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                <title>dhanteras - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Diwali 2024 Date: क्या इस बार दो दिन मनेगा दिवाली का त्यौहार, तारीख को लेकर कंफ्यूजन, यहां जानें&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Diwali 2024 Date: (सच कहूं/अनु सैनी)। हर साल की तरह हिंदुओं को दीपावली का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता हैं। दरअसल यह त्यौहार हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार होता है। इस दिन हर घर रोशनी ही रोशनी दिखाई देती है। रोशनी, खुशियों और लक्ष्मी पूजा का यह खास पर्व दीपावली कार्तिक अमावस्या पर आता है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/diwali-2024-date/article-62351"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/diwali-2024-date-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Diwali 2024 Date: <strong>(सच कहूं/अनु सैनी)।</strong> हर साल की तरह हिंदुओं को दीपावली का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता हैं। दरअसल यह त्यौहार हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार होता है। इस दिन हर घर रोशनी ही रोशनी दिखाई देती है। रोशनी, खुशियों और लक्ष्मी पूजा का यह खास पर्व दीपावली कार्तिक अमावस्या पर आता है। मान्यता है कि इस दिन रात में मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती है, वहीं दीपावली पांच दिन का त्यौहार है, जो धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है, इस बार दीपावली कब है और पूजा का सही मुहूर्त क्या है? इस बारे में आपको बताते हैं। 2024 में कब है दीपावली का त्यौहार?</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/good-news-job-as-an-officer-in-a-bank-and-salary-of-more-than-one-lakh/">Bank Jobs: खुशखबरी, बैंक में ऑफिसर पद पर नौकरी और एक लाख से अधिक सैलरी, तुरंत करें इस वैकेंसी के लिए अप्लाई</a></p>
<p style="text-align:justify;">इस साल दीपावली का त्यौहार नवंबर माह में मनाया जाएगा। यह त्यौहार रोशनी का त्यौहार है, जो साल सबसे ज्यादा मनाए जाने वाले त्यौहारों में से एक है, जैसा कि रामायण में बताया गया है, इस दिन भगवान राम, देवी सीता और भगवान लक्ष्मण 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। दीपावली का पर्व धनतेरस से शुरू होता और फिर भाई दूज तक रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दीपावली का शुभ मुहूर्त | Diwali 2024 Date</h3>
<p style="text-align:justify;">हिंदू पंचांग के अनुसार, दीपावली का त्यौहार हर साल कार्तिक मास के 15वें दिन अमावस्या को मनाया जाता है, इस साल दीपावली का पर्व देशभर में 1 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व है। 31 अक्टूबर को अमावस्या तिथि का मुहूर्त आरंभ दोपहर 3 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होगा और 1 नवंबर को शाम 6 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का क्या है महत्व? Diwali 2024 Date</h3>
<p style="text-align:justify;">दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है, मान्यताओं के अनुसार, जब मुहूर्त में लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है, तो लक्ष्मी मां वहीं ठहर जाती हैं, इसलिए लक्ष्मी पूजा के लिए यह सबसे उत्तम समय माना जाता है, ऐसा कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के पास ज्ञान होता है, इसके पास धन भी रहता है, इसलिए भगवान गणेश की पूजा की जाती है, साथ ही ऐसा कहा जाता है, कि अमावस्या तिथि के दिन अगर माता लक्ष्मी किसी पर प्रसन्न हो जाती है, तो उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस साल धनतेरस का त्योहार 29 अक्टूबर, 2024 (मंगलवार) को मनाया जाएगा। छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसके ठीक अगले दिन दिवाली का पर्व 31 अक्टूबर, 2024 (गुरुवार) को मनाया जाएगा।</p>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 12:47:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Deepavali पांच दिनों तक चलने वाला त्यौहार, कई देशों में मनाया जाता है!</title>
