<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/national-security/tag-18932" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>National Security - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/18932/rss</link>
                <description>National Security RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत में हाईअलर्ट! नहीं बख्शा जाएगा कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों को!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों के मद्देनज़र देशभर में सतर्कता स्तर बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशित किया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी निगाह रखें तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें, ताकि राष्ट्र में शांति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-on-high-alert-violators-of-law-and-order-will-not-be-spared/article-81904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/india-alert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों के मद्देनज़र देशभर में सतर्कता स्तर बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशित किया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी निगाह रखें तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें, ताकि राष्ट्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था अक्षुण्ण बनी रहे। India News</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के घटनाक्रम के संदर्भ में कुछ स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत ढंग से अपनी बात रखने का प्रत्येक नागरिक को अधिकार है, किंतु किसी भी प्रकार की हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाना अथवा सुरक्षा बलों से टकराव को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाएँ सामाजिक सौहार्द और जन-सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती सिद्ध हो सकती हैं।</p>
<h3>राज्यों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए</h3>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएँ प्रसारित किए जाने की आशंका को देखते हुए राज्यों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट, भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार न करें। प्रशासन का कहना है कि अफवाहें वातावरण को विषाक्त बना सकती हैं तथा अनावश्यक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं।कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों, उकसावे अथवा असामाजिक आचरण में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शांति एवं सामंजस्य बनाए रखना शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से संयम और सहयोग की अपेक्षा की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दंगा-फसाद, तोड़फोड़, पत्थरबाज़ी अथवा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दैनिक श्रमिकों को प्रत्यक्ष हानि पहुँचती है। हिंसक गतिविधियों के कारण शैक्षणिक संस्थानों के संचालन, यातायात व्यवस्था तथा आर्थिक क्रियाकलापों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि शांति, सद्भाव और विधि-व्यवस्था की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, तथा किसी भी प्रकार की असंवैधानिक गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा। India News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-on-high-alert-violators-of-law-and-order-will-not-be-spared/article-81904</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-on-high-alert-violators-of-law-and-order-will-not-be-spared/article-81904</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 10:28:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/india-alert.jpg"                         length="79497"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन के साथ अर्थहीन वार्ता से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा: राहुल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर सैन्य स्तर की वार्ता को अर्थहीन करार देते हुए इसे समय की बबार्दी बताया और कहा कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘गोगरा-हॉटस्पॉट स्प्रिंग और देपसांग प्लेन्स पर चीनी सेना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/meaningless-dialogue-with-china-threatens-national-security-rahul/article-23034"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-04/future-of-two-crore-families-collapsed-in-four-months-rahul.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर सैन्य स्तर की वार्ता को अर्थहीन करार देते हुए इसे समय की बबार्दी बताया और कहा कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘गोगरा-हॉटस्पॉट स्प्रिंग और देपसांग प्लेन्स पर चीनी सेना का कब्जा भारत के रणनीतिक हितों के साथ ही डीबीओ हवाई पट्टी के लिए भी सीधा खतरा है। सरकार की बेमतलब की वार्ता से राष्ट्रीय सुरक्षा व्यापक स्तर पर चरमरा गई है। हम इससे बेहतर करने में सक्ष्म है।’</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस ने चीन सीमा पर शांति को लेकर चीनी सेना के वादा तोड़ने की खबरों पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया था कि वह सीमा पर रणनीतिक तौर से चीन के समक्ष समर्पण कर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है। उसका कहना था कि मीडिया की खबरों के अनुसार चीनी सेना ने सीमा पर रणनीतिक महत्व की कई पोस्ट से पीछे नहीं हट रही है। इस संबंध में चीन की सेना और भारतीय सेना के बीच नौ अप्रैल को हुई आखिरी दौर की वार्ता के दौरान चीनी सेना ने रणनीतिक महत्व की कई चौकियों से पीछे हटना से इन्कार कर दिया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/meaningless-dialogue-with-china-threatens-national-security-rahul/article-23034</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/meaningless-dialogue-with-china-threatens-national-security-rahul/article-23034</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Apr 2021 11:22:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-04/future-of-two-crore-families-collapsed-in-four-months-rahul.gif"                         length="98324"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष का नकारात्मक रवैया</title>
