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                <title>New Parliament - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>New Parliament RSS Feed</description>
                
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                <title>Parliament special session: भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन</title>
                                    <description><![CDATA[Parliament special session: 19 सितंबर 2023 का दिन भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन बन गया है। मंगलवार को देश की संसद की नई और बड़ी इमारत में संसदीय कामकाज शुरू हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अनेक खामियों और बाधाओं के बावजूद भारतीय संसदीय व लोकतांत्रिक व्यवस्था ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/a-golden-day-in-the-political-history-of-india/article-52597"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/new-parliament-building-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Parliament special session: 19 सितंबर 2023 का दिन भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन बन गया है। मंगलवार को देश की संसद की नई और बड़ी इमारत में संसदीय कामकाज शुरू हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अनेक खामियों और बाधाओं के बावजूद भारतीय संसदीय व लोकतांत्रिक व्यवस्था ने देश को एक मजबूत राजनीतिक, संवैधानिक और प्रशासनिक ढांचा दिया है। New Parliament Building</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय इतिहास की सराहना की और पार्टीबाजी से ऊपर उठकर दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, शास्त्री से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह को याद किया। नई बिल्डिंग के उद्घाटन के दिन ही लोकसभा में राजनीति में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का बिल भी पेश किया गया है। इस बिल का पेश होना भारत के नव-निर्माण के लिए एक प्रेरणा, ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ने के संकल्प को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की अवधारणा को समाज में समानता तभी मिलेगी जब महिलाएं राजनीति और शासन में बराबर की भूमिका निभाएंगी। प्रशासन, सेना, सिविल सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस सहित सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है, लेकिन न तो महिलाओं ने राजनीति में पूरी रुचि दिखाई और न ही पुरुषवादी सोच के कारण राजनीतिक दलों ने ‘सरपंच पति’ और ‘विधायक पति’ के कल्चर ने महिलाओं को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर दिया। Parliament special session</p>
<p style="text-align:justify;">75 वर्ष में केवल एक महिला प्रधानमंत्री पद तक पहुंची और केवल दो महिलाओं को राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला। संसद हो या विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या 10 प्रतिशत भी नहीं है। अच्छी बात यह है कि 27 वर्ष बाद महिला आरक्षण बिल दोबारा पेश किया गया और इस बार प्रचंड बहुमत वाली सरकार होने के कारण बिल का पास होना लगभग तय है। देश में आज डीजीपी, आईजी, एसपी के पदों पर कार्य करने वाली महिलाएं कामयाबी से कार्य कर रही हैं, ऐसे में उनके लिए राजनीतिक भूमिका भी कोई कठिन बात नहीं है। New Parliament Building</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Himachal Weather: अगर आप हिमाचल की यात्रा करने जा रहे हो तो यह खबर जरूरी पढ़ लें…" href="http://10.0.0.122:1245/himachal-pradesh-weather-news/">Himachal Weather: अगर आप हिमाचल की यात्रा करने जा रहे हो तो यह खबर जरूरी पढ़ लें…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 11:21:16 +0530</pubDate>
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                <title>New Parliament : क्या सरकार-विपक्ष में दूर होंगे मतभेद</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे अनेक संस्थाएं और क्षण होते हैं जो राजनीति से परे होते हैं (New Parliament) और लोकतंत्र का पावन मंदिर संसद उनमें से एक है। संसद के दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा चर्चा और बहस के केन्द्र हैं जहां पर लोगों की आवाज को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से सुना जाता है और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-parliament-will-the-differences-between-the-government-and-the-opposition-be-resolved/article-48396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/new-parliment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ऐसे अनेक संस्थाएं और क्षण होते हैं जो राजनीति से परे होते हैं (New Parliament) और लोकतंत्र का पावन मंदिर संसद उनमें से एक है। संसद के दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा चर्चा और बहस के केन्द्र हैं जहां पर लोगों की आवाज को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से सुना जाता है और सरकार को जवाबदेह ठहराया जाता है। बीता रविवार एक सामान्य रविवार से अलग था। स्वतंत्र भारत में संसद के नव-निर्मित भवन का उद्घाटन किया गया और इसने काउंसिल हाउस के रूप में 1927 में औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत निर्मित वर्तमान संसद का स्थान ले लिया। यह एक ऐतिहासिक और भव्य अवसर था और इसने इतिहास पर एक अमित छाप छोड़ी है और आने वाली पीढियों के लिए भविष्य में पढने के लिए राष्ट्र की यात्रा का प्रतीक होगा। यह अतीत को वर्तमान से जोड़ने का एक सेतु है।</p>
