस्त्र की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा आधार पर्यटन बाजार देता है। पर मिस्त्र में मुस्लिम वदर हुड़ के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न आतंकवादी संगठनों की आतंकवादी हिंसा के कारण मिस्त्र का पर्यटन बाजार भी प्रभावित हुआ है। दुनिया भर से मिस्त्र में आने वाले पर्यटक अब दूसरे देशों की ओर मुंह कर रहे हैं, यही कारण है कि मिस्त्र की पर्यटन अर्थव्यवस्था के उपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मिस्त्र कभी आधुनिक सोच वाला देश था पर मुस्लिम व्रदर हुड के प्रवेश के साथ ही साथ मिस्त्र में मजहबी कट्टरपंथ के हिंसक पंख लगे गये।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ मिस्त्र ही क्यों बल्कि अन्य मुस्लिम देश भी अब सचेत हो रहे हैं, आतंकवाद के खतरे को देख-समझ रहे हैं, आतंकवाद को आत्मघाती मान रहे हैं। दुनिया में कई ऐसे मुस्लिम देश हैं जो मुस्लिम आतंकवाद के प्रति वीरता दिखा रहहै, प्रति हिंसा को आधार बना कर मुस्लिम आतंकवाद को समाप्त करने का नया हथियार भी बनाया है। हम अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश का ही उदाहरण देख-समझ सकते थे। कभी बांग्लादेश भी कट्टरपंथ और आतंकवाद के आंकठ में डूबा हुआ था पर बांग्लादेश की सरकार ने मजहबी हिंसाओं के सामने हथियार नहीं डाले, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि बांग्लादेश ने कई आतंकवादी संगठनों के सरगनाओं को सरेआम फांसी पर लटका दिया, बांग्लादेश की सरकार ने यह नहीं सोची कि इससे उनका समर्थक वर्ग नाराज हो जायेगा या फिर कटटरपंथी समुदाय उनकी सत्ता को चाट जायेगा? पाकिस्तान का उदाहरण देख लीजिये। पाकिस्तान के अंदर भी दर्जनों लोगो को फांसी पर लटकाया जा चुका है जिन पर आतंकवादी घटनाओं के गंभीर आरोप थे। यद्यपि पाकिस्तान अभी भी दुनिया भर में आतंकवादियों की आउटसोर्सिग करता है फिर भी उसे अपने घर का आतंकवादी आत्मघाती लग रहे हैं, शांति के दुश्मन लग रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ा उदाहरण सउदी अरब का है। सउदी अरब कभी अपने आप को मुस्लिम देशों का नेता कहता था, सउदी अरब कभी इस्लाम के कट्टरपंथ का पैरवीकार था। दुनिया यह जानती है कि मुस्लिम कट्टरपंथ की हवा बहाने में सउदी अरब की कितनी बड़ी विनाशक भूमिका थी। अलकायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन सउदी अरब का ही नागरिक था। सउदी अरब का नागरिक ओसामा बिन लादेन अफगानिस्तान और पाकिस्तान जाकर हिंसक सरगना बन गया था, ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका पर हमला करा कर पांच हजार से अधिक लोगों को मार डाला था। बाद में अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। एक समय वह भी था जब मुस्लिम दृष्टिकोण पर सउदी अरब आंख मुंद कर पाकिस्तान का समर्थन करता था। जब आतंकवाद खुद सउदी अरब के लिए आत्मघाती साबित होने लगा, आतंकवाद जब शांति का दुश्मन बन बैठा तब सउदी अरब के शासकों की नींद टूटी, सउदी अरब की तरक्की खतरे में पड़ गयी, सउदी अरब ने अनेकानेक आतंकवादियों को फांसी पर लटका दिया।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>विष्णुगुप्त</strong></p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/attack-of-muslim-countries-on-terror/article-7169</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Jan 2019 13:53:19 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम: तिनसुकिया में आतंकी हमले में पांच लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[उल्फा (इंडीपेंडेंट) के उग्रवादियों पर है वारदात का संदेह असम (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma। तिनसुकिया में आतंकी हमले में पांच लोगों की मौत, उल्फा उग्रवादियों पर शक तिनसुकिया जिले के खेरोनी गांव में आतंकियों ने हमला कर दिया। देर शाम किए गए इस हमले में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। खेरोनिबाड़ी, प्रेट्र। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/assam-five-people-killed-in-terror-attack/article-6532"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/terror-attack-.jpg" alt=""></a><br /><h2>उल्फा (इंडीपेंडेंट) के उग्रवादियों पर है वारदात का संदेह</h2>
<p><strong>असम (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma।</strong> तिनसुकिया में आतंकी हमले में पांच लोगों की मौत, उल्फा उग्रवादियों पर शक<br />
