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                <title>Fails - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>कन्या भ्रूण हत्या रोकने में स्वास्थ्य विभाग फेल, जासूसी कंपनियां पकड़ रहीं आरोपी</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले 2 सालों दौरान पंजाब में 19 सफल स्टींग आपरेशन हुए हैं, जिसमें 15 स्टिंग आपरेशन जासूसी कंपनी ने किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हिस्से सिर्फ 4 सफलताएं ही हाथ लगी हैं।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/health-department-fails-to-stop-female-feticide/article-12880"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/female-feticide.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अब तक पंजाब राज्य में पिछले 2 सालों दौरान हुए 19 स्टिंग आपरेशन, 14 जासूसी कंपनियों के आए हिस्से | Female foeticide</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>आशा वर्करों व स्वास्थ्य विभाग के पास सारा रिकार्ड होने के बावजूद भी नहीं हो पा रहा काम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ/अशवनी चावला)।</strong> अपने ही घर में आने वाली <strong>(Female Foeticide)</strong> नन्ही परी को जन्म से पहले ही कोख में मारने वाले दोषियों के खिलाफ अभियान चलाने वाला स्वास्थ्य विभाग अब तक फैल साबित होता नजर आ रहा है। क्योंकि इन लिंग टैस्ट व भ्रूण हत्यारों को पकड़ने के लिए स्वास्थय विभाग की मदद करने वाली जासूसी कंपनियों ने उम्मीद से अधिक अच्छे नतीजे देते हुए पिछले 2 सालों में 15 से अधिक सफल स्टिंग आॅपरेशन करवाते हुए बड़ी संख्या में गिरफ़्तारियां भी करवाई हैं। इसके मुकाबले स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले 2सालों दौरान सिर्फ 4 स्टिंग आपरेशन ही सफल तरीके से किए गए हैं।</p>
<h2><strong>स्वास्थ्य विभाग का खुफिया तंत्र हुआ बेकार, नहीं मिल रही कोई जानकारी </strong></h2>
<p style="text-align:justify;">हैरानीजनक बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास हर गर्भवती महिला का रिकार्ड होने साथ ही उन गर्भवती महिलाओं के साथ रूटीन में संपर्क करने के लिए आशा वर्करों का अच्छा नैटवर्क भी है परंतु फिर भी इन गर्भवती महिलाओं द्वारा लिंग टैस्ट करवाने के साथ ही नन्ही परियों को कोख में मारने वाले लोगों को रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। जानकारी अनुसार पंजाब में पिछले कुछ सालों से काफी अधिक कोशिश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या नहीं बढ़ा पाया है, जिसमें सब से बड़ा कारण यही रहा है कि राज्य में कई अल्ट्रासाउंड का काम करने वाले डॉक्टर अनअधिकृत तरीके से लिंग चैक करने में लगे हुए हैं। कोख में पल रहो नन्ही परी संबंधी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनकी हत्या कोख में ही करवाने जैसे अपवित्र काम को अंजाम भी दे रहे हैं।</p>
<p>पिछले 2 सालों दौरान पंजाब में 19 सफल स्टींग आपरेशन हुए हैं, जिसमें 15 स्टिंग आॅपरेशन जासूसी कंपनी ने किए हैं, जब कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हिस्से सिर्फ 4 सफलताएं ही हाथ लगी हैं। इन 19 स्टिंग आॅपरेशन दौरान 17 अल्ट्रासाउंड सील किए गए हैं तो 51 से अधिक दोषियों को गिरफ़्तार किया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पंजाब से बाहर भी की गई छापेमारी, किए गए 2 सफल स्टिंग आपरेशन</h2>
<p style="text-align:justify;">जासूसी कंपनी ने पंजाब से बाहर भी जाकर स्टिंग आॅपरेशन किए हैं, जहां पंजाब की निवासी गर्भवती महिला का टैस्ट किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग पंजाब की टीम को लेकर जासूसी कंपनी ने हरियाणा के हिसार और गुरूग्राम में भी बड़ी सफलता हासिल करते हुए मौके पर ही अल्ट्रासाउंड करने के वाले डॉक्टर और अन्यों सहित कुल 7दोषियों को गिरफ़्तार करने में सफलता हासिल की है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मंत्री के जिले में भी हुई गिरफ़्तारियां, पकड़े गए कन्या भु्रण हत्यारे</h2>
