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                <title>frustrated - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>यो-यो टेस्ट में फेल हुये सैमसन इंग्लैंड ए दाैरे से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (वार्ता)। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन को फिटनेस के लिये ज़रूरी यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद भारत ए टीम के इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केरल के खिलाड़ी सैमसन का यो यो टेस्ट में स्तर आवश्यक मानकों से कम पाया गया था। उनकी जगह वैकल्पिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/yo-yo-test-frustrated-samson-out-of-england-a-dare/article-4087"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/cri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span class="storydetails">मुंबई (वार्ता)। </span></strong><span class="storydetails">युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन को फिटनेस के लिये ज़रूरी यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद भारत ए टीम के इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केरल के खिलाड़ी सैमसन का यो यो टेस्ट में स्तर आवश्यक मानकों से कम पाया गया था। उनकी जगह वैकल्पिक खिलाड़ी के नाम की घोषणा नहीं हुई है लेकिन रविवार को लंदन के लिये रवाना हुयी भारतीय ए टीम में सैमसन को नहीं ले जाया गया है। इससे पहले सैमसन को भारत ए दौरे के लिये टीम में शामिल किया गया था जो इंग्लैंड लायंस की मेज़बानी में त्रिकोणीय सीरीज़ खेलने उतरेगी। सीरीज़ की तीसरी टीम वेस्टइंडीज़ ए है। भारत ए का इंग्लैंड दौरा 22 जून से शुरू होगा। (Sports News)<br />
</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="storydetails">श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारत ए टीम अपने दौरे में इंग्लैंड ए के खिलाफ 16 से 19 जुलाई तक चार दिवसीय टेस्ट भी खेलेगी। इसके अलावा भारतीय टीम काउंटी टीम के साथ तीन दिवसीय मैच भी खेलेगी। भारत ए टीम के कोच राहुल द्रविड़ के पसंदीदा माने जाने वाले सैमसन का हालांकि इस वर्ष इंडियन प्रीमियर लीग में प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। राजस्थान रायल्स के लिये उन्होंने तीन अर्धशतकों सहित 441 रन बनाये थे। अपने आईपीएल करियर के 81 मैचों में सैमसन ने 26.67 के औसत से 1867 रन बनाये हैं जिसमें एक शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने साथ ही तीन स्टम्पिंग और 39 कैच भी लिये है। (Sports News)</span></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jun 2018 13:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>हजारों स्टूडेंट्स के अरमानों पर पानी</title>
                                    <description><![CDATA[दाखिले के अंतिम दिन आई जोरदार बारिश ने बिगाड़ा खेल आफत की बरसात: बरसात के कारण देरी से पहुंचे विद्यार्थी, लौटे निराश भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। मानसून की बरसात ने वीरवार को जहां प्रदेशभर के कई जिलों को जलमग्न कर दिया वहीं दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों के अरमानों पर भी पानी फेर डाला। दरअसल वीरवार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-play-with-student/article-2493"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/student-application.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">दाखिले के अंतिम दिन आई जोरदार बारिश ने बिगाड़ा खेल</h1>
<h2 style="text-align:justify;">आफत की बरसात: बरसात के कारण देरी से पहुंचे विद्यार्थी, लौटे निराश</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मानसून की बरसात ने वीरवार को जहां प्रदेशभर के कई जिलों को जलमग्न कर दिया वहीं दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों के अरमानों पर भी पानी फेर डाला। दरअसल वीरवार को कॉलेजों में दाखिले का अंतिम दिन था।</p>