तिनसुकिया जिले के खेरोनी गांव में आतंकियों ने हमला कर दिया। देर शाम किए गए इस हमले में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है।</p>
<p>खेरोनिबाड़ी, प्रेट्र। असम के तिनसुकिया जिले स्थित खेरोनी गांव में गुरुवार की रात एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की हत्या कर दी गई, जबकि दो घायल हो गए। वारदात का संदेह उल्फा (इंडीपेंडेंट) के उग्रवादियों पर है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसी कायराना हरकत बर्दाश्त नहीं।</p>
<p>‘पुलिस ने बताया कि अत्याधुनिक हथियारों के साथ रात करीब आठ बजे हमलावर गांव में ढोला-सादिया पुल के पास पहुंचे और आवाज देकर पांच-छह लोगों को घरों से बुला लिया। उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।</p>
<p>पुलिस को शक है कि उग्रवादी उल्फा (इंडीपेंडेंट) से जुड़े हो सकते हैं। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने मंत्री केशव महंता और तपन गोगोई तथा डीजीपी कुलधर सैकिया को मौके पर भेजा है। उन्होंने लोगों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट रहने को कहा है। ।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Nov 2018 08:46:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजधानी में आतंकी अलर्टः  हेलीकॉप्टर और ड्रोन से दिल्ली पर नजर, 15 अगस्त को लेकर खास प्रबंध</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay  Sharma । इस बार दिल्ली पुलिस भी हेलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए लालकिले सहित लुटियन जोन की सुरक्षा करेगी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस बार लालकिले पर आने वाले प्रत्येक आगंतुक सीसीटीवी की जद में होगा। इसके अलावा सेंट्रल दिल्ली के करोलबाग सहित चांदनी चौक के आसपास 13 अगस्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/terror-alert-in-delhi-look-at-the-helicopter-and-the-drone/article-5345"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pak-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay  Sharma ।</strong> इस बार दिल्ली पुलिस भी हेलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए लालकिले सहित लुटियन जोन की सुरक्षा करेगी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस बार लालकिले पर आने वाले प्रत्येक आगंतुक सीसीटीवी की जद में होगा। इसके अलावा सेंट्रल दिल्ली के करोलबाग सहित चांदनी चौक के आसपास 13 अगस्त के बाद से किसी भी गेस्ट हाऊस में बाहरी व्यक्तियों के रुकने पर पाबंदी होगी। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक ये निर्णय आतंकियों के हमले के मिले इनपुट के बाद लिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ड्रोन और हेलीकॉप्टर से नजर</h2>
<p style="text-align:justify;">पिछली बार 15 अगस्त पर ड्रोन का इस्तेमाल दिल्ली पुलिस ने किया था, लेकिन इस बार इनकी संख्या बढ़ाई गई है। न सिर्फलालकिला बल्कि इंडियागेट सहित चांदनी चौक, फव्वारा चौक सहित कई इलाको में ड्रोन से दिल्ली पुलिस निगाह रखेगी। इसके अलावा दो हेलीकॉप्टर से पहली बार दिल्ली पुलिस आकाश से लालकिले की निगरानी करेगी। इसके अलावा वायुसेना के हेलीकॉप्टर सुरक्षा में तैनात रखे गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">10 हजार सुरक्षाबल होंगे तैनात</h2>
<p style="text-align:justify;">15 अगस्त के कार्यक्रम को सफल बनाने और लोगों की सुरक्षा के लिए बटालियन और अन्य थाना क्षेत्रों से करीब 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा स्पेशल सीपी लॉ एण्ड ऑर्डर, ज्वाईंट सीपी सेंट्रल रेंज, डीसीपी नॉर्थ,डीसीपी सेंट्रल सहित 12 अतिरिक्त डीसीपी, 37 एसीपी सहित 58 एसएचओ को कार्यक्रम के दिन सुरक्षा में लगाया गया है। दिल्ली में 10 हजार जवानों के साथ 6 स्तरीय सुरक्षा घेरा होगा।</p>
<h1 style="text-align:justify;">2000 अतिरिक्त सीसीटीवी</h1>
<p style="text-align:justify;">नॉर्थ और सेंट्रल दिल्ली से लाल किले को जाने वाली सड़कों पर सिक्योरिटी के जबरदस्त बंदोबस्त होंगे। 2000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 10 प्रोफेशनल वीडियो ग्राफर और 10 स्टिल फोटोग्राफर लाल किले और समाधि इलाके के आसपास मौजूद रहेंगे और हर मूवमेंट को कैप्चर करेंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मेट्रो और रेल रूट रहेगा बंद</h2>