                                    <description><![CDATA[Deepavali दीपावली, जिसे दीवाली के नाम से भी जाना जाता है, एक बहुत बड़ा भारतीय त्यौहार है, जो जीवंत रीति-रिवाजों और सदियों पुरानी परंपराओं से भरा हुआ है। दीपावली एक हिंदू धार्मिक त्यौहार है, जो ‘अंधेरे पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत’ के रूप में मनाया जाता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">Deepavali दीपावली, जिसे दीवाली के नाम से भी जाना जाता है, एक बहुत बड़ा भारतीय त्यौहार है, जो जीवंत रीति-रिवाजों और सदियों पुरानी परंपराओं से भरा हुआ है। दीपावली एक हिंदू धार्मिक त्यौहार है, जो ‘अंधेरे पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत’ के रूप में मनाया जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में उत्पन्न पांच दिवसीय त्यौहार दिवाली को विभिन्न देशों और धर्मों में जैन दिवाली, बंदी छोड़ दिवस, तिहार, सोवंती, सोहराई, बंदना आदि के नाम से जाना जाता है। यह हर साल भारत के साथ कई देशों में मनाया जाता है, लेकिन विशेष रूप से उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी भारत में। Deepavali</p>
<h3>दिवाली 12 नवंबर रविवार को है</h3>
<p style="text-align:justify;">साल 2023 में दिवाली 12 नवंबर यानी रविवार को है। यह तिथि हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर द्वारा निर्धारित की जाती है, जो अश्विन और कार्तिक के महीनों में आती है, जो आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर में मध्य सितंबर से मध्य नवंबर के आसपास होती है। दिवाली का त्यौहार आमतौर पर पांच दिनों तक चलता है, जिसमें धनतेरस, छोटी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के त्यौहार शामिल हैं। यह आतिशबाजी, रंग-बिरंगे कपड़ों, मिठाइयों, दावतों और उपहारों के साथ परिवारों और दोस्तों के बीच एक जीवंत उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।</p>
<h3>धनतेरस धन शब्द से उत्पन्न हुआ</h3>
<p style="text-align:justify;">धनतेरस: भारत के अधिकांश क्षेत्रों में, धनतेरस, जो धन शब्द से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है धन, और तेरस, जिसका अर्थ है तेरहवां, दिवाली की शुरूआत और अश्विन या कार्तिक के अंधेरे पखवाड़े के तेरहवें दिन का प्रतीक है। इस दिन का नाम धन आयुर्वेदिक देवता धन्वंतरि, जो स्वास्थ्य और उपचार के देवता हैं, की ओर भी संकेत करता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे उसी दिन ‘ब्रह्मांडीय सागर के मंथन’ से लक्ष्मी के रूप में प्रकट हुए थे। यह वार्षिक कायाकल्प, शुद्धिकरण और अगले वर्ष की शुभ शुरूआत का भी प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">छोटी दिवाली: उत्सव के दूसरे दिन में नरक चतुर्दशी शामिल होती है, जिसे आमतौर पर छोटी दिवाली कहा जाता है, जो अश्विन या कार्तिक के अंधेरे पखवाड़े के चौदहवें दिन आती है। छोटी का अर्थ है छोटा, नरक का अर्थ है नरक, और चतुर्दशी का अर्थ है क्रमश: ‘चौदहवाँ’। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह खुशी का दिन कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर की हार से जुड़ा है, जिसने 16,000 राजकुमारियों का अपहरण कर लिया था।</p>
<h3>दिवाली को ‘रोशनी का त्यौहार’ के रूप में भी जाना जाता है</h3>
<p style="text-align:justify;">दिवाली: सबसे बड़ा उत्सव आश्विन या कार्तिक के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन होता है। दिवाली को ‘रोशनी का त्यौहार’ के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह हिंदू, जैन और सिख मंदिरों और घरों की रोशनी का प्रतीक है। यह ‘मानसून की बारिश की सफाई, शुद्धिकरण कार्रवाई की पुनर्रचना’ का प्रतीक है।</p>
