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                <title>Urea fertilizer - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Urea fertilizer RSS Feed</description>
                
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                <title>लुधियाना में सब्सिडी वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का भंडाफोड़ </title>
                                    <description><![CDATA[जिले के जगराओं क्षेत्र में किसानों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर दी जाने वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/alleged-black-marketing-of-subsidized-urea-fertilizer-busted-in-ludhiana/article-84477"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/ludhiana-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना (सच कहूँ/सुरेन्द्र कुमार शर्मा)।</strong> Ludhiana News: जिले के जगराओं क्षेत्र में किसानों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर दी जाने वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गोरसियां मक्खण रोड स्थित खुदाई चक्क गांव में एक राइस मिल पर छापेमारी कर 560 बैग यूरिया खाद बरामद किए। बरामद खाद का कुल वजन 252 क्विंटल बताया जा रहा है। पुलिस ने राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार, वनीत कुमार और प्रवीण कुमार के खिलाफ थाना सिधवां बेट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विकास अधिकारी-कम-खाद निरीक्षक हरप कुमार की शिकायत पर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि खाद की बिल्टी 7 मई 2026 को गोयल एंड कंपनी, सुनाम द्वारा काटी गई थी, जो गुरप्रीत सिंह के नाम पर बनाई गई थी। लेकिन संबंधित व्यक्ति के पास रैक से सीधे खाद खरीदने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। जिस फर्म के नाम पर खाद मंगवाई गई थी, उसके पास भी खाद कारोबार का लाइसेंस नहीं मिला।  </p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पता चला कि राइस मिल मालिक अभिषेक कुमार ने अपने भाई वनीत कुमार के साथ मिलकर निजी लाभ के लिए सब्सिडी वाली यूरिया की कथित हेराफेरी की। इस मामले में श्री दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी और रैक होल्डर गोयल एंड कंपनी, सुनाम के नाम भी सामने आ रहे हैं। आरोप है कि किसानों के लिए आने वाली खाद को गुप्त रूप से स्टोर कर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी।  </p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने इस मामले को किसानों के अधिकारों से सीधा धोखा करार दिया है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।  </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/ludhiana-news1.jpg" alt="Ludhiana News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 20:56:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Urea Fertilizer: यमुनानगर में नहीं रुक रहा यूरिया खाद की अवैध सप्लाई का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[प्लाईवुड फैक्ट्रियों में पहुँच रहा किसानों का सब्सिडी वाला यूरिया, विभागीय मिलीभगत के आरोप तेज प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: जिला यमुनानगर में यूरिया खाद की अवैध सप्लाई का धंधा लगातार फैलता जा रहा है। किसानों को खेती के लिए दी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया भारी मात्रा में प्लाईवुड उद्योग और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-illegal-supply-of-urea-fertilizer-continues-in-yamunanagar/article-78474"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/fertilizer.