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                <title>Rain Basera - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Rain Basera RSS Feed</description>
                
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                <title>Rain Basera: जिला प्रशासन ने बेसहारा व बेघरों के लिए बनाए आसरे</title>
                                    <description><![CDATA[बेसहारा लोगों के लिए भिवानी में स्थापित किए अस्थाई रैन बसेरे भिवानी जिला प्रशासन ने ठंड से बचाने की उठाई जिम्मेदारी भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Bhiwani Night Shelter: मनुष्य की मूलभूूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान माना जाता है। इन दिनों कड़ाके की ठंड में यदि किसी के पास छत ना हो तो उन लोगों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/temporary-night-shelter-set-up-in-bhiwani-for-the-destitute/article-65942"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/rain-basera.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बेसहारा लोगों के लिए भिवानी में स्थापित किए अस्थाई रैन बसेरे</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>भिवानी जिला प्रशासन ने ठंड से बचाने की उठाई जिम्मेदारी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> Bhiwani Night Shelter: मनुष्य की मूलभूूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान माना जाता है। इन दिनों कड़ाके की ठंड में यदि किसी के पास छत ना हो तो उन लोगों के लिए भिवानी जिला प्रशासन ने रैन बसेरे का इंतजाम किया हुआ है। जहां एक ही समय 40 से 50 राहगीर आश्रय पाकर अपने को ठंड से बचाते हुए रात गुजार सकते है। इन दिनों जब रात का तापमान गिरावट की ओर होता है। तब कंपा देने वाली ठंड जानलेवा साबित हो जाती है। ऐसे उन यात्रियों व बेसहारा लोगों के लिए ये रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। बता दें कि भिवानी, बेसहारा व बेघर आमजन को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए जिला प्रशासन व नगर परिषद द्वारा रात्रि ठहराव के लिए अस्थाई रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। Bhiwani News</p>
<p style="text-align:justify;">ये रैन बसेरे भिवानी के नया बस स्टैंड, नगर परिषद के समीप धर्मशाला और रेडक्रॉस में स्थापित किए गए हैं। भिवानी नगर परिषद द्वारा स्थापित रेलवे स्टेशन के पास स्थित रैन बसेरा यात्रियों, राहगीरों, रिक्शा चालकों व छत विहीन लोगों के लिए उनकी सर्द रात को बिताने का बेहतर माध्यम साबित हो रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रैन बसेरा स्थापित किए जाने की सूचना भी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई है, ताकि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व मुख्य मार्गो पर घूमने वाले बेसहारा लोग सर्द रात में इन रैन बसेरों में ठिकाना पाकर कपकपा देने वाली ठंड से बच सकेंं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्रामीण स्तर पर पंचायतों को दिए रैन बसेरे बनाने के निर्देश | Bhiwani News</h3>
<p style="text-align:justify;">भिवानी के एसडीएम महेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों में जिला परिषद, नगर पालिका व नगर निगमों के माध्यम से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई हैं, जहां वे राहगीर लोग जो किसी कारण अपने घर नहीं पहुंच पाएं। वे इस ठिठुरती शीतलहर से बचकर इन रैन बसेरों में आश्रय ले सकते हैं। जहां इन रैन बसेरों में राहगीरों को चारपाई के साथ गर्म रजाई दी जाती है। वहीं ग्रामीण स्तर पर पंचायतों को रैन बसेरे उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश प्रशासन द्वारा दिए गए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="संस्कृत विद्वान पद्मश्री पियरे सिल्वेन फिलियोजात का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक" href="http://10.0.0.122:1245/sanskrit-scholar-padma-shri-pierre-sylvain-filliozat-passed-away/">संस्कृत विद्वान पद्मश्री पियरे सिल्वेन फिलियोजात का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 17:21:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एसडीएम ने दिए बस स्टैंड पर अस्थाई तौर पर रैन बसेरा बनाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[नपा द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का भी किया निरीक्षण | Kaithal News सच कहूँ ने उठाया था रैन बसेरा की दूरी ज्यादा का मुद्दा कैथल (सच कहूँ/कुलदीप)। Kaithal News: बढ़ती सर्दी के मद्देनजर सोमवार रात को एसडीएम कैथल अजय सिंह ने नए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अनाज मंडी, व लेबर चौक का निरीक्षण किया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sdm-ordered-to-build-temporary-night-shelter-at-bus-stand/article-65716"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/kaithal-news-24.