<p style="text-align:justify;">मुख्य मंत्री अमरिन्द्र सिंह का जिला भी इन कन्या भ्रुण हत्याआें से वंचित नहीं रहा है। पिछले 2 सालों दौरान पटियाला जिले में 3 सफल स्टिंग आॅपरेशन किये गए हैं, जिसमें 3 अल्ट्रासाऊंड मशीनें सील करने के साथ ही 5 से अधिक दोषियों को गिरफ़्तार भी किया गया है। इन दोषियों खिलाफ अदालत में पैरवी चल रही है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2020 21:06:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन का पहला निजी रॉकेट लांच फेल</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग (वार्ता)। चीन के निजी क्षेत्र का अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने का पहला प्रयास असफल हो गया है। चीन की निजी रॉकेट लांच कंपनी लैंडस्पेस ने रविवार को यह जानकारी दी।चीन के उत्तरी पश्चिमी प्रांत गांसू में शनिवार को जिक्यूआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से देश के पहले व्यावसायिक रूप से निर्मित तीन स्तरीय रॉकेट जेडक्यू-1 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chinas-first-private-rocket-launch-fails/article-6505"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/rocket.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग (वार्ता)। चीन के निजी क्षेत्र का अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने का पहला प्रयास असफल हो गया है। चीन की निजी रॉकेट लांच कंपनी लैंडस्पेस ने रविवार को यह जानकारी दी।चीन के उत्तरी पश्चिमी प्रांत गांसू में शनिवार को जिक्यूआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से देश के पहले व्यावसायिक रूप से निर्मित तीन स्तरीय रॉकेट जेडक्यू-1 को लांच किया गया। यह 19 मीटर लंबे और 1.35 मीटर की परिधि वाला रॉकेट का लांच असफल हो गया।</p>
<h2>चीन का व्यावसायिक रूप से निर्मित रॉकेट को लांच करने का यह पहला प्रयास था</h2>
<p>चाइना ग्लोब्ल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) की रिपोर्ट के अनुसार चीन का व्यावसायिक रूप से निर्मित रॉकेट को लांच करने का यह पहला प्रयास था लेकिन लांच के तीसरे स्तर में इंजन में गड़बड़ी होने के कारण यह प्रयास असफल हो गया।चीन की निजी कंपनी लैंडस्पेस ने कहा कि रॉकेट का लांच सही तरीके से हो रहा था लेकिन लांच के अंतिम चरण में कुछ गड़बड़ हो गयी। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “रॉकेट लांच के दूसरे चरण के बाद कुछ असामान्य गड़बड़ी हो गयी और लांच असफल हो गया लेकिन हम वृहत अंतरिक्ष में अपने सपनों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।”</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Oct 2018 09:11:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय संस्कृति का पक्ष रखने में सरकार रही नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[Government Fails In Favor Of Indian Culture सुप्रीम कोर्ट ने समलैगिंकता संबंधों को अपराधों के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार द्वारा देश की पुरातन संस्कृति संबंधी अपनी कोई ठोस दलील न देने के कारण सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अपनी राय पर निर्णय सुनाया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इससे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-fails-in-favor-of-indian-culture/article-5769"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/government-fails-in-favor-of-indian-culture.