<p style="text-align:justify;">नव-निर्मित संसद भवन (New Parliament) की भव्यता और उसमें उच्च प्रौद्योगिकी युक्त सुविधाएं नए भारत की महत्वाकांक्षाओं और आत्मनिर्भरता को दशार्ते हैं तो इसके उद्घाटन के संबंध में तीव्र राजनीतिक मतभेद और विद्वेष, तीखे बयान, ट्वीट आदि उन महत्वाकांक्षाओं पर एक अंकुश सा लगाते हैं। नि:संदेह 19 विपक्षी दलों द्वारा नव-निर्मित संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार उसकी राजनीति को दशार्ता है। ये 19 राजनीतिक दल 11 राज्यों में शासन करते हैं और यह इन राजनीतिक दलों की तुच्छता, विश्वास के अभाव और मोदी सरकार के साथ गंभीर मतभेदों को दशार्ता है। उनकी नाराजगी थी कि प्रधानमंत्री के स्थान पर संवैधानिक प्रमुख के रूप में राष्ट्रपति को नव-निर्मित संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया और इसको लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष में काफी तू- तू, मैं-मैं हुई। यह कहा गया कि लोकतंत्र की आत्मा को मार दिया गया, नए भवन का कोई महत्व नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमेशा की तरह मोदी सुर्खियों में रहना चाहते हैं। लोकतांत्रिक संस्थाओं और भावनाओं का ह्रास हो रहा है। मोदी अपने ब्रांड का हिन्दू राष्ट्रवाद थोप रहे हैं। साथ ही यह भी प्रश्न उठाया गया कि नव-निर्मित संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन की तिथि हिन्दू हदय सम्राट सावरकर के जन्म दिवस के दिन क्यों निर्धारित किया गया जिन्हें विपक्ष विभाजनकारी मानता है। कांग्रेस के राहुल गांधी ने इस नव-निर्मित भवन के उद्घाटन को मोदी का राजतिलक बताया तो राजद ने इस भवन को एक ताबूत बताया तो राकांपा के शरद पवार ने कहा कि वे खुश हैं कि उन्होंने इस समारोह में भाग नहीं लिया क्योंकि यह भारत को पीछे ले जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रश्न उठता है कि साधुओं द्वारा पूजा प्रार्थना करना और उनकी उपस्थिति किस तरह पिछड़ापन है? क्या हमारे राष्टीय मूल्यों का अंग नहीं है? विपक्ष ने कहा कि वे नए संसद भवन का बहिष्कार कर रहे हैं न कि संसद का। किंतु संसद के अगले सत्र में वे इसी भवन में प्रवेश करेंगे और 2024 में इसी भवन में प्रवेश करने के लिए चुनावी दंगल लड़ेंगे। वे इसका अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार नहीं कर सकते हैं तो फिर इसके उद्घाटन को विरोध प्रदर्शन का प्रतीक क्यों बनाया गया? इस संबंध में नाराजगी व्यक्त करने और लोकतांत्रिक प्रकियाओं और पद्धतियों को बहाल करने के अनेक अन्य तरीके भी थे क्योंकि संसद जितनी सत्ता पक्ष की है उतनी ही विपक्ष की भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वे इस कटु सच्चाई को भूल गए कि संसद मोदी के बाद भी रहेगी और इतिहास में दर्ज होगी कि (New Parliament) नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में विपक्ष उपस्थित नहीं रहा। जब नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा था और जब भारत की संसदीय लाकतंत्र में एक नए अध्याय का निर्माण हो रहा था तो विपक्ष इसमें शामिल नहीं था। तब कोई नहीं पूछेगा कि वे क्यों अनुपस्थित थे। उद्घाटन समारोह में अनुपस्थित रहकर कांग्रेस का अधिक नुकसान होगा विशेषकर कर्नाटक की जीत के बाद जब लोग कांग्रेस को एक नई आशा के साथ देखने लगे थे। भाजपा ने न केवल कांग्रेस के नायकों पटेल, अंबेडकर, आजाद आदि को अपनाया अपितु कांग्रेस ने मोदी को ऐसा अवसर भी दिया जिसे वे भारत को नया संसद भवन देने का पूर्ण श्रेय ले सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नि:संदेह संसद (New Parliament) अपने वायदों को पूरा नहीं कर पायी और भाजपा द्वारा विपक्ष तक पहुंचने और उससे संवाद करने का प्रयास नहीं किया गया। आज यह ऐसा स्थान नहीं रह गया जहां पर राजनीतिक भावना की संकीर्णता समाप्त हो। लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही में बाधा से लेकर बिना चर्चा और संसदीय समितियों को भेजे बिना कानून पास करना आम बात हो गयी है। इसके अलावा संसद में हमारे नेताओं की समृद्ध विरासत को देखते हुए इसे हमारे नेताओं के लिए एक आदर्श बनना चाहिए जहां से हम भविष्य की ओर देख सकें। हमारे नेताओं को हर स्थिति में निर्णय लेने में सावधान रहना चाहिए चाहे सदन में शोर-शराबा हो हल्ला, धक्का-मुक्की, कुर्सियां, माइक तोड़ना आदि ही क्यों न चल रहा हो या विपक्षी सदस्य बहिर्गमन क्यों न कर रहे हों। यदि संसद भवन में विचारपूर्वक बहस न हो और कानूनों की अच्छे से समीक्षा न हो तो नए संसद भवन का क्या उपयोग हैे?</p>
<p style="text-align:justify;">इस लोक सभा में पिछले मानसून सत्र तक केवल (New Parliament) 13 प्रतिशत विधेयकों को समितियों को विचार के लिए सौंपा गया था। जबकि 16वीं लोक सभा में 27 प्रतिशत विधेयकों को समितियों के पास विचार के लिए भेजा गया था। 17वीं लोक सभा की पुनरावृति कोई नहीं चाहता क्योंकि इस लोक सभा में बिना चर्चा और बहस के कानूनों को पारित किया गया न ही 15वीं लोक सभा की पुनरावृति होनी चाहिए जो अब तक सबसे कम उत्पादक रहंी है। आज संसद के समक्ष तीन चुनौतियां हैं। पहली, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढता मतभेद। संसद के पिछले कुछ सत्रों में सतत पक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा कार्यवाहियों में बाधा डाली गयी। दोनों अपनी-अपनी विचारधारा और अपने-अपने रूख पर अड़े रहे। भाजपा का मानना है कि उसके लोकतांत्रिक जनादेश का अनादर किया जा रहा है और विपक्ष इसलिए परेशान है कि सरकार अपनी संख्या बल का उपयोग कानूनों को पारित करने और संसदीय प्रकिया को नजरंदाज करने के लिए कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा, संसदीय प्रक्रिया को सुदृढ करने की आवश्यकता है (New Parliament)  क्योंकि इसका मुख्य कार्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विधेयकों की जांच करना है। कानून निमार्ताओं को ऐसे उपायों पर विचार करना चाहिए जिससे दोनों पक्षों को मुद्दों को उठाने के लिए समय मिले और महत्वपूर्ण विधानों की जांच के लिए पर्याप्त अवसर मिले। तीसरा, संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और दोनों सदनों की सदस्य संख्या बढाने के लिए 2026 की समय सीमा। नई लोक सभा में 888 और राज्य सभा में 384 सदस्य हो सकते हैं। वह दिन दूर नहीं जब इस संसद के चैंबरों में अधिक सदस्य बैठेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले ही इस बात पर आपत्ति व्यक्त की जा रही है कि यदि (New Parliament) जनसंख्या आधारित प्रतिनिधित्व दिया गया तो कुछ क्षेत्रों को नुकसान होगा। हमारे नेताओं को इस बात को समझना होगा कि संसद जनता की इच्छा की अभिरक्षक है और सरकार तथा विपक्ष के माध्यम से संसउदीय लोकतंत्र