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                <title>patiala - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांवों के युवाओं को 500 आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[-ये खेल मैदान न केवल पंजाब को स्वस्थ बनाएंगे, बल्कि युवाओं को ‘नशों से दूर रहने और खेलों से जुड़ने’ का संदेश भी देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-bhagwant-singh-mann-gifts-500-modern-%E2%80%98rural-sports-grounds%E2%80%99-to-the-youth-of-the-villages/article-90157"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/patiala1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>घग्गा/पटियाला।</strong>  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला जिले के गांव देधना से विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए 509 से अधिक आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का उद्घाटन करके जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही अब तक युवाओं को समर्पित किए गए खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल गांवों के युवाओं को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी और ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए नशों के खिलाफ सरकार की लड़ाई को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस वर्ष पंजाब भर में 1,744 करोड़ रुपये के खेल बजट से 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिसमें विशेष रूप से इन मैदानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा गांवों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब भर में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के दूसरे चरण के तहत युवाओं को खेल मैदान समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और जमीनी स्तर पर विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पंजाब स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 255 ग्रामीण खेल मैदान समर्पित करने के बाद आज हम 509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित कर रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के बजट से पंजाब भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया, "दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 ग्रामीण खेल मैदानों में से 43 लुधियाना, 41 मानसा, 36 संगरूर, 34-34 बठिंडा और पटियाला, 33 श्री मुक्तसर साहिब, 32 अमृतसर में तथा बाकी अन्य जिलों के गांवों को समर्पित किए गए हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जोर देकर कहा, "ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और हमारे युवाओं को ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसरों की किरण बनेंगे।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ग्रामीण खेल मैदानों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करेगी, ताकि खेल और शारीरिक गतिविधियां प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन सकें। उन्होंने कहा, "ये मैदान गांवों में आपसी सद्भाव और एकता के प्रतीक बनेंगे।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यदि किसी बच्चे के पास पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उपयुक्त खेल मैदान हो, तो वह बच्चा विश्व स्तर पर गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि हम शिक्षा और खेलों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन ग्रामीण खेल मैदानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है, जिसमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट (बड़ी) लाइटें, वॉकिंग ट्रैक के साथ फुटलाइटें, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हरे-भरे और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों के आसपास पौधे भी लगाए जा रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेल मैदानों में फुटबॉल के गोलपोस्ट, वॉलीबॉल के पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, "प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि किसी विशेष गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां विशेष रूप से क्रिकेट किट उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खेलों की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा, "इस वर्ष पंजाब में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन 5 सितंबर से बठिंडा से शुरू होगा, जिसमें अनुमानित 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि पहली बार पंजाब हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के लोगों को अपनी ही धरती पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। पंजाब में आई.पी.एल. की तर्ज पर एक टी-20 क्रिकेट लीग भी करवाई जा रही है, जो 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पी.सी.ए. स्टेडियम, मोहाली में खेली जाएगी।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेल पंजाब की गौरवशाली विरासत और समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, "2023 में नई खेल नीति लाई गई थी, जिसके तहत खेल बजट में वृद्धि की गई है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए नकद पुरस्कार तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का समर्पित बजट आवंटित किया गया है।" उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसमें ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा, "85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पी.सी.एस./डी.एस.पी. अधिकारी नियुक्त किया गया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के खेल प्रयासों का उद्देश्य पंजाब भर में एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना, जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:30:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>राड़ा साहिब जा रही पिकअप पलटी, डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने घायलों को पहुँचाया अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला से कुछ दूरी पर स्थित ब्लॉक भादसों के गाँव रायमल माजरी में गुरूद्वारा राड़ा साहिब जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी अचानक पलट गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pickup-going-to-rada-sahib-overturned-dera-sacha-sauda-servants/article-89315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/patiala-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> Patiala News: पटियाला से कुछ दूरी पर स्थित ब्लॉक भादसों के गाँव रायमल माजरी में गुरूद्वारा राड़ा साहिब जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी अचानक पलट गई, जिससे 25 लोग घायल हो गए। इनमें अधिकतर महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। इस हादसे में एक छोटी बच्ची की मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही डेरा सच्चा सौदा के सेवादार मौके पर पहुंचे और घायलों को पहले भादसों के अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटियाला के राजेन्द्रा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ सेवादारों द्वारा उनकी देखभाल भी की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुधियाना जिले के गाँव रामगढ़ सरदारा से श्रद्धालु एकत्र होकर भादसों ब्लॉक के गांव आलोवाल स्थित गुरुद्वारा साहिब में आयोजित धार्मिक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। जब यह पिकअप गाड़ी गाँव