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">Government Fails In Favor Of Indian Culture</h1>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने समलैगिंकता संबंधों को अपराधों के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार द्वारा देश की पुरातन संस्कृति संबंधी अपनी कोई ठोस दलील न देने के कारण सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अपनी राय पर निर्णय सुनाया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले केन्द्र सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा था लेकिन सरकार ने कोई भी आपत्ति जाहिर करने की बजाए सारी बात सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दी थी। अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता की दलील देकर निर्णय सुनाया है। अदालत ने आधुनिकता व बदले हुए जमाने की दलील दी है। जहां तक भारतीय संस्कृति का संबंध है इसमें नर-मादा के संबंधों को ही स्वीकृति दी गई है जो संसार की उत्पति के लिए प्राकृतिक प्रक्रिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां तक निजी आजादी का संबंध है देश के बहुत से कानूनों पर भी सवाल उठना स्वभाविक है। समलैगिंक संबंधों पीछे दलील पंंक्तिगत आजादी है तो हिन्दू विवाह एक्ट पर भी नई बहस छिड़ हो सकती है। निजी आजादी पर यह भी कहा जा सकता है कि हिन्दू के लिए एक से अधिक विवाह करवाने भी निजी आजादी के कारण जायज है। अगर पति किसी अन्य महिला के साथ विवाह करवाना चाहता है तो यह उसकी निजी आजादी बन जाएगी। इसी तरह केन्द्र सरकार तीन तलाक प्रथा खत्म करने के लिए कानून बनाने पर जोर दे रही है लेकिन निजी आजादी की बात आते ही एक मुस्लमान के लिए भी एक से अधिक विवाह करवाना कोई गैर कानूनी नहीं माना जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">निजी आजादी को मान्यता देने के साथ ड्रग्स लेना भी कोई अपराध नहीं होगा। बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते, सुबह के समय उठना नहीं चाहते, बुजुर्गों की संभाल नहीं करना चाहते हैं, निजी आजादी बच्चों को यह सब करने की स्वीकृति देगी। असलीयत यह है कि बिना मर्यादा के कुछ भी संभव नहीं। माता-पिता बच्चों का पालन-पोषण एक मर्यादा के तहत कर उसे अच्छा इन्सान बनाते हैं। सूर्य, चन्द्रमा, धरती, तारे, दिन-रात, ऋतु सभी मर्यादा में चलते हैं। अगर इनकी मर्यादा बिगड़ जाए तो तबाही हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सृष्टि का दारोमदार एक मर्यादा में बंधा हुआ है। भारतीय संस्कृति ने रिश्तों की पवित्र प्रणाली बनाकर पूरे विश्व का नेतृत्व किया है। पश्चिमी लोग पूर्वी सभ्यता की अहमीयत को स्वीकार कर रहे हैं। अदालत के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती लेकिन भारतीय संस्कृ ति व सामाजिक ढ़ांचे का गौरव कभी फीका नहीं पड़ेगा। यह केवल धार्मिक मान्यताएं नहीं अपितु सामाजिक व वैज्ञानिक महत्व का भी विषय है।</p>
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                <pubDate>Fri, 07 Sep 2018 13:14:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेना ने घुसपैठ का प्रयास किया  विफल, चार आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। जम्मू कश्मीर में सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में रविवार को सेना ने नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों के घुसपैठ का प्रयास विफल कर दिया। सेना के साथ मुठभेड़ में चार आतंकवादी भी मारे गये। कर्नल राजेश कालिया ने यूनीवार्ता को बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों ने आतंकवादियों के एक समूह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/army-fails-to-infiltrate-four-terrorists-stack/article-4080"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/asmir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span class="storydetails">श्रीनगर (एजेंसी)। </span></strong><span class="storydetails">जम्मू कश्मीर में सीमावर्ती कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में रविवार को सेना ने नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों के घुसपैठ का प्रयास विफल कर दिया। सेना के साथ मुठभेड़ में चार आतंकवादी भी मारे गये। </span><span class="storydetails">कर्नल राजेश कालिया ने यूनीवार्ता को बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों ने आतंकवादियों के एक समूह को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर(पीओके) की ओर से भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास करते देखा। समर्पण के लिए ललकारे जाने पर आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलायी। </span><span class="storydetails">दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ में अब तक चार आतंकवादी मारे गये हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक मुठभेड़ जारी है। पिछले सप्ताहों के दौरान उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ का प्रयास कर रहे 10 आतंकवादी मारे गये हैं जबकि एक जवान शहीद हो गया और एक अन्य घायल हुआ है।