में उनकी सर्वोच्चता का प्रतीक है। दोनों पक्षों को जनता की खातिर अपने लिए अलग-अलग स्थान बनाने चाहिए और दृढ इच्छा शक्ति से जनता के मुद्दों को उठाना चाहिए। उन्हें संसद में ढांचागत सुधार करने चाहिए और मुद्दों को उठाने के लिए अलग से समय निर्धारित करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी संसद विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हृदय स्थल है और लोतांत्रिक शासन व्यवस्था को चलाने का प्रमुख साधन है। भारत एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और वह अपनी जनसंख्या का लाभ उठा सकता है। हमारे राजनेता वर्ग को संकीर्ण स्वार्थों से उठाना होगा अन्यथा इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्हें नई संसद को एक सार्थक संसद बनाना होगा क्योंकि भारत का लोकतंत्र बहुमूल्य है किंतु साथ ही यह नाजुक भी है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>पूनम आई कौशिश , वरिष्ठ लेखिका एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखिका के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 14:29:26 +0530</pubDate>
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                <title>एक अकेला सब पर भारी&amp;#8230; विपक्ष शोर मचाता रह गया लेकिन प्रधानमंत्री&amp;#8230;| Narendra Modi</title>
                                    <description><![CDATA[नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। New Parliament House Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया और इसे देश की 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक निरुपित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house-news/article-48175"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-house-inauguration.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>New Parliament House Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया और इसे देश की 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक निरुपित किया। विपक्ष ने उद्धाटन समारोह से बहिष्कार कर ऐलान किया लेकिन उसे उस वक्त बड़ा झटका लगा जब पूर्व पीएम एच डी देवगौडा उद्घाटन समारोह में पहुंचे। विपक्ष के विरोध के बाद भी प्रधानमंत्री अलग ही अंदाज में दिखे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये थे उपस्थित | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">नये भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित उद्घाटन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा, लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित समाज सेवी कैलाश सत्यार्थी, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, दिल्ली के उप-राज्यपाल, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न देशों के आमंत्रित राजनयिक, सांसद और अन्य आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में मंच पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उप-सभापति डॉ हरिवंश विराजमान थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संदेश पढ़े गये। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने श्री मोदी का नये भवन में स्वागत किया और उद्घाटन समारोह में डॉ हरिवंश के सम्मान में स्वागत भाषण दिया। समारोह में नये संसद भवन का निर्माण कार्य करने वाले टाटा उद्योग समूह के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन को भी आमंत्रित किया गया था। विपक्षी दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित न किये जाने के विरोध में समारोह का बहिष्कार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">नये संसद भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की शुरूआत सुबह हवन-पूजन और सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। मोदी ने 64500 वर्गमीटर के निर्मित क्षेत्र वाले नये भवन की पट्टिका का अनावरण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने नये लोकसभा कक्ष में चोल राजवंश परम्परा के राजदंड सेन्गोल को स्थापित किया। इसे तमिलनाडु के अधीनम मठ के संतों ने प्रधानमंत्री को शनिवार की शाम को सौंपा था। मोदी ने सेन्गोल को दंडवत प्रणाम किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस ने कहा है कि संसद जनता की आवाज होती है लेकिन जब नये संसद भवन का उद्घाटन हुआ तो देश के लिए मेडल लाने वाली महिला खिलाड़ियों को संसद के नजदीक सड़कों पर अपमानित किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नीता डिसूजा तथा कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहंकार और भाजपा सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की बात करने वाली सरकार ने जिस दिन नये संसद भवन का उद्घाटन किया उसी दिन संसद भवन के करीब अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही महिला पहलवानों को प्रताड़ित करके देश का मान बढ़ाने वाली बेटियों को अपमानित किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोकतंत्र केवल इमारतों से नहीं… | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">खड़गे ने यहां जारी एक बयान में कहा, “सड़कों पर महिला खिलाड़ियों को तानाशाही के बल से पीटा। भाजपा-आरएसएस के सत्ताधीशों के तीन झूठ अब देश के सामने बे-पर्दा हैं। लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, बेटी बचाओ। याद रहे मोदी जी,लोकतंत्र केवल इमारतों से नहीं,जनता की आवाज से चलता है।” गांधी ने कहा “राज्याभिषेक पूरा हुआ – ‘अहंकारी राजा’ सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती वाड्रा ने कहा, “खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से,खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है।भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है। ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है।” इससे पहले यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुश्री डिसूजा ने कहा “आज नये संसद भवन की शुरूआत महिलाओं के अपमान के साथ हुई है। मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भजपा की परंपरा- महिलाओं का अपमान, शोषण, महिला उत्पीड़न को जिंदा रखने का काम किया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आज के दिन को देश की महिलाओं के लिए काला दिन बताया और कहा कि न्यू इंडिया के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करिए। देश के कोने-कोने में जिन बेटियों- माताओं ने ये देखा है वो कतई चुप नहीं बैठेंगी। मोदी सरकार की तानाशाही के अंत होने के दिन करीब आ रहे हैं। नये संसद भवन के उद्घाटन का हक राष्ट्रपति जी से छीना। श्रीमती श्रीनेत ने भी संवाददाता सम्मेलन में कहा,”इतिहास साक्षी रहेगा कि कैसे एक प्रधानमंत्री अपने आप को सम्राट समझ कर, सत्ता के अहंकार में इतना चूर है कि जिस दिन नये संसद भवन का उद्घाटन होता है उसी दिन एक किमी की दूरी पर देश की बेटियों का चीरहरण होता है। सम्राट ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधी हुई है। ह्</p>