रायमल माजरी के खतरनाक मोड़ पर पहुंची तो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। गाड़ी में 30 से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जिनमें अधिक संख्या में महिलाएँ और बच्चे शामिल थे। हादसे की सूचना मिलते ही ब्लॉक भादसों के सेवादारों व समाजसेवी अमरीक सिंह भंगू, सच्चे नम्र सेवादार विजय नाभा, कुलदीप सिंह आदि तुरंत अपनी एंबुलेंस और अन्य वाहनों सहित पहुंचे। सेवादारों ने गंभीर रूप से घायल लोगों को अपने वाहनों से पहले भादसों अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटियाला के सरकारी राजेन्द्रा अस्पताल भेजा गया। हादसे में एक महिला की उंगलियां कट गईं, जबकि कई अन्य लोगों को गंभीर चोटें आईं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस हादसे में 6 वर्षीय बच्ची नवप्रीत कौर पुत्री हरदीप सिंह निवासी रामगढ़ सरदारा की मौत हो गई। अमरीक सिंह भंगू ने बताया कि पटियाला ब्लॉक के सेवादारों को भी इसकी सूचना दी गई। इस दौरान डेरा श्रद्धालु इकबाल सिंह, लवली, महेन्द्रपाल सेंटी सहित अन्य श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे और घायल मरीजों की सहायता की। घायलों में 56 वर्षीय मनजीत कौर, 11 वर्षीय सीरत, मलकीत कौर, परमजीत कौर, बलजिंदर कौर, अमरजीत कौर, राजपाल सिंह, हीरा सिंह, कुलवंत कौर, मेजर सिंह सहित अन्य लोग शामिल हैं। राजेन्द्रा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास चोपड़ा ने बताया कि जब घायलों को अस्पताल लाया गया तो उन्होंने स्वयं पहुंचकर उनका उचित इलाज शुरू करवाया और सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गईं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकार और प्रशासन इस खतरनाक मोड़ का करे समाधान</h4>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान समाजसेवी अमरीक सिंह भंगू ने बताया कि रायमल माजरी का यह मोड़ बेहद खतरनाक है, जिसे लोग ‘खूनी मोड़’ के नाम से जानते हैं। यहाँ अब तक 25 से 30 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस संबंधी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं किया गया। </p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने जाना कुशलक्षेम</h4>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राजेन्द्रा अस्पताल पहुंचकर घायल मरीजों का हालचाल पूछा और उनके इलाज संबंधी जानकारी ली।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/patiala-news1.jpg" alt="Patiala News" width="1280" height="720"></img>
Patiala News: राजेन्द्रा अस्पताल में घायलों की देखभाल करते हुए डेरा श्रद्धालु।
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 16:23:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पूरी तरह सफल रहा ‘पंजाब बंद’, बाजार रहे बंद </title>
                                    <description><![CDATA[ बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सफाई कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का वीरवार को राज्य के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-bandh-completely-successful-in-protest-against-barnala-lathicharge-markets/article-88949"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh-news14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> Chandigarh News: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सफाई कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का वीरवार को राज्य के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान कई शहरों में बाजार, दुकानें और व्यापारिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे, जबकि सफाई कर्मचारियों और सहयोगी संगठनों की ओर से विभिन्न स्थानों पर रोष प्रदर्शन और रैलियाँ की गर्इं। पंजाब भर में इस तरह के बंद को इससे पहले शायद ही इतना व्यापक समर्थन मिला हो।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब बंद के आह्वान के चलते लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, मोगा, रूपनगर, फरीदकोट और गुरदासपुर सहित कई जिलों में लगभग सभी बाजार बंद रहे और आम लोगों को जरूरत का सामान तक नहीं मिल सका। कई स्थानों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बाजार बंद रहे। इसके बाद बाजार खोलने की अनुमति दी गई। जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई को बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर स्थानीय पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, जिसके चलते कई सफाई कर्मचारी घायल हुए और कई के सिर पर गंभीर चोटें आईं। एक महिला सफाई कर्मचारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके बाद पंजाब भर में इस मामले की निंदा करते हुए सफाई कर्मचारियों की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब बंद के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रदर्शनकारी नेताओं ने माँग की कि बरनाला में लाठीचार्ज की कार्रवाई में कथित रूप से शामिल डीएसपी सतबीर सिंह बैंस और इंस्पेक्टर लखविन्द्र सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि दोनों अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष को और तेज किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पठानकोट में निगम कार्यालय को लगाया ताला</h4>
<p style="text-align:justify;">पठानकोट में सफाई कर्मचारियों की ओर से नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम कार्यालय को ताला लगा दिया और रोष रैली निकाली। इस दौरान बंद समर्थकों की ओर से कई दुकानों को भी बंद करवाया गया। होशियारपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय की ओर रुख किया, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार से लाठीचार्ज मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/chandigarh-news14.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img>
Chandigarh News: पटियाला में रोष मार्च निकालते सफाई कर्मचारी व फिरोजपुर में बाजार बंद का दृश्य।
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 21:24:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 50.3 लाख से अधिक ई-स्वास्थ्य कार्ड जारी- स्वास्थ्य मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[5.12 लाख लोगों को 914 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाकर वरदान साबित हुई ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’: डॉ. बलबीर सिंह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/more-than-503-lakh-e-health-cards-issued-under-chief-minister/article-88605"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/patiala.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/पटियाला।