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नपा द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का भी किया निरीक्षण | Kaithal News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सच कहूँ ने उठाया था रैन बसेरा की दूरी ज्यादा का मुद्दा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप)।</strong> Kaithal News: बढ़ती सर्दी के मद्देनजर सोमवार रात को एसडीएम कैथल अजय सिंह ने नए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अनाज मंडी, व लेबर चौक का निरीक्षण किया। एसडीएम अजय सिंह सबसे पहले बस अड्डे पर पहुंचें। उन्होंने बस स्टैंड पर कार्यरत कर्मचारियों को बस के अंदर अस्थाई तौर पर रैन बसेरा बनाने के आदेश दिए, ताकि देर रात्रि यदि कोई व्यक्ति रुकना चाहे तो इसमें रुक सकता है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नगर परिषद कैथल द्वारा बनाए गए रैन बसेरा का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि यहां रहने वाले व्यक्ति को भी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। रैन बसेरा में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। जरूरतमंदों की सहायता करना एक नेक कार्य है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों को रेडक्रॉस सोसायटी की तरफ से कंबल वितरित किए। इस अवसर पर ईओ कुलदीप मलिक, रेडक्रॉस सचिव रामजी लाल, डा. बीरबल दलाल सहित अन्य मौजूद रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रैन बसेरा की सूचना फ्लेक्स के माध्यम से लगवाई जाए: एसडीएम</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक को आदेश दिए कि बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरे बारे आवश्यक सूचना फलेक्स के माध्यम से लगाई जाए, ताकि आम आदमी को रैन बसेरे में रुकने की दिक्कत न हो। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कमेटी चौक, अनाज मंडी, बस अड्डा, बाजारों में गलियों में सो रहे लोगों सहित अन्य जरूरतमंद लोगों कोे कंबल वितरित किए। Kaithal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">सच कहूं ने उठाया था बस स्टैंड से और रेलवे स्टेशन से ज्यादा दूरी का मुद्दा</h3>
<p style="text-align:justify;">सिरटा रोड पर बनाया गया रैन बसेरा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से करीब तीन से साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। ऐसे में रैन बसेरा में आश्रय लेने वाले लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं मिल पाती है। रात को यहां पहुंचना किसी अजनबी व्यक्ति के लिए आसान नहीं है। सच कहूं ने मुद्दा उठाया था कि रैन बसेरा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर या इनके नजदीक बनाए जाने चाहिए। अब प्रशासन द्वारा अस्थाई रैन बसेरा बनाने के आदेश दिए जिससे लोगो को फायदा होगा। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Plane Crash: क्रिसमस के दिन बड़ा हादसा, विमान दुर्घटनाग्रस्त, बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका" href="http://10.0.0.122:1245/big-accident-on-christmas-day-plane-crashes/">Plane Crash: क्रिसमस के दिन बड़ा हादसा, विमान दुर्घटनाग्रस्त, बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 15:50:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पक्षियों के रहने के लिए लगवाए रैन बसेरे</title>
                                    <description><![CDATA[अबोहर (सच कहूँ न्यूज)। गांव किल्लियांवाली में वीरवार को उपकार सिंह जाखड़ के नेतृत्व में नवजोत सिंह जाखड़ व उनकी टीम द्वारा पक्षियों के रहने के लिए रैन बसेरे लगवाए गए। इस मौके पर उन्होंने बताया कि गांवों में पुराने मकान खत्म होने के कारण पक्षियों के घौसलें बनाने के लिए जगह नहीं बची और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-basera-installed-for-birds-to-live/article-49451"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/abohar-news-6.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> गांव किल्लियांवाली में वीरवार को उपकार सिंह जाखड़ के नेतृत्व में नवजोत सिंह जाखड़ व उनकी टीम द्वारा पक्षियों के रहने के लिए रैन बसेरे लगवाए गए। इस मौके पर उन्होंने बताया कि गांवों में पुराने मकान खत्म होने के कारण पक्षियों के घौसलें बनाने के लिए जगह नहीं बची और पेड़ भी दिनों-दिन कटते जा रहे हैं। जहां पर पक्षी अपना रैन बसेरा बना सकें। इस कारण अनेक पक्षियों की प्रजातियां अलोप हो रही है। प्रकृति के इस कीमती तोहफे को बचाने के लिए हमने अपने गांव मे आज एक हजार घौसलें लगाने की मुहिम गुरूद्वारा साहिब से शुरू की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Earthquake: विनाशकारी भूकंप से कैसे बचा जा सकता है?" href="http://10.0.0.122:1245/how-can-a-devastating-earthquake-be-avoided/">Earthquake: विनाशकारी भूकंप से कैसे बचा जा सकता है?</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-basera-installed-for-birds-to-live/article-49451</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 16:28:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाल-ए-रैन बसेरा&amp;#8230;कहीं पानी नहीं तो कहीं टूटी हैं दीवारें</title>