<h4 style="text-align:justify;">देश में बहुत बड़ा इतिहास रचा गया | New Parliament House Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा,”आज इस देश में बहुत बड़ा इतिहास रचा गया। देश में एक तानाशाह ने अपने राजतिलक का स्वांग रचा। जब तानाशाह अपना राजतिलक करा रहा था, तब देश की सबसे होनहार बेटियां घसीटी और मारी जा रही थीं। ये देश की वो बेटियां हैं, जो बड़े-बड़ों को चित कर देती हैं। जब वो मेडल लाती हैं तो लोग फोटो खिंचवाने के लिए लालायित रहते हैं। ये वो बेटियां हैं जो देश के लिए ख्याति लाती हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री अपने घर की बेटी कहते हैं। उन्हें सड़कों पर ऐसे घसीटा और बेइज्जत किया गया, जैसे वो मुजरिम हों।”</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवक्ता ने कहा कि मन में एक सवाल उठता है कि क्या तानाशाह इस कदर सत्ता के अहंकार में चूर है कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। देश की सबसे होनहार और वीर बेटियां एक महीने से जंतर-मंतर पर बैठ कर न्याय की गुहार लगा रही हैं। लेकिन न्याय के नाम पर सिर्फ सरकार की चुप्पी और ये बर्बरता नजर आ रही है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 11:55:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नये संसद भवन के उद्घाटन पर डाक टिकट, 75 रु का सिक्का जारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। उद्घाटन समारोह नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित किया गया था। आसन पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभा अध्यक्ष […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rs-seventy-five-coin-released/article-48160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/75-rupees-coin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। उद्घाटन समारोह नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित किया गया था। आसन पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के उप-सभापति डॉ हरिवंश विराजमान थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन भाषण शुरू करने से पहले मोदी ने नया स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। इस सिक्के के जारी करने की घोषणा 25 मई को की गयी थी। इस करीब 35 ग्राम के सिक्के का व्यास 44 मिमी है, इसमें आधी चांदी, 40 प्रतिशत तांबा और पांच- पांच प्रतिशत निकल और जस्ता के इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक तरफ सिंह की लॉट और उसके दोनों तरफ इंडिया और भारत लिखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह लॉट चित्र के नीचे देवनागरी लिपि में सत्यमेव जयते अंकित है। दूसरी तरफ संसद भवन परिसर का चित्र उभारा गया है जिसमें नये तिकोने नये संसद भवन के पीछे वृत्ताकार पुराने संसद भवन भी दशार्या गया और उसके ऊपर देवनागरी में संसद संकुल लिखा गया है। आधी चांदी होने के कारण इसके विधि मान्य मूल्य का इसका धातु मूल्य अधिक है। इसे सिक्यूरिटीज आॅफ प्रिटिंग एंड माइनिंग कारपोरेशन आॅफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) की वेबसाइट से आर्डर किया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भंडारा शुरू होने से पहले ही रास्ते हुए जाम देखें इस समय का हाल" href="http://10.0.0.122:1245/even-before-the-start-of-bhandara-there-were-jams/">भंडारा शुरू होने से पहले ही रास्ते हुए जाम देखें इस समय का हाल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 16:10:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिरासत में लिए गए पहलवान, बजरंग पुनिया बोले- हमें गोली मार दो</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली किले में तब्दील, सिंघू और टिकरी बॉर्डर सील नई दिल्ली। नई संसद भवन के उद्घाटन से ठीक पहले महिला महापंचायत (Wrestlers Protest) के हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया है। रविवार को नई संसद के उद्घाटन अवसर पर महिला पंचायत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/singhu-and-tikri-border-sealed-converted-into-delhi-fort/article-48152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/wreslers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दिल्ली किले में तब्दील, सिंघू और टिकरी बॉर्डर सील</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> नई संसद भवन के उद्घाटन से ठीक पहले महिला महापंचायत (Wrestlers Protest) के हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया है। रविवार को नई संसद के उद्घाटन अवसर पर महिला पंचायत की घोषणा के बाद यह कदम उठाया गया है। कई राज्यों की खाप पंचायतों ने जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन को समर्थन करने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपील के तहत बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली के चारों ओर से लोगों को समर्थन करने की अपील की है।  वहीं नई संसद के सामने महापंचायत करने जा रहे पहलवानों को पुलिस ने रोक दिया जिसके बाद दोनों में तीखी नोंकझोक हुई। पहलवानों ने पुलिस बैरिकेड को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की जिसके बाद कई पहलवानों को हिरासत में ले लिया गया। पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि हमें गोली मार दो।