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्लाईवुड फैक्ट्रियों में पहुँच रहा किसानों का सब्सिडी वाला यूरिया, विभागीय मिलीभगत के आरोप तेज</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: जिला यमुनानगर में यूरिया खाद की अवैध सप्लाई का धंधा लगातार फैलता जा रहा है। किसानों को खेती के लिए दी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया भारी मात्रा में प्लाईवुड उद्योग और उससे जुड़े अन्य औद्योगिक कार्यों में खपाई जा रही है। इससे न केवल किसानों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये की राजस्व हानि झेलनी पड़ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सब केवल खाद माफिया कर रहे हैं, या फिर इसमें विभागीय अधिकारियों व राजनीतिक संरक्षण भी शामिल है। स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि यह नेटवर्क इतना बड़ा और संगठित है कि इसकी जानकारी संबंधित विभागों को न होना संभव ही नहीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सैकड़ों स्थानों पर खुलेआम बिक रहा यूरिया</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले में सलेमपुर बांगर, बलाचौर, मानकपुर, जगाधरी, बुडिया रोड, अग्रसेन चौक, यमुनानगर–सहारनपुर रोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़ी सहजता से यूरिया की खुलेआम अवैध बिक्री हो रही है। यह वही यूरिया है जिसे सरकार किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराती है। लेकिन माफिया इसका लाभ उठाकर इसे बाजार मूल्य से अधिक दरों पर फैक्ट्रियों को बेच रहे हैं। किसानों के लिए बनी इस खाद को औद्योगिक इकाइयों में खपाने के लिए बाकायदा सप्लाई चैन, स्टोरेज पॉइंट और कथित “सुरक्षा व्यवस्था” तैयार की गई है, ताकि कार्रवाई से पहले ही माल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिले में सैंकड़ों प्लाईवुड फैक्ट्रियाँ हैं जहाँ यूरिया ग्लू (राल) तैयार करने में उपयोग किया जाता है। असल में यूरिया औद्योगिक उपयोग के लिए भी उपलब्ध होता है, लेकिन उसकी कीमत सब्सिडी वाले कृषि यूरिया से कई गुना अधिक होती है। इसी लाभ के चलते खाद माफिया और फैक्ट्री मालिकों के बीच गहरी सांठगांठ बन गई है। माफिया किसानों से यह खाद उंचे दामों पर खरीदते हैं, या फिर कुछ डीलर उनकी मिलीभगत से बड़ी मात्रा में स्टॉक डायवर्ट कर देते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के हिस्से का यूरिया कहाँ जा रहा है?</h3>
<p style="text-align:justify;">हर सीजन में किसान यूरिया की कमी की शिकायत करते हैं। कतारों में लगकर भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाती। कई बार दुकानों पर “स्टॉक खत्म” की पर्ची लटकती रहती है, जबकि कुछ ही दूरी पर फैक्ट्रियों के गेटों पर रात के समय यूरिया की बोरियों से भरे वाहन उतरते दिखाई देते हैं। किसानों का कहना है कि जब भी मांग बढ़ती है, यूरिया की कमी का बहाना बन जाता है, जबकि असली माल पहले ही औद्योगिक इकाइयों में भेज दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान नेताओं का दावा है कि यदि प्रशासन एक दिन के लिए भी सख़्ती से सभी औद्योगिक क्षेत्रों पर निगरानी रख दे, तो खुलासा हो जाएगा कि लाखों टन यूरिया कहाँ जा रहा है। कई किसानों ने प्रशासन को शिकायतें भी दी हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विभागीय अधिकारियों पर सवाल | Pratap Nagar News</h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया का अवैध प्रवाह हो रहा है, फिर भी संबंधित विभागों—जैसे कृषि विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग—को इसकी जानकारी कैसे नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय मिलीभगत के यह धंधा संभव ही नहीं। यूरिया की आवाजाही पर सख़्त निगरानी, रिकॉर्डिंग और बिलिंग की व्यवस्था होती है। किसी भी एक ट्रक के डायवर्जन का पता लगाना कठिन नहीं, लेकिन जब दर्जनों ट्रक बिना रिकॉर्ड के घूम रहे हों, तो यह स्पष्ट संकेत है कि “ऊपर तक सब सेट” है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई मौकों पर छापेमारी की खबरें तो आती हैं, लेकिन आमतौर पर छोटी मछलियाँ पकड़ी जाती हैं। बड़े सप्लायर और फैक्ट्री मालिकों तक कार्रवाई पहुँचती ही नहीं। अधिकतर मामलों में कुछ किलो या कुछ बोरी जब्त कर ली जाती हैं और मामला रफा-दफा हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजनीतिक संरक्षण के भी आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों का कहना है कि यह अवैध व्यापार कुछ राजनीतिक लोगों के संरक्षण में चल रहा है। चुनावी फंडिंग और उद्योगों से जुड़ी लॉबी के कारण इस कारोबार पर रोक नहीं लग पाती। कई किसानों ने बताया कि जब भी वे शिकायत लेकर किसी अधिकारी के पास जाते हैं, उन्हें बताया जाता है कि “ऊपर से दबाव है, ज़्यादा पूछताछ मत करो।”</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन जिस पैमाने पर यूरिया की सप्लाई हो रही है, उससे यह स्पष्ट है कि नेटवर्क बहुत मजबूत है और नेताओं, अधिकारियों और माफिया के बीच किसी स्तर पर रिश्ते अवश्य हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्लाईवुड उद्योग का तर्क—‘औद्योगिक काम के लिए आवश्यक’</h3>