</strong> पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ अपने केवल साढ़े छह महीनों में ही 5.12 लाख लोगों को 914 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाकर पंजाबियों के लिए वरदान साबित हुई है। पटियाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंकड़े जारी करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 50.3 लाख से अधिक ई-स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना ने मरीजों को बिना वित्तीय बोझ के जीवन रक्षक और महंगे इलाज प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रत्येक योग्य परिवार तक आर्थिक परेशानी के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि योग्य परिवारों को मुफ्त, कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाली इस योजना ने राज्य में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत किया है, जिसके कारण इसे भारी जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 733 मरीजों का कैंसर उपचार किया गया है, जबकि लोगों के घुटने बदलने, आंखों के ऑपरेशन और हृदय रोगों के इलाज भी किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत सूचीबद्ध 868 सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज कैशलेस इलाज प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना से राज्य भर में 2,50,359 परिवारों को लाभ मिला है। इनमें से 1.65 लाख लाभार्थियों की सर्जरी इस योजना के तहत की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस योजना ने सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच मजबूत साझेदारी को दर्शाया है। सरकारी अस्पतालों ने 2,29,551 इलाज (45 प्रतिशत) और निजी अस्पतालों ने 2,83,089 इलाज (55 प्रतिशत) उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की संतुलित भागीदारी से पंजाब भर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जहां राज्य के निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हो रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार द्वारा पीजीआई चंडीगढ़ को इस योजना से न जोड़ना पंजाबियों के साथ भेदभाव है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस योजना के माध्यम से पंजाबियों को मानसिक, आर्थिक और कर्ज के दबाव से बचाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में पंजाब भर के 24,96,313 परिवार शामिल हैं। कुल लाभार्थियों में 24.3 लाख (48 प्रतिशत) पुरुष और 26 लाख (52 प्रतिशत) महिलाएं हैं। वहीं 34.2 लाख (68 प्रतिशत) लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से और 16.1 लाख (32 प्रतिशत) शहरी क्षेत्रों से हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिलों में लुधियाना ने सबसे अधिक 5,46,380 ई-कार्ड जारी किए हैं, जिनमें 2,69,372 परिवार शामिल हैं। इसके बाद पटियाला ने 4,56,730 कार्ड जारी किए हैं, जिनमें 2,15,373 परिवार शामिल हैं। जालंधर में 3,69,335 कार्ड (1,85,285 परिवार) और होशियारपुर में 3,45,094 कार्ड (1,64,941 परिवार) जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इलाज के मामलों में पटियाला और बठिंडा अग्रणी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योजना के तहत क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, पशु काटने का इलाज (सांप के काटने को छोड़कर), घुटना प्रत्यारोपण, पित्ताशय की सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, हिप रिप्लेसमेंट, किडनी संबंधी उपचार, बाईपास सर्जरी, नवजात शिशु देखभाल सहित कई गंभीर इलाज पैकेजों का लाभ मरीजों को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कैशलेस और निर्बाध डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध करवाकर यह योजना न केवल लोगों की जान बचा रही है, बल्कि परिवारों को भारी स्वास्थ्य खर्चों से भी बचा रही है। निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी सवाल के जवाब में डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने अपनी ऑडिट प्रणाली को मजबूत किया है। जांच के दौरान 6 मरीजों को 2.98 लाख रुपये वापस करवाए गए हैं। इसके अलावा 14 अस्पतालों की जांच में गलत जानकारी अपडेट करने के मामले सामने आए, जिन पर 78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जालंधर के सरबोधिया अस्पताल को योजना की सूची से हटा दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि यदि कोई अस्पताल कैशलेस इलाज के दौरान पैसे मांगता है, बाहर से सामान मंगवाने या टेस्ट करवाने के लिए कहता है तो इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 104 पर करें। इस अवसर पर स्टेट हेल्थ एजेंसी के डिप्टी सीईओ डॉ. अंदेश कंग, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अनुप्रिता जौहल और सिविल सर्जन डॉ. शैली जेतली भी मौजूद रहे।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गांवों का सर्वांगीण विकास ही पंजाब को देशभर में नंबर एक राज्य बनाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[गांवों के विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं, हर एक पैसे के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित किया जाए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/only-overall-development-of-villages-will-make-punjab-the-number/article-86923"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/patiala1.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सरपंचों को संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया। यहां 'सरपंच मिलनी' के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरपंचों को 15 अगस्त से 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। उन्होंने सरपंचों से सार्वजनिक धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने, गुटबाजी को खत्म करने, आपसी सामुदायिक एकता बढ़ाने और गांवों को नशा मुक्त, स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों का नेतृत्व करने की अपील भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">'सरपंच मिलनी' के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि पंचायतों के पास अपार शक्तियां होती हैं और इनके फैसलों को पूरे गांव द्वारा सम्मानपूर्वक माना जाता है। ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है। हमारे देश की लगभग 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जिस कारण पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र की धुरी माना जाता है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "ये संस्थाएं राज्य सरकार की जन-पक्षधर और विकास-उन्मुख योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करती हैं। राज्य सरकार नीतियां बनाती है, जबकि सरपंच और पंच इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे आज से ही विकास कार्यों के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करें ताकि लोगों को इसका भरपूर लाभ मिल सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सरपंचों को 15 अगस्त से 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। इससे पहले पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन वह फैसला कभी अमल में नहीं आया और सरपंचों को अपना हक लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। हालांकि, हमारी सरकार ने सरपंचों को 2,000 रुपये मानदेय देना शुरू किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार उन कार्यों के लिए अनुदान जारी कर रही है जो सार्वजनिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं और ये पहले से ही पंचायतों की सीधी निगरानी में हैं। इसी तरह गांवों के विकास से संबंधित विभिन्न कार्य भी सरपंचों के नेतृत्व में किए जाते हैं। सरपंचों को इन कार्यों और सेवाओं की निष्ठापूर्वक निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। यह हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है कि वह करदाताओं के एक-एक पैसे के पूरी तरह पारदर्शी ढंग से उपयोग को सुनिश्चित करे।"</p>