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के मद्देनजर सिंघू एवं टिकरी बॉर्डरों को सील किया गया है। नई संसद (New parliament) पर महिला पंचायत करने की घोषणा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ओल्ड बवाना में कंझावला चौक स्थित एक स्कूल में अस्थायी जेल बनाने की स्वीकृति भी पुलिस डिप्टी कमिश्नर से मांगी है। महिला पहलवानों के अनुसार सरकार ने उनसे संपर्क कर 35 दिन लंबे इस धरने प्रदर्शन को रोकने की अपील की थी लेकिन पहलवान कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आज हो रहा है नई संसद का उद्घाटन</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera Modi) आज नई संसद का उद्घाटन कर रहे हैं। लेकिन उद्घाटन कार्यक्रम पर पहलवानों के प्रदर्शन का साया मंडराने लगा है। इस उद्घाटन अवसर पर महिला सम्मान महापंचायत बुलाई गई है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अपील पर देशभर से महिलाओं के साथ पुरुष भी दिल्ली की नई संसद पर पहुंच रहे हैं। पहलवानों के समर्थन में नई संसद का देशभर की महिलाएं घेराव करेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिल्ली को किया गया किले में तब्दील | Wrestlers Protest</h3>
<p style="text-align:justify;">नई संसद के उद्घाटन को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया। ओलिंपिक पदक विजेता विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत देश के कई चोटी के पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं। जो बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने अंदेशा जताया था कि नई संसद के उद्घाटन अवसर पर हरियाणा बॉर्डर से बड़ी संख्या में लोग राजधानी में प्रवेश कर सकते हैं। जिसे देखते हुए कानून-व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। इस संबंध में पुलिस डिप्टी कमिश्नर से ओल्ड बवाना के कंझावला स्थित एक स्कूल में अस्थायी जेल बनाने की अनुमति मांगी गई थी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 11:08:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नए संसद भवन का हुआ उद्घाटन , पीएम मोदी ने किया दंडवत् प्रणाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/pm-with-sangul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera MOdi) ने संसद के निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमयोगियों को सम्मानित किया। पीएम मोदी सुबह 7:30 बजे संसद भवन पहुंचे और सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद हवन शुरू हुआ और सेंगोल ग्रहण करते समय पीएम मोदी द्वारा उपस्थित सभी साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्लियामेंट बिल्डिंग के वीडियो के लिए सभी से वॉयस ओवर देने की अपील की थी। तत्पश्चात शाहरुख खान, अक्षय कुमार और अनुपम खेर जैसे सेलेब्रिटीज ने इस वीडियो में अपनी आवाज दी। बता दें कि संसद के उद्घाटन का विपक्ष के 20 दलों ने बायकॉट किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कार्यक्रम सुबह साढ़े 7 बजे से पूजा और हवन के साथ शुरू उद्घाटन (Inauguration) कार्यक्रम 7 घंटे चलेगा। साढ़े 8 से 9 बजे के बीच लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास सेंगोल की स्थापना की गई। इससे पहले पार्लियामेंट लॉबी में प्रार्थना सभा हुई। इस उद्घाटन अवसर पर 12 बजे नई पार्लियामेंट बिल्डिंग से जुड़ी दो शॉर्ट फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ा जाएगा। दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 रुपए का स्पेशल सिक्का और स्टाम्प जारी करेंगे। उसके 10 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना भाषण देंगे और फिर ढाई बजे कार्यक्रम की समाप्ति की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147</link>
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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 09:03:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Parliament: नए संसद भवन का उद्घाटन, क्या होगा खास, जानिए पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। कांग्रेस और टीएमसी सहित विपक्ष के 19 दलों ने (New Parliament Inauguration) संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बुधवार (24 मई) को बहिष्कार करने का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है। इससे राष्ट्रपति द्रौपदी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house-what-will-be-special-know-the-full-schedule/article-48060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building-22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस और टीएमसी सहित विपक्ष के 19 दलों ने (New Parliament Inauguration) संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बुधवार (24 मई) को बहिष्कार करने का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है। इससे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दूर रखना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने विपक्ष के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हर मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। शाह ने कहा, ‘‘राजनीति को इसके साथ मत जोड़िए। एक बड़ी भावनात्मक प्रक्रिया है कि पुरानी परंपराओं से नए भारत को जोड़ने की। इसको इतने ही सीमित अर्थ में देखना चाहिए। राजनीति अपनी जगह चलती है। सब अपनी सोचने की क्षमताओं के अनुसार रिएक्शन देते हैं और काम करते हैं।’’</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की दलील | New Parliament Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। विपक्षी दलों की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उनसे अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नए भवन के कार्यक्रम का समय | New Parliament Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">संसद के नए भवन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 28 मई को करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद का उद्घाटन दोपहर 12 बजे करने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही सुबद 7 बजे से हवन पूजन का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। सुबह 7:30 से 8:30 बजे तक हवन और पूजा होगी। पूजा के लिए पंडाल गांधी मूर्ति के पास लगाया जाएगा। इस पूजा में पीएम नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन सहित कई मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके बाद 8:30 से 9 बजे के बीच में लोकसभा के अंदर सेंगोल को स्थापित किया जाएगा।</p>
