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                <title>Aviation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>डीजीसीए का डिजीटल अवतार लाएगा, विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के विमानन क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय प्रारंभ करते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आज से अपने डिजीटल स्वरूप में ई-नागर विमान महानिदेशालय (डी ई-जीसीए) के नाम से काम करना शुरू कर दिया। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज यहां एक कार्यक्रम में डीजीसीए के इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/dgca-digital-will-bring-revolution-in-the-aviation-sector/article-28277"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/dgca-digital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश के विमानन क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय प्रारंभ करते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आज से अपने डिजीटल स्वरूप में ई-नागर विमान महानिदेशालय (डी ई-जीसीए) के नाम से काम करना शुरू कर दिया। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज यहां एक कार्यक्रम में डीजीसीए के इस नये अवतार का उद्घाटन किया। इस मौके पर नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल, डीजीसीए के महानिदेशक अरुण कुमार, मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्येन्द्र मिश्र एवं टाटा कन्सल्टेंसी सर्विसेज में हेड, गवर्नमेंट बिजनेस तेज बाटला मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंधिया ने कहा, ह्लडीजीसीए अब बीते जमाने की बात हो गयी है। अब ई-जीसीए है जो ग्राहकों को केन्द्र में रख कर देश के विमानन क्षेत्र की नियामक व्यवस्था में बदलाव लायेगा।ह्व उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन के सुरक्षा एवं नियामक मामलों को नियंत्रित करने वाली यह शीर्ष संस्था अपने नये अवतार में कार्यदक्षता, पारदर्शिता के साथ देश के विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि ई-जीसीए में 298 प्रकार की सेवाओं को समाहित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ई-जीसीए के माध्यम से पायलट लाइसेंस से लेकर विमानों के पंजीकरण और उड़ानों के लिए विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियां अविलंब आॅनलाइन मिला करेंगी। आवश्यक दस्तावेजों को आॅनलाइन डाउनलोड कराया जा सकेगा। इस प्रकार से अब तक जिन कामों में एक माह से अधिक समय लगा करता था, वे काम अब अधिकतम तीन से चार दिन में हो जाएंगे। अब पायलट लॉग बुक को भी मोबाइल ऐप पर लाया गया है जिससे बड़ी मात्रा में कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 14:11:54 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय विमानन उद्योग को 260 अरब रुपये के नुकसान का अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। चालू वित्त वर्ष में भारतीय विमानन उद्योग को 260 अरब रुपये का नुकसान हो सकता है और वर्ष 2022-24 के दौरान इसको 470 अरब रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग की जरूरत पड़़ सकती है। बाजार अध्ययन और सलाह सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी इक्रा ने मंगलवार को इस संबंध में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/estimated-loss-of-rs-260-billion-to-indian-aviation-industry/article-26411"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/srinagar-airport.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चालू वित्त वर्ष में भारतीय विमानन उद्योग को 260 अरब रुपये का नुकसान हो सकता है और वर्ष 2022-24 के दौरान इसको 470 अरब रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग की जरूरत पड़़ सकती है। बाजार अध्ययन और सलाह सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी इक्रा ने मंगलवार को इस संबंध में जारी अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताते हुये कहा कि चालू वित्त वर्ष में 45 से 50 प्रतिशत तक विमानन यात्रियों की संख्या में बढोतरी होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मार्च 2022 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारतीय एयरलाइनों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में 80 से 85 फीसदी की बढोतरी दिख सकती है लेकिन यह अभी भी वित्त वर्ष 2016 के स्तर से कम है। इक्रा का कहना है कि विमानन ईंधन की कीमतों में तेजी और यात्री किराये की सीमा तय किये जाने से विमानन कंपनियों के लाभ पर असर पड़ सकता है और इसके परिणाम स्वरूप इस उद्योग को अधिक नुकसान होने की आशंका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">71 फीसदी की बढ़ोतरी</h4>