<p style="text-align:justify;">सरपंचों को आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सरपंच विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप से दूर रहें। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले समय में गांवों में कई काम बड़े पैमाने पर गुटबाजी के कारण पटरी से उतर गए। गांवों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को गांवों में गुटबाजी खत्म करने को मुख्य प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतंत्र में बहुमत हासिल करने वाला व्यक्ति या पार्टी विजेता होती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "सरपंचों को गांव के हर निवासी के साथ बराबर का व्यवहार करना चाहिए और हर फैसला निष्पक्षता से लिया जाना चाहिए। ऐसे कई सरपंच हैं जिन्होंने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता के कारण अपने गांवों की तस्वीर बदल दी है। सरपंचों को अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने की ओर मुख्य जोर देना चाहिए ताकि नौजवानों को नशे की लानत से दूर किया जा सके। उन्हें गांवों में आपसी एकता, शांति और सामुदायिक माहौल को मजबूत करने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "गांवों में विकास और समृद्धि की रफ्तार को और बढ़ावा देना समय की जरूरत है। पंजाब सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक कड़ी होते हैं, इसलिए आपको गांवों के विकास में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">सरपंचों को पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, "गांवों में विकास कार्य कराने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। अपने गांवों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दें ताकि राज्य सरकार उन पर काम शुरू करवा सके। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि राज्य के गांवों की तस्वीर बदलने के लिए एक रचनात्मक अभियान शुरू करके सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि हम सब मिलकर 'रंगला पंजाब' (खुशहाल पंजाब) का सृजन कर सकें। गांवों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें। राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में सबसे कठिन चुनाव सरपंच का होता है क्योंकि सरपंच ही होते हैं जो जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े होते हैं। सरपंच गांव का मुखिया होता है और एक अच्छा सरपंच गांव का नक्शा बदल सकता है और अपने लोगों की समृद्धि को सुनिश्चित कर सकता है। यह 'सरपंच मिलनी' गांव स्तर पर समस्याओं को समझने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अनोखी पहल है। अनुदान की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों में इनका सही मायने में उपयोग होना सुनिश्चित किया जाए।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दोहराया, "दोष किसी पर भी लगाए जा सकते हैं, लेकिन सही सरपंच गांव के विकास की धुरी होते हैं। पहले, पिछली सरकारों का अनुदानों में अपना हिस्सा होता था, जिस कारण विकास प्रभावित होता था। आज गांवों में बड़े अनुदान आ रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब पंजाब के गांवों की इस पैसे से पूरी तरह तस्वीर बदल जाएगी। विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि ये फंड इस तरीके से खर्च किए जाएं कि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिले।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "सबसे पहले पुस्तकालयों, स्कूलों, सोलर लाइटों और फिर गलियों-नालियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। राज्य के विकास को तेज करने के लिए यह बेहद आवश्यक है और पंजाब को देश में अग्रणी बनाने के लिए यह समय की जरूरत है। मैं हर सरपंच को गांवों के सर्वांगीण विकास और अपने लोगों की समृद्धि के लिए सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और मदद का विश्वास दिलाता हूं।"</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:38:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई*</title>
                                    <description><![CDATA[*भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-sehat-yojana-provided-relief-to-masterchef/article-86060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़/पटियाला।</strong> </span>भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पटियाला की 51 वर्षीय उद्यमी तथा मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 की टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाने वाली हरमनप्रीत कौर को बड़ी राहत प्रदान की है। हरमनप्रीत पिछले लगभग एक दशक से ब्रेन हैमरेज से जुड़ी जटिलताओं, जैसे कि क्रोनिक ब्लीडिंग, डायबिटीज और सोरायसिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">करीब दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हरमनप्रीत को 30 अप्रैल 2026 को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 मई को उनका सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। हरमनप्रीत ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने न केवल उनके इलाज का आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।</p>
<p style="text-align:justify;">हरमनप्रीत की स्वास्थ्य समस्याएं वर्ष 2011 में हुए ब्रेन हैमरेज के बाद शुरू हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चली बीमारी का असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। उनकी देखभाल के लिए उनके पति को निजी क्षेत्र की अच्छी नौकरी छोड़नी पड़ी, जबकि इलाज का खर्च लगातार बढ़ता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ वर्षों बाद, वर्ष 2025 में, पेरिमेनोपॉज के दौरान वे लंबे समय तक लगातार रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हो गईं। उनके गंभीर चिकित्सकीय इतिहास के कारण एनेस्थीसिया से जुड़े किसी भी ऑपरेशन में जोखिम काफी अधिक था। वर्ष 2020 और 2024 में मिरेना इंसर्शन सहित कई उपचार करवाने के बावजूद उनकी समस्या बनी रही और लगभग दो वर्षों तक वह लगातार क्रोनिक ब्लीडिंग से पीड़ित रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रीत कमल सिबिया ने कहा, “हरमनप्रीत, जो रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) की ओर बढ़ रही थीं, पिछले लगभग दस वर्षों से अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। इसके साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपोथायरॉयडिज्म, सोरायसिस और न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सिबिया ने आगे बताया, “उसके गर्भाशय में एक बड़ा फाइब्रॉइड था और पहले भी लंबे समय तक दवाइयों के माध्यम से उपचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विस्तृत जांच के बाद हमारी टीम ने उसका टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी सुचारू रूप से हुई और उन्हें संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”</p>