<h4>सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नए संसद भवन का मामला, राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने की मांग</h4>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है जिसमें शीर्ष अदालत से यह निर्देश देने की मांग की गई है कि नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थान पर देश के राष्ट्रपति से कराया जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता और पेशे से उच्चतम न्यायालय की (New Parliament Inauguration) अधिवक्ता सी आर जया सुकिन ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है और कहा कि लोकसभा सचिवालय ने उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करके भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। ऐसा करके संविधान का सम्मान नहीं किया जा रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने अपनी याचिका में दावा किया, “लोकसभा सचिवालय द्वारा 18 मई को जारी किया गया बयान और नए संसद भवन के उद्घाटन के बारे में लाेकसभा महासचिव द्वारा जारी किया गया निमंत्रण एक मनमाना रवैया है, बिना रिकॉर्ड के उचित अध्ययन किए बिना ऐसा करना कदापि उचित नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले की जल्द ही (New Parliament Inauguration) उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तरदाताओं, केंद्र सरकार और लोकसभा सचिवालय सभी ने इस मामले में भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है और इसका सम्मान नहीं किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया है कि संसद भारत का सर्वोच्च विधायी निकाय है। भारतीय संसद में राष्ट्रपति और दो सदन राज्यसभा (राज्यों की परिषद) और लोक सभा (जनता का सदन)शामिल हैं। राष्ट्रपति के पास किसी भी सदन को बुलाने और सत्रावसान करने की शक्ति है। साथ ही संसद या लोकसभा को भंग करने की शक्ति भी राष्ट्रपति के ही पास है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता सुकिन ने अपनी याचिका में कहा, “राष्ट्रपति संसद का एक अभिन्न अंग हैं, लेकिन राष्ट्रपति को शिलान्यास समारोह से भी दूर रखा गया और अब वह उद्घाटन समारोह का हिस्सा भी नहीं है, सरकार का यह मनमाना फैसला कदापि उचित नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के  (New Parliament Inauguration) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के “ऐतिहासिक अवसर” पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की घोषणा की थी और कहा कि राष्ट्रपति तथा संसद जैसी संस्था को किसी ऐसे विवाद से अलग रखना चाहिए जिससे उनके गरिमा और सम्मान पर प्रभाव पड़ता हो।</p>
<p style="text-align:justify;">समान विचारधारा वाले विपक्ष के 19 दलों ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के (New Parliament) नेतृत्व वाली सरकार में संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात हुआ है और नये भवन के निर्माण में विपक्षी दलों के साथ कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया गया, इसलिए समान विचारधारा वाले दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी दलों ने कल एक संयुक्त वक्तव्य में कहा, “नये संसद भवन का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण अवसर है। विपक्ष मानता है कि मोदी सरकार लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है। इस सरकार ने निरंकुश तरीके से नये संसद का निर्माण किया है इसके बावज़ूद विपक्ष उद्घाटन समारोह के अवसर पर मतभेदों को भुलाने को तैयार था, लेकिन सरकार ने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पूरी तरह से दरकिनार कर प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन कराने का निर्णय लिया है और यह हमारी लोकतांत्रिक परंपरा पर सीधा हमला है।”</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 17:42:58 +0530</pubDate>
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                <title>नए संसद पर संग्राम, विपक्ष की मुहिम को लगा बड़ा झटका, पीएम मोदी का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[New Parliament Building बीजद नए संसद भवन के उद्घाटन में भाग लेगा नई दिल्ली। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के (New Parliament) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के ह्लऐतिहासिक अवसरह्व पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की बुधवार को घोषणा की और कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-parliament-battle-over-the-new-parliament-the-oppositions-campaign-got-a-big-blow-pm-modis-big-statement/article-48041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building-21.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">New Parliament Building बीजद नए संसद भवन के उद्घाटन में भाग लेगा</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के (New Parliament) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के ह्लऐतिहासिक अवसरह्व पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की बुधवार को घोषणा की और कहा कि राष्ट्रपति तथा संसद जैसी संस्था को किसी ऐसे विवाद से अलग रखना चाहिए जिससे उनके गरिमा और सम्मान पर प्रभाव पड़ता हो। नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 28 मई 2023 को करेंगे। कुछ दलों का कहना है कि इस भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराया जाना चाहिए। त्रिणमूल कांग्रेस , आप और कुछ अन्य दलों ने उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेने की घेषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने