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                <title>Everest, MDH Masala Ban Case: Everest, MDH मसालों पर प्रतिबंध को लेकर भारत ने मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[Everest, MDH Masala Ban Case: नई दिल्ली। सिंगापुर और हांगकांग में एमडीएच और एवरेस्ट मसालों की कुछ किस्मों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को दोनों देशों के खाद्य सुरक्षा नियामकों से ‘अस्वीकृति का मूल कारण’ मांगा है। सूत्रों की मानें तो यह प्रतिबंध गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के कारण लगाया गया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-seeks-answers-regarding-ban-on-everest-mdh-spices/article-56699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/mdh-masala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Everest, MDH Masala Ban Case: नई दिल्ली।</strong> सिंगापुर और हांगकांग में एमडीएच और एवरेस्ट मसालों की कुछ किस्मों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को दोनों देशों के खाद्य सुरक्षा नियामकों से ‘अस्वीकृति का मूल कारण’ मांगा है। सूत्रों की मानें तो यह प्रतिबंध गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के कारण लगाया गया है। MDH Everest Masala News</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में मंत्रालय ने सिंगापुर और हांगकांग दोनों में भारतीय दूतावासों को मसालों पर प्रतिबंध के कारण पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी भेजने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं इस संबंध में एमडीएच और एवरेस्ट से भी विवरण मांगा गया है, जिनके उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है। सिंगापुर और हांगकांग के खाद्य सुरक्षा नियामकों ने आरोप लगाया है कि एमडीएच और एवरेस्ट मसालों के चार मसाला-मिश्रण उत्पादों में कीटनाशक ‘एथिलीन आॅक्साइड’ स्वीकार्य सीमा से अधिक है।</p>
<h3>सिंगापुर फूड एजेंसी, हांगकांग से भी विवरण मांगा गया है</h3>
<p style="text-align:justify;">वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार कंपनियों से अस्वीकृति का मूल कारण और संबंधित निर्यातकों के साथ सुधारात्मक कार्रवाई के निर्धारण का विवरण मांगा गया है। एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वाणिज्य मंत्रालय ने तकनीकी विवरण, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और उन निर्यातकों का विवरण मांगा है जिनकी खेप खारिज कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि सिंगापुर फूड एजेंसी और सेंटर फॉर फूड सेफ्टी और फूड एंड एनवायर्नमेंटल हाइजीन डिपार्टमेंट, हांगकांग से भी विवरण मांगा गया है। MDH Everest Masala News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि सिंगापुर और हांगकांग को मसाला शिपमेंट में एथिलीन आॅक्साइड के अनिवार्य परीक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक उद्योग परामर्श भी निर्धारित है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसालों का उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारतीय मसाला बोर्ड भी प्रतिबंध पर विचार कर रहा है। हांगकांग के खाद्य सुरक्षा नियामक ने उपभोक्ताओं से इन उत्पादों को न खरीदने और व्यापारियों से न बेचने को कहा है, जबकि सिंगापुर खाद्य एजेंसी ने उत्पादों को वापस मंगाने का निर्देश दिया है। MDH Everest Masala News</p>
<p><a title="Ram Navami Violence: बरहामपुर में मतदान स्थगित करने के कोर्ट के आदेश!" href="http://10.0.0.122:1245/court-orders-to-postpone-voting-in-berhampur/">Ram Navami Violence: बरहामपुर में मतदान स्थगित करने के कोर्ट के आदेश!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 18:25:25 +0530</pubDate>
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                <title>MDH के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। नई दिल्ली (एजेंसी)। देश-विदेश में भारतीय मसालों की खुशबू बिखरने वाले महाशयां दी हट्टी (एमडीएच) समूह के संस्थापक महाशय धर्मपाल गुलाटी का वीरवार को दिल का दौरान पड़ने के कारण निधन हो गया। पद्म भूषण से सम्मानित महाशय धर्मपाल ने माता चन्नन देवी अस्पताल में 97 वर्ष की आयु में वीरवार को अंतिम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-owner-of-mdh-dharampal-gulati-passed-away/article-20299"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/dharampal-gulati.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। देश-विदेश में भारतीय मसालों की खुशबू बिखरने वाले महाशयां दी हट्टी (एमडीएच) समूह के संस्थापक महाशय धर्मपाल गुलाटी का वीरवार को दिल का दौरान पड़ने के कारण निधन हो गया। पद्म भूषण से सम्मानित महाशय धर्मपाल ने माता चन्नन देवी अस्पताल में 97 वर्ष की आयु में वीरवार को अंतिम सांस ली । वह बीमारी की वजह पिछले कई दिनों से यहां भर्ती थे। एमडीएच मसालों के स्वयंभू ब्रांड एम्बेसडर महाशय धर्मपाल का जन्म 27 मार्च, 1923 को सियालकोट ( वर्तमान में पाकिस्तान ) में हुआ था। वर्ष 1933 में पांचवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 1937 में अपने पिता की मदद से उन्होंने व्यापार शुरू किया और उसके बाद साबुन, लकड़ी के सामान, कपड़ा, हार्डवेयर, चावल आदि का कारोबार किया। कारोबार बढ़ने के साथ-साथ महाशय धर्मपाल धर्मार्थ के क्षेत्र में भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने अस्पताल और कई स्कूल आदि बनवाए। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एमडीएच के अध्यक्ष धर्मपाल गुलाटी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्टÑपति ने गुरुवार को ट्वीट करके कहा, ‘पद्म भूषण से सम्मानित, ‘महाशयां दी हट्टी’ (एमडीएच) के अध्यक्ष धर्मपाल गुलाटी के निधन से दु:ख हुआ। वे भारतीय उद्योग जगत के एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Dec 2020 10:11:40 +0530</pubDate>
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