<p style="text-align:justify;">गोवर्धन पूजा: दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष का पहला दिन होता है। दुनिया के कुछ हिस्सों में इसे अन्नकूट (अनाज का ढेर), पड़वा, गोवर्धन पूजा, बाली प्रतिपदा, बाली पद्यामी और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के रूप में भी मनाया जाता है। सबसे प्रसिद्ध लोककथा के अनुसार, हिंदू भगवान कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से होने वाली लगातार बारिश और बाढ़ से खेती और गाय चराने वाले गांवों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">भाई दूज: उत्सव का अंतिम दिन, जो कार्तिक के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन पड़ता है, को भाई दूज, भाऊ बीज, भाई तिलक या भाई फोंटा के नाम से जाना जाता है। मूल रूप से रक्षा बंधन के समान, यह बहन-भाई के बंधन का सम्मान करता है। कुछ लोग इस खुशी के दिन को यम की बहन यमुना द्वारा तिलक लगाकर यम का स्वागत करने के संकेत के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य इसे नरकासुर की हार के बाद सुभद्रा के घर में कृष्ण के प्रवेश के रूप में देखते हैं। सुभद्रा ने भी उनके माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। Deepavali</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Semi-final World Cup: सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं भारत-पाक! जानें समीकरण" href="http://10.0.0.122:1245/india-pak-can-clash-in-the-semi-finals-learn-the-equation/">Semi-final World Cup: सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं भारत-पाक! जानें समीकरण</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/the-festival-which-lasts-for-five-days-is-celebrated-in-so-many-states/article-54701</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 15:49:29 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>धनतेरस को लेकर सजे बाजार, कारोबारियों के चेहरे खिले</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। कोरोना को जिंदगी का हिस्सा बना चुके बिहार के लोग जीवन में उम्मीद की रोशनी जलाए रखने के लिए आज धनतेरस के साथ शुरू हुए दीपोत्सव पर खरीददारी (Markets adorned on Dhanteras) करने बाहर निकल रहे हैं, जिससे न केवल बाजारों में चहल-पहल बढ़ी है बल्कि कई महीनों से कारोबार की सुस्ती झेल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/markets-adorned-on-dhanteras-merchants-faces-blossomed/article-19848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/markets-adorned-on-dhanteras-merchants-faces-blossomed.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>। कोरोना को जिंदगी का हिस्सा बना चुके बिहार के लोग जीवन में उम्मीद की रोशनी जलाए रखने के लिए आज धनतेरस के साथ शुरू हुए दीपोत्सव पर खरीददारी (Markets adorned on Dhanteras) करने बाहर निकल रहे हैं, जिससे न केवल बाजारों में चहल-पहल बढ़ी है बल्कि कई महीनों से कारोबार की सुस्ती झेल चुके दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्र्योदशी को धन्वतरि त्रयोदशी मनायी जाती है, जिसे ‘धनतेरस’ कहा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘धनतेरस’ का पर्व आज मनाया जा रहा है। यह मूलत: आयुर्वेद के जनक धन्वन्तरि के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। धनतेरस के दिन नये बर्तन या सोना-चांदी खरीदने की परम्परा है। धनतेरस पर बर्तन खरीदने की शुरूआत कब और कैसे हुई, इसका कोई निश्चित प्रमाण नहीं है लेकिन ऐसा माना जाता है कि जन्म के समय धन्वन्तरि के हाथों में अमृत कलश था और यही कारण इस दिन बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं। धनतेरस धन, वैभव एवं सुख समृद्धि का प्रतीक है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, पटना समेत अन्य राज्य के बाजारों में जिस तरह से खरीददार नजर आ रहे हैं, उससे भी कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आए। ग्राहकों की भीड़ देख दुकानदार भी उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि त्योहार की रौनक कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई कर देगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 12 Nov 2020 13:05:41 +0530</pubDate>
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