जारी एक (New Parliament) प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘बीजद का मानना है कि इन सैवैधनिक संस्थाओं को ऐसे किसी विवाद से अलग रखा जाना चाहिए जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान प्रभावित होता हो। ऐसे मुद्दों पर बाद में कभी भी महान सदन में चर्चा हो सकती है। बयान में कहा गया है, ‘इसलिए बीजद इस ऐतिहासिक अवसर पर इसमें भाग लेगा। वहीं पीएम मोदी ने अपने आॅस्ट्रेलिया में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए भारत में संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने वाली पार्टियों पर निशाना भी साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिडनी में उन्हें सुनने के लिए 20,000 लोग इकट्ठा हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बीजद ने बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति भारत (New Parliament) सरकार का मुखिया होता है। लोक सभा भारत के 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। ये दोनों संस्थाएं भारत के लोकतंत्र की प्रतीक है और उन्हें भारत के संविधान के अंतर्गत अधिकार दिए गए हैं। सदैव इन संस्थाओं के अधिकार और प्रतिष्ठा की रक्षा की जानी चाहिए। इससे पहले विपक्ष के 19 दलों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात हुआ है और नये भवन के निर्माण में विपक्षी दलों के साथ कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया गया, इसलिए समान विचारधारा वाले दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों ने आज यहां संयुक्त वक्तव्य में कहा, ‘नये संसद भवन (New Parliament) का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण अवसर है। विपक्ष मानता है कि मोदी सरकार लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है। इस सरकार ने निरंकुश तरीके से नये संसद का निर्माण किया है इसके बावजूद विपक्ष उद्घाटन समारोह के अवसर पर मतभेदों को भुलाने को तैयार था। सरकार ने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पूरी तरह से दरकिनार कर नये भवन का उद्घाटन मोदी से कराने का निर्णय लिया है और यह हमारी लोकतांत्रिक परंपरा पर सीधा हमला है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार संवैधानिक मूल्यों का अपमान- राजग New Parliament Building</h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का 19 विपक्षी दलों के बहिष्कार फैसले की बुधवार को आलोचना करते हुए कहा कि उनका यह रुख देश के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। राजग में शामिल 14 दलों के नेताओं ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में संसद एक पवित्र संस्था है।उन्होंने कहा कि यह विपक्ष के दिवालियापन को दिखाता है। यह लोकतंत्र की मूल आत्म और मयार्दा पर कुठारघात है। राजग के दलों ने बयान में कहा विपक्ष ने मुर्मू के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने का कड़ा विरोधकर न सिर्फ उनका, बल्कि हमारे राष्ट्र की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का घोर अपमान था। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद सार्वजनिक तथ्य है कि विपक्ष संसद से भागता रहा है। कारण यह उनकी स्वार्थी और पुरानी इच्छाओं को प्रतिनिधित्व करता है। जिन्हें जनता ने बार-बार खारिज किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आजादी के समय सत्ता के हस्तातंरण के प्रतीक ‘सेंगोल’ को संसद भवन में स्थापित किया जायेगा:शाह New Parliament Building</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नये संसद भवन के राष्ट्र को लोकार्पण के मौके पर आजादी के समय 14 अगस्त 1947 के दिन सत्ता के हस्तांतरण की परंपरा को दोहराते हुए पवित्र ह्यसेंगोलह्ण को स्वीकार करेंगे जिसे बाद में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट स्थापित किया जायेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी अनेक लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के समय प्राचीन भारतीय परंपराओं का निर्वहन करते हुए ब्रिटिश साम्राज्य से सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में पवित्र सेंगोल को स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने इस विशेष अवसर और परंपरा के लिए वायसराय लार्ड माउंटबेटन को भारत भेजा था। उन्होंंने कहा कि पंडित नेहरू ने अपने आवास पर लार्ड माउंटबेटन की मौजूदगी में तमिलनाडु के अधिनम से आये धार्मिक शिष्टमंडल से सेंगोल को स्वीकार किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि सेंगोल भारत की प्राचीन आध्यात्मिक (New Parliament) परंपरा से जुड़ा है और इसका संबंध आठवीं सदी के चोल साम्राज्य से है। सेंगोल शब्द तमिल भाषा के सेमई शब्द से बना है जिसका अर्थ नीति परायणता है। उन्होंंने कहा कि सेंगोल न्याय और नीति पर आधारित शासन के भाव से जुड़ा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी रविवार को जब प्रधानमंत्री नये संसद भवन का उद्घाटन करेंगे तो तमिलनाडु के 20 अधिनम के अध्यक्ष श्री मोदी को यह सेंगोल प्रदान करेंगे। बाद में पवित्र सेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह पवित्र सेंगोल न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था का प्रतीक है इसलिए इसकी जगह संग्रहालय के बजाय संसद भवन होनी चाहिए।</p>
<h4>मोदी के खिलाफ गाली-गलौज की भाषा का प्रयोग कुछ विपक्षियों का एकमात्र एजेंडा : चंद्रशेखर New Parliament Building</h4>
<p style="text-align:justify;">सूचना प्रौद्योगिकी , कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है पर लेकिन प्रधानमंत्री को गाली देना कुछ विपक्षी नेताओं का एक मात्र एजेंडा रह गया है। चंद्रशेखर ने यहां भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय पर संवाददताओं से बातीचत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्तमान विदेश दौरे में दुनिया के देशों में ‘भारत और भारत के प्रधानमंत्री को आज जो सम्मान मिल रहा है वह अविस्मरणीय है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अब स्कूलों में हर घंटे पानी पीने के लिए बजेगी घंटी" href="http://10.0.0.122:1245/bell-will-ring-every-hour-for-drinking-water-in-schools/">अब स्कूलों में हर घंटे पानी पीने के लिए बजेगी घंटी</a></p>