<p style="text-align:justify;">हरमनप्रीत ने बताया कि उपचार के दौरान डॉ. सिबिया की सलाह पर उसने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करवाया, जिससे उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। उसने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भगवंत मान सरकार का धन्यवाद किया तथा डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने मुख्य उपचार के साथ-साथ उसकी डायबिटीज और सोरायसिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने उद्यमी सफर के लिए जानी जाने वाली हरमनप्रीत ने वर्षों तक पटियाला में टिफिन सेवा, फूड कार्ट और फूड वैन संचालित की है। लंबे समय तक बीमारी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने खाना बनाने के अपने जुनून को जारी रखा और मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 के टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाया। अब स्वस्थ होने के बाद वे अपने सपनों को फिर से साकार करने की तैयारी कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कैशलेस इलाज और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि इस अनुभव ने सार्वजनिक सेवाओं के प्रति उनका विश्वास फिर से मजबूत किया है और सरकार पर उसका भरोसा और बढ़ा है। उसने कहा, “मेरे जैसे लाभार्थी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों, विशेषकर लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 10:52:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>Bus Accident: बिजली के खंभे से टकराई अनियंत्रित बस, एक की मौत, 11 गंभीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[शुक्रवार सुबह घग्गा इलाके के आताला मोड़ पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बस के पलट जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/uncontrolled-bus-collides-with-electric-pole-one-dead-11-seriously/article-84893"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/ghagga-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>घग्गा (सच कहूँ/विशाल कुमार गोयल)।</strong> Ghagga News: शुक्रवार सुबह घग्गा इलाके के आताला मोड़ पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बस के पलट जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा बस का अचानक संतुलन बिगड़ने और बिजली के खंभे से टकराने के कारण हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार जम्मू से सीकर होते हुए पंजाब आ रही एक निजी बस जब आताला मोड़ के पास पहुंची तो चालक द्वारा संतुलन खो देने से बस सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई और सड़क के बीचों-बीच पलट गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसा इतना भयानक था कि बस में सवार 12 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को मौके पर पहुंची सरकारी और निजी एंबुलेंसों के माध्यम से तुरंत समाना के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों के अनुसार एक व्यक्ति की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि बाकी 11 घायलों का इलाज जारी है। हादसे के बाद बस सड़क के बीचों-बीच पलट जाने से यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर थाना घग्गा के एसएचओ जयदीप शर्मा अपनी टीम सहित पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने हाइड्रोलिक क्रेन (हैडरा) मंगवाकर बस को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात को दोबारा सुचारु किया जा सका। हादसे वाली जगह से बरामद यात्रियों का सारा सामान घग्गा थाना के आईओ एएसआई शेर सिंह के हवाले कर दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ या किसी तकनीकी खराबी के चलते।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/ghagga-news-(2).jpg" alt="Ghagga News" width="1280" height="720"></img>
Ghagga News: हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बस। छाया विशाल कुमार गोयल
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 20:29:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ ने किडनी स्टोन और शुगर से जूझ रही पटियाला की महिला को दी बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ ने किडनी स्टोन और शुगर से जूझ रही पटियाला की महिला को दी बड़ी राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-swasthya-yojana-gave-great-relief-to/article-84603"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/patiala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़/पटियाला।</strong> </span>पटियाला में जब सूरज निकलता था, तब 46 वर्षीय सुनीता रानी उससे कई घंटे पहले ही जाग चुकी होती थीं। उनके लिए नींद लेना मुश्किल हो गया था। कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहता था, जो खड़े होते ही शरीर के एक तरफ तेजी से फैल जाता था। हर सुबह उनके पैर पहले से अधिक सूजे हुए होते थे और रसोई तक चलकर जाना भी थकावट भरा हो गया था। वे बीच-बीच में रुक जाती थीं, एक हाथ दीवार पर और दूसरा पेट पर रखकर दर्द कम होने का इंतजार करती थीं।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">दर्द के बावजूद सुनीता ने अपने रोजमर्रा के काम जारी रखे और उम्मीद करती रहीं कि समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन जब दर्द और सूजन बढ़ने लगी तो परिवार ने उन्हें डॉक्टर के पास जाने के लिए कहा। इसी दौरान उन्हें ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत मिल रही सुविधाओं के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने अपने परिवार सहित पंजीकरण करवाने का फैसला किया।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सुनीता ने तुरंत योजना के तहत पंजीकरण करवाया और अपने परिवार के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। इलाज के लिए उन्हें माता कौशल्या अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद पता लगाया कि उनके यूरेटर में किडनी स्टोन फंसा हुआ है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि उनकी शुगर और गंभीर सूजन का इलाज किए बिना सर्जरी करना सुरक्षित नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अपना अनुभव साझा करते हुए सुनीता रानी ने कहा, “जब दर्द असहनीय हो गया तो मैंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीकरण करवाया और अपने परिवार का स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद किडनी स्टोन की पुष्टि की। मेरा शुगर लेवल बहुत ज्यादा था और शरीर में काफी सूजन थी, इसलिए डॉक्टरों ने पहले इन दोनों समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए इलाज शुरू किया।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “मैं नियमित रूप से अस्पताल में चेक-अप के लिए जा रही हूं और डॉक्टर लगातार मेरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। अब सूजन कम हो गई है और शुगर को नियंत्रित रखने के लिए मेरी दवाइयां भी बदल दी गई हैं।” सुनीता रानी इस बात से खुश हैं कि उनका इलाज कैशलैस तरीके से हो रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे अभी 10 दिनों का और इलाज दिया गया है, जिसके बाद डॉक्टर ऑपरेशन की तारीख तय करेंगे। शुरुआती इलाज से लेकर आने वाले दिनों में होने वाली सर्जरी तक, मुझे किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ी राहत और सुकून की बात है।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों के अनुसार शुगर, शरीर में पानी की कमी और अस्वस्थ खानपान की आदतों के कारण किडनी स्टोन के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज में देरी होने से गंभीर संक्रमण और अन्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए समय रहते जांच और चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सुनीता और उनके परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना मुश्किल समय में बड़ी राहत साबित हुई। इस योजना के तहत उन्हें तुरंत पंजीकरण, नियमित चिकित्सकीय निगरानी, किफायती इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक बिना आर्थिक बोझ के पहुंच मिली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इससे परिवार को यह भरोसा मिला कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अब उनकी पहुंच में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज सुनीता की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, “अब सूजन काफी कम हो गई है और जल्द ही मेरा शुगर लेवल भी नियंत्रण में आ जाएगा। मेरा इलाज अभी भी जारी है, लेकिन अब स्वास्थ्य कार्ड की मदद से इलाज के दौरान मेरे मन में डर नहीं, बल्कि जल्द ठीक होने की उम्मीद है।”</p>