<p style="text-align:justify;">इक्रा की उपाध्यक्ष एवं सह ग्रुप प्रमुख किंजल शाह ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद से हवाई यात्रियों की संख्या में धीरे धीरे सुधार हो रहा है औँर वित्त वर्ष 2024 तक घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या के कोविड के पूर्व स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने तक विमानन ईंधन की कीमतों में वार्षिक आधार पर 71 फीसदी की बढ़ोतरी और विमानन किराये की सीमा तय किया जाना इस उद्योग के लाभ के समक्ष बड़ी चुनौती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">250 से 260 अरब रुपये का नुकसान</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भारतीय विमानन उद्योग को चालू वित्त वर्ष में 250 से 260 अरब रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसके साथ ही इस उद्योग पर ऋण का स्तर भी बढ़ जाएगा। विमान लीज शुल्क के साथ चालू वित्त वर्ष में इनकी देनदारी 1200 अरब रुपये की हो सकती है। इसके मद्देजनर इस उद्योग को वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2024 के दौरान 450 से 470 अरब रुपये की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में सुधार पांच कारकों – टीकाकरण की गति, यात्रियों के लक्जरी यात्रा पर व्यय करने की इच्छा शक्ति, वृहद अर्थव्यवस्था में सुधार, केन्द्र और राज्य सरकारों के यात्रा पर लगाये गये प्रतिबंध तथ्का क्वॉरेटिन नियमों को शिथिल करने और कारोबारी यात्रा में सुधार- होने पर निर्भर करेगा।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Aug 2021 14:38:16 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना संकट : 17 साल पीछे चला गया विमानन क्षेत्र</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2020 में 60% की गिरावट | Covid 19 नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कोविड-19 महामारी के कारण उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों की वजह से पिछले साल हवाई यात्रियों की संख्या में 60 प्रतिशत की अभूतपूर्व गिरावट देखी गई और यह घटकर वर्ष 2003 के स्तर पर आ गई। संयुक्त राष्ट्र की इकाई अंतर्राष्ट्रीय नागर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/corona-crisis-aviation-sector-goes-back-17-years/article-21131"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-01/airline.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">वर्ष 2020 में 60% की गिरावट | Covid 19</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कोविड-19 महामारी के कारण उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों की वजह से पिछले साल हवाई यात्रियों की संख्या में 60 प्रतिशत की अभूतपूर्व गिरावट देखी गई और यह घटकर वर्ष 2003 के स्तर पर आ गई। संयुक्त राष्ट्र की इकाई अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईकाओ) ने पिछले सप्ताह ‘कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण’ जारी किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2020 में हवाई यात्रियों की संख्या में 60 प्रतिशत की नाटकीय गिरावट रही जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं देखा गया। पिछले साल 1.8 अरब लोगों ने हवाई यात्रा की जबकि वर्ष 2019 में यह आँकड़ा 4.5 अरब रहा था। इस प्रकार हवाई यात्रियों की संख्या वर्ष 2003 के बाद के निचले स्तर पर आ गई है। (Covid 19)</p>
<h4 style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय सेवाएं महामारी से अधिक प्रभावित</h4>
<p style="text-align:justify;">आईकाओ ने कहा है कि इससे विमान सेवा कंपनियों को 370 अरब डॉलर का नुक्सान हुआ है। साथ ही हवाई अड्डा संचालकों को 115 अरब डॉलर और एयर नेविगेशन सेवा देनी वाली एजेंसियों को 13 अरब डॉलर का नुक्सान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घरेलू विमानन सेवाओं की तुलना में अंतर्राष्ट्रीय सेवाएं महामारी से अधिक प्रभावित हुई हैं। घरेलू मार्गों पर यात्रियों की संख्या में 50 प्रतिशत और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर 74 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वर्ष 2019 के मुकाबले 56.29 प्रतिशत कम</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत के आँकड़े देखें तो वैश्विक औसत की तुलना में यहाँ हवाई यात्रियों की संख्या में ज्यादा बड़ी गिरावट आई है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आँकड़ों के अनुसार, पिछले साल घरेलू मार्गों पर छह करोड़ 30 लाख 11 हजार यात्रियों ने हवाई सफर किया जो वर्ष 2019 के मुकाबले 56.29 प्रतिशत कम है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 17 Jan 2021 15:07:11 +0530</pubDate>
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