<p style="text-align:justify;">उद्योगिक क्षेत्र की ओर से यह तर्क आता है कि ग्लू बनाने के लिए यूरिया का उपयोग अनिवार्य है और वे इसे खुले बाजार से खरीदते हैं। लेकिन जब उनसे पूछा जाता है कि क्या वे कृषि यूरिया का उपयोग करते हैं या औद्योगिक यूरिया का, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। कई उद्योगपतियों का कहना है कि वे “सस्ते स्रोतों” से माल लेते हैं, लेकिन वे यह खुलासा नहीं करते कि वे स्रोत क्या हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कानूनी रूप से औद्योगिक यूरिया का उपयोग ही मान्य है, लेकिन उसकी कीमत कई गुना अधिक होने के कारण फैक्ट्रियाँ सब्सिडी वाले यूरिया को प्राथमिकता देती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई का इंतजार</h3>
<p style="text-align:justify;">कई किसान संगठनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जिला प्रशासन चाहे, तो 48 घंटे में इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सकता है। बस जरूरत है—आपूर्ति मार्गों की ट्रैकिंग, फैक्ट्रियों की निगरानी, और डीलरों के स्टॉक का अचानक निरीक्षण।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की ओर से अब तक कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। कुछ अधिकारियों ने ऑफ द रिकॉर्ड कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। लेकिन जमीन पर हालात इसके उलट कहानी बयां करते हैं। Pratap Nagar News</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों का नुकसान, माफिया का फायदा</h3>
<p style="text-align:justify;">सब्सिडी वाले यूरिया का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना है। लेकिन जब यह खाद उन्हें समय पर या पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता, तो उनकी फसल प्रभावित होती है, उत्पादन घटता है और आय कम होती है। दूसरी ओर, माफिया इसका करोड़ों रुपये कमाता है, और उद्योगपतियों को भी सस्ता कच्चा माल मिल जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि स्थिति यही रही, तो आने वाले वर्षों में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि यूरिया की मांग हर सीजन में बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रूड़की के अभिनव देशवाल ने रविवार सुबह-सुबह कर दिया कमाल, जीता गोल्ड" href="http://10.0.0.122:1245/abhinav-deshwal-of-roorkee-won-gold/">रूड़की के अभिनव देशवाल ने रविवार सुबह-सुबह कर दिया कमाल, जीता गोल्ड</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 16:17:30 +0530</pubDate>
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                <title>यूरिया को लेकर मारामारी, ठंड में दुकानों के बाहर लगी लम्बी लाइनें</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सरसा में यूरिया खाद की किल्लत बढ़े लगी है। शनिवार को कई जगह पर सरकारी व निजी दुकानों में स्टाक खत्म हो गया। जिले में यूरिया का जहां पर स्टाक बचा है, वहां पर खत्म होने के कगार पर है। जिले में रविवार को यूरिया का रैक लगेगा। इससे अब किसानों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/shortage-of-urea-fertilizer-in-sirsa/article-41126"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/urea-fertilizer1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सरसा में यूरिया खाद की किल्लत बढ़े लगी है। शनिवार को कई जगह पर सरकारी व निजी दुकानों में स्टाक खत्म हो गया। जिले में यूरिया का जहां पर स्टाक बचा है, वहां पर खत्म होने के कगार पर है। जिले में रविवार को यूरिया का रैक लगेगा। इससे अब किसानों को यूरिया के लिए इंतजार करना होगा। कड़ाके की ठंड में यूरिया को लेकर सरकारी व निजी दुकानों के आगे शनिवार को सुबह सात बजे से ही किसानों की लाइन लगनी शुरू हो गई। केंद्र में दोपहर के बाद यूरिया का स्टाक खत्म हो गया। इससे यूरिया नहीं मिलने पर कई किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="किसानों की चिंता बढ़ा रहा ये मौसम" href="http://10.0.0.122:1245/weather-is-increasing-the-concern-of-farmers/">किसानों की चिंता बढ़ा रहा ये मौसम</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">गांवों