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                <title>Christmas - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Christmas: सोनी सब के कलाकारों ने क्रिसमस पर व्यक्त किए अपने विचार</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। Mumbai News: लोकप्रिय मनोरंजन चैनल सोनी सब कलाकारों ने क्रिसमस पर अपने विचार व्यक्ति किये हैं। इत्ती सी खुशी में अन्विता की भूमिका निभाने वाली सुम्बुल तौकीर ने कहा, “क्रिसमस मुझे हमेशा परीलोक की रोशनी, अंतिम क्षणों में बनने वाली योजनाओं और दोस्तों और परिवार के साथ बैठने की याद दिलाता है। छोटे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/sony-sab-actors-share-their-thoughts-on-christmas/article-79500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/mumbai-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> Mumbai News: लोकप्रिय मनोरंजन चैनल सोनी सब कलाकारों ने क्रिसमस पर अपने विचार व्यक्ति किये हैं। इत्ती सी खुशी में अन्विता की भूमिका निभाने वाली सुम्बुल तौकीर ने कहा, “क्रिसमस मुझे हमेशा परीलोक की रोशनी, अंतिम क्षणों में बनने वाली योजनाओं और दोस्तों और परिवार के साथ बैठने की याद दिलाता है। छोटे उपहारों का आदान-प्रदान करना या भोजन एक-दूसरे के साथ साझा करना जैसी साधारण बातें भी खास लगती है। यह त्योहार हमें इन छोटे पलों की सराहना करने और जहाँ भी हम कर सकते हैं, खुशी फैलाने की याद दिलाता है।” Mumbai News</p>
<p style="text-align:justify;">इत्ती सी खुशी में विराट की भूमिका निभाने वाले रजत वर्मा ने कहा,”मैं क्रिसमस को सजे हुए घरों, बैकग्राउंड में बजते क्रिसमस गीतों, और प्रियजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने से जोड़ता हूँ। यह वह समय भी है जब आप अपनी दिनचर्या से रुकते हैं, लोगों से मिलते हैं, और बस एक साथ होने का आनंद लेते हैं। वह सरलता ही इस दिन को मेरे लिए सार्थक बनाती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इत्ती सी खुशी में इंस्पेक्टर संजय भोसले की भूमिका निभा रहे ऋषि सक्सेना ने कहा,”मुझे यह पसंद है कि क्रिसमस किस तरह हर जगह एक खुशनुमा माहौल लाता है, सड़कों पर रोशनी से लेकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने वाले लोगों तक। चाहे वह एक छोटे से गेट-टूगेदर में शामिल होना हो, केक काटना हो, या बस घर पर एक आरामदायक शाम बिताना हो, यह सब खुशी और सकारात्मकता साझा करने के बारे में है। यहाँ तक कि सबसे साधारण पल, जैसे क्रिसमस संगीत सुनना या परिवार और दोस्तों के साथ बैठना, खास महसूस होते हैं। यह धीमा होने, आभारी होने और अपने आस-पास की खुशी का आनंद लेने का समय है।”</p>
<p style="text-align:justify;">पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रोफेसर राजवीर शास्त्री की भूमिका निभाने वाले गौरव चोपड़ा ने कहा,”मेरे लिए, क्रिसमस साधारण परंपराओं, दोस्तों से मिलने, घर पर बने व्यंजनों का आनंद लेने और परिवार के साथ आराम करने के क्षणों की यादें वापस लाता है। उन शांत पलों में कुछ सुकून देने वाला होता है, चाहे वह एक लंबे दिन के बाद एक साथ बैठना हो या भोजन पर बातचीत साझा करना हो। यह एक अनुस्मारक है कि खुशी अक्सर धीमी होने और अपने आस-पास के लोगों के साथ उपस्थित रहने से मिलती है।” Mumbai News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Heart Attack Symptoms: हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, शरीर देता है पहले ये संकेत समय रहते संभल जाओ" href="http://10.0.0.122:1245/a-heart-attack-doesnt-happen-suddenly-the-body-gives-these-warning-signs-beforehand-take-heed-and-take-precautions-in-time/">Heart Attack Symptoms: हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, शरीर देता है पहले ये संकेत समय रहते संभल जाओ</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 16:26:10 +0530</pubDate>