<p style="text-align:justify;">15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान सुबह प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान वेलकम से आईएसबीटी तक कुछ समय के लिए मेट्रो का संचालन बंद होगा। इसके अलावा चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पुरानी दिल्ली मेट्रो स्टेशन, कृषि भवन सहित 5 अन्य मेट्रो स्टेशनों को करीब दो घंटे के लिए बंद किए जाएंगे। इसके अलावा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से आने जाने वाली गाडिय़ों का परिचालन कुछ समय के लिए बंद रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ये रास्ते रहेंगे बंद</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सुबह 5 से 9 बजे तक प्रतिबंध</li>
<li>नेताजी सुभाष मार्ग पर दिल्ली गेट से छता</li>
<li>रेल लोथियन रोड पर जीपीओ से छता रेल</li>
<li>एसपी मुखर्जी मार्ग पर एचसी सेन मार्ग से यमुना बाजार चौक</li>
<li>चांदनी चौक पर फाउंटेन चौक से लाल किला</li>
<li>निषाद राज मार्ग पर रिंग रोड से नेताजी सुभाष मार्ग</li>
<li>एस्पलेनैड रोड से नेताजी सुभाष मार्ग</li>
<li>साऊथ से नॉर्थ जाने का रास्ता</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">रेलवे स्टेशन पहुंचने का रास्ता</h2>
<p style="text-align:justify;">पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए पश्चिम एवं साऊथ दिल्ली से आने वाले लोग मदर टेरेसा क्रिसेंट, पार्क स्ट्रीट, मंदिर मार्ग, पंचकुइयां रोड, रानी झांसी मार्ग, आजाद मार्केट, मोरी गेट होते हुए पहुंच सकते हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तरफ जाने के लिए किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। लेकिन, इस यात्रा में समय अधिक लग सकता है।</p>
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<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Aug 2018 10:35:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंक और बातचीत एक साथ संभव नहीं : सुषमा</title>
                                    <description><![CDATA[जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सरकार ने सोमवार को एक बार फिर दोहराया कि उसे बातचीत करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आतंकवादी गतिविधियां और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/terror-and-talks-not-possible-together-sushma/article-3824"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/sushma-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सरकार ने सोमवार को एक बार फिर दोहराया कि उसे बातचीत करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आतंकवादी गतिविधियां और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि भारत ने यह कभी नहीं कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार नहीं है लेकिन उसका मानना है कि आतंकवादी हरकतें और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही यह पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले की स्थिति हो या बाद की। उन्होंने कहा, ‘जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती। भारत कई बार कह चुका है कि वह पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध चाहता है लेकिन पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है और सीमा पार से भारतीय सीमा में घुसपैठ कर हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का कहना है कि इस तरह की स्थिति में पाकिस्तान के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। एक अन्य सवाल के जवाब में स्वराज ने कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के साथ पिछले वर्ष के गतिरोध के समाप्त होने के बाद से स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और गतिरोध की जगह पर यथास्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि चीन ने भारत , भूटान और चीन से लगते ट्राइजंकशन क्षेत्र के डोकलाम में पिछले वर्ष सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया था लेकिन भारतीय सैनिकों ने इस काम को रूकवा दिया था। इसके कारण दोनों सेनाओं के बीच लगभग ढाई महीने तक गतिरोध बना रहा था।