                                    <description><![CDATA[एक साल पुराने बिना धुले बिस्तर मार रहे बदबू (Haal-E-Rain Basera) सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। शहर में नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरों (Haal-E-Rain Basera) की हालत कुछ ठीक नहीं है। यहां सुविधाओं को टोटा है। कहीं पर पानी नहीं है तो कहीं दीवारें टूटी पड़ी हैं। इस कारण अंदर ठंड से लोग परेशान होते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/haal-e-rain-basera-walls-are-broken-there-is-no-water/article-20733"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/haal-e-rain-basera-...-walls-are-broken-there-is-no-water.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>एक साल पुराने बिना धुले बिस्तर मार रहे बदबू (Haal-E-Rain Basera)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम</strong>। शहर में नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरों (Haal-E-Rain Basera) की हालत कुछ ठीक नहीं है। यहां सुविधाओं को टोटा है। कहीं पर पानी नहीं है तो कहीं दीवारें टूटी पड़ी हैं। इस कारण अंदर ठंड से लोग परेशान होते हैं। इसके अलावा रैन बसेरों में बिस्तर भी पिछले साल के ही रखे हुए हैं। बिना धुले इन बिस्तरों में से बदबू उठ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि रैन बसेरों के नाम पर लाखों का बजट तो नगर निगम बनाता है, लेकिन वह खर्च कहां पर हो रहा है। हमने दो रैन बसेरों का दौरा किया तो वहां कई समस्याएं पता चली।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुग्राम नगर निगम की ओर से शहर में बेघर लोगों को सर्दी से बचाने के लिए रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं। शुरूआत में तो रैन बसेरे हरियाणा रोडवेज की पुरानी बसों में शुरू किए गए थे। इसके बाद धीरे-धीरे कई जगह पर स्थायी रैन बसेरे भी बना दिए गए। वहीं कई जगह अस्थायी रैन बसेरे भी हैं। अब बात करते हैं इन रैन बसेरों में दी जा रही सुविधाओं की। सुविधाओं के नाम पर यहां खानापूर्ति अधिक नजर आती है। शहर में कादीपुर, भीमनगर, श्रीमाता शीतला मंदिर, कन्हई, बादशाहपुर में पक्के रैन बसेरे हैं, वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सोहना चौक, राजीव चौक और इफको चौक पर अस्थायी रैन बसेरे नगर निगम द्वारा बनाए गए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शौचालय में पानी ही नहीं आ रहा</h4>
<p style="text-align:justify;">यहां कादीपुर में नगर निगम द्वारा बनाए गए रैन बसेरे की बिल्डिंग देखकर लगता है कि यह आशियाना बहुत ही अच्छा होगा। लेकिन यहां ऊंची दुकान फीका पकवान वाली कहावत फिट बैठती है। क्योंकि यहां जितनी सुंदर बिल्डिंग है, अंदर कहीं अधिक सुविधाओं का टोटा है। आसपास रोजाना उड़ने वाली धूल-मिट्टी से तो यहां सारे कमरे धूल से अटे पड़े ही हैं, साथ में यहां पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण स्थिति और भी बदतर है।</p>
<p style="text-align:justify;">पानी नहीं होने से यहां वॉश बेसिन, टॉयलेट शीट आदि गंदगी से अटी पड़ी हैं। यहां रहने को तो चंद लोग रात में आते हैं, लेकिन उनको शौचालय के लिए कहीं दूसरी जगह जाना पड़ता है। यहां की देखरेख करने वाले कर्मचारी का कहना है कि रैन बसेरे के पीछे लाइन से पानी की कनेक्शन लिया गया है। वहां बीच में पाइन लीकेज होने के कारण रैन बसेरे की टंकियों में पानी नहीं पहुंच पाता। इस कारण से यहां परेशानी हो रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भीम नगर रैन बसेरे में टूटी व खराब दीवारें</h4>
<p style="text-align:justify;">बात करें भीम नगर में बनाए गए रैन बसेरे की तो यहां पर भी समस्याएं हैं। पहली तो यह कि यहां जो बिस्तर रखे गए हैं, वे पिछले साल के हैं। उन्हें धोया नहीं गया है। इस कारण उनमें से बदबू उठ रही है। ऐसे में यहां पर रुकना भी बीमार होने के बराबर है। यहां कर्मचारी बताते हैं कि रात को 1 व्यक्ति ही यहां ठहरने आता है। जबकि यहां व्यवस्था करीब 35-40 लोगों के ठहरने की है। रैन-बसेरा परिसर में ही पुराने बिस्तरों का ढेर लगा पड़ा है। वे खराब हो चुके हैं। अंदर रखे बिस्तर भी यहां एकाध लोग मजबूरी में ही उपयोग करते हैं।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/haal-e-rain-basera-walls-are-broken-there-is-no-water/article-20733</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Dec 2020 21:43:14 +0530</pubDate>
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