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                <title>Christmas 2025: क्रिसमस क्यों मनाया जाता है? कैसे हुई थी इसकी शुरूआत जानें&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Christmas 2025: त्यौहार भला किसे पसंद नहीं होते। हर वर्ग, समुदाय, जात, धर्म में अलग-अलग तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं और यही तो हमारे देश की खासियत है कि भले ही त्यौहार किसी भी धर्म, समुदाय का क्यों न हो, पूरा भारतवर्ष उसे हर्षोल्लस से मनाता है। ईसाइयों के सबसे बड़े त्यौहार की बात […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/christmas-2025/article-79391"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/christmas-2025.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Christmas 2025:</strong> त्यौहार भला किसे पसंद नहीं होते। हर वर्ग, समुदाय, जात, धर्म में अलग-अलग तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं और यही तो हमारे देश की खासियत है कि भले ही त्यौहार किसी भी धर्म, समुदाय का क्यों न हो, पूरा भारतवर्ष उसे हर्षोल्लस से मनाता है। ईसाइयों के सबसे बड़े त्यौहार की बात करें तो निसंदेह वह क्रिसमस ही है, जिसका इंतजार साल भर ईसाई समुदाय के लोग करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल ईसाई समुदाय ही क्यों, क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है जिसे दुनिया भर के सभी देशों और सभी धर्मों के लोग मनाते हैं। इस दिन सैंटा क्लॉज छोटे बच्चों को गिफ्ट बांटते हैं, जिसके लिए छोटे बच्चे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ईसाइयों के पवित्र ईसा मसीह के जन्मदिन को लेकर कई सारी मान्यताएं और धारणाएं पुराने समय से प्रचलित चली आ रही थीं, लेकिन ईसा मसीह के जन्मदिन के संशय को लेकर ईसाई समुदाय काफी चिंतित था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके चलते सभी समूहों के अनुयायियों ने मिलकर यह निर्णय किया कि किसी एक दिन को सुनिश्चित किया जाए, जिस दिन ईसा मसीह का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा सके। सभी के परामर्श से चौथी शताब्दी में यह निर्णय लिया गया कि 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 25 दिसंबर का दिन चुनने के पीछे वजह यह थी कि इस दिन साल का सबसे बड़ा दिन होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रिसमस ट्री की परंपरा | Christmas 2025</h3>
<p style="text-align:justify;">25 दिसंबर यानी कि क्रिसमस के दिन सैंटा क्लॉज के साथ-साथ क्रिसमस ट्री सजाने की भी परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। क्रिसमस ट्री की बात करें तो क्रिसमस ट्री को लेकर यह कहानी प्रचलित है कि ईसा मसीह का जन्म हुआ तब सभी देवी-देवताओं ने अपनी खुशी के इजहार के लिए देवदार के पेड़ को सजाया था। तब से क्रिसमस के दिन पेड़ सजाने की परंपरा चली आ रही है। इसके लिए झाड़ीनुमा पेड़ को काट कर घर लाया जाता है, और उसके ऊपर सजावटी सामान तथा बल्ब लगाया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जुराब में क्यों छुपाते हैं गिफ्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">चलित कहानियों के अनुसार चौथी शताब्दी में एशिया माइनर की एक जगह मायरा (अब तुर्की) में सेंट निकोलस नाम का एक शख्स रहता था। जो बहुत अमीर था, लेकिन उनके माता-पिता का देहांत हो चुका था। वो हमेशा गरीबों की चुपके से मदद करता था। उन्हें सीक्रेट गिफ्ट देकर खुश करने की कोशिश करता रहता था। एक दिन निकोलस को पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है, जिनकी शादियों के लिए उसके पास बिल्कुल भी पैसा नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये बात जान निकोलस इस शख्स की मदद करने पहुंचे। एक रात वो इस आदमी की घर की छत में लगी चिमनी के पास पहुंचे और वहां से सोने से भरा बैग डाल दिया। उस दौरान इस गरीब शख्स ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में लगा रखा था। पूरी दुनिया में क्रिसमस के दिन मोजे में गिफ्ट देने यानी सीक्रेट सैंटा बनने का रिवाज है। इस मोजे में अचानक सोने से भरा बैग उसके घर में गिरा। ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन बार हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">आखिरी बार में इस आदमी ने निकोलस को देख लिया। निकोलस ने यह बात किसी को ना बताने के लिए कहा। लेकिन जल्द ही इस बात का शोर बाहर हुआ। उस दिन से जब भी किसी को कोई सीक्रेट गिफ्ट मिलता सभी को लगता कि यह निकोलस ने दिया। धीरे-धीरे निकोलस की ये कहानी प्रसिद्ध हुई। क्योंकि क्रिसमस के दिन बच्चों को तोहफे देने का प्रथा रही है। इसके बाद पूरी दुनिया में क्रिसमस के दिन मोजे में गिफ्ट देने यानी सीक्रेट सेंटा बनने का रिवाज आगे बढ़ता चला गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विदेशों में क्रिसमस</h3>