<p style="text-align:justify;">भावुक होकर सुनीता ने कहा, “मेरा मानना है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं परिवारों को बिना खर्चों की चिंता किए समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रही हैं।” उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि आसान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं तथा समय पर इलाज किस तरह लोगों की जिंदगी बदल सकते हैं, आत्मविश्वास वापस ला सकते हैं और मुश्किल समय में परिवारों का सहारा बन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">--------------</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 11:35:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां की सांसों के लिए जंग: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला। पटियाला के रहने वाले गुरपिंदर जीत सिंह की जिंदगी पांच महीने पहले अचानक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गई, जहां हर रास्ता मुश्किल नजर आ रहा था। 65 साल की उनकी मां, बलजीत कौर, धीरे-धीरे खाना-पीना छोड़ रही थीं। एक बेटे के लिए यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि हर दिन टूटती उम्मीदों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/a-battle-for-a-mothers-breath-chief-ministers-health-scheme-becomes-a-sons-greatest-strength/article-83604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/patiala-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला।</strong> पटियाला के रहने वाले गुरपिंदर जीत सिंह की जिंदगी पांच महीने पहले अचानक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गई, जहां हर रास्ता मुश्किल नजर आ रहा था। 65 साल की उनकी मां, बलजीत कौर, धीरे-धीरे खाना-पीना छोड़ रही थीं। एक बेटे के लिए यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि हर दिन टूटती उम्मीदों का दर्द था। पहले निजी डॉक्टरों के चक्कर लगे, फिर राजिंदरा अस्पताल, पटियाला का सहारा लिया गया। दवाइयां चलीं, टेस्ट हुए, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और गंभीर होते गए। जब रिपोर्ट आई, तो जैसे आसमान ही टूट पड़ा, मां को बच्चेदानी का कैंसर था।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरपिंदर के लिए यह सिर्फ एक बीमारी नहीं थी, यह उस मां की जिंदगी का सवाल था जिसने उसे जन्म दिया, पाला-पोसा। बिना देर किए वह मां को संगरूर स्थित टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल ले गए। इलाज शुरू हुआ, लेकिन पहले ही झटके में 60-65 हजार रुपये खर्च हो गए। एक ड्राइवर की सीमित कमाई के सामने यह रकम पहाड़ जैसी थी। गुरपिंदर के मन में एक ही सवाल था,“मां को कैसे बचाऊं?”कर्ज लेने तक की नौबत आ चुकी थी। तभी, जैसे अंधेरे में एक रोशनी की किरण आई। अस्पताल में ही एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीद की एक नई डोर थामते हुए गुरपिंदर ने वहीं रजिस्ट्रेशन करवाया। कुछ ही समय में उनके मोबाइल पर मैसेज आया और स्मार्ट कार्ड बन गया। इसके बाद जो हुआ, वह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। लाखों रुपये का इलाज, जिसमें महंगे टेस्ट, बार-बार कीमोथेरेपी, दवाइयां, ऑपरेशन, आईसीयू, वेंटिलेटर और अस्पताल में रहने-खाने तक का खर्च शामिल था, सब कुछ सरकार ने उठाया। गुरपिंदर की आंखें भर आती हैं जब वह कहते हैं, “मां तो मां होती है, उसे हर हाल में बचाना था। पैसे नहीं थे, लेकिन भगवान ने इस योजना के रूप में रास्ता दिखा दिया।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों के लिए भी यह केस चुनौतीपूर्ण था। कैंसर बच्चेदानी से बढ़कर लीवर और फेफड़ों तक पहुंच चुका था। पहले तीन बार कीमोथेरेपी दी गई, लेकिन शरीर कमजोर होने के कारण दुष्प्रभाव सामने आए। फिर धीरे-धीरे डोज कम कर नौ और कीमोथेरेपी दी गई। इलाज के बाद ट्यूमर एक जगह सिमट गया और डॉक्टरों ने करीब आठ घंटे लंबा ऑपरेशन कर उसे निकाल दिया। 35 से 40 टांकों के साथ मां ने दर्द सहा, लेकिन जिंदगी की डोर थामे रखी। ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिन आईसीयू और वेंटिलेटर पर रहीं, फिर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। गुरपिंदर हर पल मां के पास बैठे रहते, कभी दवा देते, कभी सिर सहलाते। आठ दिन अस्पताल में गुजारने के बाद जब मां की हालत सुधरने लगी, तो जैसे उनकी दुनिया वापस लौट आई। यह सफर आज भी जारी है, आगे के इलाज और जांच के लिए उन्हें मुल्लांपुर स्थित अस्पताल में फॉलोअप के लिए जाना है। कुछ दवाइयां जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, उनका खर्च गुरपिंदर ने खुद उठाया, लेकिन बाकी पूरा इलाज योजना के तहत मुफ्त हुआ। अस्पताल में गायनेकोलॉजी की डॉ शिवाली ने सर्जरी के डॉक्टरों के साथ मिलकर ऑपरेशन किया। टाटा मेमोरियल के डॉक्टरों के मुताबिक इस सर्जरी एवं दवा इत्यादि में 8 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो बच्चों के पिता और एक साधारण ड्राइवर गुरपिंदर के लिए यह राहत शब्दों से परे है। वह कहते हैं, “अब सुकून है कि मां बिना इलाज के नहीं मरेगी, सरकार ने हमें उम्मीद दी है।” यह सिर्फ एक इलाज की कहानी नहीं, बल्कि एक बेटे के संघर्ष, उसका मां के प्रति प्रेम और एक ऐसी योजना की कहानी है, जिसने मुश्किल वक्त में सहारा बनकर एक परिवार को टूटने से बचा लिया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&amp;#8216;राजेंद्र जिमखाना एंड महिंद्रा क्लब&amp;#8217; में आयोजित सेहत कैंप के द्वारा सदस्यों और स्टाफ के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की पहल</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला। राजिंद्रा जिमखाना एंड महिंद्रा क्लब (आरजीएमसी), पटियाला में 11 और 12 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय सेहत कैंप में सदस्यों, उनके परिवारों और क्लब स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के प्रयासों का हिस्सा है। यह अभियान इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/an-initiative-to-promote-accessible-healthcare-services-for-members-and-staff-through-a-health-camp-organized-at-the-rajendra-gymkhana-and-mahindra-club/article-83401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/patiala-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला।</strong> राजिंद्रा जिमखाना एंड महिंद्रा क्लब (आरजीएमसी), पटियाला में 11 और 12 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय सेहत कैंप में सदस्यों, उनके परिवारों और क्लब स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के प्रयासों का हिस्सा है। यह अभियान इस बात को दर्शाता है कि हर वर्ग के लोगों को किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से पहले सुरक्षा प्रदान की जाए, जिसमें पहुँच, समावेशन और निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। कैंप दोनों दिन सुबह 9 बजे शुरू हुआ और इसका मुख्य उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना तथा क्लब के सदस्यों का मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करना था।</p>