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 May 2018 20:54:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ ने कहा 2022 तक आतंकवाद का खात्मा हो जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ: राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक कश्मीर, आतंकवाद, नक्सलवाद और नॉर्थ-ईस्ट में जारी विद्रोह का खात्मा हो जाएगा। इस अवसर पर राजनाथ ने सभी को भारत को स्वच्छ, गरीबी, भ्रष्टाचा, आतंकवाद, सांप्रदायिकता और जातिवाद से मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई। मोदी ने स्वच्छता जन आंदोलन बनाया शाह ने कहा मैं प्रधानमंत्री […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/rajnath-saying-solution-to-terror-will-be-found-by-2022/article-3223"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/rajnath.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ: </strong>राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक कश्मीर, आतंकवाद, नक्सलवाद और नॉर्थ-ईस्ट में जारी विद्रोह का खात्मा हो जाएगा। इस अवसर पर राजनाथ ने सभी को भारत को स्वच्छ, गरीबी, भ्रष्टाचा, आतंकवाद, सांप्रदायिकता और जातिवाद से मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मोदी ने स्वच्छता जन आंदोलन बनाया</h1>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ से पहले ‘न्यू इंडिया’ को साकार करने का वादा किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता के महत्व पहचाना और इसे एक अभियान का रूप दिया था, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसे एक जन आंदोलन बनाया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">संकल्प से सब मुमकिन</h1>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ ने कहा 1857 में आजादी की पहली लड़ाई से अब तक 85 साल में भारत ने देश की ताकत को पहचाना और इसे एकजुट रखा।1942 में जब महात्मा गांधी ने कहा- करो या मरो, पूरा देश उनके साथ एकजुट होकर खड़ा था…यह संकल्प का ही नतीजा था, जिसकी वजह से पांच साल बात इसका नतीजा मिला। अगर भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किए जाने के पांच साल बाद देश आजाद हो सकता है तो 2017 में न्यू इंडिया का संकल्प लेकर इसे 2022 तक पूरा क्यों नहीं किया जा सकता?  राजनाथ ने कहा कि पांडवों ने भी उनके संकल्प और दृढ़ता की वजह से ही महाभारत में जीत हासिल की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 22:40:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर के कुपवाड़ा में आर्मी हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर: कश्मीर के कुपवाड़ा के कलारूस फॉरेस्ट एरिया में बने आर्मी हेडक्वार्टर पर शुक्रवार रात आतंकी हमला हुआ। इसमें एक जवान शहीद हो गया। फिलहाल आर्मी सर्च ऑपरेशन कर रही है। इस बीच शनिवार को पाक ने मेंढर सेक्टर में सीजफायर वॉयलेशन किया। इसके चलते एक महिला की मौत हो गई। जून में 6 जवान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/terror-attack-on-army-headquarters/article-3061"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/army2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर:</strong> कश्मीर के कुपवाड़ा के कलारूस फॉरेस्ट एरिया में बने आर्मी हेडक्वार्टर पर शुक्रवार रात आतंकी हमला हुआ। इसमें एक जवान शहीद हो गया। फिलहाल आर्मी सर्च ऑपरेशन कर रही है। इस बीच शनिवार को पाक ने मेंढर सेक्टर में सीजफायर वॉयलेशन किया। इसके चलते एक महिला की मौत हो गई।</p>
<h1 style="text-align:justify;">जून में 6 जवान शहीद</h1>
<p style="text-align:justify;">16 जून को कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। इसमें 6 पुलिसवाले शहीद हो गए। आतंकियों ने भागने के पहले इन जवानों के चेहरे बिगाड़ दिए थे। ये लोग रूटीन राउंड पर निकले थे। वहीं, 15 जून को घाटी के हैदरपुरा इलाके में दो अलग-अलग घटनाओं में आतंकियों ने पुलिस जवानों पर हमला किया था। इसमें दो जवान शहीद हो गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2017 23:08:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर के ये गैर जिम्मेदार नेता</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सुलगाता रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाक की आतंकी पाठशालाओं में आतंकियों को तैयार कर भारत में घुसपैठ कराई जाती है। कश्मीर में मरे कई आतंकियों के घर-पतों की जानकारी में यह बात साबित हो चुकी है। पाकिस्तान में चल रही इन संदिग्ध और