में नहीं मिल रही यूरिया</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले में यूरिया को लेकर मारामारी हो रही है। सरकारी व निजी दुकानों के आगे यूरिया के लिए सुबह तड़के से ही लाइनें लगनी शुरू हो गई। किसान भाल सिंह, रोहताश कुमार, विपिन सिंह व हाकम सिंह बताया कि गांवों में पिछले कई दिनों से यूरिया नहीं भेजी जा रही है। जिसको लेकर यूरिया के लिए सरसा व कस्बा में जाना पड़ रहा है। ठंड के मौसम में किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी यूरिया नहीं मिल रही है। सिंचाई करते समय यूरिया खाद की जरूरत है जबकि अभी यूरिया मिल नहीं रही है। यूरिया खाद को लेकर शनिवार को ऐलनाबाद में किसानों ने पंचमुखी चौक पर जाम लगा दिया। इसके बाद दो घंटे बाद किसानों ने यूरिया खाद मिलने के आश्वासन बाद जाम खोला।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभी तक 70 हजार टन यूरिया ही पहुंची</h3>
<p style="text-align:justify;">यूरिया खाद का रविवार को रैक लगेगा। जिसमें से सरसा दो हजार टन यूरिया मिलने की संभावना है। जिले में यूरिया खाद के लिए अभी किसानों को इंतजार करना होगा। जिले में अभी भी 40 टन यूरिया खाद की जरूरत है। इस सीजन में यूरिया की एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है। जबकि तक 70 हजार टन यूरिया ही पहुंची है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरिया खाद की कोई किल्लत नहीं है। किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। जिले में यूरिया का रविवार को भी रैक लग जाएगा। इसके बाद भी रैक लगते रहेंगे। इससे यूरिया की कोई कमी नहीं रहेगी। इस सीजन में जिले में यूरिया की एक लाख दस हजार टन की जरूरत है। जिसमें से अभी तक 70 हजार टन यूरिया पहुंच चुकी है।<br />
<strong>                                                                             – डॉ. सुखदेव सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, सरसा।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Dec 2022 15:54:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसानों से अपील, यूरिया खाद का न करें स्टॉक</title>
                                    <description><![CDATA[प्राईवेट डीलर या पैक्स, कोई न करे खाद की ब्लैक मार्किटिंग, होगी सख्त कार्रवाई करनाल (सच कहूँ न्यूज)। डीएपी के बाद अब यूरिया की जरूरत को देखते उपायुक्त अनीश यादव ने मंगलवार को अपने कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग कर किसानो से अपील करते कहा कि यूरिया को लेकर किसी प्रकार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/appeal-to-farmers-do-not-stock-urea-fertilizer/article-40631"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/urea-fertilizer.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्राईवेट डीलर या पैक्स, कोई न करे खाद की ब्लैक मार्किटिंग, होगी सख्त कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>करनाल (सच कहूँ न्यूज)।</strong> डीएपी के बाद अब यूरिया की जरूरत को देखते उपायुक्त अनीश यादव ने मंगलवार को अपने कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग कर किसानो से अपील करते कहा कि यूरिया को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी, किसान इसका स्टॉक न करे, न ही किसी के दबाव में आएं। इसके साथ-साथ उन्होंने प्राईवेट डीलर और गांव-गांव में मौजूद सहकारी समीतियों के जरिए खाद की ब्रिकी करने वालों को भी चेतावनी दी कि ब्लैक मार्किटिंग करने वालों के साथ सख्ती से निपटेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुरुग्राम में विरोध का नया प्रयोग, फूंका समस्याओं का पुतला" href="http://10.0.0.122:1245/demonstration-on-behalf-of-jan-sevak-kranti-party-regarding-the-problems-of-gurugram/">गुरुग्राम में विरोध का नया प्रयोग, फूंका समस्याओं का पुतला</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसी सूरत में प्राईवेट डीलर का लाईसेंस कैंसल होगा और पैक्स पर ब्रिकी करने वाले कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा। मीटिंग में उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य डबास, हैफेड के जिला प्रबंधक उधम सिंह, सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सुनील मातड़ और सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार रोहित गुप्ता शामिल रहे।</span></p>
