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                <title>Prime Minister Crop Insurance Scheme - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Prime Minister Crop Insurance Scheme RSS Feed</description>
                
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                <title>PM Fasal Bima Yojana: किसानों की हुई मौज, एक हफ्ते में मिलेगी खराब फसल के मुआवजे की डोज !</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। PM Fasal Bima Yojana आजकल आए दिन बदलते मौसम के रंग-ढंग के चलते खेती करना आसान नहीं रह गया है। इसी बदलते मौसम से ज्यादातर फसलें खेतों में ही बर्बाद हो जाती हैं, जिसके नुकसान का खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। इन अनचाही आपदाओं से किसानों और फसलों को सुरक्षा कवच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/pm-fasal-bima-yojana-became-the-protection-shield-of-the-farmers/article-48559"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/pm-fasal-bima-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> PM Fasal Bima Yojana आजकल आए दिन बदलते मौसम के रंग-ढंग के चलते खेती करना आसान नहीं रह गया है। इसी बदलते मौसम से ज्यादातर फसलें खेतों में ही बर्बाद हो जाती हैं, जिसके नुकसान का खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। इन अनचाही आपदाओं से किसानों और फसलों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए पीएम फसल बीमा योजना चलाई गई है। कई राज्यों में फसल बीमा योजना के सहारे ही बहुत से किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई हो सकी है। PM Fasal Bima Yojana</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/chawal-ki-kheti/">Chawal ki Kheti: कैसे करें चावल की खेती ? और ये कैसे बन सकता है कमाई का जरिया, पूरी जानकारी</a></p>
<p style="text-align:justify;">अबकी बार खरीफ सीजन देश के किसानों के लिए अच्छा नहीं रहा। इस साल बाढ़, बारिश और सूखे से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बार किसानों की करोड़ों रुपए की फसल बर्बाद हो गई। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार समेत कई राज्यों में किसान फसल खराब होने से कराहते रहे। जब भी किसी आपदा की वजह से फसलें खराब होती हैं तो किसानों की उम्मीदें केंद्र सरकार से ही होती है। केंद्र सरकार ने भी किसानों की मदद हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की हुई है। देश में लाखों किसान हर साल इस योजना का लाभ उठाते हैं। PM Fasal Bima Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार किसानों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी जोर दे रही है। बता दें कि वर्तमान में किसानों के दावे और सरकार से नुकसान के आंकड़े मिलने के बाद ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पैसा किसानों को दिया जाता है। इसके लिए सर्वे में काफी समय लगता है और करीब डेढ़ से दो महीने बाद किसानों को भुगतान किया जाता है। PM Fasal Bima Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">बिहार के किसानों के लिए चलाई जा रही कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत सिंचित क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होने पर 13,500 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं बिना सिंचाई के खेतों में फसल खराब होने पर 6800 रुपये का राहत अनुदान देने का प्रावधान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आता है। बिहार राज्य के कई इलाके आज भी बंजर हैं, जहां 4 इंच तक बालू जमा है। ऐसे क्षेत्रों में जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें 12,200 रुपये अनुदान राशि देने का प्रावधान है। PM Fasal Bima Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। यह योजना 2016 में शुरू की गई थी। अब तक 37 करोड़ से ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 8.31 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिला था। इसके साथ कई जगहों पर धन की कमी, राज्य सरकारों के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, बीमा कंपनियों एवं किसानों के बीच समन्वय भी एक बड़ी समस्या है। PM Fasal Bima Yojana</p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2023 13:17:27 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसान संतुष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ खुद आ रहे बीमा कराने: खट्टर (Prime Minister Crop Insurance ) चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance) से प्रदेश के किसान संतुष्ट हैं तथा वे स्वयं अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन कुछ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmer-satisfied-with-prime-minister-crop-insurance-scheme/article-19747"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/farmer-satisfied-with-prime-minister-crop-insurance-scheme.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"> खुद आ रहे बीमा कराने: खट्टर (Prime Minister Crop Insurance )</h3>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)</strong>। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance) से प्रदेश के किसान संतुष्ट हैं तथा वे स्वयं अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन कुछ राजनेता बीमा योजना को लेकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">खट्टर ने विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायिक श्रीमती किरण चौधरी के एक सवाल पर अपने जबाव में यह बात कही। उन्होंने कहा कि तीन कम्पनियों को फसल बीमा करने का कार्य सौंपा गया है तथा यह कार्य निविदा के माध्यम से इन्हें आवंटित किया गया है। पूरे प्रदेश को चार कलस्टरों में बांटा गया है और हर कलस्टर की फसल के अनुसार अलग-अलग प्रीमियम है। पहले क्लस्टर में यह 10.96 प्रतिशत है, दूसरे में 8.11 प्रतिशत, तीसरे और चौथे में 8.49 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों ने अपनी भौगोलिक स्थिति के अनुसार कलस्टर बनाए हैं। राजस्थान ने 12 कलस्टर बनाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीमा कम्पनियां मुफ्त में नहीं बल्कि लाभ के लिए ही काम करती हैं। हर वर्ष प्रतिस्पर्धा बढ़ने से निविदा की दरों में अंतर आ जाता है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दावों का निपटान पूरा बीमित राशि के अनुसार नहीं दिया जाता है। दावे का भुगताान फसलों के नुकसान का आंकलन करके दिया जाता है। उन्होंने सदन को बताया कि कुछ किसानों को इतना तक पता ही नहीं कि उन्होंने अपनी फसलों का बीमा कराया लेकिन उनके खातों में दावे का पैसा आया। इसे देखते हुए किसान स्वयं बीमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने श्रीमती चौधरी के इसी सवाल पर आगे कहा कि अब तक 2089 करोड़ रुपए प्रीमियम के रूप में जमा हुए थे जबकि 2989 करोड़ रुपए के दावों का किसानों को भुगतान किया गया। इस प्रकार किसानों को 900 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि गत वर्ष खरीफ 2019 तथा रबी 2019-20 के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भिवानी जिले के 14,675 किसानों ने बीमा दावे दायर किए थे जिनमें से 13452 किसानों के दावे सही पाए गए थे और 1223 किसानों के आवेदन सही नहीं थे। इनमें से 514 आवेदन बैंक खातों या बीमा कम्पनियों के खातों से मिलान सही न होने के कारण लम्बित हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी जिले में 103 प्रतिशत से अधिक का क्लेम दिया गया है। उन्होंने सदन को बताया कि खरीफ 2018 में बीमा कम्पनियों को राज्य में क्लेम देरी से देने के कारण 34.92 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।</h6>
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                <pubDate>Fri, 06 Nov 2020 18:08:43 +0530</pubDate>
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