घिनौनी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/irresponsible-leader-of-kashmir/article-2931"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/stone-throwing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सुलगाता रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाक की आतंकी पाठशालाओं में आतंकियों को तैयार कर भारत में घुसपैठ कराई जाती है। कश्मीर में मरे कई आतंकियों के घर-पतों की जानकारी में यह बात साबित हो चुकी है। पाकिस्तान में चल रही इन संदिग्ध और घिनौनी हरकतों से पूरी दुनिया वाकिफ हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां तक कि खुद अमेरिका पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका है कि वह आतंकी गतिविधियों से पल्ला झाड़ ले वरना उसकी फंडिंग पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके बाद यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम परस्त नेता अपने राज्य की मुस्लिम आबादी को भड़काने या शह देने का काम करेंगे। पिछले दिनों में जम्मू-कश्मीर के दो नेताओं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जिस तरह के बयान दिए हैं, इससे इन कथित नेताओं की ओछी मानसिकता के सबूत मिल जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा था कि यदि कश्मीर से धारा 370 और विशेषाधिकार को हटाने की कार्यवाही की गई तो जम्मू-कश्मीर में तिरंगा थामने वाला कोई नहीं बचेगा। यानी कि इशारा साफ था कि आजादी के 70 साल बाद भी कश्मीरियों की रग में भारत के प्रति अपनेपन का भाव पैदा नहीं हो पाया है। कश्मीरियों में या तो कश्मीरियत रची-बसी है या फिर भारत के खिलाफ भावनाएं रच-बस चुकी है। यदि उनके हितों पर कुठाराघात किया गया तो यह बात ख्ुालकर सामने आ जाएगी। वैसे भी यह बात किसी से छिपी नहीं है। कई बार पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैच जीतने पर जश्न मनाने और पटाखे फोड़ने के दृश्य कश्मीर क्या, भारत के दूसरे समुदाय विशेष बाहुल्य क्षेत्रों में देखे जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा बयान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का है। साहब फरमाते हैं कि भारत में हो रही आतंकी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान का हाथ नहीं है। हर घटना के लिए सारा दोष सीधे पाकिस्तान पर डाल दिया जाता है, जबकि घाटी में हिंसा और अस्थिरता पाकिस्तान ने पैदा नहीं की है। 2008, 2010 और 2016 में हुए हिंसक और उग्र आंदोलनों के पीछे पाकिस्तान नहीं था। अब्दुल्ला से पूछा जाना चाहिए कि पाकिस्तान का नहीं तो कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के पीछे किसका हाथ है?</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे बयान उस समय आ रहे हैं, जब भारत ने जम्मू-कश्मीर में देशद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई को आर-पार लड़ने का मन बना लिया है। अलगाववादियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे समय में बयान देने वाले नेताओं को किस नजर से देखा जाना चाहिए। क्या इन नेताओं को यह मालूम नहीं है कि पत्थरबाजी की हरकतों ने देश की सेना को किस तरह निशाने पर ले रखा है? क्या इन्हें नहीं मालूम कि आतंकियों की मौत पर कश्मीर के संप्रदाय विशेष के युवा शोक मनाते हैं और आक्रोश जताते हैं? क्या इन्हें नहीं मालूम कि आतंकियों की पैदाइश पाक में है और उन्हें सीमा पार करवाकर कश्मीर में अशांति पैदा करने के लिए जिहादी बनाकर भेजा जाता है?</p>
<p style="text-align:justify;">यदि मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री या नेता कश्मीर में रहकर कोई दूसरा राग अलापने का प्रपंच रच रहे हैं तो निश्चित तौर पर इनमें और अलगाववाद समर्थक नेताओं में कोई फर्क नहीं है। यह माना जा सकता है कि पत्थरबाजी के पीछे कथित तौर पर नेता खड़े हैं और इनसे राष्टÑभक्ति की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>आजादी के 70 साल बाद भी कश्मीरियों की रग में भारत के प्रति अपनेपन का भाव पैदा नहीं हो पाया है। कश्मीरियों में या तो कश्मीरियत रची-बसी है या फिर भारत के खिलाफ भावनाएं रच-बस चुकी है।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
<em><strong>-गणेश शंकर भगवती</strong></em></p>
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                <pubDate>Sun, 06 Aug 2017 04:34:15 +0530</pubDate>
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