                                    <description><![CDATA[लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष सरकार से अधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका में होता है। सरकार सही ट्रैक पर चले, और जनोपयोगी कार्यों में लिप्त रहे, इसकी चौकस निगरानी विपक्ष ही करता है। लेकिन ऐसा देखने में आ रहा है कि विपक्ष केवल सरकार की आलोचना करने को ही अपना धर्म मान बैठा है। आलोचना और समालोचना का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/oppositions-negative-attitude-on-national-security/article-21844"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/national-security.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष सरकार से अधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका में होता है। सरकार सही ट्रैक पर चले, और जनोपयोगी कार्यों में लिप्त रहे, इसकी चौकस निगरानी विपक्ष ही करता है। लेकिन ऐसा देखने में आ रहा है कि विपक्ष केवल सरकार की आलोचना करने को ही अपना धर्म मान बैठा है। आलोचना और समालोचना का मिश्रण लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को मजबूती प्रदान करता है। लेकिन हमारे यहां विपक्ष सत्ता प्राप्ति की चाह में देश के आंतरिक, बाहरी और सुरक्षा से जुड़े कई मामलों में नकारात्मक रवैया अपनाये हुये है। ये बड़ी चिंता की स्थिति है। राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर विपक्ष खासकर कांग्रेस का व्यवहार आपत्तिजनक है। चीन से हमारे रिश्ते किसी से छिपे हुए नहीं है। ऐसे में चीन से जुड़े मामलों में कांग्रेस की बयानबाजी चीन का हौंसला बढ़ाने का ही काम करती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमें हमारे संविधान ने प्रदान की है, लेकिन सरकार की आलोचना के मायने ये नहीं होते कि ऊल-जलूल कुतर्क किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चीन के बारे में अपनी स्थिति साफ की। विपक्ष ने रक्षा मंत्री के बयान पर विश्वास करने की बजाय उस पर सवाल उठाने शुरू कर दिये। देखा जाए तो लंबे गतिरोध के बाद कम से कम एक क्षेत्र से चीनी सैनिकों की वापसी शुरू हुई है। निस्संदेह इस कदम से दोनों देशों के संबंधों में जमी अविश्वास की बर्फ पिघलेगी। भारत-चीन के बीच जारी नौ महीने के गतिरोध के बाद लद्दाख स्थित पैंगोंग झील के उत्तरी-दक्षिणी तट पर दोनों देशों के सैनिकों को हटाने पर बनी सहमति स्वागतयोग्य कदम ही माना जाएगा। राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद एलएसी पर तनाव का कम होना दोनों देशों के हित में ही है क्योंकि दोनों बड़े मुल्कों में टकराव विश्वव्यापी संकट को जन्म दे सकता था। युद्ध विनाश ही लाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक ओर जहां सरकार बड़ी सूझ-बूझ से सीमा विवाद जैसे अति संवेदनशील मुद्दों को डील कर रही है वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मामले में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर अनाप-शनाप बयानबाजी की जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय कई बार व्याख्या कर चुका है। बीती 14 फरवरी को पुलवामा का ‘शहादत दिवस’ भी राजनीति के साथ ही बीता। 2019 में उस मनहूस दिन सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला किया गया था, जिसमें कुल 44 जांबाज जवान ‘शहीद’ हुए थे। हमारी वायुसेना के रणबांकुरों ने 26 फरवरी को ही बदला ले लिया और पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर मिराज-2000 के 12 लड़ाकू विमानों ने बालाकोट पर हवाई मौत बरसाई। उस आॅपरेशन में करीब 300 आतंकी ढेर कर दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन का हमारे देश के प्रति रवैया और नीति जगजाहिर है। 1962 में चीन की हरकतें आज भी भारतवासियों के मनोमस्तिष्क पर तरोताजा हैं। विस्तारवादी सोच का चीन पड़ोसी देशों की जमीन हड़पने से लेकर अपने वर्चस्व को बढ़ाने की हर चाल चलता है। ऐसे में चीन पैगोंग झील से वापस आने के लिए सहमत हो गया है, को भारत की विदेश और कूटनीति की बड़ी सफलता मानना चाहिए। चीन के सैनिक पैगोंग में दस महीने से अधिक समय तक रहे। उन्होंने सोचा था कि भारतीय सेना माइनस डिग्री तापमान में नहीं रह पाएगी। भारत ने वहां 50000 सैनिकों को तैनात किया है और उन्हें उच्च गुणवत्ता के बहुत अच्छे उपकरण प्रदान किए हैं तथा निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया। चीन ने हमारे निहत्थे 20 बहादुर सैनिकों को लोहे की सलाखों और अन्य अनधिकृत चीजों से मार डाला। जवाबी कार्रवाई में हमारे सैनिकों ने बिना हथियार के चीन के 45 सैनिकों को मार दिया। चीन यह देखकर दंग रह गया। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत इतने बड़े साहस का काम कर सकता है। यह चीन के ऊपर हमारी बहुत बड़ी विजय थी।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन भी हमारे बफीर्ले और पहाड़ी इलाके में युद्ध नहीं चाहता, अब यह भी स्पष्ट हो रहा है। इस बात पर सहमति बनी है कि तनाव के दौरान इस क्षेत्र में हुए निर्माण भी हटाये जायेंगे। इस समझौते के आलोक में इस बात की उम्मीद जगी है कि देप्सांग व गलवान घाटी में बाकी विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने की शीघ्र पहल होगी। भारत और चीन के बीच हाल के कुछ वर्षों में सीमा-विवाद की 22 आधिकारिक वातार्एं हो चुकी हैं। सन 2014 से अब तक प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तकरीबन 18 मुलाकातें हो चुकी हैं! इनमें कुछ वन-टू-वन रहीं तो कई बहुस्तरीय सम्मेलनों के दौरान हुईं। मसला यह है कि सरकार बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से संवेदनशील मसलों को हल करने में विश्वास करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलवामा की दूसरी वर्षगांठ पर ही आतंकी अपने नापाक इरादों में सफल नहीं हो पाये। आतंकी संगठन अल बद्र ने करीब 6.5 किलोग्राम विस्फोटक जम्मू बस अड्डे तक पहुंचा दिया था। बेशक बड़ी अनहोनी हो सकती थी। चार आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं। बीते वर्ष 2020 में करीब 250 आतंकी हमले भारत ने झेले हैं। उनमें 62 जवान ‘शहीद’ हुए और 37 नागरिक भी मारे गए। इन आंकड़ों की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। विपक्ष की नकारात्मक राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उसके व्यवहार को देश की जनता बखूबी देख रही है। केवल विरोध करना ही विपक्ष का धर्म है तो फिर क्या कहा जाए। देश की सुरक्षा संयुक्त और साझा विषय होना चाहिए, कम से कम यहां सियासत करने से जरूर परहेज करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">                                                                                                                –<strong>राजेश माहेश्वरी</strong></p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/oppositions-negative-attitude-on-national-security/article-21844</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/oppositions-negative-attitude-on-national-security/article-21844</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Feb 2021 09:57:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-02/national-security.jpg"                         length="53045"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        