</span></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 10:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर में सेना के कैंप पर हमला नाकाम, सर्च ऑपरेशन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले में मंगलवार रात आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर में घुसने की कोशिश की आतंकियों ने रात करीब साढ़े आठ बजे हाजिन इलाके में सेना की 30 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर के गेट पर ग्रेनेड फेंके। उसके बाद आतंकियों ने फायरिंग की। जवानों ने इस हमले का फौरन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kashmir-army-camp-fails-to-attack-search-operation-continues/article-3974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)। </strong><span style="text-align:justify;">उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले में मंगलवार रात आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर में घुसने की कोशिश की आतंकियों ने रात करीब साढ़े आठ बजे हाजिन इलाके में सेना की 30 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर के गेट पर ग्रेनेड फेंके। उसके बाद आतंकियों ने फायरिंग की। </span>जवानों ने इस हमले का फौरन मुंहतोड़ जवाब दिया. इस पर आतंकी भाग खड़े हुए। हमले में दो जवान घायल हुए हैं। शुरुआती खबरों के मुताबिक 4 से 5 आतंकियों को शिविर के बाहर देखा गया है. कैंप पर दो तरफ से हमला किया गया है। आतंकियों ने पहले गेट पर कई ग्रेनेड फेंके। उसके बाद उन्होंने फायरिंग की। सुबह रोशनी होते ही शिविर के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">फरार आतंकियों की तलाश की जा रही है। जवानों ने पूरे इलाके को घर लिया है. इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन में थोड़ी दिक्कत हो रही है। इसके अलावा रमजान के चलते स्थानीय लोग भी घरों से बाहर हैं। ऐसे में सेना को सर्च ऑपरेशन में भी दिक्कत हो रही है। ये इलाका लश्कर का गढ़ माना जाता है। बीते कुछ दिनों में सुरक्षाबलों पर किया गया ये सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। जवानों पर हमले के अलर्ट के चलते शिविर में भी जवान बेहद अलर्ट थे।इसके चलते आतंकी शिविर के भीतर दाखिल नहीं हो सके। शुरुआती खबरों में फिदायिन हमले से इनकार किया जा रहा है। जवानों की जवाबी कार्रवाई से सभी आतंकी फरार हो गए।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 07:55:01 +0530</pubDate>
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                <title>परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर भी निराश न हों</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/do-not-get-frustrated-even-if-the-exam-fails/article-855"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/result.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">किसी भी परीक्षा में असफल होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके अंदर टैलेंट की कमी है। आज की युवा पीढ़ी को जब पता चलता है कि परीक्षा में उसके कम अंक आए हैं या फिर वह फेल हो गया है, तो बच्चा खाना पीना बन्द कर देता है। अपने माता-पिता और पूरे परिवार से ठीक से बात भी नहीं करता। उनके दिमाग में तनाव इतना बढ़ जाता है कि वह अपने मन में आत्महत्या जैसा घोर अपराध करने की ठान लेता है, जबकि यह बिल्कुल गलत है। ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप किसी वजह से फेल हो जाते हैं, तो अपने मन में यह सोचें कि पढ़ाई को आपसे जितनी मेहनत की उम्मीद थी, आप उतनी मेहनत नहीं कर पाए। वैसे तो होना यह चाहिए था कि आप अच्छी डिवीजन से पास होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब आप मान लीजिए कि आप 40 या 50% अंक लाकर पास हो भी जाते, तो क्या आप ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के एंट्रेंस पेपर को पास कर पाते? मेरा मानना है कि नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यह असंभव भी नहीं है। एन्ट्रेंस पेपर पास कर सकते हो, लेकिन अगर आपने बारहवी में अच्छे से पढ़ाई नहीं की है, तो ग्रेजुएशन पेपर पास करने के लिए अब पहले से दोगुनी पढ़ाई करनी होगी, लेकिन यह तो साबित हो ही गया है कि जब आप बारहवी में ही पढ़ाई नहीं कर पाए, तो एंट्रेंस पेपर के लिए दोगुनी पढ़ाई भी नहीं कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो आपको पहले साल में ही अच्छे अंक पाकर परीक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए थी, लेकिन अगर आप अनुत्तीर्ण हो ही गये हो, तो उसकी टेंशन न लेकर इस सोच से आगे बढ़ें कि इस साल मैंने पास होने लायक पढ़ाई नहीं की थी, इसलिए मैं फेल हो गया, लेकिन अगले साल को होने वाली परीक्षा में मुझे 75 या 80 प्रतिशत अंकों से पास होना है और नॉर्मली विद्यार्थी दूसरे साल में 75 या 80 प्रतिशत अंक ला सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल के बच्चों पर स्मार्टफोन और सोशल वर्क का खुमार इस कद्र चढ़ा हुआ है कि वे पढ़ाई और खाने-पीने व परिवार में रिश्ते निर्वाह करने से ज्यादा मोबाइल फोन में व्यस्त रहने लगे हैं। कुछ बच्चे तो इंटरनेट पर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि पढ़ाई को बिल्कुल भूल ही जाते हैं और आगे चलकर यही बच्चे परीक्षा पास करने में असफल साबित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर दोष मढ़ते हैं मां-बाप या अध्यापकों के सिर पर। मां बाप को कहते हैं कि आपने ट्यूशन नहीं लेने दिया। घर में पढ़ाई करने की बजाय अन्य कामों में लगाए रखा, इसलिए मैं फेल हो गया… इत्यादि। और कई बार तो फेल होने के बाद कहते हैं कि टीचर ने ठीक से पढ़ाया ही नहीं। मां-बाप और टीचर पर ऐसा दोष लगाना बिल्कुल गलत है। अगर आपको टीचर ने पढ़ाया नहीं, तो कक्षा में बाकी बच्चे कैसे पास होकर मेरिट में नंबर ले आए? इसलिए विद्यार्थियों के फेल होने का श्रेय मां-बाप या अध्यापक को न देने की बजाय, अपनी गलती को स्वीकार करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बात यह भी है कि वर्तमान के भौतिकतावादी युग में हर किसी को पैसा कमाने की होड़ सी लगी रहती है। इसी होड़ में अध्यापक व अभिभावक भी कम नहीं हैं। बहुत बार अध्यापक केवल पैसे को ही अपना ध्येय बना लेता है। इस कारण वह उसे बच्चों की शिक्षा की तरफ कोई खास ध्यान नहीं देते। हालांकि बच्चे अच्छी-खासी फीस ट्यूशन व स्कूल में देते हैं, फिर भी अध्यापक अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री मात्र करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ अभिभावकों का दोष भी कम नहीं है। अपने-आपको दूसरों से बेहतर दिखाने के चक्कर में वह बच्चों के ऊपर बिना उसकी मर्जी जाने ही अपनी मर्जी थोप देते हैं। जैसे कि बच्चा पढ़ाना तो कुछ और चाहता है, लेकिन मां-बाप दूसरों की देखा-देखी उन्हें किसी अन्य कोर्स में एडमिशन दिला देते हैं। ऐसे में बच्चा प्रेशर में आ जाता है और अच्छे से पढ़ाई नहीं कर पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">अत: अध्यापक, अभिभावक व विद्यार्थियों को अपने-अपने स्तर पर जागरूकता होने की आवश्यकता है। सबको सोचना होना कि आखिर यह बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इन्हें सही मार्ग व उचित शिक्षा मिले, तो अवश्य ही बच्चे समाज कल्याण में अहम् भूमिका निभाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-गौरव चौहान, हस्तिनापुर</strong></p>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 21:59:26 +0530</pubDate>
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