<p style="text-align:justify;">क्रिसमस सारी दुनिया में उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला महान पर्व है। प्रभु ईसा के जन्मोत्सव का उल्लास सभी के चेहरे पर तो झलकता ही है,उससे कहीं अधिक उल्लास इस पवित्र पर्व के तौर-तरीकों में दिखाई पड़ता है। क्रिसमस पूरी दुनिया में अलग-अलग ढंग से पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। आइए देखें कुछ देशों में क्रिसमस के तौर-तरीके:</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका:</strong> क्रिसमस के दिन यहाँ की मौज मस्ती देखते ही बनती है। इस दिन सभी मित्र और परिजन मिलकर विशेष रूप से खान-पान व धूमधाम से जश्न मनाते हैं। इस देश में सांताक्लाज नाम का एक नगर भी है। यहाँ के बच्चे सांता के नाम इस नगर में पत्र भेजते हैं। Christmas 2025</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जर्मनी:</strong> यहाँ क्रिसमस ट्री और घरों की सजावट का अंदाज ही निराला है। बच्चे क्रिसमस का इंतजार बड़ी बेसब्री से करते हैं। क्रिसमस आते ही अपने माता पिता के साथ मिलकर क्रिसमस ट्री सजाते हैं। जिस स्थान पर भोजन रखा रहता है, वहाँ एक व्यक्ति घंटी बजाकर अपने परिजनों को भोजन के लिए आमंत्रित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सिंगापुर:</strong> यहाँ भी क्रिसमस का पर्व बहुत खास होता है। कई दिनों पहले से क्रिसमस की तैयारियां प्रारंभ हो जाती है। जगह-जगह क्रिसमस ट्री की सजावट देखते ही बनती है।<br />
बेल्जियम: यहाँ फादर क्रिसमस को कसर्टमैन या ले पेरे नोएल कहते हैं और वह बच्चों के लिए उपहार लेकर आते हैं। यहाँ सभी पारिवारिक सदस्य मिलकर एक विशेष तरह की मीठी ब्रेड कागकनोल जो शिशु ईसा के आकार की होती है, का नाश्ता करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डेनमार्क:</strong> यहाँ सांताक्लाज जिसे ‘जुलेमांडेन’ कहा जाता है, बर्फ पर चलने वाली गाड़ी पर सवार होकर आता है। इस गाड़ी में ढेर सारे उपहार रखे होते हैं और इसे रेंडियर खींच रहे होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिनलैंड:</strong> पूरी दुनिया से सांताक्लाज के नाम पत्र यहीं भेजे जाते हैं। फिनलैंड वासियों के अनुसार फादर क्रिसमस फिनलैंड के उत्तरी भाग में ‘कोरवातुनतुरी’ नामक स्थान पर रहते हैं। यहाँ घरों और क्रिसमस ट्री की साज-सज्जा देखते ही बनती है। कब्रिस्तानों को भी सजाया जाता है। यहाँ के निवासी क्रिसमस के एक दिन पहले सुबह चावल की खीर खाते हैं तथा आलू बुखारे का रस पीते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Dhurandhar: ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना की एंट्री कैसे हुई? कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने खोले राज, बोले— “वह बाप है”" href="http://10.0.0.122:1245/the-film-dhurandhar-is-currently-in-the-news-on-online-platforms-and-social-media/">Dhurandhar: ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना की एंट्री कैसे हुई? कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने खोले राज, बोले— “वह बाप है”</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 16:45:36 +0530</pubDate>
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                <title>क्रिसमस सभी के लिए शांति और खुशहाली लेकर आए : सिन्हा</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को क्रिसमस के मौके पर लोगों को बधाई दी और कहा कि यह त्योहार सभी के लिए शांति और खुशहाली लेकर आए। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक संदेश में सिन्हा ने कहा कि यह त्योहार शांति, प्रेम, आशा और सद्भाव का उत्सव है। उन्होंने कहा, “इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/may-christmas-bring-peace-and-happiness-to-all/article-29419"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/manoj-sinha1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू।</strong> जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को क्रिसमस के मौके पर लोगों को बधाई दी और कहा कि यह त्योहार सभी के लिए शांति और खुशहाली लेकर आए। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक संदेश में सिन्हा ने कहा कि यह त्योहार शांति, प्रेम, आशा और सद्भाव का उत्सव है। उन्होंने कहा, “इस साल क्रिसमस सभी के लिए शांति और खुशी लाए।” उन्होंने “क्रिसमस साझा करने और भाईचारे की भावना से जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है। ईसा मसीह के जन्म का उत्सव मनाने का त्योहार है। यह भगवान ईसा मसीह के शांति, प्रेम, करुणा और क्षमा के संदेश को मनाने और आत्मसात करने का अवसर है। हमें मानव जाति के कल्याण के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए। “</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Dec 2021 10:27:35 +0530</pubDate>
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                <title> Christmas Gifts : क्रिसमस का उपहार</title>
                                    <description><![CDATA[क्रि समस के दिन करीब थे। सभी अपने रिश्तेदारों के लिए अच्छे कपड़े और उपहार खरीद रहे थे। इन दिनों मेरी बहुत उदास थी। उसके मन में भी अच्छे कपड़े पहनकर शहर घूमने की इच्छा थी परंतु यह सब होता कैसे? (Christmas Gifts )  मैरी के पिता गुजर गए थे। सिर्फ उसकी मां थीं, जो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/christmas-gifts/article-21367"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-01/christmas-gifts.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">क्रि समस के दिन करीब थे। सभी अपने रिश्तेदारों के लिए अच्छे कपड़े और उपहार खरीद रहे थे। इन दिनों मेरी बहुत उदास थी। उसके मन में भी अच्छे कपड़े पहनकर शहर घूमने की इच्छा थी परंतु यह सब होता कैसे? (Christmas Gifts )  मैरी के पिता गुजर गए थे। सिर्फ उसकी मां थीं, जो सिलाई-कढ़ाई करके घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चलाती थीं। मैरी की मां बहुत दिनों से बीमार थीं। काफी रूपए उनके इलाज में खर्च हो चुके थे। अब उनके पास थोड़े रूपए बचे थे। मैरी उन रूपयों से कुछ अगरबत्तियां खरीद लाई, फिर वह यह सोच अगरबत्तियां बेचने घर से निकली कि शायद इन्हीं से कुछ रूपए बच जाएं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">सड़क पर खूब चहल-पहल थी। खिलौने और गिफ्ट की दुकानों पर बहुत भीड़ थी। गिफ्ट की दुकानों पर बच्चों की लंबी कतार थी। सभी बच्चे गिफ्ट खरीदने को आतुर थे। मैरी सड़क के किनारे खड़ी होकर अगरबत्तियां बेचने लगी परंतु उसकी नजर गिफ्ट की एक दुकान पर थी। दुकान के बाहर कांच की अलमारी में सजे उपहार उसे इतनी दूर से भी अच्छी तरह दिखाई पड़ रहे थे। उससे रहा नहीं गया। वह दुकान की ओर चल पड़ी।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">अब वह अलमारी में सजे रंग-बिरंगे गिफ्टों को देख रही थी। उसे सांता क्लॉज वाला गिफ्ट बहुत पसंद आया। वह उसे अपनी बीमार मां को उपहार में देना चाहती थी। उसे दुकान में प्रवेश करने से डर लग रहा था क्योंकि उसकी कमीज फटी हुई थी और उसके पैरों में टूटी चप्पलें थीं, फिर भी वह हिम्मत कर भीतर चली गई। दुकानदार बहुत व्यस्त थे। रंगीन नरम कपड़े पहने हुए बच्चे उनसे उपहार खरीद रहे थे। दुकानदार अपने नौकरों से कह रहे थे, ‘उस हीरे वाले उपहार को ढूंढ़ो। वह हमारे लिए बहुत जरूरी है वरना हमें बहुत घाटा होगा।’ यह सुनते ही कुछ नौकर इधर-उधर हीरे वाले उपहार को ढूंढ़ने लगे।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">मैरी को देखते ही दुकानदार ने पूछा, ‘हां, बताओ तुम्हें क्या चाहिए?’<br />
‘सांता क्लॉज।’ मैरी धीरे से बोली।<br />
‘अच्छा, तो वह सांता क्लॉज….।’ कहते हुए दुकानदार ने सांता क्लॉज वाला डिब्बे को लेकर आया।<br />
‘यह लीजिए आपका उपहार। कीमत सिर्फ दो सौ रूपए।’ दुकानदार ने उसे डिब्बा देते हुए कहा।<br />
‘दो सौ रूपए।’ मैरी चौंकी क्योंकि उसके पास तो सिर्फ पचास ही रूपए थे। दुकानदार समझ गए कि इस लड़की के पास पूरे पैसे नहीं हैं। उन्होंने रूखे स्वर में कहा, ‘जब खरीदने की औकात नहीं थी तो यहां हमारा समय बर्बाद करने क्यों आ गई हो? अब जाओ यहां से।’</h6>