<p style="text-align:justify;">कैंप में क्लब के सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। कई सदस्यों ने इस पहल की सराहना की और सेहत कार्ड बनवाने में गहरी रुचि दिखाई। सुव्यवस्थित और व्यापक स्वास्थ्य कवरेज के महत्त्व को समझते हुए कई लोगों ने अपने परिवारों सहित पंजीकरण करवाया। प्रत्येक सेहत कार्ड के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है, जो चिकित्सा आपात स्थिति के समय महत्त्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। पूरे पंजाब में अब तक 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 50,000 लोग प्रतिदिन विभिन्न जिलों में पंजीकरण कर रहे हैं, जो इस योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “सेहत कार्ड सभी के लिए आवश्यक हैं। जैसा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जोर देते हैं, स्वास्थ्य सबसे पहले है क्योंकि बीमारी किसी भी वीआईपी और आम व्यक्ति में भेद नहीं करती।” डॉ. सिंह ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य 100 प्रतिशत सेहत कार्ड कवरेज है। हम 34 लाख से बढ़कर 40 लाख पंजीकरण तक पहुंच चुके हैं और हर नागरिक को कवर करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।” आरजीएमसी के सदस्य एवं पीआरटीसी के चेयरमैन हरपाल जुनेजा ने कहा, “यह देखकर प्रोत्साहन मिलता है कि लोग अपने स्वास्थ्य के लिए आगे आ रहे हैं। क्लब के प्रभावशाली सदस्य—जैसे वाइस चांसलर, विधायक, आईएएस अधिकारी, प्रसिद्ध डॉक्टर, उद्योगपति और मंत्री—सभी ने सेहत योजना की सराहना की और अपने सेहत कार्ड बनवाए।”</p>
<p style="text-align:justify;">क्लब के निदेशक राहुल मेहता ने कहा, “हमें इसकी बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। क्लब के सदस्यों, उनके परिवारों और स्टाफ ने भी बड़ी रुचि के साथ कैंप में भाग लिया और खुशी-खुशी सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण करवाया।” दो दिवसीय इस आरजीएमसी कैंप में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया और सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण किया। इस पहल ने सेहत कार्ड के माध्यम से प्रारंभिक पहचान और स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्त्व को और मजबूत किया, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल रहा है। आरजीएमसी में सेहत कैंप की सफलता यह दर्शाती है कि सुलभ और सुविधाजनक स्वास्थ्य पहलें जमीनी स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। डॉ. सिंह ने कहा, “इलाज पूरी तरह कैशलेस है, हमने पहले ही बीमा कंपनियों को भुगतान कर दिया है। पंजीकरण सरल है, डोरस्टेप डिलीवरी की सुविधा है, आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए अतिरिक्त लाभ हैं और गाँवों, शहरों तथा बाजारों में लगने वाले कैंप लोगों के लिए सुविधा सुनिश्चित करते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों तक व्यापक पहुँच बनाने के लिए भगवंत मान सरकार द्वारा प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों जैसे सुलभ स्थानों पर पंजीकरण कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस महीने की शुरुआत में पीआरटीसी पटियाला में आयोजित दो दिवसीय सेहत कैंप में परिवहन कार्यबल को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सफलतापूर्वक पंजीकृत किया गया, जिससे इस वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार हुआ।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:06:34 +0530</pubDate>
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                <title>पंजाब के परिवहन क्षेत्र के विकास को और तेज किया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पी.आर.टी.सी. फ्लीट में 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला में 250 नई पी.आर.टी.सी. बसों को हरी झंडी दिखाकर इसे सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, रोजगार सृजन और पूरे पंजाब में विकास की गति तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुनियादी ढांचे के विस्तार और लोक-केंद्रित शासन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/further-accelerating-the-development-of-punjabs-transport-sector-chief-minister-bhagwant-singh-mann-flagged-off-250-new-buses-for-the-prtc-fleet/article-83178"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/patiala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला में 250 नई पी.आर.टी.सी. बसों को हरी झंडी दिखाकर इसे सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, रोजगार सृजन और पूरे पंजाब में विकास की गति तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुनियादी ढांचे के विस्तार और लोक-केंद्रित शासन की अपनी सरकार की दोहरी पहुंच को उजागर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बस फ्लीट में वृद्धि के विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पटियाला में 250 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल किया गया। यह सिर्फ परिवहन सुविधाओं में सुधार नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले दिनों में 300 से अधिक अन्य बसें पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल की जाएंगी। सरकार सार्वजनिक सुविधा के विस्तार और पंजाब को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विस्तार के पैमाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मई 2026 के अंत तक पी.आर.टी.सी. के बेड़े में 254 साधारण और 100 मिनी बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि 309 अन्य बसों के लिए टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे राज्य के परिवहन नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजगार की संभावनाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘इससे 681 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का रास्ता भी प्रशस्त होगा।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘2024 के दौरान पी.आर.टी.सी. के बेड़े में लगभग 110 बसें शामिल की गईं, जिससे 165 व्यक्तियों को रोजगार मिला था।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘309 अन्य बसों को शामिल करने के लिए भी टेंडर जारी कर दिया गया है, जिससे 928 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।‘‘ निगम की सुधरी वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पी.आर.टी.सी. ने कुल राजस्व में 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में 607.09 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में बढ़कर 927.83 करोड़ रुपये हो गया है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में, पी.आर.टी.सी. के कुल राजस्व के 950 करोड़ रुपये पार करने की उम्मीद है, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।‘‘</p>