<h3 style="text-align:justify;">जिला में हैं 92 पैक्स, इनके जरिए मिलती है खाद</h3>
<p style="text-align:justify;">करनाल जिला में 92 पैक्स यानि प्राथमिक सहकारी कृषि विपणन केन्द्र हैं। किसानो को इनसे आॅनलाईन तरीके से खाद मिलती है और वह भी पीओएस यानि पाँयट आॅफ सेल मशीन के जरिए। ऐसे किसान पैक्स के मैम्बर होने जरूरी हैं और उनकी पात्रता निर्धारित होती है, अर्थात 1 लाख की एलीजिबिल्टी पर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 75 हजार रुपए नकद और 25 हजार रुपए की खाद ले सकता है। डेढ लाख रुपए की एलिजिबिल्टी पर 1 लाख 12 हजार रुपए नकद और 37 हजार रुपए की खाद, बीज व दवाईयां ले सकता है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
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                <pubDate>Tue, 06 Dec 2022 18:16:14 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि विभाग ने पकड़वाए हरियाणा से पंजाब जा रहे यूरिया खाद के 300 गट्टे, पुलिस जांच में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[डबवाली/राजमीत इन्सां। बुधवार की सायं चौटाला रोड पर स्थित गुरुनानक धर्मकांटा के समीप (Agriculture Department) कृषि विभाग ने छापामारी की एक ट्रैक्टर-ट्राली में लोडिड यूरिया खाद के 300 गट्टे पकडऩे में सफलता हासिल की है। जिसमें गुप्तचर विभाग के कर्मियों की भूमिका भी अहम रही। जिन्होंने पिछले एक पखवाड़े से हरियाणा की यूरिया पंजाब में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/agriculture-department-got-300-bags-of-urea-fertilizer-going-from-haryana-to-punjab-police-engaged-in-investigation/article-19970"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/agriculture-department-got-300-bags-of-urea-fertilizer-going-from-haryana-to-punjab-police-engaged-in-investigation.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डबवाली/राजमीत इन्सां</strong>। बुधवार की सायं चौटाला रोड पर स्थित गुरुनानक धर्मकांटा के समीप (Agriculture Department) कृषि विभाग ने छापामारी की एक ट्रैक्टर-ट्राली में लोडिड यूरिया खाद के 300 गट्टे पकडऩे में सफलता हासिल की है। जिसमें गुप्तचर विभाग के कर्मियों की भूमिका भी अहम रही। जिन्होंने पिछले एक पखवाड़े से हरियाणा की यूरिया पंजाब में भेजे जाने को लेकर स्थानीय दुकानदारों और सरकारी एजेंसियों पर नजर बनाए हुई थी।</p>
<h4>कृषि विभाग ने की छापेमारी</h4>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग सिरसा एवं डबवाली के चार अधिकारियों पर आधारित एक टीम ने सायं करीब 5 बजे एक टै्रक्टर-ट्राली को रोककर जांच की। उक्त अर्जुन ट्रैक्टर-ट्राली में यूरिया रे मार्का के 300 गट्टे लोड किए हुए थे। टीम में शामिल डीडीए बाबू लाल, क्यूसीआई सिरसा सुभाष कुमार, डॉ. भूपेंद्र सिंह टीए व एडीओ सुनील कुमार डबवाली ने मौके पर पकड़कर शहर थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह अपने दल-बल के साथ मौका पर पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्राली को शहर थाना परिसर में ले आए। अर्जुन ट्रैक्टर-ट्राली के मालिक व किसान अमरजीत सिंह पुत्र चानन सिंह निवासी गांव पवनचंगी जिला गुरदासपुर (पंजाब) को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक पूछताछ में अमरजीत सिंह ने बताया कि उसने नई अनाज मंडी की दुकान नंबर-44 ईफको बाजार डबवाली के संचालक संदेश कुमार पुत्र सोहन लाल यूरिया रे मार्का के 100 गट्टे तथा दुकान नंबर 42 से दी वेदांत प्रिया कॉ-ऑपरेटिव फरूट एंड वेजीटेवल मार्किटिंग सोसाइटी कृभको के संचालक सुनील कुमार पुत्र दलीप कुमार से यूरिया रे मार्का के 200 गट्टे खरीदे थे, जिन्हें वह पंजाब में लेकर जा रहे थे कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। समाचार लिखे जाने तक कृषि विभाग के अधिकारी शहर थाना परिसर में पुलिस कार्रवाई करवाने में व्यस्त थे। उल्लेखनीय है कि विगत एक पखवाड़े से हरियाणा की यूरिया खाद पंजाब में भेजी जा रही थी और इसमें स्थानीय दुकानदारों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता। यह भी जांच का विषय है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Nov 2020 21:52:59 +0530</pubDate>
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