<h6 style="text-align:justify;">मैरी की आंखों से आंसू निकल आए। सिर झुकाए वह वहां से बाहर निकल आई। तभी उसे एक हीरे जैसी छोटी-सी चीज जमीन पर पड़ी दिखाई दी। उसे याद आया कि दुकानदार अपने नौकरों से हीरे वाला उपहार ढूंढ़ने को कह रहे थे। उसने हीरे वाला उपहार उठा लिया। उसे लेकर वह दुकानदार के पास गई।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">‘हां……हां…… यही तो वह कीमती उपहार है जो खो गया था।’ दुकानदार ने उसे देखते ही कहा, ‘तुमने मुझे बरबाद होने से बचा लिया। यह लो तुम्हारा इनाम।’ इतना कह कर दुकानदार ने कुछ रूपए मैरी को देने चाहे।<br />
‘यह तो मेरा फर्ज था। मैं मेहनत से धन कमाना चाहती हूं। इस तरह नहीं।’ कह कर मैरी जाने को हुई।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">दुकानदार सोचने लगा कि मैंने इसे बुरा-भला कहा, फिर भी इसने ईमानदारी दिखाई। गरीब है मगर पैसे लेने से इंकार कर रही है। उन्होंने उसे रूकने को कहा। फिर मैरी के पास जाकर बोले, ‘मुझे माफ कर दो बेटी, मैंने तुम्हारी गरीबी का मजाक उड़ाया। तुम यह ईनाम न लेना चाहो न लो कोई बात नहीं। मुझे तुम जैसी एक ईमानदार सहायक की जरूरत है। क्या तुम कल से इस दुकान में नौकरी करोगी?’</h6>
<h6 style="text-align:justify;">मैरी की आंखें भर आईं। सिर हिलाकर वह चलने को हुई तो दुकानदार ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘तुम अपना उपहार भूल गई। यह लो सांता क्लॉज और एक हजार रूपए मिठाई खाने और कपड़े खरीदने के लिए।’ वह कुछ बोल पाती, इससे पहले ही दुकानदार बोले, ‘यह इनाम नहीं है। यह तो मेरी ओर से तुम्हें क्रिसमस का उपहार है जैसे एक पिता अपनी प्यारी बेटी को देता है।’ मैरी की आंखों से आंसू गिर पड़े। दुकानदार की आंखें भी नम थीं।</h6>
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                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jan 2021 16:15:43 +0530</pubDate>
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                <title>धार्मिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया क्रिसमस</title>
                                    <description><![CDATA[चेन्नई। तमिलनाडु में शुक्रवार को धार्मिक उत्साह और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ ईसा मसीह के जन्म के अवसर पर मनाया जाने वाला त्योहार क्रिसमस मनाया गया। इस साल कोरोना महामारी के मद्देनजर समारोहों में बहुत धूमधाम नहीं रही। राज्य सरकार ने प्रतिबंधों में थोड़ी ढील देते हुए धार्मिक सभा की अनुमति दी है लेकिन चेहरे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/christmas-celebrated-with-religious-fervor/article-20815"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/christmas-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई।</strong> तमिलनाडु में शुक्रवार को धार्मिक उत्साह और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ ईसा मसीह के जन्म के अवसर पर मनाया जाने वाला त्योहार क्रिसमस मनाया गया। इस साल कोरोना महामारी के मद्देनजर समारोहों में बहुत धूमधाम नहीं रही। राज्य सरकार ने प्रतिबंधों में थोड़ी ढील देते हुए धार्मिक सभा की अनुमति दी है लेकिन चेहरे पर मास्क लगाने और शारीरिक दूरी बनाये रखने के नियमाें का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरजाघरों की घंटिया बजने के साथ ही ईसाई धर्मावलंबी कैथेड्रल और गिरजाघरों में मिडनाइट मास के लिए एकत्रित होने लगे। सीनियर बिशप और फादर ने क्रिसमस संदेश दिया। राज्य के सभी गिरजाघरों में आधी रात और सुबह के मास का आयोजन किया गया जिनमें ईसाइयों ने भाग लिया। नये कपड़ों में सजे-धजे ईसाई विशेष प्रार्थना के लिए गिरजाघर गये और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। सभी गिरजाघरों को आकर्षक रूप से सजाया गया है। राज्य भर में विभिन्न शॉपिंग मॉल और होटलों में अलग-अलग आकार के क्रिसमस ट्री लगाये गये हैं। शहर के सैंथोम बेसिलिका में सबसे बड़ी प्रार्थना सभा आयोजित की गयी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Dec 2020 11:09:10 +0530</pubDate>
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