<p style="text-align:justify;">‘आप‘ सरकार की कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘2022 से, पी.आर.टी.सी. ने 1574 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब की 34.63 करोड़ महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत, पी.आर.टी.सी. ने 2.21 करोड़ की मुफ्त एच.वी.ए.सी. बस यात्रा की सुविधा प्रदान की, जिससे 9,529 यात्रियों को पंजाब के भीतर और बाहर धार्मिक स्थानों के दर्शन करने का सौभाग्य मिला।‘‘ परिवहन के विस्तार को व्यापक विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘बस बेड़े के विस्तार से, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि पंजाब तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और सरकार दशकों के अंतराल को पूरा करने के प्रयासों में और तेजी ला रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘हमारी सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब‘ बनाकर इसकी पुरानी शान बहाल करने के लिए बहुआयामी विकास कर रही है।‘‘</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र में विकास कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब की कमान संभालने के बाद हमारी सरकार ने पटियाला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे इसकी समग्र सूरत ही बदल गई है।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2022 से बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश निरंतर किया गया है। कृषि के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र को फिर से लाभदायक बनाने के लिए हमारी सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न पहलों पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।‘‘ स्वास्थ्य सेवा में सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से तीन परियोजनाओं पर 7.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि इस समय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर अतिरिक्त 14.54 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।‘‘</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय स्कूली शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से, सरकार ने वर्ष 2022 और वर्ष 2026 के बीच स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से आठ परियोजनाओं पर 825.22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा इस समय 80.92 करोड़ रुपये की कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘ बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 17 कार्यों पर 6.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 21.02 करोड़ रुपये की लागत से 11 अन्य कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 21 अन्य परियोजनाओं पर 23.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।‘‘ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘पंजाब मंडी बोर्ड के माध्यम से आठ कार्यों पर 12.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें मरम्मत, नया निर्माण और मंडी बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है। इसके अतिरिक्त कार्य प्रगति पर हैं।‘‘</p>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 से नदियों की सफाई और बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर 1.27 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘ शहरी और सीवरेज बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘सीवरेज बोर्ड के माध्यम से दो कार्यों पर 1.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 366 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।‘‘ शहरी विकास के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में नगर निगम के माध्यम से वार्डों में 114 कार्यों पर 42.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा कई परियोजनाएँ चल रही हैं और कई प्रगति पर हैं।‘‘ जल संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइनों और जल संरक्षण कार्यों पर 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही चल रही और नई परियोजनाओं से इसे और मजबूती मिलेगी।‘‘ उन्होंने ग्रामीण विकास, पटियाला विकास प्राधिकरण, पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड, पंचायती राज, और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता सहित विभागों में निवेश को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर काम चल रहे हैं। लोगों से समर्थन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘इन विकास कार्यों को उसी गति से जारी रखने के लिए हमें आप सभी के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि जिस प्रकार आपने पिछले चुनावों में हमारी पार्टी को दिल से समर्थन दिया था, उसी प्रकार 2027 के चुनावों में भी देंगे।‘‘</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:05:33 +0530</pubDate>
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                <title>Punjab: पटियाला में दिखा Amritpal Singh</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब के पटियाला से बड़ी खबर सामने (Amritpal Singh ) आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमृतपाल की एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। जो पटियाला की बताई जा रही है। इसमें अमृतपाल चश्मा और जैकेट पहना हुआ नजर आ है। पंजाब पुलिस ने 44 को छोड़ा खालिस्तान समर्थक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/amritpal-singh-seen-in-patiala/article-45111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/amritpal-singh-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब के पटियाला से बड़ी खबर सामने (Amritpal Singh ) आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमृतपाल की एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। जो पटियाला की बताई जा रही है। इसमें अमृतपाल चश्मा और जैकेट पहना हुआ नजर आ है।</p>
<h3>पंजाब पुलिस ने 44 को छोड़ा</h3>
<p style="text-align:justify;">खालिस्तान समर्थक अमृतपाल एवं उसके समर्थकों के खिलाफ (Amritpal Singh ) आॅपरेशन के दौरान पिछले एक सप्ताह में हिरासत में लिये गये 200 से अधिक लोगों में से 44 को शुक्रवार को पुलिस ने छोड़ दिया। अवर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी-कानून व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि जिन लोगों की न्यूनतम भूमिका थी या अमृतपाल सिंह से सिर्फ धार्मिक भावनाओं के कारण जुड़े थे, उन्हें पुलिस ने रिहा करने का फैसला किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत आज 44 लोगों से भविष्य में अच्छे व्यवहार का वायदा लेकर छोड़ा गया। पुलिस महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने गुरुवार को कहा था कि गिरफ्तार 207 लोगों में से 30 के खिलाफ, जो आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे, कार्रवाई की जाएगी लेकिन अन्य 177 लोग, जिन्हें प्रतिबंधक उपाय के तहत हिरासत में लिया गया था, वेरिफिकेशन और चेतावनी देने के बाद छोड़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि दीक्षा एवं नशा मुक्ति में संलिप्त लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।</p>
<h3>पुलिस ने गोरखा बाबा के मोबाइल फोन से मिले कुछ वीडियो भी जारी किये | Amritpal Singh</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गोरगा बाबा अजनाला घटना के दौरान भी और खालसा वहीर के दौरान भी साथ ही था और वह अमृतपाल के करीबियों के बारे में व देश विरोधी गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी रखता है। पुलिस के अनुसार जांच में पता चला है कि एकेएफ के सभी सदस्यों काे नंबरों के साथ कमर पट्टे दिये गये थे, जैसे एकेएफ3, एकेएफ 56 आदि जो कि संभवत: उनकी अमृतपाल से नजदीकी या वरिष्ठता के आधार पर दिये गये थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार दो व्हाट्सएप समूहों-एकेएफ और अमृतपाल टाइगर फोर्स के विश्लेषण से पता चलता है कि अमृतपाल सदस्यों को वेतन देता था। सदस्य नशा मुक्ति के लिए आये लोग (जैसे गोरखा बाबा) होते थे और फिर उनका ब्रेनवाश कर मार्शल और गोली चलाने के अभ्यास समेत शस्त्र प्रशिक्षण दिया जाता था। पुलिस ने गोरखा बाबा के मोबाइल फोन से मिले कुछ वीडियो भी जारी किये, जिनमें अमृतपाल के समर्थकों को अमृतपाल के गांव में फायरिंग रेंज में हथियारों के साथ और फायरिंग प्रैक्टिस करते देखा जा सकता है।</p>
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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 12:04:59 +0530</pubDate>
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