<p style="text-align:justify;">चंद्रशेख ने राज्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना (New Parliament Building) भी साधा। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में गाली-गलौज की भाषा का प्रयोग करना विपक्ष के नेताओं का सिंगल प्वाइंट एजेंडा बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी जापान, पापुआ न्यू गिनी और आस्ट्रेलिया की यात्रा के बाद आज स्वदेश लौट रहे हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि इन पांचों दिनों में जापान, पपुआ न्यूगिनी और आस्ट्रेलिया के अखबारों के प्रथम पृष्ठों पर प्रधानमंत्री की बैठकों और उनके बारे में अन्य खबरें छायी हुई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस यात्रा में भारत और प्रधानमंत्री मोदी को मिले (New Parliament) सम्मान का जिक्र करते हुए कहा, ‘दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का उल्लेख कर रहे हैं। पापुआ न्यूगिनी के प्रधानमंत्री स्वागत करने के बाद आदर भाव से प्रधानमंत्री मोदी जी के पैर छूते हैं। आस्ट्रेलिया के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी जी को बॉस कहते हैं और सिडनी के उच्च सदन को तिरंगी रोशनी में नहाते हैं और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री आस्ट्रेलिया आकर प्रधानमंत्री मोदी जी से मिलते हैं।</p>
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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 11:39:40 +0530</pubDate>
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                <title>एक साल के भीतर तैयार हो जाएगा नया संसद भवन</title>
                                    <description><![CDATA[संसद का नया भवन लगभग 971 करोड़ रुपए होगे खर्च नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश का नया संसद भवन आजादी की 75वीं वर्षगांठ यानी अगले साल 15 अगस्त के पहले बन कर तैयार हो जाने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-parliament-building-will-be-ready-within-a-year/article-25958"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/central-vista.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">संसद का नया भवन लगभग 971 करोड़ रुपए होगे खर्च</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश का नया संसद भवन आजादी की 75वीं वर्षगांठ यानी अगले साल 15 अगस्त के पहले बन कर तैयार हो जाने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद संवाददाता सम्मेलन में इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि संसद के नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हम कोशिश कर रहे हैं कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ यानी 15 अगस्त 2022 के पहले नया भवन बन कर तैयार हो जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">10 दिसम्बर को पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास</h4>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/prime-minister-laid-the-foundation-stone-for-the-new-parliament-house/">प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन की रखी आधारशिला</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन की रखी आधारशिला” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/prime-minister-laid-the-foundation-stone-for-the-new-parliament-house/embed/#?secret=atmIGEO4Uq%23?secret=dNjTEzAlla" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">संसद का नया भवन लगभग 971 करोड़ रुपय की लागत से बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 10 दिसंबर को इसका शिलान्यास किया था। तकरीबन 60 हजार वर्गमीटर में बनने वाला यह नया भवन वर्तमान संसद भवन परिसर में ही बनाया जा रहा है। इस तीन मंजिली इमारत की डिजाइन त्रिकोणीय है। शिलान्यास के वक्त लक्ष्य रखा गया था कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष के आज के बयान से स्पष्ट होता है कि कोविड के कारण नए संसद के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/discuss-on-central-vista/">सेंट्रल विस्टा पर हल्ला, भला ये भी कोई बात हुई</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“सेंट्रल विस्टा पर हल्ला, भला ये भी कोई बात हुई” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/discuss-on-central-vista/embed/#?secret=jewDY4NlHG%23?secret=ECRuyJpoWC" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p> </p>
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                <pubDate>Wed, 11 Aug 2021 16:34:00 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन की रखी आधारशिला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद भवन की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित एक समारोह में भूमि पूजन के बाद अपराह्न एक बजकर 11 मिनट पर नए संसद भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य तथा बड़ी संख्या […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/prime-minister-laid-the-foundation-stone-for-the-new-parliament-house/article-20464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद भवन की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित एक समारोह में भूमि पूजन के बाद अपराह्न एक बजकर 11 मिनट पर नए संसद भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य तथा बड़ी संख्या में सांसद मौजूद थे। नए संसद भवन का निर्माण 2022 तक पूरा होना है। देश की आजादी के 75वें वर्ष में नए भवन में बैठक शुरू होगी। नया संसद भवन आधुनिक तकनीक से लैस होगा। इसमें सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगे होंगे। साथ ही भविष्य को ध्यान में रखते हुए लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में सदस्यों के लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Dec 2020 14:53:22 +0530</pubDate>
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