<p style="text-align:justify;">भोर होते ही कहीं मुसलाधार तो कहीं रिमझिम बरसात शुरू हो गई जिस कारण हजारों स्टूडेंट्स दाखिले से वंचित रह गए। प्रदेशभर के कॉलेजों में विद्यार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिली।</p>
<h2 style="text-align:justify;">प्रदेशभर के कॉलेजों में देखी गई लंबी कतारें</h2>
<p style="text-align:justify;">भवानी स्थित कॉलेज में दाखिले के लिए आॅपन काऊंसिल की गई, लेकिन सुबह से आ रही तेज बारिश के कारण बहुत से विद्यार्थी कॉलेज में दाखिले के लिए देरी से पहुंच पाए, जिसके कारण उनको दाखिले से वंचित रहना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंंकि कॉलेज प्रशासन ने दाखिले के लिए जो कट आॅफ लिस्ट लगाई थी, उसके आधार पर सुबह 11 बजे तक ही दाखिलों के लिए समय निर्धारित किया गया। इसी के विरोध स्वरूप राजकीय महाविद्यालय में छात्र नेताओं के साथ विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नोरबाजी की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">11 बजे निर्धारित किया गया था दाखिले का समय</h2>
<p style="text-align:justify;">भिवानी में वीरवार को आई तेज बारिश के कारण कॉलेज में देरी से पहुंचे, जिसके कारण कॉलेज प्रशासन ने पहले पहुंचने वाले विद्यार्थियों के ही दाखिले किए। लेकिन लम्बी कतार में खड़े अच्छी पास प्रतिशतता वाले विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि कॉलेज प्रशासन ने 11 बजे के बाद कतार में खड़े किसी भी विद्यार्थी का दाखिला नहीं लिया और फॉर्म जमा करने वाली खिड़की बंद कर दी। इसी के विरोध स्वरूप राजकीय महाविद्यालय में छात्र नेताओं के साथ विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के</p>
<p style="text-align:justify;">खिलाफ जमकर नोरबाजी करते हुए हरियाणा सरकार को भी आड़े हाथ लिया और उनकी शिक्षा नीतियों पर प्रश्न चिह्न उठाते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन की मनमानी के कारण मेधावी विद्यार्थियों को निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जलभराव के कारण पहुंचने में हुई देरी</h2>
<p style="text-align:justify;">भिवानी में छात्र नेता मनदीप सुई ने कहा कि कॉलेज प्रशासन द्वारा पहले ही तीन लिस्ट लगा दी गई हैं चुकी है, जिसमें अभी तक मेधावी विद्यार्थियों को तीन दाखिला नहीं मिल पाया है। आज कॉलज में ओपन काऊंसलिंग करवाई गई थी, जिसका समय केवल दो घंटे सुबह 9 से 11 बजे का रखा था।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इस समय अंतराल में भिवानी में तेज बारिश के कारण हुए जलभराव से विद्यार्थी कॉलेज में इस समय अंतराल में नहीं पहुंच पाए। जिसके कारण कॉलेज प्रशासन ने दाखिला करने वाली खिड़की को 11 बजे ही बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><h2 style="text-align:justify;"></h2>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 02:11:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर भी निराश न हों</title>
                                    <description><![CDATA[किसी भी परीक्षा में असफल होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके अंदर टैलेंट की कमी है। आज की युवा पीढ़ी को जब पता चलता है कि परीक्षा में उसके कम अंक आए हैं या फिर वह फेल हो गया है, तो बच्चा खाना पीना बन्द कर देता है। अपने माता-पिता और पूरे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/do-not-get-frustrated-even-if-the-exam-fails/article-855"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/result.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">किसी भी परीक्षा में असफल होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके अंदर टैलेंट की कमी है। आज की युवा पीढ़ी को जब पता चलता है कि परीक्षा में उसके कम अंक आए हैं या फिर वह फेल हो गया है, तो बच्चा खाना पीना बन्द कर देता है। अपने माता-पिता और पूरे परिवार से ठीक से बात भी नहीं करता। उनके दिमाग में तनाव इतना बढ़ जाता है कि वह अपने मन में आत्महत्या जैसा घोर अपराध करने की ठान लेता है, जबकि यह बिल्कुल गलत है। ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप किसी वजह से फेल हो जाते हैं, तो अपने मन में यह सोचें कि पढ़ाई को आपसे जितनी मेहनत की उम्मीद थी, आप उतनी मेहनत नहीं कर पाए। वैसे तो होना यह चाहिए था कि आप अच्छी डिवीजन से पास होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब आप मान लीजिए कि आप 40 या 50% अंक लाकर पास हो भी जाते, तो क्या आप ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के एंट्रेंस पेपर को पास कर पाते? मेरा मानना है कि नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यह असंभव भी नहीं है। एन्ट्रेंस पेपर पास कर सकते हो, लेकिन अगर आपने बारहवी में अच्छे से पढ़ाई नहीं की है, तो ग्रेजुएशन पेपर पास करने के लिए अब पहले से दोगुनी पढ़ाई करनी होगी, लेकिन यह तो साबित हो ही गया है कि जब आप बारहवी में ही पढ़ाई नहीं कर पाए, तो एंट्रेंस पेपर के लिए दोगुनी पढ़ाई भी नहीं कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो आपको पहले साल में ही अच्छे अंक पाकर परीक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए थी, लेकिन अगर आप अनुत्तीर्ण हो ही गये हो, तो उसकी टेंशन न लेकर इस सोच से आगे बढ़ें कि इस साल मैंने पास होने लायक पढ़ाई नहीं की थी, इसलिए मैं फेल हो गया, लेकिन अगले साल को होने वाली परीक्षा में मुझे 75 या 80 प्रतिशत अंकों से पास होना है और नॉर्मली विद्यार्थी दूसरे साल में 75 या 80 प्रतिशत अंक ला सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल के बच्चों पर स्मार्टफोन और सोशल वर्क का खुमार इस कद्र चढ़ा हुआ है कि वे पढ़ाई और खाने-पीने व परिवार में रिश्ते निर्वाह करने से ज्यादा मोबाइल फोन में व्यस्त रहने लगे हैं। कुछ बच्चे तो इंटरनेट पर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि पढ़ाई को बिल्कुल भूल ही जाते हैं और आगे चलकर यही बच्चे परीक्षा पास करने में असफल साबित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर दोष मढ़ते हैं मां-बाप या अध्यापकों के सिर पर। मां बाप को कहते हैं कि आपने ट्यूशन नहीं लेने दिया। घर में पढ़ाई करने की बजाय अन्य कामों में लगाए रखा, इसलिए मैं फेल हो गया… इत्यादि। और कई बार तो फेल होने के बाद कहते हैं कि टीचर ने ठीक से पढ़ाया ही नहीं। मां-बाप और टीचर पर ऐसा दोष लगाना बिल्कुल गलत है। अगर आपको टीचर ने पढ़ाया नहीं, तो कक्षा में बाकी बच्चे कैसे पास होकर मेरिट में नंबर ले आए? इसलिए विद्यार्थियों के फेल होने का श्रेय मां-बाप या अध्यापक को न देने की बजाय, अपनी गलती को स्वीकार करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बात यह भी है कि वर्तमान के भौतिकतावादी युग में हर किसी को पैसा कमाने की होड़ सी लगी रहती है। इसी होड़ में अध्यापक व अभिभावक भी कम नहीं हैं। बहुत बार अध्यापक केवल पैसे को ही अपना ध्येय बना लेता है। इस कारण वह उसे बच्चों की शिक्षा की तरफ कोई खास ध्यान नहीं देते। हालांकि बच्चे अच्छी-खासी फीस ट्यूशन व स्कूल में देते हैं, फिर भी अध्यापक अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री मात्र करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ अभिभावकों का दोष भी कम नहीं है। अपने-आपको दूसरों से बेहतर दिखाने के चक्कर में वह बच्चों के ऊपर बिना उसकी मर्जी जाने ही अपनी मर्जी थोप देते हैं। जैसे कि बच्चा पढ़ाना तो कुछ और चाहता है, लेकिन मां-बाप दूसरों की देखा-देखी उन्हें किसी अन्य कोर्स में एडमिशन दिला देते हैं। ऐसे में बच्चा प्रेशर में आ जाता है और अच्छे से पढ़ाई नहीं कर पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">अत: अध्यापक, अभिभावक व विद्यार्थियों को अपने-अपने स्तर पर जागरूकता होने की आवश्यकता है। सबको सोचना होना कि आखिर यह बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इन्हें सही मार्ग व उचित शिक्षा मिले, तो अवश्य ही बच्चे समाज कल्याण में अहम् भूमिका निभाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-गौरव चौहान, हस्तिनापुर</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 21:59:26 +0530</pubDate>
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